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पटना: चार मंत्रिमंडल फैसलों से स्थानीय विकास की राह साफ

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर चार प्रमुख कैबिनेट निर्णय की जानकारी दी। 1. बक्सर केंद्रीय जेल परिसर में स्थित भगवान वामन मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि मंदिर की जमीन को अलग से चिन्हित कर उसकी चहारदीवारी बनाई जाएगी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी और श्रद्धालुओं के लिए आने-जाने की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। इस फैसले से मंदिर के विकास का रास्ता साफ हो गया है। 2. राज्य के 31 बस स्टैंडों को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट ने PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर काम करने की मंजूरी दी है। इस योजना में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी, किशनगंज समेत कई जिलों के बस स्टैंड शामिल हैं। इन बस स्टैंडों पर आधुनिक वेटिंग हॉल, पार्किंग, साफ-सफाई, डिजिटल सुविधाएं, दुकानें और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। 3. राज्य में 5 नए केंद्रीय विद्यालय (KV) खोलने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए कैबिनेट ने हर विद्यालय के लिए 5-5 एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध कराने को मंजूरी दे दी है। ये नए केंद्रीय विद्यालय पूर्णिया, राजगीर (नालंदा), शेखपुरा, मधेपुरा और मधुबनी में खोले जाएंगे। इन स्कूलों के खुलने से छात्रों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई का माहौल मिलेगा। 4. 20 जुलाई 2026 से 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – 1000 वर्ष की अटूट आस्था' के अवसर पर बिहार के करीब 1100 श्रद्धालुओं के लिए दो दिवसीय सोमनाथ यात्रा आयोजित की जाएगी। इस यात्रा के सफल और व्यवस्थित आयोजन के लिए बिहार कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
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झुंझुनूं: शराब ठेकेदार पर हमला—दो आरोपी को 5-5 साल कैद

Jhunjhunu, Rajasthan:शराब ठेकेदार पर हमला करने के दो आरोपियों को 5-5 साल की सजा 2021 में हफ्ता मांगने को लेकर किया था जानलेवा हमला हफ्ता देने से मना करने पर सरियों और लाठियों से की थी मारपीट अपर जिला एवं सेशन न्यायालय-1 ने सुनाया फैसला लोक अभियोजक सुरेखा ने 19 गवाह और 35 दस्तावेज किए पेश आरोपी सुनील ख्यालिया और कपिल जाखड़ को ठहराया दोषी झुंझुनूं के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय-1 ने शराब ठेकेदार पर हमला करने के मामले में दो आरोपियों को दोषी मानते हुए 5-5 साल के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया है। मामले के अनुसार 12 जून 2021 को हांसलसर निवासी विजेंद्र सिंह ने बीडीके अस्पताल में पर्चा बयान दिया था। बयान में बताया गया कि उसके गांव स्थित शराब ठेके पर बासड़ी निवासी सुनील ख्यालिया, उदावास निवासी कपिल देव जाखड़ तथा उनके साथ अन्य लोग कैंपर और पिकअप वाहन में आए। आरोपियों ने वहां पहुंचते ही महीने का हफ्ता मांगा। मना करने पर लोहे की सरियों, पाइपों और लाठियों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से फरार हो गए। मामले में पुलिस ने आरोपी सुनील और कपिल को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक सुरेखा ने 19 गवाहों के बयान करवाए और 35 दस्तावेज न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सेशन न्यायश‑ विनोद कुमार बागड़ ने आरोपी सुनील कुमार और कपिल जाखड़ को दोषी मानते हुए 5-5 साल के कारावास की सजा सुनाई。
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आलनिया ग्रामीण शिविर में कल्पना देवी ने वन विभाग को फटकार, बाधाओं पर कड़ा कदम

Kota, Rajasthan:KOTA आलनिया में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में औचक निरीक्षण करने पहुंची विधायक कल्पना देवी, विधायक कल्पना देवी ने वन विभाग के अधिकारियों को लगाई फटकार, ग्रामीणों के कार्यों में अड़चन लगाने पर अधिकारियों पर विधायक के तीखे बोल, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्यवाही के लिए निर्देश,जबकि ग्रामीणों के हितों से जुड़े कार्यों में अनावश्यक बाधा नहीं पहुंचाए अधिकारी, PM आवास योजना के अंतर्गत मकान निर्माण की NOC नहीं देने, टंकी निर्माण रुकवाने जैसी समस्याओं पर मांगे जवाब, SDM गजेंद्र सिंह,BDO शैलेश रंजन, प्रधान हेमंत यादव रहे मौजूद, ADM द्वारा स्वीकृत टंकी निर्माण को लेकर दिखा लापरवाही,
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दिल्ली में EV नीति 2.0 लागू, 75 EV गाड़ियाँ पार्किंग में धूल फांक

New Delhi, Delhi:दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने नई ईवी पॉलिसी 2.0 लागू कर दी है, सरकार लोगो से अपील कर की इलेक्ट्रिक वाहन ख़रीदे, लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपनाने के लिए सब्सिडी और टैक्स छूट दे रही है, लेकिन इसके विपरीत एक तस्वीर वो भी है जहाँ 75 से 80 इलेक्ट्रिक गाड़िया धूल फांक रही है दिल्ली में आज से नई EV पॉलिसी लागू हुई है। लेकिन EV को लेकर सरकारी महकमा कितना गंभीर है इसका एक उदाहरण दिल्ली नगर निगम में देखने को मिला है। दिल्ली नगर निगम मुख्यालय की पार्किंग में तकरीबन 75 से EV कार पिछले दो साल से धूल फांक रही है। 2017- 18 में MCD ने एक प्राइवेट कंपनी के साथ EV गाड़ियों का कॉन्ट्रैक्ट किया। इसके तहत 2018 से 2024 तक तकरीबन 80 EV कार MCD को मिली। कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक अगर पूरा पेमेंट हो जाता तो 2024 के बाद ये गाड़ियाँ MCD को मिल जाती है। लेकिन MCD और प्राइवेट कंपनी के बीच पैसे को लेकर कुछ विवाद हुआ। जिसकी वजह से 2024 में कॉन्ट्रैक्ट तो खत्म हो गया लेकिन MCD को गाड़ियों का हैंड ओवर नहीं मिला। तभी से ये गाड़ियाँ MCD मुख्यालय की पार्किंग में धूल फांक रही है। दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के आरोप लगाया है कि EV पॉलिसी के नामपर बीजेपी सिर्फ दिखाबा कर रही गई। अगर ऐसा नहीं होता तो जनता के पैसों से खरीदी गई ये करोड़ों की गाड़ियाँ पार्किंग में सड़ती नहीं। दरअसल ये गाड़िया MCD के अधिकारी और कर्मचारियों के लिए खरीदी गई थी। दिल्ली में शुरुआती दोनों में जब EV आयी थी तभी ये गाड़िया MCD ने खरीदी थी। यही वजह है कि अधिकांश गाड़ियों का नम्बर प्लेट भी आपको वाइट एंड ब्लैक में नज़र आएगा। जबकि बाद में EV गाड़ियों का नम्बर प्लेट ग्रीन और वाइट कर दिया गया था। इन गाड़ियों में बैटरी बैकअप भी सिर्फ 100 किलोंमिटर का ही है। ये भी एक बड़ी वजह है कि करोड़ों की गाड़िया रखे रखे सड़ रही है। इस बारे में जब हमने दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही से बात की तो उन्होंने बटिया की पार्किंग में जो इलेक्ट्रिक गाड़िया खड़ी है वह पूरी EV नहीं है लेकिन जिस कंपनी से जो कॉन्ट्रैक्ट था उसमें कुछ भी खामिया नजर आई, क्योंकि बाद में उन्होंने गाड़ी का किराया बढ़ा दिया जो चल भी नहीं पा रही थी जिससे विवाद हो गया था। अब दुरुस्त किया जा रहा है इसपर संज्ञान लेंगे। AAP की भी सरकार रही है उन्होंने क्या किया।
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Bareilly Cantt: पहली कार्बन निगेटिव छावनी, TERI के अनुसार सालाना 60,000 टन CO2 सोखती

Bareilly, Uttar Pradesh:वृक्षों को संजोने और कूड़ा प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रयास कर बरेली छावनी परिषद ने पर्यावरण संरक्षण में अहम सफलता अर्जित की है। छावनी परिषद बरेली देश का पहला कार्बन निगेटिव छावनी बन गया है। TERI (ट्री- एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट) के वैज्ञानिकों ने छावनी क्षेत्र में हर वर्ष 60,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर कार्बन सोखने की क्षमता (कार्बन सिंक) का दावा किया है। इसके पीछे क्षेत्र में घने जंगल, विशाल हरित पट्टियां (ग्रीन बेल्ट), वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से हर दिन 35 से 40 टन कचरे से प्रतिदिन ग्रीन एनर्जी (बिजली और बायो-सीएनजी) का उत्पादन कर इसे कार्बन-न्यूट्रल से आगे ले जाकर निगेटिव श्रेणी में लाते हैं। जल संरक्षण और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाकर सीवर और नालों के पानी को शोधित किया जा रहा है। TERI की रिपोर्ट के अनुसार छावनी के पूरे इकोसिस्टम का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया है। TERI की टीम ने जमीन के ऊपर और नीचे मौजूद बायोमास और मिट्टी के नमूनों की जांच में पाया कि, मिट्टी और घने वृक्षों की उच्च कार्बन सोखने की क्षमता के कारण यह क्षेत्र सालाना 60,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण से कम करता है।
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बक्सर बारिश के बीच परीक्षा प्रश्नपत्र पानी में बहे: विभाग पर उठे सवाल

Buxar, Bihar:बक्सर में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने शिक्षा विभाग की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। बारिश के दौरान विभाग द्वारा रखे गए परीक्षा प्रश्नपत्रों के बंडल पानी में बहते नजर आए। इसका वीडियो किसी स्थानीय व्यक्ति ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। वायरल वीडियो में प्रश्नपत्रों के बंडल पानी में भीगते और बहते दिखाई दे रहे हैं। जिससे प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रखरखाव को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। बताया जा रहा है कि 9वी,10वी और 12वी क्लास के परीक्षा के प्रश्नपत्र शिक्षा विभाग द्वारा बक्सर शिक्षा विभाग को भेजा गया था। मामले के सामने आने के बाद बक्सर प्रशासन हरकत में आ गया। बक्सर एसडीएम अविनाश कुमार ने घटना का संज्ञान लेते हुए जांच की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को सौंप दी है। एसडीएम ने कहा कि जांच में यदि प्रश्नपत्रों के रखरखाव में किसी अधिकारी या कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के बाद शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं और संवेदनशील दस्तावेजों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
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