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Eshan KhanEshan KhanFollow18 Mar 2025, 06:16 am

Jhansi - TTE ने ट्रेन में महिला को किए अश्लील मैसेज : चार्ट से नंबर चुरा ,व्हाट्सप्प पर की चैटिंग

Jhansi Rly. Settl, Jhansi, Uttar Pradesh:

झांसी ट्रेन में यात्रा कर रही महिला यात्री से अश्लील हरकत करने और आपत्तिजनक मैसेज भेजने वाले टीटीई का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला यात्री की शिकायत पर रेलवे अधिकारियों ने तत्काल जांच कर आरोपी टीटीई को ट्रेन ड्यूटी से हटाकर पार्सल कार्यालय में तैनात कर दिया है। यह घटना 11 मार्च की है, जब वाराणसी-ग्वालियर बुंदेलखंड एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला यात्री के साथ यह शर्मनाक घटना घटी। महिला यात्री ने बांदा से झांसी के लिए ट्रेन के थर्ड एसी कोच में टिकट बुक किया था। ट्रेन में टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई रामलखन मीना ने उसका टिकट देखा और वहां से चला गया। महिला यात्री के अनुसार, जब ट्रेन महोबा के कुलपहाड़ स्टेशन के पास पहुंची, तब वही टीटीई फिर से आया और उसने अश्लील इशारे किए l

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नए राजस्व पोर्टल की तकनीकी खामियों के विरोध में पटवारी-कानूनगो ने दिवसीय हड़ताल शुरू की

Nuh, Haryana:पोर्टल की तकनीकी खामियों और डीसीएस के विरोध में पटवारी-कानूनगो ने खोला मोर्चा। द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो संगठन हरियाणा के आह्वान पर राज्य के पटवारी और कानूनगो नए राजस्व पोर्टल की तकनीकी खामियों, डिजिटल क्रॉप सर्वे और काम के बढ़ते दबाव के विरोध में दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहे है। नूंह जिले में शुक्रवार को दूसरे दिन भी पटवारी-कानूनगो का धरना जारी रहा। धरने में जिलेभर के कर्मचारी शामिल हुए, जिसके चलते तहसीलों में राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित रहे। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने नए राजस्व पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज करते समय कई बार जमीन मालिकों के नाम और रकबे से संबंधित जानकारी गलत दर्ज हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि सॉफ्टवेयर की खामाइयों के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है, जबकि बाद में इन गलतियों की जिम्मेदारी भी कर्मचारियों पर डाल दी जाती है। पटवारी-कानूनगो संगठन ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के नियमों को भी अव्यावहारिक बताते हुए इसका विरोध किया है। कर्मचारियों ने डीसीएस के दौरान सुरक्षा समेत अन्य समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि यह कार्य निजी एजेंसियों के माध्यम से कराया जाए या फिर पुरानी ई-गिरदावरी व्यवस्था को बहाल किया जाए। दो दिवसीय हड़ताल के कारण तहसीलों में जमीन के इंतकाल, जमाबंदी और रजिस्ट्रियों से जुड़े कार्य प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र सहित राजस्व विभाग के अन्य कार्यों पर भी असर पड़ा है। इससे विभिन्न कार्यों के लिए तहसीलों में पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार से नए पोर्टल की तकनीकी खामियों को जल्द दूर करने, डीसीएस से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और काम के बढ़ते दबाव को कम करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और तेज किया जा सकता है।
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चीनी के दाम बढ़े: मिठाई कीमतों में 10–15% बढ़ोतरी की आशंका

Panipat, Haryana:चीनी के दामों ने बढ़ाई मिठास की कीमत, त्योहारों पर फीकी पड़ सकती है खुशियां ₹44 से बढ़कर ₹62-65 किलो पहुंची चीनी, मिठाई कारोबारियों ने 10 से 15 फीसदी तक दाम बढ़ने की जताई आशंका पानीपत। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसी त्योहारों की तैयारियों के बीच बाजार में चीनी के लगातार बढ़ते दामों ने मिठाई कारोबारियों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कुछ समय पहले करीब 44 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब 62 से 65 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इसका सीधा असर मिठाई की लागत और आने वाले दिनों में ग्राहकों की जेब पर पड़ने की संभावना है। पानीपत के मिठ्ठन स्वीट्स के संचालक रजनीश गुप्ता ने बताया कि चीनी मिठाई बनाने में सबसे जरूरी सामग्री में शामिल है। ऐसे में इसके दाम बढ़ने का असर मिठाई की कीमतों पर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के सीजन को देखते हुए सरकार से उम्मीद है कि कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास किए जाएंगे। हालांकि, अगर चीनी के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो मिठाई के रेट में करीब 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। रजनीश गुप्ता के अनुसार, त्योहारों पर मिठाई की मांग बनी रहती है। हालांकि अब लोग पहले की तुलना में कम मिठाई खा रहे हैं और कई ग्राहक मिठाई की जगह गिफ्ट हैम्पर की ओर भी रुख कर रहे हैं। इसके बावजूद भारतीय त्योहारों में मिठाई की अपनी खास परंपरा है और मांग पूरी तरह कम नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राहक अब कम मीठी मिठाइयों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं दुकानदार केवल सिंह ने कहा कि चीनी के दाम करीब 40-44 रुपये से बढ़कर 65 रुपये तक पहुंचना कारोबार के लिए बड़ी चुनौती है। पहले चीनी के दाम में पांच रुपये की बढ़ोतरी भी होती थी तो मिठाई के रेट बढ़ाने पड़ते थे। अब गेहूं और अन्य कच्चे माल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर महंगाई का दबाव ज्यादा बढ़ा तो दुकानदार अपनी कमाई कुछ कम करके ग्राहकों पर बोझ कम रखने का प्रयास करेंगे। आम ग्राहक भी परेशान महिला ग्राहक मीना ने कहा कि चीनी के दाम बढ़ने से सिर्फ मिठाई ही महंगी नहीं होगी, बल्कि घर के बजट पर भी असर पड़ेगा। महंगाई के कारण लोग राखी समेत अन्य त्योहारों की खरीदारी में कटौती कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जहां लोग पहले एक किलो मिठाई लेते थे, वहां अब आधा किलो से काम चलाना पड़ सकता है। सरोज ने कहा कि चीनी महंगी होगी तो मिठाई के दाम बढ़ना तय है और इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। हालांकि त्योहारों पर लोग मिठाई खरीदना पूरी तरह बंद नहीं करेंगे। उनका कहना है कि महंगाई चाहे जितनी बढ़ जाए, त्योहारों की खुशियों में मिठाई की जगह बनी रहेगी। मिठास रहेगी बरकरार, लेकिन मात्रा हो सकती है कम बाजार की तस्वीर से साफ है कि त्योहारों पर मिठाई की मांग पूरी तरह खत्म होने वाली नहीं है, लेकिन बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहक मात्रा में कटौती कर सकते हैं। यानी रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर मिठास तो बरकरार रहेगी, लेकिन एक किलो की जगह आधा किलो मिठाई से त्योहार मनाने का चलन बढ़ सकता है। अगर चीनी के दाम जल्द नहीं घटे तो आने वाले दिनों में मिठाई की कीमतों में बढ़ोतरी आम उपभोक्ता के बजट को और प्रभावित कर सकती है।
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शामली के चर्चित चौहरे हत्याकाण्ड में जेल में बंद अभियुक्त को नोटिस में गांव में दर्शाया गया, खड़ा ह

Shrvan PanditShrvan PanditFollow2m ago
Shamli, Uttar Pradesh:श्रवण पँडित शामली। स्लग -- शामली के चर्चित चौहरे हत्याकाण्ड में जेल में बंद अभियुक्त को नोटिस में गांव में दर्शाया गया, खड़ा हुआ बड़ा विवाद एंकर:.....शामली जनपद के चर्चित भजन गायक अजय पाठक व उसके समस्त परिवार के चौहरे हत्याकाण्ड में कोर्ट से मृत्युदण्ड मिलने के बाद बरेली जेल में बंद आरोपी को एक नोटिस में झाडखेडी गांव में दर्शाया गया है। जहा कैराना कोर्ट के एक वकील ने डीएम कार्यालय पहुंचकर इसकी शिकायत की है,ओर नोटिस तामील कराने के मामले में जालसाजी का आरोप लगाया है। जिसके बाद तहसील में नोटिस तामील करने की सरकारी कार्यवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।उक्त मामले में वकील ने अरोपीयो पर कारवाही की मांग की है वी ओ -- आपको बता दे,कि जनपद की कलेक्ट्रेट में कैराना कोर्ट के एक वकील ने शिकायती पत्र देते हुए कैराना तहसील की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जहा वकील सिद्धान्त कुमार ने कलेक्ट्रेट शामली पहुंचे कर कैराना सिविल कोर्ट के एडवोकेट सिद्धार्थ कुमार ने डीएम से शिकायत करते हुए बताया कि कैराना में जमीन की कुर्रे बंदी का एक वाद विचाराधीन है, जिसमें वें वादी पक्ष से अधिवक्ता है। इस वाद में शामली के चर्चित भजन गायक अजय पाठक व उसके पूरे परिवार के लोगो की हत्या (चौहरे हत्याकाण्ड )के आरोपी और न्यायालय से मृत्युदण्ड से दंडित हिमांशु सैनी को भी प्रतिवादी बनाया गया है, जो वर्ष 2019 से लगातार जेल में बंद है और उसको आज तक न्यायालय से कोई भी जमानत नही मिली है।वही अधिवक्ता ने बताया कि हिमांशु कुमार के खिलाफ जमीन संबंधित मामले में 7 फरवरी 2026 को न्यायालय से नोटिस निर्गत किया गया था। उनका आरोप है कि तहसील कैराना में न्यायालयों के नोटिस व समन की तामील के संबंध में नियुक्त व सेवारत एक सरकारी चपरासी ने भ्रष्टाचार में लिप्त होकर रिश्वत लेकर हिमांशु कुमार को झाडखेडी गांव में उपस्थित दर्शाते हुए फर्जी हस्ताक्षर और गवाह के जरिए नोटिस को तामील दर्शाता दिया है, जबकि अभियुक्त हिमांशु जेल में बंद हैं। अधिवक्ता ने प्रकरण में कैराना तहसील में चपरासी के रूप में नियुक्त सरकारी कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। आप को बता दे कि आदर्श मंडी थानां क्षेत्र के सिटी की पंजाबी कालोनी में हिमांशु सैनी ने पूरे परिवार के चार लोगो गोलियो ओर चाकुओं से गोद कर निर्मम हत्या की थी।घटना 30 दिसंबर 2019 की रात शामली के पंजाबी कॉलोनी में रहने वाले प्रसिद्ध भजन गायक पंडित अजय पाठक, उनकी पत्नी स्नेहलता, बेटी वसुंधरा और बेटे भागवत की बेरहमी से निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस चौहरे हत्याकाण्ड में पुलिस ने गायक 0अजय पाठक के शिष्य हिमांशु को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसके बाद सत्र न्यायालय में यह मामला चला। 22 मई 2024 को कोर्ट ने मृत्युदण्ड जारी किया था। बाइट: -- सिद्धार्थ कुमार ( एडवोकेट)
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नारनौद विधायक के साथ हांसी में पैलेट गन मामले पर कांग्रेस धरना

Bhiwani, Haryana:हांसी बाइट : नारनौद विधायक जस्सी पेटवाड़ पैलेट गन मामले को लेकर हांसी में कांग्रेस नेताओं का धरना, नारनौद विधायक जस्सी पेटवाड़ भी बैठे हांसी। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल और छात्र साहिल लाछोब के घायल होने के मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने हांसी सिटी थाने में में भी विरोध प्रदर्शन किया। हांसी के सिटी थाना परिसर में कांग्रेस के तमाम नेता धरने पर बैठ गए। आपको बता दे कि कांग्रेस से नारनौद विधायक जस्सी पेटवाड़ भी कांग्रेस नेताओं के साथ थाना परिसर में धरने पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने पैलेट गन मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। नारनौद विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि पैलेट गन मामले को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे हैं। राहुल गांधी छात्र साहिल लाछोब और उसके परिवार के साथ शिकायत देने पहुंचे, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने पर थाने में ही धरने पर बैठ गए। विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि पूरे मामले को उजागर करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राहुल गांधी थाने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक कांग्रेस नेता भी हांसी के सिटी थाने में धरने पर बैठे रहेंगे।
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बहादुरगढ़ के सफाईकर्मी हड़ताल पर, विधायक राजेश जून से टकराव

Jhajjar, Haryana:हड़ताली सफाई कर्मियों से भिड़ गए निर्दलीय विधायक राजेश जून। सफाईकर्मियों के जिला प्रधान राजेन्द्र के हाथ से छीन लिया माइक। गुस्से में सफाईकर्मियों को जमकर लगाई लताड़। कहा - रोज रोज हड़ताल से बहादुरगढ़ वासियों का जीना मुहाल कर दिया। सफाई नही करनी तो छोड़ दो नौकरी। जिला प्रधान राजेन्द्र को सुनाई जमकर खरी खोटी कहा- वाल्मीकि समाज का ठेकेदार मत बन। सफाई नही कर वाल्मीकि समाज को भी परेशान कर रखा है। रोज रोज हड़ताल पर बैठने से कोई समर्थन नही करेगा आपका। सफाईकर्मियों को कहा- आप जनता को परेशान कर रहे हो। विधायक ने पूछा- सफाई का काम क्यों रोकते हो, 16 दिन से सफाई नही हो रही। विधायक दफ्तर का घेराव करने आये थे सफाई कर्मी। थाली और प्लेट बजाकर कर रहे थे विरोध। गुस्साए विधायक को बिना ज्ञापन दिए लौटे सफाई कर्मी। सफाई कर्मियों ने कहा- आपको भगाने की जरूरत नहीं है, वे खुद चले जाएंगे। महिला सफाईकर्मियों से भी उलझते दिखे विधायक राजेश जून। गर्मागर्मी के बाद बोले विधायक राजेश जून। कहा मेरे 22 महीने के कार्यकाल में 6 बार हड़ताल कर चुके हैं सफाईकर्मी। कहा - सफाईकर्मियों के नेता से मुझे कहा कि आप सरकार की भाषा मत बोलिये। मैं उनकी लगातार हड़ताल कर समर्थन में नही हूँ। मैंने पिछले विधानसभा सत्र में भी उनकी आवाज उठाई थी, इस बार भी उठाऊंगा। राजेश जून ने कहा-सरकार को सफाईर्मियों की बात माननी चाहिए। लेकिन सफाईकर्मियों को सफाई व्यवस्था प्रभावित नही करनी चाहिए।
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बंदिपोरे में मुस्लिम सहयोग से महा दानुष्वर यात्रा, हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल

In Bandipora village, Muslims prepare all year a pilgrimage they do not undertake In Bandipora village, Muslims prepare all year a pilgrimage they do not undertake Anchor:-Every year on August 28, pilgrims make their way through a nearly five-kilometre forest trail to reach the Maha Danushwar Chota Amarnath shrine in the remote Dardpora village of north Kashmir’s Bandipora district. But long before the pilgrims arrive, local Muslim residents begin preparing for the annual pilgrimage, maintaining the route, looking after the cave shrine and making arrangements for those undertaking the trek. The village has little or no resident Hindu population, yet the annual yatra has become an important occasion for local residents, who volunteer alongside the pilgrims and help them navigate the difficult forest route. “We wait for this day throughout the year. We take care of the route and the cave, but this is also the only day when we get to meet our Pandit brothers when they return to their village for the yatra,” Ghulam Mohiuddin, a local resident, told the media. Residents said the tradition has been passed down through generations and continues to be carried forward by younger people. “On the day of the yatra, our men, women and children walk with the pilgrims. We help them on the track, provide water and take care of them throughout the journey,” Mohiuddin said. He said the return of Kashmiri Pandit families for the annual pilgrimage has become a much-awaited occasion for the local Muslim community. “They come back to their village for this day and perform the yatra at Maha Danishwar. We walk with them and make sure they do not face any difficulty on the route,” he said. For many locals, the pilgrimage is therefore not simply an annual religious event but an occasion that brings communities together. The administration and residents are also making efforts to keep the route clean. With large numbers of pilgrims expected to use the forest trail, arrangements focus on waste collection, plastic management, drinking water and sanitation. The emphasis on reducing waste is particularly significant because the pilgrimage passes through a fragile forest landscape. Local volunteers help ensure that plastic and other waste left along the route is collected rather than becoming a lasting environmental burden. The preparations also reveal a lesser-known side of Kashmir’s pilgrimage traditions, where religious sites can become spaces of shared community participation. For the residents of Dardpora and Arin, the yatra is not only about welcoming pilgrims for a single day. It is a year-long responsibility of maintaining the route and shrine, followed by a day when old bonds are renewed and local Muslims and visiting Pandit families walk together through the forest. As preparations intensify ahead of August 28, younger volunteers are joining the effort, keeping alive a tradition that residents describe as an example of Hindu-Muslim brotherhood in the region. Byte By Local Resident Gh.Mohudeen
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नौरंगदेसर जीएसएस पर ग्रामीणों ने JEN को बंधक बनाया, 10 दिनों में समाधान

Hanumangarh, Rajasthan:नौरंगदेसर जीएसएस में JEN को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, 10 दिन में समाधान के आश्वासन पर खत्म प्रदर्शन हनुमानगढ़ जिले में नौरंगदेसर के जीएसएस पर बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लगातार तीन दिनों से बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने जीएसएस पहुंचकर प्रदर्शन किया और विद्युत विभाग के JEN को बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक JEN को मौके से जाने नहीं दिया जाएगा। हालांकि विधुत अधिकारियों और पुलिस ने बंधक बनाने की बात से इनकार किया है। प्रदर्शन में हरिपुरा, मटोरिया वाली ढाणी और मोहनमगरिया क्षेत्र के ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों का आरोप था कि पिछले तीन दिनों से लगातार बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या बनी हुई है। बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से आमजन के साथ किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में रोष बढ़ गया। इसके बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की। काफी देर चली बातचीत में अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बार-बार आ रहे बिजली फाल्ट की समस्या को आगामी 10 दिनों में दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।
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शाहजहांपुर के सरकारी स्कूलों में सर्वेक्षण को लेकर शिक्षा विभाग-शिक्षक भिड़ंत

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:नाम शिव कुमार लोकेशन शाहजहांपुर शाहजहांपुर में बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों ने कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकारी स्कूलों में सर्वेक्षण अभियान चलाने का ऐलान किया है जिसका सरकारी शिक्षकों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षक संगठन ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग और शिक्षा मंत्री को शिकायत भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने और कार्रवाई करने की मांग की है। सरकारी शिक्षकों का कहना है कि कॉकरोच जनता पार्टी सरकारी स्कूलों में सर्वेक्षण अभियान के बहाने अपनी राजनीति चमकाने चाहती है। दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपिका ने ऐलान किया था कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता देशभर के सरकारी स्कूलों में जाकर सर्वेक्षण अभियान शुरू करेंगे। जिसमें बच्चों की कक्षाओं में जाकर शिक्षा की गुणवत्ता और टीचरों को भी टेस्ट लेंगे। इसके बाद शाहजहांपुर में ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन ने कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग और केंद्रीय शिक्षा मंत्री समेत उत्तर प्रदेश के योगी सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने और कार्रवाई करने की मांग की है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि कॉकरोच जनता पार्टी के निजी हित वाले इस अभियान से बच्चों के निजता का हनन होगा। इसके अलावा शिक्षण कार्य भी प्रभावित होगा। शिक्षा विभाग में पहले से ही निगराणी समितियां बनी हुई हैं जो गुणवत्ता को लेकर हर महीने जांच करती हैं। ऐसे में कॉकरोच जनता पार्टी का सर्वेक्षण अभियान सिर्फ एक राजनीतिक एजेंडा है। वही बेसिक शिक्षा विभाग की अधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में सिर्फ सरकारी शिक्षा के अधिकार के तहत नियम और कानून ही लागू होंगे।
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1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र शुरू, स्थानीय भाषाओं में किताबें, AI से शिक्षा की नई पहल

Raipur, Chhattisgarh:शिक्षा विभाग की पीसी पीसी में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव कमलप्रीत उपस्थित 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र मातृभाषा में शिक्षा के मद्देनजर स्थानीय भाषाओं में किताबें बांटी जा रही है NCERT की SYLABUS के हिसाब से पाठ्यक्रम को ढाला जा रहा है 85 प्रतिशत शिक्षक जिओ टैगिंग से अटेंडेंस आ रहा है इसमें बदलाव करने जा रहे हैं, जिससे ऑफलाइन रहने पर भी डाटा डिवाइस में रजिस्टर होगी बस्तर में 80 प्रतिशत से ज्यादा टीचर्स ऑनलाइन अटेंडेंस दे रहे हैं सरस्वती साइकिल योजना, पुस्तके और गणवेश वितरित की जा चुकी हैं जी राम जी योजना में शाला निर्माण को प्राथमिकता AI का शिक्षा में इस्तमाल करने पर expert से सुझाव लेंगे जिन इलाकों में नक्सली की वजह से स्कूल बंद थे उन्हें खोला जाएगा पोटा केबिन को आवासीय विद्यालय में बदलने का काम किया जाए निजी विद्यालयों को खोलने के लिए नियमों को शिथिल किया, स्कूल में खेल मैदान नहीं है तो आसपास के मैदान को ले सकते हैं गजेंद्र यादव का भाषण इतना प्रमोशन हुए लेकिन कोई विवाद या कोर्ट का मामला नहीं आया 5 हजार शिक्षक भर्ती होंगे आत्मानंद के भर्तियो में गड़बड़ियों का आरोप लगाया गजेंद्र यादव ने सीबीटी के माध्यम से निजी कंपनी एग्जाम लेगी पॉजिटिव एनर्जी के लिए मंत्रों को स्कूलो में रखा गया है बगलेस डे के दिन 30 महापुरुषों का वाचन, स्थानीय त्यौहार और खेलकूद का आयोजन होगा
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अरुण साव का दावा: शक्कर के दाम वैश्विक परिस्थितियों से प्रभावित, जल्द सामान्य होंगे

Begun, Rajasthan:छत्तीसगढ़ समेत देशभर में बढ़े शक्कर के दामों पर डिप्टी सीएम अरुण साव का बयान- कीमतों में बढ़ोतरी की परिस्थितियां वैश्विक स्तर पर बनी हैं, यह स्थिति ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहेगी और जल्द ही परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी.. बारिश के दौरान स्कूलों की समस्याओं को लेकर जेन अल्फा के प्रदर्शन पर डीसीएम अरुण साव का बयान- बारिश के मौसम में कुछ समय के लिए दिक्कतें आती हैं, सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए लगातार काम कर रही है. प्रदेश में टीचर-स्टूडेंट रेशियो अच्छा है. इसके बावजूद शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है.. IGKV में पेपर लीक मामले पर डिप्टी सीएम ने कहा- मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और कार्रवाई भी की गई है, जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.. किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.. जल जीवन मिशन में छग का 23वां स्थान मामले में डिप्टी सीएम अरूण साव ने कहा- पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान कुव्यवस्था और कुप्रबंधन की स्थिति रही, सरकार बनने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार की कोशिश की जा रही है.. फर्जी रिपोर्टिंग के मामले भी सामने आए है. मिशन के सभी कामों को दुरुस्त और सुव्यवस्थित करने के लिए विभागीय स्तर से लेकर मुख्य सचिव स्तर तक लगातार समीक्षा की जा रही है... समय पर काम पूरे हों, इसके लिए भी योजना बनाई जाएगी सोशल मीडिया पर बीजेपी कांग्रेस के गधा-मुर्गा वाले पोस्टर को लेकर डीसीएम अरुण साव ने कहा- कांग्रेस मुद्दाविहीन होकर इस तरह की राजनीति कर रही है जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों के बजाय ऐसे विषयों को उठाया जा रहा है, जिनसे लोगों का कोई लेना-देना नहीं है कांग्रेस की दुर्दशा का यही कारण है और उसके चाल, चरित्र और चेहरे लगातार उजागर हो रहे हैं.. बस्तर से सामने आ रहे मलेरिया के मरीज, मामले पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा- सरकार पूरी तरह सजग और सक्रिय है. स्वास्थ्य मंत्री स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके है. और व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है. बीमारियों की रोकथाम के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.. बाइट- अरुण साव, डिप्टी सीएम
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