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Shakti KishorShakti KishorFollow22 Jan 2025, 10:45 am

Hapur - सांसद अरुण गोविल ने हर घर रामायण कार्यक्रम के आयोजन में लिया भाग

Hapur, Uttar Pradesh:

जनपद हापुड़ में असोडा गांव में मेरठ हापुड़ लोकसभा सांसद अरुण गोविल ने हर घर रामायण प्रोग्राम का आयोजन किया.जिसमें उन्होंने लोगों को रामायण भेंट की साथ ही उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि रामायण हर घर में होनी चाहिए ओर केवल घर में ही नहीं होनी चाहिए,सभी को इसको पढ़ना भी चाहिए. जिससे हमें पता लगता है कि हमें अपने घर में किस तरह से रहना चाहिए,हमारे घर के रिश्ते कैसे होने चाहिए और साथ ही सामाजिक रिश्ते व इंसान को किस तरह का जीवन सबके साथ मिलकर जीना चाहिए तो रामायण हमें यह सभी चीज सिखाती है.साथ ही पूरे परिवार को एकजुट होकर रहना चाहिए । 

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मुरैना के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा जोखिम, निकासी रास्ते असुरक्षित

Morena, Madhya Pradesh:लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे ने देशभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी के बाद जी मीडिया की टीम ने मुरैना के कोचिंग संस्थानों का रियलिटी टेस्ट किया। पड़ताल में जो तस्वीर सामने आई, उसने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ज्यादातर कोचिंग सेंटरों में एक ही एंट्री और एक ही एग्जिट है, जबकि कई इमारतों में एक साथ कई कोचिंग संचालित हो रहे हैं, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाए, तो आखिर बच्चों की सुरक्षित निकासी कैसे होगी? देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट लखनऊ हादसे के बाद जी मीडिया की टीम मुरैना के कोचिंग संस्थानों की जमीनी हकीकत जानने निकली। शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित कोचिंग सेंटरों का रियलिटी टेस्ट किया गया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ज्यादातर कोचिंग संस्थान बहुमंजिला इमारतों में संचालित हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर व्यवस्थाएं नाकाफी दिखाई दीं। कई इमारतों में एक ही रास्ते से छात्रों की आवाजाही हो रही है। वहीं एक ही बिल्डिंग में कई कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जहां रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं पहुंचते हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर आग लगने, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य आपात स्थिति में भगदड़ मच जाए, तो बच्चों को बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता कहां मिलेगा? कई जगहों पर न तो इमरजेंसी एग्जिट दिखाई दिए और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम। लखनऊ हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे शहर के कोचिंग संस्थान किसी आपदा से निपटने के लिए तैयार हैं? और अगर नहीं, तो आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे? पीटीसी करतार सिंह मुरैना में सैकड़ों छात्र हर दिन इन कोचिंग संस्थानों में अपना भविष्य संवारने पहुंचते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इन संस्थानों में उनकी सुरक्षा की भी उतनी ही चिंता की जा रही है? फिलहाल जरूरत इस बात की है कि किसी बड़े हादसे के इंतजार से पहले सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बरती जाए।
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बैतूल के कोचिंग सेंटर में आग, 15 छात्रों की मौत, सुरक्षा नियम सवाल बने

Betul, Madhya Pradesh:एंकर - लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया,लेकिन सवाल ये है कि क्या इस हादसे और इससे पहले हुए हादसों से सबक लिया गया। जब जी मीडिया ने बैतूल के कोचिंग संस्थानों की जमीनी हकीकत जानी तो जो सामने आया वो चौंकाने वाला और डराने वाला है। बैतूल में चल रहे कई कोचिंग सेंटरों में छात्रों की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आ रही है। फायर सेफ्टी के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है। कई संस्थानों में 2018 में एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र आज भी दीवारों पर टंगे हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में बेकार साबित होंगे। इतना ही नहीं ज्यादातर कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों की दूसरी और तीसरी मंजिल पर संचालित हो रहे हैं। जहां आने-जाने के लिए सिर्फ एक संकरी सीढ़ी ही मौजूद है। कहीं फायर सेफ्टी सिस्टम है ही नहीं तो कहीं सैकड़ों छात्रों के बीच सिर्फ एक अग्निशमन यंत्र और वो भी एक्सपायर आपातकालीन निकासी का कोई इंतजाम नहीं यानि अगर हादसा हुआ तो बचने का रास्ता लगभग नामुमकिन,जी मीडिया की टीम जब बैतूल के दो बड़े कोचिंग संस्थानों में पहुंची,तो वहां साफ नजर आया कि सेफ्टी नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। न तो संस्थान संचालक गंभीर हैं और न ही नगर पालिका की तरफ से कोई सख्ती दिखाई दे रही है। बड़ा सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। क्या बैतूल में भी लखनऊ जैसी त्रासदी के बाद ही कार्रवाई होगी। कोचिंग संचालकों की लापरवाही और प्रशासन की चुप्पी कहीं बैतूल के छात्रों के लिए जानलेवा साबित न हो जाए। जरूरत है,समय रहते सख्त कदम उठाने की ताकि लखनऊ जैसी घटना बैतूल में दोहराई न जाए।
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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग, मंत्री अंसारी

Ballia, Uttar Pradesh:लखनऊ में कोचिंग अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत को लेकर यूपी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और मृतकों के परिवार के साथ सरकार की शोक संवेदना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्थल और अस्पताल दोनों जगह गए. मॉनिटरिंग करते हुए आवश्यक कदम उठाए गए. जांच टीम गठित कर दी गई है ताकि दोषी की जिम्मेदारी तय हो और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. प्रदेश के संस्थानों के मानक हर हाल में पूरे करने होंगे. संबंधित विभाग समीक्षा करे कि सब कुछ नियमों के मुताबिक हो. जनता के हित में जो भी आवश्यक कदम होंगे वे उठाए जाएँगे. वन टू वन-अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी से खास बातचीत
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विशेष शिविर में 25 श्रमिकों का पंजीयन, योजनाओं की दी गई जानकारी

ASAmit SinghFollow2m ago
Deoria, Uttar Pradesh:श्रमिकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और उन्हें विभिन्न सुविधाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा देवरिया सदर विकास खंड के भजुमाव गांव स्थित पंचायत सभागार में विशेष पंजीयन एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जीरो पावर्टी परिवारों, मनरेगा जॉब कार्ड धारक श्रमिकों तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों को जागरूक करते हुए उनका पंजीयन कराया गया। सहायक श्रमायुक्त स्कंद कुमार मिश्र के निर्देशन में आयोजित शिविर में श्रम विभाग के कर्मचारी सुधाकर पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने श्रमिकों को पंजीयन कराने के साथ ही समय-समय पर उसका नवीनीकरण कराने के लिए प्रेरित किया, जिससे वे विभाग की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। शिविर के दौरान कुल 25 श्रमिकों का पंजीयन किया गया। सुधाकर पाण्डेय ने बताया कि श्रमिक पंजीयन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड तथा नियोजन प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक अभिलेखों के साथ निकटतम जनसेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा ऐसे जागरूकता एवं पंजीयन शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा सके।
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जबलपुर के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा खामियाँ, लखनऊ हादसे के बाद भी खतरे कायम

Jabalpur, Madhya Pradesh:लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद जबलपुर में भी कोचिंग सेंटर में हालात सही नहीं है। जबलपुर के अनेक कोचिंग संस्थानों में यदि कोई हादसा होता है तो छात्र-छात्राओं को निकालने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जबलपुर का यादव कॉलोनी इलाका कोचिंग संस्थान का गढ़ माना जाता है। ऐसे ही इलाके में चार मंजिला बिल्डिंग के ऊपर कोचिंग संस्थानों लाइब्रेरी चल रही है। कोचिंग संचालक सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं लेकिन हालात ठीक नहीं है। कोचिंग के एंट्रेंस में ही बड़ी संख्या में बिजली के मीटर लगा दिए गए हैं, साथ ही दूसरे दरवाजे पर गाड़ियां रख दी गई हैं, जिसके चलते हुआ गेट बंद हो गया है। यही नहीं तीसरी मंजिल पर पुलिस चौकी भी संचालित होती है। ऐसे में यदि यहां कभी हादसा होता है तो हालत बिगाड़ सकते हैं, ऐसा स्थानीय लोगों का भी कहना है। जबलपुर में यह केवल एक कोचिंग सेंटर की कहानी नहीं है, बल्कि यहाँ पर अनेक कोचिंग संस्थान ऐसे हैं जहां छात्र-छात्राओं को जान जोखिम में डालकर उनके भविष्य को संवारने का दावा किया जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि लखनऊ में जो हादसा हुआ उसके बाद यहाँ पर प्रशासन ने अब तक किसी प्रकार का अलर्ट जारी नहीं किया है और ना ही किसी प्रकार के फायर नॉर्म्स को लेकर कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
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काला दिवस को लेकर छत्तीसगढ़ में भाजपा का बड़ा कार्यक्रम, मीसाबंदी स्मृति

Begun, Rajasthan:रायपुर मीसाबंदी को लेकर एक बड़ा कार्यक्रम.. 24 जून से 28 जून तक पूरे प्रदेश में भाजपा कार्यक्रम करेगी.. कार्यक्रम को लेकर मंत्री टंकराम वर्मा का बयान- 25 को काला दिवस मानते है.. आजादी तो मिली, लेकिन बड़ी कीमत चुकानी पड़ी.. जितने मीसाबंदी थे उन्हें प्रताड़ित किया गया.. आपातकाल लागू कर स्वयं सेवक ,जनसंघ के लोगों को गिरफ्तार किया गया.. कई महीनों वर्षों तक जेल में बंद रहे.. इसी को लेकर काला दिवस मनाया जाएगा.. अल्दा में कांग्रेस का प्रदर्शन , फर्जी NOC को लेकर FIR की माँग.. मामले में मंत्री टंक राम वर्मा का बयान- किसी भी उद्योग के लिए NOC देना नहीं देना पंचायत का काम है. अगर फर्जी NOC है तो कार्यवाई होनी चाहिए.. कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर पर मंत्री टंकराम वर्मा ने कसा तंज- कांग्रेस की संस्कृति में प्रशिक्षण शिविर नहीं है.. भाजपा को देखकर शिविर लगा रहे हैं.. कांग्रेस चुनाव के लिए प्रशिक्षण शिविर करती है.. उनकी संस्कृति में प्रशिक्षण शिविर है ही नहीं.. मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर में सबसे ज़्यादा शिकायत राजस्व को लेकर.. मामले में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का बयान- प्रदेश के तीन करोड़ लोग राजस्व विभाग से जुड़े हुए है.. बहुत अच्छी व्यवस्था है हेल्पलाइन.. जो समस्याएं आ रही है इसमें समाधान हो रहा है.. महासमुंद में मिले हीरे को लेकर मंत्री टंकराम वर्मा का बयान- हमारा छत्तीसगढ़ खनिज संसाधन से भरा हुआ है.. कोयला, रेत सभी तरह के संसाधन है.. खनिज संसाधन का अक्सर उपयोग हो रहा है.. छत्तीसगढ़ के अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा इससे पहले भी कई जगह और मिल चुके हैं.. बाइट- टंकराम वर्मा, मंत्री
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मुज़फ्फरनगर के कोचिंग सेंटर में आगजनी हादसा: रियलिटी टेस्ट ने कराया खुला सच

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड में 15 से अधिक छात्र काल के ग्रास में समा गए। विभिन्न परिवारों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। इस अग्निकांड में हुई छात्रों की मौत के कई कारण सामने आए है, जैसे कोचिंग सेंटर में एंट्री ओर एक्जिट का ही रास्ता होना। इसके अलावा कोचिंग सेंटर से विद्युत तार बहुत ही करीब थे। इसी क्रम में जी मीडिया की टीम ने मुजफ्फरनगर में रियल्टी टेस्ट करके कोचिंग सेंटरों में किए गए इंतजामों को टटोलने का काम किया है। सबसे पहले जी मीडिया की टीम मुजफ्फरनगर के सबसे व्यस्ततम चौराहे प्रकाश चौक पर स्थित महिंद्रा कोचिंग सेंटर पर पहुंची, ये कोचिंग सेंटर सेकंड फ्लोर पर है। जहां पर रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे यूपीएससी और अन्य कंपटीशन की तैयारी करने के लिए पहुंचते हैं। ज़ी मीडिया ने जब यहां का रियलिटी टेस्ट किया तो देखा गया कि इस कोचिंग सेंटर में भी एक ही एंट्री और एग्जिट है। इस कोचिंग सेंटर का जो छज्जा है, उसकी दो मीटर की दूरी पर ही विद्युत का पॉल है और तारों का झुंड है। हालांकि जब कोचिंग सेंटर में अंदर जाकर देखा गया तो वहां पर फायर सिलेंडर मौजूद थे, जिससे आग बुझाई जा सकती है। महिंद्रा कोचिंग सेंटर के टीचर मयंक ने बताया कि वह समय-समय पर अग्निशमन के अधिकारियों के साथ मीटिंग करते हैं और बच्चों को भी इसकी ट्रेनिंग दिलाते हैं। अगर किसी तरह की घटना होती है तो उसे कैसे बचा जाए इसकी ट्रेनिंग दिलाई जाती है। विद्युत विभाग को तारों की शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया। इसके बाद जी मीडिया की टीम कोर्ट रोड पर स्थित अमेरिकन कोचिंग सेंटर पर पहुंची। यहां आग बुझाने के इंतजाम बिल्कुल ना के बराबर थे और बहुत ही कन्जेस्टेड एरिया में कोचिंग सेंटर चलाया जा रहा है देखने से लगा कि अगर यहां पर किसी तरह की घटना होती है तो बच्चों का निकलना मुश्किल हो जाएगा और उनकी जान आफत में आ सकती है। कोचिंग सेंटर में केवल एक ही फायर सिलेंडर था जिसकी मियाद भी लगभग पूरी हो चुकी है। साथी इस कोचिंग सेंटर में एग्जिट एंट्री एक ही है और फर्स्ट फ्लोर पर यह कोचिंग सेंटर है। इस कोचिंग सेंटर में लगभग 30 बच्चों का एक बैच चलता है, दिन में कम से कम पांच बैच चलते हैं। जब इसके ऑनर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तो उनके पास कोई इंतजाम नहीं है लेकिन अब इसके बारे में सोचेेंगे और बैठकर इंतजाम करने पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग किराए की है, इस बिल्डिंग में एक ही एंट्री और एग्जिट है। बहरहाल जी मीडिया के कोचिंग सेंटर के रियलिटी टेस्ट में दोनों ही कोचिंग सेंटर एक तरह से फेल नजर आए।
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दिल्ली-लखनऊ हादसों के बावजूद अभी भी सबक नहीं; प्रयागराज में बेसमेंट में लाइब्रेरी-कोचिंग नियम उल्लंघन

Prayagraj, Uttar Pradesh:दिल्ली और लखनऊ में कोचिंग संस्थानों में हुए हादसे से नहीं लिया गया सबक, संगम नगरी में धड़ल्ले से बेसमेंट में संचालित हो रही है लाइब्रेरी और कोचिंग, नियमों और मानकों का खुलेआम किया जा रहा है उल्लंघन। दिल्ली में बेसमेंट में संचालित कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद लखनऊ में हुए हादसे से पता चलता है कि मानकों को ताक पर रखकर कोचिंग संचालित किए जा रहें हैं। बच्चों की जाने जा रहीं हैं और उससे कोई सबक नहीं लिया जा रहा है। संगम नगरी प्रयागराज में भी सैकड़ों कोचिंग और डिजिटल लाइब्रेरी ऐसे हैं जोकि नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहें हैं, जी मीडिया के रियल्टी चेक में संगम नगरी प्रयागराज के मनमोहन पार्क चौराहे पर मां पार्वती नाम से डिजिटल लाइब्रेरी बेसमेंट में चलाया जा रहा है। जहां पर आने और जाने के लिए सिर्फ एक रास्ता है, जोकि बेहद कम है।
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