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Shakti KishorShakti KishorFollow30 Jan 2025, 09:22 am

हापुड पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का किया खुलासा

Hapur, Uttar Pradesh:

हापुड़, बाबूगढ़ थाना पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए मृतक के दोस्त विकास तोमर को गिरफ्तार किया है, बताया जा रहा है दोनों की दोस्ती दिल्ली के तिहाड़ जेल में हुई थी, उसके बाद आरोपी विकास तोमर ने मृतक वीरेंद्र राय से 2 लाख रुपए उधार लिए थे और पैसे ना लौटाने के लालच में आकर आरोपी ने अपने दोस्त वीरेंद्र को बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में लाकर ईट से कूच - कूच कर उसकी हत्या कर दी थी और शव को बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में फेंक कर फरार हो गया था. बाबूगढ़ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई ईट और मृतक का मोबाइल व घड़ी बरामद की है, वहीं हापुड़ एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली बाबूगढ़ पुलिस को ₹10 हजार रुपए का ईनाम दिया है।

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विकास उपाध्याय का भाजपा पर कटाक्ष: जल-नदियों की योजना और महिला आरक्षण पर वार

Begun, Rajasthan:रायपुर महिला बिल को लेकर विधानसभा के बाद पंचायतों में भी विपक्ष के खिलाफ भाजपा का निंदा प्रस्ताव मामले में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय का बयान- महिला आरक्षण को लेकर भाजपा का सच सबके सामने आ चुका है. भाजपा ने परिसीमन के बहाने से महिला आरक्षण बिल को जोड़ने का काम नहीं किया.. सफलता नहीं मिली तो ये निरेटिव चलाकर लोगों को गुमराह कर रहे, लेकिन लोग अब समझ चुके हैं.. जल संकट और नदियों के प्रदूषण को लेकर विकास उपाध्याय ने कहा- नगर निगम क्षेत्रों में पानी की समस्या आ रही, लोगों टैंकरों के लिए भटक रहे.. तो अपने आप में ही भाजपा के नेताओं को डूब कर मर जाना चाहिए.. जल आपूर्ति, पानी सप्लाई हो या नदियों के संरक्षण की योजना भाजपा के पास कोई प्लानिंग नहीं है सीएम टोल फ्री नंबर को लेकर पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय का बयान- कहा, जब लोग सीधे समस्या लेकर जनदर्शन में पहुंच रहे, उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा.. अब वर्चुअल माध्यम से समस्याओं का क्या निराकरण करेंगे.. जन दर्शन को बंद कर ऑनलाइन शिकायत करा रहे.. कोई बस्तर, सरगुजा का व्यक्ति कहां से काल कर समस्या बता पाएगा
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अल्मोड़ा में भीषण वनाग्नि: हाईवे पर दृश्यता धुंधला, यातायात स्थगित

Almora, Uttarakhand:अल्मोड़ा में पपरशैली क्षेत्र में लगी भीषण वनाग्नि ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया। पपरशैली और शैल क्षेत्र के नाप भूमि के जंगल में आग भड़की, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा और सूखी वनस्पति के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और पपरशैली से लेकर उल्का देवी मंदिर तक का बड़ा इलाका इसकी चपेट में आ गया。 आग की लपटें दोनों ओर से बढ़ते हुए अल्मोड़ा-बागेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गईं। देखते ही देखते पूरा हाईवे घने धुएं के गुबार से भर गया। स्थिति इतनी खराब हो गई कि आसपास कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। दृश्यता लगभग शून्य होने के कारण हाईवे पर चल रहे वाहनों को अचानक रोकना पड़ा。 करीब एक घंटे से अधिक समय तक हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। इसके बाद भी लंबे समय तक वाहनों की आवाजाही रुक-रुक कर ही चलती रही। कई वाहन चालक और पर्यटक स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीच रास्ते से ही वापस लौट गए。 घटना के समय हाईवे किनारे कई पर्यटकों के वाहन खड़े थे। आग की तेज लपटें हाईवे तक पहुंचने के कारण इन वाहनों के जलने का खतरा पैदा हो गया था। हालांकि राहत की बात यह रही कि अग्निशमन विभाग की टीम समय पर मौके पर पहुंच गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी वाहनों को सुरक्षित बचा लिया।
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झाड़ोल में अवैध हथियार फैक्ट्री का पर्दाफाश, 60 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के झाड़ोल से बड़ी खबर एंकर -झाड़ोल (उदयपुर) से बड़ी खबर: अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, 60 वर्षीय बुजुर्ग गिरफ्तार उदयपुर जिले के झाड़ोल क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां फलासिया थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 60 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो अपने ही घर में अवैध टोपीदार बंदूक बनाने का कारखाना चला रहा था। जानकारी के अनुसार, यह मामला फलासिया थाना क्षेत्र के पीपलबारा गांव का है। पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में अवैध हथियारों का निर्माण और बिक्री हो रही है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छापा मारकर आरोपी कानसिंह गरासिया को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 6 अवैध टोपीदार बंदूकें बरामद की हैं। इसके अलावा बंदूक बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण भी जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में लिप्त था और आसपास के इलाकों में बंदूकें बेच रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, जिसमें यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसने किन-किन लोगों को हथियार बेचे और उसका नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है। यह पूरी कार्रवाई फलासिया थाना अधिकारी सीताराम मीणा द्वारा झाड़ोल डिप्टी विवेक सिंह के निर्देश पर की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध हथियारों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
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बांसवाड़ा में JTA धरना, STA और JEN के बीच SOP नहीं, सरकार पर दबाव

Banswara, Rajasthan:बांसवाड़ा मे राजस्थान कनिष्ठ तकनीकी सहायक संघ के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश मीणा के निर्देश पर आज जिला परिषद के बाहर JTA धरने पर बैठे और जमकर नारेबाजी की, उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले बराबर सम्मान का आदेश जारी किया था और बाद में उसे निरस्त करने का नया आदेश जारी कर दिया गया, धरना प्रदर्शन कर रहे कार्मिकों ने बताया हम 20 सालों से अपनी जिम्मेदारी ओर सरकार की योजना को धरातल पर उतारने का कार्य किया है लेकिन आज सरकार ना तो हमें स्थाई किया ना ही पहले निकाले आदेश को यथावत रखा, सरकार से निवेदन है कि सरकार हमारी मांगों को तत्काल पूरा करे, प्रथम आदेश को यथावत रखने की मांग की है, वही मुख्य कार्यकारिणी अधिकारी को और जिला कलेक्टर को CM के नाम ज्ञापन सौंपा है, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर विभागीय आदेशों में दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण कार्य निर्देशिका 2025 के तहत जारी आदेशों को विभाग ने नए एसओपी के बहाने स्थगित कर दिया, जबकि पूर्व में जारी अन्य आदेशों को यथावत रखा गया है। इससे कनिष्ठ तकनीकी सहायकों JTA के साथ भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संघ ने मांग की है कि जब तक STA और JEN के बीच कार्य विभाजन को लेकर नई एसओपी जारी नहीं होती, तब तक संबंधित सभी आदेशों को समान रूप से स्थगित किया जाए。
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नोएडा IIT बिल्डिंग में फायर डेमो: दो मिनट में आग पर काबू, आधुनिक टेंडर दिखे

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा: एक ऊंची इमारत में फायरफाइटर का डेमो किया गया, जिसमें लगभग 40वीं मंज़िल पर आग लगने जैसी स्थिति को दिखाया गया/विज़ुअल्स/ इस कंटेंट में एक ऊंची इमारत में, खास तौर पर IIT की एक बिल्डिंग की 40वीं मंज़िल पर, आग बुझाने की आधुनिक टेक्नोलॉजी से जुड़ा एक डेमो दिखाया गया है। इसका मुख्य मकसद यह दिखाना है कि फायरफाइटर कैसे दो मिनट के अंदर ही मौके पर पहुंच सकते हैं और खास मशीनों से निकलने वाले फोम, पानी और हवा के मिश्रण का इस्तेमाल करके आग बुझा सकते हैं। पिछले 8-9 सालों से सरकार और फायर सर्विस, विश्व-स्तरीय उपकरणों और गाड़ियों को अपनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। इस डेमो का मकसद इन टेक्नोलॉजी की असरदार क्षमता को दिखाना है, जिससे भविष्य में अलग-अलग कंपनियों से और भी आधुनिक फायर टेंडर खरीदे जा सकें।
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SC के समक्ष चुनाव अधिकारीयों ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में याचिका दायर

Noida, Uttar Pradesh:*पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर लगे कुछ चुनाव अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अधिकारियों ने शिकायत की कि उनका नाम खुद वोटर लिस्ट से हटाया गया है* वकील एम आर शमशाद ने CJI की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामला उठाया।वकील ने कहा कि ऐसे 65 चुनाव अधिकारी है।वे लोग चुनाव कराने की ड्यूटी पर हैं। उनके पास वोटर आईडी भी था।लेकिन फिर भी उन्हें अचानक उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। इस वजह से अब वे खुद वोट नहीं डाल पा रहे हैं। वकील ने कहा कि बिना कारण बताए वोटर लिस्ट से नाम काटने का फैसला गलत और मनमाना है। चीफ जस्टिस ने कहा कि आप अपनी बात पहले एपलेट ट्रिब्यूनल के सामने रखें।ट्रिब्यूनल इस मामले को देखेगा और फैसला करेगा। जस्टिस बागची ने कहा कि ट्रिब्यूनल इस मामले को देखेगा।इस बार के चुनाव में शायद वे लोग वोट न डाल पाएं, लेकिन उनका नाम वोटर लिस्ट में आगे बना रहे — यह ज्यादा अहम बात है।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने इशरत जहां की जमानत रद्द करने से इंकार किया

Noida, Uttar Pradesh:2020 दिल्ली दंगों के आरोपी कांग्रेस पार्षद इशरत जहां की जमानत रद्द करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इंकार किया। दिल्ली पुलिस ने निचली अदालत से मिली ज़मानत को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि इशरत जहां को जमानत मिले हुए 4 साल से ज्यादा समय हो गया है इस दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं है कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया हो।इसलिए अब ज़मानत रद्द करने का कोई औचित्य नहीं बनता। इशरत जहां को मार्च 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस पर IPC, पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट, आर्म्स एक्ट और UAPA के तहत केस दर्ज किया गया था स्पेशल कोर्ट ने मार्च 2022 में इशरत जहां को जमानत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि 'चक्का जाम” का आइडिया इशरत जहां का नहीं था ।वह किसी ऐसे संगठन या व्हाट्सएप ग्रुप की सदस्य भी नहीं थीं, जो इस साजिश में शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा था कि निचली अदालत ने इशरत के खिलाफ कई अहम सबूतों को नज़रंदाज किया
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कैमूर में लू का कहर: 41-42 डिग्री तापमान से जनजीवन प्रभावित, पानी-मदद की मांग तेज

Khajuria Khurd, Bihar:कैमूर में तेज गर्मी का प्रभाव है, जहां तापमान 41-42 डिग्री पहुंचा। लू से परेशान लोग, प्रशासन से पानी की मांग कैमूर में लू और गर्म हवा से लोग त्रस्त। भभुआ में सड़कें सूनी, लोग जूस-नारियल पानी पर। विजय चौरसिया व संतोष खरवार ने पानी की व्यवस्था की मांग की。 जिले में बढ़ती गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। तापमान 41-42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, आसमान से आग बरस रही है। लू की तेज गर्म हवा से सड़कें सूनी पड़ गई हैं। जी मीडिया की टीम जब भभुआ के एकता चौक पहुंची, तो सुबह से व्यस्त रहने वाली सड़क पर सन्नाटा छाया था। लोग घरों में दुबके हैं, जरूरी काम निपटाने निकल रहे हैं। ठंडे पदार्थों की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। नारियल पानी, आम का जूस, गन्ने का जूस, पपीता, खरबूजा और तरबूज बिक्री में जोर-शोर से लगे हैं। गन्ने का जूस पीने आए स्थानीय निवासी विजय चौरसिया ने बताया, यहां तापमान 41 से 42 डिग्री के पार चला गया है। लू से हाल बेहाल है। प्रशासन को जगह-जगह पानी की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोग और जानवर राहत पाएं। संतोष खरवार ने भी यही कहा कि पशुओं के लिए भी प्याऊ बनें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी से डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और लू का खतरा बढ़ गया है। जी मीडिया अपील करता है- घर से बहुत जरूरी काम हो तो ही निकलें। बाहर जाते समय भरपेट पानी पिएं, गमछे से सिर ढकें। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक घर पर रहें। शरीर में थोड़ी भी गर्मी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है, लेकिन जमीन पर प्याऊ कम हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और गर्मी की चेतावनी दी है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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महासमुंद में काबिल-काश्त जमीन पर फर्जी रजिस्ट्री, किसान अदालत जाने को मजबूर

Mahasamund, Chhattisgarh:एंकर-महासमुंद जिले में शासन से किसानों को मिली काबिल काश्त की जमीन अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। आरोप है कि पटवारी, रजिस्ट्रार और कुछ जनप्रतिनिधि स्थानीय विधायक के संरक्षण में किसानों पर जमीन बेचने का दबाव बना रहे है। इतना ही नहीं, जो किसान जमीन बेचने को तैयार नहीं हैं, उनकी जमीन को फर्जी तरीके से दूसरे के नाम चढ़ाकर बेचा जा रहा है। परेशान किसान मामले की शिकायत लेकर महासमुंद कलेक्टर से किये थे। कलेक्टर ने सम्बंधित जमीन की रजिस्ट्री रोकने के लिए आदेश जारी किया उसके बाद भी रजिस्ट्री हो गयी। अब किसान न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। महासमुंद जिले में काबिल काश्त (बिक्री योग्य नही) जमीन को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। शासन द्वारा वर्ष 1978 में गरीब और जरूरतमंद किसानों को जीवन यापन के लिए जो जमीन दी गयी थी, आज वही जमीन कथित रूप से भ्रष्ट तंत्र की साजिश का शिकार हो रही है। ताजा मामला पिथौरा ब्लॉक के सांकरा राजस्व मंडल के हल्का क्रमांक 44 के अंतर्गत आने वाले ग्राम सरीफाबाद का है। यहाँ 150 एकड़ जमीन शासन ने किसानो को दी गयी थी। किसान उस जमीन में वर्षों से मिले जमीन पर खेती कर अपना गुजारा कर रहे थे। लेकिन अब उन पर जमीन को औने-pौने दाम पर बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। जो किसान जमीन बेचना नहीं चाहते हैं, उनकी जमीन को त्रुटि सुधार के नाम पर दूसरे के नाम पर चढ़ाकर बेच दिया गया है। ऐसे ही एक किसान है धनसाय जिसे 1978 में 2 एकड़ 15 डिसमिल जमीन मिली थी जिसका खसरा नम्बर 327 था जमीन की ऋण पुस्तिका धनसाय के पास है, लेकिन जमीन इनकी जानकारी के बिना रायपुर के निखिल अग्रवाल को बेचीं गयी। और अब ये जमीन निखिल अग्रवाल के नाम पर ऑनलाइन दिख भी रहा है। ऐसे ही एक और किसान है गोपी चंद इसके पिता पदुम को भी लगभग 2 एकड़ जमीन मिली थी, जिसका खसरा नम्बर 328 था। अब ये जमीन निखिल अग्रवाल रायपुर के नाम पर दर्ज है। पिड़ित किसानों ने बताया कि, हम लोग कई सालों से खेती कर रहे हैं, लेकिन अब हमें जबरन जमीन बेचने के लिए कहा जा रहा है आरोप है कि हल्का नंबर 44 के पटवारी राजेंद्र डोंगरे और बसना विधान सभा के विधायक सम्पत अग्रवाल के प्रतिनिधि पुरुषोत्तम धृतलहरे इस पूरे खेल में अहम भूमिका निभा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें जमीन बेचने पर दबाव बनाया जा रहा है पहले प्रलोभन दिया जाता है, नहीं मानने पर धमकाया जाता है। जब वे जमीन बेचने से इनकार करते हैं, तो उनके खिलाफ फर्जी तरीके से ‘त्रुटि सुधार’ के नाम पर आवेदन लगवाया जाता है। फिर दूसरे के नाम पर जमीन चढ़ाया जाता है। इस फर्जीवाड़े की शिकायत लेकर गाव के किसान महासमुंद कलेक्टर के पास 19.01.26 को पहुंचे थे। उसके बाद उप पंजीयक पिथौरा के पास भी गए थे और फर्जी तरीके से हो रहे रजिस्ट्री रोकने का निवेदन किये थे। किसानों के शिकायत के बाद महासमुंद कलेक्टर कार्यालय से 02.02.26 को एक आदेश भी एस डी एम पिथौरा और उप पंजीयक पिथौरा को जारी किया था और शिकायत वाली जमीन पर रजिस्ट्री रोकने कहा था। उसके बाद भी 16.02.26 को दो रजिस्ट्री उप पंजीयक पिथौरा के द्वारा कर दिया गया। किसानो ने आरोप लगाया है कि इस फर्जीवाड़ा में उप पंजीयक पिथौरा का भी अहम् भूमिका है। क्योंकि रजिस्ट्री रोक के बाद भी उप पंजीयक रजिस्ट्री कर रहे है। इस मामले में उप पंजीयक पिथौरा के पास 02.02.26 को रजिस्ट्री रोकने संबंधी पत्र कलेक्टर कार्यालय से जारी हुआ था लेकिन सफाई देते हुए उप पंजीयक एम के रजा ने कहा कि मैं ऑनलाइन कागजात देखकर रजिस्ट्री करता हूं। मेरे पास किसी प्रकार का रजिस्ट्री रोकने संबंधी आदेश या पत्र नहीं आया था। जबकि आदेश कलेक्ट्रेट कार्यालय से जारी 02.02.26 को जारी हुआ है। कलेक्टर महासमुंद ने इस पूरे मामले मे कहा कि, मामले की शिकायत मिली है कि शासन से मिली जमीन की फर्जी तरीके से बिक्री हो रही है मामले में जांच करवाई जा रही है। और अगर इस मामले की किसी की संलिप्तता पाई जाएगी तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। गड़बड़ी हुई होगी तो रजिस्ट्री निरस्त कर उनके नाम पर फिर से दर्ज की जाएगी जिसकी जमीन है.
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दिल्ली हाई कोर्ट ने इशरत जहां की जमानत रद्द करने से इंकार किया

Noida, Uttar Pradesh:2020 दिल्ली दंगों के आरोपी कांग्रेस पार्षद इशरत जहां की जमानत रद्द करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इंकार किया। दिल्ली पुलिस ने निचली अदालत से मिली ज़मानत को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि इशरत जहां को जमानत मिले हुए 4 साल से ज्यादा समय हो गया है इस दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं है कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया हो।इसलिए अब ज़मानत रद्द करने का कोई औचित्य नहीं बनता। इशरत जहां को मार्च 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन पर IPC, पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट, आर्म्स एक्ट और UAPA के तहत केस दर्ज किया गया था स्पेशल कोर्ट ने मार्च 2022 में इशरत जहां को जमानत दी थी। कोर्ट ने कहा था 'चक्का जाम” का आइडिया इशरत जहां का नहीं था ।वह किसी ऐसे संगठन या व्हाट्सएप ग्रुप की सदस्य भी नहीं थीं, जो इस साजिश में शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा था कि निचली अदालत ने इशरत के खिलाफ कई अहम सबूतों को नज़रंदाज किया
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