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Hathras204101

Hathras: पुलिस ने अवैध शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया

Dec 29, 2024 05:00:02
Hathras, Uttar Pradesh

हाथरस में पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली हाथरस जंक्शन पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जाफराबाद नहर पटरी के पास एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 23 क्वार्टर अवैध देशी शराब बरामद हुई। गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में पुलिस आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

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CSChandrashekhar Solanki
Feb 09, 2026 18:03:58
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रेलवे स्टेशन के बाहर सोमवार देर शाम उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब सफाईकर्मी महिलाओं ने सड़क पर उतरकर हंगामा किया और रोड जाम कर दिया। महिलाओं का आरोप था कि एक ऑटो चालक इमरान द्वारा उनके साथ छेड़छाड़ की गई है, लेकिन कार्रवाई के बजाय जीआरपी पुलिस टालमटोल कर रही है। महिलाओं के समर्थन में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान जीआरपी थाना प्रभारी मोतिराम चौधरी को कार्यकर्ताओं ने काफी खरी खोटी सुनीं, और काफी गहमा गहमी बहस भी हुई। हिन्दू संगठन कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिआरपी पुलिस आरोपी पर कार्रवाई करने के बजाय क्रॉस एफआईआर की बात कर रही थी। स्थिति बिगड़ती देख दो थानों की पुलिस और सीएसपी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया। घटना से पहले का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी इमरान के साथ कुछ लोग मारपीट करते दिख रहे हैं। लात-घूंसे चल रहे हैं फिलहाल पीड़ित महिला की शिकायत पर आरोपी इमरान के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर लिया गया है। रतلाम चंद्रशेखर सोलंकी
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AMAsheesh Maheshwari
Feb 09, 2026 18:03:15
Noida, Uttar Pradesh:पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती-2025,परीक्षा 19 अप्रैल को, भर्ती में न्यूनतम अंकों का प्रावधान नहीं जयपुर, 9 फरवरी। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा अधिकारी के 1100 पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षा में न्यूनतम प्राप्तांक के संबंध में उपजे भ्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उक्त परीक्षा का आयोजन 19 अप्रैल 2026 को किया जाना प्रस्तावित है。 न्यूनतम उत्तीर्णांक का प्रावधान नहीं— आयोग सचिव ने बताया कि राजस्थान पशुपालन सेवा नियम, 1963 के दिनांक 23 मई 2022 को संशोधित नियम '19', के क्रम में साक्षात्कार द्वारा सीधी भर्ती के स्थान पर भर्ती को प्रतियोगी परीक्षा से किया गया है। इस संशोधित सेवा नियम में न्यूनतम प्राप्तांक के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है。 परीक्षा स्कीम— कुल प्रश्न: 150 (बहुविकल्पीय) कुल अंक: 150 समय: 2 घंटे 30 मिनट नेगेटिव मार्किंग: प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक काटा जाएगा。 परीक्षा दो भागों में होगी:— भाग-ए: राजस्थान का सामान्य ज्ञान (40 प्रश्न, 40 अंक) भाग-बी: संबंधित विषय (110 प्रश्न, 110 अंक) फर्जी सूचनाओं से रहें सावधान— इस संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही एक कथित अपील निर्णय क्रमांक एफ.23(163) दिनांक 15 नवंबर 2025 पूरी तरह फर्जी है। इस भ्रामक सूचना को फैलाने वालों के खिलाफ अलग से कानूनी कार्यवाही की जा रही है। अभ्यर्थी केवल आयोग द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 09, 2026 18:02:45
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के नारी निकेतन, बालिका गृह, बाल गृह और फोस्टर होम की खराब स्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने साफ कहा कि इन आश्रय गृहों में रहने वाली महिलाओं और बालिकाओं को सम्मानजनक, सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। इस संबंध में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से भवनों की स्थिति, स्वच्छता व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ ने स्वप्रेरणा से दायर जनहित याचिका एवं नारी निकेतन की निगरानी से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। अदालत के समक्ष अमीकस क्यूरी अधिवक्ता प्रियंका बोराणा की रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश के कई नारी निकेतन और बालिका गृह जर्जर इमारतों में संचालित हो रहे हैं। कई स्थानों पर साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब है और महिलाओं व बच्चों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता को निर्देश दिए कि वे यह बताएं कि अब तक सुधार और मरम्मत के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही 17 दिसंबर 2025 के पूर्व आदेश की अनुपालना रिपोर्ट भी पेश करने को कहा गया है। अदालत ने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई पर सक्षम अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान अजमेर बालिका गृह में कर्मचारियों का दो वर्षों से लंबित वेतन भुगतान का मुद्दा भी उठा, जिस पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने चेताया कि यदि अगली सुनवाई तक संतोषजनक प्रगति नहीं हुई तो संबंधित निदेशक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 को होगी।
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VMVimlesh Mishra
Feb 09, 2026 18:02:26
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 09, 2026 18:02:10
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दोषसिद्धि के बाद यदि आरोपी को प्रोबेशन (परिवीक्षा) का लाभ दिया गया है, तो केवल शिकायतकर्ता सजा से असंतुष्ट होकर अपील नहीं कर सकता। सजा बढ़ाने का अधिकार केवल राज्य सरकार को है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने सत्र न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें शिकायतकर्ता की अपील स्वीकार कर ट्रायल कोर्ट के निर्णय को पलटते हुए पुनः ट्रायल का आदेश दिया गया था। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने सुमित्रा की ओर से पेश याचिका को निस्तारित करते हुए अहम आदेश पारित किया है। प्रकरण में वर्ष 2021 में मारपीट और आपराधिक अतिक्रमण के आरोपों पर एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच के बाद मामला एसीजेएम, रावतभाटा की अदालत में चला, जहां अभियोजन पक्ष कई अवसरों पर गवाह पेश नहीं कर सका। मार्च 2024 में आरोपी ने स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किया, जिस पर ट्रायल कोर्ट ने दोषसिद्धि दर्ज करते हुए प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट के तहत लाभ दिया और 400 रुपये का खर्च लगाया। इस आदेश के खिलाफ शिकायतकर्ता की अपील पर सत्र न्यायालय ने दिसंबर 2025 में ट्रायल कोर्ट का आदेश निरस्त कर पुनः सुनवाई के निर्देश दिए, जिन्हें हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 372 के तहत शिकायतकर्ता की अपील का अधिकार सीमित है और प्रोबेशन दिया जाना न तो बरी किया जाना है और न ही कम अपराध में दोषसिद्धि। सत्र न्यायालय का आदेश अधिकार क्षेत्र से परे बताते हुए निरस्त किया गया और ट्रायल कोर्ट का मूल आदेश बहाल किया गया।
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HSHITESH SHARMA
Feb 09, 2026 18:01:54
Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है जहां छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में पीएचडी शोधार्थियों से फीस के नाम पर लाखों रुपए की गड़बड़ी कर ठगी करने का मामला सामने आया है. वी/ओ-1 दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में पीएचडी भी कराई जाती है जहां पीएचडी के लिए पंजीकृत शोधकर्ताओ से निर्धारित शुल्क लिया जाता है लेकिन इस सरकारी विश्वविद्यालय में पीएचडी के नाम पर लाखो की धोखाधड़ी एवं जालसाफी की शिकायत विश्वविद्यालय प्रबंधन को प्राप्त हुई थी इस शिकायत पर विश्वविद्यालय स्तर पर जांच टीम का गठन किया गया तो जांच में पाया गया की 9 लाख 44 हजार 500 ₹ की राशि गबन हो गई तो वही विवि के ही पीएचडी शाखा में कार्यरत कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद ने जालसाजी करते हुए पीएचडी शोधकर्ताओं से नगद राशि लेकर उन्हें विवि की ही फर्जी फीस की रसीद थमा दी इस बात का खुलासा होते ही विश्विद्यालय में हड़कंप मच गया फौरी तौर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिखित में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई शिकायत मिलते ही दुर्ग पुलिस ने विवेचना शुरू की विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सौंप गए तमाम दस्तावेजों प्रमाण और साक्ष्य का भी अवलोकन करने पर मामला सही पाया तब पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया सुनील कुमार प्रसाद के पास से फर्जी शुल्क रसीद एवं पीएचडी विभाग से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए फिलहाल पुलिस की विवेचना जारी है.
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KSKartar Singh Rajput
Feb 09, 2026 18:01:41
Morena, Madhya Pradesh:शनि धाम पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर दाती महाराज सोमवार को डबरा पहुंचे। उनके साथ आचार्य बद्रीश जी महाराज भी उपस्थित रहे। दोनों संतों ने सबसे पहले डबरा में नवनिर्मित विश्व के प्रथम नवग्रह शक्तिपीठ का भ्रमण किया तथा यज्ञशाला का निरीक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की। महामंडलेश्वर दाती महाराज ने कहा कि डबरा की पावन भूमि पर नवग्रह शक्तिपीठ का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जो सनातन धर्म के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि नवग्रह पीठ की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार से होगी, जो लगातार नौ दिनों तक चलेगी। इस दौरान प्रतिदिन लाखों मंत्रों की आहुतियां दी जाएंगी, साथ ही विशेष धार्मिक अनुष्ठान एवं तंत्र साधनाएं संपन्न होंगी। दाती महाराज ने दावा किया कि इन अनुष्ठानों के माध्यम से नवग्रहों की प्रतिमाएं पूर्ण रूप से जागृत होंगी और प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात इस पीठ पर आने वाले श्रद्धालुओं को अद्भुत शांति, आनंद और सुख की अनुभूति होगी। उन्होंने इस पीठ को अपने आप में अनूठा बताते हुए कहा कि यहां सभी नवग्रह अपनी पत्नियों एवं वाहनों सहित विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह नवग्रह पीठ ग्रह शांति एवं विशेष अनुष्ठानों का एक बड़ा केंद्र बनेगा। इसके निर्माण से न केवल सनातन धर्म को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र और राष्ट्र की सुख-समृद्धि में भी वृद्धि होगी। महामंडलेश्वर दाती महाराज ने बताया कि 10 से 20 तारीख तक पीठ से जुड़ी संपूर्ण साधनाएं संपन्न होंगी। रात्रि में विशेष एवं दिव्य यज्ञ आयोजित किए जाएंगे, जबकि दिनभर सैकड़ों ब्राह्मणों द्वारा निरंतर मंत्र जाप किया जाएगा। उन्होंने इस नवग्रह पीठ का आचार्य बनने को अपना सौभाग्य बताया। वहीं आचार्य बद्रीश जी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर दाती महाराज द्वारा स्थापित शनिदेव की महिमा पहले से ही जगजाहिर है, जहां श्रद्धालुओं के कष्टों का निवारण होता है। उन्होंने कहा कि जहां संपूर्ण नवग्रह एक साथ विराजमान होंगे, वहां की आध्यात्मिक महिमा का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 09, 2026 18:01:25
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम से जुड़ी आपराधिक अपीलों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इन अपीलों की सुनवाई में किसी भी प्रकार का स्थगन नहीं दिया जाएगा और 16 फरवरी 2026 से दिन-प्रतिदिन सुनवाई होगी। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेन्द्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष आसाराम सहित अन्य की अपीलों पर सुनवाई हुई। इस दौरान आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक राज सिंह बाजवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि अपील की पेपर-बुक हजारों पन्नों की है, ऐसे में संवेदनशील मामले में भौतिक रूप से सुनवाई जरूरी है और इसके लिए अल्प समय मांगा। अन्य अपीलों में एक वरिष्ठ अधिवक्ता पारिवारिक शোক के कारण उपस्थित नहीं हो सके, जबकि एक मामले में नए अधिवक्ता की नियुक्ति होने से तैयारी के लिए समय की मांग की गई। इन दलीलों पर कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मामला समयबद्ध है। इसलिए 16 फरवरी से सुनवाई अनिवार्य रूप से शुरू होगी और इसके बाद कोई स्थगन स्वीकार नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने निर्देश दिए कि सभी अपीलों की सुनवाई रोज़ाना बोर्ड के अंत में या दोपहर 2 बजे, जो पहले हो, तब तक की जाएगी जब तक सभी पक्षों की बहस पूरी नहीं हो जाती। गौरतलब है कि यह अपीलें वर्ष 2018 से लंबित हैं और सुप्रीम कोर्ट ने शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए थे。
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 09, 2026 18:01:09
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हत्या के एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आजीवन कारावास की सजा काट रहे आरोपी सोमा़ को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की पीठ ने निचली अदालत के वर्ष 2018 के फैसले को निरस्त कर दिया। मामाला उदयपुर जिले के सलूम्बर का है, जहां अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने आरोपी सोमा़ को पत्नी कांके देवी की जलने से हुई मौत के मामले में आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया था। 14 सितंबर 2015 को कांके देवी को जली अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जहां कथित मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर पति पर केरोसिन डालकर आग लगाने का आरोप लगाया गया था। हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन का मामला मुख्य रूप से उसी कथित मृत्यु पूर्व बयान पर आधारित था, जो न तो मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया गया और न ही यह प्रमाणित था कि बयान के समय मृतका बयान देने की स्थिति में थी। डॉक्टर की ओर से भी कोई लिखित प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं था। अदालत ने गवाहों के बयानों में विरोधाभास, घटनाक्रम में असंगतियां और इस तथ्य को भी महत्व दिया कि आरोपी ने आग बुझाने का प्रयास किया था, जिसमें वह स्वयं भी झुलसा। इन परिस्थितियों में कोर्ट ने माना कि अभियोजन आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका और आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया。
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 09, 2026 18:00:36
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित होना मात्र उसके पासपोर्ट के नवीनीकरण में बाधा नहीं बन सकता, जब तक कि संबंधित आपराधिक न्यायालय द्वारा पासपोर्ट रखने या विदेश यात्रा पर कोई स्पष्ट प्रतिबंध न लगाया गया हो। जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने यह आदेश याचिकाकर्ता प्रदीप कुमार सरावगी की याचिका पर दिया है। याचिकाकर्ता जिनके खिलाफ वर्ष 2015 में कथित जाली वसीयत के मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ था। याचिकाकर्ता उस प्रकरण में गवाह के रूप में हस्ताक्षरकर्ता बताए गए थे और अब तक किसी भी मामले में दोषसिद्ध नहीं हुए हैं। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट पहले ही धारा 482 सीआरपीसी के तहत उनके खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा चुका है। याचिकाकर्ता ने पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन किया, लेकिन आपराधिक मामला लंबित होने का हवाला देकर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत यात्रा की स्वतंत्रता व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है। पासपोर्ट नवीनीकरण और विदेश यात्रा की अनुमति अलग-अलग विषय हैं। अदालत ने पासपोर्ट प्राधिकरण को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता का पासपोर्ट कानून के अनुसार दस वर्ष की मानक अवधि के लिए नवीनीकृत किया जाए, जबकि विदेश यात्रा से पहले सक्षम न्यायालय की अनुमति लेना आवश्यक होगा।
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