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RBRishabh BhardwajFollow28 Jan 2025, 05:47 pm
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उत्तराखंड HC के जज आलोक कुमार वर्मा ने दिया इस्तीफा

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा ने दिया इस्तीफा उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय, न्याय विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। 27 मई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार आलोक कुमार वर्मा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 की उपधारा (1) के प्रावधान (a) के तहत अपना त्यागपत्र सौंपा है। उनका इस्तीफा 30 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना गया है। यह अधिसूचना भारत सरकार के संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन द्वारा जारी की गई। अधिसूचना में कहा गया है कि न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है।
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अमरावती में भाजपा ने फिर प्रवीण पोटे पाटील को उम्मीदवार घोषित किया

Amravati, Maharashtra:अमरावती स्थानिक स्वराज्य संस्था निवडणूक; भाजपकडून पुन्हा प्रवीण पोटे पाटील यांना उमेदवारी जाहीर केल्याची सूत्रांची माहिती, उद्या दाखल करणार उमेदवारी अर्ज अमरावती स्थानिक स्वराज्य संस्था निवडणुकीत भाजपकडून पुन्हा प्रवीण पोटे पाटील यांना उमेदवारी जाहीर केल्याची झी २४ तास ला विश्वसनीय सूत्रांनी माहिती दिली असून प्रवीण पोटे पाटील यांना भाजपने तिसऱ्यांदा भाजपने संधी दिल्याचं पाहायला मिळत आहे. उद्या दुपारी १२ वाजून ३० मिनिटांनी प्रवीण पोटे उमेदवारी अर्ज दाखल करणार आहे. यावेळी अमरावतीचे पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे यांच्या उपस्थितीत महायुतीकडून भाजपचे प्रवीण पोटे पाटील उमेदवारी अर्ज दाखल करणार आहे. आत्तापर्यंत दोन्ही निवडणुकीत भाजपचे प्रवीण पोटे पाटील यांचा एकतर्फी विजय झाल्याने प्रवीण पोटे या निवडणुकीत काय करिष्मा दाखवतात याकडे सर्वांचे लक्ष लागलं आहे. तसेच पोटेंच्या विरोधात महाविकास आघाडी कोणाला उमेदवारी देणार याकडे लागले सर्वांचं लक्ष लागलं आहे.
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खूँटी में बालू टेंडर बहस: नदी बचाव बनाम राजस्व संग्रहण का संघर्ष

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र खूँटी। स्लग एक तरफ नदी का अस्तित्व बचाने की गुहार तो प्रशासन को राजस्व की चिंता। खूँटी में बालू की तस्करी का मामला प्रचलित रहा है। जहां खूंटी जिले के तोरपा, रनिया, जरिया गढ़ और कर्रा थाना क्षेत्र बालू की अवैध तस्करी का हब के रुप में जाना जाता रहा है। वहीं अब बालू कई नदियों से लगभग समाप्त होने के कगार पर आ गया है। बनई नदी हो या फुलकू नदी। गर्मी में सपाट सूखा गड्ढानुमा दिखाई देता है। जहां कहीं जमा हुआ पानी मिल जाता है लेकिन बहता पानी अब दिखाई तक नहीं देता है। इस अस्तित्व को बचाने, पटवन की सुविधा व खेती के लिए पानी की व्यवस्था के लिए ग्रामीण मुख्य और सजग होने लगे हैं। ग्रामसभा और ग्रामीणों में चेतना जगी कि पानी के बिना जीवन नहीं है। खेती के लिए पानी की व्यवस्था होना आवश्यक है। साथ ही नदी में बालू नहीं होने से कल का दिन ग्रामीणों के लिए भी बालू मिलना मुश्किल हो जाएगा। इस लिए कई गाँव के ग्रामीणों ने बालू टेंडर को रद्द करने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। दूसरी ओर प्रशासन राजस्व संग्रहण की चिंता है। खूँटी के बालू घाटों का टेंडर कर राजस्व संग्रहण करने का योजना है। इस प्रकार ग्रामीण जीवन के लिए चिंतित हैं तो सरकार राजस्व संग्रहण चाहती है। खूँटी distrik में नदियों का अस्तित्व के साथ सड़कों का बुरा हाल भी रहता है। ग्रामीणों के लिए बालू पानी और सड़क सुविधा चाहिए, सरकार पैसा और बालू भी चाहिए। बिरेंद्र मुण्डा ने बताया कि बालू उठाने से पानी नहीं मिल पाएगा, बालू समाप्त होगा, टेंडर रद्द होना चाहिए। ग्राम सभा की अनुमति के बिना टेंडर कर लिया गया, जबकि ग्राम सभा की अनुमति आवश्यक थी। नदी और बालू की स्थिति की जानकारी लिए बिना टेंडर हो गया। अगर टेंडर रद्द नहीं होता है तो नदी सूख जाएगा और पानी भी नहीं मिलेगा जिससे पठान की सुविधा से लोग वंचित हो जाएंगे। अगाथा भेंगरा ने कहा डोडमा क्षेत्र के नदी से बालू समाप्त होने लगा है; सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा नदी सूख रहा है। टेंडर होने से कोई लाभ नहीं मिल पाया है। लेकिन नदी बचाना आवश्यक है। कालिया मुंडा ने कहा पूरे गांव और मौजा का मांग है कि बालू घाट का टेंडर रद्द होना चाहिए। संतोष कर ने बताया बालू का टेंडर और उठाव नदी से रुकेगा तभी नदी का अस्तित्व बचेगा। नदी से बालू समाप्त होने पर जमीन बंजर हो जाएगी और पटवन की सुविधा नहीं मिल पाएगी। रामनरेश सिंह ने बताया कि बालू का टेंडर होने पर ग्रामसभा की मंजूरी मिलने पर आवास बन पाएगा, कालाबाजारी रुकेगी, सरकार को राजस्व के साथ गांव को आर्थिक लाभ मिलेगा। ग्रामसभा चालान काटेगी।
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पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा कड़े कदम: ड्रग्स-हथियार तस्करी रोकथाम के लिए कार्रवाई

Barmer, Rajasthan:पश्चिमी सरहद पर गृह मंत्री के बयान से जुड़ी यह खबर सीमावर्ती सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर केंद्र सरकार के बढ़ते फोकस को दर्शाती है। भारत–पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के निर्देशों को घुसपैठ, ड्रग्स और हथियार तस्करी के खिलाफ बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। द्वारा सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के संकेत दिए जाने के बाद सीमावर्ती जिलों में हलचल बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अवैध निर्माण कई बार तस्करी नेटवर्क, संदिग्ध गतिविधियों और सीमा पार अपराधों के लिए इस्तेमाल होने की आशंका में जांच के दायरे में आते रहे हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बताया जा रहा है: • सीमा पार घुसपैठ रोकना • ड्रग्स और हथियार तस्करी पर शिकंजा कसना • अवैध अतिक्रमण हटाना • टेरर फंडिंग नेटवर्क तोड़ना • सीमावर्ती सुरक्षा को मजबूत करना विशेषज्ञ मानते हैं कि पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में हाल के वर्षों में ड्रोन मूवमेंट, नशे की खेप और संदिग्ध नेटवर्क की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में प्रशासनिक सख्ती को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है。 हालांकि किसी भी कार्रवाई के दौरान वैध निवासियों और स्थानीय ग्रामीणों के अधिकारों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होगी। प्रशासनिक स्तर पर सर्वे, दस्तावेज़ जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही अंतिम कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है。
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बोकारो में 134 करोड़ लागत का विवेकानंद सेतु खुला, जाम खत्म

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में 12 साल बाद बनकर तैयार हुआ 134 करोड़ का विवेकानंद सेतु, DVC के प्रोजेक्ट हेड ने किया उद्घाटन; रेलवे फाटक के जाम से लोगो को मिली मुक्ति।\n\n2 KM लंबा झारखंड के बड़े ओवर ब्रिजों में शुमार, 2014 में हुआ था भूमि पूजन; NOC और राजनीति के पेंच में 3 साल का काम 12 साल में पूरा।\n\nबताते चले कि बोकारो के बेरमो के लोगों को गुरुवार को बड़ी सौगात मिली। 134 करोड़ की लागत से बने 02 किलोमीटर लंबे विवेकानंद सेतु ओवर ब्रिज को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। दामोदर घाटी निगम (DVC) बोकारो थर्मल द्वारा बनाए गए इस सेतु का विधिवत उद्घाटन निगम के परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया ने फीता काटकर किया। उद्घाटन से पहले उन्होंने सेतु पट का अवलोकन भी किया।\n\nरेलवे फाटक पर घंटों जाम से मिली राहत\n\nओवरब्रिज नहीं रहने से बोकारो थर्मल रेलवे फाटक पर लोग घंटों जाम में फंसे रहते थे। DVC के कामगारों, मरीजों और स्कूली बच्चों को प्लांट के अंदर जाने में भारी परेशानी होती थी। अब इस सेतु के शुरू होने से हजारों लोगों को रोजाना के जाम से मुक्ति मिलेगी।\n\n3 साल में बनना था, लग गए 12 साल: NOC बनी बड़ी वजह\n\nइस ओवर ब्रिज का भूमि पूजन 25 फरवरी 2014 को किया गया था। इसे तीन वर्षों में पूरा करना था, लेकिन रेलवे द्वारा एनओसी नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य में लगभग 12 साल लग गए। इस ओवर ब्रिज को बनाने का कार्य बीकेबी व डेको कंपनी को निविदा पर दिया गया था।\n\nगुणवत्ता जांच और सियासत में फंसा उद्घाटन\n\nओवरब्रिज का उद्घाटन पहले 28 फरवरी 2026 को होना था। लेकिन गिरिडीह सांसद सीपी चौधरी के द्वारा रेलवे को पत्र लिखकर ओवरब्रिज की गुणवत्ता की जांच की मांग किए जाने के कारण उद्घाटन टल गया था।\n\nस्थानीय लोगों ने मंगलवार को खुद खोल दिया था ब्रिज\n\nउद्घाटन में हो रही अड़चन के कारण मंगलवार को स्थानीय क लोगों ने ओवर ब्रिज पर रखे गार्डवाल को हटाकर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया था। बाद में स्थानीय प्रबंधन ने इसे पुनः बंद करते हुए गुरुवार को शुभ उद्घाटन करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग माने। अंततः उद्घाटन की वाट जोह रहा ये पुल का उदघाटन हो गया और आवागमन शुरू हो गया।
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नीतीश कुमार से छात्रों की मुलाकात: महिला आरक्षण और योजनाओं की मांग तेज

Patna, Bihar:आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी से छात्र-छात्राओं के साथ छात्र नेता दिलीप कुमार ने मुलाकात कर बिहार के छात्र-छात्राओं के लिए किए गए उनके कार्यों खासकर महिला आरक्षण, पोशाक योजना , साइकिल योजना, सात निश्चय योजना एवं जनहित में किए गए अन्य कार्यों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। साथ ही TRE 4 का विज्ञापन 46 हजार से अधिक पदों पर जारी करवाने की मांग भी किया। बिहार के युवाओं की समस्याओं एवं चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। इस सकारात्मक मुलाकात के लिए नीतीश कुमार जी को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया एवं आभार प्रकट किया।
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गांधी नगर में पाइपलाइन लीकेज से रोज लाखों लीटर पानी बहना जारी

New Delhi, Delhi:कहीं बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, कहीं बह रहा पीने का पानी。 गांधी नगर विधानसभा में पाइपलाइन लीकेज से रोज बर्बाद हो रहा हजारों लीटर साफ पानी, मजबूरी में रिसाव से पानी भर रहे लोग पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में जल संकट और विभागीय लापरवाही की तस्वीर एक साथ देखने को मिल रही है। इलाके में बुलंद मस्जिद के पास से गुजर रही बड़ी पानी की पाइपलाइन में लंबे समय से रिसाव हो रहा है, जिसके चलते रोजाना हजारों लीटर पीने योग्य पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। हालात इतने खराब हैं कि आसपास के स्थानीय निवासी इसी रिसाव वाली पाइपलाइन से अपने घरों के लिए पानी भरने को मजबूर हैं। इलाके में कई घरों में नियमित पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही, जिसके कारण महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे बाल्टी, कैन और ड्रम लेकर मौके पर पहुंचते हैं और पानी भरकर घर ले जाते हैं। यही पानी लोग रोजमर्रा के कामों और प्यास बुझाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ यमुनापार के कई इलाके बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ हजारों लीटर साफ पानी लगातार जमीन पर बह रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन लीकेज की शिकायत कई बार संबंधित विभाग को दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इलाके के निवासी ने बताया कि कई जगहों पर पानी की सप्लाई बेहद कम हो गई है, जबकि कुछ इलाकों में गंदा और बदबूदार पानी घरों तक पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार पानी का रंग काला आने की शिकायत भी सामने आई है, जिससे मजबूर होकर लोगों को बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है। इससे आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ यमुनापार में जल संकट और गहराता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां इस समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहीं। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब राजधानी के कई इलाके पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं, तब खुलेआम साफ पानी का बहना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है। लोगों ने मांग की है की इलाके में घरों में नियमित रूप से साफ एवं पीने योग्य पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को इस तरह सड़कों पर बहते पानी पर निर्भर न रहना पड़े। बता दें कि गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र से अरविंदर सिंह लवली विधायक हैं और वह यमुनापार बोर्ड के चेयरमैन भी हैं। ऐसे में अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं。
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