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Umang WaliaUmang WaliaFollow29 Jul 2024, 12:48 pm

आगामी 5 अगस्त को ब्राह्मण धर्मशाला में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन

Hathin, Haryana:

हथीन विधानसभा में कांग्रेस नेता बलजीत डागर ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर बताया कि पलवल की ब्राह्मण धर्मशाला में 5 अगस्त को जिलास्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन होगी। इस सम्मेलन में पूर्व CM व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान इसकी अध्यक्षता करेंगे। सम्मेलन का संयोजन पूर्व मंत्री करण दलाल के नेतृत्व में किया जाएगा। बलजीत डागर ने कहा कि कांग्रेसगण इस सम्मेलन में एकजुट होंगे तथा हथीन से बड़ी संख्या में लोग भाग भी लेंगे।

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राजस्थान ने निवेश में रिकॉर्ड उछाल मारा, देश का तीसरा स्थान हासिल किया

Jaipur, Rajasthan:सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने निवेश में कई राज्यों को पीछे छोड़ दिया है इस साल प्रदेश आठवें से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, और राज्य के कुल निवेश में चार गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसे विकसित प्रदेश की राह में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. भजनलाल सरकार में घोषणाएं अपार निवेश की भरमार. राजस्थान ने निवेशकों को आकर्षित करने में अब तक के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं. प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाते हुए देश में तीसरा स्थान हासिल कर निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा राज्यों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. वित्त वर्ष 2024 में राजस्थान 8वें स्थान पर था पर इस बार प्रदेश ने राज्य के कुल निवेश में 4 गुना की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया. 1.10 लाख करोड़ से बढ़कर 4.65 लाख करोड़ हुआ निवेश. प्रोजेक्ट्स का आंकड़ा भी 501 से बढ़कर 873 हुआ. इसमें खासतौर से इंफ्रास्ट्रक्चर और नवीकरणीय ऊर्जा में आए बड़े निवेश शामिल हैं. जाहिर है राजस्थान को इस समय निवेश के लिए सबसे अनुकूल राज्य माना जा रहा है और प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है. इंडिया स्टेट की नवीनतम रिपोर्ट में ये जंप दिखाया गया है. इंडिया स्टेट के नवीनतम रिपोर्ट के ताजा आंकड़ों में राजस्थान सरकार की ओर से किये गये प्रयासों की सराहना की गई है. पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में किये गये काम की बदौलत आया निवेश. भजनलाल सरकार ने 91,000 करोड़ रामजलसेतु लिंक परियोजना पर, 10,000 करोड़ देवास योजना पर, 13,000 करोड़ मेट्रो जैसी विकास की परियोजनाओं पर खर्च कर रही है. यही नहीं हर विधानसभा क्षेत्र में सरकार ने 1,000 करोड़ तक के विकास के काम कराये है जिसकी वजह से प्रदेश का आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ है और प्रदेश के निवेश के लिए उद्योगपति खींचे चले आ रहे हैं. भजनलाल सरकार ने बिजली के क्षेत्र में 8671 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया है. पिछले करीब सवा दो साल में प्रति व्यक्ति आय में भी बड़ा इजाफा. गहलोत सरकार जब सूबे की सत्ता से बेदखल हुई और भजनलाल शर्मा की सरकार बनीं, उस वक्त राज्य में 1 लाख 40 हजार प्रतिव्यक्ति आय थी, जो अब बढ़कर प्रदेश में 2 लाख 5000 प्रतिव्यक्ति आय तक पहुंच गई है. राजस्थान ने इसमें 12% ग्रोथ की है.
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रामपुर में DM की पहल से चार मूकबधिर बच्चों को cochlear implant के जरिए आवाज़ मिली

Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर में डीएम की पहल से चार मूकबधिर बच्चों की जिंदगी बदली; 24 लाख रुपये में उनका इलाज हुआ. कॉक्लियर इम्प्लांट योजना वरदान बनी, मूकबधिर बच्चों की आवाज लौट आई. जनता दर्शन से बदली किस्मत, डीएम के प्रयास से बच्चों की आवाज गूंजी. जनता दर्शन में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मिली मदद की गुहार पर कार्रवाई के बाद चारों बच्चों का चिन्हित कर विशेषज्ञ अस्पतालों में इलाज कराया गया. प्रदेश सरकार की कॉक्लियर इम्प्लांट योजना के तहत करीब छह लाख रुपये की मदद दी गई. सर्जरी के बाद बच्चे फिर से लोगों से बात कर सकेंगे.
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IRS अधिकारी के घर अवैध छापे, CBI के दो अफसरों को तीन महीने की सजा

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 26 साल पुराने एक मामले में CBI के वर्तमान जॉइंट डायरेक्टर रमनीश गीर और दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड एसीपी वी के पांडे को 3 महीने की सज़ा सुनाई है। इन पर आरोप है कि उन्होंने साल 2000 में IRS अधिकारी के घर जबरन घुसकर छापा मारा, मारपीट की और गलत तरीके से गिरफ्तार किया। घटना के वक़्त रमनीश गीर सीबीआई में DSP और वी के पांडे इंस्पेक्टर थे। पिछले दिनों कोर्ट ने इन दोनों को IPC 323(मारपीट करके चोट पहुँचाना) IPC 427 (संपत्ति को नुकसान पहुँचाना IPC 448 (आपराधिक रूप से घर में घुसना) और IPC 34(समान इरादे से मिलकर अपराध करने के आरोप में ) दोषी ठहराया था। चूंकि सज़ा की अवधि 3 महीने की थी। इसलिए तीसहज़ारी की सम्बंधित कोर्ट से इन दोनों को ज़मानत भी मिल गई। कोर्ट के सामने मामला क्या था यह मामला आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल द्वारा दर्ज कराया गया था। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था 19 अक्टूबर 2000 को CBI अधिकारियों की एक टीम उनके west विहार स्थित घर पर सुबह लगभग 5:30 बजे छापा मारा। इस टीम में CBI के तज इंस्पेक्टर वी के पांडे और उस समय CBI में DSP रमनीश शामिल थे। उनका आरोप था कि CBI टीम जबरन घर में घुस गई। उनके साथ मारपीट की। उनके परिवार के सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया। उन्हें असम्मानजनक तरीके से गिरफ्तार किया, उस वक़्त उनके शरीर पर पर्याप्त कपड़े भी नहीं थे। अशोक कुमार अग्रवाल का कहना था कि यह छापा जानबूझकर बदले की भावना से किया गया था। उनके खिलाफ यह कार्रवाई CAT के उस आदेश को धता बताने के लिए की गई थी जिसमें ट्रिब्यूनल ने उनके निलंबन की समीक्षा करने का निर्देश दिया था। सज़ा की मियाद पर दलील शिकायतकर्ता के वकील ने दोनो अधिकारियों के लिए अधिकतम सज़ा की मांग की। वकील ने दलील दी कि इस मामले में शिकायतकर्ता 38 दिन तक जेल में था। कोर्ट ने भी माना कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने सिस्टम का ग़लत इस्तेमाल किया। 26 साल तक शिकायतकर्ता न्याय का इंतज़ार करता रहा वही दोषियों के वकील ने सजा में रियायत की गुहार लगाई। उन्होंने दलील दी कि अधिकारियों ने जो एक्शन लिया वो अपनी अधिकारिक ड्यूटी को निभाते वक़्त किया।दोनों अधिकारी अपनी निजी इच्छा से वहां पर नहीं गए थे। शिकायतकर्ता से उनकी कोई निजी दुश्मनी कभी नहीं रही है। उन्होंने 26 साल का ट्रायल देखा,डिपार्टमेंटल जांच झेली।
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गिरिड़ह के लेदा बजटो में जहरीली खाने से बच्चे की मौत, अस्पताल में हंगामा

Giridih, Jharkhand:गिरिडीह जिले के सदर प्रखंड के लेदा बजटो के 6 साल के रंजन की जहरीले गुपचुप से हुई मौत ने सबको झकझोर दिया. मंगलवार को सदर अस्पताल में जब गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन फूड पॉइजनिंग के मरीजों का हाल जानने पहुंचीं तो मासूम रंजन की मां से मिलते ही फफक पड़ीं. बिलखती मां को गले लगाकर कल्पना सोरेन की आंखें भी भर आईं. रंजन की मां बार-बार यही दोहरा रही थी. समय पर इलाज मिलता तो मेरा लाल बच जाता. परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में लाते वक्त भीड़ थी, डॉक्टर नहीं मिले, और जो मिले उन्होंने ध्यान नहीं दिया. मासूम तड़पता रहा और आखिरकार दम तोड़ दिया. यह सुनते ही विधायक कल्पना सोरेन का गला रुंध गया. रुंधे गले से ही कल्पना सोरेन ने मां का हाथ थामकर कहा बहन चिंता मत करो कि जिसकी भी लापरवाही से मेरे रंजन की जान गई है उसे बख्शा नहीं जाएगा. इलाज में कोताही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी. उन्होंने मौके पर ही कहा कि वे खुद स्वास्थ्य मंत्री से बात कर पूरे मामले की जांच कराएंगी. गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन के दौरे के वक्त सदर अस्पताल में डीडीसी स्मृता कुमारी, मेयर प्रमिला मेहरा, डिप्टी मेयर सुमित कुमार, झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, अपर समाहर्ता विजय सिंह बिरुआ, एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते, बीडीओ गणेश रजक, सीओ जितेंद्र प्रसाद , सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह, फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. राजा कुमार समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे. रविवार को लेदा बजटो में जहरीला गुपचुप खाने से रंजन की मौत के साथ 49 लोग बीमार पड़े थे. 20 मरीजों का सदर अस्पताल में अभी भी इलाज चल रहा है.
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जालौन: नगर पालिका पर गंभीर आरोप, कूड़ा डंपिंग से लोगों का जीना हुआ मुश्किल

AdityaAdityaFollow4m ago
Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग न्यूज़ जालौन स्लग -जालौन: नगर पालिका पर गंभीर आरोप, कूड़ा डंपिंग से लोगों का जीना हुआ मुश्किल एंकर -जालौन नगर पालिका एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर के लोगों ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका के ईओ सुशील कुमार और उनके करीबी ठेकेदार की मिलीभगत से शहर की व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस ठेकेदार द्वारा पूर्व में बनाया गया नाला निर्माण के तुरंत बाद ही ढह गया था, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा, उसी ठेकेदार को लगातार नए ठेके दिए जा रहे हैं, जिससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला अब लौना रोड का है, जहां पूरे नगर का कूड़ा डलवाकर भराव किया जा रहा है। इस कूड़ा डंपिंग से इलाके में भयंकर बदबू फैल गई है, जिससे राहगीरों और आसपास के मोहल्ले के लोगों का जीना दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, जो इस गंदगी और बदबू के कारण बीमार पड़ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले की मिट्टी हटाकर उसकी जगह कूड़ा डाला जा रहा है, जो न केवल पर्यावरण के लिए खतरनाक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस बार भी संबंधित ठेकेदार को ईओ का संरक्षण मिलता रहेगा या फिर नगर पालिका प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करेगा। जनता ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।##new #vairal #jalaun #letest #2026 बाईट -मुहल्ला बासी बाईट -शिक्षक
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रायगढ़ के मातृ-शिशु अस्पताल में गंदगी और कॉकरोच के बीच प्रसव जोखिम भरा

Darogapara, Chhattisgarh:रायगढ़ शहर के 100 बिस्तर वाले मातृ शिशु अस्पताल में इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत सवालों के घेरे में है। जिले का यह एकमात्र ऐसा अस्पताल है, जहां गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के लिए विशेष रूप से सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यही वजह है कि रायगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्य उड़ीसा से भी बड़ी संख्या में महिलाएं यहां सुरक्षित प्रसव की उम्मीद लेकर पहुंचती हैं। लेकिन अस्पताल की जमीनी स्थिति इन उम्मीदों पर पानी फेरती नजर आ रही है। रायगढ़ जिले में मात्र एक सौ बिस्तर के मातृत्व शिशु अस्पताल में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। रायगढ़ ही नहीं नजदीकी जिले से गर्भवती महिलाएं अपने स्वास्थ्य डिलीवरी करने के लिए रायगढ़ के एकमात्र मदर चाइल्ड हॉस्पिटल को चुनती है क्योंकि यहां केवल गर्भवती महिलाओं का डिलीवरी कराया जाता है। अस्पतल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि वार्डों में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है और हर जगह कॉकरोचों का आतंक फैला हुआ है। मरीजों को जो बेड दिए गए हैं, उन पर दिन-रात छोटे-छोटे कॉकरोच रेंगते नजर आते हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि कई बार ये कॉकरोच नवजात शिशुओं तक को काट लेते हैं, जिससे बच्चों में खुजली और संक्रमण जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इतना ही नहीं, मरीजों के खाने-पीने के सामान में भी कॉकरोच घूमते देखे जा रहे हैं। मरीजों का कहना है कि चिकित्सा सुविधा के लिहाज से डॉक्टर और स्टाफ अपना काम कर रहे हैं, डॉक्टर समय पर आकर जांच और इलाज भी कर रहे हैं, लेकिन स्वच्छता जैसी बुनियादी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अस्पताल में भर्ती कई महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत अस्पताल प्रबंधन से कई बार की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि “यह सरकारी अस्पताल है, अगर बेहतर सुविधा चाहिए तो प्राइवेट अस्पताल का रुख करें।” एक ओर सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत में मरीजों को गंदगी और संक्रमण के खतरे के बीच इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब जिले में यह एकमात्र मातृ शिशु अस्पताल है, तो यहां की व्यवस्था इतनी लचर क्यों है?
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गरियाबंद जिला अस्पताल में मरीज बोले- सुविधाएं बेहतर, डॉक्टर उपलब्धता संतोषजनक

Majarkata, Chhattisgarh:गरियाबंद जिला अस्पताल में Zee Media टीम ने रियलिटी चेक किया। महिला वार्ड और पुरुष वार्ड में भर्ती मरीजों से अस्पताल की सुविधाओं के बारे में सवाल किये गए, तो अधिकांश मरीजों और उनके परिजनों ने व्यवस्था को ठीक बताया। इलाज अच्छा मिल रहा है, डॉक्टर समय पर आकर चेकअप करते हैं। अस्पताल में साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर भी मरीजों ने व्यवस्था को संतोषजनक बताया। साफ-सफाई पहले से बेहतर है, कोई बड़ी दिक़त नहीं है। डॉक्टरों की उपलब्धता भी सकारात्मक रही; मरीजों का कहना है कि डॉक्टर नियमित राउंड लेते हैं और इलाज में लापरवाही नहीं हो रही। डॉ हरीश चौहान ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध हैं और हम लगातार सेवाओं को बेहतर करने के प्रयास में हैं, खासकर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालाँकि व्यवस्थाएं बेहतर बताई जा रही हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सुधार की प्रक्रिया जारी है ताकि मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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डीडवाना विधायक यूनुस खान का कलेक्ट्रेट में हल्ला बोल: प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप

Nagaur, Rajasthan:डीडवाना : जन समस्याओं को लेकर विधायक यूनुस खान का जिला कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के क्षेत्र लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे यूनुस खान अनेक समस्याओं से संबंधित 50 से ज्यादा ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपे यूनुस खान ने विभागीय अधिकारियों पर जन समस्याओं के प्रति उपेक्षा का लगाया आरोप भ्रष्ट अधिकारियों की जांच करवाने की मांग यूनुस खान ने जिला कलेक्टर को बताया कि डीडवाना विधानसभा क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा सहित अनेक समस्याएं व्याप्त है। इन्हें लेकर अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अधिकारी सुनवाई तक नहीं कर रहे है। यूनुस खान ने बताया कि डीडवाना में कस्टोडियन जमीनों का मुद्दा काफी समय से लंबित पड़ा है। इसे लेकर राज्य स्तरीय कमेटी भी बन चुकी है, लेकिन अब तक मसाले का कोई समाधान नहीं हुआ है। यूनुस खान जिला कलेक्टर से इस गंभीर मुद्दे को वरीयता पर लेकर जमीनों पर काबिज किसानों के नाम जमीन का आवंटन करने की मांग की। यूनुस खान ने कहा कि डीडवाना शहर में सीवरेज का दूसरा फेज भी शुरू होने वाला है, वहीं अब तक सीवरेज के ट्रीटेड पानी का भी कोई निस्तारण नहीं हो सका है। लाइनों पर दबाव बढ़ने से जगह जगह सीवर से गंदगी सड़कों पर बह रही है और शहर में दुर्गंध का वातावरण बना हुआ है। स्थिति यह है कि सीवर का पानी वापस शहर की ओर बढ़ रहा है, जिससे बरसात के दिनों में शहर में गंभीर जल भराव की स्थिति पैदा हो सकती है। यूनुस खान ने नगर परिषद में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी जमीनों पर फर्जी पट्टे जारी कर दिए गए और हर टेंडर को ऑफलाइन जारी कर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद में आमजन के काम बाधित पड़े हैं। उन्होंने अमृत भारत योजना के तहत सिंघी सरोवर और कचोलिया तालाब के पुनर्विकास पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद यह काम स्वीकृत डीपीआर के मुताबिक नहीं हुआ। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्याप्त अनेक समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपी। यूनुस खान ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते आज उन्हें स्वयं पूरे विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को एक साथ संकलित करके लाना पड़ रहा है, जो यह दर्शाता है कि आमजन कि समस्याओं को लेकर अधिकारी कितना अपेक्षित रवैया अपनाते हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर से अधिकारियों को रवैया सुधारने की हिदायत देने की मांग करते हुए कहा कि अगर अधिकारी जवाबदेह बनी बने और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो उन्हें जनता के साथ मिलकर आंदोलन करने को मजबूत होना पड़ेगा।
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चित्तौड़गढ़ में NTf ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, अफीम-डोडा चूरा पकड़ा

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले में एएनटीएफ टीम ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम को सूचना मिली थी कि चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाईवे पर पालखेड़ी स्थित पिष कृपा होटल में मादक पदार्थों की बिक्री हो रही है। इस पर एएनटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त रूप से दबिश दी। कार्रवाई के दौरान होटल काउंटर पर मौजूद व्यक्ति पुलिस को देखकर घबरा गया और खुद को होटल मालिक बताया। संदेह के आधार पर प्रशिक्षित डॉग की मदद से तलाशी ली गई, जिसमें 41.02 ग्राम अफीम और 267 ग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी देवीलाल को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बैतूल बाजार नगर परिषद ने अवैध निर्माण पर नोटिस जारी, ढहाने की चेतावनी

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले की नगर परिषद बैतूल बाजार ने नगर में हुए अवैध निर्माणों पर सख्ती दिखाते हुए मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के बैतूल बाजार स्थित विद्युत वितरण केंद्र के सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में बैतूल बाज़ार नगर के वार्ड क्रमांक एक शिवाजी वार्ड में मोक्षधाम मार्ग पर किए गए भवन निर्माण को लेकर दिया गया है, नोटिस के माध्यम से बिजली विभाग पर आरोप लगाए गए हैं कि बिना नगर परिषद की अनुमति के भवन निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। नगर परिषद के अनुसार संबंधित निर्माण के लिए किसी प्रकार की भवन निर्माण अनुज्ञा नहीं ली गई है, जो कि मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में 7 दिवस के अंदर बिजली विभाग से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि बिजली विभाग ने निर्माण की वैध अनुमति ली है, तो उसकी प्रमाणित प्रति के साथ नगर परिषद में उपस्थित होकर जानकारी प्रस्तुत करें। अन्यथा बिना अनुमति किए गए निर्माण को हटाने या ढहाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नगर परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाती है, तो उसमें लगने वाले मानव संसाधन और मशीनरी का पूरा खर्च संबंधित विभाग से राजस्व की भांति वसूला जाएगा। नगर परिषद के इस कदम को शहर में अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने की दिशा में एक सख्त कार्रवाई माना जा रहा है। परिषद ने साफ़ संकेत दिए हैं कि बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले में बिजली विभाग के अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका है। अब इस नोटिस के बाद बिजली विभाग क्या क़दम उठाता है यह आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा या फिर नगर परिषद बिजली विभाग के दफ्तर पर बुल्डोजर कार्रवाई करेंगी।
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