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उज्जैन नगर निगम ने इलेक्ट्रिक वाहन से निरीक्षण कर ग्रीन मॉडल का संदेश दिया

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन नगर निगम में दिखा “ग्रीन मॉडल”, इलेक्ट्रिक वाहन से निरीक्षण पर निकले आयुक्त अभिलाष मिश्रा सड़क चौड़ीकरण कार्यों का लिया जायजा, ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश उज्जैन। उज्जैन में अब प्रशासनिक अधिकारी भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जमीन पर उतारते नजर आ रहे हैं। अभिलाष मिश्रा शुक्रवार को इलेक्ट्रिक वाहन से शहर में चल रहे मार्ग चौड़ीकरण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवाहन के बाद उज्जैन नगर निगम ने भी इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा इलेक्ट्रिक वाहन पर सवार होकर हनुमान नाका से हरिफाटक ब्रिज तक पहुंचे और सड़क चौड़ीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कार्यों की प्रगति देखी और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। खास बात यह रही कि पूरा दौरा इलेक्ट्रिक वाहन से किया गया और निरीक्षण के बाद वे उसी वाहन से नगर निगम कार्यालय भी पहुंचे। नगर निगम की इस पहल को शहर में सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यदि अधिकारी खुद आगे बढ़कर ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे तो आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी。 उज्जैन में पिछले कुछ दिनों से प्रशासनिक स्तर पर सादगी, ईंधन बचत और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने वाली पहलें लगातार देखने को मिल रही हैं, जिनकी शहर में काफी चर्चा हो रही हैं।
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मी टाइम से महिलाएं पातीं मन की शांति और नए कौशल

Ratlam, Madhya Pradesh:मी time मे महिलाओ के लिए ख़ास मन कि शांति और कुछ नया सीखना, अपने व्यस्त समय से कुछ पल अपने लिए निकालना ''''मी टाइम'''' कहलाता है, जो पूरे दिन का सबसे खास समय होता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए यह समय निकालना थोड़ा मुश्किल होता है। फिर भी महिलाएं अपने मी टाइम में मन की शांति और नए कौशल सीखने पर ध्यान देती हैं। कई महिलाएं मंदिर जाकर पूजा-पाठ करती हैं। कुछ सोशल मीडिया पर सिलाई-कढ़ाई या अन्य कारीगरी सीखती हैं। योगा करके शरीर को स्वस्थ रखने का प्रयास करती हैं। वहीं कुछ महिलाएं भजन सुनकर मानसिक शांति प्राप्त करती हैं। यह समय उनके लिए आत्म-संतुलन और सकारात्मकता बढ़ाने का माध्यम बन जाता है।
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करौली के पुराने जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट मैनीफोल्ड में आग, बड़ा खतरा टला

Karauli, Rajasthan:करौली के पुराने जिला अस्पताल में शुक्रवार को ऑक्सीजन प्लांट के मैन्युअल मैनीफोल्ड शेल्टर में आग लगने से हड़कंप मच गया. मैनीफोल्ड में रखे करीब 45 बड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों के बीच लगी आग पर अस्पताल के फायर हाइड्रेंट और दमकल की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया गया. समय रहते आग बुझ जाने से बड़ा हादसा टल गया. एहतियात के तौर पर फिजियोथैरेपी वार्ड सहित आसपास के मरीजों को अन्य वार्डों में शिफ्ट किया गया. पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा ने बताया कि आग उस मैन्युअल ऑक्सीजन मैनीफोल्ड शेल्टर में लगी, जिसका उपयोग बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में इमरजेंसी ऑक्सीजन सप्लाई के लिए किया जाता है. प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. शेल्टर में करीब 45 बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर थे. आग पर समय रहते नियंत्रण पा लेने से बड़ा नुकसान होने से बच गया. हालांकि शेल्टर, वायरिंग और कुछ उपकरण जलकर क्षतिग्रस्त हो गए. घटना के बाद एहतियातन अस्पताल के कई वार्ड खाली कराए गए. वहीं आईसीयू और गंभीर मरीजों को सुरक्षित रखते हुए उपचार जारी रखा गया. ऑक्सीजन प्लांट के समीप स्थित फिजियोथैरेपी वार्ड के मरीजों को भी अन्य वार्डों में स्थानांतरित किया गया. आग की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. घटना घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित अस्पताल में होने के कारण आसपास के इलाके में भी अफरा-तफरी का माहौल रहा. फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और प्रशासन मामले की जांच में जुटा है.
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बलरामपुर में बढ़े कॉमर्शियल गैस सिलेंडर कीमतों के खिलाफ व्यापारी प्रदर्शन: 1331 रुपए बढ़े दाम

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन, बोले- 1331 रुपए बढ़े दाम; कारोबार पर संकट बलरामपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में मंगलवार को टेंट, कैटरिंग और होटल व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने पैदल मार्च निकालते हुए प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा और गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतें तत्काल वापस लेने की मांग की। टेंट, कैटरर्स एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश तथा ऑल इंडिया टेंट डीलर वेलफेयर ऑर्गेनाइज़ेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार वृद्धि से छोटे व्यापारीयों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि 15 मार्च 2026 तक 1863 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर अब बढ़कर 3194 रुपए तक पहुंच गया है, जिससे कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि शादी-विवाह, भोज और अन्य मांगलिक आयोजनों में कमर्शियल गैस की बड़ी आवश्यकता होती है, लेकिन बढ़ती कीमतों के कारण लागत बढ़ रही है और इसका सीधा असर व्यवसाय पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पर्याप्त गैस उपलब्ध कराने और घरेलू सिलेंडर की तरह कमर्शियल सिलेंडर की भी ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की। जिलाध्यक्ष मंगल गुप्ता और उपाध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
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झांसी के मुन्ना लाल पॉवर हाउस में गर्मी से ट्रांसफॉर्मर रखने के लिए कूलर-ड्यूटी 24x7

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी में भीषण गर्मी का असर अब बिजली व्यवस्था पर साफ दिख रहा है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण शहर में ट्रांसफार्मरों में आग लगने और फेल होने की घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में बिजली विभाग ने मुन्ना लाल पॉवर हाउस में ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए अनोखी कवायद शुरू की है। यहां 10 और 5 एमवीए के चार ट्रांसफारॉर्मरों के पास कूलर लगाकर तापमान नियंत्रित किया जा रहा है, और कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। ट्रांसफार्मरों के पास लगे कूलर में कर्मचारी बाल्टी से पानी डालते हैं, इसका असर यह है कि ट्रांसफर‍्मर का तापमान 10-12 डिग्री कम बना हुआ है। झांसी के मुन्ना लाल पॉवर हाउस से शहर के 10 फीडरों को बिजली सप्लाई दी जाती है। यहां 10 और 5 एमवीए क्षमता के चार बड़े ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। बढ़ते तापमान में इनके गर्म होने का खतरा सबसे ज्यादा है। इसीलिए विभाग ने हर ट्रांसफॉर्मर के पास कूलर लगाए हैं। जैसे ही ट्रांसफॉर्मर का तापमान बढ़ता है, कर्मचारी कूलर चलाकर और उसमें लगातार पानी भरकर उसे ठंडा रखते हैं। ऑपरेटर राम बालक दास ने बताया कि अगर ट्रांसफॉर्मर गर्म हो जाए तो फेल हो सकता है, आग भी लग सकती है। इसलिए हम 24 घंटे ड्यूटी पर हैं। जैसे ही कूलर का पानी कम होता है, तुरंत बाल्टी से पानी भरते हैं और अर्थिंग पर भी पानी डालते हैं ताकि टेंपरेचर मेंटेन रहे।
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नेशनल हाईवे

Kanpur, Uttar Pradesh:“जय जवान, जय किसान” से आगे बढ़ती खुशहाली की नई तस्वीर “जय जवान, जय किसान” का नारा भले ही वर्षों पुराना हो, लेकिन इसकी असली तस्वीर आज देश के गांवों में साफ दिखाई देती है। भारत की पहचान माने जाने वाले किसानों के चेहरों पर अब वह मुस्कान लौट रही है, जो कभी संघर्ष और परेशानियों के बीच कहीं खो जाती थी। इस बदलती तस्वीर के पीछे केंद्र सरकार की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का बड़ा योगदान है। इन्हीं में शामिल हैं नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की सड़क विकास परियोजनाएं, जिन्होंने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने का काम किया है। साथ ही, इन परियोजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में टोल प्लाजा और हाईवे ऑपरेटिंग एजेंसियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बेहतर सड़कें और मजबूत कनेक्टिविटी ने किसानों की जिंदगी को आसान बनाया है। पहले जहां खराब रास्तों और लंबी दूरी के कारण किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब बेहतर सड़क, सुरक्षित सफर और सुविधाओं ने उनकी राह आसान कर दी है। इन परियोजनाओं का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहा। गांवों में बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने वाली रुकावटें कम हुईं, लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचने की सुविधा मिली और रोजगार के नए अवसर भी बढ़े हैं। एक समय ऐसा था जब सड़क संपर्क की कमी के कारण गांवों में जरूरी सेवाएं भी समय पर नहीं पहुंच पाती थीं। शादी-विवाह जैसे पारिवारिक आयोजनों में भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। इस खुशहाली का बड़ा श्रेय राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को जाता है, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़कर विकास के नए रास्ते खोले हैं। आज सैकड़ों गांव सीधे हाईवे नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। इस बदलाव की सबसे बड़ी उदाहरण कानपुर से फतेहपुर होते हुए प्रयागराज तक जाने वाला NH-19 है। इस मार्ग से जुड़े ग्रामीण इलाकों में अब विकास और खुशहाली साफ दिखाई देती है। किसान अब सब्जियां, फूल और अनाज की खेती को बड़े स्तर पर मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी हुई है। स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि इस परियोजना ने सिर्फ किसानों का जीवन आसान नहीं बनाया, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाए हैं। सड़क निर्माण और उससे जुड़े विकास कार्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है। आज NH-19 सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, किसान कल्याण और नए भारत की बदलती तस्वीर का प्रतीक बन चुका है, जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और गांवों की खुशहाली साथ-साथ आगे बढ़ रही है। बाइट: संजीव सिंह ठाकुर, स्थानीय निवासी बाइट: कमलेश कुमार, किसान बाइट: राम प्रसाद, किसान
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बहेड़ी वन विभाग में पदोन्नति से खुशी की लहर, दो कर्मियों को मिला वन दरोगा का दायित्व

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। वन एवं वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में लंबे समय से सेवाएं दे रहे बहेड़ी रेंज के दो कर्मचारियों को विभाग द्वारा पदोन्नत कर वन दरोगा बनाए जाने पर वन विभाग में खुशी का माहौल है। पदोन्नति प्राप्त करने वालों में श्री बलवंत सिंह एवं श्री नवीन चन्द्र फुलेरा शामिल हैं, जिन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए अधिकारियों ने बेहतर कार्य की अपेक्षा जताई। वन एवं वन्य जीव प्रभाग बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी श्रीमती दीक्षा भण्डारी, उपप्रभागीय वनाधिकारी श्री संजीव जोहरी तथा श्री विमल किशोर भारद्वाज ने दोनों अधिकारियों को बैच लगाकर सम्मानित किया और वन दरोगा पद का दायित्व ग्रहण कराया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय वनाधिकारी बहेड़ी श्री एसएस चौहान सहित विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि वन संरक्षण, अवैध कटान पर रोक तथा वन्य जीवों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अनुभवी कर्मचारियों की भूमिका बेहद अहम होती है। दोनों पदोन्नत अधिकारियों ने अपने कार्यकाल में विभागीय जिम्मेदारियों को निष्ठा एवं ईमानदारी से निभाया है, जिसके चलते उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दौरान विभागीय कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर दोनों अधिकारियों का स्वागत किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण रहा और पदोन्नति को विभाग के लिए प्रेरणादायक कदम बताया गया।
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नालंदा में नाबालिग के साथ छेड़खानी: पिता पर चाकू, अस्पताल में इलाज जारी

Pariaunna, Bihar:एक मोहल्ले में नाबालिग किशोरी के साथ छेड़खानी का विरोध करना एक पिता के लिए भारी पड़ गया। बदमाश ने पिता पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल व्यक्ति को डायल 112 की पुलिस टीम द्वारा बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल ने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी घर के जलावन लेकर लौट रही थी, इसी दौरान मोहल्ले के एक युवक ने जबरन उसके साथ छेड़खानी शुरू कर दी। बेटी ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद पिता आरोपी युवक से पूछताछ करने उसके पास पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान युवक ने गुस्से में आकर चाकू से हमला कर दिया, जिससे पिता के सिर में गंभीर चोट लग गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी युवक की तलाश की जा रही है।
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सम्पप्ति हड़पने के लिए दरोगा ने भाई को हनीट्रैप में फंसाया,बुलंदशहर पुलिस ने किया भंडाफोड़।

SSSaurabh SharmaFollow6m ago
Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर: संपत्ति विवाद में यूपी पुलिस के दरोगा ने अपने भाई को फंसाने की रची साजिश। भाई को हनीट्रैप में फंसाने वाले गिरोह को नंबर देकर बनवाया शिकार। गिरोह की महिला सदस्य रामपुर निवासी रानी ने पीड़ित राकेश से बढ़ाई दोस्ती। मुलाकात के बहाने फोटो-वीडियो खींचने के बाद पीड़ित से 20 हजार की मांग। पैसे ना देने पर गैंग के साथ पीड़ित के ख़िलाफ़ फ़र्ज़ी मुकदमा लिखाने भी पहुंची थी महिला। पीड़ित की शिकायत पर एक्टिव हुई पुलिस ने खंगाल डाली हनीट्रैप गिरोह की जड़ें। संपत्ति विवाद में सगे भाई, यूपी पुलिस के दरोगा ने रची थी ब्लैकमेलिंग की साजिश। यूपी के रामपुर में ही तैनात बताया जा रहा है पीड़ित राकेश का भाई आरोपी दरोगा। गिरफ्तार आरोपियों पर हत्या, गैंगस्टर समेत कई संगीन मुकदमे पहले से दर्ज। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल कार और 4 मोबाइल फोन बरामद। महिला समेत 5 आरोपी गिरफ्तार, मामले में गुलावठी पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा।
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सारण में बच्चों की मां ने प्रेमी से शादी की; पंचायत में विरोध-समर्थन की गूंज

Chapra, Bihar:सारण: जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के बहुआरा पट्टी गांव में हुई एक अनोखी शादी ने पूरे इलाके में बहस छेड़ दी है। यहां चार बच्चों की माता 32 वर्षीय महिला की शादी उसके पति ने ही गांव पंचायत और ग्रामीणों की मौजूदगी में उसके प्रेमी से करा दी। प्रेम, परिवार, सामाजिक मर्यादा और रिश्तों के बदलते स्वरूप के बीच हुई यह घटना अब गांव से निकलकर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। बताया जाता है कि महिला का अपने पति के दोस्त से पिछले करीब 14 वर्षों से प्रेम संबंध था। महिला अपने पति के साथ पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रहती थी, जहां पति के दोस्त का घर पर आना-जाना था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और धीरे-धीरे रिश्ता प्रेम में बदल गया। समय बीतने के साथ यह संबंध इतना गहरा हो गया कि प्रेमी गांव पहुंचकर महिला के साथ रहने लगा। जब इसकी जानकारी परिवार और ग्रामीणों को हुई तो मामला बढ़ते-बढ़ते थाने और पंचायत तक पहुंच गया। गांव में कई दौर की पंचायत हुई। अंततः पति ने सामाजिक विवाद और लगातार बढ़ रहे तनाव को खत्म करने के लिए पत्नी को उसके प्रेमी के साथ रहने की सहमति दे दी। इसके बाद ग्राम कचहरी के पास स्थित मंदिर में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दोनों की शादी करा दी गई। शादी के दौरान गांव के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सबसे भावुक और विचलित कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब महिला के चारों बच्चों की मां बनने की उम्र में उनकी मां की शादी होते हुए देखते रहे। बच्चों के चेहरे पर उलझन, मासूमियत और बदलते रिश्तों की खामोशी साफ झलक रही थी। वहीं दूसरी ओर महिला की मां इस फैसले से बेहद नाराज दिखीं। शादी पूरी होने के बाद उन्होंने अपनी बेटी और उसके प्रेमी पर चप्पल बरसाते हुए जमकर विरोध जताया। गांव में कुछ लोगों ने इसे प्रेम की जीत बताया, तो कई लोगों ने इसे पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों के टूटने का संकेत माना। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि प्रेम जब सामाजिक बंधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों से टकराता है, तो रिश्तों की परिभाषाएं किस तरह बदल जाती हैं। गांव की चौपालों से लेकर सोशल मीडिया तक इस शादी की चर्चा हो रही है। कोई इसे सच्चे प्रेम का अंत मान रहा है, तो कोई बच्चों और परिवार के भविष्य को लेकर चिंता जता रहा है। सारण की यह अनोखी शादी अब केवल एक पारिवारिक मामला नहीं रही, बल्कि समाज में बदलते रिश्तों, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारंपरिक मान्यताओं के बीच चल रही खींचतान की एक बड़ी मिसाल बन गई है।
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वृन्दावन पहुंचे प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर, संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद, भजनों की दी प्रस्तुत

DEEPAK KUMARDEEPAK KUMARFollow6m ago
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक कैलाश खेर दो दिवसीय धार्मिक यात्रा पर वृंदावन पहुंचे। यात्रा के पहले दिन गुरुवार को ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ी। दूसरे दिन शुक्रवार तड़के केली कुंज आश्रम में संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद लिया। कैलाश खेर ने संत महाराज के सम्मुख शिवजी और मीराबाई के भजनों की प्रस्तुति दी, जिसे संत जी ने खूब सराहा। वहीं अपने प्रवचन में संत प्रेमानंद जी ने नामजप की महिमा बताते हुए कहा कि जैसे मिश्री शरीर के पित्त को शांत करती है, वैसे ही निरंतर राधा नामजप विकारों को मिटाकर जीवन में अमृत घोलता है। नोट । वीडियो सौजन्य भजन मार्ग ।
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पटना नगर निगम पर सफाई दायित्व पर सवाल, कार्यालय में गंदगी उजागर

Patna, Bihar:राजधानी पटना में जनवरी 2026 से नगर शत्रु अभियान काफी चर्चा में रहा। पटना नगर निगम की ओर से उन लोगों को नगर शत्रु घोषित किया जा रहा था जो सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाते हैं, दीवारों पर थूकते हैं और अवैध कब्जा करते पाए जाते हैं। सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी कर कई लोगों पर ₹500 तक का जुर्माना लगाया गया और उनकी तस्वीरें डिजिटल बिलबोर्ड पर दिखाकर सार्वजनिक तौर पर नगर शत्रु का दर्जा भी दिया गया। लेकिन अब सवाल खुद पटना नगर निगम की कार्यशैली पर उठने लगे हैं। जिस निगम को पूरे शहर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी दी गई है, उसके अपने कार्यालय में ही गंदगी का अंबार नजर आ रहा है। नगर निगम कार्यालय की सीढ़ियों और दीवारों पर पान और तंबाकू की पीक के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं, जिसने वहां बनी सुंदर पेंटिंग और दीवारों की खूबसूरती को खराब कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि इन्हीं सीढ़ियों से नगर आयुक्त समेत निगम के बड़े अधिकारी रोजाना गुजरते हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब निगम अपने ही कर्मचारियों और कार्यालय में नियमों का पालन नहीं करा पा रहा, तो आम लोगों को स्वच्छता का संदेश कैसे देगा। अब लोग पूछ रहे हैं कि क्या नगर निगम अपने कर्मचारियों पर भी वही कार्रवाई करेगा जो आम जनता पर की जाती है, और क्या सरकारी कर्मचारियों की तस्वीरें भी नगर शत्रु के रूप में सार्वजनिक की जाएंगी।
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