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SSANDEEPFollow10 May 2025, 07:09 am

Deoria: मदरसे में नहीं आते टीचर और बच्चे,अल्पसंख्यक विभाग की मानीटरिंग पर उठे सवाल

Deoria, Uttar Pradesh:

जिले के अल्पसंख्यक विभाग की निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर मदरसों को लेकर। हरहंगपुर स्थित एडेड मदरसा मदनी दारुल उलूमा निस्वा मेंहा का मामला सामने आया है, जहां 200 से अधिक बच्चों का नामांकन तो है लेकिन रोज़ाना सिर्फ 25 से 30 बच्चे ही मदरसे में आते हैं। इस मदरसे में 12 टीचर और क्लर्क तैनात हैं, फिर भी 9वीं और 10वीं के बच्चे सिर्फ कागजों में ही पढ़ते दिखाई दे रहे हैं। सरकार हर साल इन टीचर्स और स्टाफ पर लाखों रुपये खर्च करती है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। जिले में कुल 17 एडेड मदरसे हैं, फिर भी अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी न तो नियमित जांच करते हैं और न ही कोई कार्रवाई। इस लापरवाही को लेकर अब विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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आगरा में किले के पीछे नाले से बुजुर्ग महिला का शव बरामद, राहत दलों की खोज जारी

Agra, Uttar Pradesh:आगरा अपडेट ब्रेकिंग सुभाष बाजार हादसा किले के पीछे नाले से बुजुर्ग महिला गंगा देवी का शव बरामद。 हादसे के पांच दिन बाद रेस्क्यू टीम को मिला गंगा देवी का शव。 नाले के ऊपर बनी दुकान ढहने के दौरान मलबे के साथ नाले में बह गई थीं गंगा देवी。 बुधवार से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और नगर निगम की टीमें लगातार चला रही थीं सर्च ऑपरेशन。 कई दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद किले के पीछे नाले में मिला शव。 शव मिलने के बाद परिजनों में मचा कोहराम, क्षेत्र में शोक की लहर。 पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, आगे की कार्रवाई जारी。 सुभाष बाजार हादसे के बाद नाले के ऊपर बने निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल。
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थराली- कुराड़- पार्था मोटरमार्ग भारी वर्षा से क्षतिग्रस्त, घाघंली गधेरे में बंद; जेसीबी से मरम्मत शुरू

Karnaprayag, Uttarakhand:विकासखंड थराली के अंतर्गत थराली- कुराड़- पार्था मोटरमार्ग पर मलवा, पत्थर और पेड़ आने से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, बीते शुक्रवार- शनिवार को हुई भारी वर्षा के कारण अभी तक भी यह मोटरमार्ग घाघंली गधेरे में बंद पड़ा है। लोक निर्माण विभाग थराली के द्वारा इस मोटर मार्ग को खोलने के लिए कई बार जेसीबी मशीन भी भेजी गई, लेकिन राड़ी गांव के ग्रामीणों के विरोध के चलते मोटरमार्ग अभी तक नहीं खुल पाया है। तब जाकर घांघली गधेरे में वायरक्रेट दीवार लगाने की शर्त पर राड़ी गांव के ग्रामीण माने फिलहाल सड़क खोलने का कार्य शुरू किया जा चुका है, जिसमें कि एक जेसीबी मशीन और दो डंपर मलवा हटाने के कार्य पर लगे हुए हैं। अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने बताया कि कल मंगलवार शाम तक यह मोटर मार्ग यातायात के लिए सुचारु कर दिया जाएगा।
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थराली- कुराड़- पार्था मोटरमार्ग भारी वर्षा से क्षतिग्रस्त, खोलने का प्रयास जारी

Karnaprayag, Uttarakhand:विकासखंड थराली के अंतर्गत थराली- कुराड़- पार्था मोटरमार्ग पर मलवा, पत्थर और पेड़ आने से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, बीते शुक्रवार- शनिवार को हुई भारी वर्षा के कारण अभी तक भी यह मोटरमार्ग घाघंली गधेरे में बंद पड़ा हैं, लोक निर्माण विभाग थराली के द्वारा इस मोटर मार्ग को खोलने के लिए कई बार जेसीबी मशीन भी भेजी गई, लेकिन राड़ी गांव के ग्रामीणों के विरोध के चलते मोटरमार्ग अभी तक नहीं खुल पाया हैं। लोक निर्माण विभाग थराली के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने आज मौके पर जाकर राड़ि गांव के ग्रामीणों व कुराड़, पार्था, ढुंगाखोली,गुमड़ आदि गांवों ग्राम प्रधानों व जनप्रतिनिधियों से वार्ता की और क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग का निरीक्षण भी किया, तब जाकर घांघली गधेरे में वायरक्रेट दीवार लगाने की शर्त पर राड़ी गांव के ग्रामीण माने फिलहाल सड़क खोलने का कार्य शुरू किया जा चुका हैं, जिसमें कि एक जेसीबी मशीन और दो डंपर मलवा हटाने के कार्य पर लगे हुए हैं। अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने बताया कि कल मंगलवार शाम तक यह मोटर मार्ग यातायात के लिए सुचारु कर दिया जाएगा,
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जन्मदिन पर लोगो ने ब्लॉक प्रमुख की पत्नी मीरा सिंह को बताया नारी सशक्तीकरण की मिसाल, सोशल मीडिया पर

Navneet SinghNavneet SinghFollow1m ago
Dhanapur, Uttar Pradesh:धानापुर, चंदौली। धानापुर ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह की पत्नी एवं समाजसेवी श्रीमती मीरा सिंह के जन्मदिन के अवसर पर क्षेत्र की महिलाओं ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुखमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर महिलाओं ने उन्हें साहस, त्याग, समर्पण और नारी सशक्तीकरण की मिसाल बताया। महिलाओं ने कहा कि श्रीमती मीरा सिंह ने हर कठिन परिस्थिति में अदम्य साहस और धैर्य का परिचय दिया है। उनके अनुसार, वर्ष 2013 में अजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने पति की रक्षा करते हुए उन्हें सुरक्षित बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही कारण है कि क्षेत्र के लोग उन्हें "आयरन लेडी" के नाम से जानते हैं। महिलाओं का कहना है कि तत्कालीन सपा सरकार के दौरान कथित एनकाउंटर की आशंका के समय भी श्रीमती मीरा सिंह कचहरी परिसर पहुंचकर अपने पति के पक्ष में डटकर खड़ी रहीं। उनके साहस और दृढ़ संकल्प की आज भी क्षेत्र में चर्चा होती है। इसके अलावा टकटकपुर शूटआउट जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी उन्होंने निर्भीकता का परिचय देते हुए अपने परिवार का मजबूती से साथ निभाया। महिलाओं ने कहा कि श्रीमती मीरा सिंह केवल एक जनप्रतिनिधि की पत्नी ही नहीं, बल्कि क्षात्र धर्म, त्याग, समर्पण, साहस और नारी शक्ति की सशक्त पहचान हैं। उनका संघर्ष, आत्मबल और दृढ़ इच्छाशक्ति आज हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में यह साबित किया कि एक सशक्त महिला अपने परिवार, समाज और अपने सिद्धांतों की रक्षा के लिए हर चुनौती का सामना कर सकती है।जन्मदिन के अवसर पर सोशल मीडिया पर भी शुभकामनाओं का तांता लगा रहा। फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर समर्थकों, शुभचिंतकों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने पोस्ट साझा कर श्रीमती मीरा सिंह को जन्मदिन की बधाई दी। लोगों ने उन्हें "आयरन लेडी", "नारी सशक्तीकरण की मिसाल", "साहस और समर्पण की प्रतीक" बताते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना की। क्षेत्र भर से मिले शुभकामना संदेशों ने उनके प्रति लोगों के सम्मान और स्नेह को एक बार फिर उजागर कर दिया।
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दहेज विवाद में विवाहिता पर हत्या के प्रयास, जालौन में न्याय की मांग

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम कानाखेड़ा निवासी विवाहिता सीता ने अपने पति सहित सात ससुरालजनों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और हत्या का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी 10 जुलाई 2024 को थाना कैलिया क्षेत्र के ग्राम फुलैला निवासी सोनू उर्फ नरेन्द्र प्रताप सिंह के साथ हुई थी। विवाह में पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दहेज दिया, लेकिन ससुराल पक्ष बुलेट बाइक, एक तोला सोने की चेन और दो लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करता रहा। मांग पूरी न होने पर पति, सास, ससुर, जेठ, जेठानी समेत अन्य परिजनों ने उसके साथ लगातार मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया। शिकायत में आरोप है कि 30 जून 2026 के बाद विवाद और बढ़ गया तथा आरोपियों ने विवाहिता का गला दबाकर हत्या का प्रयास किया। बेहोश होने पर उसे फांसी लगाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। बाद में गंभीर हालत में जिला अस्पताल उरई और फिर झांसी के निजी अस्पताल में उसका उपचार कराया गया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि थाना कैलिया में शिकायत देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब उसने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है।
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GMCH में पप्पू यादव निरीक्षण: गरीब मरीजों को इलाज की दिक्कत पर सवाल

Purnia, Bihar:पूर्णिया. पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सोमवार सुबह राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया और भर्ती मरीजों व उनके परिजनों से बातचीत कर इलाज, दवा और जांच की व्यवस्था की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद सांसद ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यहाँ गरीब मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल रहा है। सांसद ने कहा कि सुबह के समय, जब अस्पताल में सबसे अधिक मरीज पहुंचते हैं, उस वक्त कई जिम्मेदार डॉक्टर और अधिकारी अपने स्थान पर मौजूद नहीं मिले। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि अस्पताल की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि मामूली चोट या सामान्य बीमारी के मरीजों को भी गंभीर बताकर निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। उनका कहना था कि GMCH में मेडिकल माफियाओं का प्रभाव बढ़ गया है और मरीजों को इलाज के नाम पर अनावश्यक रूप से बाहर भेजा जा रहा है, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। निरीक्षण के दौरान मरीजों और परिजनों ने सांसद से दवाओं की कमी, समय पर जांच नहीं होने और बाहर से दवा व जांच कराने की मजबूरी की शिकायत की। सांसद ने कहा कि अस्पताल में कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यहाँ तक कि कई मरीजों को समय पर पक्का प्लास्टर भी नहीं मिल पा रहा है और उन्हें इलाज के लिए बारबार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए पप्पू यादव ने कहा कि जनता की परेशानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन और मेडिकल माफियाओं के बीच मिलीभगत की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इस व्यवस्था को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए अस्पताल की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार करने की मांग की。
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करनाल नागरिक अस्पताल में बिजली संकट, तीसरे जनरेटर से उपचार सेवाओं की बहाली की मांग तेज

Karnal, Haryana:करनाल नागरिक अस्पताल में बिजली संकट पर सीएमओ की सफाई, कहा- तकनीकी खराबी से बिगड़े हालात, अब तीसरा जनरेटर भी होगा तैयार करनाल के नागरिक अस्पताल में रविवार शाम से रात तक कई घंटों तक बिजली बाधित रहने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर और प्रसूति विभाग जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुईं। इस पूरे घटनाक्रम पर सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. पूनम चौधरी ने प्रेस वार्ता कर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बिजली विभाग की तकनीकी खराबी और जनरेटर में आई अचानक दिक्कत के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। हॉटलाइन अस्पताल, फिर भी तकनीकी खराबी बनी बड़ी वजह सीएमओ ने बताया कि शाम करीब सात बजे अस्पताल की बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिसके बाद तुरंत अस्पताल को जनरेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। इसी दौरान चल रहे जनरेटर में भी तकनीकी खराबी आ गई, जिससे बैकअप व्यवस्था प्रभावित हुई। अस्पताल के पास एक 2013 मॉडल और एक 2020 मॉडल का जनरेटर उपलब्ध है, जबकि एक नया जनरेटर भी अस्पताल पहुंच चुका है, जिसे इसी सप्ताह चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयासों के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। उनके अनुसार, अस्पताल हॉटलाइन पर होने के बावजूद बिजली लाइन में आई तकनीकी खराबी के कारण इतना लंबा कट लगा, जो पहले कभी नहीं हुआ। दो गंभीर मरीज किए गए शिफ्ट, यूपीएस ने संभाली इमरजेंसी सेवाएं सीएमओ के मुताबिक बिजली संकट के दौरान केवल दो गंभीर मरीजों को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल की सभी आपातकालीन सेवाएं यूपीएस बैकअप पर संचालित होती रहीं। इमरजेंसी के दौरान पंखे जैसी सामान्य सुविधाएं बंद हो सकती हैं, लेकिन जीवनरक्षक मशीनें और आवश्यक चिकित्सा उपकरण लगातार चलते रहे। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के यूपीएस सिस्टम में लगभग 12 घंटे तक का बैकअप उपलब्ध है। प्रसूति वार्ड में बढ़ी परेशानी, नवजातों के परिजन रहे चिंतित बिजली गुल रहने का सबसे अधिक असर प्रसूति विभाग में देखने को मिला। भर्ती गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और उनके परिजनों को घंटों तक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि चिकित्सा सेवाओं को किसी भी स्तर पर पूरी तरह बाधित नहीं होने दिया गया और स्टाफ पूरी रात मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था संभालता रहा। शौचालयों में पानी और ताले के सवाल पर लिया संज्ञान अस्पताल के शौचालयों में पानी नहीं होने और कई शौचालयों पर ताले लगे मिलने के सवाल पर सीएमओ ने कहा कि वह इस मामले को गंभीरता से लेंगी और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 'कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से भी अधिक मरीज आते हैं' सीएमओ डॉ. पूनम चौधरी ने कहा कि करनाल का नागरिक अस्पताल लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि यहां प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से भी अधिक है, जिसके कारण अस्पताल पर लगातार कार्यभार बना रहता है। अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन पर भी रखी अपनी बात अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन में देरी के सवाल पर सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में फिलहाल केवल एक ही विशेषज्ञ डॉक्टर यह सेवाएं दे रही हैं, जबकि मरीजों की संख्या काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन करीब 50 अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन किए जाते हैं। पारदर्शिता के लिए टोकन और पर्ची के आधार पर नंबर लगाने की व्यवस्था शुरू की गई थी, लेकिन इसके बावजूद लोग शिकायतें करते हैं और सिफारिशों के जरिए जल्द जांच कराने का दबाव बनाते हैं। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त डॉक्टरों की मांग को लेकर उच्च अधिकारियों को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है。 बाइट: डॉ. पूनम चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), करनाल。
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