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Mohammad WasimMohammad WasimFollow13 Sept 2024, 01:03 pm

वक्फ संशोधन बिल के विरोध में जुम्मे की नमाज के बाद शहर की मस्जिदों में कराया गया क्यूआर कोड स्कैन

Burhanpur, Madhya Pradesh:

बुरहानपुर में मुस्लिम समुदाय ने वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। जुम्मे की नमाज के बाद शहर की 200 से अधिक मस्जिदों में QR कोड स्कैन कराकर बिल के विरोध में अपनी राय दर्ज कराई गई। युवाओं ने मस्जिदों के गेट पर खड़े होकर नमाज पढ़ने वाले लोगों से QR कोड स्कैन कराया। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हुआ व JMC कमेटी के पास भेजा गया। सरकार ने बिल पर आम लोगों से राय मांगी है, जिसे मुस्लिम समुदाय ने इस क्यूआर कोड के माध्यम से व्यक्त किया।

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हुगली के बुजुर्ग की गुमशुदगी: 13 दिन से तलाश जारी

Chinsurah, West Bengal:স্ত্রিেকে হাসপাতালে ভর্তি করে বেপাত্তা বৃদ্ধ! তেরো দিন ধরে কোনো খোঁজ নেই। খুঁজে পেতে পুলিশের দ্বারস্ত পরিবার।দুশ্চিন্তা বাড়ছে। হুগলির ব্যান্ডেল বলাগড় এলাকার বাসিন্দা কমল ঘোষ(৭০)।ব্যান্ডেল চার্চের কাছে এক সময় ফটো বাঁধানো কাজ করতেন।বৃদ্ধের স্ত্রী রীতা ঘোষকে গত ২৮ সেপ্টেম্বর চুঁচুড়া ইমামবাড়া হাসপাতালে ভর্তি করেন।শ্বাসকষ্ট হওয়ায় নিজেই স্ত্রীকে ভর্তি করতে নিয়ে যান。 হাসপাতাল থেকে আর বাড়ি ফেরেননি्। দুদিন কেটে গেলেও স্বামী তাকে দেখতে হাসপাতালে না যাওয়ায় একজনের থেকে ফোন নিয়ে পাশের বাড়িতে ফোন করেন রীতা ঘোষ。 জানতে পারেন বাড়ি তালা দেওয়া。 হাসপাতাল থেকে বাড়ি ফেরেননি স্বামী。 হাসপাতাল ছুটি দিলে বাড়ি ফিরে আসেন রীতা ঘোষ।আত্মীয়দের জানিয়েছেন,চুঁচুড়া থানায় গিয়ে নিখোঁজের দায়রি করেন。 তেরো দিন পর এখনো বৃদ্ধের কোনো খবর নেই।দুশ্চিন্তার পাশাপাশি কোথায় গেলেন কেন গেলেন তা বুঝে উঠতে পারছে না পরিবার。 পুলিশ বৃদ্ধের খোঁজ শুরু করেছে।নিখোঁজের কাছে কোনো ফোন না থাকায় খুঁজতে সমস্যা হচ্ছে বলে জানা গেছে।
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गोविंदपुर में अतिक्रमण हटाने से जाम समस्या में राहत की उम्मीद

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद के गोविंदपुर में एलिवेटेड फ्लाईओवर निर्माण कार्य और भारी वाहनों के दबाव के कारण लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई है। हालात ऐसे हो रहे थे कि एंबुलेंस तक घंटों जाम में फंस रही थीं। इसके अलावा लोगों की फ्लाइट छूटने और छात्रों की परीक्षाओं में देरी जैसी शिकायतें भी सामने आ रही थीं। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कदम उठाया। डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार खुद सड़क पर उतरे और एनएच-19 के किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की निगरानी की। इस दौरान बुलडोजर चलाकर सड़क पर बने चबूतरों, दुकानों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और आम लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिलाना है। डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी ने कहा कि ट्रैफिक को लेकर जिला प्रशासन गम्भीर है। दुर्गापूजा को देखते हुए विभिन्न क्षेत्र के sड़क को ठीक करने का निर्देश दिया गया है। गोविंदपुर में जाम लग रही है। अतिक्रमण को हटाया जा रहा है।
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लुटुआ थानेदार की वर्दी में रील वायरल: पत्नी के साथ डांस-सीन पर हंगामा

Gaya, Bihar:पत्नी संग रोमांटिक रील, खाकी में टशन, भोजपुरी-हरियाणवी गानों पर लुटुआ थानेदार का वीडियो वायरल वर्दी में रोमांटिक अंदाज बैकग्राउंड में भोजपुरी गाना और कार चलाते हुए हरियाणवी धुन पर टशन, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने गया पुलिस की कार्यशैली और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला जिले के लुटुआ थाने से जुड़ा है, जहां थानाध्यक्ष संटू कुमार के कथित तौर पर वर्दी में रील बनाने और बिना सीट बेल्ट कार चलाने के वीडियो सामने आने की चर्चा है। वीडियो में उनकी पत्नी भी नजर आ रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वायरल बताए जा रहे एक वीडियो में लुटुआ थानाध्यक्ष संटू कुमार पुलिस की वर्दी में एक महिला के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं। महिला को उनकी पत्नी बताया जा रहा है। वीडियो में पीछे भोजपुरी गाना बज रहा है और थानाध्यक्ष मुस्कुराते हुए रील बनवाते दिखाई देते हैं। दावा है कि ऐसे वीडियो उनके घर और वाहन में बनाए गए हैं तथा सोशल मीडिया पर साझा किए गए हैं। वीडियो सामने आने के बाद वर्दी के इस्तेमाल और पुलिसकर्मियों से अपेक्षित अनुशासन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आम लोगों को कानून का पालन करने की सलाह देने वाले पुलिसकर्मियों के सार्वजनिक व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दूसरे वीडियो में थानाध्यक्ष पुलिस की वर्दी में कार की ड्राइविंग सीट पर बैठे नजर आते हैं। वीडियो में वह बिना सीट बेल्ट लगाए गाड़ी चलाते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान बैकग्राउंड में हरियाणवी गाना मेरो बलम छानेदार चलावे जीप सी... बजता सुनाई देता है। कार में छोटे बच्चे भी बैठे दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में मामला सिर्फ यातायात नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करता है। सीट बेल्ट का इस्तेमाल वाहन चालक और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। खाकी वर्दी को जिम्मेदारी अनुशासन और कानून के सम्मान का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में वर्दी में सोशल मीडिया रील और यातायात नियमों की कथित अनदेखी पुलिसकर्मियों के आचरण पर सवाल खड़े करती है। इस संबंध में पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि वीडियो का सत्यापन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वायरल वीडियो अभी प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में अब वीडियो की सत्यता की जांच और पुलिस विभाग की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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बलिया नगर परिषद के पोल से तीन साल की माहिरा की मौत, कार्रवाई मांग

Begusarai, Bihar:बलिया नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 22 में शनिवार की सुबह विद्युत प्रवाहित झूमर लाइट के पोल की चपेट में आने से तीन वर्षीय बच्ची की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान वार्ड संख्या 22 निवासी मोहम्मद सिकंदर की पुत्री माहिरा के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। परिजनों के अनुसार, वार्ड संख्या 22 में झूमर लाइट का पोल लगाया गया है। बताया गया कि पोल में बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा था। शनिवार की सुबह खेलने के दौरान माहिरा अचानक पोल के संपर्क में आ गई। करंट की चपेट में आने से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मृतका की मां गुलनाज खातून का रो-रोकर बुरा हाल था। माहिरा तीन बहनों में मंझली थी। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद शहजादुज्जमा उर्फ सैफी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग मृतका के शव के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। सूचना मिलने पर बलिया थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं, अंचलाधिकारी आकाश कुमार ने भी घटना की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला की जानकारी मिलने पर एसडीएम आईएएस अजय यादव नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली और बिजली विभाग के दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। मौके पर वार्ड पार्षद करण कुमार, अविनाश कुमार और मोहम्मद सैफ आलम सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। तीन वर्षीय बच्ची की मौत के बाद क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो。
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उदयपुर में नौ दिनों तक नवरात्रि: 60 फीट ऊंचे मंच पर माता रानी विराजमान

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर में नवरात्रि का पावन पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाएगा। शहरवासी 9 दिन तक शक्ति की भक्ति की रंग में रंगे नजर आएंगे। नवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में चल रही गए। शहर में जगह जगह माता के भव्य पंडाल बनाए जा रहे है। जहां 9 दिन तक डांडिया का आयोजन किया जाएगा। कुछ ऐसी ही तैयारी शहर के सुथार वाड़ा इलाके में भी चल रही है। जहां 60 फीट ऊंचे मंच पर माता रानी विराजित होंगी। बीते 35 साल से हो रहे इस आयोजन को लेकर भक्तो में काफी उत्साग नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि तीन दिन में पांडाल का पूरा डेकोरेशन बदला जाएगा और विभिन्न अनुष्ठनों का आयोजन होगा。
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100 दिन में शहरी निकायों के लिए 500 करोड़ की सुधार योजना

Jaipur, Rajasthan:जयपुर प्रदेश के शहरी निकायों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना तैयार की जा रही है. इसी सिलसिले में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जयपुर विकास प्राधिकरण के चिंतन सभागार में समीक्षा बैठक की. बैठक में दीपावली से पहले शहरों में साफ-सफाई, स्वच्छता, लाइटिंग और सड़क मरम्मत सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया गया. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले दिनों शहरी निकायों को लेकर 100 दिन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे. इसी के तहत अधिकारियों से तैयारियों का फीडबैक लिया गया. मुख्य सचिव ने कहा कि 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत प्रदेश के शहरी निकायों में करीब 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. उन्होंने सभी निकायों को निर्धारित समय में कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. सोमवार तक सभी निकायों की ओर से अपना एक्शन प्लान दिया जाएगा. इसके बाद प्रदेश के सभी 10,245 वार्डों के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि शहरों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास और व्यवस्थाओं में सुधार के काम कराए जा सकें। स्थानीय स्वशासन विभाग के सचिव ने बताया कि बैठक में प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के आयुक्त जुड़े. शहरों की सफाई, लाइटिंग और सड़कों की स्थिति सुधारने सहित विभिन्न कार्यों को लेकर तैयार की जा रही 100 दिवसीय कार्ययोजना पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में आयुक्त सहित संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे. अब सभी निकायों की ओर से एक्शन प्लान प्रस्तुत किए जाने के बाद वार्डवार कार्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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सुंधा माता मंदिर: आस्था, इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम

Jalore, Rajasthan:आस्था, इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम है सुंधा माता मंदिर सुंधापर्वत की वादियों में विराजमान चामुंडा माता के दर्शन के लिए उमड़ते हैं श्रद्धालु, रोप-वे और प्राकृतिक सौंदर्य बनाते हैं तीर्थ को खास जालोर। राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा तहसील क्षेत्र में अरावली पर्वतमाला की सुरम्य वादियों में स्थित सुंधा माता मंदिर जन-जन की आस्था का प्रमुख केंद्र है। समुद्र तल से करीब 1220 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह प्राचीन मंदिर धार्मिक मान्यताओं, ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम है। चारों ओर फैली हरियाली, मनोरम पहाड़ियां और कल-कल बहते झरने यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। लोकभाषा में सुंधापर्वत को ‘सुंधा रो भाखर’ कहा जाता है। जालोर जिला मुख्यालय से करीब 105 किलोमीटर और भीनमाल से लगभग 25 किलोमीटर दूर राजपुरा गाँव के पास स्थित यह तीर्थस्थल वर्षभर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहता है। 1319 में हुई थी मंदिर की स्थापना ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार जालोर के शासक चाचिगदेव ने संवत् 1319 में अक्षय तृतीया के दिन मंदिर की स्थापना करवाई थी। प्राचीन शिलालेखों में माता को ‘अघटेश्वरी’ नाम से भी संबोधित किया गया है। इस नाम का संबंध देवी के उस स्वरूप से माना जाता है, जिसमें उनके सिर की पूजा की जाती है। मंदिर परिसर में चामुंडा माता के साथ भगवान विष्णु सहित अन्य देवी-देवताओं के मंदिर भी स्थित हैं। मंदिर के गुंबद पर स्वर्ण कलश और उसके चारों ओर पंक्तिबद्ध करीब 180 कलश इसकी भव्यता को बढ़ाते हैं। परिसर में अनेक देवी-देवताओं की प्रतिमाएं और तीन प्रमुख शिलालेख भी ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। नवरात्र में उमड़ता है आस्था का सैलाब चैत्र और आश्विन नवरात्र के नौ दिनों में सुंधा माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। दूर-दूर के क्षेत्रों से भक्त पैदल संघ लेकर माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। दीपावली से लाभ पंचमी तक भी यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है कि महाराणा प्रताप ने भी सुंधा माता की आराधना की थी और माता ने उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया था। हालांकि, इस प्रसंग को स्थानीय धार्मिक परंपरा और लोकमान्यता के रूप में देखा जाता है। लोकमान्यता: माता के प्रसाद से दूर होती है तुतलाने की समस्या सुंधा माता मंदिर से जुड़ी कई लोकमान्यताएं श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित हैं। इनमें तुतलाकर बोलने वाले बच्चों से जुड़ी मान्यता विशेष रूप से चर्चित है। मान्यता के अनुसार ऐसे बच्चों को राजभोग का प्रसाद वितरित किया जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माता के प्रसाद से बच्चों की बोलने संबंधी परेशानी दूर हो सकती है। इसी विश्वास के चलते कई परिवार बच्चों को लेकर माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। भावजी देवासी की लोककथा भी है प्रसिद्ध सुंधा माता से जुड़ी एक प्रचलित लोककथा के अनुसार वर्षों पहले भावजी देवासी नाम का एक चरवाहा यहाँ गायें चराता था। उसकी एक गाय प्रतिदिन झुंड से अलग होकर एक गुफा में चली जाती थी। एक दिन चरवाहा गाय का पीछा करते हुए गुफा में पहुंचा, जहां उसने गाय के थन से अपने आप दूध की धारा निकलते देखी। लोककथा के अनुसार चरवाहे ने देवी से अपनी चरवाही का मेहनताना मांगा तो माता ने उसे मुट्ठीभर जौ दिए। चरवाहे ने जौ फेंक दिए, लेकिन कुछ दाने उसकी पचेड़ी पर चिपक गए, जो बाद में सोने की मोहर बन गए। इसके बाद जब वह दोबारा गुफा में पहुंचा तो माता वहां से अंतर्ध्यान हो चुकी थीं। यह कथा आज भी स्थानीय लोकविश्वास का हिस्सा है। सात्विक पूजा पद्धति और ट्रस्ट का योगदान मंदिर में पहले शराब अर्पित करने और बलि देने की परंपरा प्रचलित होने का उल्लेख मिलता है। वर्ष 1976 में मालवाड़ा के तत्कालीन ठाकुर दुर्जनसिंह ने चामुंडा माताजी ट्रस्ट की स्थापना कर इन परंपराओं को बंद करवाया और सात्विक पूजा पद्धति शुरू करवाई। इसके बाद ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्था, तीर्थ क्षेत्र के संरक्षण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशालाएं, भोजनशाला, पेयजल, रोशनी और छाया सहित विविध व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। पर्वतीय क्षेत्र में आने वाले भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं का संचालन किया जाता है। रोप-वे से आसान हुई दुर्गम पहाड़ी की यात्रा सुंधापर्वत की ऊंचाई पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए वर्ष 2007 में सुंधामाता रोप-वे प्राइवेट लिमिटेड की ओर से रोप-वे स्थापित किया गया। करीब 800 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने वाली इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को पहाड़ी पर चढ़ने में सुविधा मिलती है। रोप-वे की ट्रॉलियां मंदिर तक पहुंचने के सफर को आसान बनाती हैं। वहीं, वर्ष 2004 में श्रद्धालुओं की ओर से मंदिर परिसर में विशाल त्रिशूल स्थापित किया गया था, जो यहां आने वाले भक्तों के आकर्षण का केंद्र है। प्रकृति और अध्यात्म का अनुपम धाम सुंधापर्वत धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक संपदा के लिए भी जाना जाता है। इस पर्वत को सागी, चन्दोई और धाणा नदियों का उद्गम स्थल माना जाता है। श्रीमाल पुराण में वर्णित बिल्व वृक्ष भी यहां देखने को मिलते हैं। पर्वत क्षेत्र में अनेक देवी-देवताओं के मंदिर स्थित हैं, जो इसकी धार्मिक महत्ता को और बढ़ाते हैं। हरी-भरी पहाड़ियों, शांत वातावरण और प्राचीन मंदिर की भव्यता के बीच सुंधा माता धाम श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। यही वजह है कि यह तीर्थस्थल जालोर जिले की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है。
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यूपी STF ने प्रयागराज से महाराष्ट्र हत्याकांड के दो आरोपी गिरफ्तार, पूरा मामला जानें

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ यूपी एसटीएफ को मिली बड़ी सफलता, महाराष्ट्र में हत्या के मामले में वांछित दो आरोपी प्रयागराज से गिरफ्तार महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कापूरबावड़ी थाने में दर्ज हत्या के मुकदमे में थे वांछित यूपी एसटीएफ की प्रयागराज फील्ड यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई में दोनों आरोपियों को दबोचा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष कनौजिया और अमित सिंह के रूप में हुई 9 अक्टूबर 2026 की रात नैनी थाना क्षेत्र के अरैल सेल्फी पॉइंट से हुई गिरफ्तारी 29 सितंबर को ठाणे में ब्लॉक प्रमुख/कॉरपोरेटर चुनाव की रंजिश में हत्या करने का आरोप पूछताछ में आरोपियों ने तमंचे से फायरिंग और चापड़ से गर्दन पर वार करने की बात कबूल की हत्या के मामले में पहले ही तीन अन्य साथियों की गिरफ्तारी हो चुकी है गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपी प्रयागराज आ गए थे महाराष्ट्र पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की प्रक्रिया में जुटी
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बिहार MLC चुनाव 2026:अपनों की लड़ाई और NDA की आंतरिक कलह जारी

Patna, Bihar:बिहार MLC चुनाव 2026 - अपनों की बगावत और 8 सीटों का संग्राम JDU के अनंत सिंह की बगावत से लेकर RLM के सारण के खेल RJD कांग्रेस आमने-सामने सभी कर रहे हैं अपनी जीत का दावा ​ बिहार की राजनीति में इन दिनों पारा चढ़ा हुआ है। मौका है बिहार विधान परिषद  की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव का। 23 अक्टूबर 2026 को शिक्षक और स्नातक कोटे की इन 8 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। लेकिन इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता पक्ष और विपक्ष की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह ‘अपनों से अपनों की लड़ाई’ बन चुका है कुल 8 सीटों 4 स्नातक और 4 शिक्षक के लिए है 164 प्रत्याशियों ने नामांकन भरा है। इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 5.32 लाख से ज्यादा वोटर करेंगे। लेकिन सबसे दिलचस्प है वो राजनीतिक ड्रामा, जो टिकट बंटवारे के बाद शुरू हुआ है। राजद के उम्मीदवार देने के बाद अंतिम समय में कांग्रेस ने भी अपनी उम्मीदवार खड़ा कर दिए कहने को NDA एकजुट है, लेकिन जमीन पर बगावत की चिंगारी सुलग रही है।  JDU का घमासान: पटना स्नातक सीट पर JDU ने तीन बार के एमएलसी नीरज कुमार को फिर से उम्मीदवार बनाया है। लेकिन उनके खिलाफ खुद JDU के ही बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। अनंत सिंह खुलकर जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो कर रहे हैं। नीतीश कुमार और ललन सिंह के हस्तक्षेप के बावजूद यह विवाद शांत नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के NDA के विधायक दल की बैठक के बाद अंनत सिंह अपने बयान पर अड़े रहे उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा RLM में भी टेंशन है। सारण शिक्षक सीट पर NDA के आधिकारिक उम्मीदवार JDU के आनंद पुष्कर हैं, लेकिन RLM के राम पुकार सिन्हा भी मैदान में उतर गए हैं। पार्टी के तीन विधायकों ने भी बगावती सुर अपनाते हुए निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन दे दिया है।   ​इस डैमेज कंट्रोल के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को NDA की बैठक बुलानी पड़ी, जिसमें साफ चेतावनी दी गई है कि जो नेता एनडीए के विरोध में प्रचार करेगा, उस पर कार्रवाई होगी बीजेपी के पूर्व विधायक और प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा ہمارा गठबंधन एकजुट है। पार्टियों के अंदर में थोड़ा बहुत जो है से विवाद है वो पार्टी के लोग समझेंगे। जिस पार्टी का मामला है वो पार्टी के लोग उसको सुलझाने का काम करेंगे। लेकिन गठबंधन में किसी प्रकार का विभेद नहीं है गठबंधन पूरी मजबूती के साथ हमारे जो आठ अधिकृत प्रत्याशी हैं उन प्रत्याशियों के पक्ष में खड़ी है सभी पार्टी सभी पार्टी के नेता सभी कार्यकर्ता और उनकी जीत को सुनिश्चित कराने का काम करेंगे। पार्टी के अंदर में जो भी विवाद है उसको समाप्त करने के लिए उसको दूर करने के लिए उसको किस स्तर पर और कैसे पार्टी निपटेगी ये उस पार्टी को सोचना है। अब भाई कांग्रेस आरजेडी तो बिखरा हुआ है। वो महागठबंधन कहां है? महागठबंधन अलग-अलग जो है से घोषणा करके चुनाव लड़ रही है। तो महागठबंधन नाम का कोई चीज है ही नहीं। हमारा एनडीए गठबंधन मजबूती के साथ एकजुटता के साथ अपने जो है से इस चुनाव में मैदान में है और उनके जो है से गठबंधन बिखरा हुआ है एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं एक दूसरे के खिलाफ बोल रहे हैं एक दूसरे के खिलाफ वोट मांग रहे हैं। बाइट---- प्रेम रंजन पटेल पूर्व विधायक बीजेपी RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा की बिहार विधान परिषद के जो चुनाव हैं जिसमें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र। आठ जगहों में सात जगह पर राष्ट्रीय जनता दल है। और एक जगह हम समर्थन दे रखे हैं कम्युनिस्ट पार्टी को। पिछले बार भी कई घटक दल चुनाव अलग-अलग लड़े थे पहली बार नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल काफी मजबूत स्थिति में है। और हम तीन सप्ताह पहले ही अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है। और इस चुनाव में जो मतदाता बनाते हैं नाम जुड़वाते हैं उसके आधार पर ये लोग चुनाव जीतते हैं। और हमारी पकड़ हर जगह काफी मजबूत है। और हम मजबूती से लड़ भी रहे हैं जीत भी रहे हैं। जदयू के अंदर में आंतरिक कलह है। यूं कहिए कि पूरे एनडीए में आंतरिक कलह है। शह मात का खेल है। और हम हर जगह अपने लक्ष्यों को भेदते हुए आगे बढ़ रहे हैं। ये आपस में लड़ेंगे हम आगे जाएंगे। लड़ाई में कहां है कोई? आप भी तो आपस में लड़ रहे हैं अपने सहयोगी आपके खड़े हैं कांग्रेस वाले? रस्मी तौर पर कोई अगर चुनाव लड़ता है तो किसी एक दल का फैसला है। लेकिन उम्मीदवार के आधार पर अगर कोई चुनाव लड़ रहा है वो राष्ट्रीय जनता दल लड़ रहा है। और मजबूती से लड़ भी रहे हैं और जीतेंगे। बाइट---- शक्ति यादव मुख्य प्रवक्ता आरजेडी जेडयू की प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा की एनडीए के अंदर जितने भी हमारे घटक दल हैं तमाम हमारे घटक दल के शीर्ष नेतृत्व हमारी तमाम पॉलिटिकल पार्टी सहयोगी दल हम सभी इंटैक्ट हैं अपने आठों प्रत्याशी को एक प्रचंड जीत दर्ज कराने के लिए और हम लोगों को इस बात का पूरा विश्वास भी है कि इस चुनाव का जो हमारे सम्मानित वोटर होते हैं वो प्रबुद्ध वोटर होते हैं शिक्षक होते हैं सम्मानित हमारे स्नातक होते हैं और बिहार में विगत 20 वर्षों में जिस तरह से बिहार में काम हुए बदहाल बिहार देश पर बोझ माने जाने वाला बिहार क्या किस तरह का बिहार मिला वो बताने की आवश्यकता नहीं है विकासशील बिहार और विकसित और समृद्ध और सशक्त बिहार कौन बिहारी नहीं चाहेगा तो और टेंशन की जहां तक बात है तो कहीं कोई टेंशन नहीं है। बिल्कुल हम लोग चिंतामुक्त होकर के अपने प्रत्याशियों के लिए कैंपेन कर रहे हैं जीत सुनिश्चित कराने के लिए रही बात राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस की तो मुझे लगता है कि इसमें बताने की जरूरत नहीं है  हमेशा जब भी आप इलेक्शन देखेंगे अभी हाल का हमारा बांकीपुर विधानसभा बाई इलेक्शन हुआ किस तरह का सर फुटौव्वल हुआ कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के बीच में बताने की आवश्यकता नहीं क्योंकि वहां पर स्वार्थों की राजनीति है कोई अंडरस्टैंडिंग नहीं है राजद और कांग्रेस की कहीं कोई किसी प्रोग्राम में अंडरस्टैंडिंग नहीं होती है चुनाव हटा दीजिए तो वहां स्वार्थ की राजनीति है तो टेंशन निश्चित रूप से महागठबंधन के अंदर व्याप्त था और व्याप्त है एनडीए के अंदर इस तरह का कहीं कोई सीन और सिनेरियो नहीं है हम बिल्कुल आपसी इत्तेफाक के साथ आपसी अंडरस्टैंडिंग के साथ आठों प्रत्याशी के लिए हम लोग कैंपेन कर रहे हैं जीत सुनिश्चित कराने के लिए। बाइट---- अंजुम आरा जदयू प्रवक्ता कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज यादव ने कहा बिहार में सरकार की स्थिति अच्छी नहीं है। इस बात का अगर देखेंगे तो अनंत सिंह जिस तरह से जनसुराज के लिए पैरवी कर रहे हैं, जिससे प्रचार में गए हैं और लगातार उस धीरज को जिताने के लिए ये लोग प्रचार कर रहे हैं। वहीं पे कुशवाहा जी के तीन विधायक अलग एक खेमा बना के ये लड़ाई चल रही है कि भाई कौन सी पार्टी सही है, कौन परिवारवाद पे है, कौन सारे-सारे विवादों को लेके लगातार आपस में गुत्थम-गुत्थी चल रही है। और इस बात को पूरे बिहार की जनता समझ रही है कि क्या स्थिति बनी हुई है। यहां एमएलसी चुनाव को लेके जिस तरह की पार्टियों के कैंडिडेट हैं, वो सारे लोग आपस में इन चीजों को लेके चल रहा है। तो बिहार की राजनीतिक में एक नया परिपेक्ष्य देखने को मिल रहा है। जदयू में जहां अनंत सिंह को निकालने की बात हो रही है, और इंटरनल राजनीति देखिएगा उनका जदयू का, तो जो गुत्थम-गुत्थी चल रही है, उसमें सबसे महत्वपूर्ण है कि भाई पार्टी का संजय झा चला रहे हैं और जिस स्थिति में बनी हुई है सरकार की स्थिति अभी बहुत ही दयनीय और... मतलब क्या उनको कह सकते हैं आप लगातार बिहार को लेके चर्चाएं हो रही हैं। बाइट---पंकज यादव प्रवक्ता कांग्रेस बिहार में 8 सीटों पर हो रहे MLC चुनाव में इस बार  कुल 164 उम्मीदवार मैदान में हैं  पार्टी वाइज लिस्ट  1. NDA - 8 उम्मीदवार BJP 4 + JDU 4 BJP - - पटना शिक्षक - नवल किशोर यादव - कोसी स्नातक - डॉ. एनके यादव - दरभंगा स्नातक - सर्वेश कुमार - तिरहुत शिक्षक - नरेंद्र प्रसाद सिंह JDU  - पटना स्नातक - नीरज कुमार - तिरहुत स्नातक - अभिषेक झा - सारण शिक्षक - आनंद पुष्कर - दरभंगा शिक्षक - घनश्याम राय 2. जन सुराज - 8 सीटों पर - पटना स्नातक - डॉ. अनुज सिंह - तिरहुत स्नातक - डॉ. विमोहन कुमार - तिरहुत शिक्षक - भूषण झा / श्याम नंदन यादव - पटना शिक्षक - दिव्या ज्योति - दरभंगा शिक्षक - एसपी राय - दरभंगा स्नातक - रवींद्र यादव / मो. इम्तियाज नूरानी - सारण शिक्षक - आफाक अहमद (मौजूदा MLC) - कोसी स्नातक - रजनीश रंजन 3. RJD - 6 सीटों पर - पटना शिक्षक - डॉ. संजीव कुमार सिंह - पटना स्नातक - दिलीप कुमार - कोसी स्नातक - नितेश कुमार - दरभंगा स्नातक - अनिल कुमार झा - दरभंगा शिक्षक--कुमर राय - सारण शिक्षक - प्रो. जयराम यादव - तिरहुत स्नातक - डॉ. रश्मि विनायक गौतम 4. कांग्रेस - 5 सीटों पर - दरभंगा शिक्षक - डॉ. मदन मोहन झा (मौजूदा MLC) - कोसी स्नातक - मनोज कुमार जायसवाल - दरभंगा स्नातक - रजनीकांत पाठक - पटना शिक्षक - डॉ. संजय यादव - पटना स्नातक - डॉ. असदुल्लाह खान 5. वाम दल - - तिरहुत शिक्षक - संजय कुमार सिंह (CPI - मौजूदा MLC) - 1 सीट पर CPM और 1 पर CPIML भी बाकी 130+ निर्दलीय और छोटे दल के उम्मीदवार हैं।
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जळगाव पारोळा दुष्काळ समीक्षा: मंत्री-आमदारों की नाराजगी, अधिकारियों पर कार्रवाई

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव\nजळगावातील पारोळा येथील दुष्काळ आढावा बैठकीत मंत्री गुलाबराव पाटील, आमदार अमोल पाटलांचा अधिकाऱ्यावर संताप..\nकिरकोळ कामामुळे अनेक पाणी पुरवठा योजना अपूर्ण असून महावितरण विभागामुळे पाणी पुरवठा विभाग बदनाम\nपालकमंत्री गुलाबराव पाटील यांची महावितरण विभागाच्या अधिकाऱ्यांसह कर्मचाऱ्यावर नाराजी..\n12 वर्ष उलटूनही पाणी पुरवठा योजना पूर्ण होत नसल्याने शिवसेना शिंदे गटाचे आमदार अमोल पाटील यांचा अधिकाऱ्यांवर संताप..\nपिक विमा कंपनीचे प्रतिनिधी पंचनामे करताना खऱ्याचे खोटे आणि खोट्याचे खरे करतात, याचा शेतकऱ्यांना त्रास होतो, यापुढे असे केले तर याद राखा...या शब्दात आमदार अमोल पाटलांची तंबी...\nशेतकऱ्याला मुका बहिरा आंधळा समजू नका? पुण्याचा वाटा घ्या... पापाचा घेऊ नका ? या शब्दात मंत्री गुलाबराव पाटलांकडून पिक विमा कंपनीच्या प्रतिनिधीची खरडपट्टी\nयावेळी दोन कर्मचाऱ्यावर कारवाई करण्याचे आदेश देखील बैठकीतूनच फोनवरून मंत्री गुलाबराव पाटील यांनी वरिष्ठ अधिकाऱ्यांना दिले...\nआमदार, मंत्री , कलेक्टर कुणीही सांगो मात्र पंचायत समितीचे अधिकारी घरकुलच्या कामासाठी नागरिकांकडून पैसे घेतात, असा संताप देखील बैठकीत आमदार अमोल पाटील यांनी व्यक्त केला...\nलाच घेणाऱ्यांवर कारवाई होते, तरी कर्मचारी सुधारत नाही, मॅडम तुम्ही स्वतः लक्ष घाला अशा सूचना देखील मुख्य कार्यकारी अधिकाऱ्यांना दिल्या...
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