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AMAnil MohaniaFollow22 Oct 2024, 11:36 am
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शिक्षामंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्वास्थ्य मंत्री होने की बात बताई, विभाग भूल गए

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:पटना से मुजफ्फरपुर पहुंचते ही शिक्षा मंत्री भूल गये अपना विभाग,मुजफ्फरपुर मे बोले मिथिलेश तिवारी - सरकार ने मुझे स्वास्थ्य मंत्री बनाया और कह डाला की बिहार के हर घर से एक एक बच्चे से जुड़ा मंत्रालय है आखिर शिक्षा मंत्री डॉ मिथिलेश तिवारी पटना से मुजफ्फरपुर पहुंचते ही अपना विभाग भूल गए और कैमरे पर दिये गये एक बयान को लेकर चर्चाओ मे आ गये है,मुजफ्फरपुर के काँटी मे मीडिया से बातचीत के दौरान वो अपना मंत्रालय ही भूल गये और खुद को स्वास्थ्य मंत्री बता दिया. दरअसल शिक्षा मंत्री मुजफ्फरपुर आए थे, फिर यहाँ से के दूसरे जिला मे जाने के दौरान काँटी मे समर्थको ने उनका स्वागत किया.इसी दौरान पत्रकारों ने उन्हें मिली बड़ी जिम्मेदारी को लेकर सवाल पूछा तो मंत्री ने कहा - बिहार में काफी कुछ करने की जरूरत है और हम लोग करेंगे और ये अवसर हमे मिला है,हमारी पार्टी ने, हमारी सरकार ने मुझे 'स्वास्थ्य मंत्री' की जिम्मेदारी दी है.हमारा मंत्रालय बिहार के एक- एक घर के बच्चों से जुड़ा हुआ मंत्रालय है.बिहार की शिक्षा ही समृद्धि का आधार बने.इसके लिए काम करेंगे और काम हमने शुरू कर दिया है. शिक्षा मंत्री द्वारा खुद को स्वास्थ्य मंत्री कहे जाने का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा है,हालांकि ये एक सामान्य गलती है,बोलने मे चूक हुई है,इसे उन्हे सुधार करना चाहिए था,लेकिन वे सुधार नहीं करते हुए आगे बोलते रहे.लोग अब इसको लेकर सवाल उठा रहे है कि आखिर शिक्षा मंत्री खुद को स्वास्थ्य मंत्री बता रहे है तो फिर निशांत कुमार क्या है? बाइट - मिथिलेश तिवारी, शिक्षामंत्री, बिहार सरकार
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दादाल गांव में भूमि आवंटन के विरोध में धरना तनावपूर्ण, पुलिस-प्रशासन स्थिति संभाल रहा

Jalore, Rajasthan:जालोर जिले के सायला क्षेत्र के दादाल गांव में भूमि आवंटन को लेकर चल रहा धरना मंगलवार को तनावपूर्ण हो गया। धरना स्थल पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब RLP नेता थानसिंह डोली के नेतृत्व में धरनार्थी कार्य स्थल पर पहुंचकर चल रहे कार्य को बंद करवाने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति तानातनी में बदल गई। धरनार्थियों ने आरोप लगाया कि कार्य स्थल पर मौजूद ट्रैक्टर व जेसीबी को उनकी ओर बढ़ाया गया, जिससे कुचलने जैसे हालात बन गए। मौके पर मौजूद महिलाओं और बच्चों ने भागकर अपनी जान बचाई। घटना के दौरान माहौल और अधिक गर्मा गया तथा आक्रोशित धरनार्थियों ने कार्य कर रहे कुछ कर्मियों की ओर पथराव भी किया। इससे मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। धरनार्थियों का कहना है कि विवादित भूमि का आवंटन निरस्त होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है。
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गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के नाम पर पैसे का खेल, BHU रेफर मामला

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर सरकारी मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन का खेल अधूरा इलाज, पैसे का खेल और फिर मरीज को BHU रेफर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की मनमानी का बड़ा आरोप, अधूरा ऑपरेशन कर मरीज BHU रेफर परिजनों का आरोप- ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टर ने लिए 16 हजार रुपये बिना सीटी स्कैन कराए किया गया ऑपरेशन, बिगड़ी मरीज की हालत ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने अचानक कहा- पहले सीटी स्कैन कराओ परिजनों का आरोप- पूरी रात तड़पता रहा मरीज, देखने तक नहीं पहुंचे डॉक्टर हालत गंभीर होने पर आनन-फानन में वाराणसी BHU रेफर किया गया घायल डॉक्टर और परिजनों के बीच पैसों को लेकर बातचीत का ऑडियो वायरल आरोप- पहले खाते में लिया पैसा लौटाया, फिर नगद लेकर किया ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज प्राचार्य बोले- लिखित शिकायत मिलते ही होगी जांच और कार्रवाई सरकारी अस्पतालों में इलाज व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यशैली पर फिर उठे बड़े सवाल गाजीपुर के मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां सड़क हादसे में घायल युवक का कथित तौर पर बिना पूरी जांच के ऑपरेशन कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के नाम पर 16 हजार रुपये लिए। लेकिन हालत बिगड़ने पर मरीज को आनन-फानन में वाराणसी BHU रेफर कर दिया गया। इतना ही नहीं, डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच पैसों को लेकर बातचीत का ऑडियो भी वायरल हो रहा है। अब मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन जांच और कार्रवाई की बात कर रहा है। बता दें कि गाजीपुर के महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कथित मनमानी और लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। देवकठिया गांव निवासी जितेंद्र कुमार यादव सड़क हादसे में घायल होने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए गए थे। परिजनों का आरोप है कि इलाज कर रहे सर्जन डॉ. केके यादव ने ऑपरेशन के लिए 16 से 17 हजार रुपये की मांग की。 जिसके बाद पैसे दिए गए। लेकिन जरूरी जांच और सीटी स्कैन कराए बिना ही ऑपरेशन कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीज के पैर में दर्द और सूजन बढ़ने लगी। तब डॉक्टर ने अचानक सीटी स्कैन कराने की बात कही। आरोप है कि ऑपरेशन भी अधूरा छोड़ दिया गया और मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे जबरदस्ती वाराणसी BHU रेफर कर दिया गया। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि पूरी रात मरीज अस्पताल में भर्ती रहा लेकिन डॉक्टर देखने तक नहीं पहुंचे। इस पूरे मामले में डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें पैसे लेने और वापस करने की बात सामने आ रही है। हालांकि वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। लेकिन इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला बढ़ने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी हरकत में आया है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आनंद मिश्रा ने कहा है कि परिजनों से लिखित शिकायत मांगी गई है,  और जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी माना कि इंप्लांट के नाम पर पैसा लेने और वापस करने की जानकारी उनके संज्ञान में आई है। बाइट – जितेंद्र यादव, पीड़ित बाइट – रमेश सिंह यादव, परिजन बाइट – डॉ. आनंद मिश्रा, प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज गाजीपुर
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पैतृक मकान बंटवारे के विवाद में बड़े भाई ने महेश को पीटा, वीडियो वायरल

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी के मऊरनीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भदरवारा से मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। मकान के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों में विवाद इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष तक पहुंच गया। बड़े भाई ने बेटे और दोस्तों के साथ मिलकर महेश की पिटाई कर दी; जब वह घर में भागा तो वहां भी घुसकर पीटा। जिससे उसको बहुत चोट आई है। घटना के बाद घायल महेश ने थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायती पत्र देकर बड़े भाई, भतीजे और उसके दोस्तों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। दरअसल महेश और उसके बड़े भाई के बीच पैतृक मकान के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते झगड़ा इतना बढ़ गया कि गाली-गलौज के बाद मारपीट की नौबत आ गई। आरोप है कि बड़े भाई और उसके बेटे ने महेश के साथ जमकर मारपीट की। महेश जान बचाकर भागा और घर के अंदर घुस गया। लेकिन हमलावर यहीं नहीं रुके। बड़े भाई, उसके बेटे और दोस्तों ने घर में घुसकर भी महेश को बुरी तरह लात-घूंसों से पीटा। इस दौरान महेश गंभीर रूप से जख्मी हो गया। मारपीट के बाद आरोपी धमकी देकर मौके से फरार हो गए। ये पूरी घटना का किसी ने मोबाइल से वीडियो बनाकर वायरल कर दिया है।
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झारखंड राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नाथवानी के खिलाफ कांग्रेस नेता बालमुचू का बड़ा आरोप

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगामी तेज हो गई है. वहीं कांग्रेस पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार बालमुचू ने अपने ही गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री पर बड़ा आरोप लगाया है कि रिलायंस ग्रुप के बड़े उद्योगपति परिमल नाथवानी के साथ मुख्यमंत्री और भाजपा के साथ बड़ा डील हुआ है. साथ ही इन्होंने यह भी कहा कि हमें जो सूचना है जिसमें मुख्यमंत्री के बिना सहमति के नाथवानी मैदान में कैसे उतरेगा क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के पास पर्याप्त आंकड़ा नहीं है. कहीं ना कहीं एक बार फिर हॉर्स ट्रेडिंग तरफ चुनाव इशारा कर रहा है. वैसे पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार बालमुचू ने ऐलान किया कि परिमल नाथवानी का खुलकर विरोध करेंगे और सभी विधायकों से और अपने गठबंधन के विधायकों से आग्रह भी करेंगे कि परिमल नाथवानी को वोट नहीं करें. आपको याद दिला दे की दो बार झारखंड से राज्यसभा परिमल नाथवानी जा चुके हैं. और तीसरी बार झारखंड से किस्मत आज मानेगी. हालांकि अपने राज्यसभा जाने पर इन्होंने साफ कहा कि अगर निर्णय पार्टी लेगी तो कोई बात नहीं लेकिन मेरा कोई व्यक्तिगत विचार नहीं है राज्य सभा जाना. यह कहना है पूर्व राज्य सभा सांसद प्रदीप कुमार बालमुचू का。
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कटिहार में सहयोग शिविर से जनजातीय गरिमा उत्सव शुरुआत, जनता को योजनाओं का लाभ

Katihar, Bihar:सहयोग शिविर में आज पूरी बिहार सरकार आपके द्वार पर है -- डॉ प्रमोद कुमार सहयोग शिविर में फलका पहुंचे बिहार सरकार के खनन एवं भूतत्व विभाग और कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री सह कटिहार के जिला प्रभारी मंत्री डॉ प्रमोद कुमार बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को दिया धन्यवाद, गाँव के लोगों की समस्या को शिविर के माध्यम से पोर्टल बनाकर त्वरित समाधान का दिया विकल्प कटिहार में जनजातीय गरिमा उत्सव की तैयारी शुरु, 25 मई तक चलेगा यह अभियान कटिहार में जनजातीय समाज तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जिला प्रभारी मंत्री ने किया शुभारंभ जिले के 13 प्रखंडों में 25 मई तक “जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के तहत जनजातीय गरिमा उत्सव अभियान के दौरान स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद और विशेष कैंप शिविरों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, राशन, आवास, पेंशन, आयुष्मान, मनरेगा समेत विभिन्न योजनाओं से लोगों को जोड़ने का प्रयास ग्रामीणों की शिकायतों का मौके पर निष्पादन करने का लक्ष्य भी निर्धारित कटिहार में सहयोग शिविर का प्रारंभ कटिहार के सुदूरवर्ती प्रखंड फलका से प्रारंभ हुआ । इस अवसर पर बिहार सरकार के खनन एवं भूतत्व विभाग और कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री सह कटिहार के जिला प्रभारी मंत्री डॉ प्रमोद कुमार सहयोग अभियान का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार आपके द्वार पर है । जिस काम को करने के लिए आपको कई चक्कर लगाने पड़ते थे, अब चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है, आप इस शिविर में आकर आप अपने जो जरूरत की कामों को करवा सकते हैं , जहां पदाधिकारीगण व समकक्ष सहयोगी के साथ आप की समस्याओं का निदान होगा । उन्होंने इस अवसर पर वर्तमान समय के बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर इस तरह का जो आयोजन किया है इसके लिए आप धन्यवाद के पात्र हैं । उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि जीविका जैसी योजनाओं को चलकर दीदियों को जोड़ते हुए समाज में मजबूती प्रदान किया है । उन्होंने आगे कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस काम का अधूरा छोड़ा है उसे सम्राट चौधरी पूरा करने के लिए कटिबद्ध है ।       वहीं जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि सहयोग शिविर की में पहले से आप की समस्याओं को लेकर और समाधान करने का विकल्प हो तैयार किया जाता है इसलिए यह अन्य जो योजनाएं चल रही थी उससे बिल्कुल ही अलग है ।     इस अवसर पर प्रखंड के जरूरतमंदों की समस्याओं का निपटारा किया गया ।
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धनबाद के जिम्स अस्पताल में इलाज लापरवाही पर मचा हंगामा; सांसद ने जवाब माँगा

Dhanbad, Jharkhand:एक बार फिर धनबाद के कार्मिक नगर स्थित जिम्स अस्पताल विवादों में है. अस्पत्काल पर मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगा है. परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से मरीज की असमय मौत हुई है. मामले की जानकारी मिलते ही सिख समाज के लोगों ने अस्पताल पहुंचकर विरोध जताया. वहीं, उनके बुलावे पर सांसद ढुल्लु महतो भी जिम्स अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. डॉक्टर के अस्पताल में मौजूद नहीं रहने पर सांसद ने फोन पर बातचीत कर जवाब मांगा. परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज को घुटने के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और बाद में किडनी फेल होने की बात सामने आई. मीडिया से बातचीत में सांसद ढुल्लु महतो ने कहा कि आखिर घुटने के इलाज के लिए भर्ती मरीज की हालत इतनी गंभीर कैसे हो गई. सांसद ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ निजी अस्पताल इलाज के नाम पर केवल पैसे की उगाही कर रहे हैं और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. बता दें कि पिछले दिनों 53 वर्षीय महिला रानी कोर को घुटने के ऑपरेशन के लिए जिम्स में भर्ती कराया गया था. मरीज की स्थिति बिगड़ने के बाद जिम्स अस्पताल के द्वारा ही जालान में भर्ती करा दिया गया. आज इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई.
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