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Sonipat131039

सोनीपत के भिगान टोल प्लाजा पर कार चालक ने महिला कर्मचारी से की बदसलूकी

Jun 08, 2024 08:05:45
Murthal, Haryana

सोनीपत के नेशनल हाईवे - 44 पर स्थित भिगान टोल प्लाजा एक बार फिर सुर्खियों में है। टोल प्लाजा पर कार्यरत महिला कर्मचारी और एक कार चालक के बीच हुई लड़ाई की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। फुटेज में देखा गया कि कार चालक ने पहले महिला कर्मचारी से बदसलूकी की और फिर मारपीट की। इस घटना के बाद सोनीपत मुरथल थाना पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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ASANIMESH SINGH
Feb 18, 2026 13:49:27
Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दरबार में आज आस्था और दिव्यता का वह दुर्लभ संगम देखने को मिला, जिसकी प्रतीक्षा शिव भक्तों को वर्ष भर रहती है। महाशिवरात्रि महापर्व के उल्लास के बीच आज 'दूज' के पावन अवसर पर बाबा महाकाल ने अपने भक्तों को पंचमुखी स्वरूप में दर्शन दिए। मंदिर के गर्भगृह में जब बाबा का यह अलौकिक श्रृंगार हुआ, तो पूरा परिसर 'जय महाकाल' और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के मुख्य पर्व पर उमड़ने वाली भारी भीड़ के कारण जो श्रद्धालु भगवान के विशेष स्वरूपों का दर्शन नहीं कर पाते, उनके लिए आज का दिन साक्षात शिव कृपा प्राप्त करने का अवसर होता है। आज बाबा महाकाल को छबीना, मनमहेश, तांडव, होलकर और शिव तांडव जैसे पांच दिव्य मुखौटों से सुसज्जित किया गया। स्वर्ण आभूषणों, मुकुट और सुगंधित पुष्पों से महकते इस श्रृंगार को देखकर भक्त भाव-विभोर हो उठे。 सुबह भस्म आरती के बाद से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पुजारी नवनीत शर्मा के अनुसार, दूज पर पंचमुखी दर्शन की परंपरा सदियों पुरानी है, जो भक्त को संसार के पांच तत्वों और महादेव के पांचों रूपों से एकाकार कराती है। आज के इस दर्शन को पाकर श्रद्धालुओं ने स्वयं को धन्य माना और सुख-समृद्धि की कामना की。
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ATALOK TRIPATHI
Feb 18, 2026 13:49:11
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर गाजीपुर में ट्रैफिक पर सख्ती, नाबालिग चालकों और रूट से बाहर दौड़ते ई-रिक्शा पर चला अभियान एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा के नेतृत्व में संयुक्त कार्रवाई नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ चला विशेष अभियान रूट से बाहर चल रहे ई-रिक्शा पर की गई कार्रवाई, कई वाहनों का चालान, कुछ गाड़ियां सीज- एसपी सिटी अभिभावकों को थане बुलाकर दी गई चेतावनी- एसपी सिटी नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ₹25,000 तक का जुर्माना और जेल का प्रावधान- एसपी सिटी गाजीपुर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। नाबालिग वाहन चालकों और निर्धारित रूट से बाहर चल रहे ई-रिक्शा के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया है। दरअसल गाजीपुर में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। यह अभियान खास तौर पर दो मुख्य सड़कों पर केंद्रित रहा, जहां नाबालिग वाहन चालकों और कलर कोडिंग के बावजूद निर्धारित रूट से बाहर संचालित हो रहे ई-रिक्शा पर कार्रवाई की गई। एसपी सिटी ने बताया कि पूर्व में शिक्षा विभाग के समन्वय से स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए थे, नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन अपेक्षित सुधार न होने पर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के दौरान कई वाहनों का चालान किया गया। कुछ गाड़ियों को सीज भी किया गया। नाबालिग चालकों के मामलों में उनके अभिभावकों को थाने बुलाया गया। एसपी सिटी ने स्पष्ट किया कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना और जेल का भी प्रावधान है। नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। बाइट- डॉ राकेश मिश्रा- एसपी सिटी, गाजीपुर
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VSVISHAL SINGH
Feb 18, 2026 13:48:28
Noida, Uttar Pradesh:सीएम योगी के 'टेंपल इकॉनमी मॉडल' से मजबूत हो रही यूपी की अर्थव्यवस्था पिछली सरकारों में उपेक्षित रहे राज्य के प्राचीन धार्मिक स्थलों पर आधारभूत ढांचे के विकास से मिला पर्यटन को बल सुविधाएं बढ़ीं तो श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या में भी हुआ भारी इजाफा स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, आतिथ्य, परिवहन व सेवा क्षेत्र में बढ़ा कारोबार अयोध्या, काशी, प्रयागराज ही नहीं, छोटे शहरों तक दिखाई दिया योगी मॉडल का असर लखनऊ, 18 फरवरी। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन केवल आस्था का विषय नहीं रहा, बल्कि यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला सशक्त मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘टेंपल इकॉनॉमी मॉडल’ ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्राचीन धार्मिक स्थलों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जाए तो आस्था, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था, तीनों को एक साथ मजबूती से आगे बढ़ाया जा सकता है। पिछली सरकारों के दौर में उपेक्षित रहे अनेक धार्मिक स्थलों पर अब सुनियोजित विकास कार्यों ने तस्वीर बदल दी है। सड़कों का चौड़ीकरण, घाटों का सौंदर्यीकरण, आधुनिक यात्री सुविधाएं, समुचित पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, ठोस सुरक्षा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था जैसे बुनियादी सुधारों ने श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाया है। इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि उत्तर प्रदेश आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्ष उत्तर प्रदेश में 122 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह संख्या न केवल राज्य के प्रशासनिक प्रबंधन की क्षमता को दर्शाती है, बल्कि इस तथ्य को भी स्थापित करती है कि धार्मिक पर्यटन अब प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन चुका है। बड़े धार्मिक केंद्रों से लेकर छोटे शहरों तक असर अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर के विकास और भव्य अवसंरचना निर्माण ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। वहीं वाराणसी में काशी क्षेत्र के व्यापक विकास, घाटों के पुनरुद्धार और यात्री सुविधाओं के विस्तार ने पर्यटन को नई ऊंचाई दी। प्रयागराज में संगम क्षेत्र के विकास और महाकुंभ व माघ मेला जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों के सफल संचालन ने भी इस मॉडल की प्रभावशीलता को प्रमाणित किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘टेंपल इकॉनॉमी मॉडल’ का प्रभाव केवल इन प्रमुख धार्मिक शहरों तक सीमित नहीं रहा। मथुरा, चित्रकूट, नैमिषारण्य, विंध्याचल और अन्य छोटे धार्मिक नगरों में भी आधारभूत ढांचे के विकास के साथ स्थानीय व्यापार और सेवाक्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है。 धार्मिक पहचान से आर्थिक पुनर्जागरण तक आईआईएम लखनऊ की अयोध्या पर आधारित हालिया रिपोर्ट भी टेंपल इकोनॉमी को सपोर्ट करती है। रिपोर्ट में अध्ययन के आधार पर बताया गया है कि अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद आर्थिक गतिविधियों में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन ने आतिथ्य, परिवहन, निर्माण और सेवा क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कीं। 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे स्थापित हुए, हजारों एमएसएमई सक्रिय हुए और स्थानीय बाजारों में कारोबार कई गुना बढ़ा। छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। रियल एस्टेट क्षेत्र में भी तेज उछाल देखा गया, जिससे निजी निवेश को मजबूती मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे, आधुनिक रेलवे स्टेशन, चौड़ी सड़कों और नगर सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों ने अयोध्या को एक सुव्यवस्थित धार्मिक-पर्यटन केंद्र में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस आधार प्रदान किया। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला नया जीवन इसी तर्ज पर अन्य धार्मिक स्थलों में भी सुविधाएं बढ़ने से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई और इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, प्रसाद उद्योग, होटल एवं गेस्ट हाउस व्यवसाय, परिवहन सेवाओं, रेस्तरां, गाइड सेवाओं और छोटे व्यापारियों के कारोबार में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ। हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिले। हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की मांग बढ़ने से ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को भी बल मिला है। धार्मिक पर्यटन स्थलों पर स्थानीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ी है, जिससे ग्रामीण और अर्धशहरी अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचा है। आस्था से अर्थव्यवस्था तक का समन्वय योगी सरकार का यह मॉडल इस सोच पर आधारित है कि आस्था और अर्थव्यवस्था एक दूसरे के पूरक हो सकते हैं। यदि धार्मिक स्थलों का समग्र विकास किया जाए, तो यह न केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का माध्यम बनता है, बल्कि क्षेत्रीय विकास और निवेश आकर्षण का भी आधार तैयार करता है। आज उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ होटल इंडस्ट्री, रियल एस्टेट, परिवहन नेटवर्क और डिजिटल सेवाओं में भी तेजी देखी जा रही है। बेहतर कानून-व्यवस्था और सुव्यवस्थित आयोजन क्षमता ने निवेशकों का विश्वास भी बढ़ाया है। सनातन अर्थशास्त्र का आधुनिक मॉडल अर्थशास्त्री पंकज जायसवाल का कहना है कि 122 करोड़ पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आगमन यह दर्शाता है कि धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र अब “इमोशनल स्पेस” से आगे बढ़कर “इकोनॉमिक जोन” बन चुके हैं। योगी सरकार ने भारत की पारंपरिक ग्राम-नगर-तीर्थ संरचना को आधुनिक नीति और अवसंरचना से जोड़कर एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसमें आस्था आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनती है। प्रदेश सरकार के हालिया बजट में नगर विकास के लिए ₹26,514 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह निवेश केवल अवसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि नगर-आधारित आर्थिक पुनरुत्थान की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। काशी-विंध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण और प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्र के प्रस्तावित विकास जैसे कदम सांस्कृतिक भूगोल को आर्थिक भूगोल में रूपांतरित करने की दिशा में उठाए गए हैं। रामपथ, तीर्थ सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक केंद्रों और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार धार्मिक स्थलों को स्थायी आर्थिक केंद्रों में बदलने का आधार तैयार कर रहा है।
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MKManitosh Kumar
Feb 18, 2026 13:47:52
Muzaffarpur, Bihar:बिहार के मुज़फ्फरपुर जिले में स्पिरिट माफियाओं के खिलाफ उत्पाद विभाग और मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई है. Holi के मौके पर शराब बनाने के लिए लाई गई स्पिरिट की एक करोड़ से ऊपर की कीमत की बरामदगी हुई, लगभग 4000 लीटर स्पिरिट के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया. स्पिरिट माफियाओं के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक से माफियाओं में हड़कंप मच गया. बरामद स्पिरिट को यूरिया के जार में भरकर लाया गया था. हथौड़ी थाना क्षेत्र में एक ट्रक से भारी मात्रा में स्पिरिट की खेप आने की सूचना मिलते ही उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार के नेतृत्व में छापेमारी की गई. स्पिरिट की खेप को खाली कर दिया गया, लेकिन 40 यूरिया के जार लोड वाले टेंपो से बरामद जार पाए गए. मौके से एक तस्कर गिरफ्तार, रामपुर Hari थाना में तस्कर को लेकर पूछताछ की गई और कफेन गाँव में और छापेमारी की गई. गरहा थाना क्षेत्र के ग्राम कफेन में 131 जार स्पिरिट बरामद हुए. कुल मिलाकर लगभग 4000 लीटर स्पिरिट बरामद हुआ जिसका अनुमानित मूल्य एक करोड़ से अधिक है और इसके जरिए लगभग 20000 हज़ार लीटर शराब बनाने की संभावना थी. बाइट - दीपक कुमार सिंह, इंस्पेक्टर उत्पाद विभाग
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PSPramod Sharma
Feb 18, 2026 13:45:44
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RKRishikesh Kumar
Feb 18, 2026 13:45:27
CHANDI, Harnaut, Bihar:नालंदा विश्वविद्यालय में अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर आज से शुरू हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजู, केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने किया। अल्पसंख्यक मंत्रालय के सचिव डॉ चंद्रशेखर कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज में समान अवसर और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन है 2047 तक विकसित भारत बनाने का उस विजन के अनुरूप कार्य चल रहा है। सचिव ने बताया कि अल्पसंख्यक छात्रों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं, कौशल विकास कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में संवाद करते हुए कहा कि युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ नवाचार और शोध की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि देश के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। बाइट: अल्पसंख्यक मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार
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