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Shashank RathoreShashank RathoreFollow23 Jan 2025, 02:02 pm

Bareilly: शिवसेना ने बाला साहेब ठाकरे एवं सुभाषचन्द्र बोस की जयंती पर निकाली रैली

Bareilly, Uttar Pradesh:

बरेली में शिवसेना पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने बाला साहेब ठाकरे और नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती को हिंदू राष्ट्र रक्षा संकल्प दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर शिवसेना के जिला प्रमुख दीपक पाठक के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई, जो अलखनाथ मंदिर कार्यालय से शुरू होकर तिलक इंटर कॉलेज, बड़ा बाजार, कुतुबखाना, नावेल्टी चौराहा, अयूब खां चौराहा, और चौकी चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंची। रैली में भाग लेने वालों ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा, जिसमें हिंदू राष्ट्र की रक्षा और संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

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बिहार के स्कूलों में शराब तस्करी: सरकार कहाँ है?

Noida, Uttar Pradesh:चौथी कक्षा का छात्र स्कूल में रखी शराब पीकर नशे में घर पहुंच गया। बिहार में शराबबंदी का काला, घिनौना और डरावना सच देखिए। ये नया बिहार है जहाँ विद्या के मंदिर शराब का गोदाम मिला है और स्कूल शराब की तस्करी के अड्डे बन गए हैं, जहाँ बिहार के नौनिहाल नशे के लिए प्रेरित किये जा रहे हैं। छात्र के शराब पी कर घर आने के बाद जांच में स्कूल के जर्जर बाथरूम से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा कहाँ हैं ? पुलिस प्रशासन कहाँ हैं ? सुशासन कहाँ हैं ? मुख्यमंत्री जी ख़ुद का राज्यसभा सांसद बनने का सपना तो आपने पूरा कर लिया, बिहार की लाखों माँओं के सपनों को मत तोड़िए? एनडीए की ये कैसी कुर्सी की खींचतान है जो बिहार का भविष्य, बिहार का कानून, बिहार का सुख-चैन सब लील रही है। सरकार अविलंब हर स्कूल-कॉलेज की जाँच करे और तस्करी मुक्त बिहार सुनिश्चित करे。
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DLC दरों में 10% बढ़ोतरी: बिना बैठक के लागू, आम लोगों के सपनों पर भारी असर

Jaipur, Rajasthan:जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर आपने सुनी…लेकिन असली कहानी डीएलसी रेट बढ़ने की नहीं, बल्कि आम आदमी और सरकार के बीच बढ़ते आर्थिक फासले की है। बिना बैठक हुए ही डीएलसी दरें 10 फीसदी बढ़ीं और इसका असर सीधे हर उस जेब पर पड़ा है जो अपने घर या जमीन का सपना देख रही है…जबकि दूसरी तरफ सरकार के खजाने के लिए ये फैसला संजीवनी साबित हो रहा है। प्रदेश में जमीन की कीमतें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने प्रदेश में कॉमर्शियल, एग्रीकल्चर, रेजिडेंशियल जमीनों की डीएलसी दरों में 10 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है। लेकिन इस बार वजह चर्चा में है। जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) की बैठक नहीं हुई और नियमों के तहत 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी अपने आप लागू हो गई है। दरअसल नियमों के मुताबिक कलेक्टर की अध्यक्षता में डीएलसी की नियमित बैठकें नहीं होने पर हर साल स्वतः 10% बढ़ोतरी का प्रावधान है। यानी बिना किसी नई समीक्षा या ग्राउंड रियलिटी के आकलन के, जमीन की सरकारी कीमतें बढ़ गईं। इसका सीधा असर उस आम आदमी पर पड़ा है जो सालों की बचत से छोटा सा प्लॉट, मकान या खेती की जमीन खरीदने का सपना देखता है। अब उसे सिर्फ बाजार भाव ही नहीं, बल्कि सरकारी दरों के बढ़ने का डबल दबाव झेलना होगा। इस बार की बढ़ोतरी इसलिए भी खास है क्योंकि डीएलसी दरों की गणना नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के जरिए करवाई गई है, जिसमें जीआईएस (जियोग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम) टैगिंग का इस्तेमाल हुआ है। इसका सीधा मतलब है कि अब किसी भी लोकेशन की सटीक डीएलसी दर डिजिटल तरीके से चेक की जा सकेगी और मनमानी की गुंजाइश कम होगी। यूं समझिये DLC बढ़ने का असर -अगर कोई व्यक्ति जयपुर के जगतपुरा इंदिरा गांधी नगर में 72 ​मीटर का मकान खरीदता है तो 31 मार्च तक रजिस्ट्री करवाने पर 85 हजार 536 रुपए देने पड़ रहे थे। लेकिन 1 अप्रैल से ये 10,478 रुपए बढ़कर अब 96014 रुपए देने पड़ रहे है। -जगतपुरा इंदिरा गांधी नगर कॉलोनी में आंतरिक सड़कों पर जमीन की आवासीय दर पहले 13500 रुपए प्रति वर्गमीटर थी, जो अब 10 फीसदी बढ़कर 14850 रुपए प्रति वर्गमीटर हो गई। डीएलसी की दरें बढने से सरकार का खजाना जरूर भरेगा, लेकिन आम आदमी के लिए जमीन खरीदना अब और मुश्किल होता नजर आ रहा है। डीएलसी दरें सरकार के लिए राजस्व का बड़ा स्रोत होती हैं और रजिस्ट्री इसी के आधार पर होती है। 16 माह पहले दिसंबर 2024 में जयपुर जिले में इन दरों में 48 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। इस बार भले ही बैठक नहीं हुई, लेकिन नियमों के कारण 10 प्रतिशत की वृद्धि अपने आप लागू हो गई। ऐसे में लगातार बढ़ती दरों ने आम लोगों के लिए प्रॉपर्टी खरीदना चुनौतीपूर्ण बना दिया है। हालांकि सरकार के राजस्व में इससे इजाफा तय माना जा रहा है। 16 माह पहले नई व्यवस्था में हाइवे के आसपास की जमीनों के रेट तय करने का दायरा भी बढ़ा दिया गया था । पहले जहां नेशनल और स्टेट हाइवे से 300 मीटर तक की दूरी तक ही कृषि भूमि की डीएलसी तय होती थी, अब इसे बढ़ाकर 500 मीटर कर दिया गया है। इसके तहत 0-100 मीटर, 101-200 मीटर और 201-500 मीटर की तीन अलग-अलग कैटेगरी में दरें तय की गई हैं। यानी सड़क के जितने करीब जमीन होगी, उसकी कीमत उतनी ज्यादा होगी। साथ ही जिन क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है या जहां नए हाइवे बने हैं, वहां डीएलसी दरों को नए सिरे से तय किया गया है। एक इलाके में कई कॉलोनियों को मिलाकर एक ब्लॉक बनाया गया है, जिससे एक समान दर लागू हो सके और मूल्यांकन में पारदर्शिता बनी रहे। बहरहाल, इस पूरी तस्वीर में एक संतुलन भी नजर आता है। जहां एक तरफ खरीदार की जेब पर बोझ बढ़ा है, वहीं जमीन मालिकों खासकर किसानों के लिए यह राहत की खबर हो सकती है। सरकारी अधिग्रहण की स्थिति में अब उन्हें ज्यादा मुआवजा मिलेगा, क्योंकि मुआवजा डीएलसी दरों के आधार पर तय होता है। सवाल यही है क्या बढ़ती डीएलसी दरें विकास का संकेत हैं या फिर आम आदमी के सपनों पर बढ़ता आर्थिक दबाव...
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अमरौहा में जंगली सूअर के अवैध शिकार का वीडियो वायरल, आरोपियों पर मुकदमे तैयारी

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के नौगावां सादात थाना क्षेत्र में जंगली सूअर के अवैध शिकार, तस्करी और क्रूरता का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें इलाके में सनसनी फैल गई है। वायरल वीडियो में कुछ युवक जंगली सूअर को बंधक बनाकर मोटरसाइकाइल से ले जाते और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया था, जिससे वन विभाग और पुलिस महकमे में हलचल मच गई। वीडियो में दिख रही मोटरसाइकिल के नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया तेज हो गई है। पुलिस ने बताया कि अवैध शिकार और तस्करी जैसे गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की चर्चा है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद लोगों में आक्रोश है। वन्यजीवों के साथ इस तरह की क्रूरता और अवैध गतिविधियों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और वन विभाग की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
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खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का कांग्रेस पर तंज: किसानों के मुद्दे पर गंभीरता नहीं

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कांग्रेस और पीसीसी चीफ पर निशाना साधा, कहा खुद कांग्रेसी ही उन्हें गंभीरता से नहीं लेते खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने किसानों से गेहूं खरीदी के मुद्दे पर कांग्रेस और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर निशाना साधा है। सांसद पाटिल ने कांग्रेस के 9 अप्रैल को प्रदेशभर में प्रस्तावित कानून-उल्लेख? घेराव आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जीतू पटवारी को उनकी ही पार्टी गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने कहा कि न तो कलेक्ट्रेट घेरने की जरूरत पड़ेगी और न ही किसी आंदोलन की。 खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने तंज कसते हुए पूछा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब किसानों के लिए क्या किया गया ? उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार आने के बाद मध्यप्रदेश ने गेहूं उत्पादन में पंजाब और हरियाणा को भी पीछे छोड़ दिया है। सांसद ने आगे कहा कि 9 अप्रैल से खरीदी केंद्र शुरू हो रहे हैं, जबकि कांग्रेस सिर्फ बयानबाजी और भभकी देने का काम कर रही है।
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हरदोई: DM के निर्देश पर कब्र से शव निकाला, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में डीएम के निर्देश पर दफन शव कब्र से निकलवाया, पोस्टमार्टम को भेजा गया हरदोई में जिला अधिकारी के निर्देश पर राजस्व टीम और पिहानी पुलिस ने पिहानी के बद्दापुर सहादत नगर में दफनाए गए एक युवक के शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनवाया गया।मौके पर नायव तहसीलदार अजीज अहमद, कोतवाल पिहानी छोटेलाल सहित पुलिसकर्मी व राजस्व टीम मौजूद रही। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए शव को बाहर निकाला गया। बताया गया कि 27 मार्च को बद्दापुर और पतौन मिश्र पुलिया के पास उज्जवल पुत्र अजीत सिंह उम्र 16 वर्ष सड़क हादसे में घायल हो गया था।वह मोटरसाइकायल से जा रहा था, तभी एक ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।परिजनों ने अनभिज्ञता के चलते बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को दफन दिया था।बाद में उन्हें जानकारी हुई कि दुर्घटना से जुड़े मामलों और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आवश्यक होती है। इसके बाद परिजनों ने जिलाधिकारी से शव का पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई।जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व व पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। नायब तहसीलदार अजीज अहमद ने बताया की परिजनों के अनुरोध और जिलाधिकारी के निर्देश पर विधिक प्रक्रिया के तहत शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
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गोरखपुर में वनविकी विश्वविद्यालय मंजूर, शिक्षा-पर्यावरण में नया अध्याय शुरू

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में कैबिनेट बैठक में प्रदेश को उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। यह विश्वविद्यालय कैम्पियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर करीब 491 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जाएगा। यह गोरखपुर का पांचवां विश्वविद्यालय होगा, जहां वानिकी, औद्यानिकी, वन्यजीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और एग्रोफॉरेस्ट्री जैसे विषयों में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा कोर्स संचालित होंगे। सरकार का उद्देश्य है कि इस संस्थान के जरिए वनावरण बढ़े, जैव विविधता मजबूत हो और किसानों व युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण मिले। पहले से क्षेत्र में रेड हेडेड वल्चर राजगिद्ध संरक्षण केन्द्र स्थापित है। 6 सितम्बर 2024 को उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने वानिकी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी, जो अब साकार हो रहा है। वन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि विश्वविद्यालय में कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और बागवानी से जुड़े कोर्स भी शुरू किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद शिलान्यास की प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। गोरखपुर को शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने वाली है; अब देखना होगा यह विश्वविद्यालय कब तक जमीन पर उतरता है और क्षेत्र के विकास में कितना योगदान देगा।
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ग्रेटर नोएडा: शिक्षिका को परेशान करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा में एक शिक्षिका को परेशान करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शिक्षिका ने लगातार पीछा किए जाने से परेशान होकर महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया। यह घटना ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र की है। यहां एक स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षिका पिछले कई दिनों से एक युवक की हरकतों से परेशान थी। आरोपी युवक रोजाना स्कूल के बाहर खड़ा रहता था और छुट्टी के बाद शिक्षिका का पीछा करता था। इस वजह से शिक्षिका काफी डरी हुई और तनाव में रहने लगी थी。 जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक करीब 20 दिनों से शिक्षिका का पीछा कर रहा था। उसने कई बार जबरन बात करने की कोशिश भी की, लेकिन शिक्षिका ने उसे नजरअंदाज किया। विरोध के बावजूद जब आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो शिक्षिका की परेशानी बढ़ गई। एक दिन जब आरोपी फिर से शिक्षिका का पीछा कर रहा था, तब उसे महिला सुरक्षा के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर 1090 याद आया। उसने तुरंत 1090 पर कॉल कर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी。 शिक्षिका के इस फैसले ने उसे राहत दिलाई। फोन पर मिली जानकारी को गंभीरता से लेते हुए महिला हेल्पलाइन टीम और स्थानीय पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। 1090 पर शिकायत मिलते ही पुलिस ने लोकेशन और आसपास के इलाके की जानकारी जुटाई। कासना पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में आरोपी की पहचान दलेलगढ़ गांव निवासी अंकुश राय के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज और शिक्षिका के बयान के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी कासना धर्मेंद्र शुक्ला ने बताया कि शिक्षिका की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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MIDC पुनर्विकास: 300 वर्गफुट घर, झोपड़पट्टी धारकों का विरोध

Navi Mumbai, Maharashtra:नवी मुंबईतील एमआयडीसीच्या जागेवर बांधण्यात आलेल्या झोपडपट्टीचा पुनर्विकास करुन झोपडपट्टी धारकांना 300 चौरस फुटांची घरे देण्याचा निर्णय घेण्यात आला असून यासाठी बांधकाम व्यावसायिकाची नेमणूक करण्याचा टेंडर काढण्यात आलाय. या निर्णयाला एमआयडीसी मधील झोपडपट्टी धारकांचा तीव्र विरोध असून झोपडपट्टी धारकांना तूटपुंज्या घरात पाठवून बाकी भूखंड बिल्डरांच्या घशात घालण्याचा हा डाव असल्याची टीका करण्यात आलेय. भाजपच्या नगरसेवकांकडून तुर्भे एमआयडीसी मधील झोपडपट्टी वासियांमध्ये या निर्णया विरुद्ध जनजागृती करण्यात येत असून हा निर्णय रद्द झाल्यास रस्त्यावर उतरण्याचा इशारा देण्यात आलाय.
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रीवा: APSU में बीएड एक्सटर्नल परीक्षा टीम पर रिश्वत के आरोप

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां बीएड एक्सटर्नल परीक्षा लेने गई तीन सदस्यीय टीम पर गंभीर आरोप लगे हैं。 जानकारी के अनुसार, 31 मार्च 2026 को सीधी शिक्षा महाविद्यालय में परीक्षा लेने पहुंची टीम के सदस्यों—डॉ. अरदेन्दु रंजन मिश्रा, डॉ. अरुण पांडेय और डॉ. शोभारानी दुबे पर महाविद्यालय प्रबंधन से प्रति विद्यार्थी 15 हजार रुपये की मांग करने का आरोप है。 महाविद्यालय प्रबंधन का दावा है कि उन्होंने 7 हजार रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से भुगतान किया, लेकिन पूरी रकम न मिलने से टीम के एक सदस्य डॉ. अरदेन्दु रंजन मिश्रा ने कथित तौर पर भरे गए परीक्षा फॉर्मेट को फाड़ दिया। इस घटना के बाद मामला और गंभीर हो गया। महाविद्यालय के प्राचार्य ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत विश्वविद्यालय के कुलसचिव को लिखित पत्र के माध्यम से की है और टीम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है。 वहीं, विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार नीरजा नामदेव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि शिकायत पत्र को संज्ञान में लिया गया है और इसकी विधिवत जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी。 इस मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन में हड़कंप मच गया है और शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं。
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बिरमपुर के खेतों में आग से नुकसान: लगभग 20 बीघा गेहूं जलकर राख

Mumbai, Maharashtra:बिरमपुर के खेतों में आग से तबाही, २० बीघा गेहूं की फसल जलकर राख जिले के गीधा थाना क्षेत्र के बिरमपुर (कृतपुरा) गांव के बधार में अचानक लगी आग ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी के कारण गेहूं के खेतों में आग लगी, जो देखते ही देखते तेजी से फैल गई। इस आगलगी में करीब एक दर्जन किसानों की लगभग 20 बीघा तैयार गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। प्रभावित किसानों में गोरख चौधरी, मनीष चौधरी, रमेश चौधरी, विकास राय, त्रिवेणी ठाकुर, तेंदू पंडित, रतेन्द्र चौधरी, जयराम नोनिया और राजेश गौड़ समेत अन्य किसान शामिल हैं। आगलगी की घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना मिलने पर पुलिस एवं अग्निशमन दल भी मौके पर पहुंचेकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि खेत में हार्वेस्टर से कार्य के दौरान बिजली तार के संपर्क में आने से चिंगारी निकली, जिससे यह हादसा हुआ। घटना के बाद किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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नैनीताल में वन्यजीव हमलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, प्रशासन ने ठोस कदम उठाए

Haldwani, Uttarakhand:नैनीताल जिले में वन्यजीवों के बढ़ते हमलों और मानव मौतों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। सांसद अजय भट्ट की अध्यक्षता में काठगोदाम सर्किट हाउस में एक अहम बैठक हुई, जिसमें वन विभाग और जिला प्रशासन को ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सांसद अजय भट्ट ने साफ कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना अब हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए वन विभाग और जिला प्रशासन को योजनाबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में चारे की व्यवस्था, झाड़ियों का नियमित कटान और जंगल जाने वाले लोगों के लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया, बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि संवेदनशील इलाकों में पहले से ही पिंजरे और कैमरे लगाए जाएं, सोलर लाइट और फेंसिंग की व्यवस्था हो, और ग्रामीणों को जलौनी लकड़ी उपलब्ध कराई जाए ताकि वे जंगल पर निर्भर न रहें। अजय भट्ट, सांसद नैनीताल उधमसिंह नगर मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं तेजस्वनी पाटिल ने बताया कि विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि साल 2025 में जनपद नैनीताल में वन्यजीवों के हमलों में कितने लोगों की मौत हुई, और उनके परिजनों को सहायता राशि दी जा चुकी है। तेजस्विनी पाटिल, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं स्पष्ट है कि बढ़ते वन्यजीव हमलों को लेकर प्रशासन अब अलर्ट मोड में है। देखना होगा कि ये कदम जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित होते हैं, और मानव वन्यजीव संघर्ष के मामलों में कितनी कमी होती है।
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