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Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow29 Jan 2025, 05:05 pm

हरदोईः शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर हुई मारपीट में दो महिलाओं सहित पांच पर केस दर्ज

Shahabad, Uttar Pradesh:

शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में अलग-अलग हुई घटनाओं में गाली गलौज कर जान से मार डालने की धमकी देने वाले आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कस्बे के मोहल्ला नेकोजई आसरा कालोनी निवासी पिंकी गुप्ता पत्नी सतीश गुप्ता के अनुसार वह नीचे कालोनी में रहती है ।उसके ऊपर तीसरी मंजिल पर रहने वाली शबाना पत्नी बहादुर कुरैशी जीने में कूड़ा फैलाती है। 27 जनवरी की शाम को उसने कूड़ा फैलाने से मना किया तो विपक्षी ने अपने देवर बब्बू कुरैशी और लल्ला उर्फ घसीटे शाह निवासी मोहल्ला नेकोजई को बुलाकर उसे गाली गलौज किया। कालोनी वालों के बीच में आने पर आरोपियों ने उसे जान से मार डालने की धमकी दी और चले गए। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पेढवा निवासी पवन मिश्रा पुत्र रमाकांत मिश्रा गांव के दंपति पर मारपीट का आरोप लगाया।

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हैदराबाद से मुरादाबाद: निकाह की साज़िश के बाद हत्या का खुलासा

Moradabad, Uttar Pradesh:विजुअल में थाना, मृतक का फ़ाइल फोटो, एफआईआर कॉपी, आरोपियों के फोटो... इसमें पहले जेल में बंद वाले का फोटो है और बाद है दूसरे जो फरार आरोपी है उसका फोटो है, एसपी सिटी विजुअल,दूसरे आरोपी हिस्ट्रीशिटर पर दर्ज मुकदमो की लिस्ट। बाइट में एसपी सिटी की बाइट है। Story Details... हैदराबाद में रहकर लॉ की पढ़ाई करने वाली मुरादाबाद की एक युवती के अपहरण के बाद हुई हत्या के मामले ने सनसनी फैला दी है, अपहरण करने वाला भी कोई और नहीं बल्कि वही व्यक्ति है जिससे उससे बिना किसी कों बताये अप्रैल माह में अजमेर जाकर निकाह किया और मौत भी ऐसी दी जिससे सुन रुहु कांप जाए, आरोपी गुलफाम ने कुछ समय पहले युवती से निकाह किया क्योंकि युवती हैदराबाद में रहती थी तो परिवार कों भी नहीं बताया था, बीती 29 जून कों जब वो वापस मुरादाबाद आने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची तो उसके बाद उसका नंबर बंद हो गया, टैक्सी करके वो मुरादाबाद आयी लेकिन रास्ते में ही टैक्सी से उतरकर वो आरोपी अपने शौकर गुलफाम के साथ कार में बैठ गयी.... लेकिन उसको ये नहीं पता था की गुलफाम ने उसकी मौत की साजिश रच रखी है, बस फिर क्या था आरोपी गुलफाम ने मृतका अदिला कों कार में बैठाकर दिल्ली लखनऊ नेशनल हाईवे पर कार के अंदर ही कनपटी से तमंचा सटाकर गोली मार दी। आरोपी ने शव कों गाड़ी में ही डालकर रखा और सीधे उस शव कों लेकर उत्तराखंड पहुंच गया जहां शव कों रुड़की की एक नहर में फेंक कर कार से वापस मुरादाबाद आया और उस गाड़ी कों घर में खड़ी करके रामपुर कोर्ट में पूर्व के किसी मामले में सरेंडर कर दिया। चौकाने वाली बात ये है की जिस थार गाड़ी में इस पूरी वारदात कों अंजाम दिया गया ये गाड़ी भी मृतका अदिला ने ही आरोपी गुलफाम कों गिफ्ट की थी। बेटा के अचानक गायब होने पर जब घबराये परिजनों ने ढूढ़ना शुरू किया और थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई, जिसके बाद घर में अदिला के गुलफाम से निकाह की रसीद परिजनों के हाथ लगी जिसपर ऊपर अजमेर शरीफ में निकाह होने की पुष्टि थी और पीछे दोनों कों फोटो लगे थे। जानकारी करने पर परिजनों ने आरोपी गुलफाम और उसके हिस्ट्रीशिटर भाई कुर्बान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और जाँच में जुटी तो पता चला की आरोपी तो घटना के बाद कोर्ट में जाकर किसी पुराने मामले में नजदीकी जनपद में सरेंडर कर चूका है, कोर्ट से परमिशन लेने के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो आरोपी गुलफाम ने अपना पूरा जुर्म कबूल करते हुए घटना कों स्वीकार कर लिया। फिलहाल पुलिस कोर्ट से आरोपी गुलफाम की रिमांड और पीसीआर के लिए आवेदन कर चुकी है और जल्द ही पीसीआर में लेकर उससे घटना के सम्बंध में अन्य जानकारी जैसे घटना कहा कैसे और किस वजह से करके शव कों कहाँ फेंका गया उसकी शिनाख्त करेगी फिलहाल घटना का मुख्य आरोपी गुलफाम की पुलिस कों जानकारी हो चुकी है लेकिन मुकदमे में नामजद दूसरे आरोपी गुलफाम के भाई और हिस्ट्रीश्टर कुर्बान के खिलाफ पुलिस जाँच ने जुटी है की क्या उसका भी इस घटना में कोई हाथ तो नहीं। VO :- घटना के सम्बंध जानकारी देते हुए एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह का कहना है की 8 जुलाई कों एक गुमशुदगी थाना कटघर पर दर्ज हुई थी आवेदिका का कहना था की उनकी पुत्री जो हैदराबाद में रहती रहीं आती जाती थी यहाँ पर वह बहुत दिनों से गुमशुदा है जिसपर हमने तत्काल गुमशुदगी दर्ज करके खोजबीन शुरू की, इसी बीच 17 तारीख कों आकर उन्होंने ये बात बताई की गुलफाम और कुर्बान नमक 2 भाई है उनके ऊपर उन्होंने बेटी के अपहरण की आशंका जताई जिसके बाद हमने इस एंगल से केस में जाँच शुरू की, जाँच में सामने आया की जो गुलफाम नमक व्यक्ति है वो 1 जुलाई से रामपुर जेल में अनिरुद्ध है, किसी पुराने केस में रामपुर में हाजिर हुआ था और वहां से ही फिर वो जेल भेजा गया, एसपी सिटी का कहना है की हमने जब नियमानुसार परमिशन लेकर उससे पूछताछ की तो उसने ऐसी बात कों स्वीकार किया की आवेदिका की लड़की की हत्या उसने 29 जून कों कर दी है और उसका उसने डिस्पोजल भी कर दिया, इसमें बाद हमने उसके बयान के आधार पर धाराएं बदली और अब उसका रिमांड स्वीकृत कराएंगे, उसका पीसीआर के लिए हमने अपील की है पीसीआर मिलने के बाद इस घटना की जो पूरी कड़ी है वो स्टेब्लिश की जायेगी की वो कहाँ से उसको मिला और कहाँ लेजाकर क्या किया कैसे किया और घटना की जितनी भी बाते है हम उसके बाद घटना की बाकी चीजे रिकवर करेंगे। घटना में इस्तेमाल थार गाड़ी कों लेकर एसपी सिटी का कहना है की ये बात सामने आयी है की उसके पास एक थार जीप है और इस थार जीप में ही उसने ये अपराध किया और उसके बाद उसने उत्तराखंड के किसी नहर में फेंकना बताया है, अभी पीसीआर में जब हम उसको लेंगे तो ये सारी चीजे उसमे क्लियर हो जाएंगी। आरोपी और मृतका के पति पत्नी के होने के दावे कों लेकर एसपी सिटी का कहना है की ऐसी बाते सामने आयीं है की पूर्व में इसने मृतका से निकाह भी किया, वहीँ शव कों लेकर एसपी सिटी का कहना है की जब तक हम इनको लेकर मौके पर नहीं जायेंगे इनके द्वारा जहाँ शव कों फेंकना बताया गया तब तक ये सारी बाते बतानी क्लियर नहीं है तो अभी कहना ठीक नहीं होगा जब हम वहां से रिकवर करेंगे और देखने के बाद ही कुछ बता पाएंगे, अभी इसने मौत की पुष्टि की है और इसी के आधार पर हम अग्रिम कार्यवाही करेंगे। BITE :- कुमार रणविजय सिंह, एसपी सिटी मुरादाबाद।
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लखीसराय के निबंधन कार्यालय में आग, शॉर्ट सर्किट से भारी नुकसान

Lakhisarai, Bihar:जिला मुख्यालय स्थित निबंधन कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अवर निबंधन पदाधिकारी के कक्ष में अचानक आग लग गई। शुरूआती जांच में आग लगने की वजह एसी में हुआ शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। घटना टाउन थाना से महज 20 मीटर की दूरी पर हुई, जिससे आसपास मौजूद लोगों और कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, दोपहर के भोजनावकाश के दौरान अवर निबंधन पदाधिकारी विशाल कुमार अपने आवास पर गए हुए थे। इसी बीच उनके कार्यालय कक्ष से धुआं और आग की लपटें उठती देख कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को संभालने का प्रयास किया। कार्यालय कर्मियों ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश शुरू की और इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। आग पर शुरुआती स्तर पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, जिसके बाद मौके पर पहुंची अग्निशमन सेवा की टीम ने पानी का छिड़काव कर पूरी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। इस हादसे में कार्यालय में रखी अलमारी, सोफा, कुर्सियां, टेबल सहित अन्य फर्नीचर और कार्यालय का सामान जलकर नष्ट हो गया। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और लाखों रुपये की संपत्ति के क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि कार्यालय के महत्वपूर्ण अभिलेख सुरक्षित बच गए। कुछ दस्तावेजों को हल्का नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार इससे निबंधन कार्य पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।
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पूरनपुर में सरकारी आवास के लिए तिरपाल गिराने का मामला, जांच में निकला फर्जी।

FKFirasat KhanFollow2m ago
Gulria M.Khata, Uttar Pradesh:पूरनपुर, खानका नगर के वार्ड 13 निवासी जीशन के मामले में तहसील प्रशासन की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जीशन के पास पहले से पक्का मकान है और वह सपरिवार उसी में रहते हैं। आरोप है कि सरकारी आवास योजना का लाभ लेने के लिए उन्होंने घर के आहाते में एक अस्थाई तिरपाल लगा रखा था,स्थानीय लोगों और राजस्व टीम की जांच में सामने आया कि बरसात के मौसम में जानबूझकर उस तिरपाल को गिरा दिया गया। उद्देश्य यह था कि इसे प्राकृतिक क्षति दिखाकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक सहायता ली जा सके।मामले की जांच तहसील के कर्मचारी और अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर की। जांच रिपोर्ट में इस घटना को कुत्सित बताया गया है।राजस्व अधिकारियों के अनुसार शासनादेश में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी लाभार्थी के पहले से बने मकान को कुल निर्मित कीमत का 15 प्रतिशत से कम नुकसान हुआ है, तो उसे आर्थिक सहायता देय नहीं होगी। इस प्रकरण में नुकसान की सीमा भी तय मानक से काफी कम पाई गई।सूत्रों के अनुसार मामले में अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए लेखपाल के खिलाफ भी शिकायत की गई है। प्रशासन का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और फर्जी तरीके से सरकारी योजना का लाभ लेने वालों पर सख्ती बरती जाएगी।फिलहाल तहसील प्रशासन ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
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पटना के रियल एस्टेट में Alkizen Engicon का सुधा एन्क्लेव 2027 तक लॉन्च

Patna, Bihar:Patna राजधानी पटना में रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बदल रहा है। अब लोगों की उम्मीदें सिर्फ घर खरीदने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक सुविधाओं और बेहतर लाइफस्टाइल की भी तलाश कर रहे हैं। इसी सोच के साथ Alkizen Engicon पटना में कई आवासीय परियोजनाओं पर काम कर रही है। साल 2021 में शुरू हुई Alkizen Engicon ने कम समय में रियल एस्टेट के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। कंपनी का दावा है कि समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने और ग्राहकों का भरोसा जीतने की वजह से उसे लगातार सफलता मिली है। अब तक कई परिवारों को उनकी प्रॉपर्टी समय पर हैंडओवर की जा चुकी है। कंपनी अब अपने नए प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है। वर्ष 2027 में सुधा एन्क्लेव प्रोजेक्ट लॉन्च करने की तैयारी है। कंपनी का लक्ष्य है कि पटना के लोगों को भी वही आधुनिक सुविधाएं मिलें, जो देश के बड़े शहरों और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में देखने को मिलती हैं। प्रोजेक्ट्स में सिर्फ मकान ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर, छठ घाट, प्ले स्कूल, बच्चों के लिए पार्क, 20 फीट चौड़ी सड़कें और पूरे परिसर में विकसित ग्रीन बेल्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि लोगों को एक सुरक्षित और बेहतर आवासीय वातावरण मिल सके। कंपनी के सीएमडी साकेत रंजन का कहना है कि ग्राहकों का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। यही वजह है कि कंपनी हर प्रोजेक्ट में गुणवत्ता और समयबद्ध डिलीवरी को प्राथमिकता देती है। उनका कहना है कि आने वाले समय में भी पटना में आधुनिक और विश्वस्तरीय आवासीय परियोजनाओं को विकसित करने का काम जारी रहेगा। रियल एस्टेट बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Alkizen Engicon आधुनिक सुविधाओं और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने के दावे के साथ अपनी पहचान मजबूत करने में जुटी है। अब देखना होगा कि 2027 में प्रस्तावित सुधा एन्क्लेव प्रोजेक्ट पटना के रियल एस्टेट सेक्टर में कितना नया बदलाव लेकर आता है।
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कानपुर देहात के निजी अस्पताल में इंजेक्शन से युवक मौत, लापरवाही के आरोप

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:कानपुर देहात में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गलत इंजेक्शन लगाने से मौत होने का दावा किया है। मामले को लेकर करीब 50 ग्रामीण और परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला रूरा थाना क्षेत्र के मल्लाहन पुरवा गांव का है। मृतक पुतई को 23 जुलाई की रात शरीर में दर्द की शिकायत होने पर अकबरपुर Road स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और स्टाफ के एक युवक ने इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि पहला इंजेक्शन सही तरीके से नहीं लगने पर तुरंत दूसरा इंजेक्शन लगाया गया, जिसके करीब 20 मिनट बाद पुतई की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल कर्मी कहते रहे कि मरीज सो रहा है और उसे जगाया न जाए, जबकि उसकी मौत हो चुकी थी। यही नहीं, आरोप है कि रात में पुलिस बिना परिजनों को पूरी जानकारी दिए शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गई। मृतक मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। परिवार का कहना है कि अब उनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां रूरा थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने उन्हें समझाकर निष्पक्ष जांच और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। उधर, मृतक के भाई ने थाना रूरा में तहरीर देकर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना के बाद निजी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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मीरजापुर में किन्नर शव केस: सोनू गिरफ्तार, 24 घंटे में खुलासा

Ukhdand, Uttar Pradesh:मीरजापुर पुलिस ने पड़री थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास मिले किन्नर के शव मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा किया। पुलिस ने आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ऑटो भी बरामद किया है। मृतका वाराणसी में रहती थी। पड़री थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सोनू विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मृतक के साथ रह रहा था, लेकिन उससे अलग होना चाहता था। आरोपी का आरोप है कि मृतक उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इसी से परेशान होकर उसने रामनगर बुलाकर शराब पिलाई, नशे की हालत में गला दबाकर हत्या कर दी और शव को ऑटो से पड़री क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास ले जाकर छिपा दिया। लोगों को गुमराह करने के लिए शव के गले पर भारी पत्थर भी रख दिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ऑटो बरामद कर लिया है।
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प्राइवेट अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालों की गूंज

Farrukhabad, Uttar Pradesh:ज़ी मीडिया की खबर का बड़ा असर जिलाधिकारी अंकुर राठौर ने प्रसव के दौरन मृत्यु हुई जच्चा और बच्चा के मामले में अस्पताल को सील किया। फर्जी अस्पताल, ना कोई दस्तावेज और ना ही मरीज का कोई डाटा दिखा सका अस्पताल कर्मी। इसके बाद जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन: मुख्य चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट पर अस्पताल को बंद करने के निर्देश। जी मीडिया ने खबर को प्राथमिकता से दिखाया था। प्रसव के दौरान मौत: प्राइवेट अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत... स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल। घर में खुशियां थी 9 महीने तक पेट में बच्चों को पालने की खुशी ना तो मां ने देखी और ना ही उसे नवजात में अपनी मां को। फर्रुखाबाद में एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस अस्पताल में एक परिवार नई ज़िंदगी की उम्मीद लेकर पहुंचा था, वहीं से दो अर्थियां निकलीं। प्रसव के दौरान एक 22 वर्षीय महिला और उसके नवजात की मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। सवाल सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, बल्कि उस सरकारी व्यवस्था का भी है, जिसकी जिम्मेदारी निजी अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मामला कादरी गेट थाना क्षेत्र के आवास विकास स्थित द मदर केयर हॉस्पिटल का है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के नवादा गांव निवासी 22 वर्षीय शिवानी उर्फ गोल्डी, पत्नी अभिषेक, को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार शाम करीब 5 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि बुधवार तड़के करीब 4 बजे प्रसव के दौरान पहले नवजात और फिर मां की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, शिवानी की शादी महज एक वर्ष पहले 15 अप्रैल 2025 को हुई थी। परिवार घर में नए मेहमान के स्वागत की तैयारी कर रहा था, लेकिन कुछ ही घंटों में खुशियां मातम में बदल गईं। अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों ने इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। यह घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि जिले में संचालित निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है। आखिर क्या अस्पताल में प्रसव के दौरान सभी आवश्यक विशेषज्ञ, आपातकालीन सुविधाएं और जीवनरक्षक व्यवस्थाएं मौजूद थीं? यदि स्थिति गंभीर थी तो समय रहते उच्च केंद्र के लिए रेफर क्यों नहीं किया गया? इन सवालों के जवाब अब जांच के दायरे में हैं। सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर भी है। जिन निजी अस्पतालों को इलाज की अनुमति दी जाती है, उनकी नियमित जांच, संसाधनों का सत्यापन और मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि कहीं लापरवाही हुई है, तो उसकी जवाबदेही केवल अस्पताल प्रबंधन ही नहीं, बल्कि निगरानी करने वाले तंत्र की भी तय होनी चाहिए। एक तरफ सरकार सुरक्षित मातृत्व और मातृ मृत्यु दर कम करने के बड़े-बड़े दावे करती है, तो दूसरी तरफ ऐसे मामले उन दावों की हकीकत सामने ला देते हैं। एक मां और नवजात की मौत आखिर किसकी जिम्मेदारी है—अस्पताल की, डॉक्टरों की या निगरानी करने वाले सिस्टम की? यह सवाल तब तक बना रहेगा, जब तक निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अस्पताल के रिकॉर्ड की पड़ताल की मांग उठ रही है। यदि इलाज में लापरवाही सिद्ध होती है, तो यह केवल एक परिवार के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए चेतावनी होगी।
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आकाशीय बिजली की चपेट में चार की मौत, दो महिलाएं झुलसीं, गांव में मातम

Nawada, Bihar:आकाशीय बिजली की चपेट में आने से four की मौत, 2 महिलाएं झुलसीं, सांगोवर गांव में मातम नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड अंतर्गत सांगोवर गांव में शुक्रवार आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में 2 महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के अनुसार मृतकों में 3 किसान और एक नाबालिग बच्चा शामिल है। सभी लोग खेत में काम कर रहे थे। दोपहर बाद मौसम अचानक बिगड़ा और बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी एक पेड़ के नीचे शरण लिए थे। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ और सभी उसकी चपेट में आ गए। मृतकों की पहचान शंभू कुमार पिता स्व. चंद्रिका यादव उम्र 45 वर्ष , मदन राजवंशी पिता मुनेश्वर राजवंशी उम्र 50 वर्ष, भुवनेश्वर राजवंशी पिता दुखन राजवंशी उम्र 50 वर्ष एवं सोनू कुमार पिता मिथिलेश प्रसाद उम्र 12 वर्ष के रूप में किया गया। वहीं सुनीता देवी पति स्व. गोविंद यादव एवं शोभी देवी पति ललित यादव के रूप में किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तत्काल नारदीगंज पीएचसी ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया। झुलसी हुई दोनों महिलाओं का पीएचसी में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद सांगोवर गांव में कोहराम मच गया। मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता देने की बात कही है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने बारिश के दौरान पेड़ के नीचे शरण न लेने और सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक जिले में वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। बाइट_ ग्रामीण
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ग्वालियर से 10 हजार इनामी देह व्यापार आरोपी साधु बनकर गिरफ्तार

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर की महिला थाना पुलिस ने देह व्यापार के मामले में सात साल से फरार 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी को उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपी साधु का वेश धारण कर आश्रमों के आसपास रह रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने गुरुवार रात दबिश देकर उसे दबोच लिया और ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी। वर्ष 2019 में महिला थाना पुलिस ने एक लापता युवती को बरामद किया था। काउंसलिंग के दौरान युवती ने आरोप लगाया था कि उसकी मां उसे जबरन संजू के पास भेजती थी। आरोपी उसके साथ दुष्कर्म करता था और उसे अन्य लोगों के पास भी भेजता था। इसके बाद पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया और संजू व उसकी मां के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद संजू फरार हो गया। पुलिस से बचने के लिए उसने मथुरा में साधु का वेश धारण कर लिया और वहीं रहने लगा। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर ग्वालियर पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मथुरा में साधु के वेश में रह रहा है। सूचना मिलते ही महिला थाना पुलिस की टीम वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसकी फरारी में मदद करने वालों और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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दरभंगा के छात्र प्रदर्शन के दौरान हिंसा: 32 गिरफ्तार, 17 न्यायिक हिरासत

Darbhanga, Bihar:दरभंगा में कल छात्रो के समर्थन में निकले जुलूस के दौरान हिंसा उपद्रव के बाद पुलिस सतर्क है। अभी तक 32 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, 17 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, अन्य की पेशी चल रही है। सभी के माता-पिता अभিভावक थाना के बाहर इंतजार कर रहे हैं, आंसू बहा रहे हैं। लोकतंत्र में आंदोलन और अपनी बात रखने का सब को अधिकार है, लेकिन पुलिस पर पथराव, पत्रकार पर लक्षित हमला चिंता का विषय है। दरभंगा में छात्रों के समर्थन के लिए कल निकले जुलूस के दौरान हिंसा उपद्रव के बाद पुलिस पूरी तरह सतर्क हो चुकी है। जगह-जगह पर मजिस्ट्रेट की अगुवाई में पुलिस तैनात है। 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, 17 न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं, शेष 15 की पेशी हो रही है। पुलिस ने लोगों से आयोजन से दूरी बनाने की अपील की है। आयोजन में उपद्रवी घुसकर हिंसा कर रहे हैं। आयोजक भी सतर्क हैं कि ऐसी घटना पर कड़ी कार्रवाई होगी। एडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि कल एक पार्टी के द्वारा प्रदर्शन मार्च निकला गया था। कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा हिंसा पत्थरबाजी की घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। साथ ही छापेमारी से उपद्रवियों की पहचान की गई। कुल 32 लोगों को थाना लाया गया है, 17 न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं, बाकी पेशी पर हैं। ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी फुटेज से उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्दे नजर कड़ी चौकसी जारी है और ऐसे आयोजनों की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। अगर हिंसा हो तो कड़ी कार्रवाई होगी。
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