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Gorakhpur273004

गोरखपुरः नव वर्ष के उपलक्ष्य पर पुलिस सतर्क, सीसीटीवी कैमरे से करेगी निगरानी

Dec 27, 2024 11:44:54
Gorakhpur, Uttar Pradesh

31 दिसंबर को गोरखपुर पुलिस नव वर्ष क पूर्व संध्या के उपलक्ष्य में पूरी तरह से सतर्क रहेगी। एसपी सिटी अभिनव कुमार त्यागी ने बताया कि नव वर्ष के उत्सव को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंध रहेगी। सीसीटीवी कैमरे के साथ निगरानी रखी जाएगी, ताकि कहीं भी कोई गड़बड़ी ना हो पाए। यातायात पुलिस को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। जाम की स्थिति ना बन पाए, इसके लिए गाड़ियों को पार्किंग में खड़ा करने का निर्देश दिया गया है।

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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Jan 28, 2026 17:47:09
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों के सदस्यों व अध्यक्षों के कार्यकाल से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब के लिए समय दिया है। जस्टिस अरुण मोंगा एवं जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ में राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल भंडारी ने तर्क दिया कि उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों के संबंधित सदस्य एवं अध्यक्षों को उनके कार्यकाल की अवधि पूर्ण हो जाने के बावजूद नए सदस्यों या अध्यक्षों की नियुक्ति होने तक कार्य जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 19 जनवरी 2026 को उर्मिला वर्मा बनाम राज्य सरकार मामलें में पारित आदेश का हवाला दिया गया। इस आदेश की प्रति हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई, जिसे रिकॉर्ड पर लिया गया। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता बंशीलाल भाटी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर उसको लागू किए जाने को लेकर निर्देश प्राप्त करने के लिए अल्प समय की मांग की। राज्य सरकार की ओर से यह भी कहा कि जिन सदस्यों एवं अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनके स्थान पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया एवं व्यवस्थाओं के संदर्भ में भी स्थिति स्पष्ट की जानी आवश्यक है। खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनते हुए राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन और आवश्यक निर्देश प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। न्यायालय ने मामले को आगामी सुनवाई के लिए 24 फरवरी 2026 को सूचीबद्ध करने के आदेश दिए। इस आदेश को उपभोक्ता आयोगों में कार्यरत सदस्यों एवं अध्यक्षों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे आयोगों के कार्य में निरंतरता बनाए रखने और लंबित मामलों के निस्तारण में सहूलियत मिलने की संभावना है。
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Jan 28, 2026 17:46:45
Jodhpur, Rajasthan:जोथपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहा कि किसी भी न्यायिक मंच को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी पुलिस अधिकारी या व्यक्ति के विरुद्ध बिना सुनवाई के कठोर, प्रतिकूल या कलंकित टिप्पणियां करे। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां न्यायिक मर्यादा के विपरीत होने के साथ-साथ प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन हैं। जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने जैसलमेर में पदस्थापित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (विशेष जांच इकाई, महिला अपराध) राजूराम चौधरी की याचिका स्वीकार करते हुए सत्र न्यायालय के 28 जुलाई 2022 और मजिस्ट्रेट अदालत के 1 मार्च 2025 के आदेशों में की गई सभी कठोर और प्रतिकूल टिप्पणियों को निरस्त कर दिया। मामले की पृष्ठभूमि में एक आपराधिक प्रकरण की जांच शामिल थी, जिसमें पुलिस ने धारा 173 CRPC के तहत रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट से असंतुष्ट परिवादिया ने धारा 190 CRPC के तहत अतिरिक्त आरोपियों को तलब करने का आवेदन किया, जिसे मजिस्ट्रेट ने 4 मई 2022 को खारिज कर दिया। इसके बाद सत्र न्यायालय में दायर निगरानी याचिका पर मजिस्ट्रेट का आदेश निरस्त कर मामला पुनर्विचार के लिए लौटाया गया, लेकिन इसी दौरान जांच अधिकारी के विरुद्ध गंभीर टिप्पणियां कर दी गईं। पुनर्विचार के बाद मजिस्ट्रेट अदालत ने 1 मार्च 2025 को और भी कठोर शब्दों में जांच अधिकारी पर लापरवाही और कानून की अवहेलना के आरोप लगाए तथा आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक को भेजी। हाईकोर्ट ने कहा कि संज्ञान, पुनरीक्षण या रिमांड के स्तर पर अदालतों को न्यायिक संयम बरतना चाहिए। जब तक निर्णय के लिए अनिवार्य न हो, किसी व्यक्ति की निष्पक्षता, दुर्भावना या लापरवाही पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाले जा सकते। बिना नोटिस और सुनवाई के की गई टिप्पणियां संबंधित अधिकारी की सेवा, पदोन्नति और प्रतिष्ठा पर गंभीर दुष्परिणाम डाल सकती हैं। हाईकोर्ट ने यह भी माना कि निष्पक्ष जांच आवश्यक है, लेकिन यह उद्देश्य कठोर और कलंकित टिप्पणियों के बिना भी हासिल किया जा सकता था। अदालत ने दो टूक कहा बिना सुने किसी को दोषी ठहराना कानूनन स्वीकार्य नहीं है।
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Jan 28, 2026 17:46:32
Tulsipur, Uttar Pradesh:विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में समता संवर्धन हेतु लाए गए 'विनियमन 2026' के विरोध में बुधवार को सवर्ण समाज के लोगों ने बलरामपुर जिला मुख्यालय और तुलसीपुर तहसील में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस नियम को 'काला कानून' बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तुलसीपुर को सौंपा। ​सामाजिक संतुलन बिगड़ने का आरोप: ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यूजीसी 2026 का निर्णय सामाजिक समरसता को छिन्न-भिन्न कर देगा और समाज में जाति संघर्ष को बढ़ावा देगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस विनियमन से उच्च शिक्षा केंद्रों में पठन-पाठन का माहौल समाप्त हो जाएगा और इसके दुरुपयोग की पूरी संभावना है।
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BDBabulal Dhayal
Jan 28, 2026 17:46:25
Jaipur, Rajasthan:गहलोत सरकार के बहुचर्चित विधेयकों को राज्यपाल ने लौटाया लोकभवन में राज्यपाल की अनुमति की बाट जोह रहे गहलोत राज के 09 विधेयकों को राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने पुनर्विचार के लिए वापस लौटा दिया है। इनमेंऑनर किलिंग और मॉब लिंचिंग से जुड़े बिल भी शामिल हैं। 2 निजी विश्वविद्यालयों के विधेयक भी राज्यपाल ने वापस भेज दिए हैं इन विधेयकों को लौटाया राज्यपाल ने 1. राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक-2019 2. राजस्थान परंपरा के नाम पर वैवाहिक संबंधों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप का प्रतिषेध विधेयक-2019 3. कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य ( संवर्धन और सरलीकरण) (राजस्थान संशोधन) विधेयक-2020 4. कषक ( सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और क्षि सेवा पर करार (राजस्थान संशोधन) विधेयक- 2020 5. आवश्यक वस्तु (विशेष उपबंध और राजस्थान संशोधन) विधेयक-2020 6. व्यास विद्यापीठ विश्वविद्यालय जोधपुर विधेयक-2022 7. सौरभ विश्वविद्यालय. हिंडौन सिटी (करौली) विधेयक-2022 8. राजस्थान विद्युत (शुल्क) विधेयक-2023 9. नाथद्वारा मंदिर ( संशोधन) विधेयक- 2023 कानूनी पहलुओं पर उठाए सवाल राज्यपाल ने इन बिलों के कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए वापस भेजा है। आज अभिभाषण के बाद स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सदन को बिलों के वापस लौटने की जानकारी दी साल 2019 से लेकर 2023 में गहलोत सरकार के समय इन बिलों को पारित किया गया था। गहलोत सरकार ने ऑनर किलिंग पर उम्रकैद और पांच लाख जुर्माने का प्रावधान किया था। मॉब लिंचिंग पर भी तत्कालीन गहलोत सरकार ने कड़ी सजा का प्रावधान किया था।इन दोनों ही बिलों के कई प्रावधान पहले से आईपीसी में थे। राज्यपाल ने इन बिल के प्रावधान केंद्रीय कानूनों से टकराव के कारण लौटाए हैं। गहलोत राज में पारित दो प्राइवेट यूनिवर्सिटी के बिल के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए लौटाया है। केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में लाए गए बिल भी लौटाए तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के जवाब में कांग्रेस ने देशभर में अभियान चलाया था। उस समय गहलोत सरकार केंद्रीय कृषि कानूनों की काट के तौर पर 2 नवंबर 2020 को कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) (राजस्थान संशोधन) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार (राजस्थान संशोधन) विधेयक लेकर आई थी। 2 नवंबर 2020 को दोनों बिल ध्वनिमत से पारित हुए थे。 बाद में केंद्र सरकार ने कृषि कानून वापस ले लिए थे। केंद्रीय कानून के जवाब में राज्य के कानूनों की वैधानिकता पर उस समय भी सवाल उठे थे। केंद्र के कानून वापस लेने के बाद इन दोनों बिल का कोई औचित्य नहीं रह गया था। राज्यपाल ने दोनों बिल के कानूनी आधार और औचित्य नहीं होने का तर्क देते हुए वापस भेजा है। मॉब लिंचिंग विरोधी बिल भी हुआ वापस राजस्थान सम्मान और परंपरा के नाम पर वैवाहिक संबंधों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप का प्रतिषेध विधेयक को राष्ट्रपति के पास अनुमति के लिए भेजने के लिए राज्यपाल के पास लंबित था। राज्यपाल ने विधानसभा को बिल लौटाते हुए सरकार की तरफ से इसे वापस लेने के कारण गिनाए हैं पहले भी लौटाते जाते रहे हैं बिल ये कोई पहला मौका नहीं है जब राज्यपाल की मंजूरी के बिना ही बिलों को वापस लौटा दिया गया हो। राज्यपाल पहले भी इस तरह के बिल लौटाते रहे हैं। अगर ​राज्य के किसी बिल के प्रावधान केंद्रीय कानूनों के प्रावधानों से टकराते हैं तो राज्यपाल इन्हें वापस भेज देते हैं। केंद्र और राज्य के बीच ​कानून बनाने को लेकर साफ प्रावधान है। राज्य केवल राज्य सूची के विषयों पर ही कानून बना सकते हैं। समवर्ती सूची में केंद्र और राज्य, दोनों कानून बना सकते हैं, लेकिन यहां भी केंद्रीय कानून ही मान्य होंगे। कई बार केंद्र और राज्य में अलग अलग दलों की सरकारें होने पर राज्यपाल का झुकाव केंद्र की तरफ होता है। इससे भी बिलों को लेकर लिए जाने वाले फैसले प्रभावित होते हैं। सूबे में भाजपा की सरकार है। जब इन बिलों को पारित किया गया था। तब भाजपा ने विधानसभा में इनका विरोध भी किया था। सत्ता बदलने के बाद बिलों को लौटाना इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है। कानून के लिए राज्यपाल की मंजूरी जरूरी। विधानसभा से पारित कोई भी बिल राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद ही कानून बनता है। राज्यपाल कानूनी, संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देकर बिल लौटा सकते हैं। राज्यपाल को बिल विधानसभा से मंजूरी के लिए भेजे जाते हैं, इसलिए लौटाया भी विधानसभा को जाता है। राज्यपाल के बिल रोकने की समय सीमा नहीं है। इसे लेकर कई बार कानूनी बहस भी छिड़ती रही है। बिल के प्रावधानों पर विधानसभा के जरिए सरकार से राज्यपाल स्पष्टीकरण मांग सकते हैं। हाल ही में तमिलनाडु सरकार के बिलों को लेकर काफी बहस हुई थी। सुप्रीम कोर्ट भी इस बारे में कई बार राज्यपालों को कानूनों प्रावधानों का पालन करने की हिदायत दे चुका है बाबूलाल धायल जी मीडिया जयपुर
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AMAsheesh Maheshwari
Jan 28, 2026 17:45:13
Noida, Uttar Pradesh:
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Jan 28, 2026 17:44:58
Balrampur, Uttar Pradesh:यूजीसी बिल के विरोध में बुधवार को बलरामपुर जिला मुख्यालय पर सवर्ण समाज का आक्रोश देखने को मिला। सवर्ण आर्मी के नेतृत्व और करणी सेना के समर्थन में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने वीर विनय चौराहे से कलेक्ट्रेट तक जोरदार पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचते ही यह मार्च एक उग्र प्रदर्शन में बदल गया, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी जमकर नारेबाजी की। डीएम से मिलने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी: प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़ गए कि वे अपना ज्ञापन केवल जिलाधिकारी को ही सौंपेंगे। इस दौरान ज्ञापन लेने पहुँचे एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्योति राय और एडीएम न्यायिक को कार्यकर्ताओं ने बैरंग लौटा दिया। जिलाधिकारी के मौके पर न होने से नाराज कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए। काफी देर बाद जब जिलाधिकारी पहुँचे, तब भी गतिरोध समाप्त नहीं हुआ।
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VAVijay Ahuja
Jan 28, 2026 17:36:03
Payikapuram, Andhra Pradesh:ऊधम सिंह नगर के जनपद मुख्यालय रुद्रपुर में चलती कार में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। गैंगरेप की सूचना मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया; पुलिस ने पीड़ित युवती की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है और घटना में इस्तेमाल की गई ऑरा कार को भी बरामद किया है। जिले के एसएसपी ने बताया ट्रांजिट कैंप कोतवाली पुलिस को पीड़िता ने तहरीर देकर बताया कि वह ड्यूटी जाने के लिए खड़ी थी; इसी बीच दो युवक आए और उसे कंपनी छोड़ने जैसी बात कहकर कार में बैठाकर ले गए, आरोप है उसे कंपनी नहीं ले जाकर चलती कार में ही उनसे सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया और फिर उसे सिडकुल में छोड़ गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी, जिसमें आरोपी राहुल दास और फुरकान को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राहुल दास के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई एक कार भी बरामद की है और दोनों ही आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजे जाने की कार्रवाई की है।
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RSRavi sharma
Jan 28, 2026 17:35:19
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KHKHALID HUSSAIN
Jan 28, 2026 17:35:05
Chaka, :जनवरी के आखिरी हफ़्ते में कश्मीर और जम्मू के कुछ हिस्सों में भारी बर्फ़बारी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे लंबे समय से चल रहा सूखा खत्म हो गया है, लेकिन बड़े पैमाने पर प्रशासनिक और लॉजिस्टिक्स में रुकावटें आई हैं。 तेज़ बर्फ़बारी से कई गंभीर दिक़तें हुई हैं: जम्मू कश्मीर नेशनल हाईवे (NH44) नाशरी और बनिहाल में फिस्लन और भूस्खलन के कारण कई दिनों से बंद है। ज़ोजिला पास और पीर की गली में श्रीनगर-लेह हाईवे (NH-1D) सहित अन्य मुख्य रास्ते भी बंद हैं。 श्रीनगर एयरपोर्ट पर कम विज़िबिलिटी और रनवे पर बर्फ़ जमने के कारण फ़्लाइट्स बार-बार कैंसिल और लेट हो रही हैं। कश्मीर घाटी के 80% से ज़्यादा हिस्से में बिजली गुल हो गई, क्योंकि डिमांड बढ़ गई और तेज़ हवाओं से 33 KV से ज़्यादा फ़ीडर खराब हो गए। हालांकि बिजली बहाल करने का काम जारी है, लेकिन ग्रामीण और ऊंचे इलाकों में अभी भी अंधेरा छाया हुआ है। गुलमर्ग, शोपियां, सोनमर्ग और कुपवाड़ा जैसे ऊंचे इलाकों में 2 से 5 फ़ीट तक बर्फ़बारी हुई है, जिससे कई गांव ज़िला मुख्यालयों से कट गए हैं। Snow Accumulation Location Reported Snow Depth Pahalgam 18 inches Anantnag 17 inches Gulmarg / Shopian 5 feet Srinagar city 4 inches Peer ki Gali 8 feet Sonamarg 6 feet IMD ने अब 1 फरवरी सूखा रहने का अनुमान लगाया है और उसके बाद कश्मीर में फिर से दो दिनों तक बारिश होगी।
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RKRaj Kishore Soni
Jan 28, 2026 17:34:34
Raisen, Madhya Pradesh:रायसेन जिले के थाना सुल्तानगंज अंतर्गत ग्राम मरखंडी में उस समय हड़कंप की स्थिति बन गई, जब आसमान से एक संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक यंत्र गिरा हुआ मिला। गांव के समीप खुले क्षेत्र में पड़े इस उपकरण को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। किसी अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीणों ने तत्काल डायल-100 पर सूचना दी। सूचना प्राप्त होते ही सुल्तानगंज थाना से आरक्षक गजेंद्र दांगी एवं मनोज ठाकुर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए क्षेत्र को सुरक्षित किया और senior अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। प्राथमिक सुरक्षा जांच के बाद संदिग्ध डिवाइस को सावधानीपूर्वक कब्जे में लेकर थाने लाया गया। थाना प्रभारी श्यामराज सिंह राजपूत ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में यह संभावना जताई गई है कि उक्त यंत्र कोई विस्फोटक या खतरनाक उपकरण नहीं है। जांच में सामने आया कि यह एक रेडियोसॉन्ड (Radiosonde) है, जिसका उपयोग मौसम विज्ञान में किया जाता है। यह उपकरण मौसम गुब्बारे के माध्यम से ऊंचाई पर भेजा जाता है और तापमान, आर्द्रता व वायुदाब जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां मौसम केंद्रों तक भेजता है। उपकरण पर उपलब्ध विवरण के अनुसार यह मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग से संबंधित बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि तेज हवाओं के कारण यह करीब चार हजार किलोमीटर की दूरी तय कर मरखंडी क्षेत्र में आकर गिरा। साथ ही यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि गुब्बारा आसमान में किसी अन्य वस्तु से टकराया हो या किसी पक्षी द्वारा चोंच से गुब्बारे को नुकसान पहुंचाया गया हो, जिससे गुब्बारा फट गया और यंत्र जमीन पर आ गिरा। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व डोंगरगढ़ क्षेत्र में भी मलेशिया मौसम विभाग का इसी प्रकार का यंत्र गिरने की घटना सामने आ चुकी है। पुलिस ने यंत्र को थाना परिसर में सुरक्षित रखवाया है तथा senior अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि भविष्य में इस प्रकार का कोई भी संदिग्ध सामान दिखाई दे तो उसे छुए बिना तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भय या दुर्घटना से बचा जा सके।
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SJSantosh Jaiswal
Jan 28, 2026 17:33:58
Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग: चंदौली.... - चंदौली में यूजीसी एक्ट का जबरदस्त विरोध... - डीएम को पत्रक सौंप, सवर्ण समाज की भीड़ बीजेपी कार्यालय पहुंची... - बीजेपी कार्यालय का घेराव कर, बीजेपी नेताओं के खिलाफ जमकर की नारेबाजी... - जिलाध्यक्ष से बिल वापस लेने में हस्तक्षेप की मांग, भारी गहमागहमी... - बीजेपी जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह से बिल के खिलाफ इस्तीफा देने की मांग... - सवर्ण समाज ने 15 दिनों की दी मोहलत... - होगी आरपार की लड़ाई, महापंचायत का दौर रहेगा जारी... - विशेष अभियान चलाकर सवर्ण समाज गांव - गांव करेगी लोगों को एकजुट... - जिलाध्यक्ष ने पत्रक आगे पहुंचाने की कही बात... - कहा - भाजपा सबका साथ, सबका विकास की तर्ज पर इस कानून में भी सबके हित का रखेगी ध्यान... बाइट: काशीनाथ सिंह,जिलाध्यक्ष भाजपा... बाइट: जन्मेजय सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता...
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MGMohd Gufran
Jan 28, 2026 17:33:41
Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज के कीडगंज इलाके में घर के अंदर चल रहा था सेक्स रैकेट. पुलिस ने मौके से चार महिलाओं और 4 पुरुषों को हिरासत में लिया, एक महीने के अंदर कीडगंज इलाके से दूसरा सेक्स रैकेट पकड़ा गया। प्रयागराज के कीडगंज इलाके स्थित मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मौके से चार महिलाओं के साथ चार पुरुष को हिरासत में लिया गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर कीडगंज पुलिस ने छापेमारी की तो मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए, पुलिस जब घर के अंदर पहुंची तो चार महिलाएं और 4 पुरुष आपत्तिजनक हालत में पाए गए। हिरासत में लिए गए पुरुष महिलाओं को पुलिस थाने लाई और मामले में विधिक कार्रवाई में जुट गई है。 गौरतलब है कि करीब 1 महीने पहले ही प्रयागराज के कीड़ागंज इलाके से ही पुलिस सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। जिसमे कई महिलाओं और पुरुषों को अनैतिक देह व्यापार के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बुधवार को एक बार फिर से कीडगंज इलाके में ही देह व्यापार का मामला सामने आया है। एसीपी कर्नलगंज राजीव यादव ने बताया कि चार महिला और 4 पुरुष को अनैतिक देह व्यापार में शामिल होने के चलते हिरासत में लिया गया है। पुछताछ के बाद सभी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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Jan 28, 2026 17:33:22
Orai, Uttar Pradesh:जालौन में पांच नदियों के संगम से जल सहेलियों की कल से यमुना यात्रा, जगम्मनपुर के पंचनद धाम से होगा शुभारंभ, नदियों का संरक्षण करना उद्देश्य, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव भी होंगे शामिल रिपोर्ट - आदित्य सिंह प्लेस-जालौन यूपी एंकर बुंदेलखंड के जालौन में यमुना नदी के संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से 29 जनवरी से जल सहेलियों की अविरल-निर्मल यमुना यात्रा का शुभारंभ पचनद धाम से किया जाएगा। यह जानकारी जल जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य समाज को नदियों से जोड़ना, उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना तथा यह संदेश देना है कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों से भी नदियों को अविरल और निर्मल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की जल सहेलियां इस दिशा में पहले ही सशक्त उदाहरण
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