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Ravikant SahuRavikant SahuFollow4 Jul 2024, 10:43 am
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डीएमएफ फंड की करोड़ों रुपये की खरीदी मामले में विभागीय जांच शुरू

Singrauli, Madhya Pradesh:स sing रोली जिले के शासकीय महाविद्यालयों में डीएमएफ फंड से हुई करोड़ों रुपये की खरीदी को लेकर की गई शिकायत के बाद जांच शुरू हो गई है। रीवा संभागीय उच्च शिक्षा विभाग की टीम सिंगरौली के प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज पहुंची टीम ने प्राचार्य से खरीदी से जुड़े दस्तावेज लिए और उनकी जांच शुरू कर दी। इस कार्रवाई के बाद उच्च शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। भोपाल में की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिले के सभी शासकीय कॉलेजों के लिए डीएमएफ फंड से करोड़ों रुपये की सामग्री खरीदी गई, लेकिन कई कॉलेजों तक सामान नहीं पहुंचा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आधे से ज्यादा भुगतान पहले ही कर दिया गया जबकि खरीदी गई सामग्री का भौतिक सत्यापन नहीं हुआ। शिकायत में खरीदी प्रक्रिया, बिल, भुगतान और सामग्री की उपलब्धता पर सवाल उठाए गए हैं। इसी शिकायत के आधार पर रीवा से पहुंची जांच टीम कॉलेज में रखे रिकॉर्ड, बिल, भुगतान से जुड़े दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर और अन्य फाइलों की जांच कर रही है टीम यह भी देख रही है कि खरीदी गई सामग्री वास्तव में कॉलेजों तक पहुंची या नहीं और भुगतान नियमों के अनुसार किया गया या नहीं। जांच अधिकारी डॉ. ज्ञानेंद्र तिवारी ने बताया कि टीम सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच कर रही है जिन अभिलेखों की विस्तृत जांच जरूरी है, उन्हें रीवा ले जाया जा रहा है वहां सभी रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि खरीदी प्रक्रिया में किस तरह की गड़बड़ी हुई है और किस स्तर पर अनियमितता हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह जो पूरा मामला है तो पूर्व में डिग्री कॉलेज में पदस्थ प्रचार्य एमयू सिद्दीकी के समय पर खरीदी हुई है अब पूरे मामले पर सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
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पतंगबाज़ी के विवाद में खूनी संघर्ष: तलवार-हथियारों से हमला, तीन घायल

Saharanpur, Uttar Pradesh:पतंगबाज़ी के विवाद में खूनी संघर्ष - तलवार और धारदार हथियारों से हमला - महिला समेत तीन घायल... सहारनपुर जनपद के गंगोह कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सैयदान में पतंग उड़ाने को लेकर बच्चों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया-आरोप है कि कहासुनी के बाद एक पक्ष के दर्जनों लोग तलवार और अन्य धारदार हथियार लेकर दूसरे पक्ष के घर में घुस आए और हमला कर दिया - इस दौरान घर में मौजूद महिला, उसका पुत्र और परिवार के एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। महिला के सिर पर तलवार से गहरा वार किया गया, जबकि बेटे के हाथ पर धारदार हथियार से गंभीर चोट आई - बुजुर्ग भी हमले में घायल हुए हैं-घटना से इलाके में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई-सूचना मिलते ही गंगोह पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया - पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है- तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है
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जोधपुर के पुरुषोत्तम मूंदड़ा निर्विरोध माहेश्वरी सभा के नए अध्यक्ष

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष पद पर जोधपुर निवासी पुरुषोत्तम मूंदड़ा को निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। चुनाव में उनके पक्ष में समाज के लोगों کا व्यापक समर्थन देखने को मिला, जिसके बाद उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया गया। उनके निर्वाचन से माहेश्वरी समाज में खुशी का माहौल है। निर्वाचन के बाद जीरा मंडी में समाज के लोगों ने पुरुषोत्तम मूंदड़ा का माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे। मूंदड़ा वर्तमान में शहर भाजपा में भी महत्वपूर्ण पद पर हैं। ऐसे में समाज के लोगों का मानना है कि उनके अनुभव और संपर्कों का लाभ समाज के विकास में मिलेगा। पुरुषोत्तम मूंदड़ा ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के अंतर्गत जोधपुर, पाली, जालोर, सिरोही, बाड़मेर और जैसलमेर सहित छह जिलों के मतदाताओं ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित कर जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के ट्रस्टों के माध्यम से समाज के जरूरतमंद परिवारों के आर्थिक उत्थान के लिए भी कार्य किया जाएगा। बाईट पुरुषोत्तम मूंदड़ा नव निर्विणित अध्यक्ष
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सपा नेता फरहाद गाड़ा के घर पर 22 करोड़ टैक्स नोटिस, अदालत की तैयारी

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर नगर निगम की ओर से जीआईएस सर्वे के आधार पर जारी किए गए हाउस टैक्स नोटिस ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। मल्हीपुर रोड स्थित सपा नेता फरहाद आलम गाड़ा के मकान पर करीब 22 करोड़ रुपये से अधिक का हाउस टैक्स और करीब 12 करोड़ रुपये का जलकर निर्धारित किए जाने का नोटिस मिलने से हड़कंप मच गया। फरहाद गाड़ा ने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले को अदालत में चुनौती देने की बात कही है। फरहाद गाड़ा के अनुसार उनका मकान करीब 816 गज में बना है, जिसका निर्माण दो वर्ष पहले हुआ है। वर्ष 2025 में उनका परिवार इस मकान में रहने आया। उनका दावा है कि मकान की मौजूदा बाजार कीमत करीब चार करोड़ रुपये है। ऐसे में एक वर्ष के लिए 22 करोड़ रुपये का हाउस टैक्स और करोड़ों रुपये का जलकर लगाया जाना पूरी तरह अव्यावहारिक और त्रुटिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उनके घर तक नगर निगम की पेयजल लाइन भी नहीं पहुंची है। जिस सरकारी पानी की टंकी से क्षेत्र में जलापूर्ति होनी है, वह अभी तक चालू नहीं हुई है। इसके बावजूद नोटिस में भारी-भरकम जलकर जोड़ दिया गया है। उनका कहना है कि जब पानी की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है तो जलकर किस आधार पर लगाया गया। फरहाद गाड़ा ने बताया कि उन्होंने इस मामले में अपने अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह ले ली है और जल्द ही न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। उन्होंने नगर निगम से यह भी पूछा है कि नोटिस किस आधार पर और किसके नाम जारी किया गया। साथ ही जीआईएस सर्वे करने वाली एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा मानहानि का दावा करने की बात भी कही। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नोटिस के कारण उनका पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर कराए गए जीआईएस सर्वे में यदि किसी मकान का सही आकलन तक नहीं हो पा रहा है तो पूरी कर निर्धारण प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सपा नेता ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में अभी भी सड़क, नाली, सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं संतोषजनक नहीं हैं, जबकि लोगों पर भारी टैक्स का बोझ डाला जा रहा है। गौरतलब है कि नगर निगम का जीआईएस सर्वे पहले भी विवादों में रहा है। गृहकर और जलकर के बिलों में कथित गड़बड़ियों को लेकर हजारों संपत्ति मालिक पहले भी आपत्तियां दर्ज करा चुके हैं। अब फरहाद गाड़ा का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर नगर निगम की कर निर्धारण प्रक्रिया और जीआईएस सर्वे की सटीकता पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, नगर निगम की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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गोरखपुर में GRP सिपाही गिरफ्तार: 22 फर्जी पासपोर्ट रैकेट का बड़ा खुलासा

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट रैकेट का बड़ा खुलासा करते हुए जीआरपी में तैनात एक सिपाही को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने गोरखनाथ थाने में तैनाती के दौरान दिल्ली और पंजाब के तीन गैंगस्टरों समेत 22 लोगों के फर्जी पासपोर्ट का सत्यापन किया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और बिचौलियों व अन्य आरोपितों की तलाश कर रही है। गोरखनाथ थाना पुलिस ने शनिवार को जीआरपी अनुभाग कार्यालय में तैनात सिपाही शशिकांत यादव को गिरफ्तार किया। गाजीपुर जिले का रहने वाला शशिकांत यादव वर्ष 2023 से गोरखनाथ थाने में तैनात था। जांच में सामने आया कि उसने फर्जी नाम और पते पर बनाए गए पासपोर्टों का पुलिस सत्यापन किया। अब तक 22 पासपोर्ट फर्जी पाए गए हैं, जबकि उसके कार्यकाल में कुल 45 पासपोर्ट सत्यापित होने की जानकारी मिली है। पुलिस जांच में जिन लोगों के फर्जी पासपोर्ट सामने आए हैं, उनमें पंजाब और दिल्ली के तीन कुख्यात गैंगस्टरों के नाम भी शामिल हैं। इनमें इंडोनेशिया से डिपोर्ट किया गया गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला, दयाल मल्ल और हरसिमरन सिंह उर्फ बादल शामिल हैं। इन सभी ने गोरखपुर के लच्चीपुर क्षेत्र के फर्जी पते और पहचान का इस्तेमाल कर पासपोर्ट बनवाया था। इनमें से दो आरोपित दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एक बिचौलिया फर्जी पहचान वाले लोगों को लाता था और तय रकम लेकर दस्तावेज तैयार कराने से लेकर पुलिस सत्यापन तक पूरी प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी। फरवरी 2025 में शशिकांत यादव को निलंबित कर पुलिस लाइन भेजा गया था, बाद में उसका तबादला जीआरपी में कर दिया गया। फर्जी पासपোর্ট बनवाने के आरोप में एक सिपाही को गिरफ्तार किया गया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी पासपोर्ट बनवाने वालों की तलाश की जा रही है। जल्द ही पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा। पुलिस अब 22 फर्जी पासपोर्टों की अलग-अलग जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके जरिए किन-किन लोगों ने देश और विदेश में यात्रा की। साथ ही इस पूरे रैकेट से जुड़े बिचौलियों, दस्तावेज तैयार करने वालों और अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है।
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गोरखपुर में एक महीने में चार मासूमों की हत्या, कानून व्यवस्था पर सवाल

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस चाहे जितने भी दावे करे लेकिन बीते एक महीने में four मासूम बच्चों की हत्या ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते तीन जुलाई को सहजनवा में पांच साल के मासूम अंशुमान सिंह का अपहरण कर फिरौती के लिए हत्या, खजनी में 10 वर्षीय वैभव वर्मा की फिरौती के लिए हत्या, जिला अस्पताल से 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण और दरिन्दगी के बाद की गई हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसमें आरोपी एक पुलिसकर्मी निकला, और अब पिपराइच में पुरानी रंजिश की हिंसा में नौ वर्षीय सरस सिंह की पिट-पिटकर हुई हत्या...
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ढोंगी बाबा समेत चार गिरफ्तार, आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला

Khanna, Punjab:ਢੋਂਗੀ ਬਾਬੇ ਤੋਂ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਵਿਅਕਤੀ ਨੇ ਥਾਣੇ ਦੇ ਬਾਹਰ ਬਾਥਰੂਮ 'ਚ ਲਗਾਈ ਅੱਗ, ਮੌਤ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਮੁਕੱਦਮਾ ਦਰਜ ਕਰਕੇ ਢੌਂਗੀ ਬਾਬਾ ਚਰਨਦਾਸ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਤਿੰਨ ਸਾਥੀ ਕੀਤੇ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਪੁਲਿਸ ਥਾਣੇ ਦੇ ਬਾਹਰ ਬਣੇ ਬਾਥਰੂਮ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਵੱਲੋਂ ਪੈਟਰੋਲ ਛਿੜਕ ਕੇ ਖੁਦ ਨੂੰ ਅੱਗ ਲਗਾ ਲਈ ਗਈ।  ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਖੰਨਾ ਪੁਲਿਸ ਨੇ  ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ ਇੱਕ ਢੋਂਗੀ ਬਾਬੇ ਸਮੇਤ ਚਾਰ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਖੁਦਕੁਸ਼ੀ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਕਰਨ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ ਹੈ।  ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੀ ਪਛਾਣ 45 ਸਾਲਾ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਵਾਸੀ ਈਸ਼ਰ ਨਗਰ, ਨੇੜੇ ਜੇਐਨਈ ਕਾਲਜ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਜੋਂ ਹੋਈ ਹੈ। ਉਹ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਖਰੀਦ-ਫਰੋਖ਼ਤ ਦਾ ਕਾਰੋਬਾਰ ਕਰਦਾ ਸੀ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਕਾਰੋਬਾਰ ਵਿੱਚ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਉਹ ਆਰਥਿਕ ਤੰਘੀ ਨਾਲ ਜੂਝ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ ਉਹ ਖੰਨਾ ਦੇ ਲਲਹੇੜੀ ਰੋਡ 'ਤੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਚਰਨ ਦਾਸ ਨਾਮਕ ਵਿਅਕਤੀ ਦੇ ਸੰਪਰਕ ਵਿੱਚ ਆਇਆ, ਜੋ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਬਾਬਾ ਦੱਸ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਘਰ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦੂਰ ਕਰਨ ਅਤੇ किसਮਤ ਬਦਲਣ ਦੇ ਝਾਂਸੇ ਦੇ ਕੇ ਪੈਸੇ ਲੈਂਦਾ ਸੀ。 ਦੋਸ਼ ਹੈ ਕਿ ਚਰਨ ਦਾਸ ਨੇ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਉਸਦੇ ਮਾੜੇ ਦਿਨ ਬਦਲਣ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦੇ ਕੇ 73 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਲਏ। ਪਰ ਜਦੋਂ ਕੋਈ ਨਤੀਜਾ ਨਾ ਨਿਕਲਿਆ ਤਾਂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੇ ਪੈਸੇ ਵਾਪਸ ਮੰਗੇ। ਕਾਫ਼ੀ ਦਬਾਅ ਮਗਰੋਂ ਚਰਨ ਦਾਸ ਨੇ ਸਿਰਫ਼ 20 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਵਾਪਸ ਕੀਤੇ, ਜਦਕਿ 53 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਬਾਕੀ ਰਹਿ ਗਏ। ਦੋਸ਼ ਹੈ ਕਿ ਬਾਕੀ ਰਕਮ ਮੰਗਣ 'ਤੇ ਚਰਨ ਦਾਸ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਸਾਥੀ ਮੱਖਣ ਸਿੰਘ, ਜੁਗਰਾਜ ਸਿੰਘ ਜਿੰਮੀ ਅਤੇ ਇੰਦਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਇਸ਼ੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਧਮਕੀਆਂ ਦੇ ਰਹੇ ਸਨ。 ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਨੇ ਥਾਣਾ ਸਿਟੀ-1 ਖੰਨਾ ਵਿੱਚ ਲਿਖਤੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦਿੱਤੀ ਸੀ। ਸੋਮਵਾਰ ਨੂੰ ਉਹ ਆਪਣੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਸਬੰਧੀ ਥਾਣੇ ਪਹੁੰਚਿਆ, ਜਿੱਥੇ ਮਾਮਲਾ ਜਾਂਚ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੂੰ ਸੌਂਪਿਆ ਗਿਆ। ਜਾਂਚ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੇ ਦੂਜੀ ਧਿਰ ਨੂੰ ਵੀ ਥਾਣੇ ਬੁਲਾਇਆ ਸੀ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਥਾਣੇ ਦੇ ਬਾਹਰ ਬਣੇ ਬਾਥਰੂਮ ਵਿੱਚ ਚਲਾ ਗਿਆ। ਜਦੋਂ ਕਾਫ਼ੀ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਉਹ ਵਾਪਸ ਨਾ ਆਇਆ ਤਾਂ ਪੁਲਿਸ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੇ ਅੰਦਰ ਜਾ ਕੇ ਦੇਖਿਆ। ਉੱਥੇ ਉਹ ਗੰਭੀਰ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਝੁਲਸਿਆ ਹੋਇਆ ਮਿਲਿਆ। ਪੁਲਿਸ ਮੁਤਾਬਕ ਉਸਨੇ ਆਪਣੇ ਉੱਤੇ ਪੈਟਰੋਲ ਛਿੜਕ ਕੇ ਅੱਗ ਲਗਾ ਲਈ ਸੀ। ਉਸਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਸੀ।  ਘਟਨਾ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਦੇ ਹੀ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਉੱਚ ਅਧਿਕਾਰੀ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ। ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਲਈ ਉਪ ਮੰਡਲ ਮੈਜਿਸਟਰੇਟ ਨੂੰ ਸੂਚਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ 'ਤੇ ਤਹਿਸੀਲਦਾਰ ਗੁਰਚਰਨ ਸਿੰਘ ਨੇ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਮੈਜਿਸਟਰੇਟ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ।  ਪੁਲਿਸ ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਕਿ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੀ ਪਹਿਲਾਂ ਦਿੱਤੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਵਿੱਚ ਸਪੱਸ਼ਟ ਲਿਖਿਆ ਸੀ ਕਿ ਜੇਕਰ ਉਸ ਨਾਲ ਕੋਈ ਅਣਹੋਣੀ ਵਾਪਰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਲਈ ਚਰਨ ਦਾਸ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਸਾਥੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਹੋਣਗੇ। ਇਸੇ ਆਧਾਰ 'ਤੇ ਥਾਣਾ ਸਿਟੀ-1 ਖੰਨਾ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਚਰਨ ਦਾਸ, ਮੱਖਣ ਸਿੰਘ, ਜੂਗਰਾਜ ਸਿੰਘ ਜਿੰਮੀ ਅਤੇ ਇੰਦਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਇਸ਼ੂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਭਾਰਤੀ ਨਿਆਂ ਸੰਹਿਤਾ ਦੀਆਂ ਸਬੰਧਤ ਧਾਰਾਵਾਂ ਤਹਿਤ ਖੁਦਕੁਸ਼ੀ ਲਈ ਉਕਸਾਉਣ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰਕੇ ਚਾਰਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ। ਡੀਐਸਪੀ ਖੰਨਾ ਵਿਨੋਦ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੌਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਹਰ ਪੱਖ ਤੋਂ ਡੂੰਘਾਈ ਨਾਲ ਜाँच ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇ ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਹੋਰ ਵੀ ਕੋਈ ਤੱਥ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੇ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਢੋਂਗੀ ਬਾਬਿਆਂ ਦੇ ਨਾਂ 'ਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਹੋ ਰਹੀ ਠੱਗੀ ਅਤੇ ਮਾਨਸਿਕ ਸ਼ੋਸ਼ਣ ਦੇ ਗੰਭੀਰ ਮੁੱਦੇ ਨੂੰ ਚਰਚਾ ਵਿੱਚ ਲਿਆ ਦਿੱਤਾ ਹੈ。 ਬਾਈਟ - ਵਿਨੋਦ ਕੁਮਾਰ DSP
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लग्जरी और स्लीपर बसों पर एक्शन, दो बसें सीज

Hanumangarh, Rajasthan:Location - Hanumangarh (Rajasthan) सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद एक्शन, लग्जरी व स्लीपर बसों पर अभियान; दो बसें सीज हनुमानगढ़ जिले में सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी के बाद लग्जरी और स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जाँच तेज हो गई है। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं एडीजे गजेन्द्र सिंह ने मंगलवार को जिला परिवहन अधिकारी नरेश पुनिया और पुलिस प्रशासन की टीम के साथ संयुक्त अभियान चलाकर बसों की जांच की। अभियान के दौरान दो बसों में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उन्हें सीज कर दिया गया। जांच में दोनों बसों में आपातकालीन खिड़की तो मिली, लेकिन उसके सामने सीटें लगी होने से आपात स्थिति में यात्रियों के बाहर निकलने का रास्ता बाधित पाया गया। इसके अलावा सुरक्षा और संचालन से जुड़े अन्य आवश्यक मानकों में भी खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी。
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