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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow13 Mar 2025, 06:39 am

Amroha - अमरोहा में सनसनी: ईख के खेत में मिले तेंदुए के दो शावक, गांव में दहशत

Amroha, Uttar Pradesh:

अमरोहा के देहात थाना क्षेत्र के गांव तेलीपुरा में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों को ईख के खेत में तेंदुए के दो शावक दिखाई दिए। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुए की हलचल देखी जा रही थी, जिससे ग्रामीण पहले ही दहशत में थे। तेंदुए के शावक मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई, और स्थानीय लोगों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों शावकों को सुरक्षित कब्जे में लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावकों की मां आसपास हो सकती है, इसलिए खेतों और गांव के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। फिलहाल, ग्रामीणों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खेतों में न जाने की अपील की गई है।

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कोरिया के शोधकों ने बालोद के करकाभाट मेगालिथिक स्थल को ग्लोबल शोध मानचित्र पर रखा

Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के पर्यटन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बालोद जिले की ऐतिहासिक धरोहर अब सात समंदर पार अपनी चमक बिखेर रही है। 'बालोद इको टूरिज्म' के निरंतर प्रयासों का ही सुखद परिणाम है कि बीते 4 मई 2026 को दक्षिण कोरिया के दो विदेशी पर्यटक बालोद के सुप्रसिद्ध महापाषाण कालीन स्थल 'करकाभाट' का भ्रमण करने पहुंचे। महापाषाण काल का रहस्य जानने की उत्सुकता कोरिया से आए ये पर्यटक साधारण सैलानी नहीं, बल्कि प्राचीन ऐतिहासिक स्थलों पर गहन शोध (Research) कर रहे शोधकर्ता हैं। उनके लिए करकाभाट का 5000 साल पुराना इतिहास आकर्षण और जिज्ञासा का केंद्र रहा। यहाँ के ऊँचे और विशाल पत्थरों की संरचना को देखकर वे चकित रह गए। पर्यटकों ने स्वीकार किया कि छत्तीसगढ़ की यह विरासत वैश्विक स्तर पर शोध के लिए एक बेहतरीन जगह है। स्थानीय युवाओं ने निभाई 'ग्लोबल' गाइड की भूमिका विदेशी मेहमानों को बालोद की संस्कृति और इतिहास से रूबरू कराने का जिम्मा बालोद इको टूरिज्म के अनुभवी गाइड्स यशकांत गढ़े और टोमेश ठाकुर ने संभाला। उन्होंने न केवल करकाभाट के पत्थरों के पीछे के वैज्ञानिक और ऐतिहासिक तथ्यों को साझा किया, बल्कि छत्तीसगढ़ी खान-पान और लोक परंपराओं की झलक भी पेश की। गाइड्स के बेहतरीन तालमेल और ज्ञान की पर्यटकों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। पर्यटन से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: सूरज करियारे बालोद एवं छत्तीसगढ़ इको टूरिज्म के अध्यक्ष श्री सूरज करियारे ने इस दौरे को जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा: "हमारा लक्ष्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। जब विदेशी पर्यटक यहाँ आएंगे, तो स्थानीय हस्तशिल्प, भोजन और सेवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे सीधे तौर पर हमारे ग्रामीणों को लाभ होगा।" करकाभाट क्यों है खास? करकाभाट में स्थित ये पत्थर महापाषाण कालीन (Megalithic) युग के स्मारक माने जाते हैं। पुरातत्वविदों के अनुसार, ये लगभग 3000 से 5000 साल पुराने हैं। इन्हें प्राचीन काल में मृतकों की स्मृति में स्थापित किया जाता था। दुनिया भर में इस तरह के स्थल बहुत कम जगहों पर बचे हैं, यही कारण है कि यह स्थल अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। भविष्य की राह: 'दोबारा आएंगे बालोद' पूरा एक दिन बालोद की गोद में बिताने के बाद कोरियाई पर्यटकों ने यहाँ की शांति और ऐतिहासिक संपन्नता को अद्भुत बताया। उन्होंने जाते-जाते वादा किया कि वे जल्द ही अपनी टीम के साथ दोबारा यहाँ आएंगे।बालोद इको टूरिज्म की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो छत्तीसगढ़ का एक छोटा सा गांव भी दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर बड़ा स्थान बना सकता है।
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लोहरदगा में 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान शुरू

Lohardaga, Jharkhand:लोहरदगा- नालसा नई दिल्ली और झालसा रांची के निर्देशा पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा लोहरदगा राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में 90 दिवसीय सघन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की गई है। सिविल कोर्ट परिसर से पीडीजे सह अध्यक्ष डालसा ने जागरूकता एलईडी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डालसा सचिव ने बताया कि आमजन को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गहन कानूनी जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना, आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, महिला-बाल अधिकार, साइबर अपराध, नशा मुक्त, विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। वहीं एलईडी वैन गांव-गांव घूमकर लघु फिल्मों और ऑडियो वीडियो के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगी। ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हो सकें और जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता का लाभ उठा सकें। इन्होंने बताया कि जागरूकता वैन के साथ पीएलवी भी उपस्थित रहेंगे। जो जागरूकता कार्यक्रम में अपनी उपस्थित दर्ज करते हुए लोगों को जागरूक करने का कार्य करेंगे।
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दुमका में विधिक सेवा जागरूकता प्रभात फेरी, आम जनता को नि:शुल्क मदद का संदेश

Dumka, Jharkhand:दुमका जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से दुमका व्यवहार न्यायालय परिसर से जागरूकता प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधांशु कुमार शशि एवं डालसा सचिव विवेक कुमार की उपस्थिति में हुई। प्रभात फेरी में व्यवहार न्यायालय के कर्मियों, पीएलवी, अधिवक्ताओं तथा न्यायालय से जुड़े अन्य लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रभात फेरी के माध्यम से आम लोगों को विधिक सहायता, उनके अधिकारों तथा न्याय तक आसान पहुंच के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर मौजूद न्यायिक पदाधिकारियों ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के लोग भी अपने अधिकारों के प्रति सजग हो सकें और समय पर न्याय प्राप्त कर सकें। प्रभात फेरी न्यायालय परिसर से निकलकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां लोगों को विधिक जागरूकता से जुड़े संदेश दिए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य "विधिक सहायता जन-जन तक पहुंचे" के संकल्प को मजबूत करना था। इस आयोजन से आम लोगों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करने का प्रयास किया गया।
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पश्चिम बंगाल में भाजपा को ऐतिहासिक पूर्ण बहुमत, झारखंड में सियासत तेज हो गई

Dhanbad, Jharkhand: भाजपा ने पश्चिम बंगाल में इतिहास रचते हुए पहली बार पूर्ण बहुमत पाया है।पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत के बाद झारखंड में भी सियासत तेज हो गई है। जेएमएम इलेक्शन कमीशन और केंद्र सरकार पर हमलावर है।वही भाजपा बंगाल में आतंक का राज खत्म होने की बात कह रही है।धनबाद लिट्टीपाड़ा झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू पहुँचे।धनबाद में बंगाल चुनाव पर बड़ा बयान दिया है। हेमलाल मुर्मू ने कहा कि बंगाल चुनाव इलेक्शन कमीशन का इलेक्शन था।बंगाल में भाजपा की जबरदस्ती की जीत हुईं है।लोकतंत्र में ऐसा नहीं होता है। 50 हजार सेन्ट्रल फोर्स को बंगाल में उतारकर भाजपा ने दंडात्मक तरीके से जबरदस्ती की जीत हासिल की। बंगाल में भाजपा के जीतने की कहीं कोई गुंजाईश नहीं थी।वहीं असम चुनाव में हार के वजह पर उन्होंने कहा कि असम में झामुमो एक ट्रायल कर रही थी। पार्टी महज 16 से 17 सीटों पर ही लड़ रही थी। जिसमे भी झामुमो का प्रदर्शन बेहतरीन रहा।वही ममता बनर्जी का इस्तीफा देने के इनकार करने के फैसले पर कहा ममता दीदी संविधान से बाहर नहीं हैं इस्तीफा तो उन्हें देना ही पड़ेगा.
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देशभर में क्षेत्रीय दलों से जूझ रही कॉंग्रेस,जनता से मांग रही सपोर्ट,निष्क्रिय लोग होंगे बाहर।

SSSaurabh SharmaFollow3m ago
Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर में जिला कांग्रेस की मासिक बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी + भाजपा के खिलाफ आंदोलन और महंगाई, बेरोजगारी, किसान समस्या, कानून व्यवस्था जैसे जनहित मुद्दों पर सड़क पर उतरना। गांव-गांव जनसंवाद कार्यक्रम चलाए जाएंगे। 15 दिन में ब्लॉक, नगर, मंडल कमेटियों की समीक्षा। बुलंदशहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने भाजपा को जनविरोधी बताया। पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी समेत नेताओं ने ब्लॉक-नगर स्तर पर संगठन मजबूत करने का संकल्प लिया। युवा कांग्रेस की 'किसान-नौजवान बचाओ यात्रा 7 मई को खुर्जा से शुरू होंगी। किसान और नौजवान की हालत, रोजगार की कमी, महंगाई। भाजपा पर धर्म-जाति में उलझाने का आरोप। पश्चिमी यूपी अध्यक्ष पारस शुक्ला, राष्ट्रीय महासचिव विशाल चौधरी, संयोजक रजत यादव। जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने यात्रा के ऐतिहासिक स्वागत की बात कही। युवा कांग्रेस ब्लॉक-नगर में जनसंपर्क कर रही है।कुल मिलाकर कांग्रेस ने बुलंदशहर में जमीनी आंदोलन और संगठन विस्तार, दोनों पर जोर दिया है। 7 मई की यात्रा इसका पहला बड़ा कार्यक्रम है। बाईट : एड,जियाउर्रहमान ( जिला अध्यक्ष कांग्रेस बुलंदशहर) ,बाईट : पारस शुक्ला
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चंद्रशेखर आज़ाद ने ITC रोड पर बुलडोजर विरोध और धरने का ऐलान किया

Saharanpur, Uttar Pradesh:सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का बड़ा बयान-आईटीसी रोड पर बुलडोजर कार्रवाई कहा-dalitों के घरों पर बुल्डोजर नहीं चलने दूंगा,7 मई को डीएम कार्यालय पर धरने का ऐलान सहारनपुर में सर्किट हाउस रोड चौड़ीकरण के दौरान मंगलवार शाम तनाव बढ़ गया।आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद अचानक मौके पर पहुंचे और बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया।उनके पहुंचते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर काम कर रहे मजदूर जेसीबी मशीन लेकर चले गए।जिला प्रशासन वीवीआईपी आवागमन के मद्देनजर सर्किट हाउस रोड का चौड़ीकरण करा रहा है। सड़क के बीच से गुजरने वाले रजवाहे के दोनों किनारों की जमीन सिंचाई विभाग के अधीन है। विभाग ने इसे अतिक्रमण बताते हुए कई मकानों और दुकानों पर निशान लगाए थे, साथ ही 4 अप्रैल तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का नोटिस भी दिया था।आरोप है कि निर्धारित समय से पहले ही 1 अप्रैल को कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस दौरान कई अनुसूचित जाति परिवारों के मकानों के चबूतरे और छज्जे गिरा दिए गए। पीड़ितों का दावा है कि उनके पास जमीन के वैध दस्तावेज हैं, जिनमें कुल चौड़ाई 55 फीट दर्ज है।उनका आरोप है कि सिंचाई विभाग रजवाहे को इस माप में शामिल नहीं कर रहा है और केवल दोनों पटरियों को आधार बनाकर कार्रवाई कर रहा है।यह विवाद कोर्ट तक भी पहुंचा था, जहां से यथास्थिति बनाए रखने और प्रभावितों के पुनर्वास के निर्देश दिए गए थे।इसके बावजूद, कथित तौर पर कार्रवाई रुक-रुक कर जारी रही।पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में पीड़ितों ने सांसद चंद्रशेखर आजाद को पूरी स्थिति से अवगत कराया।इसके बाद वे कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और दलित बस्ती का निरीक्षण किया।चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि दलित बस्ती को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नाले की चौड़ाई घटाने से बरसात में जलभराव की समस्या बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि “अन्याय करने वाले से ज्यादा दोषी वह है जो अन्याय सहता है। यहां मानवता और गरिमा को कुचला जा रहा है।
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बस पीछे से बैक करते समय स्कूटी सवार महिला कुचली, हालत गंभीर

Dehradun, Uttarakhand:विकासनगर से एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है... बाबूगढ़ क्षेत्र के पास एक बस चालक ने बिना पीछे देखे अचानक बस को बैक करना शुरू कर दिया... इसी दौरान पीछे से आ रही एक स्कूटी सवार महिला बस की चपेट में आ गई... प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पीछे करते समय बस सीधे स्कूटी के ऊपर चढ़ गई, जिससे स्कूटी बस के नीचे दब गई और स्कूटी सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई... हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई... स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को बस के नीचे से बाहर निकाला और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है... घटना के बाद लोगों ने लापरवाह ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है।
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धनबाद के कोयला रोड हाईवा से हादसा: महिला की मौत, सड़क जाम

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद कोयलांचल में कोयला रोड हाईवा सड़क पर यमराज बनकर दौड़ रही है। हाईवा वाहन की रफ्तार से लगातार जाने जा रही है। मंगलवार की देर शाम झरिया थाना क्षेत्र के कतरास मोड़, सिंह नगर के समीप कोयला लोड तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक को अपने चपेट में ले लिया जिससे पति-पत्नी और पुत्र सवार थे। ये बलियापुर से महुदा शादी समारोह में जा रहे थे। दुर्घटना में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद लोग घटनास्थल पर पहुंचे जहां घायल पिता - पुत्र को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया जबकि महिला के शव को सड़क पर रखकर सड़क जाम कर दिया गया। वहीं हाईवा चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंच कर जांच पड़ताल की। मौके पर पहुंचे मृतक के परिजन ने बताया कि बलियापुर के निपानिया से शत्रुघ्न महतो अपनी पत्नी ममता देवी और पुत्र संतोष महतो के साथ एक शादी समारोह में महुद्दा जा रहे थे जिस दौरान कतरास मोड़ में घटना घटी है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि धनसार, वास्तकोला से दिन - रात कोयला लोड हाइवा केंदुआ रोड से गुजरती है जो बीएनआर साइडिंग जाती है जिससे हाईवा से दुर्घटना का खतरा हमेशा बना हुआ रहता है। लोगों का कहना है कि झरिया - केंदुआ सड़क पर कई बार दुर्घटनाएं हुई है, लोगों को जान का रही है जिसपर प्रशासन रोक लगावे।ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है, और उनका गुस्सा जायज भी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुछ महीने पहले इस मार्ग पर लगे स्पीड ब्रेकर्स को जेसीबी (JCB) से जानबूझकर तुड़वा दिया गया था। इसके बाद से ही भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम खत्म हो गई है। आरोप है कि कई हाइवा बिना वैध लाइसेंस वाले चालकों और खलासी के भरोसे चल रहे हैं। ओवरलोडिंग का खेल हैं. ,कोयला लोड कर साइडिंग की ओर भागते ये हाइवा सड़कों पर रेस लगाते हैं, जिससे पैदल चलने वाले और बाइक सवारों की जान हमेशा खतरे में रहती है।
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मथुरा मंदिर परिसर में 68 वर्षीय साधु गिरफ्तार: 10 वर्ष की मासूम के साथ दुष्कर्म

Mathura, Uttar Pradesh:# **मथुरा: मंदिर परिसर में मासूम से दरिंदगी, 68 वर्षीय आरोपी 'साधु' गिरफ्तार कर जेल भेजा गया** **मथुरा।** उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। थाना रिफाइनरी क्षेत्र के कोयला अलीपुर गांव में एक 68 वर्षीय वृद्ध, जो मंदिर में साधु/सेवादार के रूप में रहता था, ने 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ### **भीड़ ने आरोपी को दबोचा** घटना सोमवार की है, जब मंदिर परिसर में ही रहने वाले एक मजदूर परिवार की 10 वर्षीय बच्ची को अकेला पाकर आरोपी **लक्ष्मीकांत** (पुत्र कमला प्रसाद) ने उसके साथ गलत काम किया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर मंदिर परिसर में खेल रहे अन्य बच्चे और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थिति को भांपते हुए लोगों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। ### **मजदूरी करने गए थे माता-पिता** पीड़िता का परिवार मंदिर परिसर में ही रहकर मजदूरी कर अपना गुजर-बसर करता है। घटना के समय बच्ची के माता-पिता काम के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। ### **पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी** सूचना मिलते ही रिफाइनरी थाना प्रभारी और सहायक पुलिस अधीक्षक **जयविंद गुप्ता** पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। * **मुकदमा दर्ज:** आरोपी के खिलाफ **मु0अ0सं0 118/26** के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा **65(2)** और **5M/6 पोक्सो एक्ट** (POCSO) के तहत मामला दर्ज किया गया है। * **गिरफ्तारी:** मंगलवार सुबह करीब 9:19 बजे पुलिस ने वांछित अभियुक्त लक्ष्मीकांत को वासुदेव मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। ### **सख्त सजा दिलाने का संकल्प** थाना प्रभारी जयविंद गुप्ता ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मजबूती से पैरवी करेगी ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी रोष है और उन्होंने इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त सुरक्षा की मांग की है।
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रामगढ़ में विवाहिता ने फांसी लगाई, मौत की आशंका से क्षेत्र में सनसनी

Khajuria Khurd, Bihar:मुकुल जायसवाल स्लग - रामगढ़ में फांसी लगाकर महिला की मौत, क्षेत्र में सनसनी सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम, पुलिस जाँच में जुटी; फांसी लगाकर आत्महत्या की आशंका, परिजनों ने दी जानकारी。 विभाग - कैमूर जिले के रामगढ़ थाना अंतर्गत नरहन गाँव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान 35 वर्षीय संगीता देवी, पत्नी जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गाँव और आस-पास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतका के एक बेटा और एक बेटी है। मृतका के फूफा, दीनदयाल चौधरी ने बताया कि उन्हें संगीता की मौत की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार, संगीता ने कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। हालांकि, घटना के पीछे के असल कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। परिजनों में शोक का माहौल है। पुलिस फिलहाल मामले की हर पहलू से बारीकी से तफ्तीश कर रही है। बाइट - दीनदयाल चौधरी - परिजन
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WhatsApp बहिष्कार ने उज्जैन के बंगरेड में सामाजिक कुरीति उजागर कर दिया

Ujjain, Madhya Pradesh:व्हाट्सएप पर बहिष्कार: बड़नगर के बंगरेड में जिंदा सामाजिक कुरीति, सवाल उठाने पर युवक परिवार सहित निष्कासन\n\nपुराने दौर की 'सजा' आज भी जारी-बिना सुनवाई युवक को किया गया बहिष्कृत\n\nधर्मशाला शुल्क में गड़बड़ी पर आवाज उठाना पड़ा भारी, बिना सुनवाई सुनाया गया ‘सामाजिक दंड’\n\nपहले भी कई लोगों का हुआ बहिष्कार; अब पीड़ित ने SP ऑफिस पहुंचकर मांगी निष्पक्ष जांच\n\nउज्जैन जिले की तहसील बड़नगर के ग्राम बंगरेड में सामने आया एक मामला आज भी समाज में जीवित उन परंपराओं की याद दिलाता है, जिन्हें आधुनिक दौर में सामाजिक कुरीति माना जाता है।\n\nयहां एक युवक को कथित रूप से न केवल समाज से बाहर कर दिया गया, बल्कि यह फैसला व्हाट्सएप जैसे डिजिटल माध्यम के जरिए सुनाया गया—बिना किसी निष्पक्ष सुनवाई और पारदर्शी प्रक्रिया के।\n\nप्रार्थी नरेंद्र यादव (पिता रामगोपाल यादव) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, उज्जैन में दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि यादव (अहीर) समाज की धर्मशाला में शुल्क को लेकर गड़बड़ी पर सवाल उठाने के कारण उन्हें और उनके परिवार को समाज से निष्कासित कर दिया गया।\n\nक्या है पूरा मामला?\nआवेदन के अनुसार, समाज के पंचों द्वारा पूर्व में तय किया गया था कि यादव समाज के लोगों से धर्मशाला उपयोग के लिए ₹5100 प्रतिदिन और अन्य समाज से ₹11,000 लिए जाएंगे। लेकिन 27 अप्रैल 2026 को एक कार्यक्रम में समाज के ही व्यक्ति से ₹11,000 वसूले गए।\nजब इस पर आपत्ति जताई गई, तो आरोप है कि पंच मोहन यादव के भाई ईश्वरलाल यादव ने फोन पर धमकी दी और हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी। वहीं, नरेंद्र यादव का कहना है कि उन्हें भी व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से समाज से बाहर करने की धमकी दी गई।\n\nइसके बाद 27 अप्रैल को ही उन्हें कथित रूप से फोन पर गाली-गलौज करते हुए धमकाया गया और धर्मशाला में प्रवेश न देने की बात कही गई।\n\nबिना सुनवाई ‘फैसला’\nनरेंद्र यादव का आरोप है कि 30 अप्रैल 2026 को समाज की बैठक में उनकी बात रखे बिना, सीमित लोगों के बीच मतदान कराकर उन्हें समाज के व्हाट्सएप ग्रुप से हटाया गया और सार्वजनिक रूप से उनके बहिष्कार की घोषणा कर दी गई।\n\nइस निर्णय के बाद उनके परिवार को समाज के सभी कार्यक्रमों, धर्मशाला और सामाजिक गतिविधियों से अलग कर दिया गया।\n\nपरिवार पर असर और सामाजिक दबाव\nपीड़ित के अनुसार, अब न तो वे किसी शादी-ब्याह या मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, न ही समाज के लोग उनके घर आते-जाते हैं। यहां तक कि जो भी उनसे संपर्क रखेगा, उसे भी समाज से बाहर करने की बात कही जा रही है।\n\nइसका सीधा असर उनके परिवार और बच्चों पर पड़ रहा है, जो सामाजिक अलगाव और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।\n\nषड्यंत्र और आर्थिक अनियमितता के आरोप\nआवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि समाज के कुछ पंच धर्मशाला की राशि में गड़बड़ी कर रहे हैं और उनके खिलाफ आवाज उठाने पर द्वेष, ईर्ष्या और बदले की भावना से यह कार्रवाई की गई है।\n\nपीड़ित का कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया, जिससे “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सकता था।\n\nपहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले\nस्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई लोगों, जिनमें एक बुजुर्ग शामिल थे, को इसी तरह समाज से बाहर किया जा चुका है। हालांकि बाद में कुछ को वापस लिया गया, लेकिन प्रक्रिया पर सवाल लगातार बने रहे।\n\nन्याय की गुहार\nपूरे मामले से आहत होकर नरेंद्र यादव ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने और अपने परिवार के बहिष्कार को निरस्त कर समाज में पुनः शामिल किए जाने की मांग भी की है।\n\nउन्होंने यह भी आशंका जताई है कि भविष्य में उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पंचों और आरोपित व्यक्तियों की होगी।\n\nसामाजिक कुरीति पर बड़ा सवाल\nयह मामला एक बार फिर उस सोच को उजागर करता है, जहां बिना सुनवाई और पारदर्शिता के किसी व्यक्ति को समाज से अलग कर दिया जाता है। कभी पारंपरिक दंड मानी जाने वाली यह व्यवस्था आज के डिजिटल दौर में नए रूप—“व्हाट्सएप बहिष्कार”—में सामने आ रही है।\n\nअब बड़ा सवाल यह है कि क्या आधुनिक समाज में इस तरह के फैसलों की कोई जगह होनी चाहिए?\n\nफिलहाल समाज के संबंधित पदाधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
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