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Devendra RangireDevendra RangireFollow29 Apr 2025, 12:37 pm

Balaghat - सामूहिक दुष्कर्म के खिलाफ जन आक्रोश, प्रदर्शनकारियों ने किया पुतला दहन

Balaghat, Madhya Pradesh:

बालाघाट ज़िले के हट्टा थाना क्षेत्र में हाल ही में घटित चार बच्चियों के साथ सात आरोपियों द्वारा किए गए सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना ने पूरे क्षेत्र व जिले को हिला कर रख दिया है। इस अमानवीय कृत्य के विरोध में मंगलवार को स्थानीय कालीपुतली चौक पर आदिवासी समाज सहित सर्व समाज ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और आरोपियों का पुतला दहन कर अपना आक्रोश प्रकट किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, युवा और सामाजिक संगठन शामिल हुए। सभी के चेहरे पर पीड़ा, गुस्सा और न्याय की उम्मीद साफ तौर पर नजर आ रही थी। नारेबाजी के साथ बलात्कारियों को फांसी देने की मांग उठी और समाज में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून और त्वरित न्याय प्रक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया गया।

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ओम प्रकाश राजभर बोले: मृत नाम हटने से वोटर लिस्ट साफ, मतदान पर असर

Noida, Uttar Pradesh:अंबेडकर नगर। SIR और ज्ञानेश कुमार को अधिकारियों के समर्थन पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, \"समर्थन करने का भी एक बड़ा कारण है। चुनाव आयुक्त ने गलती क्या की है? मृतक का नाम निकाला है। जो लोग कहीं और रहने चले गए हैं... कई जगह नाम है...चुनाव आयोग ने एक जगह नाम कर दिया... ऐसे नाम घट गया और हर विधानसभा में 14-20 हजार मृतकों का नाम कटा है...अब ये इस बात से डरे हुए हैं कि हम लोग फर्जी मतदान कैसे करेंगे। वोटर लिस्ट में तो नाम ही नहीं है...चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है? और उसके खिलाफ ये लोग जो अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं, वो बिल्कुल गलत है। आप देखिएगा, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।\"
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मेहरानगढ़ किले के चामुंडा मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन आस्था का सैलाब

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर. शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में स्थित मां चामुंडा माता मंदिर में आस्था का सैलाब देखने को मिला। नवरात्रि के पहले दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार में दर्शन के लिए पहुंचे। मेहरानगढ़ की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित मां चामुंडा के दरबार में आज हर तरफ भक्ति का माहौल नजर आ रहा है। कोई हाथों में पूजा की थाली लेकर पहुंचा है, तो कोई मां के जयकारे लगाते हुए दर्शन के लिए कतार में खड़ा है। श्रद्धालुओं में मां के प्रति आस्था का अलग-अलग रूप देखने को मिला। किसी ने मां के लिए मौन व्रत रखा, तो कोई बचपन से मां चामुंडा के दरबार में आने की परंपरा को शादी के बाद भी निभा रहा है। जी मीडिया ने श्रद्धालुओं से बातचीत कर जाना कि मां चामुंडा के दरबार में पहुंचकर उन्हें कैसा अनुभव हो रहा है और उनके लिए मां की आस्था का क्या महत्वपूर्ण है।
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UN में भारत का करारा जवाब: जम्मू-कश्मीर उनका अभिन्न हिस्सा रहेगा

Rajsamand, Rajasthan:संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को भारत का दोटूक जवाब, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और सदैव रहेगा : सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ UN में भारत की बुलंद आवाज बनीं सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, पाकिस्तान को दिया करारा जवाब सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति में उपनिवेशवाद उन्मूलन के एजेंडे पर पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए वक्तव्य के जवाब में भारत की ओर से 'राइट ऑफ रिप्लाई' प्रस्तुत करते हुए पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया। सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने दोटूक शब्दों में कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच का दुरुपयोग कर पाकिस्तान भारत के खिलाफ झूठ फैला रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और सदैव रहेगा। भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। वीओ 01- सांसद ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों (PoK) में जारी गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि PoK के लोग पाकिस्तानी सेना के दमन, बर्बरता और संसाधनों के अवैध दोहन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अपने अधिकारों की मांग कर रहे निर्दोष नागरिकों की हत्याएं अत्यंत गंभीर विषय हैं, जिस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ध्यान देना चाहिए।
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कपासन में अवैध शराब भट्टे नष्ट, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Begun, Rajasthan:कपासन, चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन में जहां अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थानाधिकारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रविवार सुबह मेवदा कॉलोनी के पास जंगल और खेतों में विशेष अभियान चलाया। सूचना के आधार पर चिन्हित किए गए ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 10 से अधिक अवैध शराब की भट्टियों को नष्ट किया। इसके साथ ही शराब बनाने के लिए तैयार की गई वॉश को भी नष्ट किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप मच गया। थानाधिकारी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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नवरात्रि के पहले दिन मां शीतला धाम में भक्तों की लाखों कतारें

Jaunpur, Uttar Pradesh:नवरात्रि के पहले दिन जौनपुर स्थित प्रसिद्ध मां शीतला चौकियां धाम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। माता रानी के दर्शन-पूजन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। मां के जयकारों से पूरा धाम गूंजता रहा और भक्तों ने परिवार की वहीं माता रानी के दर्शन पूजन कर माता के चरणों में शीश नवाया। नवरात्रि के पहले दिन माता शीतला के दर्शन के लिए तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। मंदिर का पट खुलते ही दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की कतारें लग गईं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने विधि-विधाम से पूजा-अर्चना कर माता रानी से मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की। जौनपुर जिला मुख्यालय से लगभग आठ किलोमीटर दूर स्थित चौकियां धाम पूर्वांचल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां सालभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। रविवार हो या सोमवार, सामान्य दिनों में भी बड़ी संख्या में भक्त माता के दरबार में पहुंचकर माथा टेकते हैं। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है। मुंडन संस्कार से लेकर शादी-विवाह तक, माता के दर्शन से होती है शुभ कार्यों की शुरुआत। माता शीतला चौकियां धाम के प्रति लोगों की आस्था पीढ़ियों से चली आ रही है। मान्यता है कि बच्चों का मुंडन संस्कार, शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों से पहले माता रानी का दर्शन-पूजन करना शुभ होता है। इसी विश्वास के चलते बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराने और नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए मंदिर पहुंचते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, मां शीतला को सात बहनों में सबसे छोटी बहन माना जाता है। यही वजह है कि कई श्रद्धालु अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा पर जाने से पहले माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों में रहने वाले लोग भी अपने गृह जनपद लौटने पर मां शीतला के दर्शन करना नहीं भूलते। इतिहासिक महत्व भी रखता है चौकियां धाम। मां शीतला चौकियां धाम केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। स्थानीय परंपरा के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण करीब एक हजार वर्ष पूर्व जौनपुर राज के अंतिम शासक राजा हीराचंद्र यादव ने कराया था। आज भी यह धाम श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नवरात्रि के पहले दिन उमड़ी भारी भीड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मां शीतला चौकियां धाम पूर्वांचल के लाखों लोगों की धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। मां के जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर अपने परिवार की खुशहाली और सुख-शांति की कामना करते नजर आए।
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आजमगढ़ के दक्षिण मुखी मंदिर में नवरात्र के पहले दिन भारी भीड़

Azamgarh, Uttar Pradesh:दक्षिण मुखी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन हुआ पूजन अर्चन, लोगों ने रखा व्रत, रही सुरक्षा व्यवस्था। जनपद आजमगढ़ शहर के चौक स्थित दक्षिण मुखी देवी मंदिर में सुबह से महिलाओं समेत भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने माता रानी को नारियल चुनरी चढ़ाकर मन्नत मांगी और पूजा अर्चना कर रहे हैं। दक्षिण मुखी देवी का विशेष श्रृंगार किया गया, विशेष आरती की जा रही है। इस प्राचीन मंदिर को झलरियों तथा फूल मालाओं से सजाया गया। मंदिर में भीड़ देखते हुए प्रशासन की तरफ से सुरक्षा की पूरी व्यवस्था भी गई है। नवरात्र की आज शुरुआत होने से एक दिन पूर्व अन्य जिलों समेत आजमगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत जागरूकता तथा पूजा पंडाल के आयोजकों एवं सम्भ्रान्त व्यक्तियों के साथ गोष्ठी आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं। आज नवरात्रि की शुरुआत को लेकर सुरक्षा के दृष्टिगत जगह-जगह व्यवस्था भी की गई है। वहीं आजमगढ़ जिले के मुख्यालय में स्थित व चर्चित दक्षिण मुखी मंदिर में जहां श्रद्धालुओं का ताता लगा हुआ है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि आज शारदीय नवरात्रि का प्रथम दिन है और इस दिन मां के शैलपुत्री रूप की पूजा होती है। आजमगढ़ जिले के मुख्य चौक पर दक्षिण मुखी देवी मंदिर करीब दो सौ वर्ष से अधिक पुराना है। मान्यता है कि यहां पर देवी जी तंत्र विद्या से प्रकट हुई थी, यह एक तांत्रिक मंदिर है। खास बात यह भी है कि दक्षिण मुखी देवी मंदिर पूरे देश में केवल यहां और एक अन्य कोलकाता में मंदिर स्थापित है। इस मंदिर का काफी महत्व है, इसलिए लोग यहां दर्शन करने आते हैं। आजमगढ़ के अलावा आसपास के जिले से भी लोग यहां माताजी का दिव्य दर्शन, पूजन करने और मन्नत मांगते हैं। लोगों की मान्यता है कि उनकी मन्नत पूरी होती है।
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उज्जैन के हरसिद्धि मंदिर में नवरात्रि पर भक्तों की भीड़ और शक्तिपीठ का महत्व

Ujjain, Madhya Pradesh:51 शक्तिपीठों में शामिल मां हरसिद्धि मंदिर, माता सती की कोहनी गिरने की मान्यता राजा विक्रमादित्य की आराध्य देवी मां हरसिद्धि, दीपमालिकाओं और श्री यंत्र का भी है विशेष महत्व उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही मां हरसिद्धि मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। नवरात्रि के पहले दिन सुबह से ही माता रानी के दरबार में भक्तों का तांता लगा ہوا है। देश-विदेश से श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। भक्त फूल, प्रसाद और चुनरी लेकर माता रानी के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। मां हरसिद्धि अपने दिव्य स्वरूप में भक्तों को दर्शन दे रही हैं। मंदिर परिसर में नवरात्रि के पहले दिन से ही भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। 51 शक्तिपीठों में शामिल है मां हरसिद्धि मंदिर मां हरसिद्धि मंदिर का धार्मिक और पौराणिक महत्व बहुत खास माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब माता सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में देह त्याग दी थी, तब भगवान शिव उनके पार्थिव शरीर को लेकर शोक में विचरण करने लगे। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने सृष्टि का संतुलन बनाए रखने के लिए अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के अंग अलग किए थे। जहां-जहां उनके अंग और आभूषण गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ के रूप में पूजे जाने लगे। मां हरसिद्धि मंदिर को भी 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां माता सती की कोहनी गिरी थी। राजा विक्रमादित्य की आराध्य देवी मां हरसिद्धि मंदिर का संबंध उज्जैन के प्रसिद्ध राजा विक्रमादित्य से भी जुड़ा है। परंपरा और लोककथाओं में मां हरसिद्धि को राजा विक्रमादित्य की आराध्य देवी बताया जाता है। ऐसी कथाएं प्रचलित हैं कि राजा विक्रमादित्य मां के अनन्य भक्त थे और उन्होंने देवी की आराधना में अपना जीवन समर्पित किया था। मंदिर से जुड़ी ये मान्यताएं इसे उज्जैन की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती हैं। दीपमालिकाएं और श्री यंत्र हैं खास आकर्षण मंदिर परिसर में स्थित दो विशाल दीपमालिकाएं यहां की खास पहचान हैं। संध्या आरती के समय दीपमालिकाओं में दीप प्रज्वलित किए जाते हैं, तो पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से भर उठता है। इसके अलावा मंदिर में स्थापित श्री यंत्र भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। श्री यंत्र को शक्ति उपासना की परंपरा में पवित्र प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु इसके दर्शन कर मां का आशीर्वाद लेते हैं। नवरात्रि में विशेष पूजा-अर्चना नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विशेष महत्व है। इस दौरान मां हरसिद्धि के मंदिर में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। भक्त व्रत रखते हैं, चुनरी और फूल अर्पित करते हैं तथा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता रानी से प्रार्थना करते हैं। सालभर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहने वाला यह मंदिर नवरात्रि में विशेष रौनक से भर जाता है। मां हरसिद्धि मंदिर केवल पूजा का स्थान ही नहीं, बल्कि उज्जैन की धार्मिक पहचान, पौराणिक मान्यताओं और सदियों पुरानी आस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल भी है。 121- पुजारी लाल गिरी हरसिद्धि माता मंदिर Wkt - हरसिद्धि मंदिर से लोगों से बातचीत
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अप्पर वर्धा कालवे से किसानों को सूखा राहत, कपाशी-तूर बचे

Amravati, Maharashtra:दुष्काळात होरपळणाऱ्या शेतकऱ्यांना दिलासा; अप्पर वर्धाच्या उजव्या कालव्यातून शेतकऱ्यांसाठी सोडले पाणी, कपाशी आणि तूर पिकांना मिळणार नवसंजीवनी यंदाच्या हंगामात पावसाच्या दीर्घ खंडामुळे शेतकऱ्यांचे सोयाबीन पीक मोठ्या प्रमाणात संकटात सापडले आहे. आता उरलेली कपाशी आणि तूर पीक वाचवण्यासाठी शेतकऱ्यांची धडपड सुरू आहे. अशातच मोर्शी येथील अप्पर वर्धा धरणातून उजव्या मुख्य कालव्याला पाणी सोडण्यात आले आहे. या कालव्यातून प्रतिसेकंद सुमारे १५ घनमीटर पाण्याचा विसर्ग सुरू करण्यात आला आहे. तब्बल ९५ किलोमीटर लांबीचा हा कालवा मोर्शी, तिवसा, धामणगाव रेल्वे आणि चांदूर रेल्वे तालुक्यांतीलून जातो. त्यामुळे या भागातील हजारो हेक्टर शेतीला सिंचनासाठी पाणी उपलब्ध होण्याची अपेक्षा आहे. दुष्काळाच्या संकटात सापडलेल्या शेतकऱ्यांना या पाण्यामुळे काही प्रमाणात दिलासा मिळणार असून हातात उरलेली कपाशी आणि तूर पीक वाचवण्यासाठी हा निर्णय महत्त्वाचा ठरणार आहे.
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पर्व से पहले जलपाईगुड़ी की सड़कों पर गड्ढों से नागरिक परेशान

Jalpaiguri, West Bengal:পুজোর আগে রাস্তা সংস্কার না হওয়ায় ক্ষোভ, বেহাল দশায় জলপাইগুড়ির একাধিক রাস্তা। পুজোর আগে জলপাইগুড়ি শহর এবং সংলগ্ন এলাকায় একাধিক ভাঙাচোড়া রাস্তা সংস্কার না হওয়ায় ক্ষোভ বাড়ছে বাসিন্দাদের মধ্যে। রাস্তার বড় বড় গর্ত ও খানাখন্দের জেরে প্রতিদিনই দুর্ভোগে পড়তে হচ্ছে সাধারণ মানুষকে। অভিযোগ, দীর্ঘ কয়েক বছর ধরে এই সমস্যা চললেও স্থায়ী সমাধান হয়নি। জলপাইগুড়ি শহরের বেগুনবাড়ি থেকে দিনবাজার যাওয়ার পথে রাস্তার বেহাল দশা চোখে পড়ছে। পুরসভার ৪ নম্বর ও ১৮ নম্বর ওয়ার্ডের মধ্যবর্তী এই দীর্ঘ রাস্তার বিভিন্ন অংশ খানাখন্দে ভরা। ফলে যাতায়াত করতে গিয়ে সমস্যায় পড়ছেন স্থানীয় বাসিন্দা থেকে শুরু করে পথচলতি মানুষ। এর আগে রাস্তা সংস্কারের বিষয়ে নির্দিষ্ট সময়সীমা বেঁধে দিয়েছিলেন মন্ত্রী অগ্নিমিত্রা পাল। ১০ তারিখের মধ্যে রাস্তা সংস্কারের আশ্বাস দেওয়া হয়েছিল বলে দাবি। কিছু জায়গায় সংস্কারের কাজ হলেও শহরের একাধিক রাস্তা এখনও বেহাল অবস্থায় পড়ে রয়েছে বলে অভিযোগ বাসিন্দাদের। শহরের তিন নম্বর ঘুমটি, রাজবাড়িপাড়া, তরুণ দল ক্লাব সংলগ্ন এলাকা-সহ বিভিন্ন জায়গায় রাস্তার অবস্থা নিয়ে ক্ষোভ বাড়ছে। শুধু শহরেই নয়, সংলগ্ন গ্রাম পঞ্চায়েত এলাকাতেও একাধিক রাস্তার বেহাল দশার অভিযোগ উঠেছে। পুজোর আগে রাস্তা সংস্কারের দাবি জানিয়েছেন বাসিন্দারা। তাঁদের বক্তব্য, উৎসবের মরশুমে মানুষের যাতায়াত বাড়বে। তার আগে দ্রুত রাস্তা মেরামত করা না হলে সাধারণ মানুষের দুর্ভোগ আরও বাড়বে। এখন দেখার, পুজোর আগে শহর ও সংলগ্ন এলাকার সমস্ত বেহাল রাস্তা সংস্কারে প্রশাসন কী পদক্ষেপ করে। রিপোর্ট :- প্রদ্যুৎ দাস ( জলপাইগুড়ি )
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चित्रकूट हादसे: तीर्थयात्रियों की बोलेरो नदी में गिरी, मौत से हड़कंप

Satna, Madhya Pradesh:सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र में रविवार तड़के करीब 3 बजे तीर्थयात्रियों से भरी बोलेरो अनियंत्रित होकर झूरी नदी में जा गिरी। हादसे में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक बोलेरो में सवार सभी छह यात्री उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। सभी कानपुर से मैहर स्थित मां शारदा के दर्शन के लिए जा रहे थे। जैसे ही वाहन झूरी नदी के पास पहुंचा, चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सीधे नदी में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। उसी दौरान सड़क से गुजर रहे पैदल तीर्थयात्रियों ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने बिना देर किए नदी में उतरकर घायलों और मृतकों को बाहर निकाला। सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तुरंत जानकीकुंड अस्पताल, चित्रकूट पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है。 *मृतकों की पहचान:* 1. सुनील गुप्ता (50), पिता मूलचंद गुप्ता, निवासी द्विवेदी नगर गल्ला मंडी, थाना नौबस्ता, कानपुर 2. हिमांशु सिंह सेंगर (30), पिता स्व. दिनेश सिंह सेंगर, निवासी गंगापुर कॉलोनी यशोदा नगर, कानपुर *घायल:* 1. राजकुमार गुप्ता (37), ग्राम टेढ़ा, हमीरपुर 2. गोपाल तिवारी (42), संजय गांधी नगर, नौबस्ता, कानपुर 3. दीपक तिवारी (35), नौबस्ता, कानपुर 4. राहुल पांडे (35), गंगापुर कॉलोनी, यशोदा नगर, कानपुर
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