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MADAN LAL JAISWALMADAN LAL JAISWALFollow3 Feb 2025, 02:14 pm

Balrampur - गरीब की झोपड़ी में लगी आग हुआ लाखों का नुकसान

Gainsari, Uttar Pradesh:

अज्ञात कारणों से लगी आग से एक घर जलकर राख हो गया. नगर पंचायत गैसड़ी के वार्ड नंबर 9 लठावर में सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे श्याम कली पत्नी राम सागर का फूस का घर अचानक जलने लगा. देखते ही देखते आग की तेज लपटें निकलने लगी. आपदा मित्र राम नरेश साहू द्वारा थाना पर सूचना देने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी जब तक आती, तब तक घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया. घर की मालकिन श्याम कली ने बताया कि आग में 10 हजार नगदी रुपया,राशन,रजाई गद्दा समेत, सबकुछ जल गया मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल कमलेश ने बताया कि क्षति का आकलन कर अहेतुक सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया है।

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शराबी दरोगा की गोली से आर्मी जवान बाल-बाल बचा, पुलिस हिरासत में

Hajipur, Bihar:हाजीपुर- वर्दी का रौब और शराब के नशे में धुत एक दरोगा ने मदद करने आए एक आर्मी जवान पर फायरिंग कर जिसमें आर्मी जवान बाल बाल बच गया, हालांकि आर्मी जवान की आंख बारूद लगने से चोटिल हो गया। दरअसल यह पूरा मामला हाजीपुर– मुजफ्फरपुर एनएच 22 पर अहले सुबह की है, जहाँ बांथू गांव के पास पुलिस का स्टिकर लगा एक गाड़ी सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त हो कर फंस गई, जिसके बाद गाड़ी में सवार एक व्यक्ति ने मदद के लिए सड़क किनारे स्थित एक घर का दरवाजा खटखٹाया। घर वालों ने मदद की, लेकिन उसके बाद नशे में धुत व्यक्ति खुद दरोगा बताते हुए गाली-गलौज करने लगा। उसका विरोध जब आर्मी जवान ने किया, तब नशे में धुत दरोगा ने आर्मी जवान पर नजदीक से गोली चला दी, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। इसके बाद लोगों ने घटना की जानकारी भगवानपुर थाने की पुलिस को दी और मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी से दरोगा की सर्विस राइफल और शराब की एक बोतल भी बरामद कर के आरोपी दरोगा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालाँकि अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन बताया जा रहा है कि दीपक कुमार दरोगा हैं, जो फारबिसगंज में पदस्थापित थे और संभवतः अपनी गाड़ी से वापस लौट रहे थे। ऐसे में बड़ा सवाल है कि शराबबंदी वाले बिहार में शराबबंदी कानून की रक्षा करना जिस पुलिस का कर्तव्य है, वही अपनी हरकतों से शराबबंदी कानून का मजाक उड़ा रहे हैं और पुलिस की वर्दी को शर्मसार कर रहे हैं।
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दमोह कांग्रेस राम मंदिर चढ़ावा चोरी से किसान-युवा रोजगार मांगों पर प्रदर्शन

Damoh, Madhya Pradesh:कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी से लेकर किसानों की समस्या और युवाओं को रोजगार देने की मांगों को लेकर किया प्रदर्शन. दमोह में कांग्रेस ने प्रदेश के दो पूर्व मंत्रियों राजा पटेरिया और हर्ष यादव के नेतृत्व में एक साथ कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरा. जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में जमा हुए कांग्रेसियों ने एक रैली निकाल कर कलेक्टर दफ्तर पर समापन किया और फिर अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा. पूर्वमंत्री राजा पटेरिया ने प्रदेश के सरकारों विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की मांग की तो पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने अयोध्या राम मंदिर पर सरकार को जमकर घेरा और वास्तविक दोषियों पर कार्यवाही की मांग की. दमोह के जिला कांग्रेस अध्यक्ष मानक पटेल ने आरएसएस और भाजपा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए है और उन्होंने कहा है कि रामजी के नाम पर हुए चंदे से आरएसएस के कार्यालय बने है और चंदे के पैसे की बड़ी रकम भाजपा के एकाउंट में गई है जिसकी जांच होना चाहिए.
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उत्तराखंड में मानसून के बाद भारी बारिश, लैंडस्लाइड से सड़कें अवरुद्ध

Dehradun, Uttarakhand:उत्तराखंड में मानसून आने के बाद विभिन्न जिलों में पर्वतीय क्षेत्रों भारी बारिश देखने को मिल रही है। बारिश के कारण लैंडस्लाइड से सड़क अवरुद्ध होते हैं। जिससे खोलने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रशासन द्वारा तीव्रता से खोला जा रहा है। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि समय-समय पर लैंडस्लाइड के कारण चारधाम यात्रा और गढ़वाल मंडल की सड़के अवरुद्ध हो रही है। जिसमें विभिन्न विभागों की टीम के जे सी बी और पोक लैंड मशीन को तीव्रता से खोल रहे हैं। सभी संबंधित विभागों को यह निर्देश दिए गए हैं कि जिस गांव की रोड कनेक्टिविटी टूट गई हो वहां मूलभूत सुविधाएं पहुंचाएं
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हरदोई के ईसेपुर में चकरोड विवाद के बाद बुजुर्ग की हत्या, गांव में तनाव बढ़ा

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में चकरोड की पैमाइश के बाद खूनी संघर्ष,लोहे की रॉड से हमला कर बुजुर्ग की हत्या,गांव में भारी तनाव कोतवाली क्षेत्र के ईसेपुर गांव में रविवार शाम सरकारी चकरोड की पैमाइश के तुरंत बाद दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई।ज़मीनी रंजिश के चलते एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के 70 वर्षीय बुजुर्ग राजेंद्र सिंह पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को परिजन तत्काल सीएचसी ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से पूरे गांव में भारी तनाव व्याप्त है। वीओ-1 जानकारी के अनुसार, ईसेपुर गांव में चकरोड के रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।थाना समाधान दिवस में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद रविवार को राजस्व विभाग की टीम लेखपाल व कानूनगो पुलिस बल की मौजूदगी के बिना चकरोड की आधिकारिक पैमाइिश करने पहुँच थी। मृतक के भतीजे और वर्तमान ग्राम प्रधान संदीप सिंह व परिजन अभिनय सिंह के अनुसार, जैसे ही राजस्व टीम पैमाइश कर वापस लौटी, वैसे ही दूसरे पक्ष के लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। आरोंप है कि दूसरे पक्ष के गुड्डू यादव, धीरेंद्र, पप्पू यादव, शैलेंद्र, आकाश यादव, अनुपम यादव और अमिताभ यादव आदि ने मिलकर राजेंद्र सिंह को घेर लिया और जान से मारने की नीयत से उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। रॉड के जोरदार प्रहार से बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। वीओ-2 वारदात की सूचना मिलते ही हरपालपुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।घटना के बाद गांव में उपजे भारी आक्रोश और तनाव को देखते हुए एहतियातन अरवल,लोनार और सवायजपुर कोतवाली की पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ प्रवीण कुमार यादव ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। बाइट-अभिनय सिंह,मृतक के भतीजे बाइट-संदीप सिंह,ग्राम प्रधान बाइट-प्रवीण कुमार यादव सीओ हरपालपुर हरदोई
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NDPP में 100+ सदस्य शामिल, संगठन मजबूत और स्थानीय स्तर पर गहराई बढ़ेगी

Srinagar, Uttarakhand:The National Democratic People's Party witnessed what it described as a major political boost after over 100 people from different political backgrounds formally joined the party at its Head Office in Srinagar. The joining ceremony saw the participation of women, men, youth, senior citizens, and political workers, making it one of the party's largest induction programmes in recent months. The new members were welcomed by NDPP Chairman Navneet Mishra and Organising Secretary Iqbal Syed Shunthoo, along with senior party leaders and office bearers. Addressing the gathering, Chairman Navneet Mishra said the large-scale joining reflects the people's growing trust in the NDPP's agenda of transparent governance, inclusive politics, accountability, and grassroots development. He said the party is committed to providing a strong political alternative focused on public welfare, employment opportunities, youth empowerment, and balanced development across Jammu and Kashmir. Mishra called upon the newly inducted members to strengthen the party at the grassroots level and actively engage with the public to address local issues and aspirations. Organising Secretary Iqbal Syed Shunthoo termed the induction of more than 100 new members a significant milestone in the party's organisational growth. He said the continuous rise in public participation demonstrates increasing confidence in the NDPP's leadership and policies. Shunthoo added that the party is expanding its network across every district and constituency of the Union Territory and will intensify its outreach programmes in the coming months to connect with people at the grassroots level. Senior party leaders, office bearers, workers, and supporters attended the event, expressing confidence that the fresh induction will strengthen the organisation and provide momentum for the party's upcoming political programmes. The NDPP leadership maintained that the joining of over 100 members marks another step in its organisational expansion and reflects its efforts to build a wider political presence across Jammu and Kashmir.
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Jaipur, Rajasthan:सरकार का 'राहत शिविर' अब 'राहत पर रोक' के दौर में पहुंच गया है। शहरी सेवा शिविर-2026 में जिन पट्टों और जमीन से जुड़े मामलों का लोगों को इंतजार था, उन पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने छह बड़ी राहत योजनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यानी हजारों आवेदकों को अब अगली सुनवाई और अगले आदेश का इंतजार करना होगा। आखिर किन Six कामों पर लगी रोक और इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा... देखिए रिपोर्ट. प्रदेशभर में चल रहे शहरी सेवा शिविर-2026 को राजस्थान हाईकोर्ट के एक आदेश ने बड़ा झटका दिया है। सरकार ने शिविर में दी जा रही जमीन और पट्टों से जुड़ी छह प्रमुख राहतों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसका असर उन हजारों लोगों पर पड़ेगा, जो सरकारी भूमि के नियमन, कच्ची बस्तियों के पट्टों, कृषि भूमि पर विकसित कॉलोनियों के नियमितीकरण और अन्य लंबित प्रकरणों में राहत मिलने की उम्मीद लेकर शिविरों में पहुंचे थे। दरअसल, स्वायत्त शासन विभाग ने 10 जून को आदेश जारी कर 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित शहरी सेवा शिविरों में आमजन को राहत देने के उद्देश्य से विभिन्न मामलों में छूट देते हुए निकायों को 22 प्रकार के कार्य निस्तारित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इन प्रावधानों को चुनौती देते हुए 24 जून को राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि शिविरों में दी जा रही कुछ रियायतें प्रचलित नियमों और कानूनी प्रावधानों के विपरीत हैं। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 6 जुलाई को अंतरिम आदेश जारी करते हुए छह श्रेणियों के मामलों में फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए। कच्ची बस्ती-कृषि भूमि के नियमितीकरण जैसे काम अटके 1-कॉलोनियों का नियमितीकरण रुका-सरकारी भूमि पर लंबे समय से बसे लोगों को नियमित करने की प्रक्रिया अगले आदेश तक बंद रहेगी। 2-कच्ची बस्तियों के पट्टे अटके डिनोटिफाइड कच्ची बस्तियों में कब्जाधारियों को नियमित करने और पट्टे की प्रक्रिया भी फिलहाल स्थगित रहेगी। 3-कृषि भूमि की कॉलोनियों को राहत नहीं-17 जून 1999 से पहले कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत कॉलोनियों के सुओमोटो ले-आउट प्लान अनुमोदन संबंधी मामलों में भी अब निर्णय नहीं होगा। 4-खांचा भूमि के प्रकरण रुके खांचा भूमि के आवंटन और नियमितीकरण से जुड़े मामलों पर भी रोक लगा दी गई है। 5-अपंजीकृत इकरारनामों पर पट्टा नहीं मिलेगा-अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर अब पट्टा जारी नहीं हो सकेंगे। इससे 17 जून 1999 से पहले और बाद की कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत कॉलोनियों के हजारों संभावित आवेदकों का भी प्रभावित होना तय माना जा रहा है। 6-अतिरिक्त प्रीमियम व स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत तक दी जा रही छूट भी अगले आदेश तक बंद रहेगी। नगरिय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग ने सभी नगर निगमों, नगर परिषदों, नगरपालिकाओं, विकास प्राधिकरणों और आवासन मंडलों को आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया कि न्यायालय के अगले आदेश तक इन छह मामलों में कोई निर्णय или कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन आवेदकों पर होगा, जिन्होंने शिविरों के माध्यम से पट्टा प्राप्त करने, कॉलोनियों के नियमितीकरण, अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर स्वामित्व मान्यता या सरकारी भूमि के नियमन के लिए आवेदन किए थे। ऐसे सभी प्रकरण अब हाईकोर्ट के अगले आदेश तक लंबित रहेंगे। हालांकि, शहरी सेवा शिविर पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। विभाग के अनुसार अन्य स्वीकृत सेवाएं और शेष कार्य पूर्ववत जारी रहेंगे, लेकिन जमीन और पट्टों से जुड़े विवादित छह मामलों में फिलहाल किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जाएगी। बहरहाल, राजस्थान के शहरी सेवा शिविर-2026 को बड़ा कानूनी झटका लगा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने जमीन और पट्टों से जुड़ी छह प्रमुख राहत योजनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब सरकारी जमीन, कच्ची बस्तियों, कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के नियमितीकरण और पट्टों से जुड़े मामलों में अगले आदेश तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। इससे हजारों आवेदकों की उम्मीदों पर फिलहाल विराम लग गया है। अब नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार के अगले कदम पर रहेगी।
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