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202139
Gaurav Kumar DixitGaurav Kumar DixitFollow12 Mar 2025, 12:20 pm

Hathras - बस ने बाइक में मारी टक्कर, एक व्यक्ति की हुई मौत

Sitari, Uttar Pradesh:

जनपद हाथरस की कोतवाली सासनी क्षेत्र के आगरा अलीगढ़ नेशनल हाईवे पर राधिका होटल के समीप बुधवार की दोपहर रोडवेज बस ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, हादसे में बाइक पर सवार एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई, दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे को देख मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक बाइक सवार व्यक्ति के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है. साथ ही दोनों घायल बच्चों को गंभीर हालत में उपचार के लिए हायर मेडिकल सेंटर अलीगढ़ के लिए रेफर किया गया है. पुलिस द्वारा व्यक्ति के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया है।

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आगरा के मुख्य आरोपी भूरा भोपाल से गिरफ्तार, लूट-हत्या केस में फरार था

Noida, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग जिसने खुद को दर्शाया मृत, उसको पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस से बचने के लिए 27 साल से चल रहा था फरार परिवार और अन्य रिश्तेदारों से भी नहीं था संपर्क खुद को मृत दर्शाकर अलग अलग राज्यों रह रहा था आरोपी अपनी पहचान बदल कर रहा था आरोपी भूरा जमील नाम करके अपनी पत्नी और बच्चों के साथ भोपाल में रह रहा था आरोपी साल 1999 में खेरागढ़ में पुलिसकर्मियों से हुई थी लूट लूट के बाद 2 पुलिसकर्मियों की हुई थी हत्या मामले में कई बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने की थी कार्रवाई मुख्य आरोपी भूरा पुलिस की गिरफ्त से चल रहा था फरार भूरा की जगह जमील नाम रखकर दूसरे राज्यों में रह रहा था आरोपी पुलिस ने रखा था 50 हजार का इनाम भोपाल से मुख्य आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार थाना खेरागढ़ पुलिस ने की कार्रवाई बाइट आदित्य कुमार/प्रभारी डीसीपी वेस्ट कपिल अग्रवाल आगरा
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झुंझुनूं के राजकीय बीडीके अस्पताल में ड्रेस कोड और नेम प्लेट नियमों की अनदेखी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिला अस्पताल के खुद के नियम, खुद की 'सरकार'! बीडीके अस्पताल के दवा काउंटर पर नियमों की अनदेखी फार्मासिस्टों की पहचान नहीं होने पर उठे सवाल PCI के नियमों के पालन पर खड़े हुए सवाल बीडीके अस्पताल का दवा काउंटर फिर विवादों में मरीजों की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर उठी चिंता झुंझुनूं जिले के सबसे बड़े अस्पताल राजकीय जिला बीडीके अस्पताल में लगातार नियम—कायदों की अनदेखी के मामले सामने आ रहे है। जिससे लगता है कि यहां पर ना तो सरकार के नियम चलते है और ना ही विभिन्न एक्ट में बने कायदों की यहां पर कोई परवाह है। ताजा मामला फार्मासिस्टों से जुड़ा हुआ है। राजकीय जिला बीडीके अस्पताल के दवा वितरण काउंटर पर फार्मासिस्टों द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड और पहचान संबंधी नियमों का पालन नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई फार्मासिस्ट बिना सफेद एप्रन, नेम प्लेट और पहचान पत्र के मरीजों को दवाइयां वितरित कर रहे हैं। जबकि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजीकृत फार्मासिस्ट के लिए सफेद एप्रन पहनना तथा नाम, पदनाम और पंजीकरण संख्या सहित नेम प्लेट लगाना आवश्यक है। अस्पताल के दवा काउंटर पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज दवा लेने पहुँचते हैं। लेकिन दवा वितरित करने वाले कर्मचारियों की पहचान स्पष्ट नहीं होने से मरीजों को यह पता नहीं चल पाता कि उन्हें दवा कौन दे रहा है। ऐसे में यदि दवा वितरण में कोई त्रुटि होती है या किसी मरीज को जानकारी की आवश्यकता पड़ती है, तो जिम्मेदारी तय करना भी कठिन हो जाता है। अस्पताल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और लैब तकनीशियन निर्धारित ड्रेस कोड और नेम प्लेट के साथ सेवाएं देते हैं। जबकि दवा काउंटर पर तैनात कुछ फार्मासिस्टों के मामले में इन मानकों का पालन नहीं होने के आरोप सामने आए हैं। इससे अस्पताल में नियमों के समान रूप से पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फॉर्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक पंजीकृत फार्मासिस्ट को सफेद कोट या एप्रन पहनना तथा नेम प्लेट पर अपना नाम, पदनाम और रजिस्ट्रेशन नंबर प्रदर्शित करना आवश्यक है, ताकि मरीज को पारदर्शी एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।उल्लेखनीय है कि बीडीके अस्पताल का दवा वितरण काउंटर पहले भी विभिन्न शिकायतों को लेकर चर्चा में रह चुका है। ऐसे में अब ड्रेस कोड और पहचान संबंधी नियमों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं。
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दमोह में रेत माफियाओं के खिलाफ कलेक्टर का सख्त एक्शन, ट्रैक्टर-ट्राली जब्त

Damoh, Madhya Pradesh:रेत माफिया पर शिकंजा कसने की तैयारी, कलेक्टर के निर्देश पर एक्शन में अफसर.. दमोह जिले में बालू यानी रेत माफिया के खिलाफ प्रशासन एक्टिव मोड में आया है और जमीनी स्तर पर अधिकारी कार्यवाहियों को अंजाम रहे है। जिले में एक रेत स्टॉक को जब्त किया है जहां बारिश के दिनों में रेत माफिया स्टाक कर रहा है। इसके अलावा तेजगढ़ में अवैध रूप से परिवहन करते हुए एक ट्रेक्टर ट्राली जब्त हुई है जिसमें रेत भरी हुई है। तहसीलदार ने इसे जब्त करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला भी बनाया है। जिले में कुछ दिनों से बारिश थमी है और ऐसे में बालू माफिया सक्रिय है और जोखिम उठा कर नदियों से रेत निकाल रहा है जिसकी शिकायतों के बाद कलेक्टर ने खनिज और राजस्व विभाग का अधिकारियों को निर्देश जारी किए है।
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बेमेतरा में ग्राम खुडमुड़ी के बाजार चौक पर देशी कट्टा दिखाकर दहशत फैलाने वाले दो गिरफ्तार

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले के ग्राम खुडमुड़ी में बाजार चौक पर देशी कट्टा लहराकर लोगों में दहशत फैलाने वाले दो आरोपियों को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से एक देशी कट्टा जब्त कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने ग्राम खुडमुड़ी के बाजार चौक में घेराबंदी कर 23 वर्षीय तुषार निषाद को देशी कट्से के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि कट्टा उसे प्रतीक वैष्णव उर्फ दद्दू दाउ ने दिया था। इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों के पास हथियार रखने का कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। पुलिस ने देशी कट्टा जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत कार्रवाई की है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि बरामद कट्टा कहां से आया और इसका इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक घटना में तो नहीं हुआ।
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12 दिन में ब्लाइंड मर्डर सुलझा: अंधविश्वास से बुजुर्ग महिला की हत्या, दो गिरफ्तार

Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल पुलिस ने 12 दिन के भीतर एक ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में बुजुर्ग महिला गेंदा बाई यादव की हत्या जादू-टोने के अंधविश्वास के चलते की गई थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को भ्रम था कि महिला उनके परिवार पर जादू-टोना करती है, जिससे उनकी मां बीमार रहती है। इसी अंधविश्वास में उन्होंने सुनियोजित तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गांव के ही अनिल यादव और सुनील यादव को अंधविश्वास था कि गेंदा बाई उनके परिवार पर जादू-टोना करती थीं। आरोपियों का मानना था कि इसी वजह से उनकी मां लंबे समय से बीमार रहती है। इसी भ्रम में दोनों ने हत्या की साजिश रची। घटना वाले दिन एक आरोपी पहले से कुल्हाड़ी लेकर घात लगाए बैठा था और महिला के पहुंचते ही उसके गले पर ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस की सख्त पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और घटना से जुड़ा मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि मौखिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों की संलिप्तता प्रमाणित हुई है। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायालय में पेश किए जा रहे हैं।
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धमतरी नगर निगम ने आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए मासिक नसबंदी अभियान शुरू किया

Dhamtari, Chhattisgarh:आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर नगर निगम, हर महीने 400 से 500 कुत्तों की नसबंदी करेगी धमतरी शहर में आवारा कुत्तों के आतंक से आम लोग परेशान हैं। सबसे ज़्यादा दिक्कत बच्चों, बुज़ुर्गों और राहगीरों को उठानी पड़ रही है। आए दिन कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आने से लोगों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। अब इस समस्या पर लगाम लगाने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है और आवारा कुत्तों की नसबंदी (बधियाकरण) का विशेष अभियान शुरू कर दिया है। धमतरी नगर निगम ने शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती तादाद को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत हर महीने करीब 400 से 500 आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा, ताकि उनकी संख्या को धीरे-धीरे नियंत्रित किया जा सके। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में धमतरी शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ी है। आए दिन लोगों खासकर बच्चों और राह चलते लोगों पर कुत्तों के हमले और काटने की घटनाएं सामने आती रही हैं। बारिश के मौसम में यह परेशानी और भी गंभीर हो जाती है, जब कुत्तों का झुंड कई इलाकों में लोगों के लिए खतरा बन जाता है। इसी स्थिति को देखते हुए शासन और नगर निगम ने स्नेहा डॉग वेलफेयर संस्था के साथ पांच वर्षों का अनुबंध किया है। संस्था की टीम प्रतिमाह 400 से 500 आवारा कुत्तों का बधियाकरण करेगी; नसबंदी के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और पूरी तरह स्वस्थ होने पर उन्हें वापस उसी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। फिलहाल अभियान शुरू हो चुका है। वही अब सबकी निगाह इस बात पर रहेगी कि यह पहल शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को कितनी हद तक कम कर पाती है।
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ग्वालियर पनिहार में विवाद के बाद युवक पर हमला; पैर फ्रैक्चर, गिरफ्तारी की मांग

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर जिले के पनिहार थाना क्षेत्र में एक युवक ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। आरोप है कि पुराने विवाद के चलते उनके साथ दोबारा बेरहमी से मारपीट की गई, जिसमें उनका पैर तीन जगह से फ्रैक्चर हो गया। फिलहाल वे अस्पताल में भर्ती हैं。 पीड़ित करण राज खरे, निवासी ग्राम पंचायत पनिहार, का आरोप है कि रवि खरे, राजेंद्र खरे, दीपेंद्र खरे और विवेक खरे ने पुराने विवाद को लेकर उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की और उनका पैर मोड़कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनका दावा है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल है, जिसमें पूरी घटना देखी जा सकती है。 पीड़ित ने ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पनिहार थाना पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है.
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डीआईजी हर किशोर राय ने 32 एसआई का तबादला कर पारदर्शिता की कोशिश तेज की

Bettiah, Bihar:Anchor बेतिया से बड़ी खबर है चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय ने पाँच वर्ष से अधिक एक ही जिले में पदस्थापित (एसआई) पुलिस अवर निरीक्षकों का तबादला किया है बेतिया मोतिहारी बगहा के 32 पुलिस अवर निरीक्षकों का तबादला हुआ है तीन जिलों में इन 32 पुलिस अवर निरीक्षकों का पाँच से अधिक समय हो गया था. डीआईजी हर किशोर राय ने बेतिया बगहा और मोतिहारी एसपी को निर्देश दिया है कि स्थानांतरण हुए सभी पुलिस अवर निरीक्षकों शीघ्र विरमित करें. बेहतर पुलिसिंग अपराध नियंत्रण पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता को लेकर डीआईजी ने 32 एसआई का तबादला किया है.
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डिप्टी सीएम अस्पताल पहुंचे; मरीजों की सेवा पर दिया स्पष्ट संदेश

JPJai Pal6m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:डिप्टी सीएम के अचानक अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य महकमे में मचा हड़कंप। सुरक्षा प्रोटोकॉल छोड़ सीधे वार्डों और ओपीडी की तरफ बढ़े उपमुख्यमंत्री। अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने खुद जमीन पर उतरे डिप्टी सीएम। अस्पताल परिसर में दिखा उपमुख्यमंत्री का बेहद संवेदनशील रूप। व्हीलचेयर पर बैठी एक बीमार वृद्ध महिला को देख रुके डिप्टी सीएम। उपमुख्यमंत्री ने झुक कर सार्वजनिक रूप से वृद्ध महिला मरीज के पैर छुए। महिला मरीज के पैर छूकर डिप्टी सीएम ने सिर पर हाथ रखवाया, लिया आशीर्वाद। बुजुर्ग महिला का हाथ अपने हाथों में लेकर पूछा— अम्मा, कोई दिक्कत तो नहीं है? डिप्टी सीएम ने महिला से पूछा— डॉक्टर ठीक से देख रहे हैं ना? दवाएं मुफ्त मिलीं या नहीं? अस्पताल में बदइंतजामी और शिकायतों को लेकर डिप्टी सीएम सख्त। उपमुख्यमंत्री के सामने हाथ जोड़कर खड़े रहे चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट। डिप्टी सीएम ने CMS को टोकते हुए कहा— मेरे सामने हाथ जोड़ने की जरूरत नहीं है। अपने ये हाथ जोड़ना बंद करिए और मरीजों की सेवा में अपने हाथ लगाइए। वीआईपी आवभगत के बजाय डॉक्टरों को सिर्फ मरीजों के इलाज पर ध्यान देने की नसीहत।
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केन-बेतवा लिंक सहित सिंचाई परियोजनाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चिता आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर से 80 किलोमीटर दूर कुपी के नजदीक बनाला नदी पर चल रहे केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित अन्य सिंचाई परियोजनाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे चिता आंदोलन में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। आंदोलन के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर को हिरासत में ले लिया गया है। आज सुबह करीब 5 बजे भारी पुलिस बल आंदोलन स्थल पहुंचा। पिछले 14 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे अमित भटनागर को हिरासत में लेकर किसी अज्ञात स्थान पर भर्ती कराया गया, बाकी साथियों को अलग-अलग स्थानों पर छोड़ दिया गया। आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि अमित भटनागर आज 400 करोड़ के भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले थे। इसे आंदोलन को कुचलने की साजिश बताया। दिव्या ने चेतावनी दी है कि अगर अमित भटनागर या किसी आंदोलनकारी को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। वही रात में अमित भटनागर ने आशंका जाहिर की थी कि उनके आंदोलन को कुचला जा सकता है
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सरकारी अस्पताल के संविदा डॉक्टर पर गंभीर आरोप: निजी इलाज के आरोप उठे

Farrukhabad, Uttar Pradesh:क्या मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़? सरकारी अस्पताल के संविदा डॉक्टर पर गंभीर आरोप संविदा डॉक्टर आयुष्मान पर पहले भी गलत ऑपरेशन करने का लग चुका आरोप लोहिया अस्पताल के सीएमएस जगमोहन शर्मा ने कहा कि अगर किसी डॉक्टर ने गलत किया और पैसे की कोई बात आएगी तो उसके खिलाफत और कार्रवाई की जाएगी लोहिया अस्पताल में कोई पैसा नहीं लगता ना ही दवाइयां का और ना ही ऑपरेशन का सरकारी अस्पताल... जहां गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा भरोसा करता है। लेकिन अगर वहीं इलाज के नाम पर लापरवाही हो, मरीजों को निजी अस्पताल भेजने के आरोप लगें और गलत ऑपरेशन की शिकायतें सामने आएं, तो सवाल सिर्फ एक डॉक्टर पर नहीं, पूरे सरकारी स्वास्थ्य तंत्र पर खड़े होते हैं। फर्रुखाबाद के डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल में तैनात एक संविदा चिकित्सक आयुष्मान सिंह पर ऐसे ही गंभीर आरोप लगे हैं। इससे पहले भी इसी अस्पताल में डॉक्टर आयुष्मान सिंह पर कथित गलत ऑपरेशन का मामला सुर्खियों में आ चुका है। अब एक और शिकायत ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल का है। मऊदरवाजा निवासी अतुल कुमार तिवारी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि बंदरों के हमले में पैर टूटने के बाद उनका ऑपरेशन जिला अस्पताल में किया गया, लेकिन कथित रूप से ऑपरेशन गलत हुआ। इसके बाद दोबारा ऑपरेशन के नाम पर करीब 34 हजार रुपये लिए गए, फिर भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। पीड़ित का आरोप है कि संबंधित संविदा चिकित्सक सरकारी अस्पताल से मरीजों को अपने निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाते हैं। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह सरकारी सेवा नियमों के साथ-साथ मरीजों के भरोसे के साथ भी बड़ा खिलवाड़ माना जाएगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पहले भी कथित गलत ऑपरेशन के मामले सामने आ चुके हैं, तो आखिर स्वास्थ्य विभाग ने क्या कार्रवाई की? क्या शिकायतों को नजरअंदाज किया गया? और अगर ऐसा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी؟ जिला अस्पताल गरीबों के इलाज का सबसे बड़ा सहारा माना जाता है। लेकिन अगर सरकारी अस्पताल इलाज का केंद्र बनने के बजाय मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने का माध्यम बन जाए, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। अब जरूरत सिर्फ जांच की नहीं, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी है, ताकि मरीजों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर कायम रह सके। फिलहाल पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
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