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Shakti KishorShakti KishorFollow22 Jan 2025, 10:45 am

Hapur - सांसद अरुण गोविल ने हर घर रामायण कार्यक्रम के आयोजन में लिया भाग

Hapur, Uttar Pradesh:

जनपद हापुड़ में असोडा गांव में मेरठ हापुड़ लोकसभा सांसद अरुण गोविल ने हर घर रामायण प्रोग्राम का आयोजन किया.जिसमें उन्होंने लोगों को रामायण भेंट की साथ ही उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि रामायण हर घर में होनी चाहिए ओर केवल घर में ही नहीं होनी चाहिए,सभी को इसको पढ़ना भी चाहिए. जिससे हमें पता लगता है कि हमें अपने घर में किस तरह से रहना चाहिए,हमारे घर के रिश्ते कैसे होने चाहिए और साथ ही सामाजिक रिश्ते व इंसान को किस तरह का जीवन सबके साथ मिलकर जीना चाहिए तो रामायण हमें यह सभी चीज सिखाती है.साथ ही पूरे परिवार को एकजुट होकर रहना चाहिए । 

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झड़ू का खेड़ा विद्यालय में शिक्षकों की कमी पर ग्रामीणों ने लगाया ताला

Noida, Uttar Pradesh:बदनोर क्षेत्र के झड़ू का खेड़ा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा. ग्रामीणों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की. वर्ष 2023 में विद्यालय को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया गया था, लेकिन वर्तमान में यहां केवल चार शिक्षक ही कार्यरत हैं. विद्यालय में करीब 300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, भवन में आठ कमरे उपलब्ध हैं. पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. प्रदर्श कर रहे ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक विद्यालय में आवश्यक संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाएगी, तब तक विद्यालय पर लगा ताला नहीं खोला जाएगा और आंदोलन जारी रहेगा.
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बदायूं के रामा नर्सिंग होम में इलाज के नाम पर लापरवाही; शव गेट पर

Budaun, Uttar Pradesh:राम हॉस्पिटल या गुंडई का अड्डा, प्रशासन की आंखों पर चढ़ी है काली पट्टी, कार्रवाई के नाम पर होती है लीपापोती, मोटी रकम लेकर मामले को ठंडा वेस्ट में डाल दिया जाता है, कार्यवाही की अभाव में तड़पते हैं मरीजों के ईमानदार。 रामा नर्सिंग होम में तांडव: 5.50 लाख लेकर भी नहीं बची जान, मरीज की मौत पर फूटा गुस्सा, गेट पर रखी लाश, स्टाफ पर पथराव का आरोप。 बदायूं में इलाज के नाम पर लूट और लापरवाही के आरोपों से घिरा बदायूं का रामा नर्सिंग होम एक बार फिर सुर्खियों में है। 11 दिन तक वेंटिलेटर पर संघर्ष कर रहे एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर रणभूमि में तब्दील हो गया। गुस्साए परिजनों ने मृतक का शव गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों पर अस्पताल के स्टाफ ने छत से ईंट-पत्थर बरसा दिए। घटना के बाद से इलाके में तनाव है और नर्सिंग होम के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है。 जमीन बेच दी, फिर भी डॉक्टरों को रहम नहीं आया.....यह दर्दनाक कहानी अलापुर थाना क्षेत्र के गांव उपरैला निवासी 35 वर्षीय राजवीर पुत्र शेर सिंह की है। 11 दिन पहले छत से गिरने के कारण राजवीर के सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजन उसे लेकर इंदिरा चौक स्थित रामा नर्सिंग होम पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग होम के संचालक डॉ. बी.आर. गुप्ता ने ऑपरेशन का भरोसा देकर भर्ती किया। 11 दिन तक राजवीर वेंटिलेटर पर रहा। इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये मांगे। मजबूर परिवार ने अपनी पैतृक जमीन बेचकर यह रकम जमा की। लेकिन आरोप है कि इतनी बड़ी रकम और 11 दिन की देखरेख के बाद भी मरीज के घाव में कीड़े पड़ गए। जब परिजनों ने डॉक्टर से सवाल किया तो उन्हें डांटकर भगा दिया गया। 11वें दिन अचानक अस्पताल ने मरीज को "हायर सेंटर रेफर" करने की बात कहकर बाहर निकाल दिया। अस्पताल से निकलते ही राजवीर ने दम तोड़ दिया。 मौत के बाद मचा कोहराम, गेट पर शव रखकर किया प्रदर्शन..... मृत्यु की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने राजवीर के शव को रामा नर्सिंग होम के मुख्य गेट पर रख दिया और "न्याय दो, दोषियों पर कार्रवाई करो" के नारे लगाने लगे। परिजनों का गंभीर आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान अस्पताल के अंदर से और ऊपर की मंजिल से स्टाफ ने उन पर ईंट और पत्थरों की बारिश कर दी। भगदड़ में कई लोग बाल-बाल बचे। घटना की सूचना मिलते ही civil line थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मशक्कत के बाद परिजनों को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू की। खबर लिखे जाने तक नर्सिंग होम के बाहर परिजन, ग्रामीण और पुलिस फोर्स का जमावड़ा लगा हुआ था。 रामा नर्सिंग होम पर लगातार लग रहे गंभीर आरोप...स्थानीय लोगों का कहना है कि रामा नर्सिंग होम का यह पहला कारनामा नहीं है। कुछ दिन पहले ही एक अन्य मरीज के बिल को लेकर तीमारदारों के साथ मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया था। तब भी तीन परिजनों पर हमले और पथराव का आरोप लगा था। बार-बार शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर इतने गंभीर आरोपों के बाद भी अस्पताल पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या यह प्रशासन की शह पर चल रहा है या किसी सियासी संरक्षण का मामला है? पुलिस और प्रशासन क्या कह रहे हैं... Civil लाइन थाना प्रभारी ने बताया: हमें सूचना मिली थी। मौके पर जाकर स्थिति नियंत्रित की गई। परिजनों से तहरीर ली जाएगी। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। परिजनों की एक ही मांग - इंसाफ... राजवीर की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है की हमने सब कुछ बेचकर इलाज कराया। सोचा था जान बच जाएगी। लेकिन लापरवाही के कारण सब खत्म हो गया। अब हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए। जो भी दोषी है उसे जेल भेजा जाए।
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लखीमपुर खीरी थाना मितौली तत्कालिक प्रभाव से करवाई,नहीं प्रभावी......

Pavan Kumar DixitPavan Kumar DixitFollow8m ago
Datelikalan, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी। थाना मितौली एक जुलाई के आसपास जारी हुई लिस्ट पर नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई। जबकि कप्तान ने आदेशित किया था तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के लिये, दो नाम उप निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह को एक एच टी व आरक्षी करुणेश वर्मा को पुलिस लाइन का आदेश हुआ था। क्षेत्रीय लोगों में कप्तान की कार्रवाई पर बना हुआ सस्पेंस, आखिर कैसी तत्काल प्रभाव से करवाई, जो एक महाबीत जाने पर भी बनी हवा हवाई। सूत्र यह भी बता रहे हैं यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक को पीड़ितों के द्वारा कई बार प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद की गई थी, जिसमें स्पष्ट लिखा हुआ है कार्यवाही पालन तात्कालिक प्रभाव से किया जाए।एक महीना बीत जाने के बाद कप्तान की तात्कालिक कार्रवाई का नहीं हुआ असर।
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महराजगंज में सास-बहू के विवाद ने सड़क पर हंगामा, वीडियो वायरल

Maharajganj, Uttar Pradesh:एंकर- महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल बाजार में बीते शाम सास-बहू के विवाद ने सड़क पर हंगामे का रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनो पक्षों में जमकर मारपीट होने लगी जिसके कारण करीब आधा घंटे तक अफरातफरी का मौहाल बना रहा और सड़क पर जाम लग गया। मारपीट कर रहे लोगों को शांत कराने में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी आप देख सकते है कि पुलिस के सामने ही सास-बहू के साथ साथ दोनो पक्ष मारपीट करते हुए नज़र आ रहे है। इस दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब आधे घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। सास बहू के बीच मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लखिमा निवासी विजय शंकर गुप्ता और उनकी पत्नी रेखा के बीच किसी बात को लेकर कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। नाराज रेखा ने इसकी जानकारी मायके पक्ष के लोगों को दी थी। बुधवार शाम रेखा के मायके से पहुंचे कुछ युवकों ने विजय शंकर के साथ मारपीट कर ली। मारपीट की जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग गए। इसी बीच जब युवक के घर वालो को जानकारी हुई तो परिजन भी मौके पर पहुंच गए और परतावल बाजार में देखते ही देखते सोमारी देवी और उनकी बहू रेखा के बीच भी मारपीट हो गई। वीडियो में आप देख सकते है कि कैसे बहु अपने सास की पिटाई कर रही है देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग शांत नहीं हुए। सूचना मिलने पर परतावल पुलिस चौकी से अतिरिक्त पुलिसकर्मी पहुंचे और भीड़ को हटाकर मार्ग पर आवागमन बहाल कराया। पुलिस ने मारपीट में शामिल कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। थानाध्यक्ष श्यामदेउरवा सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अभी किसी भी पक्ष से तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
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लोकसभा ने पेपर लीक बिल पास किया; 7-10 साल जेल, 10 करोड़ का जुर्माना

Noida, Uttar Pradesh:Lucknow (Uttar Pradesh): Suresh Khanna (UP Cabinet Minister) On Lok Sabha Passes Anti-Paper Leak Bill मंत्री ने लोकसभा में संशोधित 'पेपर लीक बिल' पास कर दिया है। इसे मोदी के कार्यकाल में एक ऐतिहासिक और सुधारवादी कदम माना जा रहा है, जो पेपर लीक से निपटने की दिशा में एक अहम पहल है। लोकसभा में पास हुए इस बिल का मकसद पेपर लीक में सीधे या परोक्ष रूप से शामिल लोगों को हतोत्साहित करना है; इसके तहत 7 से 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह नया कानून पहले के कानूनों की तुलना में ज़्यादा सख्त माना जा रहा है, ताकि लोग ऐसी गतिविधियों में शामिल होने के बारे में सोचें भी नहीं।
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राजलदेसर में एक घंटे से अधिक मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, अस्पताल जलमग्न

Churu, Rajasthan:राजलदेसर में एक घंटे से अधिक समय तक मूसलाधार बारिश ने नगर की व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी। बारिश के बाद पूरा कस्बा जलमग्न हो गया। मुख्य बाजारों से लेकर रिहायशी बस्तियों तक पानी भर जाने से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से घरेलू सामान, व्यापारिक सामग्री और आवश्यक वस्तुओं को नुकसान पहुंचा। सबसे गंभीर स्थिति राजकीय चिकित्सालय में देखने को मिली, जहां चार से पांच फीट तक पानी भर गया। पानी रोगी भर्ती वार्ड, नर्सिंग क्वार्टर, एक्स-रे कक्ष, प्रयोगशाला, लेबर रूम, स्टोर रूम सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में पहुंच गया। इससे चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुईं और अस्पताल के उपकरणों तथा रिकॉर्ड को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बारिश के दौरान गांधी चौक, रेलवे स्टेशन रोड, फ्रेंड्स सोसायटी मार्ग, महेंद्र मुनि मार्ग, मेहंदीपुर बालाजी मार्ग, मुरलाई बस्ती, अंजनी माता मंदिर मार्ग, ढोली बस्ती सहित अनेक इलाकों में करीब तीन-तीन फीट तक पानी जमा हो गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बीच नगर पालिका की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए। लोगों के अनुसार सुबह करीब 5:30 बजे बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद पंप हाउस पर लगे जनरेटर में डीजल उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण पानी की निकासी समय पर शुरू नहीं हो सकी। यदि आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था होती तो जलभराव की समस्या काफी हद तक कम की जा सकती थी। शहरवासियों का कहना है कि हर वर्ष बरसात से पहले नालों की सफाई और जल निकासी के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में वे दावे धराशायी होते दिखाई दिए। नागरिकों ने सवाल उठाया कि जब मानसून पहले से अनुमानित था तो आपदा जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां क्यों नहीं की गईं। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थायी समाधान करने, अस्पताल परिसर से तत्काल पानी की निकासी कराने, हुए नुकसान का आकलन करवाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। हालांकि तेज बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी भी देखने को मिली। अच्छी वर्षा से खरीफ फसलों को संजीवनी मिलने की उम्मीद है और लंबे समय से पड़ रही उमस व गर्मी से भी लोगों को राहत मिली है।
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सावन के पहले दिन सिरसा के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ और जलाभिषेक

Sirsa, Haryana:सावन का महीना आज से शुरू हो गया है। भगवान शिव की आराधना के लिए देशभर के शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हरियाणा के सिरसा में सावन के पहले दिन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली है। शिवभक्त 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते नजर आए। आइए देखते हैं हमारी खास रिपोर्ट। सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और आराधना का सबसे पावन समय माना जाता है। सावन के पहले दिन सिरसा के प्रमुख शिव मंदिरों में तड़के सुबह से श्रद्धालुओं की आना शुरू हो गया है। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'ॐ नमः शिवाय' के जयघोष से गूंज उठा है। भक्तों ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की है। महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे सभी शिवभक्ति में पूरी श्रद्धा के साथ लीन दिखाई दिए। मंदिरों में विशेष सजावट की गई थी और पूजा-अर्चना की व्यापक व्यवस्थाएं भी की गई थीं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। धार्मिक मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की सच्चे मन से की गई पूजा विशेष फलदायी होती है। कहा जाता है कि इस महीने भोलेनाथ अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं और जीवन के दुख, कष्ट तथा संकटों को दूर करते हैं। यही कारण है कि सावन के पहले दिन से श्रद्धालुओं में भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और उत्साह देखने को मिला है। मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, अच्छी सेहत, समृद्धि और देश में खुशहाली की कामना करते हुए भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। कई श्रद्धालुओं ने सावन के सोमवार का व्रत रखने का संकल्प भी लिया और पूरे महीने नियमित रूप से शिव आराधना करने की बात कही। मंदिरों में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समितियों की ओर से भी आवश्यक इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर दर्शन करते रहे और शांतिपूर्ण माहौल में भगवान शिव की पूजा-अर्चना संपन्न हुई। श्रद्धालुओं का कहना है कि 'सावन का पहला दिन हमारे लिए बहुत शुभ होता है। हम हर वर्ष भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। हमें विश्वास है कि भोलेनाथ अपने सभी भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूरी करते हैं।' सावन के पहले दिन सिरसा के शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की आस्था आज भी उतनी ही गहरी और अटूट है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और भगवान भोले शंकर अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं।
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कुल 21 माँगों पर शिक्षकों का धरना, जयपुर में व्यापक आंदोलन की चेतावनी

Dholpur, Rajasthan:शिक्षकों ने 21 सूत्रीय मांगों को लेकर उपखंड कार्यालय पर दिया धरना शिक्षक बोले - मांगें नहीं मानी गईं तो जयपुर में होगा बड़ा आंदोलन सरमथुरा (धौलपुर) राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के बैनर तले प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रनजीत मीणा के नेतृत्व में उपखंड कार्यालय सरमथुरा के मुख्य द्वार पर शिक्षकों की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के नाम उपखंड अधिकारी अल्का श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन में तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण शीघ्र खोलने, सभी संवर्गों की डीपीसी कराने, पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने, गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने, एसआई एवं जीपीएफ का नगद भुगतान, एसीपी का लाभ 8/16/24/32 वर्ष पर देने, बीएलओ के अलग पद सृजित करने, केंद्र के समान वेतन निर्धारण, परिवीक्षाकाल में पूर्ण वेतन,पंचायत शिक्षकों की वेतन वृद्धि, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, मध्य सत्र में पाठ्यक्रम एवं ड्रेस परिवर्तन पर रोक, टीएसपी क्षेत्र के शिक्षकों का समायोजन, शिक्षकों की शैडो पोस्ट जारी करने, महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में लंबित पदस्थापन, प्रबोधकों को पदोन्नति, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने सहित विभिन्न मांगें शामिल थीं। धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रनजीत मीणा ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की समस्याओं पर शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन जयपुर में प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन शिक्षकों के स्थानांतरण त्रुटिपूर्ण ढंग से किए गए हैं, उन्हें तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।धरने में जिला सचिव रामवीर मीणा, प्रदेश सलाहकार भगवान दास जाटव (प्रधानाचार्य), राजवीर मीणा, संतराम मीणा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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श्रीमाधोपुर और आस पास के इलाकों में मूसलाधार बारिश, जलभराव ने बना दी परेशानी

Sikar, Rajasthan:लोकेशन श्रीमाधोपुर सीकर में मौसम का यूं टर्न, शहर सहित ग्रामीण आंंचल में बारिश, करीब आधे घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश, सड़कों पर चली पानी की चादर, श्रीमाधोपुर, अजितगढ़ थोई, मूंड़रू, पृथ्वीपुरा सहित अनेकों स्थानों पर जबरदस्त बारिश, नीचले इलाकों में भरा पानी, मूंड़रू में घरों में घुसा पानी, श्रावस मास लगते ही हुई जबरदस्त बारिश, लगातार बारिश का दौर जारी एंकर श्रीमाधोपुर शहर में आज सावन मास के लगते ही मौसम ने अचानक करवट ली और क्षेत्र में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। शहर सहित ग्रामीण अंचल में करीब आधे घंटे से मूसलाधार बारिश जारी है। तेज बारिश के चलते सड़कों पर पानी की चादर बिछ गई और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। श्रीमाधोपुर के साथ अजीतगढ़, थोई, मूंड़रू, पृथ्वीपुरा सहित आसपास के कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। बारिश इतनी तेज रही कि कुछ ही देर में सड़कों पर पानी जमा हो गया। मूंड़रू क्षेत्र में कई घरों में बारिश का पानी घुसने की सूचना है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अचानक हुई मूसलाधार बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं जलभराव ने स्थानीय नगरपालिका व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी। क्षेत्र में लगातार बारिश का दौर जारी है।
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हरेला महोत्सव में रामनगर: वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प तेज

Noida, Uttar Pradesh:हरेला महोत्सव के तहत रामनगर में चला हरियाली अभियान, वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प रामनगर हरेला महोत्सव के तहत रामनगर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान लगातार जारी है, गुरुवार को रामनगर वन विभाग की कोसी रेंज के अंतर्गत क्यारी मार्ग पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसमें वन विभाग के अधिकारियों के साथ सामाजिक संस्था आदर्श रामलीला समिति भवानीगंज के पदाधिकारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया,इस दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया गया. उत्तराखंड में हरेला महोत्सव के अवसर पर पिछले करीब एक माह से प्रदेशभर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं,इसी क्रम में गुरुवार को रामनगर वन विभाग की कोसी रेंज के अंतर्गत क्यारी मार्ग पर पौधरोपण अभियान चलाया गया. कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और नगर की सामाजिक संस्था आदर्श रामलीला समिति भवानीगंज के पदाधिकारियों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे. कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी प्रतिभागियों ने पौधों की देखभाल और उन्हें सुरक्षित रखने का भी संकल्प लिया, वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हराभरा वातावरण मिल सके. इस अवसर पर रामनगर वन विभाग के एसडीओ अंकित बडोला ने बताया कि हरेला महोत्सव के तहत विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है,उन्होंने जानकारी दी कि रामनगर वन प्रभाग में अब तक 10 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है, जबकि अकेले रामनगर रेंज में करीब 6 हजार पौधे लगाए गए हैं. उन्होंने बताया कि वन विभाग स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों के सहयोग से लगातार वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, साथ ही लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़कर प्रकृति के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभा सकें, उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए,इससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना करने में भी मदद मिलेगी. Byte.-अंकित बडोला, एसडीओ, रामनगर वन विभाग
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CUK ने NEP-2020 के छह साल पूरे किए, बहु-विषयी शिक्षा से भारत की राह

Aram Pora, Ganderbal, Under the banner of Akhil Bhartiya Shiksha Samagam (ABSS)-2026, Central University of Kashmir (CUK) celebrated six years of the National Education Policy (NEP)-2020, at the Tulmulla Campus in Ganderbal. Addressing the participants (online), Vice Chancellor, Prof. A. Ravinder Nath, said the NEP-2020 seeks to develop independent learners who possess effective communication skills, digital literacy, experiential learning abilities, and a balanced understanding of the past, present and future. Deliberating on the transformative vision of NEP-2020 and its role in shaping India's future, Prof. A Ravinder Nath said, “Educational institutions must nurture students as global citizens equipped with knowledge, competence, values and a deep sense of social responsibility.” He stated that students must develop financial literacy, analytical thinking, critical decision-making abilities, social skills and active community engagement, enabling them to respond effectively to the rapidly changing global environment. Prof. A Ravinder Nath reaffirmed that the CUKashmir remains committed to implement the vision of NEP-2020 through multidisciplinary education, research excellence, innovation, digital transformation, skill development, Indian Knowledge Systems and quality enhancement initiatives, thereby contributing meaningfully towards the national aspiration of Viksit Bharat @2047. Addressing the gathering, Registrar, Dr. Nisar Ahmad Mir, said that students should actively acquaint themselves with the University's academic innovations and achievements by exploring the best practices documented on the official website of the University. He stated that these best practices reflect the University's commitment to excellence, innovation, sustainability and student-centric education, and serve as valuable learning resources for every student. He reiterated that the University continues to align its academic and administrative systems with the aspirations of the NEP through collaborative and progressive institutional initiatives. Director, Directorate of Internal Quality Assurance (DIQA) and Head, Deptt of Education, Prof. Syed Zahoor Geelani, said the University has always remained responsive to national educational initiatives and policy reforms. Recalling the early stages of the policy, he stated that when the draft NEP was released, the CUKashmir emerged as one of the pioneering institutions in the region to organise extensive deliberations on the draft and submit comprehensive institutional inputs and recommendations to the Government. Associate Prof. Deptt of Mathematics and Coordinator, NEP-2020, Dr. Haribhau Bhapkar, highlighted the University's sustained efforts towards effective implementation of the policy. He elaborated on the University's "Panchamukhi Sutra", describing it as the guiding philosophy of holistic education comprising academic excellence, empathy, physical well-being, spiritual development and design thinking. He observed that these five pillars collectively prepare students not merely for employment, but for purposeful lives marked by innovation, compassion and responsible citizenship.
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