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VAVeena AroraFollow22 Jun 2024, 12:19 pm
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झारखंड के आदिवासी वोट बैंक पर BJP और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रचार तेज

Ranchi, Jharkhand:झारखंड की राजनीति के केंद्र बिंदु में एक बार फिर जनजातीय राजनीति आ गई है। आदिवासी वोट बैंक के इर्द गिर्द बयानबाजी और आरोप प्रत्यारोप गूंजने लगा है। बीजेपी ने हाल ही में संपन्न आदिवासी जुटान रैली पर निशाना साधते हुए कहा, ये चर्च समर्थित आदिवासी जुटान रैली थी, झामुमो जिस वोट बैंक पर दावा करता था उसमें कांग्रेस ने सेंधमारी की है। झारखंड में इन दिनों राजनीति के केंद्र बिंदु में आदिवासी वोट बैंक है। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने कहा जो रैली हुई थी वो मुख्यतः चर्च की रैली थी, चर्च ने पूरे रैली को ऑर्गेनाइज किया, इसमें मुख्य रुप से कांग्रेस, बंधु तिर्की और चर्च मिल कर एक रैली का आयोजन किया। इस रैली से सरकार में भिन्नता आ गई है, आने वाला कल जिसे झारखंड के वोट बैंक के रूप में माना गया था उसमें सेंध लगा कर बंधु तिर्की ने तय किया है ये पूरी तरह से कांग्रेस की प्रायोजित रैली को आदिवासी दिवस रैली घोषित कर आदिवासियों को ठगने का काम किया है। दोनों के बीच बिखराव शुरु से है, सत्ता के लिए दोनों साथ हैं, मिले हैं। इस रैली के बाद मतभिन्नता भी बनेगी और सरकार का जाना लगभग तय है। वहीं कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता कमल ठाकुर ने निशाना साधते हुए कहा, बीजेपी के पास तो कुछ बचा नहीं है इस लिए वो चाहते हैं, कुछ ऐसा बोलें कि दोनों पार्टियों में मनमुटाव हो पर सात साल से एक साथ हैं चुनाव साथ लड़े और साथ साथ सरकार चला रहे हैं। बीजेपी के कथनी और करनी में अंतर है। बीजेपी जो कहती है वो करती नहीं है। बीजेपी और आरएसएस जो कहे उस पर एकदम विश्वास नहीं किया जा सकता है। आदिवासी इंडिया गठबंधन के साथ जुड़ा है,ये साबित हो गया है। झारखंड में ट्राइबल पॉलिटिक्स के बहाने सियासी घमासान जोर पकड़ रहा है। बीजेपी के निशाने पर झामुमो और कांग्रेस है। जबकि झामुमो और कांग्रेस भी पलटवार करने से नहीं चूक रही है
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जटाशंकर धाम में गोमुख से जलधारा, बारिश के बाद शिव अभिषेक का नजारा वायरल

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर के प्रसिद्ध जटाशंकर धाम में प्रकृति का अद्भुत नजारा देखने को मिला है। बुंदेलखंड के केदारनाथ कहे जाने वाले इस शिवधाम में दो दिन की तेज बारिश के बाद गोमुख से जल की धारा उमड़ पड़ी।,मानो खुद जटाधारी भोलेनाथ की जटाओं ने बारिश के जल से अभिषेक किया हो। बारिश के पानी से शिवलिंग का प्राकृतिक जलाभिषेक होता दिखाई दिया, और पूरा धाम भक्ति और प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर हो गया।,गोमुख से बहता तेज जल प्रवाह और पहाड़ों से उतरता पानी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है यह मनमोहक दृश्य को स्थानीय श्रद्धालुओं ने कैमरे में कैद किया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।,लगातार बारिश के कारण धाम के प्रांगण में भी पानी भर गया है और आसपास की नदी भी उफान पर है, लेकिन श्रद्धालुओं के बीच यह दृश्य आस्था और प्रकृति के अनूठे संगम के रूप में चर्चा का विषय बना हुआ है। *वीडियो वायरल है*
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खरगोन के शिवना गांव में चोर को ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर पेटी पर घुमाया

Khargone, Madhya Pradesh:एंकर - खरगोन शिवना गांव में ग्रामीणो ने चोर को रस्सी बांधकर सिर पर पेटी रखकर घूमया सोशल मीडिया पर विडियो हो रहा है वायरल चोरी की घटना के बाद ग्रामीणों ने ही पकडा था शातिर चोर को डेढ़ किलो चांदी के जेवर और 21 हजार नकदी रूपये चोरी करने का आरोप भीकनगांव में चोरी के जेवर साहूकार को महज 97 हजार रूपये में बेचने का भी आरोप चोरी के जेवरों की खरीद- फरोख्त का ग्रामीणों ने खुद लगाया पता हंगामे की सूचना पर भीकनगांव पुलिस पहुंची ।पब्लिक ने पुलिस के हवाले किया चोर को भीकनगांव थाना क्षेत्र के शिवना की घटना, पुलिस जाॅच में जुटी।
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हिमाचल में शिक्षकों की कमी से सरकारी स्कूल संकट, भर्ती योजना तेज

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को शिक्षकों की कमी से जूझ रहे सरकारी स्कूलों का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायक रीना कश्यप ने शून्यकाल के दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र पच्छाद में शिक्षकों की कमी और बिना शिक्षक चल रहे स्कूलों का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से क्षेत्र में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की。 जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात 1:10 है, यानी प्रत्येक 10 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक नियुक्त है। हालांकि, दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार युक्तिकरण के माध्यम से इन क्षेत्रों में खाली पदों को भरने का प्रयास कर रही है。 शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की तैनाती में कई तरह के दबाव होते हैं और कई बार तैनाती के आदेश संशोधित भी किए जाते हैं। प्रदेश सरकार अब तक रिकॉर्ड 9 हजार शिक्षकों के पद भर चुकी है, जबकि वर्तमान सरकार का कार्यकाल पूरा होने तक 6500 और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी。 इसके बावजूद प्रदेश में 150 स्कूल बिना शिक्षक चल रहे हैं, जबकि 3500 स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक तैनात है। इसके अलावा 2500 स्कूलों में 15 से कम विद्यार्थी हैं。 रीना कश्यप ने कहा कि पच्छाद में 12 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। इनमें कई स्कूल ऐसे हैं, जहां 40 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। अभिभावक खुद धन जुटाकर बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षकों की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने नारग में छह और सराहां में पांच स्कूलों में शिक्षक नहीं होने की बात कही। प्रधानाचार्य और प्रवक्ताओं के भी कई पद खाली हैं। सिंगल टीचर स्कूलों के लिए बनी नीति- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सिंगल टीचर स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नीति बना रही है। उन्होंने कहा कि सिरमौर को केंद्र सरकार ने आकांक्षी जिला घोषित किया है। लिखित परीक्षा के माध्यम से होने वाली भर्तियों में सिरमौर के बच्चे चयनित हो रहे हैं और प्रदेश में चयनित होने वाले अधिकांश अभ्यर्थियों में सिरमौर के युवा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सिरमौर को प्रदेश का ‘सिरमौर’ बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है。
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18 घंटे बाद खदेरी नदी से बुजुर्ग बलदेव पटेल का शव बरामद

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी में ससुर खदेरी नदी में डूबे 65 वर्षीय बुजुर्ग बलदेव पटेल का शव 18 घंटे बाद बरामद हुआ है। भैंस चराने के दौरान पैर फिसलने से नदी में डूबने की आशंका है। रात में भारी बारिश के चलते रेस्क्यू नहीं हो सका। सुबह 42वीं बटालियन पीएसी प्रयागराज की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर शव बरामद किया। मामला मंझनपुर थाना क्षेत्र के खोजवापुर गांव का है। तस्वीरें मंझनपुर थाना क्षेत्र के खोजवापुर गांव की हैं, जहां ससुर खदेरी नदी में डूबे 65 वर्षीय बलदेव पटेल का शव करीब 18 घंटे बाद बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि बलदेव पटेल भैंस चराने के लिए खेत की ओर गए थे। इसी दौरान नदी के पास उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चले गए। परिजनों और ग्रामीणों ने काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। भारी बारिश और अंधेरा होने के चलते रात में रेस्क्यू अभियान चलाना मुश्किल था। सुबह 42वीं बटालियन पीएसी प्रयागराज की टीम मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पीएसी के जवानों ने करीब 18 घंटे तक लगातार तलाश की। काफी मशक्कत के बाद जवानों ने नदी से बलदेव पटेल का शव बरामद कर लिया। शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुटी है।
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दो साल से आवास की आस में दिव्यांग, अब बारिश ने छीनी सिर छिपाने की जगह

Netua Grameen, Uttar Pradesh:उन्नाव। सिकन्दरपुर सरौसी सरकारी आवास की आस में पिछले करीब दो वर्षों से ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काट रहे एक दिव्यांग की मुश्किलें अब लगातार हो रही बारिश के बीच और बढ़ गई हैं। सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सथरा निवासी दिव्यांग बृजेन्द्र सिंह पुत्र स्वर्गीय पूती सिंह का कच्चा मकान लंबे समय से जर्जर हालत में है। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार झमाझम बारिश के कारण मकान की हालत और भी खराब हो गई है।घरक में रहने वाले स्थान पर पानी भर जाने से और रोज थोड़ा- थोड़ा गिरने से उसके लिए अपने ही घर में रहना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि बृजेन्द्र को अब हर समय कच्चे मकान के गिरने का डर सता रहा है। मजबूर होकर वह अपने भैया के साथ रहने को विवश है। बृजेन्द्र के माता-पिता का भी करीब चार वर्ष पहले निधन हो चुका है। ऐसे में अपने लिए सुरक्षित आशियाने की उम्मीद लगाए वह पिछले करीब दो वर्षों से सरकारी आवास की मांग कर रहा है। बृजेन्द्र का कहना है कि आवास के लिए उसने कई बार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाए। कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर सर्वे भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद आज तक उसे आवास का लाभ नहीं मिल सका। हर बार किसी न किसी वजह का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है। कभी कहा जाता है कि उसके भैया का मकान पक्का है, इसलिए उसे आवास नहीं मिलेगा, तो कभी उसकी शादी न होने को आधार बताया जाता है। सवाल यह है कि क्या किसी जरूरतमंद दिव्यांग को सिर्फ इसलिए सरकारी आवास के लाभ से वंचित किया जा सकता है कि उसके भाई का मकान पक्का है या उसकी शादी नहीं हुई है? जब वह स्वयं जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है और उसका अपना घर बारिश में गिरने की कगार पर पहुंच चुका है, तो उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन आखिर कब किया जाएगा? बारिश के बीच बृजेन्द्र की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। जर्जर मकान, घर में भरा पानी और सिर पर मंडराता मकान गिरने का खतरा उसके लिए हर दिन डर के साये में गुजरने जैसा है। ऐसे में जरूरत है कि संबंधित अधिकारी महज कागजी सर्वे तक सीमित न रहकर मौके पर उसकी वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और पात्रता के अनुसार उसे जल्द से जल्द सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएं। बृजेन्द्र की उम्मीद अब भी सरकार और प्रशासन से लगी है—उसे किसी विशेष सुविधा की नहीं, बस बारिश और गिरते मकान से सुरक्षित रहने के लिए एक छत की जरूरत है।
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झांसी के घनाराम मॉल में मैकडॉनल्ड उद्घाटन के बाद लिफ्ट फंस गई

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित रेलवे की जमीन पर बना शहर में पहला आधुनिक मल्टीप्लेक्स घनाराम मॉल में अंतरराष्ट्रीय फूड ब्रांड मैकडॉनल्ड का उद्घाटन दो दिन पहले हुआ था, जिसे देखने और घूमने के लिए स्थानीय लोग गए थे, मॉल में लगी लिफ्ट से दो लोग चौथी मंजिल पर जा रहे थे, तभी लिफ्ट बीच में बंद हो गई, लिफ्ट में फंसे लोगों ने लिफ्ट में लगा इमरजेंसी अलार्म का बटन दबाया तो सायरन बज गया, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। कई बार कंट्रोल पैनल के बटन दबाए लेकिन लिफ्ट में लगा सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया और दोनों लोग काफी देर तक फंसे रहे। इस पूरी घटना का लिफ्ट में फंसे लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया, उन्होंने लोगों से कहा कि अगर मॉल में आओ तो लिफ्ट से मत जाना क्योंकि लिफ्ट बीच में बंद हो जाती है और फंस जाओगे, फिर उन्होंने अपने दोस्तों को फोन कर जानकारी दी, तब जाकर काफी देर बाद तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और लिफ्ट में फंसे लोगों को बाहर निकाल गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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पटना में गंगा जलस्तर बढ़ना: घाटों पर बैरिकेडिंग और SDRF-SSB तैनाती

Patna, Bihar:पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है और कई जगहों पर यह खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है, गांधी घाट पर जलस्तर 49.83 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 1.23 मीटर ऊपर है, वहीं दीघा घाट पर 51.01 मीटर और हाथीदह में 42.06 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना सिटी के भद्र घाट, नौजर घाट और महावीर घाट पर प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी है ,गंगा में स्नान करने पर भी रोक लगा दी गई है, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम नाव और गोताखोरों के साथ तैनात है,वहीं एसएसबी की टीम को भी नाव और लाइफ जैकेट के साथ भद्र घाट पर लगाया गया है। बाइट - कशिश बक्शी, अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सिटी पटना सिटी के अनुमंडल पदाधिकारी कशिश बक्शी ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा के बीच नावों के परिचालन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है, प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की गई है कि वे गंगा के आसपास जाने से बचें और पूरी तरह सतर्क रहें।
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दानापुर दियारा में बाढ़ के कारण आवागमन बाधित, नाव और राहत कैंप की व्यवस्था

Danapur, Bihar:दानापुर दियारा में बाढ़ का पानी फैला, आवागमन प्रभावित; प्रशासन ने की नाव और राहत कैंप की व्यवस्था खबर दानापुर से है गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण दानापुर के दियारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। दियारा इलाके में चारों तरफ बाढ़ का पानी फैल गया है, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए नाव और अपनों के सहारे का सहारा लेना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि दानापुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 1 मीटर 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने दियारा क्षेत्र के लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए नावों की व्यवस्था की है। अनुमंडल पदाधिकारी बिरुपाक्ष बिक्रम सिंह के अनुसार, लोगों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था निशुल्क रहेगी। बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य की तैयारी भी की गई है। वहीं, दानापुर के बलदेव स्कूल में राहत कैंप बनाए गए हैं। इन कैंपों में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था के साथ-साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा बाढ़ के कारण प्रभावित हुए पशुओं के लिए भी चारे की व्यवस्था करने की तैयारी है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही नाव और राहत शिविरों का इस्तेमाल करें।
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