icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
271881
PNPrem Narayan MishraFollow23 Nov 2024, 02:26 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

सर्पदंश से युवती की मौत, 20 दिन चला इलाज

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के मांडली गांव में सर्पदंश से एक युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवती का डूंगरपुर जिला अस्पताल में पिछले 20 दिनों से ईलाज चल रहा था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाने के हैड कांस्टेबल गोविन्द सिंह चुण्डावत ने बताया कि मांडली निवासी सुभाष रोत ने रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में बताया कि 12 अक्टूबर 2026 की रात को उसकी 24 वर्षीय छोटी बहन सुशीला घर के अंदर सो रही थी। उसी दौरान रात को करीब 11 से 12 बजे के लगभग एक जहरीले सांप ने सुशीला के दाहिने पैर के अंगूठे के पास काट लिया। सांप के काटने के बाद परिजनों ने तुरंत युवती को निजी वाहन की मदद से अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उसका इलाज शुरू हुआ। डूंगरपुर जनरल हॉस्पिटल सहित अन्य जगह पर करीब 20 दिनों तक उसका लगातार इलाज चलता रहा। इलाज के बावजूद युवती की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और आज उसने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतका के शव को मोर्चरी में रखवाया गया। जहाँ पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है।
0
0
Report

अलवर के दिवाली हाट से छोटे दुकानदार चिंतित, प्रशासन पर विवाद बढ़ा

Alwar, Rajasthan:अलवर। दीपावली देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण त्योहारों में शुमार है। धार्मिक और सामाजिक महत्व के साथ-साथ यह पर्व व्यापारिक दृष्टि से भी बेहद खास माना जाता है। दीपोत्सव के साथ ही बाजारों में खरीदारी का सिलसिला तेज हो जाता है और कारोबारियों से लेकर छोटे फुटकर दुकानदारों तक को इस त्योहार से बड़ी उम्मीदें होती हैं। खासकर गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए दीपावली महज एक त्योहार नहीं, बल्कि सालभर की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होती है। दीपावली से आठ-दस दिन पहले ही शहरों के मुख्य बाजारों में सड़क किनारे और फुटपाथों पर अस्थायी दुकानें सजने लगती हैं। कहीं मिट्टी के दीये और खिलौने बिकते हैं तो कहीं देवी-देवताओं की मूर्तियां, पोस्टर, पूजन सामग्री और सजावट के सामान की दुकानें नजर आती हैं। इन छोटी-छोटी दुकानों के सहारे कई परिवार अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि दीपावली पर होने वाली कमाई से कुछ पैसे बचेंगे, जिनसे बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतें और अन्य जरूरी खर्च पूरे किए जा सकेंगे। लेकिन इस बार अलवर में दीपावली से महज चार-पाँच दिन पहले नगर निगम की एक नई पहल ने इन छोटे दुकानदारों के सामने असमंजस की स्थिति खड़ी कर दी है। निगम ने शहर के मुख्य बाजारों में लगने वाली अस्थायी दुकानों को व्यवस्थित करने के लिए कंपनी बाग रोड पर आकर्षक दिवाली हाट बाजार विकसित किया है। अब इन दुकानदारों को मुख्य बाजारों से हटाकर वहां दुकानें लगाने के लिए पाबंद किया जा रहा है। हालांकि, दुकानदार इस व्यवस्था को लेकर आशंकित हैं। उन्हें डर है कि नए स्थान पर ग्राहक पहुंचेंगे या नहीं और वहां उनकी बिक्री हो पाएगी या नहीं। इसी को लेकर सोमवार को नगर निगम के अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानदारों को समझाइश देकर हाट बाजार में शिफ्ट होने के लिए कहा। लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। दुकानदारों ने वहां जाने से इनकार किया। इसके बाद जब उन्हें हटाने और दूसरी जगह भेजने की कोशिश की गई तो मामला गरमा गया। देखते ही देखते दुकानदारों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और प्रशासन की इस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। दरअसल, अलवर में पहली बार दीपावली के अवसर पर अस्थायी दुकानदारों के लिए इस तरह का विशेष हाट बाजार विकसित किया गया है। कंपनी बाग रोड पर तैयार किए गए इस बाजार को आकर्षक स्वरूप देने के लिए रंग-बिरंगी कैनोपी, रोशनी और अन्य सजावटी व्यवस्थाएं की गई हैं। खास बात यह है कि दुकानदारों को यहां दुकानें लगाने के लिए निशुल्क स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन की इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य शहर के प्रमुख बाजारों को अतिक्रमण और अव्यवस्थित यातायात से राहत दिलाना है। होप सर्कस, घंटाघर, पंसारी बाजार और नगर निगम के आसपास दीपावली के दौरान सैकड़ों अस्थायी दुकानें लगती हैं। इनकी वजह से बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है, आमजन को आवागमन में परेशानी होती है और कई बार जाम के हालात बन जाते हैं। दीपावली के साथ ही शादी-ब्याह का सीजन भी शुरू होने से बाजारों में खरीदारों की संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे में निगम की मंशा है कि सभी अस्थायी दुकानों को एक ही स्थान पर व्यवस्थित कर दिया जाए, ताकि मुख्य बाजारों में यातायात सुचारू रहे और शहरवासियों को एक ही जगह दीपावदी की खरीदारी का विकल्प मिल सके। साथ ही हाट बाजार को सुंदर और व्यवस्थित स्वरूप देकर शहर की तस्वीर भी बदली जा सके। निश्चित रूप से प्रशासन की सोच और पहल अपने आप में सकारात्मक है। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने, यातायात व्यवस्था सुधारने और छोटे दुकानदारों को एक व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने का प्रयास सराहनीय कहा जा सकता है। लेकिन किसी भी अच्छी योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे किस समय और किस तरीके से लागू किया जाता है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि प्रशासन को दीपावली हाट बाजार विकसित करना था तो इसकी योजना पहले क्यों नहीं बनाई गई? दुकानदारों को विश्वास में लेकर शुरुआत से ही नई जगह पर दुकानें लगाने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? दीपावली से ठीक पहले, जब दुकानदार अपनी दुकानें जमा चुके हैं और त्योहार की बिक्री को लेकर उम्मीदें लगाए बैठे हैं, तब उन्हें अचानक स्थान बदलने के लिए कहना उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। दुकानदारों की चिंता भी पूरी तरह निराधार नहीं है। उन्हें आशंका है कि मुख्य बाजार से हटकर नए स्थान पर जाने के बाद ग्राहक शायद वहां तक नहीं पहुंचें। ऐसे में उनकी बिक्री प्रभावित हो सकती है। दूसरी चिंता यह भी है कि यदि वे अपनी पुरानी जगह छोड़कर चले गए तो कहीं उस स्थान पर कोई दूसरा दुकानदार कब्जा न कर ले। इनमें कई ऐसे परिवार भी हैं जो चार पीढ़ियों से इन्हीं बाजारों में दीपावली के दौरान दुकानें लगाकर अपना जीवनयापन करते आ रहे हैं। ऐसे परिवारों के लिए पुरानी जगह छोड़ना केवल स्थान परिवर्तन नहीं, बल्कि अपनी वर्षों पुरानी आजीविका को जोखिम में डालने जैसा है। दीपावली का त्योहार खुशियां बांटने और हर वर्ग के जीवन में रोशनी लाने का संदेश देता है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने की कोशिश में उन गरीब परिवारों की खुशियां और रोजी-रोटी प्रभावित न हों, जिनके लिए दीपावली की ये चंद दिनों की कमाई पूरे साल की आर्थिक जरूरतों में सहारा बनती है। आखिरकार, किसी भी शहर की खूबसूरती केवल सजी हुई सड़कों, आकर्षक रोशनी और व्यवस्थित बाजारों से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले हर वर्ग के लोगों की खुशहाली से तय होती है। इसलिए इस पूरे मामले में शहर की सुंदरता और प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ गरीब दुकानदारों के हितों को भी समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए। वरना इस खींचतान में नुकसान केवल उन छोटे दुकानदारों का होगा, जिनकी उम्मीदें इसी दीपावली की कमाई से जुड़ी हैं।
0
0
Report
Advertisement

वीएचपी नेता राजकमल गुप्ता मौलाना जर्जिस पर देशद्रोह का आरोप, अंतर्राष्ट्रीय साजिश का दावा

Moradabad, Uttar Pradesh:मौलाना जर्जिस के यूपी की तुलना फिलिस्तीन से कर मुसलमानो को डराने वाले बयान से भड़के वीएचपी नेता डॉ राजकमल गुप्ता का बड़ा बयान, वीएचपी के केंद्रीय प्रबंधन समिति के सदस्य एवं वीएचपी नेता राजकमल गुप्ता ने किया मौलाना जर्जिस पर बड़ा हमला, मौलाना जर्जिस पैसे लेकर बोलता है... इसके पीछे अंतर्राष्ट्रीय साजिश है, इसके बैंक अकाउंटों की जाँच होनी चाहिए, ऐसे बयान ये चुनाव को लेकर दे रहा है.... ताकि मुसलमानो के वोट इखट्टे कर सके क्योंकि ये एक पार्टी का एजेंटBAN गया है, ये एजेंट है और इसके पीछे अंतर्राष्ट्रीय साजिश है, मुस्लिम समाज से वीएचपी नेता ने करी मौलाना जर्जिस के बॉयकाट की अपील, इसका बॉयकॉट और बहिष्कार करके इसके इन शव्दो की जितनी भत्सगना की जायेगी वो कम है, मौलाना जर्जिस पर देशद्रोह का मुकदमा लगना चाहिए क्योंकि इसने देश द्रोह की बात की, इसने देश द्रोह और फिलिस्तीन की बात करी..... अरे फिलिस्तीन का क्या मतलब है, इस देश मे रहकर फिलिस्तीन की बात कर रहा है.....इसका दिमाग़ ख़राब हो गया है, इसको पकड़ो जेल मे डाल दो बस यही सही रहेगा, देश के सारे मौलाना इसका विरोध करें.... अगर वो नहीं करते तो.....तो मतलब है की वो इसकी बात का समर्थन करते है।
0
0
Report

PGI कर्मचारियों ने निदेशक का घेराव किया, धरना स्थल और अनुमति को लेकर हंगामा

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ पीजीआई में कर्मचारी महासंघ ने किया निदेशक का घेराव, जमकर हंगामा धरना स्थल निर्धारित करने और प्रदर्शन से पहले परमिशन लेने के प्रस्ताव का कर्मचारियों ने किया विरोध कर्मचारियों ने कहा- अपनी आवाज उठाने के लिए संस्थान से बाहर जाने का फरमान बर्दाश्त नहीं 28 नवंबर की गवर्निंग बॉडी बैठक में धरना स्थल और अनुमति को लेकर लाया गया था एजेंडा महासंघ ने इसे कर्मचारियों की आवाज दबाने और उत्पीड़न की कोशिश बताया अध्यक्ष धर्मेश कुमार और महामंत्री सीमा शुक्ला के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों कर्मचारी और अधिकारी निदेशक ने स्वीकार किया कि धरना स्थल और अनुमति से जुड़ा एजेंडा गलत तरीके से लाया गया था कर्मचारियों ने निदेशक पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए जताई नाराजगी निदेशक ने कर्मचारी महासंघ से दुर्व्यवहार के मुद्दे पर व्यक्त किया खेद वीआईपी कल्चर, कर्मचारियों के मानकीकरण और लंबित मांगों का मुद्दा भी उठा निदेशक के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ घेराव, सैकड़ों कर्मचारी और अधिकारी रहे मौजूद
0
0
Report
Advertisement

मौलाना निजामी के विवादित बयानों पर यूपी में भाईचारा बरकरार रखने की अपील

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ मौलाना सुफियान निज़ामी ने विवादित बयान पर प्रतिक्रिया दी औरैया में मौलाना जार्जिश की तकरीर पर जताई असहमति मौलाना सुफियान निज़ामी ने बयान को बताया अनुचित फिलिस्तीन की तरह मुकाबला करने की बात पर ऐतराज ऐसे बयानों से मैं इत्तेफाक नहीं रखता हूं- निज़ामी यूपी में मस्जिदों और मदरसों को निशाना बनाने की बात कही मुसलमानों के मौजूदा हालात पर भी अपनी बात रखी देश के अमन पसंद लोग हमेशा साथ खड़े रहे- निज़ामी समाज में विवाद बढ़ाने वाले बयान नहीं देने चाहिए- निज़ामी ऐसे बयान समाज के लिए बिल्कुल ठीक नहीं हैं- निज़ामी सभी लोगों को मिलजुलकर प्यार मोहब्बत से रहना चाहिए आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की
0
0
Report

उत्तराखंड चुनाव: कांग्रेस ने शीर्ष नेताओं के साथ गूढ़ रणनीति पर चर्चा

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड को लेके आज बड़ी बैठक आप लोगों ने की है। खरगे साहब भी थे, राहुल गांधी भी थे। क्या रणनीति आप लोगों ने बनाई है? के सवाल पर कांग्रेस प्रेसिडेंट खड़गे जी थे, हमारे नेता राहुल गांधी जी थे और जीएसओ थे वेणु गोपाल जी और हमारे स्टेट के दोनों हमारे साथ सेक्रेटरी पीसीसी प्रेसिडेंट सीएलपी लीडर हमारे इलेक्शन कैंपेन कमेटी के चेयरमैन प्रीतम सिंह जी मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर हरक सिंह जी तो सबके साथ बैठकर बातचीत हुई काफी विस्तार से हुई क्या उत्तराखंड चुनाव प्रचार के लिए राहुल गांधी जी के कुछ कार्यक्रम शेड्यूल हुए हैं? शेड्यूल डिटेल में बाद में आएगा लेकिन बिल्कुल राहुल गांधी जी का कांग्रेस प्रेसिडेंट के प्रोग्राम प्रियंका जी के प्रोग्राम ये सब लगेंगे और भी हमारे अन्य नेता हैं सीनियर नेता हैं अलग राज्यों से भी हैं प्रोग्राम अब आगे लगातार दिवाली हो जाए उसके बाद शुरू हो जाए।
0
0
Report
Advertisement

मौलाना निज़ामी के विवादित बयान से यूपी में तनाव की आशंका

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊमौलाना सुफियान निज़ामी ने विवादित बयान पर प्रतिक्रिया दी औरैया में मौलाना जार्जिश की तकरीर पर जताई असहमति मौलाना सुफियान निज़ामी ने बयान को बताया अनुचित फिलिस्तीन की तरह मुकाबला करने की बात पर ऐतराज ऐसे बयानों से मैं इत्तेफाक नहीं रखता हूं- निज़ामी यूपी में मस्जिदों और मदरसों को निशाना बनाने की बात कही मुसलमानों के मौजूदा हालात पर भी अपनी बात रखी देश के अमन पसंद लोग हमेशा साथ खड़े रहे- निज़ामी समाज में विवाद बढ़ाने वाले बयान नहीं देने चाहिए- निज़ामी ऐसे बयान समाज के लिए बिल्कुल ठीक नहीं हैं- निज़ामी सभी लोगों को मिलजुलकर प्यार मोहब्बत से रहना चाहिए आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की
0
0
Report

कालपी बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता हत्या: 10 लाख की सुपारी में साजिश का खुलासा

Jalaun, Uttar Pradesh:कालपी के बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 32 बीघा जमीन के विवाद में अधिवक्ता की हत्या की साजिश रची गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए 10 लाख रुपये में सुपारी दी गई थी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी मोनू यादव अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, 31 अक्टूबर को अधिवक्ता को एक व्यक्ति फाइल पर चर्चा करने के बहाने अपने साथ ले गया था और चाय के बहाने उन्हें गाड़ी में बैठाकर दूसरी जगह ले जाया गया। देर तक अधिवक्ता के घर लौटने पर उनके बेटे ने तलाश की, लेकिन जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। तलाशी अभियान में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिसकी निशानदेही पर शव के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम सर्वेश, आशीष और कटियार बताए गए हैं। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार बरामद करने के लिए टीम जा रही थी। रास्ते में आरोपियों ने पुलिस टीम पर गोली चला दी,双方 ने जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैर में गोली लगने के बाद अस्पताल भेजा गया। फिलहाल हत्या में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार, एक रक्तरंजित पाना रिंच, एक चेक, दो तमंचे और पांच कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस की जांच में जमीन के विवाद और मुकदमेबाजी के कारण इस हत्याकांड की साजिश सामने आई है, जिसमें मोनू यादव मुख्य भूमिका में बताया गया है। इंद्रजीत यादव पर भी सुपारी देने और घटना में भूमिका निभाने का आरोप है, जिसे गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी मोनू यादव अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
0
0
Report

धान की फसल देखने किसान करंट से मौत, LT तार टूटकर खेत की मेड़ पर गिरा

Saiki, Bihar:सारंगढ़ से इस वक्त एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है, जहाँ अपने खेत में लगी धान की फसल देखने गए एक किसान की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, किसान कल सुबह 8 बजे अपने खेत की फसल देखने पहुंचा था। इसी दौरान खेत की मेड़ पर एलटी बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ था। बताया जा रहा है कि तार के संपर्क में आने से किसान इसकी चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई। वही परिवार वाले मृतक की खोज बिन करने लगे तो देखा कि बिजली की चपेट में आ चुका है मृतक की पहचान बाबूलाल साहू, पिता रतन साहू, उम्र लगभग 55 वर्ष, निवासी ग्राम छर्रा, थाना सारंगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के रूप में बताई जा रही है। इस घटना के बाद परिवार में दुख का माहौल है। वही सारंगढ़ कोतवाली पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम हेतु स्वास्थ्य केंद्र सारंगढ़ भेजा गया और पुलिस जांच में जुटी
0
0
Report
Advertisement

डूंगरपुर पंचायतीराज चुनाव में Zero Crime मॉडल से इतिहास रचा

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा डूंगरपुर हेडलाइन - पंचायतीराज चुनाव में पुलिस का ''ज़ीरो क्राइम'' मॉडल बना मिसाल, 20 साल बाद पहली बार नहीं दर्ज हुआ एक भी मुकदमा एंकर इंट्रो - डूंगरपुर जिले में हाल ही में संपन्न हुए पंचायतीराज चुनाव इस बार अपनी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष प्रक्रिया के लिए एक नया इतिहास रच गए। डूंगरपुर पुलिस प्रशासन के उत्कृष्ट चुनाव प्रबंधन, मुस्तैदी और सटीक रणनीति के चलते 20 साल बाद यह पहला मौका है, जब पूरे जिले में चुनाव के दौरान हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगड़ने का एक भी मामला सामने नहीं आया और न ही कोई मुकदमा दर्ज हुआ। जबकि इनसे पहले हुए 3 पंचायत चुनाव में 11 मामले और 174 लोगो की गिरफ्तारियां हुई थी। बॉडी - डूंगरपुर जिले में दो चरणों में पंचायतीराज चुनाव की घोषणा हुई थी। जिसके तहत प्रथम चरण में 22 अक्टूबर को 7 पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली जिला परिषद सदस्य की 20 व पंचायत समिति की 119 सीटो के लिए मतदान हुआ वही 24 अक्टूबर को 233 सरपंच पद के लिए मतदान हुए। इसके बाद दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को 7 पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली जिला परिषद की 27 व पंचायत समिति की 115 सीटो के लिए मतदान हुआ। वही 30 अक्टूबर को 209 पंचायतों के सरपंचों के लिए मतदान हुआ। इन चुनावों में खास बात ये रही कि पुलिस के बेहतर चुनावी प्रबंधन के चलते कानून व्यवस्था को लेकर एक भी अप्रिय घटना ओर एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। पिछले 20 वर्षों का रिकॉर्ड, 11 मामले और 174 गिरफ्तारियां यदि पिछले चार पंचायतीराज चुनावों के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो हर बार कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थितियां पैदा हुई थीं। वर्ष 2005 में निठाउवा और वरदा थाना क्षेत्र में 2 मामले दर्ज हुए तथा 9 लोगों की गिरफ्तारी हुई। वर्ष 2010 में चितरी थाना क्षेत्र में पोलिंग बूथ पर पथराव, तोड़फोड़ और मतदान कर्मियों को डराने के मामले में 10 लोग गिरफ्तार किए गए। वर्ष 2015 में कुआँ और धंबोला थानों में 2 मामले दर्ज हुए और 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2020 में जिले में हिंसा और उपद्रव के 6 मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें रिकॉर्ड 112 लोगों की गिरफ्तारी हुई थीं।इस पृष्ठभूमि के बावजूद, वर्ष 2026 के इन चुनावों में पुलिस की प्रभावी रणनीति से एक भी अप्रिय घटना दर्ज नहीं हुई। तकनीक, जागरूकता और सख्त निरोधात्मक कार्रवाई की रणनीति डूंगरपुर एसपी मनीष कुमार ने बताया कि पिछले चुनावों के अनुभवों को देखते हुए इस बार एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई थी। पुलिस ने पिछले चुनावों में उपद्रव और मुकदमों में फंसे लोगों से बातचीत कर उनके संदेशात्मक वीडियो बनवाए। इन वीडियो में उन्होंने बताया कि कैसे चुनावी हिंसा के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा और आज भी कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित कर आमजन को जागरूक किया गया। चुनाव से पहले जिलेभर में ''एरिया डोमिनेशन'' अभियान चलाकर हार्डकोर अपराधियों की धरपकड़ की गई और आदतन अपराधियों को भारी पाबंदियों में बांधा गया। मतदान के दौरान पुलिस टीमों ने मुस्तैदी से काम किया। प्रत्येक पोलिंग बूथ पर कैमरों और सीसीटीवी के जरिए पैनी नज़र रखी गई। डूंगरपुर पुलिस की पूर्व-नियोजन रणनीति, तकनीक के इस्तेमाल और सामुदायिक पुलिसिंग की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण चुनावों को भी पूरी तरह हिंसा-मुक्त कराया जा सकता है। 20 साल में पहली बार ''ज़ीरो एफआईआर'' के साथ संपन्न हुए ये चुनाव न केवल डूंगरपुर जिले, बल्कि पूरे प्रदेश के प्रशासनिक एवं पुलिस प्रबंधन के लिए एक अनुकरणीय मिसाल बन गए हैं। अखिलेश शर्मा जी मीडिया डूंगरपुर
0
0
Report

जोधपुर में भाजपा का पदयात्रा, लोकतंत्र बचाने के नाम पर विपक्ष पर निशाना

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। लोकतंत्र की रक्षा और विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए अब भाजपा भी मैदान में उतर आई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कल जोधपुर में पदयात्रा करेंगे। यह पदयात्रा गांधी मैदान से गोल बिल्डिंग तक करीब एक किलोमीटर निकाली जाएगी। इसमें भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, सरदारपुरा सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन, व्यापारी और गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। मुख्यमंत्री की पदयात्रा को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर विधायक अतुल भंसाली, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल सहित पार्टी के पदाधिकारी आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। इसके लिए शहर के वरिष्ठ नागरिकों, व्यापारियों और प्रबुद्धजनों से संपर्क कर बैठकें की जा रही हैं। शहर विधायक अतुल भंसाली ने जी मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र को बचाने और अराजकता समाप्त करने के लिए अब जनता को विपक्ष की गतिविधियों का जवाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है। दिल्ली में आयोजित रैली में उमड़ी भीड़ से भी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसी संदेश के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जोधपुर में पदयात्रा कर जनता के बीच पहुंचेंगे.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top