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Umang WaliaUmang WaliaFollow29 Jul 2024, 12:48 pm

आगामी 5 अगस्त को ब्राह्मण धर्मशाला में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन

Hathin, Haryana:

हथीन विधानसभा में कांग्रेस नेता बलजीत डागर ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर बताया कि पलवल की ब्राह्मण धर्मशाला में 5 अगस्त को जिलास्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन होगी। इस सम्मेलन में पूर्व CM व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान इसकी अध्यक्षता करेंगे। सम्मेलन का संयोजन पूर्व मंत्री करण दलाल के नेतृत्व में किया जाएगा। बलजीत डागर ने कहा कि कांग्रेसगण इस सम्मेलन में एकजुट होंगे तथा हथीन से बड़ी संख्या में लोग भाग भी लेंगे।

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SC क्रीमी लेयर फैसले पर कांग्रेस माता-पिता की आय नहीं, खुद की आय अहम

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने OBC क्रीमी लेयर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा, "सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को तो मैंने नहीं पढ़ा है। लेकिन जितना अभी ब्रीफ लाइन पढ़ी कि उनके माता-पिता की आय उसमें शामिल नहीं होगी, तो अच्छी बात है। अब जैसे किसी के पास खेती की जमीन है और उतना इनकम है नहीं। अब कोई खेती की जमीन के आधार पर अगर किसी को वंचित करेंगे तो वह गलत होगा। क्रीमी लेयर में वह नहीं जुड़ना चाहिए, यह जजमेंट एकदम ठीक है। इसमें व्यक्ति की खुद की आय जुड़नी चाहिए। हम इस जजमेंट का स्वागत करते हैं।"
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धनतेरस पर 501 लीटर दूध से मां गजलक्ष्मी का अभिषेक, दीपोत्सव उज्जैन में शुरू

Ujjain, Madhya Pradesh:धनतेरस पर 501 लीटर दूध से मां गजलक्ष्मी का अभिषेक, पांच दिवसीय दीपोत्सव शुरू। राजा विक्रमादित्य से जुड़ी है मंदिर की मान्यता, स्कंद पुराण के अवंती खंड में भी मिलता है उल्लेख। गर्भगृह को 40 लाख रुपये के नोटों से सजाया गया, पांच दिन बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप लौटाई जाएगी राशि। रूप चौदस से शुरू होंगे विशेष धार्मिक आयोजन, 10 नवंबर को महिलाओं को मिलेगा सौभाग्यवती सिंदूर और श्रद्धालुओं में बंटेगा अन्नकूट का प्रसाद। धन-धान्य और घर में स्थिर लक्ष्मी के वास की कामना लेकर बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु। भक्तों को पीले चावल और कौड़ियां दी जा रहीं, पांच दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक होंगे। दीपावली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत धनतेरस के साथ हो गई है। उज्जैन में भी दीपोत्सव की रौनक दिखाई देने लगी है। बाजारों के साथ ही मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शहर के प्राचीन महालक्ष्मी मंदिर में धनतेरस से ही दीपोत्सव की विशेष शुरुआत हुई। यहां मां गजलक्ष्मी का दरबार करीब 40 लाख रुपये के नोटों से सजाया गया है। माता के इस भव्य श्रृंगार को देखने और दर्शन करने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर के पुजारी पंडित अवधेश शर्मा के अनुसार, धनतेरस की सुबह मां गजलक्ष्मी का 501 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हुई। इन पांच दिनों तक मंदिर में विशेष पूजन, पंचामृत अभिषेक और सुगंधित फूलों से माता का अर्चन किया जाएगा। श्रीसूक्त और कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी होगा। मंदिर की मान्यता को लेकर पुजारी अवधेश शर्मा बताते हैं कि स्कंद पुराण के अवंती खंड में मां गजलक्ष्मी का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि राजा विक्रमादित्य ने अपने राज्य में सुख-समृद्धि और स्थिर लक्ष्मी के वास के लिए यहां मां गजलक्ष्मी की स्थापना कर पूजा-अर्चना की थी। तभी से यहां माता की विशेष पूजा की परंपरा चली आ रही है। श्रद्धालु मानते हैं कि मां गजलक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और स्थिर लक्ष्मी का वास होता है। 40 लाख के नोटों से सजा माता का दरबार इस बार मंदिर के गर्भगृह को करीब 40 लाख रुपये के नोटों से सजाया गया है। इस सजावट में उज्जैन के व्यापारियों और श्रद्धालाओं का सहयोग लिया गया है। मंदिर के पुजारी के मुताबिक, पांच दिनों तक नोटों से सजा माता का दरबार भक्तों के दर्शन के लिए रहेगा। इसके बाद सहयोग के रूप में मिली यह राशि संबंधित लोगों को प्रसाद स्वरूप वापस लौटा दी जाएगी। भक्तों को दिया जा रहा पीले चावल और कौड़ियों का प्रसाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालु मां गजलक्ष्मी को पीले चावल अर्पित कर अपने घर आने का निमंत्रण देते हैं। पूजा के बाद भक्तों को माता के अर्पित किए गए पीले चावल और कौड़ियां प्रसाद के रूप में दी जाती हैं। श्रद्धालु इन्हें अपने घर ले जाते हैं और मान्यता के अनुसार इन्हें घर में रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव के दौरान हर दिन अलग-अलग धार्मिक आयोजन होंगे। धनतेरस के बाद रूप चौदस पर मां गजलक्ष्मी को तिल्ली और विभिन्न औषधीय द्रव्यों से स्नान कराया जाएगा। इसके बाद माता का विशेष श्रृंगार होगा। दिवाली के दिन 5100 लीटर दूध से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद महाआरती होगी और दोपहर में माता का विशेष श्रृंगार कर 56 भोग लगाया जाएगा। शाम को अन्नकूट का भोग अर्पित किया जाएगा और रात 2 बजे विशेष आरती होगी। इसके बाद एक दिन के अंतराल के बाद 10 तारीख को सुबह 4 बजे से रात 12 बजे तक महिलाओं को सौभाग्यवती सिंदूर का वितरण किया जाएगा। इसी दिन माता को अर्पित अन्नकूट का प्रसाद भी श्रद्धालुओं में बांटा जाएगा। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, सिंदूर वितरण के दिन सबसे ज्यादा महिलाओं की भीड़ उमड़ती है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। रूप चौदस से दिवाली और अन्नकूट तक होंगे विशेष आयोजन, महिलाओं को मिलेगा सौभाग्यवती सिंदूर.. पुराने शहर के नई पेठ इलाके में स्थित इस प्राचीन मंदिर में धनतेरस की सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। कोई परिवार की खुशहाली तो कोई व्यापार में तरक्की और आर्थिक समृद्धि की कामना लेकर माता के दरबार में पहुंच रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस दीपोत्सव में मंदिर में विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन जारी रहेंगे。
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113 वर्ष पुराने राम जानकी मंदिर के जीर्णोद्धार की रखी आधारशिला, जल्द शुरू होगा कार्य

Mohmmad SiddiqueMohmmad SiddiqueFollow10m ago
Maharajganj, Uttar Pradesh:महराजगंज, 6 नवंबर। फरेंदा रोड स्थित टेढ़वा कुटी परिसर में स्थापित 113 वर्ष पुराने ऐतिहासिक राम जानकी मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य जल्द शुरू होगा। शुक्रवार को सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने विधिवत पूजन-अर्चन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पांच ईंटें रखकर मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य की आधारशिला रखी। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल भी मौजूद रहे। मंदिर के देखरेखकर्ता संत कुमार वर्मा ने बताया कि राम जानकी मंदिर का निर्माण वर्ष 1913 में हुआ था। मंदिर के तत्कालीन पुजारी जय गुरुदेव बाबा के सानिध्य में यहां सुबह-शाम नियमित रूप से पूजा-अर्चना और आरती होती थी। वर्तमान में भी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीरामचंद्र एवं लक्ष्मण जी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। प्रत्येक वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर यहां भव्य जन्मोत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। आधारशिला रखने के बाद सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने कहा कि यह मंदिर नगर के प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है। 113 वर्ष पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार होना नगरवासियों के लिए हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए मंदिरों का निर्माण और उनका संरक्षण बेहद जरूरी है। प्राचीन मंदिर हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं, जिनका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। मंदिर के जीर्णोद्धार की आधारशिला रखे जाने से क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों में खुशी का माहौल है। इस दौरान संजीव शुक्ला, राकेश गुप्ता, राकेश अग्रहरी, विनोद गुप्ता, संजय पांडेय, अखिलेश्वर राव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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मऊरानीपुर: दीपावली पर मिठाई खरीदते समय रहें सावधान! कहीं आपको भी तो नहीं लग रहा घटतौली का चूना?

Rajeev DixitRajeev DixitFollow10m ago
Mauranipur, Uttar Pradesh:मऊरानीपुर/झांसी। दीपावली का त्योहार आते ही मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग अपनों के लिए मिठाइयां खरीदकर त्योहार की खुशियां बांटने में जुटे हैं, लेकिन इसी बीच मिठाई की तौल को लेकर ग्राहकों की जेब पर कथित तौर पर डाका डालने का मामला सामने आ रहा है। सवाल यह है कि त्योहार की मिठास के बीच कहीं दुकानदार आपको घटतौली का चूना तो नहीं लगा रहे? आरोप है कि कुछ मिठाई विक्रेता मिठाई तौलते समय डिब्बे और उसके ढक्कन को भी तराजू पर रखकर वजन कर रहे हैं। ऐसे में ग्राहक जब 500 ग्राम मिठाई के पैसे देता है तो शुरुआती तौल में ही डिब्बे सहित वजन दिखाया जाता है। डिब्बे और ढक्कन का वजन हटाने के बाद वास्तविक मिठाई की मात्रा करीब 400 ग्राम तक रह जाने की आशंका जताई जा रही है। यानी ग्राहक को 500 ग्राम के नाम पर करीब 100 ग्राम मिठाई का नुकसान उठाना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल बाट-माप विभाग पर! हैरानी की बात यह है कि त्योहार के दौरान मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की बढ़ती भीड़ और घटतौली की शिकायतों की आशंका के बावजूद बाट-माप विभाग की सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आखिर त्योहार से पहले या त्योहार के दौरान विभाग की ओर से दुकानों पर सघन जांच अभियान क्यों नहीं चलाया गया? क्या विभाग को बाजार में हो रही तौल संबंधी गड़बड़ियों की जानकारी नहीं है या फिर जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के लिए किसी शिकायत का इंतजार कर रहे हैं? यदि समय रहते दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटों, बाट और मिठाई की तौल की जांच की जाए तो ग्राहकों को होने वाली इस कथित ठगी पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी जरूरी है।
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केएमसी मेडिकल कॉलेज में होगी एमडी एवं एमएस की पढ़ाई, 76 पीजी सीटों को मिली स्वीकृति

AMIT KUMAR TRIPATHIAMIT KUMAR TRIPATHIFollow15m ago
Mahuwa, Uttar Pradesh:महराजगंज। पूर्वांचल के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, महराजगंज को पोस्ट ग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों की स्वीकृति मिली है। अब कॉलेज में एमबीबीएस के साथ-साथ एमडी (MD) एवं एमएस (MS) की पढ़ाई का रास्ता भी खुल गया है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की ओर से जारी तत्कालीन स्वीकृति सूची के अनुसार, कॉलेज को विभिन्न विभागों में कुल 76 पीजी सीटों की मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। इस उपलब्धि से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में केएमसी मेडिकल कॉलेज ने एक नया मुकाम हासिल किया है। *19 विभागों में शुरू होंगे विशेषज्ञता के पाठ्यक्रम* राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की 6 नवंबर 2026 को प्रकाशित शैक्षणिक सत्र 2026-27 की अपडेटेड पीजी ब्रॉड स्पेशियलिटी सीट मैट्रिक्स में केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, महराजगंज का नाम शामिल है। आयोग की सूची में कॉलेज के कुल 19 पीजी पाठ्यक्रम दर्ज हैं। इनमें एमडी के 14 और एमएस के 5 पाठ्यक्रम शामिल हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए 4 सीटें निर्धारित हैं। स्वीकृत पाठ्यक्रमों का विवरण इस प्रकार है: एमडी (MD) - जनरल मेडिसिन, एनेस्थीसियोलॉजी, पीडियाट्रिक्स,डर्मेटोलॉजी,साइकियाट्री ,माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी,रेडियो डायग्नोसिस, एनाटॉमी ,फिजियोलॉजी,बायोकेमिस्ट्री,फार्माकोलॉजी ,फॉरेंसिक मेडिसिन,कम्युनिटी मेडिसिन तथा एमएस (MS)- जनरल सर्जरी ,ऑर्थोपेडिक्स,ईएनटी,ऑप्थैल्मोलॉजी,ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी | इस प्रकार 14 एमडी पाठ्यक्रमों में 56 सीटें और 5 एमएस पाठ्यक्रमों में 20 सीटें मिलाकर कुल 76 सीटें उपलब्ध होंगी। इससे पूर्वांचल के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा । अब तक एमडी एवं एमएस की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को महराजगंज और आसपास के क्षेत्रों से बाहर के मेडिकल कॉलेजों का रुख करना पड़ता था। लेकिन पीजी पाठ्यक्रमों की स्वीकृति से स्थानीय और आसपास के जिलों के मेधावी मेडिकल विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल विद्यार्थियों को लाभ होगा, बल्कि क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और शोध के नए अवसर भी विकसित होंगे। एमडी और एमएस की पढ़ाई शुरू होने से विभिन्न चिकित्सा विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रशिक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की इस उपलब्धि को संस्थान के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एमबीबीएस की पढ़ाई से शुरुआत करने वाले संस्थान के लिए अब पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ना बड़ी उपलब्धि है। संस्थान के चेयरमैन श्री विनय कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में कॉलेज के शैक्षणिक विस्तार को लेकर यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। इससे केएमसी परिवार, चिकित्सकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। उन्होनें कहा कि महराजगंज में एमडी एवं एमएस पाठ्यक्रमों की शुरुआत से केएमसी मेडिकल कॉलेज को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह संस्थान पूर्वांचल में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए सभी चिकित्सक,अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र है । दीपावली के अवसर पर मिली यह उपलब्धि केएमसी परिवार के लिए किसी बड़े उपहार से कम नही
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