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ArdhchandradhariTripathiArdhchandradhariTripathiFollow8 Jan 2025, 05:37 pm

गोरखपुरः स्थानीय लोगों ने लगाए आरोप, नगर पंचायत क्षेत्र ना होने से खजनी का नहीं हो रहा विकास

Khajani, Uttar Pradesh:

खजनी तहसील को अस्तित्व में आए 40 वर्ष हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीर बहादुर सिंह के कार्यकाल में खजनी तहसील बनी जो कि 769 से अधिक गांवों वाली जिले की सबसे बड़ी तहसील है। जिले में कुल 7 तहसीलें हैं, सभी 6 तहसीलें नगर पंचायत क्षेत्र हैं। किंतु खजनी को नगर पंचायत क्षेत्र का दर्जा नहीं मिल पाया है। लोगों का कहना है कि खजनी क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री का गृह जनपद होने के बाद भी खजनी विकास की किरणों से दूर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पंचायत ना होने से हजारों की आबादी वाले कस्बे में लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

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अल्मोड़ा में मतदाता सूची पुनरीक्षण: 98,529 नोटिस जारी, 72 एईआरओ तैनात

Almora, Uttarakhand:अल्मोड़ा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 98,529 मतदाताओं को अलग-अलग गड़बड़ियों के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में इसकी समीक्षा की गई। जिले की छह विधानसभा सीटों में कुल 4,71,938 मतदाता हैं, जिनमें करीब 21 फीसदी को नोटिस जारी हुए हैं। अल्मोड़ा में सबसे अधिक 19,266, सल्ट में 18,668 और जागेश्वर में 17,557 मतदाताओं को नोटिस दिए गए हैं। द्वाराहाट में 16,962, सोमेश्वर में 14,056 और रानीखेत में 12,020 मतदाताओं को नोटिस जारी हुए हैं। इन मामलों की सुनवाई 29 जुलाई से तीन सितंबर तक अलग-अलग चरणों में की जाएगी। सुनवाई के लिए जिले के 949 मतदान केंद्रों पर व्यवस्था की गई है और 72 एईआरओ तैनात किए गए हैं। अब तक 50,478 नोटिस बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि शेष नोटिस पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। नोटिस से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान जरूरी दस्तावेजों के आधार पर जांच और सत्यापन किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने संबंधित मतदाताओं से तय तारीख पर सुनवाई स्थल पहुंचकर अपना पक्ष रखने और राजनीतिक दलों से प्रक्रिया में सहयोग की अपील की।
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Bareilly में सावन के कांवड़ शिविरों के लिए सुरक्षा तैयारियाँ, ड्रोन और CCTV निगरानी

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली मंडल में सावन मास में कावरियों के लिए अभेध सुरक्षा की तैयारियों को किया गया, पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि दिन रात कावरियों को सुरक्षित माहौल मुहैया कराया जाए, इसको लेकर पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र अजय साहनी ने एक प्रेसवार्ता कर अपनी तैयारियों का खाका आज मीडिया के समझ पेश किया, डीआईजी अजय साहनी के मुताबिक सभी कांवड़ शिविरों के लिए अनुमति अनिवार्य होगी। शिविर सड़क से पर्याप्त दूरी पर लगाए जाएंगे और कांवड़ स्टैंड सड़क से दूर बनेंगे।शिविरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे (ताकि कांवड़ खंडित करने या थूकने जैसी घटनाओं को रोका जा सके। ड्यूटी कर रहे महिला कांवड़ियों के लिए शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं (वाशरूम रेस्ट रूम आदि) सुनिश्चित की जाएंगी। आग से बचाव (Anti-fire) हेतु किचन में अनिवार्य रूप से टीन शेड का प्रयोग किया जाये, साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार कछला घाट पर एक थाना भी बनाया जाएगा साथ ही प्रयागराज की तर्ज फ्लोटिंग प्लेटफार्म भी तैयार किया जाएगा, कावरियों को लेकर पब्लिक अड्रेसिंग सिस्टम की भी मदद ली जाएगी, इतना ही नही इस बार कावरियों की ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जाएगी
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मंडला के बम्हनी बंजर केंद्र में दवाइयां एक्सपायर, लाखों का सरकारी नुकसान

Mandla, Madhya Pradesh:मंडला जिले के बम्हनी बंजर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दवा स्टोर में जरूरतमंद और गरीब मरीजों के लिए खरीदी गई दवाइयां एक्सपायर हो जाने की खबर सामने आई है. आरोप है कि दो फार्मासिस्टों के बीच स्टोर का चार्ज लेने-देने के विवाद के कारण दवाइयों की सही प्रबंधन नहीं हो सकी, जिससे लाखों रुपये की सरकारी दवाइयां बेकार हो गईं. स्वास्थ्य विभाग अब जांच और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कर रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि लाखों रुपये के दवाइयों के नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा और दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी. स्थानीय स्तर पर कहा जा रहा है कि दवाइयों के प्रदर्शन और वितरण में देरी के कारण उनकी एक्सपायरी हो गई.
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गया जंक्शन पर बोल बम की गूंज, कांवरियों का देवघर रवाना

Gaya, Bihar:गया जंक्शन पर गूंजा 'बोल बम' का जयकारा, कांवरियों का जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए हुआ रवाना श्रावणी मेला के पावन अवसर पर बुधवार को गया जंक्शन पूरी तरह शिवमय नजर आया. स्टेशन परिसर "बोल बम", "हर-हर महादेव" और "बाबा नगरी देवघर" के जयघोष से गूंज उठा. बड़ी संख्या में कांवरियों का जत्था गया से देवघर के लिए रवाना हुआ. भगवा वस्त्र धारण किए श्रद्धालुओं में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. गया जंक्शन पर सुबह से ही कांवरियों की भीड़ जुटने लगी थी. श्रद्धालु अपने साथ कांवर, पूजन सामग्री और जरूरी सामान लेकर ट्रेन का इंतजार करते दिखे. ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने "बोल बम" के जयकारे लगाए, जिससे पूरा स्टेशन भक्तिमय वातावरण में रंग गया.
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मोबाइल बना 'क्लासरूम', 600 से अधिक ग्रामीण विद्यार्थियों ने सीखे फिल्म निर्माण के गुर

Vishnu LoharVishnu LoharFollow14m ago
Awarda, Rajasthan:सोमरंजन फाउंडेशन द्वारा बुबुगाओ कम्युनिकेशन (वीवो राजस्थान) के सीएसआर सहयोग से आयोजित 'फिल्म-इन-एजुकेशन' स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत झाड़ोल क्षेत्र के तीन विद्यालयों में 600 से अधिक विद्यार्थियों को मोबाइल फिल्ममेकिंग और डिजिटल कंटेंट निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों ने कैमरा एक्टिंग, स्टोरीटेलिंग, वीडियो निर्माण, फ्रेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, पब्लिक स्पीकिंग और डिजिटल साक्षरता जैसे विषयों की व्यावहारिक जानकारी हासिल की। जयपुर से आए फिल्म निर्माता नवीन शर्मा, अभिनेत्री मौलश्री, प्रशिक्षक सुनाक्षी और दिव्यांश ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व सोमरंजन फाउंडेशन की डायरेक्टर डॉ. बेला मलिक ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को रचनात्मकता, आत्मविश्वास और डिजिटल कौशल के महत्व से अवगत कराया। समापन पर विद्यालय परिवार ने आयोजकों और प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए नई तकनीक और बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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गुरुपूर्णिमा पर संत-महात्माओं का गुरुवंदन, सरकार ने किया सम्मान

Dungarpur, Rajasthan:एंकर इंट्रो - चौरासी (डूंगरपुर) - गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की ओर से प्रदेशभर में संत-महात्माओं और विभिन्न धार्मिक धामों के महंतों का गुरुवंदन कर अभिनंदन किया गया। इसी कड़ी में डूंगरपुर जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गोविंद गुरु की जन्मस्थली धुनी मगरी धाम बांसिया और सादड़िया में संतों का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान संतों को गुरु वंदन सामग्री भेंट करने के साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संदेश भी सौंपा गया और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की गई। देवस्थान विभाग की ओर से आयोजित इस गुरु वंदन कार्यक्रम के तहत धुनी मगरी धाम बांसिया में महंत गिरवर गिरी महाराज का सम्मान किया गया। सादड़िया स्थित भाथीजी मंदिर में महंत खातू महाराज का गुरुवंदन किया गया। विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री के तहत संतों को शॉल, श्रीफल, मिठाई और फल भेंट किए गए। अधिकारियों व जनप्रतिनिधाओं ने संतों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संदेश उन्हें सौंपा। कार्यक्रम में देवस्थान विभाग के प्रतिनिधि के रूप में सीमलवाड़ा तहसीलदार राजकुमार सारेल मौजूद रहे। वहीं, जनप्रतिनिधियों में प्रधान कारीलाल ननोमा, ईश्वरलाल लबना, गुणवंत कलाल, रेखा देवी रोत, गलियाकोट प्रधान जयप्रकाश पारगी, रतन सिंह चौहान, महिपाल सिंह राठौड़, लोकेंद्र सिंह चौहान और भानुप्रताप पारगी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। राज्य सरकार के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की समृद्ध संत परंपरा, धार्मिक विरासत और आध्यात्मिक संस्कृति को संरक्षित करना है। संतों ने सदैव समाज को सद्भाव, सेवा और सही मार्गदर्शन का रास्ता दिखाया है। इस गुरु वंदन के माध्यम से सरकार ने गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
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बाराबंकी में बाबा का बुलडोजर: अवैध साइलेंसर पर कार्रवाई, ध्वनि प्रदूषण पर सख्त संदेश

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- बाबा का बुलडोजर चला... मॉडिफाइड साइलेंसर, लाउडस्पीकर और हूटर हुए चकनाचूर, शरारती तत्वों में हड़कंप -उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बाबा का बुलडोजर चर्चा में है। इस बार बुलडोजर अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर नहीं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर और लाउडस्पीकरों पर चला। बाराबंकी पुलिस ने विशेष अभियान के तहत जब्त किए गए सैकड़ों सामान को जेसीबी से सार्वजनिक रूप से नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई से नियम तोड़ने वालों और शरारती तत्वों में हड़कंप मच गया। -बाराबंकी के पटेल तिराहे पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में वाहनों से उतारे गए सैकड़ों अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर और दर्जनों लाउडस्पीकरों पर 'बाबा का बुलडोजर' चला। जेसीबी से इन सभी सामानों को सार्वजनिक रूप से नष्ट कर यह संदेश दिया गया कि ध्वनि प्रदूषण और यातायात नियमों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाने वाले वाहन चालकों के साथ-साथ तेज आवाज में अश्लील और भड़काऊ गाने बजाने वालों को भी सख्त चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। -यातायात प्रभारी रामयतन यादव ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लगातार विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर जब्त किए जा रहे हैं। आगे भी नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं बाराबंकी पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर भी 'बाबा का बुलडोजर' चलेगा। पुलिस का कहना है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।
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राजस्थान में बाघों की संख्या 149 पहुंची, नई चुनौतियाँ सामने

Jaipur, Rajasthan:जयपुर- कभी राजस्थान में बाघों का अस्तित्व संकट में था… लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर खुशखबरी ये है कि प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़कर 149 हो गई है. रणथम्भौर, सरिस्का, रामगढ़ विषधारी, मुकुंदरा हिल्स और धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस साल प्रदेश की 54 बाघिनों ने 53 शावकों को जन्म दिया है. सबसे ज्यादा 28 शावकों का जन्म सरिस्का में हुआ. वहीं रणथम्भौर अब भी प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर होम बना हुआ है। राजस्थान बना ‘बाघस्थान’ कुल बाघ – 149 पिछला साल – 135 एक साल में बढ़े – 14 बाघ वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि जंगल स्वस्थ हो रहे हैं. रणथम्भौर देश के सबसे सफल टाइगर रिजर्व में गिना जाता है, जहां बाघों का सर्वाइवल रेट करीब 80 प्रतिशत है. लेकिन इस सफलता के साथ नई चुनौती भी सामने है. रणथम्भौर में अब बाघों की संख्या उसकी प्राकृतिक क्षमता से ज्यादा हो चुकी है. युवा बाघ नए इलाकों की तलाश में मुकुंदरा, रामगढ़ विषधारी और मध्यप्रदेश तक पहुंच रहे हैं। कहां कितने बाघ? रणथम्भौर – 72 सरिस्का – 56 इस साल जन्मे शावक – 53 सबसे ज्यादा शावक – सरिस्का (28) गांवों का पुनर्वास जरूरी- रणथम्भौर की सबसे चर्चित बाघिन ‘मछली’ की विरासत आज भी जिंदा है. उसके वंशजों ने सरिस्का, मुकुंदरा और रामगढ़ विषधारी में बाघों की नई आबादी बसाने में अहम भूमिका निभाई. मछली’ की विरासत ये है इसने 18 शावकों को जन्म दिया. 2013 में डाक टिकट जारी हुआ. जोगी महल में स्मारक बना. इसके बाद “मछली पुरस्कार” की शुरुआत हुई।
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राजस्थान में बाघों की संख्या 149 पहुंची, बाघस्थान बन गया

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान बना बाघस्थान, कभी 18 से 20 बाघों तक सिमटे राजस्थान में अब आंकड़ा 149 तक पहुंचा। जयपुर- कभी राजस्थान में बाघों का अस्तित्व संकट में था… लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर खुशखबरी ये है कि प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़कर 149 हो गई है. हालांकि इस सफलता के साथ अब नई चुनौतियां भी सामने हैं। देखिए खास रिपोर्ट… बाघों की दहाड़ से गूंजा राजस्थान- कभी राजस्थान में बाघों का अस्तित्व 18-20 तक सिमटा था… आज 149 बाघों की दहाड़ से गूंज रहा है। रणथम्भौर, सरिस्का, रामगढ़ विषधारी, मुकुंदरा हिल्स और धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस साल प्रदेश की 54 बाघिनों ने 53 शावकों को जन्म दिया है। सबसे ज्यादा 28 शावकों का जन्म सरिस्का में हुआ। वहीं रणथम्भौर अब भी प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर होम बना हुआ है।
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