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Ghaziabad201204

Ghaziabad - भोजपुर पुलिस की गोतस्कर से हुई मुठभेड़

Jan 18, 2025 04:23:19
Bhojpur, Uttar Pradesh

थाना भोजपुर पुलिस एवं गौकशी करने वाले अपराधियों से हुई मुठभेड के दौरान थाना भोजपुर से गौकशी में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार. जानकारी के अनुसार बता दें कि थाना भोजपुर पुलिस द्वारा ग्राम पट्टी से तिबरा जाने वाले रास्ते पर स्थित जंगल में गोकशी करने वाले अपराधियों से हुई मुठभेड़ के दौरान ,पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्यवाही में 01 बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल एवं एक गिरफ्तार तथा कुछ साथी मौके से फरार हो गए ।

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VAVijay Ahuja
Mar 07, 2026 06:18:38
Payikapuram, Andhra Pradesh:ऐंकर–जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की समीक्षा की गई। इस बैठक में जनपद के कई अधिकारियों को गैर मौजूदगी पर सांसद अजय भट्ट ने नाराजगी जताई और अनुपस्थित अफसरों का स्पष्टीकरण लेने, वेतन रोकने के निर्देश दिए। रुद्रपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद भट्ट ने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारे। उन्होंने शक्तिगढ़ के अधिशासी अधिकारी के बैठक में अनुपस्थित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीडीओ को स्पष्टीकरण देने और वेतन रोकने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि गर्मी का सीजन प्रारंभ हो गया है इसलिए पेयजल विभाग पेयजल लाइनों और ओवर हेड टैंकों की मरम्मत के साथ जनता को सुचारू रूप से जल उपलब्ध कराए। (बाइट– अजय भट्ट, सांसद नैनीताल उधम सिंह नगर लोकसभा)
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RCRAJVEER CHAUDHARY
Mar 07, 2026 06:18:24
Bijnor, Uttar Pradesh:बिजनौर के चार होनहारों ने UPSC परीक्षा में सफलता पाई। नगीना क्षेत्र से असद अकील ने 321वीं रैंक, अजीम अहमद ने 588वीं रैंक हासिल किया। नजीबाबाद से शगुन कौशल ने 145वीं रैंक और नांगल जट के चन्द्रवाहिनी चौधरी ने 662वीं रैंक प्राप्त की, जिससे जिले का नाम रोशन हुआ। असद अकील के भाई साहिल अकील ने बताया कि असद ने इंटरमीडिएट तक नगीना के सेंटमैरी स्कूल से पढ़ाई की और दिल्ली विश्वविद्यालय के दा हिंदू कॉलेज से वर्ष 2020 में बीएससी ऑनर्स किया, उसके बाद अ Attribute Foundation, दिल्ली से यूपीएससी की कोचिंग कर रहे थे। पिछले वर्ष ही असद की लखनऊ के केंद्रीय विज्ञान रिसर्च सेंटर में सेक्शन ऑफिसर के पद पर नियुक्ति हुई थी, वह वर्तमान में वहीं हैं। असद का यूपीएससी प्रयास यह पांचवां रहा। उनके पिता लक्ष्मीनगर, खुरेजी में बेकरी चलाते हैं। माता ताहिरा अकील गृहिणी हैं। नगीना देहात थाना क्षेत्र के जट नगला निवासी जलीस अहमद ने बताया कि उनके भतीजे अजीम अहमद ने यूपीएससी में 588वीं रैंक प्राप्त की है; उनके पिता इदरीश अहमद गुड़ का कोल्हू चलाते हैं और खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े अजीम ने तीसरे प्रयास में यह सफलता पाई। उन्होंने हाई स्कूल मोरारका पब्लिक स्कूल से किया, फिर कोटा से इंटर किया और बीटेक अलigarh से किया। नजीबाबाद के आदर्श नगर कालोनी के रहने वाले पुष्पेंद्र सिंह के बेटे शगुन कौशल ने 145वीं रैंक पाकर IAS बनकर जिले का नाम रोशन किया है। वहीं धामपुर तहसील के गांव नांगल जट के रहने वाले अरुण चौधरी की बेटी चन्द्रवाहिनी चौधरी ने UPSC परीक्षा पास कर जिले का नाम रोशन किया है।
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RKRajesh Kumar Sharma
Mar 07, 2026 06:17:25
Delhi, Delhi:दिल्ली के रनहोला इलाके में एक मकान से 6 साल के बच्चे की लाश मिली। बच्चे की गर्दन पर कट का निशान तेजधार हथियार से हत्या की गई। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। माँ के साथ गया था बच्चा। माँ का चल रहा था अफेयर। Outer district के रनहोला इलाके के एक मकान से 6 साल के बच्चे की लाश मिलने से सनसनी फैल गई; मौके पर रनहोला थाने की पुलिस और क्राइम टीम पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बच्चा की पहचान लव कुश के रूप में हुई; पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। रिश्तेदारों का कहना है कि बच्चा अपनी माँ के साथ मंगलवार को गया था लेकिन उसके बाद मकान से गर्दन कटी लाश मिली। गर्दन पर कट के निशान हैं; तेजधार हथियार से हत्या की गई है और माँ का अफेयर किसी और के साथ चल रहा था, बच्चे को माँ लेकर गई थी; लेकिन अब माँ लापता है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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AKAtul Kumar Yadav
Mar 07, 2026 06:17:15
Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा जिले में धानेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत देवरदा गांव के मुख्य मार्ग पर आज शनिवार को कल से लापता 50 वर्षीय गल्ला व्यापारी मानिक राम गुप्ता की पेड़ से लटकती लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। अपनी मोटरसाइकिल को पेड़ के बगल खड़ा करके गल्ला व्यापारी ने पेड़ से लटक कर अपनी जान दे दी है। बताया जा रहा है कि गल्ला व्यापारी बलरामपुर रेहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रड़ववालिया पेहर गांव के रहने वाले थे जो कल सुबह 4 बजे से घर से लापता थे। इनके द्वारा रेहरा पेहर में अपनी किराना की दुकान भी जाती है दुकान पर जाने के लिए कहकर कल यह सुबह निकले थे और देर रात तक वापस नहीं पहुंचे और आज सुबह उनकी पेड़ से लटकती लाश मिली है। वहीं मृतक मानिक राम गुप्ता के बेटे विश्वनाथ गुप्ता ने बताया कि कल सुबह 4:00 बजे घर से निकले थे रात में हमने फोन किया शाम को फोन किया तो उनका मोबाइल नंबर बंद था। हम खोज रहे थे कि आज सुबह मुझे थाने से यहां सूचना मिली कि यहां पर बॉडी मिली है। किसी से हमारे पिता की कोई रंजिश नहीं थी किसी से हमारी कोई दुश्मनी नहीं थी गल्ले के व्यापारी हैं परचून की दुकान भी करते हैं। जो भी बचा हुआ गल्ला था होली के पहले इन्होंने उसको बेचा था घर में कोई बात भी बात नहीं है।
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JRJAIDEEP RATHEE
Mar 07, 2026 06:16:27
Sonipat, Haryana:सोनीपत के वैभव ने UPSC में हासिल की 344वीं रैंक, घर में जश्न का माहौल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा सिविल सर्विस परीक्षा 2025 का फाइनल परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में हरियाणा के सोनीपत निवासी वैभव ने 344वीं रैंक हासिल कर जिले और परिवार का नाम रोशन किया है। वैभव सोनीपत शहर के रामनगर क्षेत्र में रहते हैं और मूल रूप से गांव चिटाना के निवासी हैं। जैसे ही उनकी सफलता की खबर परिवार और परिचितों को मिली, घर में खुशी का माहौल बन गया। परिवार के लोगों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया, वहीं बेटे की कामयाबी पर माता-पिता की आंखें भी नम हो गईं। वैभव बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में सोनीपत के हिंदू सीनियर सेकेंडरी स्कूल से दसवीं और 2019 में डीएवी स्कूल से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से वर्ष 2022 में ग्रेजुएशन किया। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से इतिहास विषय में 2024 में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। वैभव ने बताया कि कोविड-19 के दौरान उनकी बड़ी बहन रितिका शर्मा ने उन्हें सिविल सर्विस की तैयारी के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद उन्होंने यूपीएससी पास करने का लक्ष्य तय किया। खास बात यह है कि वैभव ने बिना किसी कोचिंग के घर पर ही तैयारी की। वह रोजाना करीब 7 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखते थे। उन्होंने वर्ष 2023 में पहली बार UPSC की परीक्षा दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद 2024 में दूसरी बार प्रयास किया, लेकिन मेंस परीक्षा पास नहीं कर पाए। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में 344वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की। वैभव के पिता जय भगवान पेशे से एडवोकेट हैं और उनकी मां सीमा गृहिणी हैं। बड़ी बहन रितिका चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जबकि छोटी बहन भारती न्यायिक सेवा की तैयारी कर रही हैं। परिवार का कहना है कि वैभव की मेहनत और लगन ने ही उसे यह मुकाम दिलाया है।
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STSumit Tharan
Mar 07, 2026 06:16:18
Jhajjar, Haryana:डॉक्टरों की हड़ताल से परेशान मरीज का छलका दर्द कहा: प्राइवेट का ब्योंत होता तो घर पर ही करा लेते इलाज : हड़ताल से मरीज और तीमारदार दोनों परेशान : करनाल में डॉक्टर की पिटाई से आक्रोशित झज्जर में भी डॉक्टर है हड़ताल पर : मरीज बोले हड़ताल का नहीं था पता, इसलिए इलाज के लिए आए थे झज्जर नागरिक अस्पताल : क्षेत्र के कई गांव से आए मरीज, इलाज न होने के चलते दिन भर रहे भटकते : कई मरीज बोले जाना पड़ेगा वापस घर, कई बोले इलाज के लिए जाना पड़ेगा प्राइवेट अस्पताल : गंभीर बीमारी के चलते भी आए थे कई मरीज इलाज के लिए नागरिक अस्पताल : हड़ताल के चलते लौटना पड़ा बिना इलाज कराए वापस डॉक्टरों की हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर देखने को मिल रहा है। शनिवार को झज्जर के नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे कई मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिनभर अस्पताल के चक्कर काटने के बाद भी कई मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस घर लौटना पड़ा। दरअसल करनाल में एक डॉक्टर के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में झज्जर के डॉक्टर भी हड़ताल पर हैं। इस कारण अस्पताल में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं और दूर-दराज के गांवों से आए मरीजों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। इलाज के लिए आए एक मरीज ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि अगर प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने की क्षमता होती तो घर से ही वहीं चले जाते। सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन यहां हड़ताल के कारण इलाज नहीं मिल पाया। अस्पताल में पहुंचे कई मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि उन्हें डॉक्टरों की हड़ताल की जानकारी नहीं थी। इसी वजह से वे सुबह ही इलाज कराने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंच गए, लेकिन यहां आकर पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। क्षेत्र के कई गांवों से आए मरीज दिनभर अस्पताल परिसर में भटकते रहे। कुछ मरीजों ने मजबूरी में वापस घर लौटने की बात कही, जबकि कई ने बताया कि अब इलाज के लिए उन्हें प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई मरीज भी इलाज के उम्मीद लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल के चलते उन्हें भी बिना इलाज कराए ही लौटना पड़ा। हड़ताल के कारण मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी और निराशा साफ तौर पर देखने को मिली। बाइट: मरीज और तीमारदारों की बाइट। डॉ आकृति प्रेसिडेंट बाइट डॉ रितेश झज्जर सुमित कुमार ग्राउंड रिपोर्ट वॉकथ्रू
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RTRAJ TAKIYA
Mar 07, 2026 06:16:02
Rohtak, Haryana:हादसे ने हाथ छीने तो डॉ. सुनीता ने पैरों से लिखी तकदीर दो बार राष्ट्रपति से सम्मानित जिंदगी का दर्दनाक दौर और पति छोड़कर चला गया पैराओलंपिक मे 8 बार मेडल जीते जॉब के साथ साथ महिलाओं को भी करती है मोटिवेट एंकर रीड़ -जिंदगी की जंग जीतने के लिए साहस, उत्साह और संकल्प होना चाहिए। हाथ हो न हो। इसकी बेमिसाल मिसाल हैं सन् 1987 की उस घटना को याद करते हुए डॉ. मल्हान गंभीर हो जाती हैं। बताती हैं कि तब वह एमए की छात्रा थीं। शादी हो चुकी थी। ट्रेन पर चढ़ते समय पैर फिसल गया और दोनों हाथ कट गए। उनके पति अस्पताल में ही छोड़कर चले गए और फिर नहीं लौटे। जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर और पति का छोड़कर चला जाना। उन्हें बड़ा झटका तो लगा लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हौसला नहीं खोया और एमए फाइनल करने की ठान ली इसी बीच मदवि की ओर से नौकरी का ऑफर आया। उन्होंने नौकरी ज्वाइन करने के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखी। अपनी जिंदगी में आई विपरीत परिस्थितियों को हराकर उन्होंने खुद को साबित करके दिखाया। सफलता की वो कहानी बनीं की दूसरों का आज प्रेरणा दे रहीं है दो बार राष्ट्रपति से सम्मानित 2009 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी और 2010 में रानी लक्ष्मीबाई स्त्री शक्ति पुरस्कार राष्ट्रपति के हाथों से मिला। वे एथलीट भी हैं और पैरालंपिक खेलों में जलवा दिखा चुकी हैं। उन्हें 2011 में राज्य का सर्वोच्च खेल सम्मान भीम अवार्ड भी मिल चुका है वीओ-1-डॉ.सुनीता 1987 की उस घटना को याद करते हुए बताती हैं कि ट्रेन पर चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया और दोनों हाथ कट गए। पति अस्पताल में ही उन्हें छोड़कर चले गए और फिर वापस नहीं लौटे। बड़ा झटका तो लगा लेकिन उन्होंने हौसला नहीं खोया और एमए फाइनल करने की ठान ली। इसी बीच मदवि में नौकरी लग गई। साथ-साथ उन्होंने पढ़ाई भी जारी रखी। एमफिल और पीएचडी तक शिक्षा ग्रहण की। बाईट -डॉ सुनीता मल्हान ,वार्डन एमडीयू यूनिवर्सिटी रोहतक वीओ-2-डॉ सुनीता मल्हान उन महिलाओं के लिए मिसाल है जो हादसों के बाद हिमत हार कर जिंदगी खत्म कर लेती है या गलत रास्ता अपना लेती है सुनीता मल्हान जॉब के साथ साथ पैराओलंपिक मे अंतरराष्ट्रीय खिलाडी है 8 बार मैडल जीत चुकी है और जॉब के साथ साथ उन महिलाओं को मोटिवेशनल का काम भी करती है बाईट -डॉ सुनीता मल्हान ,वार्डन एमडीयू यूनिवर्सिटी रोहतक बाईट -3-बहरहाल हादसों के बाद जिंदगी हार जाना कोई समाधान नही है माना कि इस तरह के हादसे अंदर तक तोड़ देती है
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DRDivya Rani
Mar 07, 2026 06:15:46
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