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झांसी की टीम ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए प्रस्थान, विश्वविद्यालय बास्केटबॉल प्रतियोगिता
Jhansi, Uttar Pradesh:आज विश्वविद्यालय की टीम अन्तर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने हेतु कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के लिए आज झांसी से प्रस्थान किया । टीम से कुलपति प्रो० मुकेश पाण्डेय द्वारा परिचय प्राप्त किया गया l खिलाडियों से परिचय के दौरान क्रीडाधिकारी डाo सूरजपाल सिह कसाना , कुलपति के निजी सचिव अनिल बोहरे ,अनुपम राजपूत,सौरभ पाठक,ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे। टीम मैनेजर अर्तरा महाविद्यालय के शारीरिक शिक्षक राहुल सिंह को नियुक्त किया गया है
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पीरनिगाह मंदिर विवाद से माहौल गरम, बसोली में आक्रोश रैली
Una, Himachal Pradesh:पीरनिगाह मंदिर विवाद पर गरमाया माहौल, सैकड़ों लोगों ने निकाली आक्रोश रैली; सत्ती बोले- पंचायत को वापस मिले मंदिर कमेटी का संचालन, मुख्यमंत्री सुक्खू को काले झंडे दिखाने की दी चुनौती । बसौली पंचायत के लोगों ने डीसी कार्यालय पहुंचकर सरकार के खिलाफ बुलंद की आवाज, पूर्व विधायक की कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर भी जताया रोष; डीसी ने सरकार से बातचीत कर जल्द समाधान का दिया भरोसा पीरनिगाह मंदिर को लेकर कांग्रेस और भाजपा में तलवारें खिंच गई हैं । गौरतलब है कि इस मंदिर के संचालन का अधिकार हाई कोर्ट के आदेश से ग्राम पंचायत को ही मिला हुआ है लेकिन हालिया पंचायत चुनावों का परिणाम आने के लगभग ढाई महीने के बाद भी नवनिर्वाचित ग्राम पंचायत को इस मंदिर के संचालन का अधिकार नहीं मिला है और अभी भी सरकार का इस पर नियंत्रण है । आपको बता दें कि नई ग्राम पंचायत में भाजपा समर्थित प्रधान सतनाम सिंह दोबारा निर्वाचित हुए हैं और उनके नेतृत्व में ग्राम पंचायत कई बार प्रशासन के माध्यम से सरकार से इस मंदिर के संचालन का अधिकार वापिस लेने के लिए आग्रह कर चुकी है लेकिन अभी तक उन्हें इसका अधिकार नहीं मिला है और अभी भी सरकार का मंदिर पर नियंत्रण हैं । इसी को लेकर कांग्रेस और भाजपा अब आमने सामने आ गई हैं , एक तरफ जहां कांग्रेस की तरफ से पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने कमान संभाली हुई है और भाजपा की तरफ से विधायक सतपाल सत्ती रणक्षेत्र में उतर आए हैं । कांग्रेस के पूर्व विधायक जहां इस मंदिर में सरकारी नियंत्रण के दौरान अधिक चढ़त राशि होने का दावा करते हैं तो वहीं शुक्रवार को ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन से भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने भी मोर्चा संभाल लिया । विरोध प्रदर्शन के बाद सत्ती के नेतृत्व मे ग्रामीण जिला उपायुक्त से भी मिले और उन्हें स्थिति से अवगत कराया । भाजपा विधायक इस मंदिर के संदर्भ में दशकों पहले लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हाई कोर्ट के आदेश से निर्वाचित ग्राम पंचायत को मंदिर का संचालन के आदेश का हवाला देते हैं । वो मंदिर संचालन ने चढ़त से ग्राम विकास के साथ साथ पात्र ग्रामीणों को मासिक पेंशन दिए जाने का भी हवाला देते हैं । सत्ती कहते हैं कि ग्राम पंचायत अभी भाजपा समर्थित है लेकिन पूर्व में कई बार ग्राम पंचायत कांग्रेस समर्थित भी रही है लेकिन भाजपा ने उसका कभी विरोध नहीं किया । उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार मंदिरों पर जबरन कब्जा करना चाहती है और कांग्रेस के लोग यहां के पैसे का दुरूपयोग करना चाहते हैं । सत्ती ने प्रशासन को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि जल्द से जल्द इस मंदिर के संचालन का अधिकार संबंधित ग्राम पंचायत को दिया जाए वरना विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा और मुख्यमंत्री सुक्खू को बसोली पंचायत के ग्रामीण काले झंडे दिखाएंगे । डीसी ऊना जतिन लाल लोगो से मिले और उनकी बात को सुना उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव से पहले जिला प्रशासन की ओर से मंदिर कमेटी के संचालन की जिम्मेदारी बीडीओ को दी गई थी। बीडीओ की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को सरकार के पास भेजा जा चुका है।डीसी ने कहा कि वह दोबारा सरकार से इस पूरे मामले पर बातचीत करेंगे और जल्द से जल्द समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में पंचायत के हित को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा。0
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रीवा में मासूम से दुष्कर्म: फरार आरोपी सलमान राणा गिरफ्तार, क्षेत्र में भारी आक्रोश
Rewa, Madhya Pradesh:रीवा। सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में फरार चल रहे आरोपी सलमान राणा को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद आरोपी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मासूम के साथ हुई इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल था और लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है, वहीं मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।0
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सूरत के श्मशान से विदेशी शराब का जथ्था पकड़ा, 1.80 लाख से अधिक रकम जब्त
Surat, Gujarat:Surat : Breaking સુરત જિલ્લામાં સ્મશાન માંથી ઝડપાયો વિદેશી દારૂનો જથ્થો સુરત જિલ્લા LCB એ માંગરોળ ના મોટી પારડી ગામેથી દારૂનો જથ્થો ઝડપી પાડ્યો રાકેશ ગોમાન வசાવા નામના બુટલેગર એ દારૂનો જથ્થો મંગાવી તેણે સ્મશાનના ઝાડી ઝાંખરામાં સંતાડેલ હતો સુરત જિલ્લા LCB એ દરોડો પાડી વિદેશી દારૂ,મોપેડ સહિત 1.80 લાખથી વધુનો મુદામાલ કબજે કર્યો રાકેશ વસાવા ને વોન્ટેડ જાહેર કરી આગળની કાર્યવાહી હાથ ધરવામાં આવી.0
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मालदा के विधायक अब्दुल रहिम बॉकी से जमीन कब्जा मामले में पुलिस की पूछताछ
Malda, West Bengal:সরকারি জমি দখলের অভিযোগের পুলিশের তলব তৃণমূল কংগ্রেসের প্রাক্তণ জেলা সভাপতি তথা মালতিপুরের বিধায়ক আব্দুল রহিম বক্সি। মালদা রাতুয়া থানার পুলিশকর্তার দুই ঘন্টা বেশি সময় জেরা করেন মালতিপুরের বিধায়ককে। স্বশরীরে আজ ১১-৫৭মিনিটে র Rutua থানায় হাজির হন রহিমবাবু। দুপুর ২-১৩ মিনিট পর্যন্ত পুলিশকর্তা রহিমবাবুকে জেরা করেন। উল্লেখ্য ২০০৯ সালে বাম আমলে সেচ দপ্তরের একটি জমি আব্দুল রহিম বক্সি চুক্তির ভিত্তিতে অধিগ্রহিত হয়েছিল। পরবর্তীতে তৃণমূল সরকারের শাসনে জমিটি রহিমবাবুর দখলেই থাকে। আরএসপি দলের কার্যালয় ছাড়াও একটি বেসরকারি স্কুল করেন তিনি। ২০১৮ সালে আরএসপি দল ছেড়ে তৃণমূলে যোগ দেন তিনি। এরপর আরএসপি দলের সম্পাদক সরকারি জমি ও এলাকার দেবত্ত সম্পত্তি দখলের অভিযোগ তুলে পুলিশের দারস্থ হন। কিন্তু পুলিশ কোন তদন্ত করে নি। পালা বদলের পর পুনরায় জমি দখলের অভিযোগ তুলে পুলিশে দারস্থ হয় আরএসপির দল। সেই অভিযোগের ভিত্তিতে শুরু হয় তদন্ত।0
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भोंदू अशोक खरात की सात दिन की पुलिस कोठडी खत्म, संस्थे के व्यवस्थापक भी पेशी
Shirdi, Maharashtra:Shirdi News Flash *भोंदू अशोक खरातची सात दिवसांची पोलीस कोठडी संपली...* भोंदू खरातला सात दिवसांची तर समता पतसंस्थेच्या व्यवस्थापकाला पाच दिवसांची राहता न्यायालयाने दिली होती पोलीस कोठडी.... भोंदू अशोक खरात आणि समता पतसंस्थेचा व्यवस्थापक मिलिंद बनकरला SIT पथकाने केला राहता न्यायालयात हजर... SIT पथकाने मागितली न्यायालयीन कोठडी.... न्यायाधीशांनी अशोक खरात आणि मिलिंद बनकर यांना विचारलं नाव सांगा.. पोलिसांविरोधात काही तक्रार... अशोक खरात आणि मिलिंद बनकर नाही म्हणाले... न्यायालयाच्या निकालाकडे लक्ष...0
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NGT ने पंजाब के जंगलों में अवैध खैर कटाई मामले में कार्रवाई की
Noida, Uttar Pradesh:नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल NGT की प्रिंसिपल बेंच ने पंजाब के रूपनगर वन मंडल में सरकारी संरक्षित जंगल में खैर के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई के मामले पर सुनवाई की。 5 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि रूपनगर वन मंडल के गांव फतेहपुर, भगवाली और भंगाला में सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों की बड़े स्तर पर कटाई की गई है。 1561 पेड़ काटे गए DFO रूपनगर द्वारा 4 अगस्त 2026 को दाखिल जवाबी हलफनामे में इस आरोप की पुष्टि की गई है। DFO ने 10 मार्च 2026 को शिवालिक सर्कल के वन संरक्षक को भेजे पत्र का हवाला देते हुए बताया कि भंगाला बीट के फतेहपुर, भगवाली और भंगाला जंगल में कुल 1,561 पेड़ काटे गए हैं。 हलफनामे के मुताबिक: - फतेहपुर जंगल: 746 ठूंठ और 26 गड्ढे = कुल 772 पेड़ - भगवाली जंगल: 640 ठूंठ और 103 गड्ढे = कुल 743 पेड़ - भंगाला जंगल: 46 ठूंठ फॉरेस्ट गार्ड की मिलीभगत, FIR दर्ज NGT के समक्ष पेश रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अवैध कटाई फॉरेस्ट गार्ड की मिलीभगत से हुई, जो उस समय ब्लॉक अधिकारी का काम भी देख रहा था。 मामला सामने आने के बाद संबंधित फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। साथ ही पुलिस में FIR भी दर्ज कराई गई है。 इस मामले की सुनवाई NGT के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. अफरोज अहमद की बेंच कर रही है। अगली सुनवाई में विभाग से आगे की कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी जा सकती है।0
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तारातला बिल्डिंग में आग, शीर्ष मंजिल तक फैल गई; दमकल 5 टीमें मौके पर
Kolkata, West Bengal:তারাতলা ইন্ডিয়ান জুট ইন্ডাস্ট্রিস রিচার্স অ্যাসোসিয়েশনের বিল্ডিং এ আগুন, টপ ফ্লোরে আগুন লাগে ঘটনাস্থলে দমকলের ৫ টি ইঞ্জিন এবং তারাতলা থানার পুলিশ। পুরো ইনস্টিটিউট জমা জলে তলায় রয়েছে, তাই আগুন নেভানোর কাজ এখনো শুরু করতে পারিনি। কিভাবে আগুন এখনো পরিষ্কার নয়।0
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विदिशा: रामलीला चौराहे पर CM हेल्पलाइन शिविर नागरिकों की समस्याओं के समाधान में सफल
Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा। नगर पालिका द्वारा रामलीला चौराहे पर सीएम हेल्पलाइन शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर में नागरिकों की विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को सुना जा रहा है तथा मौके पर ही उनके निराकरण का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही नगर पालिका की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र हितग्रাহियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी की जा रही है। शिविर का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है।0
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नरसिंहपुर में 8 दिन बाद बारिश, किसानों की फसलें फिर हरी-भरी
Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर में आखिरकार पिछले 8 दिनों का सूखा खत्म हो गया है! पिछले दो घंटों से जिले में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है。 भीषण गर्मी और उमस से बेहाल आम जनता को तो राहत मिली ही है, लेकिन सबसे बड़ी राहत हमारे अन्नदाताओं के चेहरे पर लौटी है。 हफ्ते भर से बारिश न होने की वजह से सोयाबीन और धान की फसलें सूखने की कगार पर थीं। पर दो घंटे की इस झमाझम बारिश ने फसलों में नई जान फूंक दी है—किसानों के लिए यह बारिश किसी 'अमृत' से कम नहीं!0
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लोहारा में बैलगाड़ी पलटने से चारों बैल और चालक नदी में डूबे
Akola, Maharashtra:शेतकाम आटोपून घराकडे परतत असताना मन नदी ओलांडताना घडलेल्या एका भीषण दुर्घटनेत बैलगाडीसह अकोला जिल्ह्यातील लोहारा येथील २८ वर्षीय युवक लोहारा जवळील नदीच्या पात्रात वाहून गेल्याची दुर्दैवी घटना घडली आहे. शाहिद आसिफ देशमुख (वय २८, रा. लोहारा) असे वाहून गेलेल्या दुर्दैवी युवकाचे नाव आहे. या घटनेत बैलगाडीला जुंपलेल्या आणि मागे बांधलेल्या अशा चारही बैलांचा बुडून मृत्यू झाला असून त्यांचे मृतदेह निष्पन्न झाले आहेत. मिळालेल्या माहितीनुसार, शाहिद देशमुख वय २८ हा आज सकाळी आपल्या शेतातील कामासाठी बैलगाड़ी आणि जोडीला आणखी दोन बैल बांधून शेतात गेला होता. दुपारी १ वाजताच्या सुमारास शेतातील काम पूर्ण करून तो घराकडे परतत होता. मन नदीचे पात्र ओलांडत असताना, नदीतील रेती उपशामुळे पडलेल्या एका मोठ्या खड्ड्याचा अंदाज न आल्याने अचानक बैलगाडी त्या खड्ड्यात जाऊन उलटली. नदीचा पाण्याचा प्रवाह आणि रेतीसाठी पोकलॅण्डद्वारे खोदलेला खोल खड्डा यामुळे बैलगाडीला जुंपलेले दोन बैल आणि गाडीच्या मागे बांधलेला एक बैल असे चारही बैल पाण्यात बुडाले. यामध्ये सर्व बैलांचा जागीच मृत्यू झाला. या घटनेदरम्यान गाडीवर असलेला शाहिद देशमुख हा देखील पाण्याच्या तीव्र प्रवाहामुळे वाहून गेला. घटनेची माहिती मिळताच स्थानिक नागरिक आणि प्रशासनाने घटनास्थळी धाव घेतली. वाहून गेलेल्या शाहिद देशमुख याचा शोध घेण्यासाठी युद्धपातळीवर शोधमोहीम राबवली जात आहे. मात्र, वाहून गेलेल्या युवकाचा कोणताही सुगावा लागलेला नाही. या घटनेमुळे लोहारा परिसरात हळहळ व्यक्त केली जात आहे.0
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तिवसा विधानसभा में बदलाव तय? रवि राणा बनाम राजेश वानखेडे की सियासी जंग तेज
Amravati, Maharashtra:तिवसा विधानसभा मतदारसंघात बदल निश्चित; रवी राणांच्या वक्तव्याने भाजपमध्ये खळबळ आमदार रवी राणा यांनी ठोकले भाजप आमदार राजेश वानखडे यांच्या विरोधात दंड अमरावतीच्या राजकारणात पुन्हा एकदा राजकीय संघर्षाची ठिणगी पडली आहे. भाजपचे माजी जिल्हाध्यक्ष रविराज देशमुख यांच्या वाढदिवसाच्या कार्यक्रमात आमदार रवी राणा यांनी केलेल्या एका वक्तव्याने तिवसा विधानसभा मतदारसंघाच्या राजकारणाला नवे वळण मिळण्याची शक्यता निर्माण झाली आहे. तिवसा विधानसभा मतदारसंघात येत्या काळात बदल निश्चित आहे असे वक्तव्य करत रवी राणा यांनी थेट विद्यमान भाजप आमदार राजेश वानखेडे यांच्याविरोधात दंड थोपटल्याची चर्चा सुरू झाली आहे. त्यामुळे आगामी काळात राणा विरुद्ध वानखेडे असा संघर्ष पाहायला मिळणार का? याकडे आता राजकीय वर्तुळाचे लक्ष लागले आहे. रवी राणा यांनी हे वक्तव्य भाजपचे माजी जिल्हाध्यक्ष रविराज देशमुख यांच्या वाढदिवसाच्या कार्यक्रमात केल्याने त्याला विशेष राजकीय महत्त्व प्राप्त झाले आहे. रविराज देशमुख हे तिवसा मतदारसंघातून भाजपकडून निवडणूक लढविण्यासाठी इच्छुक असल्याची चर्चा यापूर्वीही राजकीय वर्तुळात होती. मात्र विधानसभा निवडणुकीत भाजपने राजेश वानखेडे यांना संधी दिली आणि त्यांनी काँग्रेसच्या यशोमती ठाकूर यांचा पराभव केला. आता त्याच मतदारसंघात बदल निश्चित असल्याचं रवी राणा म्हणत असल्याने हा बदल नेमका कोणत्या स्वरूपाचा असेल याबाबत तर्कवितर्क सुरू झाले आहेत. त्यामुळे अमरावतीत राणा विरुद्ध वानखेडे संघर्षाची नांदी पाहायला मिळणार आहे रवी राणा हे अमरावतीच्या राजकारणातील आक्रमक नेते म्हणून ओळखले जातात. त्यांच्या या वक्तव्यामुळे भाजपचे विद्यमान आमदार राजेश वानखेडे आणि रवी राणा यांच्यातील राजकीय समीकरणांवरही चर्चा सुरू झाली आहे. दरम्यान राणा दाम्पत्याच्या या टीकेला भाजपचे आमदार प्रवीण पोटे यांनी नाव न घेता जोरदार प्रत्युत्तर दिले असून राणा दांपत्याची तुलना बैलगाडी खाली चालणाऱ्या कुत्र्यासोबत केली आहे... साप आणि मुंगुसाची लढाई होऊ शकत नाही यामध्ये नेहमी साप हारतो... आम्ही लहान असताना या गावावरून त्या गावात जायचो तेव्हा एक कुत्र नेहमी आमच्या बैलगाडीखाली चालायचं कालांतराने त्या कुत्र्याला असं वाटायला लागलं ही बैलगाडी मीच ओढत आहे... मात्र हे हे कुत्र बैलगाडी खाली चालत असल्याने ते प्रोटेक्ट होत होतं आणि गावातील इतर कुत्रे त्याच्यावर हल्ले करत नव्हते... तरीही त्या कुत्र्याला बैलगाडी ओढल्याचा भ्रम होत मात्र असा भ्रम कोणीही करू नये असं म्हणत भाजप नेते व आमदार प्रवीण पोटे यांनी राणा दांपत्याचे नाव न घेता राणा दाम्पत्यावर जोरदार हल्ला चढवला आहे. दरम्यान तिवसा मतदार संघाचे आमदार राजेश वानखडे यांनी रवी राणा यांना त्यांच्याच भाषेत प्रत्युत्तर दिले आहे... रवी राणा एवढा मोठा झाला का की तो भारतीय जनता पक्षाच्या तिकिटा वाटत फिरत आहे. असे म्हणत भाजप आमदार राजेश वानखेडे यांनी रवी राणा यांच्यावर जोरदार टीका केली आहे.... फक्त बोलायचं आणि वातावरण दूषित करायाचं कार्यकर्त्यांमध्ये संभ्रम निर्माण करायचा यासाठी राणा असे वक्तव्य करत असतात... तसेच राणा यांना का मिरची लागली हे सर्वांना माहीत आहे असेही राजेश वानखडे यांनी म्हटले आहे. बाइट :- राजेश वानखडे, भाजप आमदार यामुळे अमरावतीतील राजकारणातही खळबळ उडण्याची शक्यता आहे. एका बाजूला विद्यमान आमदार राजेश वानखेडे भाजपचा झेंडा फडकवत असल्याचे दिसते, तर दुसऱ्या बाजूला रवी राणा यांनी बदल निश्चित असल्याचं सांगितल्याने भाजपच्या आगामी राजकीय समीकरणांकडे सर्वांचे लक्ष लागले आहे. रवी राणा यांच्या या वक्तव्याचा नेमका राजकीय अर्थ काय? तिवसा मतदारसंघात खरंच नेतृत्वबदल होणार का? की हे केवळ आगामी राजकारणाची दिशा सूचित करणारे वक्तव्य आहे? याचे उत्तर येणाऱ्या काळातच स्पष्ट होईल. मात्र रवी राणा यांच्या एका वक्तव्याने तिवसा मतदारसंघातील राजकीय वातावरण तापलं आहे. त्यामुळे आगामी काळात राणा विरुद्ध वानखेडे असा सामना रंगतो का याकडे आता अमरावतीच्या राजकीय वर्तुळाचे लक्ष लागले आहे.0
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परनीत कौर का हल्का शुतराना दौरा: विकास और चुनावी तैयारी पर जोर
Patran, Punjab:पूर्व सांसद महारानी परनीत कौर ने आज हल्का शुतराना का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों में जाकर उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्हें सदस्यों का हाल ही में देहांत हो गया था, और उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। दौरे के दौरान महारानी परनीत कौर ने हल्का शुतराना के लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को भी सुना। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने और जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की तैयारियों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह से चुनाव के लिए तैयार है और जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है। अकाली-भाजपा गठजोड़ के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी हाईकमान के स्तर पर लिया जाएगा, इस संबंध में वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जो भी वादे जनता से करती है, उन्हें पूरा करती है। देश के 22 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं और वहां विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के अपने वादों को पूरा करने में विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी है और अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में बनने वाले ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि इस परियोजना को जल्द पूरा करवाने के लिए प्रयास जारी हैं, ताकि लोगों को यातायात संबंधी समस्याओं से राहत मिल सके।0
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पैकिंग फर्मों पर बड़ी कार्रवाई; 62 फर्मों के निरीक्षण, 44 पर कार्रवाई
Jaipur, Rajasthan:जयपुर।पैक्ड वस्तुओं के पैकर्स पर बड़ी कार्रवाई。 उपभोक्ता मामलों के मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर अभियान。 प्रदेशभर में चला लीगल मेट्रोलॉजी विभाग का अभियान。 62 फर्मों का निरीक्षण, 44 फर्मों के खिलाफ कार्रवाई。 अनियमितताओं पर कुल 7.06 लाख का जुर्माना。 24 फर्में बिना अनिवार्य पैकर रजिस्ट्रेशन के पैकिंग करती मिलीं。 32 फर्मों पर सत्यापित बाट-माप नहीं होने या वैध प्रमाण-पत्र नहीं मिलने पर कार्रवाई。 9 फर्मों को पैकेज्ड कमोडिटीज नियम, 2011 के उल्लंघन पर इम्प्रूवमेंट नोटिस。 अजमेर और अलवर की 3 फर्मों में घोषित मात्रा से कम उत्पाद पैक करने का मामला。 अजमेर की आरके प्रोडक्ट्स के कॉर्न स्नैक्स में घोषित मात्रा से कम सामग्री मिली。 अलवर की सिबा मसाला इंडस्ट्री के 100 ग्राम धनिया पाउडर के 50 पैकेट जब्त。 अलवर की अब्राम फूड लिमिटेड के 500 ML सरसों तेल के 50 पैकेट भी जब्त。 कम मात्रा में पैकिंग करने वाली फर्मों के खिलाफ विधिक कार्रवाई。0
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डीएम का ताबड़तोड़ निरीक्षण: उरई मेडिकल कॉलेज में दवा-काउंटर और इमरजेंसी चेक
Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, डीएम राजेश कुमार पांडेय ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर परखी व्यवस्थाएं, ओपीडी, दवा वितरण काउंटर व इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, डीएम ने मरीजों से बातचीत कर दवा उपलब्धता का रेंडम सत्यापन किया, मेडिकल प्रशासन को मरीज को बाहर की दवा न लिखने के लिए कड़े निर्देश, इमरजेंसी वार्ड में भर्ती बुजुर्ग मरीजों का हाल-चाल जानकर डॉक्टर को बेहतर उपचार के लिए निर्देश, मरीजों के इलाज में लापरवाही न बरतने और मानवीय संवेदनाओं के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश, जालौन के उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण करने पहुंचे थे डीएम。0
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हैरानी: क्या हरियाणा बिजली नियामक आयोग सचमुच स्वतंत्र रहेगा?
Chandigarh, Chandigarh:जब एफएसए की राशि उपभोक्ताओं को वापस करनी थी, तब निगमों ने कोई याचिका दाखिल नहीं की, लेकिन जैसे ही वसूली उनके पक्ष में हुई उन्होंने तुरंत दो याचिकाएं दायर कर दी अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग एक स्वतंत्र नियामक संस्था के रूप में कानून के अनुसार निर्णय देगा, या फिर सरकार और बिजली निगमों के दबाव में काम करेगा? चंडीगढ़, 7 अगस्त। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. सम्पत सिंह ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर बताया कि हरियाणा के बिजली वितरण निगम प्रदेश की जनता को लूट रहे हैं। ये निगम, उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा देने के बजाय उन्हें अपनी वित्तीय गलतियों, कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की कीमत चुकाने का माध्यम बना रहे हैं। बिजली निगमों ने विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) से मल्टी ईयर टैरिफ 2024 में नियमों में राहत देने का अनुरोध किया। उन्होंने मांग की है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रति यूनिट 47 पैसे का मासिक एफएसए वसूलने की बजाय 1,134.54 करोड़ रुपये तथा उस पर कैरीइंग कॉस्ट (ब्याज) को आने वाले वर्षों में सभी उपभोक्ताओं से समान प्रति यूनिट दर पर वसूलने की अनुमति दी जाए। प्रो. सम्पत सिंह ने बताया कि बिजली वितरण निगमों के अनुसार इस समय वे 27,915 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहे हैं और उन पर 27,248 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके बावजूद अक्टूबर 2025 में निगमों ने बिना एक भी यूनिट बिजली लिए सिक्किम ऊर्जा लिमिटेड (ग्रीनको समूह) को 1,300 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। इसके तुरंत बाद संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रभावशाली कंपनियों के लिए पैसा उपलब्ध है, लेकिन उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी की जाती है। बिजली निगमों ने स्वयं स्वीकार किया है कि नवंबर 2025 में मांगी गई 1,134.54 करोड़ रुपये की राशि में से लगभग 950.09 करोड़ रुपये (84 प्रतिशत) सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के कारण उत्पन्न हुई देनदारी है। यह राशि वास्तव में पिछले वित्तीय वर्षों के ट्रांसमिशन शुल्क, विलंब भुगतान अधिभार और अतिरिक्त बिलों से संबंधित है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान में की जा रही वसूली वित्तीय वर्ष 2022-23 से संबंधित है, जबकि नियमों के अनुसार ऐसी राशि अधिकतम दो वर्ष के भीतर वसूल की जानी चाहिए। इसके साथ ही बिजली निगमों का दोहरा रवैया भी सामने आया है। जब एफएसए की राशि उपभोक्ताओं को वापस करनी थी, तब उन्होंने कोई याचिका दाखिल नहीं की। लेकिन जैसे ही वसूली उनके पक्ष में हुई, उन्होंने तुरंत दो याचिकाएं दायर कर दीं। इतना ही नहीं, वे अपनी देरी से होने वाली वसूली पर ब्याज भी चाहते हैं, जबकि उपभोक्ताओं का पैसा महीनों तक रोकने पर उन्हें कोई ब्याज देने को तैयार नहीं हैं। साथ ही, डिस्कॉम विनियम 68.1(3) में निर्धारित उस प्रावधान से भी बचना चाहते हैं, जिसके अनुसार समय पर राशि न वसूलने पर उसका अधिकार समाप्त हो जाता है। वे इसके लिए नियमों में छूट लेने के प्रावधानों का सहारा ले रहे हैं। जबकि सर्वोच्च न्यायालय और विद्युत अपीलीय अधिकरण पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इन प्रावधानों का उपयोग नियमों में बदलाव करने या समाप्त हो चुके अधिकारों को दोबारा जीवित करने के लिए नहीं किया जा सकता। सर्वोच्च न्यायालय ने सितंबर 2024 और अगस्त 2025 के अपने महत्वपूर्ण निर्णयों में स्पष्ट कहा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग सरकार के अधीन नहीं हैं। सरकार आयोग के न्यायिक अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। न्यायालय ने आयोगों की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और दक्षता बनाए रखने तथा नियामकीय विफलता और नियामकीय कब्जे से बचने पर भी जोर दिया है। न्यायालय ने यह भी कहा कि बिजली एक सार्वजनिक सेवा है और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डालना नियामकीय विफलता का संकेत है। अब कानून स्पष्ट है, तथ्य भी स्पष्ट हैं। उम्मीद है कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग संविधान, कानून और हरियाणा के 84 लाख बिजली उपभोक्ताओं के हित में निष्पक्ष निर्णय देगा। अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग एक स्वतंत्र नियामक संस्था के रूप में कानून के अनुसार निर्णय देगा, या फिर सरकार और बिजली निगमों के दबाव में काम करेगा?0
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