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Fatehpur212601

फतेहपुर के एक जंगल में पेड़ पर मिला किशोरी का शव

Aug 14, 2024 14:49:44
Fatehpur, Uttar Pradesh

फतेहपुर जिले के एक जंगल में पेड़ पर किशोरी का शव मिला, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है क्योंकि पेड़ के चारों ओर बरसात का पानी भरा था, जिससे किशोरी का पेड़ पर चढ़ना और खुद की जान लेना असामान्य लग रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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KKKRISNDEV KUMAR
Jan 22, 2026 10:35:35
Noida, Uttar Pradesh:रामनगर में आज से बसंत महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया है। दो दिनों तक चलने वाले इस बसंत उत्सव के दौरान सांस्कृतिक, लोककलात्मक और पारंपरिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। महोत्सव के पहले दिन ही नगर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला, जब रंग-बिरंगी झांकियां निकालकर उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। आज रामनगर की सड़कों पर निकली झांकियों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इन झांकियों के माध्यम से उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और रीति-रिवाजों को बखूबी दर्शाया गया। झांकियों में उत्तराखंड के पारंपरिक परिधान, वाद्य यंत्र और लोकनृत्य लोगों को खासा आकर्षित करते नजर आए। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने झांकियों को देखकर उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू होने का अवसर प्राप्त किया, विशेष रूप से झांकियों में उत्तराखंड में प्रचलित हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार होने वाली पारंपरिक शादियों का सजीव चित्रण किया गया। विवाह से जुड़े रस्मों, पारंपरिक वेशभूषा और लोकगीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा झांकियों में उत्तराखंड के देवी-देवताओं की झलक भी देखने को मिली, जिसमें लोक आस्था और धार्मिक परंपराओं को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। महोत्सव के दौरान झोड़ा नृत्य सहित अन्य लोकनृत्यों की प्रस्तुति ने वातावरण को पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। कलाकारों ने पारंपरिक गीत-संगीत के साथ उत्तराखंड की लोककला को जीवंत किया, जिस पर दर्शक भी तालियों के साथ झूमते नजर आए। आयोजकों के अनुसार, बसंत महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ना है। आने वाले दो दिनों में भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। बसंत महोत्सव का यह आगाज रामनगर में सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश देता नजर आया, जिसने नगरवासियों के साथ-साथ बाहर से आए लोगों को भी उत्तराखंड की संस्कृति से जोड़ने का कार्य किया।
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HBHeeralal Bhati
Jan 22, 2026 10:33:50
:जिला-जालौर बागोड़ाजालोर बागोड़ा-जालोर बागोड़ा-जालोर पर अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। बागोड़ा से सांचौर की ओर जाने वाले वाहनों का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें बिना टोल पर्ची ₹100 लेकर वाहन निकालने और पर्ची मांगने पर पूरे ₹260 वसूलने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देवदा गांव में अधिकृत एग्जिट पॉइंट होने के बावजूद वहां टोल नहीं लिया जा रहा, लेकिन सांचौर साइड से आने वाले वाहनों से पूरा टोल वसूला जा रहा है। नियमों के विपरीत इस वसूली से यात्रियों के साथ अन्याय और सरकारी राजस्व को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वीडियो वायरल होने के बावजूद एनएचएआई व टोल प्रबंधन की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Jan 22, 2026 10:33:35
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर.जोधपुर की डॉक्टर शिवानी मंडा ने राम नाम के जाप को केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे कला का ऐसा रूप दिया, जिसने उन्हें देश-दुनिया में अलग पहचान दिलाई। मां से मिली प्रेरणा और रामस्नेही परिवार के संस्कारों ने शिवानी को इस अनोखी कला यात्रा की ओर अग्रसर किया। आज वे 10 लाख से अधिक बार ‘राम’ शब्द लिखकर भगवान राम, हनुमानजी, दुर्गा माता, खाटू श्याम और हाल ही में आदियोगी की भव्य आकृतियाँ उकेर चुकी हैं। डॉक्टर पति और डेंटिस्ट भाई वाले धार्मिक परिवार में पली-बढ़ी शिवानी का कहना है कि राम नाम ने उनके जीवन में न केवल सकारात्मकता भरी, बल्कि कठिन और उदास क्षणों में भी उन्हें संबल दिया। बचपन की साधना से बनी पहचान, 6 साल पहले मिली कला को दिशा शिवानी बचपन से ही राम नाम के वातावरण में रहीं। घर में निरंतर चलने वाले जाप ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने राम नाम लिखने की आदत बना ली। डॉक्टर बनने के बाद जब पहली बार ड्यूटी जॉइन की, तो एक कागज पर राम नाम लिखकर साथ ले गईं। उसी समय राम मंदिर भूमि पूजन की खबरें चल रही थीं। यहीं से विचार आया कि राम नाम से कुछ रचनात्मक किया जाए। इसके बाद उन्होंने 76,100 बार राम नाम लिखकर अयोध्या के राम मंदिर का नक्शा तैयार किया, जिसे पूरा करने में 75 घंटे लगे। इस कृति ने उन्हें आत्मविश्वास दिया। अगली रचना हनुमानजी का पोर्ट्रेट था, जिसे इंस्टाग्राम पर साझा करते ही जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। हजारों लोगों ने ‘जय श्री राम’ लिखकर उत्साह बढ़ाया। फिर 1,11,111 राम शब्दों से राम दरबार की रचना की, जो इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए नामांकित हुई। इसके बाद पंचमुखी हनुमानजी, खाटू श्यामजी और दुर्गा माता जैसी कई दिव्य आकृतियाँ राम नाम से साकार कीं। हाल ही में शिवरात्रि के अवसर पर शिवानी ने 16,111 राम शब्दों से आदियोगी की तस्वीर बनाई, जिसे देखकर सद्गुरु फाउंडेशन ने उनसे संपर्क किया। कभी बना मजाक, आज बनी प्रेरणा डॉक्टर बनने के बाद कई लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। कहा गया कि पैसा कमाने और क्लिनिक सेटअप पर ध्यान दें, राम नाम लिखकर क्या मिलेगा। लेकिन शिवानी ने आलोचनाओं को नजरअंदाज किया और नौकरी के साथ-साथ खाली समय में अपनी कला साधना जारी रखी। वे पहले लंबे अभ्यास के बाद ही अंतिम रचना तैयार करती हैं। उनका मानना है कि डॉक्टर का पेशा सेवा है और उसी तरह राम नाम से भगवान की तस्वीरें बनाना भी सेवा का ही रूप है। आज उनकी इस साधना को देखकर युवा और सहकर्मी राम नाम लेखन सीखने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। उनकी वर्कशॉप में 6 साल से लेकर 60 साल तक के लोग शामिल हो रहे हैं। संयम, श्रद्धा और हनुमानजी की कृपा शिवानी बताती हैं कि राम नाम ने उन्हें धैर्य, अनुशासन और संयम सिखाया। हनुमानजी में उनकी विशेष आस्था है। वे कहती हैं कि हनुमानजी के पोर्ट्रेट हमेशा मंगलवार या शनिवार को ही पूर्ण होते हैं, जिसे वे प्रभु की कृपा मानती हैं। शिवानी के अनुसार उन्होंने यह यात्रा प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि शुद्ध श्रद्धा से शुरू की थी। आज वही साधना उन्हें बड़े मंचों और सुर्खियों तक ले आई है। बाईट डॉ शिवानी मंडा
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JPJitendra Panwar
Jan 22, 2026 10:31:57
Karnaprayag, Uttarakhand:बसंत पंचमी से पूर्व कर्णप्रयाग के सरस्वती शिशु मंदिर में आज से अखंड रामायण पाठ शुरू हो गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय में प्रवेश करने वाले नए बच्चों का कल बसंत पंचमी के दिन विद्यारम्भ संस्कार किया जाएगा और सरस्वती पूजन भी मनाया जाएगा। सनातन धर्म में बसंत पंचमी को सरस्वती जन्म के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन विद्यालय में प्रवेश करने वाले नए बच्चों का विद्यारम्भ संस्कार भी किया जाएगा, इस शुभ अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर में अखंड रामायण का पाठ भी शुरू हो गया है। कल बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर विद्यार्थियों का विद्यारम्भ संस्कार किया जायेगा। पूजा पाठ का आयोजन भी किया जायेगा。
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Jan 22, 2026 10:31:32
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RSRajendra sharma
Jan 22, 2026 10:31:00
Kota, Rajasthan:सांगोद (कोटा) एंकर- कनवास क्षेत्र के पास गुर्जर खेड़ी गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव 10 फीट लंबा मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में घुस आया। ग्रामीण मगरमच्छ को देखकर दहशत में आ गए। मगरमच्छ को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। जिसके बाद ग्रामीणों की और से वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना पर मुकुंदरा टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची। सावन भादो डेम नाका प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि रेंज ऑफिसर प्रद्युम्न सिंह राठौर के निर्देशन में मगरमच्छ के रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू की गई। कर्मचारियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को काबू में किया। रेस्क्यू के दौरान मगरमच्छ के आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर मगरमच्छ निकला, उसके पास ही भैंसों का बाड़ा भी था, लेकिन राहत की बात यह रही कि मगरमच्छ ने किसी भी व्यक्ति या पशु को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से नदी में छोड़ दिया गया बीते वन कर्मी
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AVArun Vaishnav
Jan 22, 2026 10:30:16
Jaipur, Rajasthan:जयपुर विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमितोष पारीक ने कहा यह विषय किसी भी रूप से सांप्रदायिक नहीं है मालपुरा से हिंदू पलायन करने को मजबूर हुआ इसी तरह से टोंक से भी हिंदू पलायन को मजबूर हुए जयपुर के किशनपुर क्षेत्र में से भी हिंदुओं ने पलायन करने की पोस्टर देखे गए थे ग गुजरात में इस विधेयक को जमात ए उलेमा हिंद ने गुजरात में इस विषय को चुनौती दी है थी कानून बने तो जो भी प्रॉपर्टी सांप्रदायिक तनाव के लिए उपयोग किए गए उसे सीज किया जाए वहां किसी प्रकार का बिजनेस नहीं करने दिया जाए जयपुर vishnu विश्व हिंदू परिषद की क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय ने कहा सिविल लाइनों एरिया के आसपास कॉलोनी में बनी अवैध मस्जिदों को हटाने को मांग कर रहे हैं आवश्यकता होगी तो सड़क पर उतर कर आंदोलन भी किए जाएंगे हम अपनी ताकत बढ़ावेंगे तो हमारी बात मानी जाएगी कमजोर को कोई कहीं नहीं पूछता है, इसलिए हिंदू समाज को ताकत बढ़ाने होगी
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