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ASAbdul SattarFollow14 Jun 2024, 11:13 am
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श्रीनगर में दशहरा शांति और भाईचारे के साथ मनाया गया

Srinagar, Uttarakhand:श्रीनगर में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के साथ विजयादशमी मनाई गई। श्रीनगर: विजयादशमी, जिसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है, श्रीनगर के share -e- कश्मीर क्रिकेट प्रैक्टिस ग्राउंड में जोश के साथ मनाई गया, जहाँ हज़ारों लोग इस त्योहार को देखने के लिए इकट्ठा हुए। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी इस जश्न में हिस्सा लिया, जो हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव की भावना को दिखाता है। यह प्रोग्राम विश्व कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति ने ऑर्गनाइज़ किया था, और इवेंट को शांति से पूरा करने के लिए जगह के चारों ओर सिक्योरिटी इंतज़ाम किए गए थे। इस जश्न ने कश्मीर के पारंपरिक कल्चर की यादें ताज़ा कर दीं, जब हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक-दूसरे के त्योहारों और सेलिब्रेशन में हिस्सा लेते थे। स्थानीय लोगों ने याद किया कि कैसे मुसलमान भी दशहरा से जुड़ी परंपराओं में हिस्सा लेते थे, जो दोनों समुदायों के बीच दोस्ती और साथ रहने के रिश्ते को दिखाता है। इस इवेंट की खास बात बच्चों द्वारा रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाना था, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। स्टेडियम में एक रंगीन झांकी भी निकाली गई, जिसमें त्योहार से जुड़े सीन दिखाए गए, और रावण की लंका के पुतले को आग लगाई गई। यह त्योहार पिछले तीन सालों से श्रीनगर में हो रहा है। बता दे कि आतंकी गतिविधियों के कारण ऐसा कार्यक्रम उसे पहले नहीं हो पा रहा था, इसमें शामिल होने वालों ने कहा कि इस जश्न ने अलग-अलग समुदायों के लोगों को एक साथ आने और कश्मीर की सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा से फिर से जुड़ने का मौका दिया है। दर्शकों, सोशल एक्टिविस्ट और स्टूडेंट्स ने विजयादशमी के जश्न में मुसलमानों के शामिल होने को एक पॉजिटिव डेवलपमेंट बताया, और कहा कि ऐसे इवेंट समुदायों के बीच आपसी सम्मान, समझ और भाईचारे को मजबूत करने में मदद करते हैं। शांतिपूर्ण जश्न ने कश्मीर की साझी सांस्कृतिक विरासत की एक झलक दिखाई, जिसमें अलग-अलग बैकग्राउंड के लोग त्योहार मनाने और एकता का संदेश देने के लिए एक साथ आए। बडगाम के MLA आगा सैयद मुंतज़िर मेहदी भी श्रीनगर के कश्मीर क्रिकेट ग्राउंड में दशहरा जश्न की जगह पर पहुंचे, जहां उन्होंने ज़ी मीडिया से बात की। मेहदी ने कहा कि जश्न में अलग-अलग समुदायों के लोगों का शामिल होना उन लोगों को एक साफ संदेश देता है जो मुसलमानों के बीच नफरत फैला रहे हैं और कश्मीरी लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कश्मीर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सदियों पुरानी परंपराओं के लिए जाना जाता है, जहाँ हिंदू और मुसलमान मिलकर त्योहार मनाते हैं, जो सांप्रदिकीय सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारे को दिखाता है। फारूक वानी श्रीनगर l
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Noida, Uttar Pradesh:
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डीडवाना में पुलिस शहीद दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि और स्मारक समारोह

Didwana, Rajasthan:एंकर- डीडवाना में पुलिस लाइन में पुलिस शहीद दिवस मनाया गया। इस दौरान देशभर में कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम में डीडवाना एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान सहित जिले के पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शहीदों को नमन किया。 वीओ - कार्यक्रम के दौरान प्रतीकात्मक शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। RAC के जवानों ने हवाई फायर कर शहीदों को सलामी दी। इसके बाद एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान सहित मौजूद पुलिस अधिकारियों ने पौधारोपण भी किया。 समारोह को संबोधन करते हुए एसपी डॉ. शिवरान ने बताया कि 21 अक्टूबर को वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में शहीद हुए पुलिस जवानों की स्मृति में पुलिस शहीद दिवस मनाया जाता है। उन्होंने इस वर्ष देशभर में शहीद हुए पुलिस जवानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की。 एसपी ने कहा कि समय के साथ पुलिस के सामने चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। इनसे निपटने के लिए पुलिसिंग में लगातार सुधार किया जा रहा है। पुलिस को हाईटेक बनाया जा रहा है और जवानों को आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है。 बाईट - डॉ प्यारेलाल शिवरान (एसपी डीडवाना ) वीओ एफ - इस दौरान डीडवाना ASP हिमांशु शर्मा, कुचामन ASP विमल नेहरा, परबतसर ASP भूपेंद्र, डीडवाना CO उमेश गुप्ता, लाडनूं CO जितेंद्र चारण, मकराना CO विक्की नागपाल, डीडवाना थानाधिकारी मोहन सिंह सहित जिले के विभिन्न थानों के थानाधिकारी और पुलिस जवान मौजूद रहे。
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दमोह में 21 घंटे देवी प्रतिमा विसर्जन, आखिरी महाकाली प्रतिमा सुबह 9 बजे

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह में 21 घंटे तक चला देवी प्रतिमा विसर्जन, सुबह 9 बजे हुआ अंतिम प्रतिमा का विसर्जन... यह कार्यक्रम भव्य रहा और इस बार पूरे 21 घंटे तक लगातार प्रतिमाओं का विसर्जन चलता रहा, परम्परा के मुताबिक आखिरी प्रतिमा महाकाली की रही जिसे सुबह 9 बजे विसर्जित किया गया। विजयादशमी के मौके पर मंगलवार को दोपहर 12 बजे से शहर में विराजमान प्रतिमाओं को फुटेरा तालाब ले जाने का क्रम शुरू हुआ और शाम को चल समारोह का आगाज हुआ और हृदय स्थल घंटाघर पर अखाड़ों के प्रदर्शन के बाद समारोह चलता रहा और एक एक कर प्रतिमाएं फुटेरा तालाब पहुंची और आज दूसरे दिन यानी बुधवार को सुबह 9 बजे ये प्रक्रिया पूरी हुई। जिले भर के प्रशासनिक और पुलिस के पुख्ता इंतजामों के बीच किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी और ये इलाके के लिए बड़ी अच्छी बात रही。
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परशुरामपुरी में गाय के सब्जी खाने के विवाद में घायल महिला की इलाज के दौरान हुई मौत, मारपीट के आरोप

RNRAM NIWAS SHARMAFollow12m ago
Kanth, Rawatpur, Uttar Pradesh:परशुरामपुरी में गाय के सब्जी खाने के विवाद में घायल महिला की इलाज के दौरान हुई मौत, मारपीट के आरोप जलालाबाद, शाहजहांपुर। गाय के सब्जी खाने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक महिला की मौत के मामले तक पहुंच गया। संडीला निवासी राम पति पत्नी सीताराम, छोटी सब्जी मंडी स्थित पुराने अस्पताल के पास लगभग 40 वर्षों से रह रही थीं। वहीं पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रही थी परिजनों के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को गाय के सब्जी खाने पर आपत्ति जताने के बाद विवाद हुआ। आरोप है कि अजय उर्फ सौरव पुत्र वीरेंद्र और वीरेंद्र ने राम पति (पुष्पा )के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। घटना के बाद महिला थाने पहुंची, जहां से उन्हें नगरिया अस्पताल भेजे जाने की बात सामने आई। परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद उन्हें जिला अस्पताल नहीं भेजा गया और न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया। बताया गया कि मंगलवार रात पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब सवाल है कि महिला को समय पर समुचित उपचार मिला या नहीं और मारपीट के आरोपों की निष्पक्ष जांच हुई या नहीं। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
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दुमका दुर्गा पूजा में सिंदूर खेला से भक्तिमय माहौल

Dumka, Jharkhand:दुमका बिजया दशमी को मां दुर्गा के घट विसर्जन के पूर्व महिलाएं मां को सिंदूर लगाकर मंगलकामना करती हैं। मां को भोग लगाकर उनका आर्शीवाद लिया जाता है। हर सुहागन यही मनोकामना करती है कि उसके सुहाग पर आने वाला हर संकट मां टाल दे। घट विसर्जन के दौरान बंगाली समाज की महिलाएं खासतौर पर सिंदूर खेला का आयोजन करती हैं। हर तरफ उड़ता सिंदूर माहौल को और भक्तिमय बना देता है। वहीं, बंगाली महिलाओं ने सालों से चली आ रही मां की विदाई से पहले उन्हें सिंदूर लगाने की परंपरा निभाई जाती है। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मस्ती भी करती हैं। माना है कि दुर्गा मां अपने परिवार के संग मायके आई है और ससुराल जाते समय दशमी के दिन उनकी मांग भरी जाती है। बंगाली समाज में सिंदूर खेला की परंपरा सालों से चली आ रही है। हर सुहागन यही मनोकामना करती है कि उसके सुहाग पर आने वाला हर संकट मां दुर्गा टाल दें। एक तरफ मां की विदाई तो दूसरी तरफ सुहागिनें मन में उमंग और सौभाग्य की कामना लिए सिंदूर खेला खेलती हैं। हर तरफ उड़ता लाल सिंदूर माहौल को और भक्ति और उल्लास से भर देता है।
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पाकुड़ में विजयादशमी पर सुहागिन महिलाएं सिंदूर लगाकर बनीं अनोखी परंपरा

Pakur, Jharkhand:पाकुड़ में विजयादशमी के अवसर पर पाकुड़ के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में सुहागिन महिलाओं ने सिंदूर खेला...नवरात्रि के दसवें दिन मां दुर्गा की विदाई से पहले यह रस्म निभाई गई, जिसमें महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया...शहर के रेलवे कॉलोनी सहित कई पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं एकत्रित हुईं...उन्होंने सबसे पहले मां भवानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की...इसके बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य की कामना की...इस दौरान महिलाएं नाचती-गाती भी नजर आईं...मान्यता है कि विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की विदाई होती है...ओर विदाई से पूर्व सुहागिन महिलाएं मां के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर पूजा करती हैं...यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसमें महिलाएं एक-दूसरे के गालों पर सिंदूर लगाकर पति की लंबी उम्र और सदा सुहागिन रहने की कामना करती हैं...सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है...इस अवसर पर महिलाएं नई-नई साड़ियां पहनकर और पूरा श्रृंगार कर पूजा पंडालों में पहुंची थीं...9 दिनों तक चलने वाले दुर्गा पूजा का समापन विजयादशमी के दिन होता है...जिले भर में दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह रहा...वहीं मौके पर मौजूद कई महिलाओं के द्वारा बताया गया कि आज विजयादशमी है और आज मन की विदाई है...और इस विदाई की बेला में सुहागिन महिलाएं एक दूसरे के गाल पर सिंदूर लगाती है यह परंपरा सदियों से चली आ रही है... और इसी परंपरा का निर्वहन भारतीय महिलाएं करती है... महिलाओं ने कहा कि सिंदूर सुहाग का प्रतीक है और आज के दिन पति की लंबी उम्र की भी कामना किया जाता है ताकि विवाहित महिलाएं सदा सुहागन रहें...पूजा पंडालों में भी काफी भीड़ देखी गई
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दुर्गा विसर्जन के दौरान सतना टमस नदी में युवक डूबा, शव बरामद

Satna, Madhya Pradesh:सतना। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार शाम माधवगढ़ स्थित टमस नदी में एक युवक डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही कोलगवां थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद देर रात युवक का शव नदी से बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान मुख्त्यारगंज निवासी संजय रैक्वार (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया है। बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि मंगलवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए लोग माधवगढ़ स्थित टमस नदी पहुंचे थे। इसी दौरान संजय रैक्वार नदी में डूब गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। युवक के डूबने की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कोलगवां थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। युवक की तलाश के लिए नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। टीम ने काफी प्रयासों के बाद देर रात संजय का शव बरामद कर लिया। शव मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है।
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टोंक रोडवेज बस स्टैंड की बदहाली: टिकट काउंटर बंद, रोशनी व सफाई कमी

Tonk, Rajasthan:टोंक रोडवेज बस स्टैंड बदहाल, 2 साल से टिकट काउंटर बंद! रोजाना 250 से अधिक बसों और 5 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही, फिर भी सुविधाओं का अभाव; उपमुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी सुधार का इंतजार। टोंक रोडवेज बस स्टैंड की बदहाल स्थिति, यात्रियों की परेशानी बढ़ी कभी खूबसूरत बस स्टैंड के रूप में पहचान, आज मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे यात्री दो साल से टिकट काउंटर बंद, यात्रियों को परेशानी बस स्टैंड पर पिछले करीब दो साल से टिकट काउंटर बंद होने की समस्या सामने आ रही है। टिकट बुकिंग की सुविधा नहीं मिलने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। खासकर बुजुर्ग यात्रियों को सीट की अग्रिम बुकिंग नहीं होने के कारण बस में सीट मिलने को लेकर असुविधा का सामना करना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड पर नियमित टिकट बुकिंग व्यवस्था बहाल होनी चाहिए, ताकि यात्रा सुगम हो सके। रात में अंधेरा, महिला यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल बस स्टैंड परिसर में रात्रि के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने की शिकायत भी सामने आ रही है। अंधेरे के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। वहीं, रात के समय बसों का इंतजार करने वाली महिला यात्रियों को भी असुरक्षा महसूस होती है। ऐसे में परिसर में पर्याप्त लाइटें लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है। गंदगी के साथ आवारा पशुओं का जमावड़ा बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार और आवारा श्वानों व गायों की आवाजाही भी परेशानी बढ़ा रही है। यात्रियों के आवागमन वाले स्थानों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बस स्टैंड की छवि प्रभावित हो रही है। नियमित सफाई और आवारा पशुओं की समस्या के समाधान की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी सुधार का इंतजार बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के दौरे के दौरान बस स्टैंड की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद यात्रियों को अब तक अपेक्षित सुधार का इंतजार है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्रदेश के प्रमुख जनप्रतिनिधियों के निर्देशों के बाद भी व्यवस्थाओं में बदलाव नहीं दिख रहा, तो जिम्मेदार अधिकारी कब ध्यान देंगे? आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार? रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले टोंक रोडवेज बस स्टैंड पर टिकट काउंटर शुरू करने, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है। यात्रियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ही समस्याओं पर ध्यान देकर व्यवस्थाओं में सुधार करेगा, ताकि बस स्टैंड अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सके और यात्रियों को राहत मिल सके। अब सवाल यही है—कभी खूबसूरत बस स्टैंड के रूप में पहचाने जाने वाले टोंक रोडवेज बस स्टैंड की दशा कब सुधरेगी और यात्रियों को सुविधाएं कब मिलेंगी?
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