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Umang WaliaUmang WaliaFollow29 Jul 2024, 12:48 pm

आगामी 5 अगस्त को ब्राह्मण धर्मशाला में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन

Hathin, Haryana:

हथीन विधानसभा में कांग्रेस नेता बलजीत डागर ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर बताया कि पलवल की ब्राह्मण धर्मशाला में 5 अगस्त को जिलास्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन होगी। इस सम्मेलन में पूर्व CM व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान इसकी अध्यक्षता करेंगे। सम्मेलन का संयोजन पूर्व मंत्री करण दलाल के नेतृत्व में किया जाएगा। बलजीत डागर ने कहा कि कांग्रेसगण इस सम्मेलन में एकजुट होंगे तथा हथीन से बड़ी संख्या में लोग भाग भी लेंगे।

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DM ने फार्मर ID निर्माण में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई; तीन किसान सलाहकार चयनमुक्त

Jamui, Bihar: females: फ़ार्मर आईडी निर्माण में लापरवाही पर डीएम की बड़ी कार्रवाई, तीन किसान सलाहकार चयनमुक्ति की जद में, राजस्व कर्मचारी निलंबित जमुई बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी फार्मर रजिस्ट्री योजना को लेकर जमुई जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त मोड में आ गया है। जिले में 12 मई से 30 जून 2026 तक मिशन मोड में चलाए जा रहे फ़ार्मर आईडी निर्माण अभियान की समीक्षा के दौरान कई कर्मियों की लापरवाही सामने आने पर जिला पदाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है。 समीक्षा में पाया गया कि कई बार चेतावनी और निर्देश दिए जाने के बावजूद कुछ कर्मियों के कार्य में कोई सुधार नहीं हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए सोनो के किसान सलाहकार अशोक दास, गिद्धौर की किसान सलाहकार अंजलि कुमारी तथा इस्लामनगर अलीगंज के किसान सलाहकार राकेश रंजन कुमार के खिलाफ चयनमुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं बरहट अंचल कार्यालय में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी पंकज कुमार को सरकारी कार्यों में लापरवाही और फ़ार्मर आईडी निर्माण की धीमी प्रगति के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय चकाई अंचल कार्यालय निर्धारित किया गया है。 मामले की पुष्टि जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी मेनका कुमारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में की गई है। प्रेस रिलीज में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, जिसके बाद जिला पदाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद जिले के अधिकारियों और कर्मियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों, राजस्व कर्मचारियों, कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि 30 जून 2026 तक लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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भिवाड़ी में 8 माह की मासूम के तेजाब से हत्या: मां सपना गिरफ्तार

Bagheri Kalan, Rajasthan:खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी में फेज थर्ड थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक कलयुगी मां ने अपनी ही 8 महीने की मासूम बेटी काव्या को तेजाब पिलाकर मौत के घाट उतार दिया था। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोपी मां सपना को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को भिवाड़ी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 15 दिन के लिए जेल भेजने के आदेश दिए। जानकारी के अनुसार मोहित प्रजापत नाम का युवक अपनी पत्नी सपना और 8 महीने की बेटी काव्या के साथ भिवाड़ी में रह रहा था। परिवार मूल रूप से राजस्थान के डीग का रहने वाला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सपना अपने मायके जाना चाहती थी, लेकिन किसी बात को लेकर पति उसे मायके नहीं ले जा रहा था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ और गुस्से में आकर सपना ने ऐसा खौफनाक कदम उठा लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। आरोप है कि सपना ने अपनी ही 8 महीने की मासूम बेटी काव्या को तेजाब पिला दिया। तेजाब पीते ही बच्ची की हालत बिगड़ गई थी, गंभीर हालत में बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे अलवर रेफर किया गया। लेकिन जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही मासूम काव्या आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद पिता मोहित प्रजापत ने अपनी पत्नी सपना के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया, जिसके बाद फेज थर्ड थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी मां सपना को गिरफ्तार कर लिया है। थानाधिकारी प्रदीप नेहरा की माने तो सपना को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दिए गए है, अभी पूछताछ में सामने आया है कि मोहित सपना को उसके मायके लेकर नहीं जा रहा था, इसी बात से नाराज सपना ने 8 माह की काव्या के तेजाब दिया था।
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सीएम धामी SDG पुरस्कार समारोह में नवाचार और बदलाव के योगदान को सम्मानित किया

Noida, Uttar Pradesh:SDG अचीवर्स पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अवसर उन व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित करने के लिए समर्पित है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार, उत्कृष्टता और उत्कृष्ट कार्यों के माध्यम से समाज में अनुकरणीय योगदान दिया है। सभी विशिष्ट अतिथियों और संगठनों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित बदलाव लाने वालों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गर्व का विषय है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में निरंतर कार्य किया है।
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बिहार पुलिस सिपाही भर्ती फाइनल रिजल्ट जारी: 19,838 चयनित

Patna, Bihar:बिहार पुलिस सिपाही भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, 19,838 अभ्यर्थियों का हुआ चयन केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने विज्ञापन संख्या 01/2025 का फाइनल रिजल्ट जारी किया। बिहार पुलिस और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) में कुल 19,838 पदों पर भर्ती होगी। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए 17,06,628 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 13,30,121 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे। लिखित परीक्षा के बाद 99,690 अभ्यर्थियों को PET के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में कुल 79,932 अभ्यर्थी शामिल हुए। PET में 50,477 पुरुष, 29,426 महिला और 29 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों ने भाग लिया। अंतिम चयन सूची में 19,838 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। बिहार पुलिस के लिए 16,852 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) के लिए 2,986 अभ्यर्थियों को चुना गया है। चयनित अभ्यर्थियों में 12,509 पुरुष और 7,312 महिलाएं शामिल हैं। 17 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों का भी अंतिम चयन हुआ है। 332 प्रशिक्षित गृह रक्षक और 190 स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को भी चयन सूची में जगह मिली है। सामान्य वर्ग के 7,935 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। EWS वर्ग से 1,983 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। पिछड़ा वर्ग से 2,381 और अत्यंत पिछड़ा वर्ग से 3,571 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। अनुसूचित जाति के 3,174 और अनुसूचित जनजाति के 199 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। पिछड़ा वर्ग महिला कोटे से 595 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। चयनित अभ्यर्थियों को 20 जून 2026 से 19 जुलाई 2026 के बीच योगदान देना होगा। नियुक्ति से पहले चरित्र सत्यापन और मेडिकल जांच कराई जाएगी.
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राजगढ़ में बड़ी वारदात की साजिश नाकाम, पुलिस ने 4 बदमाश गिरफ्तार

Churu, Rajasthan:राजगढ़ में बड़ी वारदात की साजिश पुलिस ने कर दी नाकाम। सादुलपुर पुलिस ने 4 बदमाशों को दबोचा। राजगढ़ क्षेत्र में होने वाली एक संभावित बड़ी वारदात को समय रहते नाकाम कर दिया गया। पुलिस ने घेराबंदी कर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 लोडेड अवैध देशी पिस्टल, 7 जिंदा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। IPS अभिजीत पाटिल ने बताया कि पुलिस को संदिग्ध युवकों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई और इलाके में नाकाबंदी कर घेराबंदी की गई। इसी दौरान चार युवकों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार युवकों के कब्जे से अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं, जो किसी गंभीर वारदात की तैयारी की ओर इशारा करते हैं। हमारी टीम आरोपी दीपक उर्फ संदीप, राहुल और रोहित उर्फ मेंटल सहित चारों बदमाशों को न्यायालय में पेश किया, जहां से तीन दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किस वारदात को अंजाम देने वाले थे और इनके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। IPS अभिजीत पाटिल ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि जिले में अपराध और अवैध हथियार रखने वाले के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “इनके साथ जो भी शामिल होगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।” साथ ही पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में भी जुट गई है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की तetéरता की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी घटना टल गई।
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महराजगंज में अवैध खनन पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 71 वाहन सीज

Maharajganj, Uttar Pradesh:महराजगंज जनपद में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्र से 71 वाहनों को सीज किया गया। इस दौरान अवैध रूप से मिट्टी बालू खनन एवं परिवहन में संलिप्त 45 ट्रैक्टर ट्राली 12 लोडर चार जेसीबी, सात डंपर समेत एक पिकअप और एक दो पहिया वाहन को सीज किया गया है। वही पुलिस और प्रशासन के इस ताबड़तोड़ कार्यवाही से तस्करों और अवैध मिट्टी एवं बालू खनन करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि इस अभियान के दौरान अवैध रूप से मिट्टी और बालू खनन तथा उनके परिवहन में लगे वाहनों की जांच की गई। जिन वाहनों के पास आवश्यक दस्तावेज और खनन अनुमति पत्र नहीं थे उन्हें सीज कर दिया गया क्योंकि अवैध खनन से न केवल राजस्व की छत पहुंचती है बल्कि पर्यावरण एवं कानून व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है; इसी के दृष्टिगत रखते हुए जनपद में लगातार अभियान चलाकर ऐसे तत्वों के विरुद्ध प्रभावित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि 25-26 मई की रात को भी पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 13 ट्रैक्टर-ट्रॉली, सात लोडर, दो जेसीबी मशीन और दो डंपर को सीज किया गया था और अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगा।
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एसआरएन अस्पताल में वकीलों के साथ मारपीट पर हाईकोर्ट ने आमरण अनशन शुरू किया

Prayagraj, Uttar Pradesh:एसआरएन हॉस्पिटल में महिला वकीलों के साथ मारपीट का मामला, हाईकोर्ट के वकीलों में हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी, निलंबित जूनियर डॉक्टरों का नाम खोलने की मांग को लेकर अनशन, हाईकोर्ट के सामने अंबेडकर प्रतिमा के पास वकीलों ने शुरू किया आमरण। संगम नगरी प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल में 20 मई को महिला वकीलों के साथ जूनियर डॉक्टरों द्वारा की गई मारपीट का मामला तूल पकड़ने लगा है। घटना के 7 दिन बीतने के बावजूद मारपीट के आरोपी जूनियर डॉक्टरों का नाम नहीं आने के चलते हाईकोर्ट के वकीलों में नाराज़गी है। बुधवार से अधिवक्ता रितेश श्रीवास्तव की अगुवाई में वकीलों ने अंबेडकर प्रतिमा के पास आमरण अनशन शुरू कर दिया है। आमरण अनशन पर बैठे वकीलों का कहना है कि मांगे पूरी नहीं होने तक अब आमरण अनशन जारी रहेगा। आमरण अनशन पर बैठे वकीलों का कहना है कि घटना के बाद 22 मई को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टरों को निलंबित करने का आदेश जारी किया। लेकिन किन लोगों को निलंबित किया गया, यह आदेश में न तो स्पष्ट है और न ही घटना के सात दिनों बाद स्पष्ट हो पाया है। ऐसे में किन लोगों के खिलाफ और क्या कार्रवाई होगी यह भी अंधेरे में है। आमरण अनशन पर बैठे अधिवक्ताओं के पास अनशन के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है। आमरण अनशन पर बैठे वकीलों का कहना है कि मारपीट की घटना में शामिल जूनियर डॉक्टरों के नाम का खुलासा होगा। तभी यह अनशन ख़त्म होगा। वरना आने वाले दिनों में यह आमरण अनशन एक बड़े आंदोलन का रुख ले लेगा। बता दें कि 20 मई की सुबह में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज द्वारा संचालित एसआरएन हॉस्पिटल के ट्रामा सेंटर में घायल अधिवक्ता जागृति शुक्ला के इलाज के लिए महिला वकीل पहुंची थीं। इसी दौरान इलाज को लेकर जूनियर डॉक्टरों से कहासुनी हुई और यह कहासुनी कुछ ही देर में जंग में तब्दील हो गई। जूनियर डॉक्टरों पर महिला वकीलों ने मारपीट का आरोप लगाया। जिसका वीडियो सामने आने के बाद वकीलों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। लेकिन वकीलों की तरफ से अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और उसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने घटना के समय ड्यूटी पर तैनात रहने वाले जूनियर डॉक्टरों को निलंबित करते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। जांच कमेटी को तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट देनी थी, लेकिन घटना के 7 दिन बीतने के बावजूद अभी तक मारपीट में शामिल जूनियर डॉक्टरों के न तो नाम सामने आया है और नहीं घटना की जांच रिपोर्ट आई है। जिसको लेकर वकीलों में नाराज़गी है, वकीलों ने डॉक्टरों का नाम सामने लाने की मांग کو लेकर हाईकोर्ट के सामने अंबेडकर प्रतिमा के पास आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
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धनबाद के लटानी में करोड़ों टंकी के बावजूद पानी नहीं मिल रहा

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले प्रशासन भीषण गर्मी में पानी की किल्लत दूर करने, ग्रामीणों को सहूलियत देने का दावा जरूर कर रहा है। लेकिन ग्रामीणों को पानी के लिए हर दिन जूझना पड़ रहा है। बड़े-बड़े पानी टँकी केवल दिखावे विकास की झूठी स्थिति को बयां कर रहे हैं। सरकार जहां एक ओर हर घर नल का जल पहुंचाने के बड़े दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी अंतर्गत लटानी पंचायत के ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। विकास के तमाम दावों के बीच आज भी स्थानीय महिलाएं एवं पुरुष सैकड़ों की संख्या में बाल्टी लेकर पानी की तलाश में भटकنے को मजबूर हैं। हैरानी की बात यह है कि लटानी मोड़ के पास करोड़ों की लागत से पानी की विशाल टंकी तो खड़ी कर दी गई है, लेकिन स्थानीय निवासियों को उसमें से पानी की एक बूंद तक नसीब नहीं हो रही है। जिस जगह पर यह टंकी मौजूद है, ठीक उसी के नीचे रहने वाले लोग आज प्यासे रहने को विवश हैं। सरकारी दावों के विपरीत यह टंकी सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है, ग्रामीणों के मुताबिक इस टंकी से जलापूर्ति का जिम्मा श्रीराम ईपीसी कंपनी के पास है। जब ग्रामीणों ने पानी न मिलने की शिकायत की, तो कंपनी के कर्मियों ने साफ कह दिया हमारा पुराना बकाया भुगतान अभी तक नहीं मिला है। जब तक विभाग बकाया राशि का भुगतान नहीं करता, तब तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं की जाएगी। कंपनी और विभाग के बीच पैसे के इस विवाद का खामियाजा गरीब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। प्रशासन से जल्द से जल्द गुहार ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और पेयजल स्वच्छता विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि प्रशासन जनता की इस मूलभूत समस्या को लेकर पूरी तरह लापरवाही बना हुआ है। त्रस्त ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा के नाम पर उनके साथ खिलवाड़ बंद किया जाए और जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए, अन्यथा ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
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बैटरी फटने से घर और दुकान में आग, लाखों का नुकसान

Khajuria Khurd, Bihar:बैटरी फटने से लगी आग, लाखों का सामान जलकर हुआ खाक दुकान और घर में मची अफरातफरी, फायर बिग्रेड ने पाया आग पर काबू मोहनिया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 में एक दुखद अग्निकांड की घटना सामने आई है, जहाँ बैटरी फटने के कारण सुमित पासवान के घर में भीषण आग लग गई। स्थानीय निवासी सुमित ने बताया कि वे अपने घर में कपड़े प्रेस कर रहे थे, तभी अचानक गैस लीक होने जैसी अजीब आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने जाकर देखा, तो बैटरी से धुआं निकल रहा था। उन्होंने इसकी रिकॉर्डिंग भी की है। सुमित के अनुसार, डर के मारे वे और उनके घरवाले छत पर चले गए। जब वे वापस आए, तो देखा कि घर में आग लग चुकी थी। उन्होंने तुरंत फायर बिग्रेड को सूचित किया, जिसके बाद लगभग 15 मिनट के भीतर दमकल की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग के आने से पहले ही आगे और पीछे से पानी डालकर आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश की। इस अग्निकांड में सुमित का घर और उसमें बनी इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई। सुमित ने बताया कि दुकान में रखा सारा सामान, जिसमें टीवी, स्क्रीन, फ्रिज और अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल थे, जलकर नष्ट हो गए हैं। उनके अनुसार, इस घटना में लगभग 3 से 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर, मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के कर्मचारी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए इसे एक बड़ी क्षति बताया है। फिलहाल, क्षेत्र में इस हादसे की चर्चा जोरों पर है और लोग इसे एक बड़ी दुर्घटना मान रहे हैं। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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SC के फैसले से वोटर लिस्ट पर आयोग की कसौटी, क्या आपका नाम सही है?

Noida, Uttar Pradesh:सुप्रीम कोर्ट के लिखित फैसले में निष्कर्ष और दिशानिर्देश:- 1 SIR की प्रकिया जनप्रतिनिधत्व कानून के खिलाफ नहीं है।यह संविधान के अनुच्छेद 324 और RP एक्ट के सेक्शन 21 के तहत के तहत चुनाव आयोग की अधिकार क्षेत्र ने आती है। SIR का मकसद निष्पक्ष और सही चुनाव सुनिश्चित करना है。 2 SIR प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग जो कदम उठाए , वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के मुताबिक पूरी तरह और संतुलित हैं।इसका मुख्य मकसद मतदाता सूची को सही और अपडेट करना है।जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटे है, उनके लिए भी इसमें राहत और अपील का मौका दिया है。 3 अगर किसी का नाम पहले से मतदाता सूची में है तो यह माना जा सकता है कि वो वैध मतदाता है। लेकिन वोटर लिस्ट में नाम होना अंतिम प्रमाण नहीं है।उसे जांचकर बदला जा सकता है।चुनाव आयोग को पूरी मतदाता सूची की जांच करने का अधिकार है。 4 मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 21A के खिलाफ नहीं है। जिन लोगों के नाम हटाए गए, उनकी प्रक्रिया कानून के अनुसार ही की गई है。 उन्हें नोटिस दिया गया और उन्हें अपनी बात रखने का मौक़ा भी दिया गया। 5 चुनाव आयोग ने यह तय किया कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने/ जांचने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज मान्य होंगे। वह उसका सोच-समझकर लिया गया प्रशासनिक फैसला है। आधार कार्ड को शामिल करने का आदेश भी इस कोर्ट ने 8 सितंबर 2025 को दिया गया था।इसलिए उसे भी दस्तावेजों शामिल किया गया है।दस्तावेजों को चयन मनमाने तरीके से नहीं किया गया है। इसके पीछे वाजिब आधार है। 6 चुनाव आयोग अपने संवैधानिक अधिकार के तहत यह सीमित जांच कर सकता है कि कोई व्यक्ति नागरिक है या नहीं लेकिन सिर्फ यह तय करने के लिए कि उसे वोटर लिस्ट में शामिल किया जाए या नहीं। चुनाव आयोग की जांच केवल मतदाता सूची के लिए होती है।इसका मतलब यह नहीं है कि चुनाव आयोग किसी व्यक्ति की नागरिकता का अंतिम और कानूनी फैसला कर रहा हो। अगर किसी व्यक्ति को नागरिक न मानकर वोटर लिस्ट से हटाया जाता है, तो इसका असर सिर्फ इतना है कि वह वोट नहीं दे पाएगा।लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसकी नागरिकता खत्म हो गई है।नागरिकता का असली और अंतिम फैसला केंद्र सरकार के सक्षम ऑथरिटी करती है 7 चुनाव आयोग केवल यह देखता है कि व्यक्ति वोटर लिस्ट में रहने योग्य है या नहीं। लेकिन वह नागरिकता पर अंतिम फैसला नहीं दे सकता। अगर चुनाव आयोग को यह लगता है कि कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल होने की कानूनी शर्तें पूरी नहीं करता, तो आयोग को उस व्यक्ति का मामला केंद्र सरकार के सक्षम ऑथरिटी के पास भेजना होगा। वही नागरिकता तय कर सकता है 8 1SIR की प्रकिया जनप्रतिनिधत्व कानून के खिलाफ नहीं है।यह संविधान के अनुच्छेद 324 और RP एक्ट के सेक्शन 21 के तहत के तहत चुनाव आयोग की अधिकार क्षेत्र ने आती है। SIR का मकसद निष्पक्ष और सही चुनाव सुनिश्चित करना है。 2 SIR प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग जो कदम उठाए , वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के मुताबिक पूरी तरह और संतुलित हैं।इसका मुख्य मकसद मतदाता सूची को सही और अपडेट करना है।जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटे है, उनके लिए भी इसमें राहत और अपील का मौका दिया गया है。 3 अगर किसी का नाम पहले से मतदाता सूची में है तो यह माना जा सकता है कि वो वैध मतदाता है। लेकिन वोटर लिस्ट में नाम होना अंतिम प्रमाण नहीं है।उसे जांचकर बदला जा सकता है।चुनाव आयोग को पूरी मतदाता सूची की जांच करने का अधिकार है。 4 मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 21A के खिलाफ नहीं है। जिन लोगों के नाम हटाए गए, उनकी प्रक्रिया कानून के अनुसार ही की गई है। उन्हें नोटिस दिया गया और उनहे अपनी बात रखने का मौक़ा भी दिया गया。 5 आयोग ने यह तय किया कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने/ जांचने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज मान्य होंगे। वह उसका सोच-समझकर लिया गया प्रशासनिक फैसला है। आधार कार्ड को शामिल करने का आदेश भी इस कोर्ट ने 8 सितंबर 2025 को दिया गया था।इसलिए उसे भी दस्तावेजों शामिल किया गया है।दस्तावेजों को चयन मनमाने तरीके से नहीं किया गया है। इसके पीछे वाजिब आधार है。 6चुनाव आयोग अपने संवैधानिक अधिकार के तहत यह सीमित जांच कर सकता है कि कोई व्यक्ति नागरिक है या नहीं लेकिन सिर्फ यह तय करने के लिए कि उसे वोटर लिस्ट में शामिल किया जाए या नहीं। चुनाव आयोग की जांच केवल मतदाता सूची के लिए होती है।इसका मतलब यह नहीं है कि चुनाव आयोग किसी व्यक्ति की नागरिकता का अंतिम और कानूनी फैसला कर रहा हो。 अगर किसी व्यक्ति को नागरिक न मानकर वोटर लिस्ट से हटाया जाता है, तो इसका असर सिर्फ इतना है कि वह वोट नहीं दे पाएगा।लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसकी नागरिकता खत्म हो गई है。 नागरिकता का असली और अंतिम फैसला केंद्र सरकार के सक्षम ऑथरिटी करती गया 7 चुनाव आयोग केवल यह देखता है कि व्यक्ति वोटर लिस्ट में रहने योग्य है या नहीं。 लेकिन वह नागरिकता पर अंतिम फैसला नहीं दे सकता। अगर चुनाव आयोग को यह लगता है कि कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल होने की कानूनी शर्तें पूरी नहीं करता, तो आयोग को उस व्यक्ति का मामला केंद्र सरकार के सक्षम ऑथरिटी के पास भेजना होगा। वही नागरिकता तय कर सकता है 8 चुनाव आयोग ने जिन लोगों के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में होने के बावजूद उन्हें भारतीय नागरिक नहीं मानते हुए हटाए है, उनके मामलों को आयोग को 4 हफ्तों में नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत बनी सक्षम ऑथिर Authority को भेजेगा। ऑथरिटी कानून के अनुसार यह तय करेगी कि व्यक्ति वास्तव में भारतीय नागरिक है या नहीं।। यह फैसला अगली चुनाव प्रक्रिया (लोकसभा, विधानसभा या स्थानीय निकाय चुनाव) से पहले करने की कोशिश की जाएगी।जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें भी ऑथरिटी की ओर से नोटिस दिया जाएगा उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। अगर कोई अथॉरिटी केस नतीजे पर पहुँचती है कि वह व्यक्ति भारतीय नागरिक है, तो उसका नाम फिर से वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा। 9 अगर बिहार में रहने वाले किसी व्यक्ति का नाम गलती से काटा गया है ।तो वह व्यक्ति चुनाव आयोग के फैसले को अदालत में चुनौती दे सकता है। चुनाव आयोग ने जिन लोगों के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में होने के बावजूद उन्हें भारतीय नागरिक नहीं मानते हुए हटाए है, उनके मामलों को आयोग को 4 हफ्तों में नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत बनी सक्षम ऑथिर Authority को भेजेगा। ऑथरिता कानून के अनुसार यह तय करेगी कि व्यक्ति वास्तव में भारतीय नागरिक है या नहीं।। यह फैसला अगली चुनाव प्रक्रिया (लोकसभा, विधानसभा या स्थानीय निकाय चुनाव) से पहले करने की कोशिश की जाएगीजिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें भी ऑथर Authority की ओर से नोटिस दिया जाएगा उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। अगर कोई अथॉरिटी केस नतीजे पर पहुँचती है कि वह व्यक्ति भारतीय नागरिक है, तो उसका नाम फिर से वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा。 *अगर बिहार में रहने वाले किसी व्यक्ति का नाम गलती से काटा गया है ।तो वह व्यक्ति चुनाव आयोग के फैसले को अदालत में चुनौती दे सकता है।
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इंदौर मिलावट माफिया पर कलेक्टर का शिकंजा: 15 मामलों में 41 लाख जुर्माना

Indore, Madhya Pradesh:मिलावट माफिया पर कलेक्टर का शिकंजा जिसके चलते 15 मामलों में 41 लाख की पेनल्टी इंदौर खाद्य विभाग और कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर मिलावट माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई । अपर कलेक्टर न्यायालय ने अमानक खाद्य सामग्री बेचने वाले 15 मामलों में कुल 41 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। मिथ्या पब ओर अन्य स्थलों पर अमानक खाद्य सामग्री पर जिला प्रशासन का कड़ा प्रहार देखने को मिला कलेक्टर बोले- दबिश, सैंपलिंग और सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी मीडिया से चर्चा में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में जिला प्रशासन इंदौर मिलावटखोरों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। हम ऐसे संस्थानों पर दबिश देते हैं, सैंपल लेते हैं। कमी पाए जाने पर सीलिंग और वैधानिक कार्रवाई करते हैं कोर्ट केस में भी sख्ती कलेक्टर ने बताया जो केस कोर्ट में दर्ज होते हैं, उन पर भी फॉलोअप कर दंड लगवाते हैं। आज ही 15 केसों में अपर कलेक्टर न्यायालय ने करीब 41 लाख का दंड लगाया है। यह पूरी राशि वसूल की जाएगी। अभियान आगे भी जारी मिलावट से मुक्ति के लिए हमारा अभियान निरंतर चलता रहेगा। मिलावटखोरों पर इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी कलेक्टर ने कहा खाद्य विभाग की टीम लगातार मावा, पनीर, घी, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल ले रही है। अमानक पाए जाने पर तत्काल लाइसेंस निरस्त कर FIR भी दर्ज की जा रही है।
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पटना के जॉब फेئر में युवा जुटे, 20 हजार नौकरियों का दावा

Patna, Bihar:नौकरी पाना आसान नही होता , नौकरी के लिए शिक्षा के साथ साथ खून भी जलाना पड़ता है । इसका उदाहरण दिखा आज पटना में जहाँ सरकार के जॉब फेयर में हजारों छात्र छात्राएं तपती धूप में घंटो कतार में खड़े होकर जॉब कंपनियों के सामने पहुंचने की जद्दोजहद में लगे थे। आप इन तस्वीरों को देखिये कि तपती दुपहरिया में ये छात्र कैसे ज्ञान भवन में घुसने के लिए अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे है। पटना के ज्ञान भवन में तीन दिवसीय जॉब फेयर का आज अंतिम दिन है। युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बिहार सरकार की ओर से आयोजित इस रोजगार मेले में अब 5 हजार से अधिक युवा पहुंचे। हेल्थ सेक्टर पर आधारित इस जॉब फेयर में 100 कंपनियां शामिल हुई हैं। सरकार का दावा है कि मेले के जरिए करीब 20 हजार नौकरियां दी जाएंगी। बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं को संभालने के लिए सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। ज्ञान भवन का पूरा परिसर सुबह से ही युवाओं की भीड़ से भर गया था। कोई हाथ में फाइल लिए कतार में खड़ा था तो कोई कंपनी के स्टॉल तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था। युवाओं के चेहरे पर नौकरी की उम्मीद साफ दिख रही थी। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी में लंबे समय बीत गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। ऐसे में अब निजी क्षेत्र ही विकल्प बनता जा रहा है। इस बार के रोजगार मेले का मुख्य फोकस हेल्थ सेक्टर रखा गया है। इसमें अस्पताल, हेल्थ केयर, नर्सिंग और मेडिकल सपोर्ट से जुड़ी कंपनियों ने भाग लिया। राज्य सरकार के मुताबिक इस जॉब फेयर के लिए 62 हजार से अधिक युवाओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। यही वजह रही कि पहले दिन ही ज्ञान भवन के बाहर लंबी लाइनें लग गईं। रोजगार मेले में सिर्फ नए युवा ही नहीं पहुंचे। ऐसी महिलाएं भी दिखीं जिन्होंने कई साल पहले एएनएम की ट्रेनिंग पूरी की थी, लेकिन सरकारी नौकरी नहीं मिलने के कारण अब निजी कंपनियों में अवसर तलाश रही हैं। कुछ महिलाएं अपने बच्चों के साथ इंटरव्यू देने पहुंचीं। उनका कहना था कि लंबे इंतजार के बाद अब निजी क्षेत्र से ही उम्मीद बची है। भीषण गर्मी के बावजूद युवाओं का उत्साह कम नहीं दिखा। कई अभ्यर्थी सुबह से शाम तक इंटरव्यू के इंतजार में परिसर में डटे रहे। बिहार की नई सम्राट सरकार ने युवाओं से वादा किया है कि एक साल में सात बार जॉब फेयर आयोजित किए जाएंगे। सरकार इसे रोजगार बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। हालांकि मेले में पहुंचे युवाओं की प्रतिक्रिया यह भी संकेत दे रही है कि सिर्फ आयोजन नहीं, बल्कि योग्यता के अनुरूप अवसर और अनुभव की बाधा को कम करना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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पाकिस्तानी ISI से जुड़ाव के आरोप: तेलंगाना पुलिस ने गाजियाबाद के युवक को गिरफ्तार किया

New Delhi, Delhi:पाकिस्तानी आतंकियों और खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने के आरोप में तेलंगाना पुलिस ने गाजियाबाद के युवक को गिरफ्तार किया स्लग ID- नीरज लोनी WT उत्तर प्रदेश के लोनी का रहने वाला जैद (22) जो की 2 महीने पहले गाजियाबाद से तेलंगाना होटल में वेटर की नौकरी के लिए गया था...जैद के पिता दिलीप खान ने बताया की उनको तेलंगाना पुलिस का फोन आया था...की आपके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है.. पिता का रो रोकर बुरा हाल है..पिता के पेट का इलाज चल रहा है..घर में 2 बच्चे और हैं... पिता ने बताया की यूपी पुलिस भी इनसे पूछताछ की है.. ((आरोप है कि युवक ने यूपी समेत देश के कई मंत्रियों के मोबाइल नंबर जुटाकर ISI एजेंटों और पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे थे))
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गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में जटिल थायरॉयड कैंसर का सफल ऑपरेशन कर नई जिंदगी दी

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में बड़ी कामयाबी, जटिल थायरॉयड कैंसर का सफल ऑपरेशन, मरीज को मिली नई जिंदगी गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में जटिल थायरॉयड कैंसर का सफल ऑपरेशन विश्व थायरॉयड दिवस पर ईएनटी विभाग की बड़ी उपलब्धि लंबे समय से दर्द और सूजन से परेशान था मरीज बीएचयू और टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट में भी लिया गया था परामर्श लंबी वेटिंग के बाद मरीज पहुंचा गाजीपुर मेडिकल कॉलेज डॉ. आनंद प्रकाश यादव के नेतृत्व में हुई सफल सर्जरी डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक किया टोटल थायरॉयडेक्टॉमी ऑपरेशन डॉ. सबा जमाल और डॉ. फैज की रही अहम भूमिका ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर, निगरानी में इलाज जारी प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा बोले- पूर्वांचल को मिल रही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवा गाजीपुर के महर्षि विश्वामित्र ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में विश्व थायरॉयड दिवस के मौके पर मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग ने जटिल थायरॉयड कैंसर से पीड़ित मरीज का सफल ऑपरेशन कर बड़ी चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल की है। बताया जा रहा है कि मरीज लंबे समय से गंभीर परेशानी से जूझ रहा था और बड़े संस्थानों में भी इलाज के लिए लंबा इंतजार बताया गया था। लेकिन गाजीपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने चुनौती को स्वीकार करते हुए सफल सर्जरी कर मरीज को नई उम्मीद दी है। मरीज गर्दन में सूजन, दर्द और दबाव की समस्या से लंबे समय से परेशान था। परिजनों के मुताबिक बीएचयू और टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट में भी परामर्श लिया गया, लेकिन ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार बताया गया था। लगातार बढ़ती दिक्कतों के बाद मरीज ने महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज गाजीपुर के ईएनटी विभाग में संपर्क किया। ईएनटी विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विस्तृत जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद मरीज को भर्ती किया और जटिल सर्जरी की योजना बनाई। विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रकाश यादव के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक टोटल थायरॉयडेक्टॉमी ऑपरेशन किया। इस जटिल सर्जरी में डॉ. सबा जमाल और डॉ. फैज की भी अहम भूमिका रही। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकीय निगरानी में उसका इलाज जारी है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे मेडिकल कॉलेज की उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों की समर्पित कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वहीं उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि गाजीपूर और पूर्वांचल के मरीजों को बड़े शहरों जैसी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा यहीं उपलब्ध हो। बाइट- डॉ. आनंद मिश्रा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, गाजीपुर
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