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Narendra Kr. BhatiNarendra Kr. BhatiFollow20 Aug 2024, 12:24 pm

ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों में गंदगी के लगे ढेर, शिकायत पर भी प्राधिकरण ने नहीं किया कोई समाधान

Greater Noida, Uttar Pradesh:

ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण के स्वास्थ्य और उद्यान विभाग की लापरवाही से सेक्टरों में गंदगी फैल गई है, जिससे निवासियों को परेशानी हो रही है। सेक्टर बीटा वन में पत्तों, पेड़ों की टहनियों, गार्बेज और मलवा की ढेरों से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। निवासियों ने कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता हरेंद्र भाटी ने भी इसी स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया और कहा कि ग्रेटर नोएडा के अन्य सेक्टरों में भी यही समस्या है।

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हाई कोर्ट ने केंद्र-दिल्ली सरकार से मांगा जवाब: सोनम वांगचुक की जान जोखिम में

Noida, Uttar Pradesh:*सोनम वांगचुक की जान पर खतरा! हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब* 18 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि ये बेहद अर्जेंट मामला है। इस पर ध्यान देने की तुंरत ज़रूरत है। केंद्र और दिल्ली सरकार इस पर जवाब दाखिल करें। हम गुरुवार को ही इस पर सुनवाई करेंगे। आज सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोई वकील कोर्ट में पेश नहीं हुआ। *'दो दिन से ज़्यादा नहीं बच पाएगे'* वकील राकेश कुमार सैनी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के चलते सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है।उनके जीवन को गंभीर खतरा है। अगर उनकी हड़ताल जारी रही तो वो दो दिन से ज़्यादा नहीं बच पाएगे। *सरकार के दखल की मांग* याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को निर्देश दे कि वे तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं।जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए। अगर जीवन रक्षा के लिए ज़रूरी हो तो उनकी इच्छा के विपरीत भी उन्हें भोजन खिलाया जाए। *आज कोर्ट में क्या हुआ* आज मामला चीफ जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय और तेजस कारिया की बेंच के सामने आया। वकील राकेश सैनी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश हुए। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद स्थिति है। सोनम अपने मौलिक अधिकार के तहत शांतिपूर्ण विरोध कर रहे है, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उनकी जान को जोखिम बन गया है। बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि हम आपकी याचिका पर सुनवाई करेंगे। हम हम सरकार से जवाब मांग रहे है।कल ही इस मामले को सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाएगा। *28 जून से अनशन पर है सोनम* सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वो नीट पेपर लीक और दूसरी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे है। याचिका में कहा गया है कि पिछले 18 दिनों में उनका वजन आठ किलो कम हो चुका है। उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही है। अगर उनके जैसे सामाजिक कार्यकर्ता का कुछ हो जाता है तो यह देश के लिए बड़ी शर्मिदगी होगी
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SC ने CBSE डिजिटल कॉपी जाँच पर चिंता जताई, सरकार से स्थायी जवाब माँगा

Noida, Uttar Pradesh:'छात्रों की हताशा को समझिए', CBSE की डिजिटल कॉपी जांच पर SC ने जताई चिंता, सरकार से मांगा जवाब सीबीएसई की डिजिटल कॉपी जांच की व्यवस्था ( OSM) को लेकर हो रही छात्रों की परेशानियों पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस सिस्टम में छात्रों को लगातार दिक्कत आ रही है।छात्रों में काफी निराशा और हताशा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले में सहयोग करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि सरकार को इस मामले को विरोध के रूप में नहीं लेना चाहिए। कोर्ट चाहता है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। *SG तुषार मेहता का कोर्ट को आश्वासन* सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि याचिका में जिन छात्रों के मार्कशीट से जुड़े व्यक्तिगत मामलों का जिक्र था, उनमें से ज्यादातर का समाधान कर दिया गया है। सरकार कॉपी जांच की खामियों को गंभीरता से ले रही है।इसके लिए एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेगी और सुधार के अपने सुझाव देगी कोर्ट ने इस पर सरकार से स्टेटड रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होगी。 *याचिका में मांग* राकेश बिंजोला की ओर से दायर याचिका में CBSE की कॉपी जाँच (OSM) के लिए पारदर्शी और स्पष्ट नियम बनाए जाने की मांग की गई है। याचिका में मांग की गई है कि इन नियमों की निगरानी के लिए एक हाई-पावर कमेटी बनाई जाए।जिन छात्रों ने यूनिवर्सिटी या कॉलेज में प्रवेश परीक्षा पास कर ली है या प्रोविजनल एडमिशन ले लिया है, उन्हें बोर्ड के न्यूनतम अंकों की शर्त से छूट मिले।
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अमरनाथ यात्रा में ऐतिहासिक रिकॉर्ड, पहले 12 दिन में श्रद्धालुओं की संख्या तीन लाख

Chaka, सुरक्षित और आध्यात्मिक: इस साल अमरनाथ यात्रा में रिकॉर्ड-तोड़ आस्था देखने को मिली है। अटूट विश्वास के साथ इस यात्रा ने ऐतिहासिक मुकाम हासिल किए और पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस साल की श्री अमरनाथ यात्रा ने इतिहास रच दिया है; यात्रा के पहले 12 दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख का आंकड़ा पार कर गई, जबकि पवित्र शिवलिंग यात्रा के शुरुआती पांच दिनों में ही पिघल गया था। श्रद्धालुओं की संख्या न केवल स्थिर रही है, बल्कि एक ऐतिहासिक आंकड़े तक भी पहुंच गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 57 दिनों की इस यात्रा के शुरुआती 12 दिनों में ही यात्रियों की संख्या ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना लिया है। 3 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने "बाबा बर्फ़ानी" के दर्शन किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल के शुरुआती 12 दिनों की तुलना में इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में 37% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यात्रा शुरू होने के बाद से ही पवित्र गुफा के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की दैनिक संख्या लगातार 20,000 से 25,000 के बीच रही है। यात्रा से पहले ही रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 4 लाख को पार कर चुका था। मई में लगभग 7 फीट ऊंचा पवित्र शिवलिंग बहुत जल्दी पिघल गया था। लेकिन इससे भगवान शिव के भक्तों की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा; वे श्रीनगर ट्रांजिट कैंप, बालटाल और नुमवान बेस कैंप में लगातार पहुंच रहे हैं। उनका मानना ​​है कि शिवलिंग की भौतिक स्थिति चाहे कैसी भी हो, पवित्र गुफा का महत्व कम नहीं होता। इस साल अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था प्रेरणादायक रही है। गुफा के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि यह सिर्फ़ भौतिक शिवलिंग के आकार से कहीं बढ़कर है; यह भगवान शिव के प्रति आंतरिक आस्था और आध्यात्मिक जुड़ाव का मामला है। एक तीर्थयात्री, अतीन ने कहा, "बाबा बर्फानी हमेशा भक्तों के दिलों में रहते हैं। भले ही प्राकृतिक रूप से बना बर्फ का शिवलिंग पिघल गया हो, लेकिन बाबा की आध्यात्मिक मौजूदगी वैसी ही बनी हुई है। जिन लोगों की आस्था है, वे दर्शन के लिए आते रहेंगे, और मुझे यकीन है कि तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ती रहेगी। तीर्थयात्रियों में इतनी गहरी आस्था है कि बाबा बर्फानी का आशीर्वाद पाने के उनके संकल्प को कोई कम नहीं कर सकता"। एक अनी तीर्थयात्री, राज कुमार धाकड़ ने कहा, "यह सुनकर बहुत अच्छा लगा कि इतनी बड़ी संख्या में भक्तों ने तीर्थयात्रा की है। सरकार ने बहुत अच्छे इंतज़ाम किए हैं, और हम हर साल आना चाहते हैं। जो लोग अब तक आए हैं, वे सुखद यादों के साथ लौट रहे हैं, और मुझे यकीन है कि जो लोग अभी आने वाले हैं, उन्हें भी ऐसा ही अनुभव होगा। बाबा बर्फानी में हमारी आस्था अटूट है। बर्फ का शिवलिंग पिघलने से कोई भी निराश नहीं है क्योंकि हमारी आस्था खुद बाबा में है। मैं हर उस व्यक्ति से गुज़ारिश करूँगा जिसने पवित्र गुफा के दर्शन करने और बाबा का आशीर्वाद लेने का मन बना लिया है, वे ज़रूर आएं। इस साल का श्रेय मुख्य रूप से श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की कोशिशों को जाता है, जिन्होंने तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को संभाला और उन्हें "तत्काल" रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी; इससे यात्रा को सुचारू रूप से चलाने में अधिकारियों की भूमिका उजागर हुई। तीर्थयात्रा के लिए दी गई सुविधाएँ ही 2026 की यात्रा की सफलता का मुख्य कारण हैं। मज़बूत मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरे के अलावा, AI-आधारित निगरानी, ड्रोन मॉनिटरिंग और CRPF, J
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स्कूल गेट पर ताला, छात्रों ने सड़क रोक कर प्रदर्शन किया; परिणामों के संकट

Barrackpore, West Bengal:স্কুলের গেটে তালা ঝোলালের স্কুলের ছাত্ররা। স্কুলের সামনে রাস্তাও অবরোধ। দক্ষিনেশ্বর অঞ্চলে দক্ষিণেশ্বর হাই স্কুল ( বাংলা স্কুল ) ছাত্ররা আজ স্কুল গেটে তালা মেরে রাস্তা আটকে fleld আন্দোলনে নামলো স্কুলের 학생রা তাদের দাবি ১১ ক্লাস থেকে দ্বাদশ ক্লাসে ওঠার পরে তারা পাস করেছে না ফেল করেছে জানতে পাসনি তারা এখনো দ্বাদশ ক্লাসে ভর্তি হতে পারেনি। মিড ডে মিল স্কুলের ছাত্রছাত্রীরা পাচ্ছে না স্কুলের কম্পিউটার শিক্ষা পাচ্ছেনা এবং এই সমস্ত কিছুর পিছনে রয়েছে স্কুলের প্রধান শিক্ষিকা সুচিস্মিতা মুখোপাধ্যায় এই আগেই স্কুলের শিক্ষক শিক্ষিকেরা আন্দোলন করেছিলেন এবার আন্দোলনের পথে নামলেন স্কুলের ছাত্র-ছাত্রী এবং অভিভাবকদের অভিযোগ তারা সরকারি স্কুলে প্রচুর পরিমাণে টাকা দেওয়া হয় স্কুল কর্তৃপক্ষ টাকা নেয় কিন্তু শিক্ষার পরিবেশ ক্লাস ছাত্র ছাত্রীদের সঠিকভাবে হয় না। স্কুলের প্রধান শিক্ষিকাকে এই স্কুল থেকে সরিয়ে দেওয়া হয় কিন্তু তারপরে কোনরকমের অন্য কাউকে দায়িত্ব দেওয়া হয়নি শিক্ষকরা বারবার করে ব্যারাকপুরে ডিআই অফিসে যোগাযোগ করলে শিক্ষা দপ্তরের বিভিন্ন জায়গায় যোগাযোগ করার পরেও স্কুলে স্থায়ীভাবে প্রধান শিক্ষিকা বা প্রধান শিক্ষক না থাকা বা প্রধান শিক্ষকের জায়গায় কাউকে দায়িত্ব দেওয়া কোন কিছুই হচ্ছে না যার ফলে সমস্যার মুখে পড়তে হচ্ছে ছাত্রদেরকে শিক্ষকরা অনেক চেষ্টা করে তারা স্কুলটাকে সচল রাখার চেষ্টা করছে এবং ছাত্র-ছাত্রীদের শিক্ষাদানের চেষ্টা করছে কিন্তু এই ডি আই এবং প্রধান শিক্ষিকার সুচিম্মতা মুখোপাধ্যায় অসহযোগিতার জন্য ছাত্রদেরকে সমস্যার মুখে পড়তে হচ্ছে একাদশ শ্রেণীর থেকে থেকে পাস করে দ্বাদশ শ্রেণীতে ওঠার পরে তারা কোন মার্কশিট পায়নি তারা রেজাল্ট জানতে পারছে না এবং তারা ভর্তি হতেও পারেনি এখন এমন অবস্থা অন্য স্কুলেও তাদের ভর্তি হওয়ার মতন জায়গায় নেই এই সব কিছুকে মিলিয়েই আজকে ছাত্র এবং অভিভাবকদেরা ফুলের গেটে তালা মেরে রাস্তায় বেঞ্চি পেতে বাঁশ দিয়ে সাইকেল দিয়ে আটকে বড়দের পথে যায় এবং স্কুলের শিক্ষকরা ও এই আন্দোলনের পক্ষে এখন দেখার স্কুলের এই ছাত্রদের যে সমস্যা সেই সমস্যার সমাধানের জন্য শিক্ষা দপ্তরের বিভিন্ন দপ্তর কতটা উৎসাহিত হয়ে এই সমস্যা সমাধান ঘটায় এটাই এখন দেখার
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बंगाल के स्कूल में छात्रों ने गेट पर ताला, रिजल्ट और दाखिले का संकट

Barrackpore, West Bengal:স্কুলের গেটে তালা ঝুলানোর স্কুলের ছাত্ররা। স্কুলের সামনে রাস্তাও অবরোধ। দক্ষিনেশ্বর অঞ্চলে দক্ষিণেশ্বর হাই স্কুল ( বাংলা স্কুল ) ছাত্ররা আজ স্কুল গেটে তালা মেরে রাস্তা আটকে পথ অবরোধ করে আন্দোলনের নামে স্কুলের ছাত্ররা তাদের দাবি ১১ ক্লাস থেকে দ্বাদশ ক্লাসে ওঠার পরে তারা পাস করেছে না ফেল করেছে জানতে পারছেনা রেজাল্ট পাইনি তারা এখনো দ্বাদশ ক্লাসে ভর্তি হতে পারেনি। মিড ডে মিল স্কুলের ছাত্রছাত্রীরা পাচ্ছে না স্কুলের কম্পিউটার শিক্ষা পাচ্ছেনা এবং এই সমস্ত কিছুর পিছনে রয়েছে স্কুলের প্রধান শিক্ষিকা সুচিস্মিতা মুখোপাধ্যায় এই আগেই স্কুলের শিক্ষক শিক্ষিকেরা আন্দোলন করেছিলেন এবার আন্দোলনের পথে নামলেন স্কুলের ছাত্র-ছাত্রী এবং অভিভাবকদেরা অভিভাবকদের অভিযোগ তারা সরকারি স্কুলে প্রচুর পরিমাণে টাকা দেওয়া হয় স্কুল কর্তৃপক্ষ টাকা নেয় কিন্তু শিক্ষার পরিবেশ ক্লাস ছাত্র ছাত্রীদের সঠিকভাবে হয় না। স্কুলের প্রধান শিক্ষািকোকে এই স্কুল থেকে সরিয়ে দেওয়া হয় কিন্তু তারপরে কোনরকমের অন্য কাউকে দায়িত্ব দেওয়া হয়নি শিক্ষকরা বারবার করে ব্যারাকপুরে ডিআই অফিসে যোগাযোগ করলে শিক্ষা দপ্তরের বিভিন্ন জায়গায় যোগাযোগ করার পরেও স্কুলে স্থায়ীভাবে প্রধান শিক্ষিকা বা প্রধান শিক্ষক না থাকা বা প্রধান শিক্ষকের জায়গায় কাউকে দায়িত্ব দেওয়া কোন কিছুই হচ্ছে না যার ফলে সমস্যার মুখে পড়তে হচ্ছে 학생들을কে শিক্ষকরা 많은 চেষ্টা করে তারা স্কুলটাকে সচল রাখতে চেষ্টা করছেন এবং ছাত্র-ছাত্রীদের শিক্ষাদানের চেষ্টা করছেন কিন্তু এই ডি আই এবং প্রধান শিক্ষিকার সুচিস্মিতা মুখোপাধ্যায় অসহযোগিতার জন্য ছাত্রদেরকে সমস্যার মুখে পড়তে হচ্ছে একাদশ শ্রেণীর থেকে থেকে পাস করে দ্বাদশ শ্রেণীতে ওঠার পরে তারা কোন মার্কশিট পায়নি তারা রেজাল্ট জানতে পারছে না এবং তারা ভর্তি হতেও পারেনি এখন এমন অবস্থায় অন্য স্কুলেও তাদের ভর্তি হওয়ার মতা জায়গা নেই এই সব কিছুকে মিলিয়েই আজকে ছাত্র এবং অভিভাবকদেরা ফুলের গেটে তালা মেরে রাস্তায় বেঞ্চি পেতে বাঁশ দিয়ে সাইকেল দিয়ে আটকে বড়দের পথে যায় এবং স্কুলের শিক্ষকরা ও এই আন্দোলনের পক্ষে এখন দেখার স্কুলের এই ছাত্রদের যে সমস্যা সেই সমস্যার সমাধানের জন্য শিক্ষা দপ্তরের বিভিন্ন দপ্তর কতটা উৎসাহিত হয়ে এই সমস্যা সমাধান ঘটায় এটাই এখন দেখার
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इस्कॉन की जगन्नाथ रथ यात्रा बोकारो में नौ दिन भक्तिमय महोत्सव की तैयारी पूरी

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में इस्कॉन द्वारा आयोजित श्री श्री जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई, गुरुवार को रथ यात्रा हवाई अड्डा से प्रारंभ होकर धर्मशाला मोड़ होते हुए नीलम अस्पताल के निकट स्थित मगध हॉल (मौसीबाड़ी गुंडिचा मंदिर) तक जाएगी। वहां प्रमुख बिहारी देवता श्री श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी नौ दिनों तक भक्तों को दर्शन और महाप्रसाद से लाभान्वित करेंगे। इस्कॉन द्वारा साझा की गई जानकारी में कहा गया कि श्री श्री जगन्नाथ रथ यात्रा एक दिव्य एवं विशेष अवसर है। धार्मिक परंपरा के अनुरूप भगवान श्री कृष्ण के प्रकट स्वरूप को जगन्नाथदेव के रूप में पूजा जाता है और यह महोत्सव भक्तों के लिए अत्यंत पुण्य और मंगलकारी माना जाता है। आयोजकों ने कहा कि जगन्नाथदेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और उनकी इच्छा है कि उनका महाप्रसाद समस्त जनसमुदाय तक पहुंचे, इसलिए रथ यात्रा एवं आयोजन में व्यापक जनभागीदारी की अपेक्षा है। प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि जगन्नाथ पुरी का रथ यात्रा महोत्सव विश्वविख्यात है और इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के प्रयासों से यह उत्सव वैश्विक स्तर पर फैल पाया है। इस वर्ष भी स्थानीय वासी तथा दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर हरिनाम संकीर्तन और भक्ति-भाव का अनुभव करेंगे। पुलिस और नगर प्रशासन से समन्वय कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित मार्गों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा कार्यक्रम का पर्यावरण एवं शिष्टाचार के साथ आनंद लें। आयोजित रथ यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों के लिए स्थल पर बैठने, प्रसाद वितरण तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के समय-सारणी की विस्तृत जानकारी स्थानीय आयोजन समन्वयक से प्राप्त की जा सकती है। अधिक जानकारी व सहयोग के लिए इस्कॉन के स्थानीय प्रतिनिधियों से संपर्क करने को कहा गया है।
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श्रीरामपुर हत्या पर घमासान: बेग टोली पर आरोप-प्रत्यारोप ने ताप बढ़ाया

Shirdi, Maharashtra:श्रीरामपूर शहरात 11 जुलैला दुपारी आकाश दुबया या हॉटेल व्यावसायिकाची निर्घृण हत्या झाली. गेल्या तीन दिवसांपासून शहर बंद ठेवण्यात आले असून सर्वपक्षीय पदाधिकारी व नागरिक एकवटले आहेत. वाढत्या गुन्हेगारीत बेग टोळीचा हात असल्याचा आरोप श्रीरामपूरचे आमदार हेमंत ओगले यांनी केला; Hindu nationalist नेता सागर बेग यांनी पत्रकार परिषद घेत प्रत्युत्तर दिले. बेग टोळीचा उल्लेख करणाऱ्या आरोपांबद्दल आमदाराने टोळ्याच्या सदस्यांची नावे सांगावीत, अशा प्रकारे त्यांचा संबंध या हत्याकांडात कुठे आला हे जाहीर करण्याची मागणी केली आहे. शिंदे गटाचे नेते सागर बेग यांनी पत्रकार परिषदेत भाजपाच्या पदाधिकाऱ्यांसह काँग्रेस आमदारावर गंभीर आरोप केले. आरोपींचे फोटो/वीडिओ भाजप नेत्यांबरोबर असल्याचे त्यांनी सांगितले. आमदार बेग टोळीवरील आरोपांना नकार दिला. अगतिकतेतून मोर्चा काढण्यात आला, आणि या घटनेमध्ये सहभागी नेत्यांची भूमिका स्पष्ट करावी अशी मागणी परिसरातील नागरिकांत शांततेसह चर्चेत राहिली.
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स्कूल गेट पर ताला, सड़क जाम: अभिभावक-छात्रों ने शिक्षा विभाग से समाधान मांगा

Barrackpore, West Bengal:স্কুলের গেটে তালা ঝুলালো স্কুলের ছাত্ররা। স্কুলের সামনে রাস্তা অবরোধ। দক্ষিণেশ্বর অঞ্চলে দক্ষিণেশ্বর হাই স্কুল ( বাংলা স্কুল ) ছাত্ররা আজ স্কুল গেটে তালা মেরে রাস্তা আটকে পথ অবরোধ করে আন্দোলনে নামলো স্কুলের ছাত্ররা তাদের দাবি ১১ ক্লাস থেকে দ্বাদশ ক্লাসে ওঠার পরে তারা পাস করেছে না ফেল করেছে জানতে পারছেনা রেজাল্ট পাইনি তারা এখনো দ্বাদশ ক্লাসে ভর্তি হতে পারেনি। মিড ডে মিল স্কুলের ছাত্রছাত্রীরা পাচ্ছে না স্কুলের কম্পিউটার শিক্ষা পাচ্ছেনা এবং এই সমস্ত কিছুর পিছনে রয়েছে স্কুলের প্রধান শিক্ষিকা সুচিস্মিতা মুখোপাধ্যায় এই আগেই স্কুলের শিক্ষক শিক্ষিকেরা আন্দোলন করেছিলেন এবার আন্দোলনের পথে নামলেন স্কুলের ছাত্র-ছাত্রী এবং অভিভাবকদের অভিযোগ তারা সরকারি স্কুলে প্রচুর পরিমাণে টাকা দেওয়া হয় স্কুল কর্তৃপক্ষ টাকা নেয় কিন্তু শিক্ষার পরিবেশ ক্লাস ছাত্র ছাত্রীদের সঠিকভাবে হয় না। স্কুলের প্রধান শিক্ষিকাকে এই স্কুল থেকে সরিয়ে দেওয়া হয় কিন্তু তারপরে কোনরকমের অন্য কাউকে দায়িত্ব দেওয়া হয়নি শিক্ষকরা বারবার করে ব্যারাকপুরে ডিআই অফিসে যোগাযোগ করলে শিক্ষা দপ্তরের বিভিন্ন জায়গায় যোগাযোগ করার পরেও স্কুলে স্থায়ীভাবে প্রধান শিক্ষিকা বা প্রধান শিক্ষক না থাকা বা প্রধান শিক্ষকের জায়গায় কাউকে দায়িত্ব দেওয়া কোন কিছুই হচ্ছে না যার ফলে সমস্যার মুখে পড়তে হচ্ছে ছাত্রদেরকে শিক্ষকরা অনেক চেষ্টা করে তারা স্কুলটাকে সচল রাখার চেষ্টা করছি এবং ছাত্র-ছাত্রীদের শিক্ষাদানের চেষ্টা করছে কিন্তু এই ডি আই এবং প্রধান শিক্ষিকার সুচিস্মিতা মুখোপाध্যায় অসহযোগিতার জন্য ছাত্রদেরকে সমস্যার মুখে পড়তে হচ্ছে একাদশ শ্রেণীর থেকে থেকে পাস করে দ্বাদশ শ্রেণীতে ওঠার আগে তারা কোন মার্কশিট পায়নি তারা রেজাল্ট জানতে পারছে না এবং তারা ভর্তি হতেও পারেনি এখন এমন অবস্থা অন্য স্কুলেও তাদের ভর্তি হওয়ার মতন জায়গায় নেই এই সব কিছুকে মিলিয়েই আজকে ছাত্র এবং অভিভাবকদেরা ফুলের গেটে তালা মেরে রাস্তায় বেঞ্চি পেতে বাঁশ দিয়ে সাইকেল দিয়ে আটকে বড়দের পথে যায় এবং স্কুলের শিক্ষকরা ও এই আন্দোলনের পক্ষে এখন দেখার স্কুলের এই ছাত্রদের যে সমস্যা সেই সমস্যার সমাধানের জন্য শিক্ষা দপ্তরের বিভিন্ন দপ্তর কতটা উৎসাহিত হয়ে এই সমস্যা সমাধান ঘটায় এটাই এখন দেখার
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परिसीमन और महिला आरक्षण पर महाराष्ट्र में राजनीतिक घमासान

Mumbai, Maharashtra:संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले प्रस्तावित परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। एनसीपी  (S P ) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, सुप्रिया सुले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि एनसीपी (एसपी ) इंडिया गठबंधन के साथ है और सरकार के किसी भी विधेयक पर अंतिम रुख ड्राफ्ट सामने आने के बाद ही तय किया जाएगा। जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इन अटकलों पर विराम लगाते हुए जयंत पाटिल ने कहा कि उनकी मुलाकात पूरी तरह उनके विधानसभा क्षेत्र इस्लामपुर के नगराध्यक्ष की डिस्क्वालिफ़िकेशन से जुड़े मामले को लेकर थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी प्रफुल्ल पटेल या सुनील तटकरे के साथ कोई संयुक्त बैठक नहीं हुई वहीं, शिवसेना (यूबीटी ) के सांसद संजय राउत ने भी कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार जयंत पाटिल मुख्यमंत्री से केवल अपने क्षेत्र के स्थानीय प्रशासनिक मुद्दे को लेकर मिले थे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार परिसीमन या अन्य महत्वपूर्ण विधेयक लाती है तो विपक्ष एकजुट होकर उसका अध्ययन करेगा और आवश्यक संशोधनों की मांग करेगा। सुप्रिया सुले ने मीडिया में चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी ने इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी या उसके नेताओं के नाम पर चल रही अधिकांश खबरें केवल "सूत्रों" के हवाले से हैं। उन्होंने दोहराया कि एनसीपी (शरदचंद्र पवार) इंडिया गठबंधन का हिस्सा है और एनडीए में जाने का कोई प्रस्ताव बीजेपी की तरफ़ से नहीं है और ना ही उनकी पार्टी की तरफ़ से । परिसीमन विधेयक पर सुप्रिया सुले ने कहा कि अभी तक विधेयक का अंतिम मसौदा पार्टी के पास नहीं आया है। ऐसे में बिना विधेयक देखे कोई आधिकारिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी। यदि ऐसा प्रावधान विधेयक में शामिल होता है, तो पार्टी इंडिया गठबंधन के सहयोगियों से चर्चा कर अपना अंतिम रुख तय करेगी।इसके अलावा सुप्रिया सुले का कहना था की ना सिर्फ बिल का ड्राफ्ट बालाजी उसको इंप्लीमेंट कैसे किया जाएगा इसकी भी जानकारी चाहिए . उधर, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिल्ली दौरे के दौरान सभी छह बागी सांसदों से मुलाकात की और अमित शाह से भी मिले।।उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर इंडिया गठबंधन में भ्रम की स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव है । शिंदे ने कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन दोनों विधेयकों का समर्थन होना चाहिए और इन्हें संसद से पारित किया जाना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सकारात्मक रुख रखती है। हालांकि, सरकार का कहना है कि परिसीमन पर अंतिम निर्णय व्यापक राजनीतिक सहमति, संवैधानिक प्रक्रिया और सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। वही पहली बार सुप्रिया सुले ने कैमरे पर बोला की की अजीत पवार की अंतिम इच्छा थी की दिनों एनसीपी साथ आए लेकिन उनके जाने के बाद अब वो इसपर कुछ नहीं बोलेंगी , इससे एक बात तो साफ़ है की फिलहाल दोनों एनसीपी के मर्जर की संभावना कम नज़र आ रही है . शरद पवार गट के एनडीए में शामिल होने को लेकर अटकले इस लिए ज़्यादा तेज हो रही है की केंद्र सरकार को बिल पास करने के लिए जो २/३ बहुमत का जरूरी आंकड़ा है वो एनसीपी (एसपी) के आठ संसदों को जोड़ने से उस जादुई आंकड़े तक पहुचने को लेकर एक बड़ा कदम होगा . वही लोकसभा का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले ही अटकलों की शुरुआत तेज हुई है और ये चर्चा है की केंद्र सरकार में कैबिनेट विस्तार में एनसीपी (एसपी) को महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया जा सकता है इसलिए शरद पवार मानसून सत्र से पहले एनडीए को समर्थन दे सकते है .
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NH-33 पर अतिक्रमण हटाने से महादलित परिवारों के घर ढहे, पुनर्वास मांग तेज

Sheikhpura, Bihar:सुप्रीप कोर्ट के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अतिक्रमण हटाने के निर्देश पर जिला प्रशासन कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी क्रम में शेखपुरा जिले केबरबीघा प्रखंड में एनएच-33 पर गंगटी गांव स्थित सड़क किनारे बसे कई महादलित परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद प्रभावित ग्रामीणों के समक्ष आवास का संकट खड़ा हो गया है। अपनी कमाई से तैयार घर तोड़ने के नोटिस के बाद दर्जन महादलित परिवार शेखपुरा समाहरणालय पहुंच बासीगत पर्चा की मांग किया है।समाहरणालय पहुंची ग्रामीण महिला ने का कहना है कि अब तक पांच से छह घरों को तोड़ा जा चुका है। वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना घरों को तोड़े जाने के विरोध में डीएम आवेदन सौंप पुनर्वास की मांग की। ग्रामीणों ने सरकारी जमीन उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।वही जदयू महादलित प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अशर्फी मांझी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि उनके परिवार करीब 40 वर्षों से उक्त भूमि पर रह रहे हैं। इसी स्थान पर उन्होंने अपने बच्चों का पालन-पोषण किया, उन्हें शिक्षा दिलाई और शादी-विवाह जैसे सामाजिक दायित्व भी निभाए। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक जमीन नहीं है। अचानक घर टूट जाने से पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हो गया है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें जमीन और आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विवश होंगे।
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Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मौलाना पर धर्मांतरण हलाला का आरोप DATE =15-07-2026 ANCHOR =मुजफ्फरनगर के फुलत गांव स्थित मदरसा रहीमिया दारुल उलूम के संस्थापक मौलाना हिफजुर्रहमान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर की रहने वाली एक युवती ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गंभीर आरोप लगाए। युवती का आरोप है कि वर्ष 2012 में इंदौर में बीबीए की पढ़ाई के दौरान उसकी फेसबुक पर "नवीन राणा" नाम के युवक से दोस्ती हुई थी। वर्ष 2013 में उसे दिल्ली बुलाया गया और वहां से मुजफ्फरनगर के फुलत स्थित मदरसे में ले जाया गया। युवती का दावा है कि वहां पहुंचने पर उसे पता चला कि "नवीन राणा" का असली नाम नावेद है। युवती का कहना है कि उस पर दबाव बनाकर धर्मांतरण कराया गया। उसे कुरआन की आयतें पढ़ने, नमाज सीखने और इस्लामी रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर किया गया। साथ ही उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे खाने में गोमांस दिया जाता था। कहा कि पहले उसका निकाह अब्दुल रहमान से कराया गया, उसने तलाक देने पर उसका हलाला किया गया। फिर वर्ष 2015 में शामली निवासी मुदस्सिर से दूसरा निकाह कराया गया। वर्ष 2019 में मुदस्सिर की मृत्यु के बाद उसका तीसरा निकाह खालिद से कराया गया। युवती ने दावा किया है कि यह सब मौलाना कलीम सिद्दीकी और मौलाना हिफजुर्रहमान से जुड़े मदरसे में हुआ। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि मुद्दसिर ने अपने जीजा फखरुद्दीन से उसका हलाला राजस्थान के जयपुर में कराया गया और इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। उसका कहना है कि पिछले 14 वर्षों तक उसका मानसिक और यौन शोषण किया गया। युवती का आरोप है की फुलत और मेरठ के कुछ मदरसों में हिंदू युवतियों को लाकर उनका शोषण किया जाता था। उसने 5 मई 2026 को गाजियाबाद के अंकुर विहार थाने में मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। लगभग 14 वर्षों तक यातनाएं झेल चुकी इस युवती ने कहा कि फिल्म द केरला 2 में दिखाए गए सभी दृश्य को उसने असल जिंदगी में झेला है। उसने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए है।
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चमोली में 155.36 करोड़ की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण, बड़ा कार्यक्रम

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:चमोली जनपद को बुधवार को बड़ी विकास सौगात मिली। पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़े के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में कुल 155.36 करोड़ रुपये की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने 113.99 करोड़ रुपये की लागत से 36 योजनाओं का शिलान्यास और 41.37 करोड़ रुपये की 27 योजनाओं का लोकार्पण किया। इन योजनाओं में सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा, पशुपालन, पर्यटन और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। चमोली जनपद धार्मिक, सांस्कृतिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस दौरान जोशीमठ-नीति मार्ग पर स्टील ट्रस पुल, विभिन्न मोटर मार्गों का निर्माण एवं सुधार, बाढ़ सुरक्षा कार्य, पशु चिकित्सालय, स्कूल भवन, पार्किंग और सामुदायिक भवन जैसी कई योजनाओं की शुरुआत की गई। वहीं, कई सड़कों के अपग्रेडेशन, अस्पतालों में भवन निर्माण, खेल सुविधाओं और पर्यटन से जुड़े कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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