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Anil KumarAnil KumarFollow19 Nov 2024, 01:46 am
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झुंझुनूं के BDKE अस्पताल में दवा वितरण विवाद; संविदाकर्मी पर नशे का आरोप

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं से इस वक्त की बड़ी खबर झुंझुनूं के राजकीय जिला बीडीके अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फिर उठे सवाल इमरजेंसी दवा वितरण केंद्र का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल संविदाकर्मी पर नशे में दवा बांटने और गलत दवा देने का आरोप महीनों से बंद है सोनोग्राफी सुविधा, मरीज पहले से परेशान पीएमओ की चुप्पी और प्रशासनिक लापरवाही पर उठ रहे गंभीर सवाल झुंझुनूं जिले के सबसे बड़े राजकीय भगवान दास खेतान जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। पहले जिंदा व्यक्ति के पोस्टमार्टम जैसे गंभीर मामले को लेकर सुर्खियों में रह चुका अस्पताल अब दवा वितरण व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अस्पताल के इमरजेंसी दवा वितरण केंद्र पर फार्मासिस्ट की जगह संविदाकर्मी नर्सिंग स्टाफ मरीजों को दवा वितरित कर रहा था। वीडियो में संबंधित कर्मचारी की गतिविधियां भी सामान्य नहीं दिखाई दे रही हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि वह नशे की हालत में था और दवा वितरण के दौरान गलत दवा तक दे दी। हालांकि परिजनों की सतर्कता के चलते कथित रूप से वह दवा मरीज को नहीं दी गई और बड़ी अनहोनी टल गई। जानकारी के अनुसार बीती रात करीब 10 बजे एक व्यक्ति अपने बीमार बच्चे को उपचार के लिए बीडीके अस्पताल लेकर पहुंचा था। चिकित्सक से जांच करवाने के बाद जब वह दवा लेने इमरजेंसी दवा वितरण केंद्र पहुंचा तो वहां फार्मासिस्ट की बजाय संविदाकर्मी नर्सिंग स्टाफ मौजूद मिला। परिजनों का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी न तो ठीक से चल पा रहा था और न ही दवाइयों का सही तरीके से वितरण कर रहा था। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में पहले से ही कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। पिछले कई महीनों से अस्पताल में सोनोग्राफी जैसी सामान्य जांच सुविधा बंद पड़ी होने से मरीजों को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में अब दवा वितरण व्यवस्था को लेकर सामने आए आरोपों ने मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोप सही हैं तो इमरजेंसी जैसे संवेदनशील विभाग में दवा वितरण की जिम्मेदारी किसके निर्देश पर संविदाकर्मी को सौंपी गई और उसकी निगरानी कौन कर रहा था? वहीं मामले पर अस्पताल प्रशासन का रवैया भी सवालों के घेरे में है। बताया जा रहा है कि अस्पताल के पीएमओ डॉ. जितेंद्र भाम्बू से संपर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन न तो वे कार्यालय में उपलब्ध मिले और न ही फोन पर जवाब मिला। ऐसे में अस्पताल प्रशासन की चुप्पी और जिम्मेदार अधिकारियों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में लगातार सामने आ रही व्यवस्थागत खामियां यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है। हम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते।
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रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार राज कुमार शर्मा के नेतृत्व में शोध गुणवत्ता पर जोर

Ranchi, Jharkhand:रांची यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार के पद पर डॉ राजकुमार ने अपना योगदान दिया। योगदान के साथ ही अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा विश्वविद्याल से जुड़ा कोई भी कार्य चाहे वो विद्यार्थी का कार्य हो , शिक्षक का कार्य हो या कर्मचारी का काम हो ,किसी के भी कार्य के त्वरित गति से निष्पादन प्राथमिकता होगी। किसी को भी विश्व विद्यालय में स्थापित व्यवस्था से कठिनाई कम से कम हो यह सुनिश्चित करना होगा। आगे कहा विश्व विद्यालय शोध के लिए जाना जाता है इस लिए महत्वपूर्ण उद्देश्य होगा रांची विश्व विद्यालय में शोध की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने का प्रयास हो बाइट ... डॉ (प्रो) राज कुमार शर्मा, रजिस्ट्रार, रांची यूनिर्वसिटी
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खैरथल के मुंडावर में 2000 यूनिट कृषि बिजली छूट बंद, किसानों ने प्रदर्शन

Bagheri Kalan, Rajasthan:खैरथल के मुंडावर में कृषि बिजली पर मिलने वाली 2000 यूनिट निशुल्क छूट को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसानों ने प्रदर्शन करते हुए विद्युत विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि तकनीकी खामी के चलते उनके कृषि कनेक्शनों से बिजली छूट का लाभ बंद कर दिया गया है। मुंडावर नगरपालिका क्षेत्र के किसान 132 केवी जीएसएस पर एकत्र हुए। किसानों ने पहले विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की, इसके बाद किसानों ने करीब दो किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकालते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचकर एसडीएम सृष्टि जैन और विद्युत विभाग के एईएन आशीष श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि नगरपालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद उनके कृषि कनेक्शनों पर मिलने वाली 2000 यूनिट बिजली छूट अचानक बंद कर दी गई, जबकि वे आज भी कृषि कार्य कर रहे हैं। बाइट. स्थानीय निवासी
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झज्जर में शीत लहर के साथ बारिश, लोगों ने गर्मी से राहत पाई

Jhajjar, Haryana:झज्जर में शीत लहर के साथ झमाझम बारिश, गर्मी से लोगों को मिली राहत लोगो को कुछ हद तक उठानी पड़ी परेशानी एंकर झज्जर जिले में मौसम ने अचानक करवट ले ली। शीत लहर के साथ हुई झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी के बीच बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। हालांकि, बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में लोगों को कुछ हद तक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। सड़कों पर जलभराव और यातायात की धीमी रफ्तार से आने-जाने वाले लोगों को दिक्कतें हुईं। वहीं किसानों और आम नागरिकों ने मौसम में आए इस बदलाव का स्वागत किया। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। घरों और दुकानों की बत्ती हुई गुल
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डिज़ल की कमी से किसान परेशान: पंपों में कतार, खेतों की जुताई प्रभावित

Kondagaon, Chhattisgarh:तमाम समस्याओ को जानने जी मीडिया ग्राऊंड रिपोर्टिंग करने किसानों के खेतोँ से लेकर डीजल पम्पो तक जाकर किसानों से बात की जाना किसानी की समस्याएं.... जिले का अन्नदाता इन दिनों डीजल की किल्ल्त से जूझ रहा है सुबह ज़ब उसे खेतोँ पर होना है तब वह पेट्रोल पम्पो पर डब्बा लेकर लम्बी कतारो मे खड़ा होना पड़ता है रोजाना 40 से 50 किलोमीटर की दुरी तय कर किसान डीजल लेने शहर की और निकल जाता है कई पम्पो मे लाइन लगाने के भी पर्याप्त डीजल नहीं मिलता तस्वीरे है कोंडागांव जिले की जहां किसान देर रात से चिलचिलाती धुप मे खडे होकर डीजल के लिए लाइन मे खड़ा दीखता है ट्रेक्टरों से खेतोँ की जुताई होनी है मगर डीजल के आभाव मे पूरी तरह खेतोँ की जुताई नहीं कर पा रहा है किसानों की समस्या यही कम नहीं होती है किसान बताते है खाद की कमी से भी परेशानी हो रही है वाटर लेबर निचे जाने से बोर मे पानी नहीं निकल रहा है बिजली कटौती और लो वोल्टेज से किसान पहले से ही परेशान है ऐसे मे किसानो का परेशान होना लाजमी है किसान को समय पर सुविधाएं नहीं मिलेगी तो राज्य कैसे सम्पन्न होगा मानसून आने से पहले खेतोँ को तैयार करना है पर डीजल की कमी से किसान जैसे तैसे खेतोँ को तैयार करने मे लगा है, बेतहाशा गर्मी पड़ने से वाटर लेबल भी निचे चला गया बोर सूखने लगे है लो वोल्टेज से मोटर भी जलने लगे है वाक थ्रू   ग्राउंड जीरो से.. बाइट -पम्पो मे कतार मे लगे किसानों से
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यमुनानगर मेजा में ट्रिपल हत्याकांड, एक ही परिवार के तीनों की नृशंस हत्या

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज यमुनानगर के मेजा इलाके में तीन लोगों की हत्या से सनसनी, मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव में सोमवार देर रात तीन लोगों की हुई हत्या, अज्ञात हमलावरों ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की सिर पर वार कर निर्मम हत्या कर दी, मृतकों की पहचान श्यामलाल उर्फ कल्लू, उनकी पत्नी मंजू देवी और कल्लू की भाभी के रूप में हुई है, सुबह घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई, ट्रिपल मर्डर की सूचना पर मेजा थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं, फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है, घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है, पुलिस मृतक के पारिवारिक रिश्तेदारों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है, पुलिस जमीनी रंजिश समेत हर एंगल पर जांच पड़ताल कर रही है, मौके पर डीसीपी यमुना नगर विवेक चंद्र यादव और एसीपी मेजा मौजूद हैं, पुलिस शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, पुलिस के आला अधिकारियों ने जल्द ही ट्रिपल मर्डर का खुलासा करने का भी दावा किया है।
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गाडरवारा तहसील में प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान, 12 एकड़ सरकारी भूमि मुक्त

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम ठेका में प्रशासन का पीला पंजा जमकर गरजा, जहां राजस्व विभाग ने पुलिस बल और अमले के साथ बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। नायब तहसीलदार, पटवारियों और पुलिस जवानों की मौजूदगी में करीब 4 से 5 ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन की मदद से वर्षों से कब्जे में बताई जा रही लगभग 12 एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी हलचल का माहौल रहा। जानकारी के मुताबिक, एक ग्रामीण ने लंबे समय से जमीन पर कब्जा कर रखा था और वहां एक कच्चा मकान भी बना लिया था, जिसे प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। राजस्व अमले का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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कानपुर–कासगंज के प्रेमी ने रेलवे डिब्बे जैसे घर बना लिया

Farrukhabad, Uttar Pradesh:ताजमहल जैसा घर तो आपने देखा होगा, महलों जैसी कोठियां भी देखी होंगी... लेकिन क्या आपने कभी ऐसा घर देखा है जो बिल्कुल रेलवे के डिब्बे जैसा दिखाई देता हो? एक ऐसा घर, जिसे देखकर हर कोई कुछ पल के लिए ठिठक जाता है और सोचने पर मजबूर हो जाता है कि आखिर यह मकान है या फिर कोई ट्रेन का कोच! कानपुर और कासगंज के बीच रेलवे के प्रति एक शख्स का ऐसा जुनून देखने को मिला है, जिसने अपने सपनों के घर को ही रेलगाड़ी में तब्दील कर दिया। देखिए ये नजारा... दूर से देखने पर ऐसा लगता है मानो कोई ट्रेन खड़ी हो। घर के बाहर बाकायदा लिखा है—"कानपुर से कासगंज" और "कासगंज से कानपुर"। इतना ही नहीं, इस अनोखे घर की खिड़कियां भी बिल्कुल रेलवे कोच की तरह स्लाइडिंग बनाई गई हैं। घर के मालिक अश्वनी कुमार का कहना है कि बचपन से ही उन्हें रेलवे से बेहद लगाव रहा है। ट्रेन की सीटी, पटरियों की आवाज और rail यात्राओं की यादें उनके दिल में इस कदर बसी हैं कि उन्होंने अपने आशियाने को ही रेलगाड़ी का रूप दे दिया। इस जुनून की एक और दिलचस्प कहानी है। जब छोटी लाइन की ट्रेनें चलती थीं, तब डिब्बों का रंग लाल हुआ करता था। उस समय उन्होंने अपने पूरे घर को लाल रंग से रंगवा दिया। लेकिन जब ब्रॉड गेज के दौर में ट्रेन के डिब्बों का रंग नीला हुआ तो उन्होंने अपने घर के दरवाजों को भी नीला कर लिया। अजीबोगरीब मकानों के बारे में आपने बहुत कुछ सुना होगा। कोई अपने घर को महल का रूप देता है, कोई विदेशी डिजाइनों से सजाता है। लेकिन रेलवे के प्रति ऐसा दीवानापन शायद ही कहीं देखने को मिले, जहां एक व्यक्ति ने न सिर्फ ट्रेन से प्यार किया, बल्कि अपने घर को ही एक चलती-फिरती यादगार रेलगाड़ी में बदल दिया। रेलवे के प्रति इस अनोखे प्रेम की कहानी अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। जो भी इस घर को देखता है, उसकी नजरें कुछ देर के लिए यहीं ठहर जाती हैं。 . बाइट -- अश्वनी कुमार घर के मालिक
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महासमुंद पुलिस ने NAFIS से अपराध का पर्दाफाश शुरू किया

Mahasamund, Chhattisgarh:लोकेशन-महासमुंद ब्रेकिंग हाईटेक तकनीक NAFIS से लैस हुई महासमुंद पुलिस, फिंगरप्रिंट से अपराध का होगा पर्दाफाश, अपराध सिद्ध करने में मिलेगी पुलिस को मदद। अपराध स्थल पर उंगलियों के निशान सबसे पुख्ता सबूत, विशेषज्ञों ने 'चांस प्रिंट' (अदृश्य या आंशिक फिंगरप्रिंट) को सुरक्षित करने की तकनीकों की दी जानकारी। क्राईम इन्वेस्टिगेशन में तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम। क्राइम इन्वेस्टिगेशन एवं क्रिमिनल को पकड़ने में फिंगरप्रिंट का महत्व एवं उपयोगिता की फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ द्वारा दी गई जानकारी। जिले के सभी थाना चौकी में पदस्थ 45 पुलिस कर्मियों को फिंगरप्रिंट किट का उपयोग करना, प्रशिक्षण स्थल में ही डेमो के माध्यम से सिखाया गया।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने Race Course की झुग्गियों को 1 जुलाई तक रोक दिया

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के रेस कोर्स इलाके की झुग्गियों में रहने वाले लोगों को दिल्ली हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है।हाई कोर्ट ने कहा है कि झुग्गियों में रहने वाले उन लोगों के घर 1 जुलाई तक नहीं तोड़े जा सकते, जिन्होंने अभी तक सरकार की ओर से दी गई वैकल्पिक रहने की जगह (पुनर्वास )को स्वीकार नहीं किया है और वहां शिफ्ट नहीं हुए हैं। भई राम कैंप, डीआईडी कैंप और मस्जिद कैंप के कुछ निवासियों को ने हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के आदेश को डिवीजन बेंच के सामने चुनौती दी थी। सिंगल बेंच ने सरकार के बेदखली के आदेश लर स्थानीय झुग्गी वालों को कोई राहत देने से इंकार कर दिया था।
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आयोध्या के कोरखाना मोहल्ले में छह वर्षों से सड़क-नाली की बदहाली: प्रशासन से जवाबी कार्रवाई की मांग

Ayodhya, Uttar Pradesh:राम नगरी अयोध्या वह शहर जिसे देश की आस्था की राजधानी कहा जाता है। जहां विकास के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के दावे किए जाते हैं। लेकिन इन्हीं दावों के बीच नगर क्षेत्र का एक मोहल्ला ऐसा भी है,जहां पिछले छह वर्षों से सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं पहुंच सकीं। बरसात में सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं, लोग घरों से निकलने के लिए जूझते हैं और बीमार पड़ने पर मरीजों को कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एक के बाद एक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को शिकायतें भेजी गईं, तब आखिर जिम्मेदार कहां थे? क्या विकास सिर्फ कागजों और घोषणाओं तक सीमित है, या फिर आम जनता की बुनियादी जरूरतें भी सरकार और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता हैं? जी मीडिया की टीम जब इस हकीकत को कैमरे में कैद करने ग्राउंड जीरो उसी कोरखाना मोहल्ला में पहुंची, तो विकास के दावों और जमीनी सच्चाई के बीच का बड़ा फर्क साफ दिखाई दिया। कोरखाना मोहल्ले की बदहाल सड़कें और नालियां विकास की तस्वीर पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। यह वह इलाका है, जहां रहने वाले लोग पिछले छह वर्षों से सड़क और जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी विवेक चंद्र सोनी का दावा है कि वर्ष 2020 से लेकर 2026 तक उन्होंने पार्षद, महापौर, विधायक, सांसद, नगर आयुक्त और जिलाधिकारी सहित सभी जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा यह है कि आज भी मोहल्ले की सड़कें कीचड़ से पटी हैं और नालियों का अभाव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। जी मीडिया की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो हकीकत भी कुछ ऐसी ही दिखाई दी। कैमरे के साथ टीम को भी उसी कीचड़ और जलभराव से होकर गुजरना पड़ा, जिससे स्थानीय लोग रोजाना गुजरते हैं। लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। अगर कोई बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस तक मोहल्ले में नहीं पहुंच पाती और मरीज को पैदल उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब लगातार छह वर्षों तक शिकायतें होती रहीं, तब इलाके के जनप्रतिनिधि आखिर कहां थे?
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बलरामपुर दरगाह भूमि विवाद: दानपत्र से 36 बीघा का हस्तांतरण जाँच की मांग

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर जिले के शिवनगर स्थित दरगाह पीर हनीफ की करीब 36 बीघा भूमि को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दरगाह से जुड़े कई लोगों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि धार्मिक ट्रस्ट की भूमि को नियमों के विपरीत दानपत्र के माध्यम से निजी स्वामित्व में स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सोमाहर को प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में गाजुद्दीन खां, मोहम्मद कुतुबुद्दीन, मुजीब अशरफ, मोहम्मद सऊद और मोहम्मद खुर्शीद अहमद ने दावा किया कि ग्राम पंचायत शिवनगर में स्थित गाटा संख्या 812, 827 और 828 की भूमि वर्षों से दरगाह पीर हनीफ की संपत्ति के रूप में दर्ज रही है। आरोप है कि दरगाह के सर्वराकार (देखरेखकर्ता) रहे मोहम्मद शाहनेवाज शाह ने कथित रूप से राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज कराकर भूमि में हिस्सेदारी हासिल कर ली। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि किसी धार्मिक स्थल के सर्वराकार का अधिकार केवल संपत्ति की देखरेख तक सीमित होता है और वह भूमि का मालिक नहीं माना जाता और न ही उसे संपत्ति के हस्तांतरण का अधिकार होता है। इसके बावजूद कथित रूप से अभिलेखों में बदलाव कर जमीन पर व्यक्तिगत अधिकार स्थापित करने की कोशिश की गई। ज्ञापन के अनुसार 1 अप्रैल 2026 को मोहम्मद शाहनेवाज शाह द्वारा अपने नाबालिग पुत्र मोहम्मद फैज के नाम दानपत्र निष्पादित किया गया, जिसे 2 अप्रैल को उपनिबंधक कार्यालय में पंजीकृत भी करा लिया गया। इसके बाद 20 मई को भूमि के नामांतरण का आदेश पारित होने की बात सामने आई। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया संदिग्ध परिस्थितियों में हुई और इसमें दस्तावेजों में हेरफेर किए जाने की आशंका है। मामले को लेकर शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि दानपत्र, नामांतरण आदेश और संबंधित राजस्व अभिलेखों की गहन जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति निजी हाथों में चली जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजस्व कर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी प्रक्रिया पूरी होना संभव नहीं है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की कि जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के हस्तांतरण या स्वामित्व परिवर्तन की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। उधर, प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। उपजिलाधिकारी हेमंत गुप्ता ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरगाह की जमीन से जुड़ा यह मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में पहुंच गया है। शिकायतकर्ताओं को उम्मीद है कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आएगी.
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