icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

चैटजीपीटी से नकल के आरोप: सागर विश्वविद्यालय ने सतपुड़ा कॉलेज के रिजल्ट रोके

Noida, Uttar Pradesh:ChatGPT से नकल करते पकड़ाए छात्र, सागर यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट रोका, छिंदवाड़ा के सतपुड़ा कॉलेज का मामला चैटजीपीटी से सामूहिक नकल का खुलासा, सागर विश्वविद्यालय ने संबद्ध कॉलेज का रिजल्ट रोका सागर। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर से संबद्ध छिंदवाड़ा जिले के सौनसर स्थित एक निजी महाविद्यालय में चैटजीपीटी की मदद से सामूहिक नकल का मामला सामने आया है। परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान इस गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कॉलेज की सभी कक्षाओं के परीक्षा परिणामों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध 17 महाविद्यालयों में मई माह के दौरान द्वितीय, चतुर्थ एवं षष्ठम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। पिछले सेमेस्टर से लागू केंद्रीय मूल्यांकन व्यवस्था के तहत सभी कॉलेजों की उत्तरपुस्तिकाएं जांच के लिए डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय भेजी गई थीं। इसी दौरान अर्थशास्त्र विषय की एक उत्तरपुस्तिका की जांच कर रहे शिक्षक को उत्तर के बीच में एक असामान्य पंक्ति दिखाई दी, जिसमें लिखा था कि "पूरे उत्तर का वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें।" इस टिप्पणी ने मूल्यांकनकर्ता को चौंका दिया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल इसकी सूचना परीक्षा नियंत्रक को दी। परीक्षा नियंत्रक के निर्देश पर संबंधित महाविद्यालय की अन्य उत्तरपुस्तिकाओं की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने लगभग एक जैसे उत्तर लिखे हैं। उत्तरों की भाषा, प्रस्तुति और शैली भी पूरी तरह समान पाई गई। प्रारम्भिक जांच में यह आशंका जताई गई कि विद्यार्थियों ने चैटजीपीटी पर उपलब्ध उत्तरों को मोबाइल के माध्यम से पढ़कर या कॉपी कर उत्तरपुस्तिकाओं में हूबहू लिख दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह मामला केवल एक विद्यार्थी या एक विषय तक सीमित नहीं है। जांच के दौरान तीन अलग-अलग विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं में भी इसी प्रकार के समान उत्तर मिले हैं, जिससे सामूहिक नकल की आशंका और मजबूत हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह सुनियोजित तरीके से की गई नकल का मामला हो सकता है। जाँच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित विद्यार्थी छिंदवाड़ा जिले के सौंसर स्थित सतपुड़ा कॉलेज ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड बायोटेक्नोलॉजी का है। इसके बाद कॉलेज के अन्य विद्यार्थियों की कॉपियों की भी गहन जांच की गई, जिसमें बड़ी संख्या में उत्तर चैटजीपीटी से तैयार सामग्री से मेल खाते पाए गए। इसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कॉलेज की सभी कक्षाओं के परीक्षा परिणाम रोक दिए हैं। विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी विवेक जायसवाल का कहना है कि सागर विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध अन्य सभी महाविद्यालयों के परीक्षा परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं, लेकिन सामूहिक नकल के इस प्रकरण के कारण केवल संबंधित कॉलेज के परिणाम जारी नहीं किए जाएंगे। पहले पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और कॉलेज प्रबंधन से जवाब मांगा जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कॉलेज प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस का जवाब मिलने और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित विद्यार्थियों के खिलाफ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही कॉलेज का परीक्षा केंद्र बदलने, दोबारा परीक्षा आयोजित कराने अथवा अन्य अनुशासनात्मक कदम उठाने पर भी विचार किया जाएगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्लेटफॉर्म जैसे चैटजीपीटी का उपयोग पढ़ाई और जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन परीक्षा में इस तरह के साधनों का दुरुपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों से न केवल परीक्षा प्रणाली प्रभावित होती है बल्कि मेहनत से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के साथ भी अन्याय होता है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सामूहिक नकल किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुई। विश्वविद्यालय ने संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमों के अनुरूप सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो。
0
0
Report

सहरसा में जमीन विवाद, युवक की हत्या के बाद प्रदर्शन तेज

Saharsa, Bihar:जहाँ दो पक्षों के बीच जमीनी विवाद में एक युवक की निर्मम तरीके से हत्या कर शव को पोखर के समीप फेंक दिया गया. घटना सदर थाना क्षेत्र के कहरा नाथबाबा पोखर के समीप की है. मृतक युवक की पहचान सोनू कुमार के रूप में की गई जो कहरा का ही रहने वाला था. पुलिस ने खून से लथपथ युवक का शव पोखर के समीप से बरामद किया है. घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने रिफ्यूजी चौक के समीप शव रखकर सड़क को जाम कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग करने लगे. परिजनों ने अरविंद पोद्दार, श्याम पोद्दार नामक शख्स पर आरोप लगाते हुए कहा कि जमीन के विवाद में इनलोगों द्वारा कल से ही धमकी दी जा रही थी और आज उसकी हत्या कर शव को पोखर के समीप फेंक दिया गया. इधर घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और मामले की जाँच करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी में जुटी हुई है.
0
0
Report
Advertisement

भर्ती उत्सव के लिए प्रक्रियाओं में तेजी: मुख्य सचिव ने 2026 कैलेंडर की समीक्षा की

Jaipur, Rajasthan:प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रोजगार उत्सव में बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र देने की तैयारी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने वर्ष 2026 के भर्ती परीक्षा कैलेंडर और विभागवार भर्ती प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन भर्तियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, उनमें दस्तावेज सत्यापन, परिणाम और नियुक्ति आदेश जारी करने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। लक्ष्य है कि आगामी रोजगार उत्सव में अधिकतम पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा सकें। बैठक में अलग-अलग विभागों में चल रही 24,752 सफाई कर्मचारी, 10,644 कनिष्ठ सहायक एवं क्लर्क ग्रेड-II, 6,000 पुलिस कांस्टेबल, 3,500 शिक्षण सहयोगी, 3,430 ग्राम विकास अधिकारी, 1,100 कृषि पर्यवेक्षक, 3,000 जूनियर टेक्निकल सुपरवाइजर, 2,000 नर्सिंग एवं पैरामेडिकल, 1,548 आयुष, 1,100 पशु चिकित्सा अधिकारी, 1,059 सहायक अभियंता और 774 जूनियर अभियंता समेत अन्य भर्तियों की स्थिति देखी गई। रोज़गार उत्सव से पहले इन भर्तियों पर फोकस। मुख्य सचिव ने खासतौर पर उन भर्तियों की प्रगति जानी, जो अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इनमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, शिक्षक ग्रेड-III, संस्कृत शिक्षा विभाग के शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष, जेल प्रहरी, NHM और बस परिचालक जैसी भर्तियाँ शामिल हैं। अधिकारियों को कहा गया कि इनकी प्रक्रिया जल्द पूरी कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं, ताकि रोजगार उत्सव में नियुक्ति पत्र दिए जा सकें। RPSC-RSSB और विभागों में समन्वय पर जोर। मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने कहा कि युवाओं को समय पर रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है। भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन किया जाए। लंबित मामलों का जल्द निस्तारण हो और दस्तावेज सत्यापन से लेकर परिणाम तथा नियुक्ति आदेश तक की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि भर्ती परीक्षाओं के परिणाम और नियुक्तियां समय पर हो सकें। एक साथ कई विभागों की भर्ती पर नजर भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। RPSC और RSSB के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में जुड़े।
0
0
Report
Advertisement

राजस्थान में ड्रग माफिया के खिलाफ निगरानी रणनीति: 10 केस, 5 टार्गेट माफिया

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में ड्रग माफिया के खिलाफ अब कार्रवाई सिर्फ नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार ने ड्रग के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए ‘डिटेक्ट-डिसरप्ट-डेस्ट्रॉय’ की रणनीति पर काम करने का फैसला किया है। इसके तहत हर जिले में ड्रग्स से जुड़े 10 प्रमुख मामलों को चिन्हित किया जाएगा और इनमें से 5 कुख्यात ड्रग माफियाओं की अलग सूची तैयार होगी। इनके खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी और अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी होगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (NCORD) की बैठक में अधिकारियों को ड्रग माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल तस्कर तक नहीं, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन तक पहुंचनी चाहिए। हर जिले में 10 केस, इनमें से 5 ‘टारगेट’। बैठक में सबसे अहम फैसला हर जिले में ड्रग्स से जुड़े मामलों की टारगेटेड मॉनिटरिंग को लेकर रहा। मुख्य सचिव ने सभी पुलिस अधीशक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने जिले के 10 प्रमुख ड्रग केसों की सूची तैयार करें। इन मामलों के आधार पर 5 कुख्यात ड्रग माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। यानी अब सामान्य कार्रवाई के बजाय पुलिस का फोकस उन अपराधियों पर रहेगा, जो ड्रग नेटवर्क को लगातार चला रहे हैं या जिनकी भूमिका बार-बार सामने आ रही है। ड्रग्स के साथ तस्करों की संपत्ति पर भी नजर। सरकार की रणनीति ड्रग तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने की भी है। चिन्हित ड्रग माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उनकी अवैध कमाई और संपत्तियों की जांच कर नियमानुसार संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए सिर्फ गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। इसके पीछे मौजूद आर्थिक तंत्र को भी तोड़ना होगा। एक दिन, सभी थानों में ड्रग्स नष्ट करने का अभियान। बैठक में जब्त किए गए मादक पदार्थों के निस्तारण को लेकर भी निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में एक साथ विशेष अभियान चलाकर जब्त ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों को नष्ट किया जाए। इसका मकसद थानों में लंबे समय से पड़े जब्त मादक पदार्थों के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज करना और कार्रवाई को प्रभावी बनाना है। कमजोर चार्जशीट से बचें, सजा तक पहुंचाएं केस। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आदतन अपराधियों के खिलाफ तथ्यों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चार्जशीट तैयार की जाए। कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को जल्द और कठोर सजा दिलाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई का अंतिम लक्ष्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि दोषसिद्धि सुनिश्चित करना होना चाहिए। तीन या ज्यादा केस वालों पर पहले कार्रवाई। जिन आरोपियों के खिलाफ तीन या उससे अधिक आपराधिक मामले लंबित हैं, उनके प्रकरणों का प्राथमिकता से शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। सरकार का फोकस ऐसे आरोपियों पर है, जिनका आपराधिक नेटवर्क लगातार सक्रिय है। जब्त वाहन भी ज्यादा दिन नहीं रहेंगे। ड्रग मामलों की जांच के दौरान जब्त किए गए वाहनों की भी नियमानुसार शीघ्र नीलामी करने के निर्देश दिए गए। इससे जब्त वाहनों के लंबे समय तक थानों या संबंधित परिसरों में पड़े रहने की समस्या से भी निपटने की कोशिश होगी। 2026-29 के लिए बनेगी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी। बैठक में विजन 2026-29 के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ राज्य की जीरो टॉलरेंस नीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और युवा मामलात विभाग को नशा मुक्ति, जागरूकता और तस्करी रोकने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए गए। ड्रग नेटवर्क पर सरकार का फोकस अब चार स्तरों पर। पहला— ड्रग तस्करों और सप्लायरों की पहचान। दूसरा— टॉप अपराधियों की संपत्ति और आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई। तीसरा— मजबूत चार्जशीट और कोर्ट में प्रभावी पैरवी। चौथा— नशे की मांग कम करने के लिए नशा मुक्ति और जागरूकता अभियान। बैठक में एएनटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विकास कुमार ने प्रस्तुतीकरण दिया। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सांवन्त, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, एएनटीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम.एन. सहित पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, एफएसएल, इंटेलिजेंस ब्यूरो, चिकित्सा, सामाजिक न्याय, कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। बीएसएफ राजस्थान फ्रंटियर के महानिरीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
0
0
Report

मुजफ्फरपुर में ईओयू की छापेमारी: अभियंता अरविंद चौधरी के ससुराल से लाखों के गहने और नकद मिलने का दावा

Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर में ईओयू की कार्रवाई में लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल के आवास पर लगभग 12 घंटे तक छापेमारी की गई और इस दौरान ईओयू की टीम के द्वारा लगभग 20 रूपए मूल्य के आभूषण, तीन लाख रुपए नगद और कई बैंक अकाउंट को जप्त करने की बात सामने आ रही है. जांच टीम में शामिल अधिकारी इस बाबत कुछ भी बोलने से इनकार कर चुके हैं. कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल के आवास के अलावा बिहार के 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है, जहां से भारी मात्रा में ज्वेलरी और नगद मिलने की बात सामने आई है. मुजफ्फरपुर स्थित उनके ससुराल के मकान पर आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने तलाशी के दौरान कई अलमीरा के लॉक तोड़ने की भी बात सामने आ रही है जिसमें भारी मात्रा में ज्वेलरी और नगद मिलने की बात बताई जा रही है. फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई की टीम सभी सामानों को जप्त कर आगे की जांच कर रही है. ईओयू के अनुसार कांड संख्या 15/26 में सत्यापन के दौरान लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के पास 1 करोड़ 19 लाख 98 हजार 534 रुपये की आय से 85.05 प्रतिशत अधिक संपत्ति का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला है. मुजफ्फरपुर स्थित लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के ससुराल के आवास पर EOU की टीम करीब सुबह 8:00 बजे से छापेमारी शुरू कर चुकी थी और शाम के 8 बजे तक चली. इस दौरान मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के कलमबाग चौक स्थित उनके ससुराल के मकान पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. मुजफ्फरपुर के अलावा बिहार के पटना के आदमपुर स्थित वीणस पैराडाइज अपार्टमेंट, आशोपुर स्थित वीणस इम्पायर, सासाराम स्थित कार्यालय, डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास और बांका के पीपराडीह स्थित पैतृक आवास पर चल रही है. EOU की टीम लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी से जुड़े सभी दस्तावेज, बैंक खाते और संपत्ति से जुड़े कागजात खंगाला है. अब जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.
0
0
Report
Advertisement

जनकपुरधाम में प्रदर्शन के बीच नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग तेज

Sitamarhi, Bihar:नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज में एक खास संप्रदाय के द्वारा कांवरिया जत्थे पर हुए हमले और उसके बाद हुई गोलीबारी में एक कांवरिया की मौत के बाद पूरे मधेश क्षेत्र में तनाव फैल गया है। इस घटना में एक दर्जन से अधिक कांवरिया गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के विरोध में जनकपुरधाम में लोगों का प्रदर्शन हुआ। हिंदू सम्राट सेना, नेपाल हिंदू स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, साधु-संतों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया।जनकपुरधाम के जानकी चौक, राम चौक, जनक चौक, रामानंद चौक, मिल्स एरिया और पिड़ारी चौक समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया इस दौरान प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के पुतले भी फूंके गए। प्रदर्शनकारियों ने नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने, मुस्लिम आयोग को भंग करने तथा रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को नेपाल से बाहर करने की मांग की है स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन धनुषा ने कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया। जब प्रदर्शन उग्र हो गया तो सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। हालात बिगड़ते देख जिला प्रशासन ने गुरुवार दोपहर तीन बजे से जनकपुरधाम नगर क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है।
0
0
Report

यूपी-एमपी बॉर्डर पर दूध से भरा टैंकर पलटा, लोग बर्तन लेकर दूध लूटते दिखे

Niwari, Madhya Pradesh:एंकर- निवाड़ी जिले में यूपी-एमपी बॉर्डर पर दूध से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलटा, टैंकर पलटने के बाद दूध सड़क के किनारे बनी नाली में भर गया, जिसे लूटने के लिए लोगों में होड़ मच गई, लोग अपने अपने घरों से बर्तन लेकर दूध भरते नजर आए, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, दरसअल यह पूरा मामला निवाड़ी जिले के यूपी-एमपी बॉर्डर का बताया जा रहा है, जहां दूध से भरा एक टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया, दूध के टैंकर के पलटने की खबर फैलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, इसके बाद सड़क पर फैले दूध को बर्तनों भरकर ले जाने की होड़ मच गई, इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में लोग सड़क पर फैले दूध को इकट्ठा करते नजर आ रहे हैं।
0
0
Report
Advertisement

राजस्थान में जल जीवन मिशन 2.0: 1200 पेयजल योजनाएं पंचायतों को सौंप दी जाएंगी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत अब पूरी हो चुकी पेयजल योजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। अगस्त तक 1200 पेयजल योजनाओं का ‘जल अर्पण’ किया जाएगा। इन योजनाओं से प्रदेश के करीब 2500 गांवों को लाभ मिलेगा। योजनाओं को ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों को औपचारिक रूप से सौंपा जाएगा। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक हुई। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के साथ योजनाओं के संचालन-संधारण, वित्तीय प्रबंधन और ‘जल अर्पण दिवस’ की तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार की ओर से राजस्थान के लिए स्वीकृत 80,848 करोड़ रुपए की समग्र वित्तीय सीमा में स्वीकृत सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा किया जाए। सरकार का फोकस अब केवल पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों तक नियमित और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने पर है। बैठक में योजनाओं के संचालन और संधारण यानी ओएंडएम व्यवस्था को संस्थागत रूप देने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को ग्राम पंचायत की स्थायी समिति के रूप में सक्रिय किया जाएगा। वहीं 5 से 6 ग्राम पंचायतों को मिलाकर क्लस्टर समितियां बनाई जाएंगी। ब्लॉक स्तर पर पीएचईडी की ओएंडएम सपोर्ट टीम और जिला स्तर पर जिला तकनीकी इकाई व जिला जलापूर्ति एवं स्वच्छता मिशन के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जाएगा। पेयजल योजनाओं में बिजली की खपत और खर्च कम करने के लिए अगले तीन साल में सौर ऊर्जा संचालित पंपिंग सिस्टम को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन खर्च में कमी आने के साथ बिजली पर निर्भरता भी कम करने का प्रयास होगा। जल योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और बेहतर संचालन के लिए 3000 सपोर्ट इंजीनियर, IT विशेषज्ञ और केमिस्ट की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। ये नियुक्तियां राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स नियमों के तहत होंगी। इसके अलावा पंचायत स्तर पर ‘नल जल मित्रों’ की नियुक्ति, प्रशिक्षण और मानदेय की व्यवस्था भी प्राथमिकता से पूरी करने को कहा गया है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सरकार ने बड़ी संख्या में योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा है। अब चुनौती इन योजनाओं को पंचायतों को सौंपने के बाद लंबे समय तक सुचारू रूप से चलाने की है। इसी वजह से सरकार ने ओएंडएम व्यवस्था, तकनीकी स्टाफ और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने पर खास जोर दिया है। यानि अगस्त में 1200 योजनाओं का ‘जल अर्पण’ सिर्फ उद्घाटन का कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि सरकार की कोशिश है कि इसके बाद इन योजनाओं की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय हो और गांवों में नल से पानी की सप्लाई लगातार बनी रहे।
0
0
Report

अयोध्या में लव जिहाद केस: तलाकशुदा महिला ने FIR के साथ कार्रवाई की मांग

Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या में लव जिहाद का मामला सामने आया है, मामला कोतवाली नगर क्षेत्र का है, जहां एक तलाकशुदा महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि वर्ष 2019 में तलाक के बाद फेसबुक पर "सूरज" नाम से एक युवक उसके संपर्क में आया और खुद को हिंदू बताकर उससे प्रेम संबंध स्थापित किए। महिला का कहना है कि शादी का झांसा देकर आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसे पता चला कि युवक का वास्तविक नाम मुन्ताज है और गोंडा जनपद के नवाबगंज का रहने वाला है, पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने गुप्त रूप से बनाए गए निजी वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर वर्ष 2021 में उससे निकाह करने के लिए मजबूर किया। शिकायत के मुताबिक निकाह के बाद आरोपी विदेश चला गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी के पिता और अन्य परिजनों ने उसके साथ शारीरिक शोषण किया, धर्म परिवर्तन करने और गोमांस खाने का दबाव बनाया। शिकायत में करीब सात लाख रुपये लेने और महिला की जमीन अपने नाम कराने का भी आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं, महिला ने अपनी 13 वर्षीय बेटी के साथ छेड़छाड़ और उससे निकाह कराने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के पासपोर्ट जब्त करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है。
0
0
Report

हरदोई के गंगा एक्सप्रेसवे पर स्कॉर्पियो पलटी, बेंगलुरु चालक की दर्दनाक मौत

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे पर गुरुवार शाम तेज रफ्तार का खौफनाक मंजर देखने को मिला। सेमर झाला के पास पोल संख्या-282 के पास दौड़ रही एक स्कॉर्पियो अचानक अनियंत्रित होकर कई बार पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन एक्सप्रेसवे की दोनों लेनों के बीच जा गिरा। टक्कर के बाद कार से धुआं उठने लगा और हल्की आग भी लग गई। गंभीर रूप से घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्कॉर्पियो तेज गति से गुजर रही थी। अचानक चालक का संतुलन बिगड़ा और वाहन कई बार पलटता हुआ बीच डिवाइडर वाले हिस्से में जा गिरा। उसी समय बदायूं से लौट रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव के स्वागत के लिए खड़े सपा कार्यकर्ताओं ने हादसा देखा। उन्होंने तुरंत मिट्टी डालकर कार में लगी आग पर काबू पाया और एंबुलेंस को सूचना दी। घायल चालक को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सवायजपुर ले जाया गया। सूचना मिलते ही रूपापुर चौकी पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंच गई। कार की तलाशी में मिली बैंक पासबुक के आधार पर मृतक की पहचान संजय झा पुत्र वीरेंद्र बिहारी झा निवासी 9वीं क्रॉस, मारुति लेआउट, हेन्नूर, बेंगलुरु के रूप में हुई। प्रत्यक्षदर्शी जिलानी खान ने बताया कि स्कॉर्पियो की रफ्तार बेहद तेज थी। उनका कहना था कि उन्होंने इतना भयावह हादसा अब तक सिर्फ फिल्मों में देखा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सवायजपुर के चिकित्सक डॉ. मुजीब अंसारी ने बताया कि चालक को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, लेकिन जांच के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। रुपापुर चौकी प्रभारी अतुल गुप्ता ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top