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AKAshutosh Kumar SrivtastavaFollow28 Jan 2025, 07:43 am

Ambedkar nagar- उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की जिला कार्यकारिणी को प्रदेश अध्यक्ष ने दिलाई शपथ

Jalalpur, Uttar Pradesh:

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष बनवारीलाल कंछल ने जिलाध्यक्ष आनंद जायसवाल,कोषाध्यक्ष सीताराम अग्रहरि,मंत्री शंभु गुप्ता,दिलीप अग्रहरि को समारोहपूर्वक पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।उन्होंने व्यापारियों को संबोधित करते हुए उनके सम्मान और समस्याओं की लड़ाई के लिए हमेशा खड़े रहने का भरोसा दिलाया।कार्यक्रम की अध्यक्षता आनंद जायसवाल और संचालन भाजपा नगर महामंत्री कृष्ण गोपाल गुप्ता ने किया।इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष पिमो शत्रुघ्न सोनी,जिला प्रतिनिधि भाजपा देवेश मिश्र, व्यापारी रामचंद् जायसवाल, मनीष सोनी,अमित गुप्ता,विकाश निषाद,आशीष सोनी,अजीत निषाद समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

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श्रीराम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी का CCTV छेड़छाड़ ने पुलिस जांच शुरू की

Noida, Uttar Pradesh:श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। चोरी की करतूत न खुले, इसलिए आरोपियों ने कई बार सीसीटीवी से छेड़छाड़ की। कंट्रोल रूम में जाकर सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने की कोशिश की और एक-दो बार इसमें सफल भी हुए। हालांकि जांच में सबूत के तौर पर जितने फुटेज की जरूरत थी, उतने मिल चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि गणना के वक्त जब आरोपी रकम पार करते थे, तो कई बार गणना इंचार्ज कंट्रोल रूम की निगरानी करता रहता था ताकि वहां पर कोई न जाए। अगर जाए, तो वह उसका ध्यान भटका सके। टिन्नू ने भी ये काम किया है। मतलब, हर वह प्रयास करते थे, जिससे वह पकड़े न जा सकें अविनाश से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। अविनाश ने बताया कि उसके साथ टिन्नू और सुभाष की मिलीभगत थी, इसलिए पकड़े जाने का डर नहीं था। टिन्नू कहता था कि कहीं कुछ नहीं होगा। फुटेज डिलीट कर दिए जाएंगे। बाकी यहां कोई पकड़ने वाला नहीं है। क्योंकि टिन्नू की ही जिम्मेदारी निगरानी की थी। कभी भी उसको किसी भी सुरक्षाकर्मी या किसी अन्य ने टोका तक नहीं। इसलिए धड़ल्ले से रकम पार करता रहा।
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विकास के दावों की खुली पोल कीचड़ भरे रास्ते पर एक किलोमीटर शव को कंधे पर ले जाने को मजबूर हुए ग्रामीण

Avinash Babu PatelAvinash Babu PatelFollow6m ago
Upani, Chhattisgarh:हर गाँव को पक्की सड़कों से जोड़ने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर सक्ति जिले से एक ऐसी शर्मनाक तस्वीर सामने आई है जिसने विकास के दावों की पोल खोल दी है बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव के चलते ग्रामीणों को एक शव को दफनाने के लिए कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा क्या है पूरा मामला? घटना जिला मुख्यालय से महज 1 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत सोंठी की है यहाँ निवासी 60 वर्षीय कमलाबाई महंत का बीमारी के चलते निधन हो गया था 3 जुलाई की सुबह जब परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान ले जा रहे थे, तो उन्हें मुख्य सड़क की बदहाली का सामना करना पड़ा हालिया बारिश के कारण कच्ची सड़क गहरे कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुकी थी। स्थिति इतनी भयावह थी कि वहां से वाहन या एम्बुलेंस का गुजरना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल था मजबूरन, ग्रामीणों को अपने कंधों पर शव उठाकर घुटनों तक भरे कीचड़ और मलबे से होकर 1 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। इतना ही नहीं, अंत्येष्टि स्थल तक पहुँचने के लिए उन्हें पानी से भरी बोराई नदी भी पार करनी पड़ी सालों से सड़क का इंतजार, कागजों में अटकी योजनाएं ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से रेलवे फाटक से बोराई नदी तक 1 किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा इस सड़क को मनरेगा के तहत बनाने का प्रस्ताव भी पास किया गया है बावजूद इसके, न तो मनरेगा से और न ही किसी अन्य योजना से सड़क को अब तक स्वीकृति मिल पाई है आजादी के इतने वर्षों बाद भी बरसात के समय ग्रामीणों को अपनों को इस अपमानजनक स्थिति में अंतिम विदाई देनी पड़ रही है ग्रामीणों में भारी आक्रोश इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, जिला पंचायत और जनपद पंचायत के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की सी बारिश होते ही यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे उन्हें हर बार नर्क जैसे हालात से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने और सड़क निर्माण की मांग की है ताकि भविष्य में उन्हें इस तरह की अमानवीय परिस्थितियों का सामना न करना पड़े,,,
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पुष्कर धामी ने रिकॉर्डतोड़ सीएम पद संभालकर इतिहास रचा

Dehradun, Uttarakhand:ब्रेकिंग देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बनाया नया सियासी रिकॉर्ड प्रदेश के सबसे लंबे कार्यकाल के बने मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने तोड़ा पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का रिकॉर्ड 5 साल और 5 दिन मुख्यमंत्री रहे थे एनडी तिवारी 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की पुष्कर धामी ने ली थी शपथ मुख्यमंत्री धामी ने बनाये तीन और सियासी रिकॉर्ड 2021 में 45 साल 9 माह 18 दिन की उम्र में प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जो बिना मंत्री बने सीधे सीएम बने साल 2022 में पूर्ण बहुमत की सरकार लाने के बाद भी विधानसभा चुनाव में खटीमा सीट से चुनाव हारने के बावजूद मुख्यमंत्री पुष्कर धामी पर भाजपा आला कमान ने जताया भरोसा 2012 में पहली बार विधायक बने थे पुष्कर धामी 2021 में सबसे युवा मुख्यमंत्री बने पुष्कर धामी 2022 में दोबारा मुख्यमंत्री बने पुष्कर धामी अपने कई बड़े फैसलों के लिए धामी सरकार की होती है चर्चा उत्तराखंड में UCC लागू करने का बड़ा फैसला लिया पुष्कर धामी सरकार ने उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म करने जैसा फैसला लिया पुष्कर धाम में सरकार ने प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू करना जबरन धर्मांतरण पर प्रदेश में मजबूत कानून प्रदेश में पहाड़ की जमीनों को रोकने के लिए मजबूत भू कानून अनुभवी नेताओं और युवाओं को साथ लेकर चलने में कामयाब रहे पुष्कर धामी
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सिंगरौली पुलिस मुख्यालय ने छह निरीक्षक-उपनिरीक्षकों का तबादला किया; दो नए अधिकारी नियुक्त

Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली ब्रेकिंग... पुलिस मुख्यालय ने कियाबड़ा प्रशासनिक फेरबदल... सिंगरौली से 6 निरीक्षक-उपनिरीक्षकों का तबादला.... जितेंद्र सिंह भदोरिया डिंडोरी, दीपेंद्र सिंह कुशवाहा रीवा भेजे गए अभिषेक पांडे और अरुण सिंह का सतना तबादला. सुधाकर सिंह को सीधी, मनोज सिंह चौहान को जबलपुर की जिम्मेदारी... सिंगरौली को मिले दो नए अधिकारी... राजमणि अहिरवार सीधी से सिंगरौली, निरीक्षक राजेश चंद्र मिश्रा उमरिया से सिंगरौली आए... भोपाल से जारी हुए स्थानांतरण आदेश... नई पदस्थापना पर जल्द कार्यभार संभालेंगे अधिकारी
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झारखंड पंचायतों के लिए 16वें वित्त आयोग की अनुदानित राशि समय पर जारी

Ranchi, Jharkhand:नई दिल्ली में 16 वें वित्त आयोग की शुक्रवार को ही राष्ट्रीय कार्यशाला झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह हुई शामिल झारखंड की पंचायतों को 2026-27 से 2030-31 के बीच मिलेगी 14,231 करोड़ की राशि समय पर जारी हो अनुदानित राशि, परफॉर्मेंस ग्रांट पर उदारता दिखाए केंद्र सरकार - दीपिका पांडेय सिंह नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर मिलने वाली अनुदानित राशि को लेकर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह शामिल हुई। इस मौके पर उन्होंने 16 वें वित्त आयोग से मिलने वाली अनुदानित राशि को ससमय देने और परफॉर्मेंस ग्रांट में उदारता दिखाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि समय पर अनुदान राशि निर्गत नहीं होने से पंचायतों की विकास योजनाओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है। 16 वें वित्त आयोग से झारखंड की पंचायतों को 2026-27 से 2030-31 के बीच 14,231 करोड़ की राशि निर्गत होनी है। जिसमें ₹11,385 करोड़ बेसिक ग्रांट और ₹2,846 करोड़ परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल है। इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने 15 वें वित्त आयोग के तहत झारखंड को मिलने वाली बकाया राशि के भुगतान की माँग को मजबूती से रखा। इस मौके पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एवं केंद्रीय पंचायती राज्य मंत्री एस. पी. सिंह बघेल मौजूद रहें। राष्ट्रिय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि 16 वें वित्त आयोग की अनुशंसाएँ झारखंड के पंचायती राज संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आई हैं। यह राशि हमारे ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को सशक्त बनाने, स्थानीय विकास को गति देने और सेवा वितरण में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। लेकिन अवसर के साथ साथ कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जैसे पूर्व वित्त आयोगों की अप्रयुक्त राशि को लौटने का कोई प्रावधान नहीं बताया गया है और ना ही उस राशी के इस्तेमाल का कोई दिशा निर्देश दिया गया है। उक्त परिस्थिति में नई अनुदान राशि प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इसे लेकर केंद्र पंचायती राज विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि राशि का बेहतर उपयोग पंचायत स्तर पर हो सके। अपने संबोधन में मंत्री ने पंचायत कर्मियों को पूर्व से मिली आ रही राशि को 16 वें वित्त आयोग में भी जारी रखने की बात कही । उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर ऐसे कर्मियों की वजह से ही योजनाएं धरातल पर उतर पाती है । दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड जैसे राज्यों में पंचायतों की स्वयं के स्रोत से राजस्व संग्रहण क्षमता अभी सीमित है। इसलिए ऐसे मामलों में नरम रूख अपनाने की जरूरत है। वित्त आयोग का उद्देश्य राज्यों और पंचायतों को प्रोत्साहित करना होना चाहिए। प्रदर्शन आधारित अनुदानों में राज्यों की प्रारम्भिक परिस्थितियों और क्षमताओं को ध्यान में रखा जाए और पंचायतों को राजस्व संग्रहण, वित्तीय प्रबंधन एवं तकनीकी क्षमता निर्माण के लिए पर्याप्त सहयोग प्रदान किया जाए। झारखंड सरकार पंचायतों को मजबूत, वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर और जवाबदेह स्थानीय सरकारों के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय कार्यशाला में झारखंड पंचायती राज निदेशक बी. राजेश्वरी भी शामिल हुईं।
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बारिश से लौटी वलगणी मछली: कल्याण-भिवंडी-शहापूर में म fishermen की भीड़

Thane, Maharashtra:गेल्या काही दिवसांपासून दडी मारून बसलेल्या पावसाने अखेर जिल्ह्यात दमदार हजेरी लावली आहे. या पहिल्याच मोठ्या पावसामुळे कोरडे पडलेले नदी, नाले, तलाव आणि धरणे पाण्याने भरत आहेत. पाऊस लांबल्याने चिंतेत असलेला बळीराजा सुखावला असतानाच, दुसरीकडे खवय्यांसाठी आनंदाची बातमी आली आहे. नदी-नाल्यांना नवीन पाणी आल्यामुळे कल्याण , भिवंडी व शहापूर तालुक्यातील ग्रामीण भागात 'वलगणीचे' (अंडी देण्यासाठी कमी पाण्यात येणारे) मासे पकडण्याची लगबग युद्धपातळीवर सुरू झाली आहे. १ जूनपासून समुद्रातील मासेमारी कायदेशीररीत्या बंद झाल्यामुळे खवय्यांचे डोळे गोड्या पाण्यातील माशांकडे लागले होते. मात्र, जूनचा पंधरवडा उलटला तरी पाऊस नसल्याने जलस्रोत आटले होते आणि माशांची तीव्र टंचाई निर्माण झाली होती. आता पावसाच्या आगमनाने चित्र बदलले असून बाजारात आणि नदी-नाल्यांच्या काठावर शेतात गोड्या पाण्यातील माशांची मोठी मेजवानी सुरू झाली असून जागो जागी मासे पकडण्यासाठी खवय्यांची झुंबड उडाली आहे. सध्या मळे, शिवडा, वाम, पाती, खरवल आणि म्हूऱ्या यांसारखे मासे सापडत आहेत. स्थानिक लोक दिवसांदिवस, रात्री-अपरात्री आणि पहाटेच्या वेळी खूप मेहनतीने हे मासे पकडत आहेत. काय असते 'वलगण' किंवा 'उधवण'?.... पावस पडल्यानंतर नदी आणि खाडीतील पाणी वाढते. अशा वेळी मासे प्रजननासाठी नदीच्या प्रवाहाविरुद्ध पोहत शेतातील किंवा नदीकाठच्या कमी पाण्यात येतात. या प्रक्रियेला स्थानिक भाषेत 'वलगण' किंवा 'उधवण' म्हणतात. हे मासे चवीला अतिशय उत्कृष्ट असतात आणि त्यांच्या पोटात हमखास अंडी (गाबोळी किंवा पेर) सापडतात. हे वलगणीचे मासे पकडण्यासाठी सध्या गावागावांत अबालव वृद्धांची झुंबड उडाली आहे.
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कालू नदी प्रवाह फिर से शुरू, सात-आठ गाँवों में पानी सप्लाई शुरू, किसानों को राहत

Thane, Maharashtra:आनंदाची बातमी! अखेर काळू नदी झाली प्रवाहित, साते-आठ गावांची तहान भागणार... आनंदाची बातमी! महिनाभर कोरडी पडलेली काळाण ग्रामीण भागातील काळू नदी आता प्रवाहित झाली आहे. पावसाच्या दमदार हजेरीमुळे नदीला नवीन पाणी आलंय. त्यामुळे साते-आठ गावांच्या पाणी योजना पुन्हा सुरू होणार. काळ Winn तालुक्यातील पाणी टंचाई आता संपणार! गेल्या महिनाभरापासून उन्हामुळे कोरडी ठणठणीत पडलेली काळ Winn तालुक्याची जीवनवाहिनी काळू नदी अखेर प्रवाहित झाली आहे. मागील 2-4 दिवसांच्या मुसळधार पावसाने नदीच्या पात्रात पाणी वाढलंय. पात्रातील खळगे, डोह पुन्हा पाण्याने भरले आहेत. नदीला पाणी आल्याने ती प्रवाहीत झाली असं काठावरील विहिरी, बोअरवेलना देखील पाणी वाढलं आहे. टिटवाळा-गुरवली येथील केटी बंधाऱ्याचे सर्व दरवाजे खुले करण्यात आले आहेत. यामुळे शेतीसाठीही दिलासा मिळाला आहे. गावकऱ्यांच्या चेहऱ्यावर समाधान दिसतंय. काळू नदीवर आधारित काळ Winn तालुक्यातील फळेगांव, रूंदे, म्हस्कल, दहिवली, मढ, आडीवली, गुरवली, टिटवळा सात-आठ गावातील ग्रामपंचायत पाणीपुरवठा योजना गेल्या महिनाभरापासून बंद होत्या. नदी कोरडी पडल्याने पंप हाऊस बंद ठेवावे लागले होते. त्यामुळे गावांना पाणी टंचाईचा सामना करावा लागत होता. पण आता नदी प्रवाहित झाल्याने येथील पाणी योजना पुन्हा कार्यान्वित होणार आहेत. तसेच टिटवाळा येथील महानगरपालिका प्रशासनाची पाणी योजना ही 29 मे पासून बंद होती, ती देखील कार्यान्वित होणार असल्याने टिटवाळाकरांना देखील नियमित पाणीपुरवठा सुरू होईल. पाणी टंचाईचा प्रश्न आता कायमचा मिटणार आहे. काळू नदीला पाणी आलं, गावं हसली! पाऊस पडला, नदी वाहिली, तहान भागली. पण लक्षात ठेवा - पाणी आलं म्हणून पाणी वाया घालवू नका. काळू नदीचं पाणी जपा, उद्याची तहान वाचवा. कल्याण तालुक्यातून आनंदाची बातमी!
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राम मंदिर दान चोरी केस: सधना मिश्रा ने बेगुनाही का दावा, निष्पक्ष जाँच की मांग

Noida, Uttar Pradesh:Ayodhya (Uttar Pradesh): Sadhana Mishra (Relative Of Rameshankar Mishra, Accused) On Accused In Ram Mandir Donation Theft Case Claims Innocence, Demands Fair Probe प्लीज हमें बताएं कि रामाशंकर मिश्रा राम मंदिर में कितने समय से काम कर रहे हैं? उन्हें छह साल हो गए हैं। इससे पहले उन पर कोई आरोप नहीं लगा था। कभी नहीं। क्या आपको लगता है कि रामाशंकर मिश्रा बेगुनाह हैं, या राम मंदिर में हुई चोरी से उनका कोई लेना-देना है? क्या छापेमारी के दौरान कोई सामान या पैसे बरामद हुए? अब हम सरकार से मांग करते हैं कि पता लगाया जाए कि क्या इसमें कोई बड़े लोग शामिल हैं। अच्छी तरह से जांच हो, और फिर दोषियों को सज़ा दी जाए और बेगुनाहों को बरी किया जाए। वह वहां छह साल से काम कर रहे हैं, और पहले कोई आरोप नहीं लगा था। चोरी की घटना हाल ही में, लगभग एक महीने पहले सामने आई। जहाँ तक ​​चल रही जांच की बात है, तो सच सामने आने पर हम उसके नतीजों को मानेंगे। रामाशंकर जी के बारे में आप क्या सोचती हैं?
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