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Hardoi - सवायजपुर तहसील में राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर एसडीएम ने बच्चों को दिलाई शपथ
Sawayajpur, Uttar Pradesh:राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर तहसील परिसर में एसडीएम ने बच्चों को मतदान के महत्व की जानकारी दी और सभी को लोकतंत्र को मजबूत बनाने की शपथ दिलाई। बच्चों ने मतदाता जागरूकता के लिए रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को भी मतदान के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान प्रशिक्षु एसडीएम माधव उपाध्याय, नायब तहसीलदार राजेश कुमार, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राघवेंद्र शुक्ला, महामंत्री धर्मेंद्र यादव, अनूप बाजपेई ,अनूप शुक्ला, श्याम सिंह यादव आदि मौजूद रहे।0
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कुरुक्षेत्र के चौकीदारों का शांत नहीं, चंडीगढ़ तक आंदोलन, समान वेतन की मांग
Kurukshetra, Haryana:चौकीदार यूनियन हरियाणा के कुरुक्षेत्र के चौकीदार विभिन्न मांगों को लेकर पैदल रोष मार्च करते हुए पीपली से निकले चंडीगढ़ के लिए, बीच रास्ते में पुलिस ने चौकीदारों को रोका, गाड़ियों में बैठाकर लेकर गए। कुरुक्षेत्र:- चौकीदारी यूनियन हरियाणा के कुरुक्षेत्र के चौकीदार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पैदल रोष मार्च करते हुए चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए थे। लेकिन बीच रास्ते में पीपली से थोड़ा आगे रोका गया और अपनी पुलिस की गाड़ियों में बिठाकर उनको लेकर चले गए। चौकीदार यूनियन के प्रधान बुधराम ने जानकारी देते हुए बताया कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पहले भी कई बार वह रोष प्रदर्शन कर चुके हैं और दो बार पैदल रोष मार्च करने के लिए निकले थे। लेकिन उनको रास्ते में रोक कर आश्वासन दिया गया था कि उनकी जल्द मांगे पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समान काम समान वेतन की एक ही मांग है। लेकिन यह भी अब तक पूरी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि आज वह नहीं रुकेंगे और अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ की तरफ बढ़ते रहेंगे। अगर पुलिस उनको रोकती हैं तो वह गिरफ्तारी दे देंगे लेकिन रुकेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि जो जो जिला आता रहेगा वहां के चौकीदार उनके साथ जुड़ते रहेंगे।0
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श्योपुर में छात्रों का जंतर-मंतर समर्थन, शिक्षा सुधार की मांग पर जोर
Sheopur, Madhya Pradesh:देशभर में चल रहे जंतर-मंतर धरने के समर्थन में श्योपुर में भी छात्रों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्र हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर रैली के रूप में निकले तथा अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अपनी मांगों पर सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और बड़ी संख्या में छात्र इसमें शामिल हुए。0
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मायन क्षेत्र में क्लाउडबर्स्ट से बाढ़ में फँसे ग्रामीणों को भारतीय सेना ने बचाया
Gulmarg, Indian Army Rescues Stranded Villagers After Cloudburst Ravages Mayan, Restores Hope Amid Crisis Mayan, Uri Baramulla In a swift and courageous rescue operation, the Indian Army evacuated several elderly residents and other villagers who were left stranded after a cloudburst triggered flash floods and widespread devastation in the Mayan area. The cloudburst caused the Ghoretal Nala to change its course, resulting in a group of houses in Mukampuiran village becoming completely marooned0
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मण्डला के बिछिया में तेंदुआ घुसा; गांव में दहशत, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला
Mandla, Madhya Pradesh:एंकर मण्डला के बिछिया थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ ग्रामीण के घर में घुस गया। तेंदुए के घर में घुसने की खबर फैलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। मामला बिछिया थाना क्षेत्र के उपरटोला, खटोला गांव का है, जहां परसराम भांडे के घर में तेंदुआ घुस गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तेंदुए को कान्हा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक व रेस्क्यू दल द्वारा निश्चेत कर तेंदुए की जांच पड़ताल की जा रही है। तेंदुए को सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा। बता दें कि खटोला गांव कान्हा टाइगर रिजर्व क्षेत्र से लगा हुआ है, जिसके चलते यहां अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही देखने को मिलती है। फिलहाल वन विभाग की टीम ने तेंदुए का रेस्क्यू कर लिया है0
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कटनी से हैदराबाद तक अवैध भेड़-बकरी तस्करी; पुलिस ने जांच शुरू की
Katni, Madhya Pradesh:कटनी हाईवे से गुजर रहे बकरा-भेड़ से भरे ट्रक, हैदराबाद मंडी तक पहुंच रहे जानवर, अवैध परिवहन कर हो रहे लाखों के कारोबार, प्रशासन की निगरानी पर उठे रहे सवाल कटनी से होकर गुजर रहे बड़े बड़े कंटेनर ट्रक में अवैध तरीके से भर कर ले जा रहे भेड़ बकरी का वीडियो वायरल हो रहा है रीवा और नागोद क्षेत्र से बड़े पैमाने में भेड़ बकरी सहित कई जानवरों को अवैध तस्करी हो रही है बुधवार और रविवार को बड़ी संख्या में ऐसे ट्रक इस मार्ग से गुजरते हैं और हैदराबाद की मंडियों तक पहुंचते हैं। सोशल मीडिया में कटनी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि एक ट्रक कंटेनर में कैसे भेड़ बकरियो को ले जाया जा रहा है इस पूरे मामले में कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा ने जांच कर कार्यवाहीं करने की बात कही है0
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भभुआ में NEET धांधली पर छात्रों का जोरदार प्रदर्शन, पारदर्शी परीक्षा की माँग तेज
Khajuria Khurd, Bihar:पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में छात्रों ने ज्ञापन सौंपा, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उठाई मांग。 भभुआ की सड़कों पर NEET परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों का भी पूरा समर्थन मिला। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर नगर में विरोध मार्च निकाला। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहे。 भभुआ एसडीएम अमित कुमार ने बताया, "छात्र संगठनों द्वारा जुलूस निकालने की विधिवत अनुमति मांगी गई थी। पटेल चौक से एकता चौक तक शांतिपूर्ण जुलूस निकाला गया। छात्रों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा है, जिसे प्राप्त कर लिया गया है। प्रशासन का संदेश है कि कोई भी संगठन या छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा सकता है।" वहीं, भभुआ डीएसपी ओमप्रकाश कुमार ने कहा, "छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनका मुख्य विषय राज्य और केंद्रीय स्तर की परीक्षाओं को समय पर तथा सुचारू रूप से कराना है। उन्होंने एसडीएम महोदय को ज्ञापन सौंपा है, जिसे उचित माध्यम से राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा। कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए हर प्रमुख बिंदु पर पुलिस बल तथा मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।" प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही परीक्षा प्रणालियों में सुधार नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और आगे बढ़ाएंगे。0
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झारखंड में वित्त मंत्री के काफिले की सुरक्षा गाड़ियों की संख्या बढ़ी: सरकार का कदम
Ranchi, Jharkhand:झारखंड के वित्त मंत्री ने अपने सुरक्षा की स्कॉट गाड़ियों को और सुरक्षा कर्मियों को वापस कर दिया था, इसकी वजह अपर्याप्त वाहन की संख्या बताया गया था और इसको लेकर वित्त मंत्री की नाराजगी भी देखने को मिली थी अब वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर के काफिले की गाड़ियां बढ़ाई दी गई है। काफिले में तीन स्कॉट की गाड़ियां चलेगी। डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देश के बाद गाड़ी बढ़ाने का गाड़ी बढ़ाने का आदेश निर्गत किया । इसको लेकर वित्त मंत्री ने कहा , जो विषय मैंने उठाया था अब वो समाप्त हो चुका है।इस पर टिप्पणी उचित नहीं है। सिर्फ झारखंड की जनता ही नहीं देश की जनता चाहती है संविधान के तहत मिले अधिकार उन्हें समय पर प्राप्त हो और सुगमता से प्राप्त हो। मैंने उसी को उठाया है कोई जन प्रतिनिधि अधिकारी को पत्र लिखते हैं तो उसका उत्तर देना चाहिए, ये संसदीय संस्कृति है। बाइट ...राधा कृष्ण किशोर, वित्त मंत्री वहीं इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने कहा, ये पूरा कांग्रेस की नौटंकी था जो दो महीने तक चला दो व्यक्तियों की लड़ाई सड़क पर आई। कांग्रेस और मंत्री को सोचना चाहिए, एक गाड़ी के लिए आप लगातार इस तरह का राज्य में वातावरण बनाना दुर्भाग्यपूर्ण था। कांग्रेस का चरित्र रहा है, जहां भी जाएगी इसी तरह का वातावरण बना कर अपना काम निकालती है। ये वित्त मंत्री के लिए शोभनीय नहीं था। बाइट ...दीनदयाल वर्णवाल, प्रदेश प्रवक्ता, बीजेपी, झारखंड0
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फर्रुखाबाद के निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान माता-नवजात मौत, जांच तेज
Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद अरुण सिंह प्रसव बना मौत का सफर? हेडलाइन: प्राइवेट अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत... स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल घर में खुशियां थी 9 महीने तक पेट में बच्चों को पालने की खुशी ना तो मां ने देखी और ना ही उसे नवजात में अपनी मां को चर्चा में रहती हैं डॉक्टर दिव्या राठौर पिस्टल के साथ सोशल मीडिया पर फोटो हुई थी वायरस ऑपरेशन की भी कई वीडियो सोशल मीडिया पर लाइव चलती हैं डॉक्टर दिव्या राठौर एक हफ्ते पहले ही जननी सुरक्षा में फर्रुखाबाद की रैंकिंग दो थी और इस तरीके की घटनाएं उसे रैंकिंग पर भी सवाल खड़े करती हैं फर्रुखाबाद में एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस अस्पताल में एक परिवार नई ज़िंदगी की उम्मीद लेकर पहुंचा था, वहीं से दो अर्थियां निकली। प्रसव के दौरान एक 22 वर्षीय महिला और उसके नवजात की मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। सवाल सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, बल्कि उस सरकारी व्यवस्था का भी है, जिसकी जिम्मेदारी निजी अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मामला कादरी गेट थाना क्षेत्र के आवास विकास स्थित द मदर केयर हॉस्पिटल का है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के नवादा गांव निवासी 22 वर्षीय शिवानी उर्फ गोल्डी, पत्नी अभिषेक, को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार शाम करीब 5 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि बुधवार तड़के करीब 4 बजे प्रसव के दौरान पहले नवजात और फिर मां की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, शिवानी की शादी महज एक वर्ष पहले 15 अप्रैल 2025 को हुई थी। परिवार घर में नए मेहमान के स्वागत की तैयारी कर रहा था, लेकिन कुछ ही घंटों में खुशियां मातम में बदल गईं। अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों ने इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। यह घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि जिले में संचालित निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है। आखिर क्या अस्पताल में प्रसव के दौरान सभी आवश्यक विशेषज्ञ, आपातकालीन सुविधाएं और जीवनरक्षक व्यवस्थाएं मौजूद थीं? यदि स्थिति गंभीर थी तो समय रहते उच्च केंद्र के लिए रेफर क्यों नहीं किया गया? इन सवालों के जवाब अब जांच के दायरे में हैं। सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर भी है। जिन निजी अस्पतालों को इलाज की अनुमति दी जाती है, उनकी नियमित जांच, संसाधनों का सत्यापन और मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि कहीं लापरवाही हुई है, तो उसकी जवाबदेही केवल अस्पताल प्रबंधन ही नहीं, बल्कि निगरानी करने वाले तंत्र की भी तय होनी चाहिए। एक तरफ सरकार सुरक्षित मातृत्व और मातृ मृत्यु दर कम करने के बड़े-बड़े दावे करती है, तो दूसरी तरफ ऐसे मामले उन दावों की हकीकत सामने ला देते हैं। एक मां और नवजात की मौत आखिर किसकी जिम्मेदारी है—अस्पताल की, डॉक्टरों की या निगरानी करने वाले सिस्टम की? यह सवाल तब तक बना रहेगा, जब तक निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अस्पताल के रिकॉर्ड की पड़ताल की मांग उठ रही है। यदि इलाज में लापरवाही सिद्ध होती है, तो यह केवल एक परिवार के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए चेतावनी होगी।0
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छपरा जंक्शन पार्किंग में ₹30 वसूली पर यात्रियों का गुस्सा, रेलवे नियमों की पोल
Chapra, Bihar:छपरा जंक्शन पर पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, तय शुल्क की जगह ₹30 वसूलने से यात्रियों में नाराजगी पूर्वोत्तर रेलवे के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल छपरा जंक्शन पर वाहन पार्किंग को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। पार्किंग संचालन कर रही एजेंसी शिव शक्ति ट्रेडिंग के कर्मचारियों पर रेलवे द्वारा निर्धारित शुल्क की अनदेखी कर मनमाने तरीके से वसूली करने का आरोप लग रहा है। यात्रियों का कहना है कि नियमों के विपरीत हर दोपहिया वाहन से सीधे ₹30 लिए जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।0
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जम्मू-कश्मीर में भारी बरसात से राजमार्ग बंद, चेनाब नदी अलर्ट जारी
Jammu, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार तीसरे दिन भी बंद है। भारी बारिश और कई स्थानों पर हुए भूस्खलन के कारण जम्मू से श्रीनगर, डोडा और किश्तवाड़ जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। पिछले छह दिनों से जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बारिश, बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं में पिछले चार दिनों के दौरान 31 लोगों की मौत हो चुकी है। चेनाब नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी अलर्ट लेवल के करीब बह रही है। सलाल डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं ताकि अतिरिक्त पानी निकासी की जा सके। लगातार खराब मौसम के चलते श्री अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा भी पिछले छह दिनों से स्थगित हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने को कहा है और यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी व राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति की जानकारी लेने को कहा है। SDRF alert करता है कि लोग दरिया से दूर रहें, और राज्य के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पिछले पांच दिन से श्री माता वैष्णो देवी यात्रा और श्री अमरनाथ यात्रा रोकी गई हैं; सबसे ज्यादा नुकसान राजौरी और पुंछ के लोगों को हुआ है; इस कारण जम्मू कश्मीर हाईवे प्रभावित है; आने वाले 24 घंटों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में है।0
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आबकारी विभाग की बकाया वसूली पर सख्ती, 2 माह में सिर्फ 33 करोड़ वसूल
Jaipur, Rajasthan:ऊंट के मुंह में जीरा 'वसूली'!\n- बकाया को लेकर आबकारी विभाग होगा सख्त, निरंतर प्रयासों के बाद भी बकाया वसूली कम\n- 2280 करोड़ का राजस्व है बकाया, विभाग 2 माह में महज 33 करोड़ ही वसूल सका\n\nजयपुर।\nआबकारी विभाग को पिछले 5 वर्षों में राजस्व में घाटा हुआ है। विभाग का राजस्व नुकसान और बकाया राशि 2200 करोड़ रुपए से अधिक जा पहुंची है। विभाग ने बकाया वसूली के लिए अभियान भी शुरू किया है, लेकिन 2 माह में बकाया वसूली ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई है। लेकिन अब आबकारी आयुक्त ने इसमें सख्ती के आदेश दिए हैं। दरअसल आबकारी नीति की अस्थिरता, कोविड इफेक्ट और कई अन्य कारणों से आबकारी विभाग के लिए वित्त वर्ष 2021-22 से लेकर 2023-24 तक बहुत अच्छे नहीं रहे थे। इन 3 वर्षों में आबकारी विभाग का बकाया राजस्व लगातार बढ़ा है। वर्तमान में आबकारी विभाग की कुल बकाया राशि 2279.60 करोड़ रुपए है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कार्यभार संभालते ही इस बकाया राशि को वसूल करने की दिशा में सार्थक प्रयास किए हैं। आबकारी आयुक्त ने सभी जिला आबकारी अधिकारियों को बकाया राशि वसूल करने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया था। प्रदेशभर के 35 DEO के लिए 514.27 करोड़ बकाया वसूली का लक्ष्य आवंटित किया था। बड़ी बात यह है कि 20 जुलाई तक इस बकाया 514 करोड़ में से महज 32.71 करोड़ की राशि ही वसूल की जा सकी है। विभाग ने आवंटित लक्ष्य का मात्र 6.36 प्रतिशत राजस्व ही प्राप्त किया है। बकाया वसूली में पीछे रहने वाले जिलों में झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, करौली और धौलपुर आदि जिला आबकारी कार्यालय है। प्रतापगढ़ में तो मात्र 1 लाख रुपए की राशि ही वसूल की गई है। करौली में सवा 2 लाख रुपए, झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़ और धौलपुर में मात्र 3-3 लाख रुपए की राशि वसूल की जा सकी है।\n\nbकाया वसूली में पिछड़ रहा आबकारी विभाग\n- कोटा DEO पर 168.91 करोड़ बकाया, वसूली 6.48 करोड़\n- जोधपुर DEO की 168.10 करोड़ महज 2.53 करोड़ बकाया वसूली\n- जयपुर शहर DEO की 166.28 करोड़ बकाया, वसूली 7.26 करोड़\n- अलवर DEO की 160.33 करोड़ राशि बकाया, वसूली 31 लाख रुपए\n- झालावाड़ DEO की 154.02 करोड़ बकाया, वसूली मात्र 17 लाख रुपए\n- सीकर DEO की 97.80 करोड़ राशि बकाया, वसूली 1.62 करोड़\n- भरतपुर DEO की 96.04 करोड़ राशि बकाया, मात्र 20 लाख वसूली\n- बीकानेर DEO की 92.64 करोड़ बकाया, वसूली मात्र 21 लाख रुपए\n- श्रीगंगानगर DEO की 91.81 करोड़ राशि बकाया, वसूली 67 लाख\n- नागौर DEO की 87.64 करोड़ बकाया, वसूली गई राशि 15 लाख रुपए\n- जयपुर ग्रामीण की 73.86 करोड़ राशि बकाया, 1.48 करोड़ वसूली\n\nजयपुर शहर दूसरे स्थान पर \nbकाया राशि वसूल करने में अब तक अजमेर जिला सबसे आगे है। अजमेर ने दिए हुए लक्ष्य की 27 प्रतिशत से अधिक राशि वसूल कर ली है। इस मामले में जयपुर शहर दूसरे स्थान पर है। जयपुर शहर ने 20 फीसदी से अधिक राशि वसूल की है। जबकि कोटा जिला आबकारी कार्यालय करीब 18 फीसदी वसूली के साथ तीसरे नम्बर पर है।\n\nआबकारी विभाग करेगा नीलामी\n- सभी DEO को बकायादारों से व्यक्तिश: मिलने, सख्ती करने के निर्देश\n- बकायादारों की चल-अचल सम्पत्तियों को कुर्क-नीलाम करने के निर्देश दिए\n- राजस्व आसूचना निदेशालय से बकायादारों की सम्पत्ति, वाहन की जानकारी ली गई\n- बकायादारों की सम्पत्ति नीलामी करने के निर्देश\n- राजस्व विभाग, परिवहन विभाग, स्थानीय निकायों से सम्पत्तियाें की जानकारी लें\n- कुर्क की गई सम्पत्तियों की नीलामी तारीख से पूर्व प्रचार-प्रसार करें, फिर नीलामी करें\n\nराशि नहीं वसूली तो अफसरों पर होगी कार्रवाई \nबकाया वसूली में लापरवाही बरतने वाले सम्बंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। ऐसे कार्मिकों के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव भेजने की जिम्मेदारी अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन की रहेगी। कुलमिलाकर आयुक्त नमित मेहता ने साफ कहा है कि या तो विभागीय अधिकारी राजस्व वसूली सुनिश्चित करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।0
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जोन-12 के अवैध विलाज पर DIG की चेतावनी के बावजूद JDA चूक रहा
Noida, Uttar Pradesh:जयपुर किस की मेहरबानी हो से हो रहा जोन - 12 में अवैध विलाज का निर्माण ? आखिर क्यों नहीं हो रही अवैध रूप बने विलाज पर JDA की कार्यवाही ? प्रवर्तन अधिकारी की नाक के निचे कैसे हो रहा अवैध निर्माण। जबकि DIG आनंद शर्मा ने अवैध निर्माण पर कार्यवाही की दे रखी सख्त हिदायत। DIG शर्मा के निर्देश के बाद भी क्यों नहीं ध्वस्त हो रहा अवैध निर्माण। आए दिन JDA कर रहा अवैध निर्माण को सील। फिर जोन -12 बालाजी विहार के अवैध विलाज पर ईओ क्यों मेहरबान। समय पर प्रवर्तन शाखा की कार्यवाही नहीं होने से बढ़ रहे अवैध निर्माण।0
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हांसी में सीवेज ओवरफ्लो से जनजीवन अस्त-व्यस्त, आंदोलन की चेतावनी
Hansi, Haryana:हांसी बाइट : सीवरेज की सफाई नहीं होने से रेलवे स्टेशन रोड, जिला उपायुक्त मार्ग एवं न्यू सुभाष कॉलोनी समेत कई इलाकों में सीवरेज ओवरफ्लो बदबू के कारण आसपास के लोगों का रहना मुश्किल, बीमारियां फैलने की आशंका हांसी शहर में सीवरेज की सफाई नहीं होने से आमजन परेशान हैं। शहर के कई क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो होकर गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला बनने के बाद विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद थी, लेकिन आठ महीने बीतने के बावजूद सीवरेज की समस्या और गंभीर हो गई है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, लेकिन अब बिना बारिश के भी गंदा पानी सड़कों पर जमा रहने लगा है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। न्यू सुभाष कॉलोनी निवासी अनिल ने बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले करीब दो वर्षों से सीवरेज जाम और गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कई बार जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। प्रदीप का कहना है कि सीवर का गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता रहता है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। बदबू और गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कॉलोनीवासी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय निवासी बलवान सिंह ने बताया कि पिछले करीब दो वर्षों से सीवरेज जाम की समस्या से लोग लगातार परेशान हैं। कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन आज तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव_tyagi ने कहा कि सीवरेज की समस्या के समाधान के लिए विभाग की टीम लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। लेकिन स्थाई समाधान कब होगा, यह सुनिश्चित नहीं किया गया है। जल्द ठीक करवाने की रटी रटाई बात जरूर अधिकारी करते हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि शहर के सीवरेज की नियमित सफाई कराई जाए और ओवरफ्लो की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। जमीनी स्तर पर समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। ऐसे में लोगों की नजर अब इस बात पर है कि विभाग का यह आश्वासन कब तक हकीकत में बदलता है。0
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तखतगढ़ में 11 केवी लाइन से करंट, छह भैंसों की दर्दनाक मौत
Pali, Rajasthan:सुमेरपुर,पाली इन्फॉर्मर - अरविंद जोशी 77377 34452, जिला रिपोर्टर - संदीप राठौड़ 9509822229 11 केवी बिजली लाइन का करंट बना काल, तखतगढ़ के बसंत गांव में 6 भैंसों की दर्दनाक मौत तखतगढ़ उपतहसील के बसंत गांव में बारिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया। नदी तट स्थित गौशाला के निकट गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन से करंट फैलने के कारण छह भैंसों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार विद्युत पोल के इंसुलेटर में खराबी आने से करंट जमीन तक फैल गया और स्पार्किंग के बीच चर रही भैंसें उसकी चपेट में आ गईं। सूचना मिलते ही कोसेलाव चौकी प्रभारी गोपाल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कोसेलाव और चाणौद से पशु चिकित्सकों की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लाइनमैन को सूचना देने के बावजूद फोन नहीं उठाया गया, जिससे करीब 15 मिनट तक लाइन में करंट प्रवाहित होता रहा और यह बड़ा हादसा हो गया।0
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बकाया वसूली में आबकारी विभाग ने सख्ती बढ़ाई, 514 करोड़ का लक्ष्य अब भी अधूरा
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर हैडर- - ऊंट के मुंह में जीरा 'वसूली'! - बकाया को लेकर आबकारी विभाग होगा सख्त - निरंतर प्रयासों के बाद भी बकाया वसूली कम - 2280 करोड़ का राजस्व है बकाया - विभाग 2 माह में महज 33 करोड़ ही वसूल सका - आयुक्त बोले, अब सख्ती से वसूलेंगे राशि आंकर आबकारी विभाग को पिछले 5 वर्षों में राजस्व में घाटा हुआ है। विभाग का राजस्व नुकसान और बकाया राशि 2200 करोड़ रुपए से अधिक जा पहुंची है। विभाग ने बकाया वसूली के लिए अभियान भी शुरू किया है, लेकिन 2 माह में बकाया वसूली ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई है। लेकिन अब आबकारी आयुक्त ने इसमें सख्ती के आदेश दिए हैं। यह रिपोर्ट देखें- बकाया राजस्व वर्तमान में 2279.60 करोड़ रुपए है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने विभाग के 35 DEO के लिए 514.27 करोड़ बकाया वसूली का लक्ष्य आवंटित किया था, पर 20 जुलाई तक 32.71 करोड़ वसूल पाए गए, 6.36% लक्ष्य प्राप्त। पीछे रहने वाले जिलों में झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, करौली और धौलपुर आदि हैं। प्रतापगढ़ में 1 लाख रुपए की राशि ही वसूल की गई है। करौली में सवा 2 लाख रुपए, झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़ और धौलपुर में मात्र 3-3 लाख रुपए की राशि वसूल की जा सकी है। बकाया वसूली में पीछे रहने वाला जिला- कोटा DEO पर 168.91 करोड़ बकाया, वसूली 6.48 करोड़; जोधपुर DEO 168.10 करोड़, वसूली 2.53 करोड़; जयपुर शहर DEO 166.28 करोड़, वसूली 7.26 करोड़; अलवर DEO 160.33 करोड़, वसूली 31 लाख; झालावाड़ DEO 154.02 करोड़, वसूली 17 लाख; सीकर DEO 97.80 करोड़, वसूली 1.62 करोड़; भरतपुर DEO 96.04 करोड़, वसूली 20 लाख; बीकानेर DEO 92.64 करोड़, वसूली 21 लाख; श्रीगंगानगर DEO 91.81 करोड़, वसूल 67 लाख; नागौर DEO 87.64 करोड़, वसूली 15 लाख; जयपुर ग्रामीण 73.86 करोड़, वसूली 1.48 करोड़। बाइट- नमित मेहता, आयुक्त, आबकारी विभाग बकाया राशि वसूल करने में अजमेर जिला सबसे आगे है। अजमेर ने दिए हुए लक्ष्य की 27 प्रतिशत से अधिक राशि वसूल कर ली है। इस मामले में जयपुर शहर दूसरे स्थान पर है। जयपुर शहर ने 20 फीसदी से अधिक राशि वसूल की है। जबकि कोटा जिला आबकारी कार्यालय करीब 18 फीसदी वसूली के साथ तीसरे नम्बर पर है। आबकारी विभाग करेगा नीलामी - सभी DEO को बकायादारों से व्यक्तिश: मिलने, सख्ती करने के निर्देश - बकायादारों की चल-अचल सम्पत्तियों को कुर्क-नीलाम करने के निर्देश दिए - राजस्व असूचना निदेशालय से बकायादारों की सम्पत्ति, वाहन की जानकारी ली गई - बकायादारों की सम्पत्ति नीलामी करने के निर्देश - राजस्व विभाग, परिवहन विभाग, स्थानीय निकायों से सम्पत्तियाें की जानकारी लें - कुर्क की गई परिसंपत्तियों की नीलामी तारीख से पूर्व प्रचार-प्रसार करें, फिर नीलामी करें बाइट- नमित मेहता, आयुक्त, आबकारी विभाग वॉट- 3 बकाया वसूली में लापरवाही बरतने वाले सम्बंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। ऐसे कार्मिकों के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव भेजने की जिम्मेदारी अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन की रहेगी। कुलमिलाकर आयुक्त ने साफ कहा है कि या तो विभागीय अधिकारी राजस्व वसूली सुनिश्चित करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।0
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