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Eshan KhanEshan KhanFollow24 Jun 2024, 12:48 pm
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दिल्ली के जाफरपुर पीएम श्री विद्यालय कैंपस में करोड़ों के आभूषण चोरी

New Delhi, Delhi:दिल्ली के जाफरपुर स्थित पीएम श्री विद्यालय के कैंपस में करोड़ों रुपये के चोरी का मामला सामने आया है। कैंपस में रहने वाली शिक्षिका ममता यादव के घर से करोड़ों रुपये के आभूषण और कीमती सामान चोरी होने की बात सामने आई है। शिक्षिका के मुताबिक, चोरी हुए सामान में 160 तोला सोना, करीब 8 किलो चांदी और अन्य कीमती सामान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि चोरों ने एक ही रात में कैंपस के तीन घरों को निशाना बनाया। जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर को शिक्षिका ममता यादव अपनी बहन के घर गई थीं। दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के चलते मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बाधित होने के कारण वह समय पर अपने घर नहीं लौट सकीं। इसके बाद 11 अक्टूबर को स्कूल की ओर से उन्हें फोन कर घर में चोरी होने की सूचना दी गई। ममता यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चोरी हुआ सामान उनकी जिंदगी भर की कमाई थी। इसमें उनके बेटे और बहू को उपहार में मिले सोने के आभूषण भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि चोरी हुए आभूषणों में से करीब 90 प्रतिशत के कागजात उनके पास मौजूद हैं। इसके अलावा, घर से जरूरी दस्तावेज भी चोरी होने की आशंका है। मामले की जांच के लिए पुलिस और विजिलेंस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
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नवरात्रि पर मिशन शक्ति: चंदौली में जागरूकता रैली से महिलाओं को सुरक्षा का संदेश

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग : चंदौली - नवरात्रि पर मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण में तहत निकाली गयी संयुक्त जागरूकता रैली - पुलिस, स्वास्थ्य समेत विभिन्न विभागों ने लिया हिस्सा - महिला सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति महिलाओं को जागरूक करना उद्देश्य - महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर बनाने और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर - सुरक्षा को खतरा होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करने की अपील - नवरात्रि के आगामी दिनों में भी विभिन्न विभागों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित - डीडीयू नगर स्थित महिला थाना से जागरूकता रैली को पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना.
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थानेसर अनाज मंडी में उठान विवाद; धान भीगा, रूके कारोबार के कारण लाखों नुकसान

Kurukshetra, Haryana:कुरूक्षेत्र के थानेसर अनाज मंडी में उठान को लेकर राइस मिलरो ने दिया थानेसर मार्केट कमेटी कार्यालय में धरना, राइस मिलर बोले अधिकारी की उठान प्रक्रिया नहीं है सही, जिसके चलते धान बारिश में भीगा, उनको हुआ लाखों का नुकसान। इस समय धान का सीजन पूरे पिक पर है अनाज मंडी में धान की बंपर आवक हो रही है लेकिन कल हुई बरसात के चलते अनाज मंडी और बाहर रखी धान भीग गई है जिसके चलते अब राइस मिलर कमीशन एजेंट और किसानों को काफी नुकसान हुआ है। लिफ्टिंग में देरी होने के चलते ज्यादातर धान बोरियों में बंद भीगी हुई है। जिसके चलते राइस मिलरो थानेसर मार्केट कमेटी कार्यालय के अंदर धरना दिया। ज्वाल सिंह जिला राइस मिल प्रधान का कहना है कि विभाग और प्रशासन के द्वारा उठान प्रक्रिया बहुत धीमी की हुई है। अगर समय पर सही उत्थान होता तो धान इतनी زیادہ मात्रा में नहीं भीगती। सरकार को राइस मिलों के द्वारा एक क्विंटल धान पर 67 किलो चावल देना होता है अब भीगे हुए धान से चावल कब निकलेगा और उसकी गुणवत्ता भी अच्छी नहीं होगी जिसके चलते एक राइस मिल को 15 से लेकर 20 लाख रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनकी डॉक्यूमेंट में लिफ्टिंग ज्यादा मात्रा में है लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं है लिफ्टिंग बहुत कम मात्रा में हुई है और खरीद ज्यादा हो चुकी है जानबूझकर लिफ्टिंग को ज्यादा दिख रहे हैं। नरेश कुमार फूड सप्लाई अधिकारी का कहना है कि अभी तक थानेसर अनाज मंडी में धान की आवक का 40% उठान हो चुका है। हालांकि राइस मिलों की कोटा बढ़ाने की भी मांग है जिस पर उन्होंने उनको कहा है कि वह इस बारे में विभाग और सरकार से बात करेंगे क्योंकि यह उनके हाथ में नहीं है। फिलहाल बातचीत जा रही है। अनाज मंडी थानेसर के मार्केट कमेटी प्रधान सुरेश सैनी का कहना है कि बरसात के चलते पूरे हरियाणा में नुकसान हुआ है हालांकि जब बोरी में अनाज भीगा हुआ है उसको सुखाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि कमीशन एजेंट और राइस मिलों को किसी भी प्रकार का नुकसान ना हो इस बात को और लेकर ही उन्होंने यहां पर धरना दिया है की उठान प्रक्रिया धीमी थी अब हमने मंडी का दूसरा गेट भी खोल दिया है और उठान में अब बरसात के बाद तेजी आएगी उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का हल होगा। बाइट : सुरेश सैनी मार्केट कमेटी अध्यक्ष थानेसर बाइट : ज्वाल सिंह सिंगला राइस मिल एसोसिएशन प्रधान बाइट : नरेश कुमार फूड सप्लाई अधिकारी ,कुरूक्षेत्र
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सिद्धार्थनगर सख्त सुरक्षा और निगरानी के बीच ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग शुरू

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Naugarh, Uttar Pradesh:सख्त पहरेदारी और कड़े सर्विलांस के बीच आज निर्वाचन कार्यालय में ईवीएम की एफएलसी यानी फर्स्ट लेवल चेकिंग की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है।इस प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग के केंद्रीय ऑब्जर्वर, आयोग के कर्मचारी और ईवीएम निर्माता कंपनी के इंजीनियर मौजूद रहे। इसके साथ ही पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी FLC प्रक्रिया में शामिल हुए।जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह अनुपालन करते हुए ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जा रही है।
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बीवी- जी-रामजी योजना के कार्यों का डीपीआर ओ ने किया स्थलीय निरीक्षण, मौके पर सभी मजदूर उपस्थित मिले

Subhas ChandraSubhas ChandraFollowJust now
Paniyara, Uttar Pradesh:पनियरा, महराजगंज। विशेष अभियान के तहत जिला पंचायती राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने विकास खंड पनियरा के बेल्टीकरा गांव में बीवी-जी-रामजी योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर मस्टरोल के अनुसार मजदूर काम करते मिले। अधिकारियों ने कार्य की गुणवत्ता को भी संतोषजनक पाया। जिला पंचायती राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देश पर पूरे जनपद में विशेष अभियान चलाकर बीवी-जी-रामजी योजना के तहत श्रमिकों की उपस्थिति और कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया गया। इसी क्रम में बेल्टीकरा गांव में मौके पर पहुंचकर कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान मस्टरोल के अनुसार श्रमिक कार्य करते पाए गए तथा मौके पर कराए जा रहे कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक मिली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योजना के तहत कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम सुनिश्चित कराने पर जोर दिया। इस दौरान खंड विकास अधिकारी अमित कुमार शशि, सहायक विकास अधिकारी पंचायत राधेश्याम सिंह, सचिव ऋषिराज पटेल, सुनील कुमार गोड़, सूर्य प्रकाश रंजन, पंचायत सहायक समरू प्रसाद, रोजगार सेवक सुरेश यादव और नियाज अहमद सहित आदि लोग मौजूद रहे।
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रामलीला मंच पर डांस वीडियो: मर्यादा पर उठा सवाल

Kasganj, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज की तीर्थनगरी सोरों शूकर क्षेत्र में रामलीला के दौरान राम दरबार के सामने डांस की प्रस्तुति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। वायरल वीडियो को लेकर धार्मिक आयोजन की मर्यादा और मंच की गरिमा पर सवाल उठ रहे हैं। जिस मंच से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और संस्कारों का संदेश दिया जाना अपेक्षित है, उसी मंच पर राम दरबार के सामने हुई इस प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान खींचा है। बताया जा रहा है कि रामलीला के उद्घाटन के अब बाद डांस हुआ है और जमकर ठुमके लगाए गए मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि धार्मिक आयोजनों में मंच की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? आस्था के मंच पर मर्यादा और सम्मान सर्वोपरि हैं। वायरल वीडियो की परिस्थितियों और प्रस्तुति के संदर्भ में आयोजकों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी。 वायरल वीडियो
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शालबनियों की सरकारी जमीन पर कब्जा: अदालत के निर्देश पर सरकार ने होटल- पेट्रोल पंप रोका

Mollar Chak, West Bengal:কোর্টের নির্দেশে শালবনীতে বেদখল হয়ে যাওয়া জমি দখল নিতে শুরু করল রাজ্য সরকার। প্রথম ধাপে একটি হোটেল এবং একটি পেট্রোল পাম্প বোর্ড লাগিয়ে নিজেদের দখলে নিল সরকার। শালবনি জমি দুর্নীতি মামলায় এই দুটি সরকারি জমি প্লট করে কোটি টাকায় বিক্রি করে দেওয়ার অভিযোগ উঠেছিল প্রাক্তন বিধায়ক সুজয় হাজরার বিরুদ্ধে। শালবনি জমি দুর্নীতি মামলা চলাকালীন এবার বিক্রিত সরকারি জমি পুনরুদ্ধার করতে শুরু করল রাজ্য সরকার। এর আগেই সিআইডি হেফাজতের থাকাকালীন সুজয় হাজরা ঘনিষ্ঠ মিডিল ম্যান অমিত ঘোষকে শালবনি নিয়ে আসেছিল সিআইডি। সূত্রের খবর, সেখানে সরকারি জমি যেগুলো বিক্রি করা হয়েছিল সেগুলো চিহ্নিতকরণ করেছিল অমিত। পরে শালবনী বিএলএলআরও অফিসে সেই জমির রেকর্ড দেখার পর নিশ্চিত হয় যে ওই জমিগুলি সরকারি জমি ছিল। যেখানে কোথাও গড়ে উঠেছে ওঠে বিলাসবহুল হোটেল আবার কোথাও পেট্রোল পাম্প। তারই মধ্যে আজকে একটি হোটেল এবং একটি পেট্রোল পাম্প সিআইডি, শালবনি থানার পুলিশ এবং ভূমি ও ভূমি সংস্কার দপ্তরের আধিকারিক এর উপস্থিতিতে গর্ত করে বোর্ড লাগিয়ে দেওয়া হয়েছে। যেখানে লেখা হয়েছে "এই জমি পশ্চিমবঙ্গ সরকারের অধীন।", উল্লেখ্য, শালবনীতে সীতারামপুর মৌজা সহ বেশ কয়েকটি মৌজায় কয়েকশ বিঘা সরকারি জমিকে জমির চরিত্র পরিবর্তন করে রায়ত বানিয়ে বেনামে বিক্রি করে কোটি কোটি টাকা আতসাৎ করার অভিযোগ উঠেছিল প্রাক্তন বিধায়ক সুজয় হাজরার বিরুদ্ধে। সেই কোটি কোটি টাকার অংশ গিয়েছিল সুমিত রায় মারফত অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কাছে এমনটাও অভিযোগ রয়েছে। তাদের প্রথম ধাপ হিসেবে কোর্টের নির্দেশে সরকারি জমি চিহ্নিতকরণ করে সরকারি জমি পুনর্দখলের কাজ শুরু করল রাজ্য সরকার। ইতিমধ্যেই শালবনি জমি দুর্নীতি মামলায় জেল হেফাজতে রয়েছে সুজয় হাজরা এবং সুমিত রায়। শালবনী ভূমি ও ভূমি রাজস্ব দপ্তরের আধিকারিক মৈনাক চ্যাটার্জি বলেন, আমরা কোর্টের নির্দেশে সরকারি জমি যেগুলি দখল হয়ে গিয়েছিল সেগুলি আবার ফেরত নিলাম। আগামী দিনে কোর্ট যেমনভাবে নির্দেশ দেবে তেমনভাবেই বাকি সরকারি জমি আমরা ফেরানোর কাজ করব।
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अंबरनाथ की जीर्ण शालाओं के फोटो अल्बम से प्रशासन पर दबाव, मरम्मत की मांग

Ambernath, Maharashtra:अंबरनाथ मधील जीर्ण शाळांचा फोटो अल्बम नगराध्यक्षांना भेट मनविसेने राज्यकर्त्यांचं लक्ष वेधले नगराध्यक्ष तेजश्री करंजुले यांना महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेनेने पालिकेच्या जीर्ण अवस्थेत असलेल्या शाळांचा फोटो अल्बम भेट देऊन लक्ष वेधले. नगराध्यक्षांसह मुख्य कार्यकारी अधिकारीांना देखील फोटो अल्बम देऊन जीर्ण झालेल्या शाळांची दुरुस्ती करण्याची मागणी मनविसेने केली. नगरपालिकेने लाखो रुपये खर्च करून विविध भागांमध्ये शाळा उभारल्या. परंतु शाळांच्या दुरुस्तीकडे लक्ष दिले नाही. त्यामुळे या शाळांची अवस्था जीर्ण झाली असून त्याचाच परिणाम विद्यार्थ्यांवर पाहायला मिळतो. विशेषतः पावसाळ्यात आणि उन्हाळ्यात विद्यार्थ्यांना अडचणींचा सामना करावा लागतो. या शाळांची दुरुस्ती करून संबंधित दोषी अधिकाऱ्यांवर कारवाईची मागणी देखील यावेळी केली गेली. अंबरनाथ पालिकेच्या अखत्यारीत 17 विविध माध्यमांच्या शाळा असून त्यात अनेक विद्यार्थी शिक्षण घेतात. त्यामुळे या शाळांचा दर्जा सुधारण्याची मागणी होते आहे.
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झालावाड़ के कैंसर सेंटर का निर्माण 13 साल बाद भी पूरा नहीं, PPP पर सवाल

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ कैंसर टर्सरी केयर सेंटर की घोषणा हुए करीब तरह वर्ष बीत चुके है। लेकिन कछुआ चाल के कारण टर्सरी सेंटर का निर्माण अभी तक भी पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में क्षेत्र के कैंसर मरीज उपचार के लिए अन्य शहरों के अस्पतालों में जाने को मजबूर है। जिसके लिए उन्हें भारी खर्च भी उठाना पड़ रहा। इधर लगातार धीमी रफ्तार और कोराना काल मे रूके काम के चलते कैंसर टर्सरी केयर सेंटर की निर्माण लागत भी बढ़ गई है। ऐसे में कैंसर केयर सेंटर के अधूरे भवन को पूरा करने के लिए मांगी गई 4 करोड़ 46 लाख रुपए की राशि बीते 3 साल में भी नहीं मिलने से इसका काम बंद पड़ा हुआ है । ऐसे में झालावाड़ जिले सहित सीमावर्ती मध्य प्रदेश के भी कई जिलों से आने वाले कैंसर के मरीजों को अपने इलाज के लिए महानगरों का रुख करना पड़ रहा है। जहां इन मरीजों को शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है । इसी मुद्दे को लेकर कैंसर के मरीज व पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह हाड़ा ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। हाड़ा का आरोप है कि सरकार झालावाड़ के कैंसर सेंटर को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि 13 साल बाद भी सेंटर का भवन पूरा नहीं हो पाया है, जबकि जयपुर और बीकानेर के सेंटर वर्षों पहले शुरू हो चुके हैं। मामले मे कैंसर के मरीज व पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह हाड़ा ने बताया कि 2013 की राष्ट्रीय नीति के तहत जयपुर में स्टेट लेवल तथा बीकानेर और झालावाड़ में टर्सरी कैंसर केयर सेंटर के लिए राशि आवंटित की गई थी। अब जयपुर और बीकानेर मे कैंसर केयर सेंटर शुरू हो चुके हैं और बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज कर रहे हैं। जबकि झालावाड़ का सेंटर अब भी अधूरा है। हाल में कोटा के लिए 149 करोड़ रुपए की स्वीकृति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि झालावाड़ के भवन में मशीनों के लिए राशि नहीं दी गई । उन्होंने बताया कि 2013 में झालावाड़ मेडिकल कॉलेज को लीनियर एक्सीलेटर के लिए 15 करोड़ और हाई डोज रेट ब्रेकीथेरेपी मशीन के लिए 3 करोड़ रुपए दिए गए थे। अब इनकी लागत बढ़कर करीब 36 करोड़ और 7 करोड़ रुपए हो गई है। कैंसर पेशेंट हाड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार ने बैठक में 13 साल में भवन पूरा नहीं होने का हवाला देते हुए मशीनें पीपीपी मोड पर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि झालावाड़ में कैंसर चिकित्सकों के स्वीकृत पद होने के बावजूद दो डॉक्टरों को गंगानगर में नई पोस्टिंग दी गई है। उन्होंने झालावाड़ डे-केयर कैंसर सेंटर में दवाओं के बजट में कटौती का भी आरोप लगाया। हाड़ा ने कहा कि कैंसर अस्पताल के लिए सांसद और विधायक कोष से धन जुटाने की पहल होनी चाहिए। उन्होंने 13 वर्षों से परियोजना लंबित रहने पर चिंता जताई है। इसके बाद डीन डॉ. संजय पोरवाल (झालावाड़ मेडिकल कॉलेज) ने बताया कि कोरोना काल के चलते कैंसर केयर सेंटर का काम धीमी रफ्तार से चला है। इस कारण पूरे प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ गई है। सिविल वर्क काफी हद तक पूरा हो गया है लेकिन बजट की आवश्यकता है। अब यह राशि 4 करोड़ 46 लाख हो गई है। इसके लिए प्रस्ताव राज्य सरकार तक भेजे गए हैं। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाते हैं, तो RSRDसी इस काम को आगामी 6 माह में पूरा कर देगी। तब तक जिले सहित सीमावर्ती मध्य प्रदेश से झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए आने वाले कैंसर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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