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KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow8 Jan 2025, 01:04 pm
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दिल्ली पूर्वी जिले में चेनू गैंग के सदस्य गिरफ्तार; पिस्तौल-कारतूस बरामद

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के पूर्वी जिले में पुलिस ने अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात चेनू गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी इलाके में लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था लेकिन समय रहते उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी की पहचान सलमान कुरैशी के रूप में हुई जो न्यू सीलमपुर इलाके की झुग्गियों में रहता है। पुलिस के मुताबिक वह चेनू गैंग के लिए काम करता है और गैंग के अन्य सदस्यों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सलमान पहले भी चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े छह मामलों में शामिल रह चुका है। उसके खिलाफ न्यू अशोक नगर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अब बरामद हथियार के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
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अलवर के असिस्टेंट प्रोफेसर अग्नि देव आर्य का हार्ट अटैक से निधन, शिक्षा जगत में शोक

Alwar, Rajasthan:अलवर में असिस्टेंट प्रोफेसर अग्नि देव आर्य का हार्ट अटैक से निधन, शिक्षा जगत में शोक अलवर के बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय में कार्यरत 44 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर अग्नि देव आर्य का शुक्रवार सुबह अचानक हृदयघात से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से महाविद्यालय सहित पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनईबी थाना क्षेत्र के दाउदपुर स्थित जनकपुरी कॉलोनी निवासी अग्नि देव आर्य शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे अपने घर पर बाथरूम से बाहर निकलते ही अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। परिजन उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। सरकारी अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अग्नि देव आर्य सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता सत्यदेव आर्य के पुत्र थे। उनका परिवार शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ा रहा है। उनके चाचा अशोक आर्य इसी महाविद्यालय में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी बहन अंजना आर्य न्यायालय में मुख्य लोक अभियोजक हैं। बताया जा रहा है कि अग्नि देव आर्य अविवाहित थे और उनके विवाह की तैयारियां चल रही थीं। पिता सत्यदेव आर्य के अनुसार, परिवार में शादी की तैयारियां शुरू ही हुई थीं कि उससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई। उनके असामयिक निधन से परिजनों, सहकर्मियों और विद्यार्थियों में गहरा शोक व्याप्त है।
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सीकर के श्रीमाधोपुर में बदला मौसम, 15 मिनट की बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ाई

Sikar, Rajasthan:लोकेशन श्रीमाधोपुर सीकर रिपोर्टर लक्की अग्रवाल अच‍नक मौसम का बदला मिजाज, काली घटाओं के साथ मौसम परिवर्तन, तेज गर्जना के साथ हुई बारिश, अच‍न बारिश से किसानों के माथे पर फिर चिंता की लकीरें, खेतों में पकी खड़ी तथा कट‌ी फसल खराब होने की संभावना, करीब 15 मिनट तक हुई झमाझम बारिश, बारिश के साथ ही मौसम भी हुआ सुहावना एंकर श्रीमाधोपुर इलाके में आज सुबह अचानक मौसम ने करवट ले ली। देखते ही देखते आसमान में काली घटाएं छा गईं और तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब 15 मिनट तक हुई इस बारिश ने जहां मौसम को सुहावना बना दिया, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। अचानक हुई इस बारिश से खेतों में पकी फसल तथा कट‌ी फसल के खराब होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं चना और सरसों की फसल कटाई के दौर में है, ऐसे में बारिश नुकसान का कारण बन सकती है। तेज हवाओं और गर्जना के साथ हुई बारिश ने खेतों में पड़ी फसल को भी प्रभावित किया है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे आमजन को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, किसानों के लिए यह राहत चिंता में बदलती नजर आ रही है। यदि इसी तरह मौसम का मिजाज बना रहा, तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
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फळेगांव जत्रा: हनुमान जयंती के अवसर पर पालखी शोभायात्रा भक्तों के बीच

Thane, Maharashtra:फळेगांव येथील जत्रा उत्साहात संपन्न.. हनुमान जयंती निमित्त भरते जत्रा... टाळ मृदंगांच्या गजरात‌ व हरीनामाच्या जयघोषात निघाली देवाची पालखी मिरवणूक... चैत्र महिना म्हटला की कल्याण तालुक्यातील फळेगावकरांना वेध लागतात ते गावातील जत्राचं. यंदा ही मोठ्या उत्साहात हनुमान जयंती निमित्ताने फळेगांव जत्रा भरली् या निमित्ताने हरिपाठ, भजन व कीर्तना बरोबर विविध धार्मिक कार्यक्रमांचे आयोजन करण्यात आलं होतं. रात्री उशिरा देवाची पालखी मिरवणूक सोहळ्यात हिंदू धार्मिक संस्कृतीचे दर्शन झालं. फळेगांवातील हनुमान मंदिर हे अतिशय पुरातन असून यंदाचा हनुमान जयंती उत्सव मोठ्या भक्तिभावाने पार पडला. रात्री दहा नंतर हनुमंत रायांच्या जन्माचा सोहळा संपन्न झाल्यावर देवाची पालिखी खांद्यावर घेऊन पाच वेळा मंदिराला प्रदक्षिणा मारली‌ गेली. नंतर टाळ-मृदंगांच्या गजरात‌ व हरीनामाच्या जयघोषात,भजन गात संपूर्ण गावातून रात्रभर हनुमंतरायांची पालखी मिरवणूक काढण्यात आली.‌ या पालखी सोहळ्यात अबालवृद्धांसह ग्रामस्थ व महिला मोठ्या संख्येने सहभागी झाल्या होत्या. यावेळी गावातील तरुणांनी व बच्चे कंपनीने विविध देवदेवतांची पात्र तयार करून पालखी सोहळ्यात सहभाग घेतला होता. ही पात्रं लोकांचं लक्ष वेधून घेत होती. रात्री उशिरा पालखी पुन्हा देवळात पोहचली. यावेळी सांगतेचे अभंग घेऊन पालखी सोहळ्याचा समारोप करत सर्वांना प्रसाद‌ व श्रीफळ देण्यात आलं.
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खूंटी तालाब में डूबे तीन बच्चों की दर्दनाक मौत, गांव में मातम

Khunti, Jharkhand:खूंटी जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। तोरपा थाना क्षेत्र के गुफु बड़का टोली में तालाब में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। मृतकों में सुमन गुड़िया का 8 वर्षीय बेटा निमिसन गुड़िया, 10 वर्षीय जइसन गुड़िया और हेरमन गुड़िया का 6 वर्षीय बेटा डेविड गुड़िया शामिल हैं। तीनों बच्चे राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुफु के छात्र थे। बताया जा रहा है कि स्कूल की छुट्टी के बाद तीनों बच्चे खेलने के लिए तालाब की ओर चले गए थे। इसी दौरान आशंका है कि नहाने के क्रम में वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। इधर, बच्चों की तलाश में पहुंची मां को तालाब किनारे उनके कपड़े मिले, जिसके बाद गांव वालों को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने तुरंत तालाब में उतरकर बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर तोरपा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच में जुट गई है। एक साथ तीन बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में गम का माहौल है।
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धौलपुर में हनुमान जयंती शोभायात्रा ने शहर में गूँजा जय हनुमान जय श्रीराम

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर में धूमधाम से निकली हनुमानजी शोभायात्रा जगह जगह पुष्प वर्षा कर किया स्वागत, जय हनुमान जय श्री राम के गूंजते रहे जयकारे धौलपुर। रामभक्त हनुमत बलबीरा के जन्मोत्सव पर पूरा धौलपुर शहर हनुमानमय हो गया। शोभायात्रा में मानो समूचा शहर ही उमड़ पड़ा। बैंड-बाजों की मधुर ध्वनि के बीच भव्य झांकियों ने लोगों का मन मोह और पहली बार किन्नर समाज और मुस्लिम समाज ने हनुमान जयंती में स्वागत का सम्मान किया बीते देर शाम हाइवे स्थित सती वाले हनुमान मंदिर से शोभायात्रा शुरू हुई। पूरी रात शोभायात्रा ने पूरे शहर में भ्रमण किया। इस दौरान शोभायात्रा के स्वागत के लिए जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए। रास्तेभर शोभायात्रा पर फूलों की बरसात होती रही। शोभायात्रा में 50 झांकियां शामिल हुई। इनमें से अधिकतर झांकियां बाहर की थीं। कई बैंड भी शोभायात्रा में शामिल रहे। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए। इसके लिए पुलिस और प्रशासन ने पहले से ही तैयारियों शुरू कर दी थी। आरती उतार कर शोभायात्रा को रवाना किया। शोभायात्रा के मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई। ड्रोन द्वारा निगरानी की जा रही थी। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके अलावा सादा कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए। धौलपुर शहर से निकली शोभायात्रा के स्वागत के लिए सर्वसमाज उमड़ पड़ा। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। शहर में कई स्थानों पर विभिन्न समाजों की ओर से शोभायात्रा का स्वागत किया गया। कई स्थानों पर जलपान की व्यवस्था भी की गई। हनुमान जयंती शोभायात्रा सती वाले हनुमान जी से प्रारंभ होकर टाउन चौकी, फूटा दरवाजा, हॉस्पीटल, जगन टॉकिज, सराय गजरा रोड, लाल बाजार, हनुमान तिराहा, पुरानी सब्जी मंडी, तोप तिराहा आदि तय मार्गों से होकर निकाली गई। इस दौरान जय हनुमान जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे।
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भीनमाल में पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम, ठंडक व हल्की बारिश बनी

Jalore, Rajasthan:भीनमाल में पश्चिमी विक्षोभ का असर, बदला मौसम सुबह बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, तापमान में गिरावट,शहर सहित आसपास के गांवों में हल्की बारिश,अचानक बदले मौसम से जनजीवन प्रभावित,किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता जालौर जिले के भीनमाल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। शहर सहित आसपास के कई गांवों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई。 अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि इस मौसम परिवर्तन से फसलों को नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है।
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फरीदाबाद में गर्लफ्रेंड से मिलने आए युवक की हत्या, बहन सहित 5 गिरफ्तार

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद ब्रेकिंग फरीदाबाद: गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचे युवक की चाकू गोदकर हत्या, हमले में शामिल छोटी बहन; 5 आरोपी गिरफ्तार फरीदाबाद के रोशन नगर इलाके से एक सनसनिय घटनाक्रम सामने आया है। here गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचे दिल्ली निवासी एक युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 25 वर्षीय मानस राय के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मानस राय अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने उसके घर पहुंचा था, तभी वहां पहले से मौजूद लोगों ने उस पर हमला कर दिया। हमले में लड़की की छोटी बहन भी शामिल बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग समेत कुल पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बच्चा चोरी की अफवाह से ग्रामीणों ने महिला को पकड़कर बंधक बना लिया; पुलिस हिरासत में लिया

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -​छतरपुर के लवकुश नगर थाना क्षेत्र के पठा चौकी के बरौहा गांव में बच्चा चोरी की अफवाह से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने एक संदिग्ध महिला को बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया और रस्सी से बांधकर बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराकर हिरासत में लिया. ​ महिला की हरकतों को संदिग्ध देख ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया था। हालांकि, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत हो रही है। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और महिला की असल पहचान व मंशा का पता लगाया जा रहा है।
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उज्जैन में विज्ञान केंद्र का उद्घाटन, महाकाल: The Master of Time सम्मेलन की शुरुआत

Ujjain, Madhya Pradesh:मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री द्वय की गरिमामय उपस्थिति में आज होगा विज्ञान केंद्र का लोकार्पण समारोह उज्‍जैन में 3 से 5 अप्रैल को अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन महाकाल: द मास्‍टर ऑफ टाईम का आयोजन होगा प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान पर होगा वैश्विक मंथन देश-विदेश के विशेषज्ञ वैज्ञानिक एवं विद्वान होंगे सम्मिलित उज्जैन, अप्रैल। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्‍द्र प्रधान और केंद्रीय संस्‍कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की गरिमामय उपस्थिति में उज्जैन विज्ञान केंद्र का लोकार्पण समारोह शुक्रवार 03 अप्रैल को सेक्‍टर-सी वसंत विहार स्थित तारामंडल में आयो‍जित किया जाएगा। एमपीसीएसटी के डायरेक्टर जनरल डॉ. अनिल कोठारी ने जानकारी दी कि प्रात: 10 से 10:30 बजे के मध्‍य उज्‍जैन साईंस सेंटर का लोकार्पण किया जाएगा। इसके पश्‍चात महाकाल द मास्‍टर ऑफ टाईम प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया जाएगा। इसके साथ ही 03 दिवसीय महाकाल: द मास्‍टर ऑफ टाईम पर आधारित अंतर्राष्‍ट्रीय कांफ्रेंस का उद्‌घाटन भी तारामंडल परिसर में अतिथियों की उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर विशिष्‍ट अतिथि अध्यक्ष इसरो/ सचिव, भारत सरकार, अंतरिक्ष विभाग डॉ. वी. नारायणन एवं विचारक एवं लेखक श्री सुरेश सोनी, नेशनल कार्डीनेटर आई.के.एस. नई दिल्‍ली डॉ. गंती एस मूर्ति, राष्‍ट्रीय नीति आयोग के सदस्‍य डॉ. वी.के. सारस्‍वत भी समारोह में सम्मिलित होंगे。 उल्लेखनीय है कि बाबा महाकाल और सम्राट विक्रमादित्य की पावन नगरी उज्जैन, जो सहसाद्वियों से समय गणना और खगोल विज्ञान की वैश्विक धुरी रही है, एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक और बौद्धिक संगम का केंद्र बनने जा रही है। तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन "महाकाल: The Master of Time" का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक खगोल विज्ञान अंतरिक्ष विज्ञान के समन्वय का एक अनूठा मंच प्रदान करेगा, जिसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक, खगोलविद, शिक्षाविद, शोधार्थी, नीति-निर्माता तथा अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर उज्जैन विज्ञान केंद्र का उद्घाटन भी किया जाएगा। साथ ही दो विशेष कार्यशालाओं यूएवी (अनगैन्ड एरियल व्हीकल) एवं आरसी (रिमोट कंट्रोल) तथा सैटेलाइट मेकिंग (उपग्रह निर्माण) का आयोजन किया जाएगा, जो युवाओं में तकनीकी कौशल, नवाचार और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को प्रोत्साहित करेंगी。 "महाकाल: The Master of Time" अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन पुरातनकाल से ही भारत ज्ञान एवं विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी देश होकर विश्व गुरु के पद पर प्रतिष्ठित रहा है। विश्व के प्राचीनतम नगर उज्जैन का गौरवशाली इतिहास रहा है। उज्जैन से लगभग 35 किलोमीटर दूर महिदपुर तहसील के अंतर्गत एक छोटा सा ग्राम डोंगला प्राचीन समय से ही खगोल विज्ञान और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है क्योंकि कर्क रेखा ग्राम डोंगला से होकर गुजरती है एवं यह वर्तमान में काल गणना का केंद्र बिंदु है。 इस सम्मेलन का मुख्य विषय "महाकाल: The Master of Time" है। इस सम्मेलन में सह आयोजक के रूप में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्ऩोलॉजी इंदौर, वीर भारत न्यास एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान सहभागिता कर रहे हैं。 इस आयोजन के मुख्य उद्देश्य उज्जैन-डोंगला को विश्व के मध्यान (मेरिडियन) के रूप में स्थापित करना, विकसित भारत के लिए स्पेस इकोनॉमी का महत्व ,खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनॉमी), खमील भौतिकी (एस्ट्रोफिजिक्स) एवं ब्रह्मांड विज्ञान (कॉस्मॉलॉजी) के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक एवं विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत काल गणना एवं खगोल विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करना है。 इस सम्मेलन में कार्यक्रमों के अंतर्गत मुख्य वक्तव्य, पैनल चर्चा, समानांतर सत्र, खुले सत्र, कॉर्पोरेट एवं शोध शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत एक्सपो के अंतर्गत उपयोगी तकनीक एवं अनेक वास्तविक समाधान का प्रदर्शन, डोंगला वेधशाला शमण एवं कार्यशाला तथा प्रतियोगिताएं, अंतरिक्ष विज्ञान स्टार्टअप सम्मेलन, पुस्तक विमोचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे。 सम्मेलन के प्रमुख विषय सम्मेलन में आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर विशेष फोकस रहेगा। प्रमुख विषयों में उज्जैन-डोंगला को वैश्विक मेरिडियन के रूप में स्थापित करना, विकसित भारत में स्पेस इकोनॉमी की भूमिका, खगोल विज्ञान, एस्ट्रोफिजिक्स एवं कॉस्मोलॉजी में नवीनतम तकनीक, भारतीय काल गणना पद्धति का वैज्ञानिक आधार, कालचक्र और सभ्यता का विकास, स्पेस सेक्टर एवं रक्षा रणनीतियां शामिल है। कार्यक्रम में यह तकनीकी सत्र आयोजित होंगे - 1. काल, इसका मापन एवं उज्जैन का विश्व के मेरिडियन की पुनर्स्‍थापना के लिए महत्व । 2. काल चक्रः सभ्यताओं की समय एवं स्थान आधारित गतिविधियां एवं उत्पत्ति । 3. खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी में आधुनिक प्रगति । बीज वक्तव्य : अन्तरिक्ष विज्ञान आधारित भारत कि रक्षा के लिए रणनीति । 4. विकसित भारत के लिए अंतरिक्ष अर्थव्यवस्थाः राष्ट्र सेवा में अंतरिक्ष तकनीकियां प्रो. धवन की दृष्टि को आगामी शताब्दी के लिए पुनर्जीवित करना; भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को विकसित करना एवं युवाओं के लिए अवसर प्रदान करना。 5. भारत में खगोल विज्ञान एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में शोध का वर्तमान एवं भविष्य । 6. विषयानुसार भाची आतिविधियों एवं कार्यक्रमों के लिए पैनल चर्चा। तकनीकी सत्रों में देश-विदेश के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद अपना उद्‌बोधन देंगे। मुख्य रूप से डॉ. वी. के. सारस्वत (सदस्य, नीति आयोग), प्रो. यासुहाइड होबारा (टोक्यो), डॉ. निलेश देसाई (निदेशक - अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, इसरो, अहमदाबाद), डॉ. प्रकाश चौहान (निदेशक राष्ट्रीय सुदूर संवेदन वेंद्र, इसरो, हैदाबाद), कर्नाटक संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. श्रीनिवास बाराखेडी, अशोका विश्वविद्यालय, सोनीपत के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ चौधरी, भारतीय खगोल विज्ञान संस्थान (IIA), बेंगलुरु के निदेशक अन्नपूर्वी सुब्रमण्यम, राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत, गांधीनगर के निदेशक डॉ. अरविंद रनाडे, प्रो. दीपांकर बनर्जी (कुलगुरु भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुवनंतपुरम), प्रो. अनिल भारद्वाज (निदेशक, भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद) एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिक शामिल होंगे। समानांतर सत्रों में कई कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी जैसे प्रथम दिवस महाविद्यालयीन छात्रों के लिए अंतरिक्ष तकनीकी (उपग्रह निर्माण) कार्यशाला, सभी प्रतिभागियों के लिए सूर्य के सनस्पॉट का सुरक्षित अवलोकन/अध्यन, मेगा साइंस एवं मेगा मिशन प्रोजेक्ट्स पर शिक्षक-छात्र संवाद कार्यक्रम एवं टेलीस्कोप द्वारा रात्रि आकाश अवलोकन द्वितीय दिवस विद्यालयीन छात्रों के लिए आरसी प्लेन कार्यशाला एवं डोंगला में ग्रहों एवं डीप स्काई अवलोकन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें आमजन को काल गणना, अंतरिक्ष एवं ब्रह्मांड विज्ञान में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं आधुनिक विज्ञान की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रदर्शनी में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, सीएसआईआर, इसरो, टीआईएफआर, एमपीसीएसटी, आईआईटी इंदौर. डीआरडीओ, ब्रह्मोस एयरोस्पेस एवं अन्य संस्थाएं अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित करेंगी। इसके अतिरिक्त भारतीय ज्ञान परंपरा एवं कालगणना से संबंधित प्रकाशित लेखन सामग्री/पुस्तकों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी。 कार्यशाला में पुस्तक विमोचन, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को बहुआयामी अनुभव प्राप्त होगा, जिसमें मुख्य वक्तव्य एवं उच्च स्तरीय पैनल चर्चाएं, समानांतर तकनीकी सत्र एवं ओपन सेशन, टेक्नोलॉजी एक्सपो और स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस, डोंगला स्थित वेधशाला का भ्रमण एवं कार्यशाला, पुस्तक विमोचन, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे。 उज्जैन साइंस सेंटर का होगा उ‌द्घाटन म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन, द्वारा उज्जैन तारामण्डल परिसर में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की विज्ञान की "विज्ञान की संस्कृति को बढ़ावा देने की योजना" (SPOCS) के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् के सहयोग से साइंस सेंटर (केटेगरी-2) का निर्माण किया गया है। उक्त नवनिर्मित साइंस सेंटर के निर्माण लागत रू. 15.20 करोड़ है जिसमें केन्द्रांश 6.50 करोड़ तथा राज्यांश 8.56 करोड, हैं。 उक्त साइंस सेंटर में विद्यार्थी, शिक्षक, शोधार्थी एवं जनसामान्य तक विज्ञान के सिद्धांत प्रदर्शन के लिए गैलरी ऑन साइंस फन, आउटडोर साइंस पार्क, अवर साइंस एण्ड टेक्नालॉजी, हेरिटेज विषय पर थेमेटिक गैलरी तथा नवाचार, स्टूडेंट एक्टिविटी हाल, एग्ज़िबिट डेपलेपमेंट लैब जैसी सुविधाएँ विकसित की गई है। तारामण्डल परिसर में नवनिर्मित साइंस सेन्टर के लोकार्पण 03 अप्रैल को किया जाएगा। उज्जैनः काल गणना की प्राचीन धुरी, विक्रम साराभाई के विज़न को मिलेगा विस्तार उज्जैन प्राचीन काल से ही समय मापन की वैश्विक धूरी रहा है। महान खगोलविद आचार्य वराहमिहिर ने उज्जैन को खगोलीय गणनाओं का आधार बनाया था। यहां विकसित 'कालचक्र' की अवधारणा आज भी आधुनिक खगोल विज्ञान को प्रेरित करती है। सम्मेलन का उद्देश्य डॉ. विक्रम साराभाई के उस दूरदर्शी विजन को आगे बढ़ाना है, जिसमें भारत को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक में अग्रणी राष्ट्र बनाते हुए समाज कल्याण और राष्ट्रीय विकास सुनिश्चित किया गया है। स्पेस इकोनॉमी और भविष्य की दिशा, उज्जैन बनेगा "टाइम स्केल सेंटर" मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश स्पेस तकनीक की दिशा में निरंतर मतिमान रहा है। "विकसित भारत" के लक्ष्य में स्पेस इकोनॉमी की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत चंद्रयान, आदित्य 11 और गगनयान जैसे अभियानों के माध्यम से नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है। मध्यप्रदेश भी स्टार्टअप्स और नवाचार के जरिए इस क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उज्जैन केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि प्राचीन काल में विश्व की समय गणना की धुरी रहा है। राज्य सरकार उज्जैन को पुनः वैश्विक 'टाइम स्केल सेंटर" के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके साथ ही आधुनिक साइंस सेंटर और प्रस्तावित साइंस सिटी का विकास भी किया जा रहा है, जिससे युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन में इसरों, सीएसआईआर, डीआरडीओ, नीति आयोग एवं देश-विदेश के प्रमुख शिक्षण एवं शोध संस्थानों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी。 समापन दिवस पर महत्वपूर्ण चर्चा कार्यक्रम का समापन 05 अप्रैल को किया जाएगा। इस दिन सम्मेलन में प्राप्त सुझावों के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना बनाने के लिए महत्वपूर्ण बैठक भी की जाएगी। अनुशंसाओं को मूर्त रूप देने के लिए आगामी कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा。
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पटना की दीघा मंडी में अतिक्रमण हटाने के बाद तेज़ बुल्डोजर एक्शन

Patna, Bihar:दीघा मंडी में हर दिन हजारों दुकानें सब्ज़ी और फल की लगती है। 1 अप्रैल से पटना सहित पूरे बिहार में नगर निगम की तरफ से अतिक्रमण मुक्त ड्राइव शुरू हो चुका है जिसके बाद एक बार फिर यहां पर भी बुल्डोजर एक्शन देखने को मिलेगा। दुकानों की अव्यवस्थित तरीके से लगने के कारण यहां आए दिन घंटोंतक लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है, निजी वाहनों के साथ स्कूल की बसे भी 2-2 किलोमीटर तक लाइन में लगी रहती हैं जिसे लोगों को काफी परेशानी होती है। वेंडिग जोन ना होने के कारण और दुकानों की संख्या ज्यादा होने से लोग अपनी दुकान फुटपाथ पे भी लगा देते हैं इसके अलावा जो खरीदारी करने पहुंचते हैं उनकी गाड़ियां सड़क पर लगी रहती हैं जिससे यातायात व्यवस्था में बाधा आती है और जाम लगता है। दुकानदारों का कहना है सरकार की तरफ से हमें कोई स्थायी जगह नहीं मिली है, अगर सरकार हमें वेंडिग जोन दे दे तो हम अपनी दुकान वहीं लगाएंगे। बुल्डोजर जब आता है तो हमें भी दिक्कत होती है, सामान हटाना पड़ता है कई नुकसान भी हुआ है, हमारा पूरा घर इसी दुकान से चलता है ये हमारी रोज़ी रोटी है।
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