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Itia Thok: खस्ताहाल सड़क से मिलेगी निजात

Dec 25, 2024 10:10:38
Itia Thok, Uttar Pradesh

दो वर्षों से इटियाथोक विकासखंड मुख्यालय पहुंचना मुश्किल हो गया था। बाबागंज मुख्य सड़क मार्ग से ब्लॉक मुख्यालय जाने वाली सड़क की स्थिति बेहद खराब थी। लेकिन अब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। हरैया झूमन गांव से ब्लॉक मुख्यालय तक सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिलने से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है और उन्हें खस्ताहाल सड़क से राहत मिलने की उम्मीद जाग गई है।

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PPPraveen Pandey
Feb 20, 2026 11:57:01
Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर अगर आया भूकंप तो होगी तबाही-IIT कानपुर की रिसर्च कानपुर या प्रयागराज में 6.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है, नेपाल में 2015 में आए विनाशकारी भूकंप के झटके भले ही उत्तर प्रदेश तक महसूस किए गए थे लेकिन अब एक नई रिसर्च ने गंगा के मैदानी शहरों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर की ताज़ा रिसर्च के मुताबिक अगर कानपुर या प्रयागराज में 6.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है, तो बड़े पैमाने पर तबाही हो सकती है। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर निहार रंजन पात्रा के अनुसार इन शहरों की मिट्टी में बालू और महीन कणों की मात्रा अधिक है, जो भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन का खतरा बढ़ाती है। रिसर्च में बताया गया है कि तेज झटकों के दौरान जमीन की मजबूती खत्म हो जाती है और नीचे मौजूद पानी व सिल्ट ऊपर आने लगते हैं। इस प्रक्रिया को लिक्विफेक्शन कहा जाता है। ऐसी स्थिति में इमारतों की नींव कमजोर पड़ सकती है और पक्के मकान भी धंस सकते हैं। अध्ययन के दौरान कानपुर और प्रयागराज में 20-20 स्थानों से मिट्टी के नमूने लिए गए। कानपुर में गंगा बैराज क्षेत्र में 70 से 80 मीटर गहराई तक बोरहोल सैंपलिंग की गई। सामान्य तौर पर 8 से 10 मीटर तक असर देखा जाता है, लेकिन यहां 30 से 40 मीटर गहराई तक लिक्विफेक्शन की आशंका जताई गई है।
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SKSumit Kumar
Feb 20, 2026 11:56:18
Hathras, Uttar Pradesh:डीएम ने किया सीएचसी सासनी का औचक निरीक्षण, बस स्टैंड पर अव्यवस्था देख जताई नाराजगी हाथरस के जिलाधिकारी ने सासनी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बस स्टैंड का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा... बस स्टैंड के मुख्य गेट पर अतिक्रमण और बेतरतीब वाहनों को देख उन्होंने पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए... इसके बाद सीएचसी पहुंचे जिलाधिकारी ने 'आयरन सुक्रोज सप्ताह' के तहत गर्भवती महिलाओं से संवाद किया... और उन्हें खान-पान में सुधार, लोहे की कढ़ाई के प्रयोग की सलाह दी... उन्होंने अस्पताल के लेबर रूम और पैथोलॉजी का जायजा लेते हुए सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा व दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए... इस दौरान सीडीओ और सीएमओ सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे...
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AAAkshay Anand
Feb 20, 2026 11:55:48
Noida, Uttar Pradesh:Choreography on a frozen lake
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AAAteek Ahmed
Feb 20, 2026 11:54:21
Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ में शाही किचन से जरूरतमंद ढाई हजार रोजेदारों के लिए बनाई जाती है इफ्तारी लखनऊ में जरूरतमंद रोजेदारों के लिए छोटा इमामबाड़ा में शाही किचन चलाया जाता है यहाँ इफ्तारी रमज़ान में 30 दिन लगभग दो से ढाई हजार लोगों के लिए रोजाना बनाई जाती है जो लखनऊ के 18 से 20 मस्जिदों में पहुंचाई जाती है यह शाही किचन लखनऊ के हुसैनाबाद ट्रस्ट द्वारा रमज़ान भर चलाया जाता है पूरे रमजान यह इफ्तार उन गरीब जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना जाता है जो रोजा रख लेते हैं मगर उनके पास रोजा खोलने के लिए इफ्तार नहीं होता है आपको बता दे ये शाही किचन नवाब अवध के तीसरे ताजदार बादशाह मोहम्मद अली ने 1837 में छोटा इमामबाड़ा का निर्माण शुरू करवाया जो 1838 में पूरा हुआ। उसके बाद 1839 से शाही जुलूस और शाही किचन की शुरुआत कर दी गई ओर मोहम्मद अली ने हुसैनाबाद मुबारक के नाम से ट्रस्ट स्थापित किया जो अभी तक चल रही है और इसका जिम्मा अब हुसैनाबाद ट्रस्ट लखनऊ डीएम के हाथ में है अब यहाँ शाही किचन में पर्ची के माध्यम से लोगों को इफ्तारी और शाम का खाना भी दिया जाता है खाने में लोगों को रोटी आलू का सालन दाल दी جاتی है इसमें सभी धर्म और समुदाय के लोग आते हैं। किसी के लिए कोई रोकटोक नहीं है。 शाही किचन का देखरेख करने वाले मुर्तजा हुसैन बताते हैं यह शाही किचन नवाबों के जमाने से चल रहा है दिन में किचन में आलू की सब्जी और दाल देसी घी में पकाई जाती है। वेज खाना होने के कारण रोजेदारों के अलावा अन्य लोग भी इसे खा सकते हैं। हुसैनाबाद ट्रस्ट में नाम लिखा चुके दो से ढाई हजार लोगों को रोजाना पर्ची के जरिए इफ्तार ओर खाना दिया जाता जाता है。 इसके अलावा हुसैनाबाद ट्रस्ट के अंतर्गत चलने वाली शहर की 18 मस्जिदوں में ढाई हजार लोगों का इफ्तार जाता है जो मस्जिदों इफ्तार भेजा जाता है उसमें 10 प्रकार के आइटम्स होते हैं। इसमें केला, केक, ब्रेड-मक्खन, समोसे पानी बोतल पकौड़ी समेत कई पकवान शामिल रहते हैं उन्होमे आगे बताया गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए इफ्तारी बनती है। ऐसे लोगों को रमजान शुरू होने से पहले हुसैनाबाद ट्रस्ट में अपना नाम लिखवाना पड़ता है उसके बाद 30 दिन रमज़ान तक उन्हें इफ्तारी और खाने का सामान मिलता है
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MKMohammed Khan
Feb 20, 2026 11:51:55
Ajmer, Rajasthan:रमज़ान उल मुबारक़ का पहला जुमा मुल्क भर में अल्लाह की इबादत से अदा किया गया। अजमेर शरीफ में भी रमज़ान की रौनक देखी जा रही है। जहां हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैहि के दरबार मे ज़ायरीन की खासी रौनक देखी गई। माह रमज़ान के पहले अशरा में पहला जुमा की नमाज़ अदा कर नमाज़ी बेहद खुश है और अल्लाह से अपनी ज़िंदगी मे खुशियां मांग रहे है। अजमेर दरगाह की शाह जानी मस्जिद से जुमे की नमाज़ शहर काजी तौसीफ अहमद सिद्दीकी ने अदा कराई और रमज़ान के अय्याम में ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की इबादत करने और ज़रूरत मंदो की मदद कर सवाब कमाने की अपील की। अजमेर से हमारे नुमाइंदा मोहम्मद रईस खान की एक खास रिपोर्ट
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