icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

लोकसभा में 33% महिला आरक्षण बिल नहीं पारित, विपक्ष के विरोध पर आक्रोश

Noida, Uttar Pradesh:आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है। अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के। मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहाँ नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा。
0
0
Report
Advertisement

दिल्ली के गोल्फ लिंक्स में शराब कारोबारी के घर डकैती, नौकर समेत छह आरोपी फरार

Delhi, Delhi:दिल्ली में गोल्फ लिंक्स में शराब कारोबारी के घर डकैती, नौकर समेत छह आरोपी फरार गुरुवार रात करीब 8 बजे पुलिस को जानकारी मिली थी तुग़लकर रोड इलाके में बंधक बनाकर लूट हुई है पुलिस जब मौके पर पहुंची तो देखा की घर का सामान बिखरा पड़ा था..घर में रहने वाले बुजुर्ग अशोक चावला और परिवार के लोगों को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया है बदमाश करीब 30-40 लाख रुपए cash और जवैलरी लूटकर फरार हो गए पुराने नौकर के रेफरेंस से नया नौकर कुछ दिनों पहले रखा था...जिसके बाद नए नौकर ने अपने कुछ लोगों को बुलाकर घर में लूट की वारदात को अंजाम दिया...वारदात में करीब 6 लोग शामिल थे वारदात को अंजाम देकर नौकर फरार है...पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी...नौकर की पहचान हो गई है..
0
0
Report
Advertisement

जयपुर में सीवर सफाई मौत: लापरवाही बड़ा सवाल, कार्रवाई की मांग

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में फिर वही कड़वा सच सामने है…क्या सीवर सफाई अब भी मजदूरों के लिए मौत का सौदा बनी हुई है। जयपुर शहर में सीवर सफाई के दौरान एक बार फिर सिस्टम की खामियां उजागर हो गईं। झोटवाड़ा जोन के शेखावत मार्ग पर हुए दर्दनाक हादसे ने नगर निगम की व्यवस्थाओं और ठेकेदारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसून से पहले सफाई, लेकिन मौत बन गई लापरवाही झोटवाड़ा जोन में 200 फीट रोड पर शेखावत मार्ग स्थित वार्ड नंबर 24 में मानसून से पूर्व सीवरेज टैंक सफाई के लिए बिना सुरक्षा संसाधनों के मजदूरों को सीवरेज टैंक में ठेकेदार ने उतार दिया। सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान दो मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि सीवर चैंबर में उतरते ही दम घुटने लगा और दोनों बेहोश हो गए। मौके पर पहुंची करधनी थाना पुलिस ने उन्हें बाहर निकालकर कांवन्टिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने अजय (पुरानी बस्ती) और रामबाबू (बनीपार्क) को मृत घोषित कर दिया। सुरक्षा उपकरण नहीं, सीधे मौत के मुंह में धकेला। हादसे के पीछे सबसे बड़ी वजह लापरवाही बताई जा रही है। आरोप है कि ठेकेदार अरविंद शेखावत की कंपनी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मजदूरों से सीवर की सफाई करवा रही थी। न मास्क, न ऑक्सीजन सिलेंडर, न कोई सेफ्टी गियर ऐसे में जहरीली गैस ने उनकी जान ले ली। कानून की खुली अनदेखी। देश में मैनुअल स्कैवेंजिंग पर कानूनन रोक है और अदालतें भी कई बार सख्त निर्देश दे चुकी हैं कि सीवर सफाई केवल मशीनों से हो। अगर किसी विशेष स्थिति में व्यक्ति को उतारना पड़े, तो जीवनरक्षक उपकरण अनिवार्य हैं। इसके बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। सफाई कर्मचारी यूनियन का आरोप—‘कागजों में सुरक्षा, जमीन पर खतरा’ वाल्मीकि सफाई कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने सीधे तौर पर ठेकेदार और निगम अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि JEN, AEN और XEN स्तर के अधिकारी केवल कागजों में नियम पूरे दिखाते हैं, जबकि हकीकत में मजदूरों को बिना सुरक्षा के सीवर में उतारा जा रहा है। सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं। जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की गिरफ्तारी, मृतकों के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी, एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो जयपुर सहित पूरे राजस्थान में सफाई कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। निगम आयुक्त का जवाब—जांच के बाद कार्रवाई। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने घटना को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदार और निगम स्टाफ, दोनों की भूमिका की जांच होगी और जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऐसे हादसे कोई नई बात नहीं हैं। बार-बार चेतावनी और अदालतों के आदेशों के बावजूद सीवर सफाई का काम अब भी पुराने और खतरनाक तरीकों से किया जा रहा है। सवाल अब भी वही—जिम्मेदार कौन? हर हादसे के बाद जांच और मुआवजे की बात होती है, लेकिन सिस्टम में बदलाव नहीं दिखता। सवाल यही है क्या इन मौतों के बाद भी सीवर सफाई का तरीका बदलेगा, या फिर अगली त्रासदी का इंतजार किया जाएगा?
0
0
Report

बिहार में शराबबंदी जारी, 22 लाख नाम काटे, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड रद्द

Patna, Bihar:रजनीश पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान जल्द बहुत कुछ धरातल पर दिखेगा बिहार में शराबबंदी लागू रहेगा, शराबबंदी के बावजूद राजस्व की कोई कमी विकास कार्य में नहीं आने दी गई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उठाए गए कदम जारी रहेंगे एक भी घुसपैठिये को बिहार में नहीं रहने दिया जाएगा 22 लाख नाम काटे गए, ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए गए, उनका आधार कार्ड रद्द किया गया, बैंक अकाउंट भी नहीं रहने दिया जाएगा यह पहले चरण की कार्रवाई है घुसपैठिये के खिलाफ़ स्पेशल ड्राइव जारी रहेगा सम्राट चौधरी बिहार में नवंबर 2026 तक 5 लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट को लेकर प्रतिबद्धता जताई बिहार में शराब बंदी को लेकर सरकार सख्त शराब बंदी जारी रहेगी कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए जिलों के DM SP जिम्मेवार होंगे कानून व्यवस्था में लापरवाही पर DM SP के खिलाफ होगी कार्रवाई पत्रकारों से औपचारिक बातचीत के दरम्यान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कही ये बातें
0
0
Report

उत्तराखंड में 6 IAS और 26 PCS का विभागीय फेरबदल: प्रमुख बदलाव जारी

Noida, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग देहरादून उत्तराखंड शासन से बड़ी खबर 6 IAS और 26 पीसीएस अधिकारियों अधिकारियों के विभागों में फेरबदल IAS आनंद स्वरूप से हटाया गया आयुक्त खाद्य विभाग IAS रुचि मोहन रयाल को आप पर आयुक्त नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले से हटाया गया IAS प्रकाश चंद्र को संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड से हटाया गया IAS बंसीलाल राणा को युक्त खाद्य बनाया गया IAS गौरी प्रभात को संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी गढ़वाल बनाया गया IAS दीक्षिता जोशी को संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत बनाया गया PCS नरेंद्र सिंह को कुलसचिव उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय से हटाया गया PCS प्रकाश चंद दुमका को संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड बनायागया PCS शिवकुमार बरनवाल गोकुल सचिव उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय बनायागया सचिवालय सेवा के नंदन सिंह डुंगरियाल को सचिव अधीनस्थ सेवा चयन आयोग बनायागया PCS अवधेश कुमार सिंह को संयुक्त निदेशक शहरी विकास निदेशालय बनायागया PCS शैलेंद्र सिंह कोपल जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल बनाया गया PCS वैभव गुप्ता को अपर जिला अधिकारी हरिद्वार बनाया गया PCS सौरभ बर्नवाल को अपर जिलाधिकारी नैनीताल बनाया गया PCS मनीष कुमार सिंह को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार से हटाया गया PCS संतोष कुमार पांडे को उपसचिव उत्तराखंड सूचना आयोग बनाया गया PCS लक्ष्मी राज चौहान को परीक्षा नियंत्रक उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग देहरादून बनाया गया PCS कुसुम चौहान को महाप्रबंधक गढ़वाल मंडल विकास निगम मनाया गया PCS हरिगिरी को डिप्टी कलेक्टर हरिद्रार बनाया गया PCS अनुराग आर्य को डिप्टी कलेक्टर नैनीताल बनायागया PCS रविंद्र कुमार को डिप्टी कलेक्टर देहरादून बनाया गया PCS सुधीर कुमार को डिप्टी कलेक्टर नैनीताल बनाया गया PCS हिमांशु कफ़लटिया को डिप्टी कलेक्टर उधम सिंह नगर बनाया गया PCS प्रेमलाल को डिप्टी कलेक्टर उत्तरकाशी बनायागया PCS यशवीर सिंह को डिप्टी कलेक्टर चमोली बनायागया PCS मुकेश चंद्र रमोला को डिप्टी कलेक्टर देहरादून बनायागया PCS विपिन चंद पंत को डिप्टी कलेक्टर चंपावत बनायागया PCS सुनील कुमार को डिप्टी कलेक्टर चंपावत बनायागया PCS पंकज भट्ट को डिप्टी कलेक्टर टिहरी गढ़वाल बनाया गया PCS अल्केश नौटियाल को डिप्टी कलेक्टर चमोली बनाया गया PCS कृष्णा त्रिपाठी को डिप्टी कलेक्टर रुद्रप्रयाग बनाया गया PCS अंकित पाल को डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़ बनाया गया
0
0
Report
Advertisement

Shankar Gora's Visit to Jaisalmer: BJP Youth Wing Chief Signals Win in Upcoming Elections

Jaisalmer, Rajasthan: भाजपा युवा मोर्च प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर जैसलमेर पहुंचे। प्रदेशाध्यक्ष गोरा के शहर के ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा स्थित जिला कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्पवर्षा पर भाजपा का दुपट्टा पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भाजपा जिला कार्यालय में मीडिया से मुखातिब होते प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने कहा कि आगामी 21 अप्रेल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित बालोतरा यात्रा को लेकर 9 जिलों से युवा संवाद यात्रा निकाली जा रही है। उसी के तहत आज जैसलमेर में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। साथ ही बैठक में आगामी संगठनात्मक कार्यों और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने राज्य की पूर्ववर्ती सरकार और अशोक गहलोत पर जमकर निशाने साधे। इस दौरान उन्होंने रिफाइनरी के मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि अशोक गहलोत रिफाइनरी को लेकर केवल झूठ फैलाते रहे हैं। उनके पास जनता को गुमराह करने के सिवाय कुछ और नहीं है। वही, महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए गोरा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार दे रही है, जो कांग्रेस को अब पच नहीं रहा है। भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही, उन्होंने स्थानीय ओरण संरक्षण के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। इस दौरान आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर प्रदेशाध्यक्ष ने हुंकार भरते हुए कहा कि सरकार प्रदेश में चुनाव करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा डंके की चोट पर पूर्ण बहुमत के साथ जीत हासिल करेगी। भाजपा युवा मोर्चा का एक-एक कार्यकर्ता बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए तत्पर है। बाइट- शंकर गोरा, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा, राजस्थान
0
0
Report

टीकाराम जूली के कोटपूतली दौरे के बाद शिक्षा सुधार पर हंगामा

Jaipur, Rajasthan:कोटपूतली में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के दौरे के दौरान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई। जूली ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का ध्यान शिक्षा सुधार पर नहीं है, बल्कि सिलेबस में बार-बार बदलाव कर मुद्दों को भटकाया जा रहा है। जूली ने 9वीं से 12वीं कक्षा के सिलेबस से चार किताबें हटाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार का बस चले तो पूरे शिक्षा सिस्टम को ही खत्म कर दे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को बेहतर शिक्षा, पर्याप्त किताबें और योग्य शिक्षकों की जरूरत है, लेकिन सरकार इन मूलभूत जरूरतों पर ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कभी राजपूताना के इतिहास को बदलने की बात करती है, तो कभी मेधावी छात्रा कालीबाई भील जैसी हस्तियों को सिलेबस से हटाने की कोशिश करती है। जूली के अनुसार यह प्रदेश के स्वर्णिम इतिहास के साथ छेड़छाड़ है। नेता प्रतिपक्ष ने हाल ही में जर्जर स्कूलों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान हादसों में कई बच्चों की जान गई, जिसके बाद सरकार ने करीब 3750 स्कूलों को जर्जर घोषित कर दिया। इन स्कूलों के बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजा गया, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित नहीं कर रही कि वे नियमित रूप से पढ़ाई कर भी रहे हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में नामांकन घट रहा है और ड्रॉपआउट की संख्या बढ़ रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। जूली ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह बताए कि जर्जर स्कूलों में सुधार का काम कहां-कहां चल रहा है। उनके मुताबिक सरकार के पास इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है और यही कारण है कि वह नए-नए मुद्दे खड़े कर रही है। वहीं भूमाफिया प्रमोद शर्मा से जुड़े सवाल पर जूली ने इसे व्यक्तिगत मामला बताते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया。
0
0
Report
Advertisement

जयपुर सीवर टैंक सफाई हादसे पर सवाल: सुरक्षा नियमों की कमी ने दहला दिया?

Jaipur, Rajasthan:एंकर-जयपुर में फिर वही कड़वाह सच सामने है… क्या सीवर सफाई अब भी मजदूरों के लिए मौत का सौदा बनी हुई है। झोटवाड़ा के वार्ड-24, शेखावत मार्ग पर दो मजदूर सीवर में उतरे… लेकिन जिंदा बाहर नहीं आ सके। जहरीली गैस ने कुछ ही मिनटों में उनकी सांसें छीन लीं। कानून मना करता है… सुप्रीम कोर्ट रोक लगाता है… फिर भी बिना सुरक्षा, बिना उपकरण, मजदूरों को सीधे मौत के गड्ढे में उतार दिया जाता है। हर बार जांच… हर बार मुआवजा… लेकिन सिस्टम नहीं बदलता। तो सवाल सीधा है ये हादसा है या लापरवाही से की गई हत्या। VO-1-जयपुर में मानसून पूर्व सीवर टैंक सफाई के दौरान एक बार फिर लापरवाही ने दो जिंदगियां छीन लीं। झोटवाड़ा जोन के शेखावत मार्ग, वार्ड नंबर 24 में मानसून से पहले सीवरेज टैंक की सफाई करवाई जा रही थी… लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं था। शेखावत कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार अरविंद शेखावत की ओर से मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतार दिया गया। जैसे ही दोनों कर्मचारी चैंबर में उतरे… जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा और वे बेहोश हो गए। सूचना मिलते ही करधनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को बाहर निकालकर कांवटिया अस्पताल पहुंचाया गया… जहां डॉक्टरों ने अजय और रामबाबू को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में सबसे बड़ा सवाल लापरवाही पर है। आरोप है कि न मास्क दिया गया, न ऑक्सीजन सिलेंडर और न ही कोई सेफ्टी गियर। यानी मजदूरों को सीधे मौत के मुंह में उतार दिया गया। जबकि देश में मैनुअल स्कैवेंजिंग पर साफ तौर पर रोक है और अदालतें भी बार-बार निर्देश दे चुकी हैं कि सीवर सफाई मशीनों से ही करवाई जाए। अगर किसी स्थिति में व्यक्ति को उतारना पड़े, तो पूरी सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य है… लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार और निगम स्टाफ दोनों की भूमिका की जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाइट—ओम कसेरा, आयुक्त, नगर निगम जयपुर VO-2-वहीं संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक यूनियन ने इस घटना को सीधी लापरवाही बताया है। संगठन के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ कागजों में नियम पूरे करते हैं… जबकि हकीकत में मजदूरों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। संयुक्त सफाई श्रमिक संघ ने मांग की है कि जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाए… मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो जयपुर सहित पूरे राजस्थान में सफाई कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। बाइट—नंदकिशोर डंडोरिया, अध्यक्ष,संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक यूनियन। इस कारण जानलेवा होते हैं सीवर टैंक। जहरीली गैसें-हाइड्रोजन सल्फाइड, मीथेन और अमोनिया तेजी से बेहोशी और मौत का कारण बन सकती हैं। ऑक्सीजन की कमी- बंद टैंक में आक्सीजन घटने से कुछ ही मिनटों में चक्कर, घबराहट और बेहोशी होती है। मीथेन का खतरा-यह ज्वलनशील गैस है, जिससे दम घुटने के साथ आग-विस्फोट का जोखिम भी रहता है। खतरे का आभास नहीं-कई गैसें बिना गंध की होती हैं, इसलिए समय रहते पता नहीं चलता। कानूनन सीवर में व्यक्ति को उतारना मना, विशेष परिस्थिति में जीवनरक्षक उपकरण जरूरी। सुरक्षा अनिवार्य-लाइट वाला हैट, गैस डिटेक्टर, एयरफिल्टर वाला मास्क, बॉडी सूट, ऑक्सीजन टैंक, फॉक्स लाइट और सेफ्टी बेल्ट के बिना उतरना बेहद खतरनाक है। सख्त नियम-मैनुअल स्कैवेंजिंग प्रतिबंधित है। ऑक्सीजन मास्क- सीवर में उतरने वाले हर मजदूर के पास ऑक्सीजन मास्क होना चाहिए। क्योंकि सीवर में जहरीली गैसें ऑक्सीजन को खत्म कर देती हैं, जिसकी वजह से बड़े हादसे होते हैं। रबड़ के जूते- सफाई कर्मचारियों के पास रबड़ के जूते होने ही चाहिए। इससे उन्हें सीवर में न सिर्फ नुकीली चीजों से सुरक्षा मिलेगी, बल्कि गंदे पानी में वह गीले भी नहीं होंगे। सेफ्टी बेल्ट- सीवर में उतरने वाला हर कर्मचारी सेफ्टी बेल्ट पहनकर ही नीचे जाए। इसका फायदा यह होगा कि जैसे ही वह बेहोश होगा या प्रतिक्रिया देना बन्द करेगा उसे तुरंत ऊपर खींचा जा सके। टॉर्च- सीवर में उतरने वाले मजदूर के पास टॉर्च होना भी जरूरी है, ताकि वह स्पष्ट रूप से देख सके कि वह किस दिशा में जा रहा है और किस चीज को छू रहा है। एंबुलेंस- जब भी किसी सफाईकर्मचारी को सीवर में उतरने के लिए बाध्य होना पड़े तो सबसे पहले आपातकालीन एंबुलेंस की व्यवस्था वहां होनी चाहिए। ताकि किसी भी तरह की अनहोनी में मजदूर की जान बचायी जा सके। बहरहाल,दो जिंदगियां चली गईं…सवाल फिर जिंदा है। कागजों में सुरक्षा… जमीनी हकीकत में मौत का कुंआ। आदेश हैं, कानून है, मशीनें भी हैं… लेकिन फिर भी इंसानों को सीवर में उतारा जा रहा है।क्या हर बार जिम्मेदारी सिर्फ जांच तक सीमित रहेगी… या इस बार सिस्टम सच में बदलेगा। या फिर अगली त्रासदी का इंतजार किया जाएगा। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर。
0
0
Report

देवगढ़ में दाल-बाटी खाने से एक परिवार के 7 लोग बीमार, हालत स्थिर

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ क्षेत्र से देर शाम एक चिंताजनक मामला सामने आया, जहां एक ही परिवार के सात सदस्य भोजन करने के बाद अचानक बीमार हो गए। सभी लोगों ने खुट्टगढ़ गांव के आडावेला पाड़ा में आयोजित एक नोत कार्यक्रम में बने भोजन का सेवन किया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में रात को पारंपरिक दाल-बाटी बनाई गई थी। परिवार के सदस्यों ने उसी भोजन को अगले दिन दोपहर में दोबारा खाया। भोजन करने के करीब एक से दो घंटे के भीतर ही सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। बीमार होने वालों में पांच मासूम बच्चे—उदयलाल (5 वर्ष), संजू (7 वर्ष), शिल्पा (5 वर्ष), अनुष्का (3 वर्ष) और रामलाल (5 वर्ष) शामिल हैं। इनके अलावा परिवार के दो वयस्क सदस्य जमकू (56 वर्ष) और सूरज (25 वर्ष) भी प्रभावित हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल 108 एंबুলेंस की सहायता से सभी मरीजों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में सभी का उपचार किया जा रहा है। जिला अस्पताल के पीएमओ आलोक यादव ने शाम करीब 7 बजे जानकारी देते हुए बताया कि सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल सामान्य और स्थिर है। एहतियात के तौर पर चिकित्सकीय टीम को अलर्ट कर दिया गया है और संबंधित गांव में जांच के लिए टीम भेजने की तैयारी की जा रही है। प्राथमिक तौर पर मामला खाद्य विषाक्तता (फूड पॉइजनिंग) का प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी रखी जा रही है.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top