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Sushil Kumar BaxlaSushil Kumar BaxlaFollow17 Jul 2024, 01:21 pm

अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से राम लला दर्शन के लिए संभाग के 850 दर्शनार्थी अयोध्या के लिए हुए रवाना

Ambikapur, Chhattisgarh:

राम लला के दर्शन के लिए सरगुजा संभाग के 850 दर्शनार्थी ने अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से प्रस्थान किया। महत्वाकांक्षी राम लला दर्शन योजना अंतर्गत सरगुजा से निर्धारित कोटा में स्पेशल ट्रेन आस्था के जरिए श्रद्धालु दर्शन के लिए रवाना हुए। पूर्व यात्रा की भांति इस बार भी सरगुजा से 170 दर्शनार्थी भेजे गए। वहीं आज 12 बजे स्पेशल ट्रेन से 170 दर्शनार्थी प्रस्थान किए। संभाग के कुल 850 दर्शनार्थी अयोध्याधाम जा रहे है। वहीं आने वाले दिनों में यात्रा के लिए अगस्त व सितंबर माह के दिन भी तय कर दिए हैं।

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दरभंगा के VIP रोड पर हल्की बारिश में जलजमाव, नाले खतरों बन गए

Darbhanga, Bihar:दरभंगा का VIP रोड बना मौत का रास्ता,हल्की बारिश में डूबी सड़क, खुले नालेसे जान को खतरा। दरभंगा में विकास और स्मार्ट सिटी के दावों की सच्चाई एक बार फिर सामने आ गई है। शहर का चर्चित VIP रोड इन दिनों लोगों के लिए ‘मौत का रास्ता’ बनता जा रहा है। हल्की सी बारिश ने ही नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी, जिससे पूरे इलाके में जलजमाव की भयावह स्थिति पैदा हो गई। लहेरियासराय स्थित प्लस टू एमएल एकेडमी स्कूल से लेकर आरएन मिश्र राजकीय बालिका प्लस टू विद्यालय तक की मुख्य सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई। हालात ऐसे हो गए कि सड़क और नाले के बीच का फर्क करना भी मुश्किल हो गया। इसी दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, लोगो को पानी से भरे इलाके में उन्हें अंदाजा ही नहीं होता कि नीचे खतरनाक नाला है। बड़ी घटना की इंतजार नगर निगम कर रहा है। नगर निगम की लापरवाही को पूरी तरह उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में VIP रोड की यही स्थिति हो जाती है। कई दिनों तक जलजमाव बना रहता है, जबकि खुले नाले राहगीरों के लिए जानलेवा खतरा बने रहते हैं। नालों पर ढक्कन नहीं होने से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि VIP रोड सच में ‘VIP’ बन सके, न कि ‘मौत का रास्ता’। बाइट 1,पूजा कुमारी ,छात्रा 2,सोनम कुमारी ,छात्रा 3,सुनीता कुमारी ,छात्रा
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झारखंड के आवासीय विद्यालयों में अंशकालीन शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना, मानदेय और कोर्ट आदेश का पालन की मांग

Ranchi, Jharkhand:कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित आवासीय विद्यालय में कार्यरत अंशकालीन शिक्षकों ने लोक भवन के समीप धरना स्थल में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है, यह प्रदर्शन में झारखंड के अलग-अलग जिलों से अंशकालिक शिक्षक अपनी मांग को लेकर आए हैं, उनकी मांग है कि अन्य विद्यालयों के तर्ज पर उनकी मानदेय में वृद्धि की जाए और कोर्ट का जो आदेश हुआ है अंशकालिक शिक्षक के विषय में उसे पालन किया जाए, इस प्रदर्शन में झारखंड के गुमला से आई इंग्लिश की शिक्षिका शबनम सुल्तान ने बताया कि अब घर चलाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, जरूरत के समान भी नहीं खरीद पा रहे हैं, उन्होंने कहा कि हम लोग कोई सामान्य जगह पर पढ़ने नहीं करते हैं, हम लोगों नेतरहाट पहाड़ के टॉप में स्कूल है, वहां हम लोग 6 महिला जाते हैं हर दिन और जाने का एक ही माध्यम बॉक्साइट ट्रक जो माल ढोने की काम करती है, जिससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है; हम लोग का शनिवार और रविवार का भी पैसा नहीं दिया जाता है, जितना भी सरकारी छुट्टी होती है जैसे दशहरा का छुट्टी, ईद का छुट्टी, बकरीद का छुट्टी, क्रिसमस का छुट्टी या गर्मी का छुट्टी उसका भी पैसा काट लिया जाता है, उन्होंने कहा कि हम लोग जंगल के बीच में महिला इंतजार करते रहते हैं कि कब बॉक्साइट ट्रक आएगा और उसे पर बैठकर जाएंगे; गर्मी हो बरसात हो कोई भी साधन सर छुपाने का नहीं रहती है, सर पर कफन बांधकर बच्चों को पढ़ने जाते हैं, गलती से ट्रक का कोई एक्सीडेंट हो गया तो उसके बाद हमारे बच्चों का क्या होगा, 4 घंटे बच्चों को पढ़ने के लिए 24 घंटे का परेशानी चलना पड़ती है, हम लोग असुर जनजाति लोगों को पढ़ते हैं, और बच्चों को मां के जैसा प्यार देकर पढ़ते हैं क्योंकि उनके मां पिता ने कभी पढ़ाई नहीं किया होता है इसलिए बहुत सारे चीज उन्हें नहीं पता होता है उन्हें हम सीखते हैं और ऐसा हम लोग 10 सालों से कर रहे हैं, झारखंड सरकार कहती है कि हम लोग जनजातीय लोगों को आगे बढ़ा रहे हैं सबसे निचले पायदान पर असुर जनजाति आती है हम उनके बच्चे को पढ़ाकर आगे बढ़ा रहे हैं उन्हें शिक्षित कर रहे हैं, लेकिन आज हम बेवश होकर पढ़ाना छोड़कर धरना पर बैठना पड़ रहा है। वही इस प्रदर्शन में विनय कुमार वर्मा जो चतरा के आवासीय विद्यालय में शिक्षक है, उन्होंने कहा कि उन्हें घंटे के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं जबकि अन्य विद्यालयों में मासिक रूप से पैसे दिए जाते हैं, हर 11 महीना पर एक्सटेंशन होता है और हमारा एक्सटेंशन मार्च महीने में खत्म हो गया है लेकिन उसके बाद अभी तक कोई एक्सटेंशन नहीं मिला है, उन्हें काम के घंटे से ज्यादा काम करवाया जाता है, और जो पैसे 2016 में उन्हें मिलते थे आज भी उतना ही पैसा मिल रहा है जबकि अब सारे सामानों की कीमत बढ़ चुके हैं जिससे उनका गुजर बसर नहीं हो पा रहा है। वही बिरसा मुंडा की जन्म स्थल से आए शिक्षक विकास कुमार जायसवाल ने कहा कि हम लोग कल्याण विभाग में कई बार बात कर चुके हैं और कल्याण विभाग के मंत्री चमरा लिंडा से भी बात कर चुके हैं लेकिन उन्हें सिर्फ अभी तक आश्वासन मिला है, इसके बाद हम लोग हाई कोर्ट के शरण में गए थे, जिसके बाद 13 जनवरी 2026 में जजमेंट आया, कि पहाड़ियां विद्यालय के तर्ज पर इन्हें मानदेय दिया जाए और हाई कोर्ट 12 सप्ताह का समय दिया था लेकिन अब 12 सप्ताह से भी ज्यादा हो गए लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं हुआ है, कल्याण विभाग हाईकोर्ट के आदेश का अवहेलना कर रही है।
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डूंगरपुर के सरकारी स्कूल में 17 पद खाली, छात्र ही बन रहे शिक्षक, पढ़ाई खतरे में

Dungarpur, Rajasthan:यहाँ शिक्षकों की कमी का आलम यह है कि छोटी कक्षाओं के नौनिहालों को पढ़ाने के लिए अब बड़ी कक्षाओं के छात्रों को ही ''गुरुजी'' बनना पड़ रहा है। यह स्थिति पिछले डेढ़ साल से बनी हुई है। स्कूल में 33 शिक्षकों में से 17 पद खाली पड़े हैं। वर्तमान में केवल 16 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जिससे विषयवार पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। विषयोवार पढ़ाई ठप, कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं। हिंदी विषय के 3 पद, राजनीतिक विज्ञान के 2 पद, भौतिकी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत के 1-1 पद लंबे समय से खाली हैं। स्कूल में लाइब्रेरियन, उप-प्रधानाचार्य, अतिरिक्त एवं सहायक प्रशासनिक अधिकारी, जमादार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद भी रिक्त पड़े हैं। इधर स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते छात्र-छात्राएं खुद ही शिक्षक बनकर छोटी कक्षाओं में पढ़ाई करवा रहे हैं। प्रमोशन लेकर चले गए शिक्षक, नए की जॉइनिंग नहीं। बोखलापाल पंचायत के प्रशासक राजकुमार डोडा व ग्रामीण मिथुन डोडा ने बताया कि डेढ़ साल पहले यहाँ सभी 33 पद भरे हुए थे; लेकिन शिक्षकों के प्रमोशन और अन्य जगहों पर पदस्थापन के बाद एक-एक कर 17 पद खाली हो गए। विभाग ने स्थिति संभालने के लिए 5 नए व्याख्याताओं की नियुक्ति की, पर उनमें से अधिकांश ने अब तक स्कूल में जॉइनिंग नहीं दी है। इन रिक्त पदों को भरने के लिए शिक्षा विभाग से लेकर जिला कलेक्टर तक को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिणामस्वरूप, छात्र खुद ही ब्लैकबोर्ड पर चौक थामने को मजबूर हैं ताकि उनकी पढ़ाई पूरी तरह बंद न हो जाए। यह स्थिति प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ सरकार 'पढ़ेगा इंडिया, तो बढ़ेगा इंडिया' का नारा देती है, वहीं इस अंचल में बुनियादी शिक्षकों की कमी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। यदि समय रहते इन रिक्त पदों को नहीं भरा गया, तो बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम और बच्चों की नींव दोनों ही प्रभावित होना तय है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब नींद से जागता है और इन विद्यार्थियों को उनके वास्तविक ''गुरुजी'' मिलते हैं।
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डॉ दिलीप जायसवाल बिहार भूमि और राजस्व सुधार विभाग के मंत्री: पारदर्शी सेवा का संकल्प

Patna, Bihar:शिवम् राज पटना, बिहार सरकार में नए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद डॉ. दिलीप जायसवाल को भूमि एवं राजस्व सुधार विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आज वह विभाग का पदभार ग्रहण करने जा रहे हैं। जी मीडिया से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि भूमि एवं राजस्व सुधार विभाग सीधे तौर पर बिहार के करीब 70 प्रतिशत लोगों से जुड़ा हुआ है और गांव-घर के लगभग हर व्यक्ति को किसी न किसी काम के लिए इस विभाग की जरूरत पड़ती है。 डॉ. जायसवाल ने कहा कि वह पहले भी इस विभाग की जिम्मेदारी निभा चुके हैं, ऐसे में पुराने अनुभव का लाभ उन्हें जरूर मिलेगा। उन्होंने माना कि विभाग में भ्रष्टाचार और आम लोगों के काम समय पर नहीं होने जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में यह विभाग उनके लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन सरकार ने भरोसा जताते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी है और वह इस चुनौती को स्वीकार करते हुए विभाग को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे。 उन्होंने कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद उनकी प्राथमिकता होगी कि आम जनता के काम समय पर हों और विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए। वहीं, मंत्रिमंडल में महिलाओं और युवाओं को मिली बड़ी भागीदारी पर उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी के सहयोग से बिहार को और विकसित बनाने की दिशा में सरकार मजबूती से आगे बढ़ेगी。
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देवघर समाहरणालय में डीलर की शिकायत: खराब चावल-गेंहू वितरण पर उच्चस्तरीय जांच मांग

Deoghar, Jharkhand:देवघर समाहरणालय में प्रशासनिक लापरवाही का अनोखा मामला सामने आया। देवीपुर प्रखंड के डेढ़मुक्का गांव के पीडीएस डीलर मोती यादव निजी टोटो से करीब 35 kiloमीटर दूर जिला मुख्यालय पहुंचे। टोटो पर साढ़े पांच बोरा खराब चावल और चार बोरा सड़ा गेहूं लदा था, जिसे वे प्रमाण के तौर पर उपायुक्त को दिखाने लाए थे। मोती यादव ने बताया कि फरवरी 2026 में डीएसडी के माध्यम से मिले 25 बोरा अनाज में अधिकांश खराब था। शिकायत के बाद बदलने का आश्वासन मिला, लेकिन तीन महीने बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। डीलर के अनुसार उनके केंद्र से 368 कार्डधारी जुड़े हैं, लेकिन खराब गुणवत्ता के कारण लाभुक अब अनाज लेने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, खराब स्टॉक बदलने और पारदर्शी वितरण व्यवस्था की मांग की है।
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समस्तीपुर गैस एजेंसी पर बुजुर्ग के साथ मारपीट, अस्पताल में भर्ती

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर जिले के नगर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर स्थित बुद्ध गैस एजेंसी पर गैस सिलेंडर लेने पहुंचे एक बुजुर्ग के साथ एजेंसी संचालक और कर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है. घटना में जख्मी बुजुर्ग को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूचना मिलने के बाद नगर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. जख्मी बुजुर्ग की पहचान बहादुरपुर मोहल्ला निवासी विमल प्रसाद गुप्ता के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार गैस सिलेंडर का डीसी नंबर आने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जा रहा था. इसी को लेकर शुक्रवार को विमल प्रसाद गुप्ता गैस गोदाम पहुंचे थे, जहां एजेंसी संचालक अजय मंडल और कर्मियों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की. आरोप है कि उन्हें कार्यालय कक्ष में बंद भी कर दिया गया. घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग को वहां से निकालकर इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया. परिजनों ने घटना की सूचना नगर थाना पुलिस को दी. मामाले को लेकर मौके पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने बताया कि बुद्ध गैस एजेंसी कार्यालय में बुजुर्ग के साथ मारपीट की सूचना मिली थी. पुलिस ने घायल बुजुर्ग को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है. फिलहाल उनकी स्थिति ठीक नहीं होने के कारण बयान दर्ज नहीं किया जा सका है. पुलिस का कहना है कि बयान मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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तोरपा गैस एजेंसी गोलीबारी: नक्सली सुनील स्वांसी गिरफ्तार, मास्टर राजेंद्र महतो की भूमिका उजागर

Khunti, Jharkhand:खूंटी जिले के तोरपा में विगत 23 मार्च की रात गोलीबारी की घटना को अंजाम देनेवालों में एक नक्सली सुनील स्वांसी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ये गोलीबारी की घटना को अंजाम देनेवाले हार्डकोर नक्सली राजेंद्र महतो उर्फ मास्टर का सहयोगी है। सुनील स्वांसी रनिया थाना क्षेत्र के निचितपुर का रहनेवाला है। जिसने पुलिस को बताया कि गैस एजेंसी का मालिक द्वारा फोन नहीं उठाने के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया था। जो राजेन्द्र महतो उर्फ मास्टर के अगुवाई में गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया गया था। वहीं पुलिस अब हार्डकोर नक्सली राजेंद्र महतो उर्फ मास्टर और अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है.
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झारखंड ने आयकर राजस्व में बिहार को पीछे छोड़ दिया, धोनी सबसे बड़ा टैक्सपेयर

Ranchi, Jharkhand:प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डी. सुधाकर राव ने रांची के रेडिशन ब्लू में प्रेस वार्ता कर आयकर से संबंधित मामलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में झारखंड ने लगभग 12 हजार करोड़ रुपये का राजस्व दिया। जबकि बिहार का योगदान करीब 8 हजार करोड़ रुपये रहा। कुल 20 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य में झारखंड का योगदान सबसे अधिक रहा, जिससे वह इस क्षेत्र में बिहार से आगे निकल गया है। विभाग के अनुसार राज्य का औद्योगिक और व्यापारिक ढांचा इस बढ़त का प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग ने टैक्स चोरी पर सख्त कार्रवाई करते हुए 12 बड़े व्यापारिक समूहों पर छापेमारी की और 90 से अधिक मामलों में कार्रवाई दर्ज की है। साथ ही लगभग 5 करोड़ पैन कार्ड धारकों में से सिर्फ 40 लाख लोग ही आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने झारखंड–बिहार संयुक्त आयकर क्षेत्र में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को सबसे बड़ा व्यक्तिगत टैक्सपेयर बताया गया है। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डी. सुधाकर राव के अनुसार धोनी समय पर और बड़े पैमाने पर टैक्स चुकाने वालों में शीर्ष पर हैं।
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झारखंड में दलित-आदिवासी वोटबैंक के मुद्दे पर बीजेपी-कांग्रेस भिड़ंत

Ranchi, Jharkhand:झारखंड बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना सड़ते हुए आरोप लगाए है, कि कांग्रेस पार्टी दलित और आदिवासी का सिर्फ वोट बैंक के रुप में इस्तेमाल करती है। कांग्रेस को आदिवासी और दलित विरोधी बताया तो कांग्रेस और झामुमो ने भी पलटवार किया। झारखंड में फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी और आरोप प्रत्यारोप का दौर खूब चल रहा है। झारखंड कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बीजेपी प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी ने कहा, कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से तुष्टिकरण की राजनीति में चली गई है। सिर्फ एक समुदाय विशेष को लेकर ही पूरी तरह काम कर रही है। दलित और आदिवासी इनके लिए मायने नहीं रखते हैं सिर्फ वोट बैंक के रुप में ही इस्तेमाल किया जाता था। कांग्रेस के झारखंड में बड़े नेता प्रदीप बालमुचू हाशिए पर हैं ,उनको दरकिनार किया गया, राधाकृष्ण किशोर को भी अभी हाशिए पर रख दिया है। पूरी तरह से कांग्रेस चरित्र दिखाता है उनके लिए आदिवासी दलित सिर्फ वोट बैंक ।कभी उनको सम्मान और पहचान नहीं देना है।
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जunnar के बिबटियों के लिए उष्माघात रोकथाम: माणिकडोह केंद्र में फॉगर्स सिस्टम शुरू

Barav, Maharashtra:राज्यात उन्हाचा तडाखा आता असह्य होऊ लागला है. कई जिल्ह्यांमध्ये तापमानाचा पारा ४० अंशांच्या पार गेला असून, सूर्य जणू आग ओकत आहे. या वाढत्या उष्णतेचा फटका केवळ मानवालाच नाही, तर जंगलातील राजा मानल्या जाणाऱ्या बिबट्यालाही बसत आहे. बिबट्याला उष्माघातापासून वाचवण्यासाठी जुन्नर वन विभागाने आता एक पाऊल पुढे टाकत माणिकडोह बिबट निवारण केंद्रात फॉगर्स सिस्टम बसवलीय. वाढत्या तापमानामुळे बिबट्यांची प्रकृती बिघडू नये आणि त्यांना उष्माघाताचा त्रास होऊ नये, यासाठी वन विभागाने येथे 'फॉगर सिस्टम' कार्यान्वित केलीय. याचाच माणिकडोह बिबट निवारण केंद्रातून एक्सक्लिझीव आढावा घेतलाय आमचे प्रतिनिधी हेमंत चापुडे यांनी.
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कमपटीशन से बस दुर्घटना? सुधीर गुप्ता ने समय-अंतराल और गति पर सुझाव दिए

Mandsaur, Madhya Pradesh:मंदसौर: मध्य प्रदेश के मंदसौर से बीजेपी सांसद सुधीर गुप्ता ने बस हादसे पर चिंता व्यक्त की है वह घायलों से मिलना अस्पताल आए थे उन्होंने कहा कि कहीं ना कहीं बस संचालन समय के बीच में कंपटीशन इस हादसे की वजह है संचालन samay में पर्याप्त अंतराल होना चाहिए और अंतराल के हिसाब से रफ्तार तय होना चाहिए या तो कंपटीशन के चक्कर में या फिर ज्यादा सवारियां लेने के फेर में गाड़ी लेट होती है तो स्पीड बढ़ती है और यही दुर्घटना का कारण बनता है इसमें सुधार और नियंत्रण की जरूरत है,, सांसद सुधीर गुप्ता से खास बातचीत की zee मीडिया की टीम ने
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नवलगढ़ में पानी नाराजगी: महिलाओं ने जेईएन के सामने घेरा, वह रो पड़ी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं के नवलगढ़ से बड़ी खबर और रो पड़ी नवलगढ़ जेईएन अंतरा मीणा! पानी से परेशान महिलाओं ने सुनाई खरी खोटी नवलगढ़ जेईएन अंतरा मीणा को सुनाई खरी खोटी गाड़ी के आगे खड़ी हो गई महिलाएं जेईएन अंतरा मीणा से महिलाओं ने कहा— शर्म नहीं आती नवलगढ़ के ढाणिया पंचायत का है मामला सोशल मीडिया पर जेईएन के रोने का वीडियो वायरल वीडियो में जेईएन अंतरा मीणा अधिकारियों से बोल रही है 'साहब गाड़ी के आगे खड़े हो गए, खींच—खींच कर बाहर कर रहे है' झुंझुनूं के नवलगढ़ से बड़ी खबर मिल रही है। झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ इलाके की ढाणियां पंचायत में पानी की समस्या से जूझ रही महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। मौके पर पहुंची जेईएन अंतरा मीणा की गाड़ी को ना केवल महिलाओं ने घेर लिया। बल्कि इतनी खरी खोटी सुनाई कि आखिरकार जेईएन अंतरा मीणा रो पड़ी। दरअसल, ढाणियां पंचायत में पिछले पांच-छह महीनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। गांव में पानी टंकी और दो ट्यूबवेल होने के बावजूद लोगों को नियमित सप्लाई नहीं मिल रही। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का पानी शहर की ओर भेजा जा रहा है। जबकि ढाणी के लोग सुबह दो से पांच मिनट की सप्लाई पर निर्भर हैं। कई घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है और हालात इतने खराब हैं कि लोगों को टैंकर मंगवाकर गुजारा करना पड़ रहा है। कल देर शाम जब जेईएन अंतरा मीणा मौके पर पहुंचीं तो पहले से नाराज महिलाएं एकजुट होकर मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद महिलाओं ने जेईएन को खरी- खोटी सुनाना शुरू कर दिया। विरोध बढ़ता देखकर जेईएन गाड़ी में जाकर बैठ गई। देखते ही देखते गाड़ी के चारों ओर महिलाओं की भीड़ जमा हो गई। किसी ने कहा, “हमारे घरों में पीने का पानी नहीं है”, तो कोई बोला, “पानी के टेंकर मंगवाने पड़ रहे है। महिलाओं की आवाज में गुस्सा भी था और कई महीनों की परेशानी भी। महिलाओं ने जेईएन को घेरते हुए कहा, “तुम्हें शर्म नहीं आती? इतने दिनों से हम परेशान हैं… कोई सुनवाई नहीं हो रही। कुछ देर तक आरोप-प्रत्यारोप और बहस चलती रही। इसी दौरान अचानक माहौल बदल गया। महिलाओं की बातें सुनते-सुनते जेईएन अंतरा मीणा की आंखों से आंसू निकल पड़े। उन्हें रोता देख कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोग भी शांत हो गए, लेकिन महिलाओं का दर्द तब भी कम नहीं हुआ। एक महिला ने भावुक होकर कहा, “हम तो कई दिनों से रो रहे हैं, तुम तो आज ही रो रही हो। इस दौरान जेईएन फोन पर अधिकारियों को बताया कि उनके साथ अभद्र व्यवहार हो रहा है और हाथ उठाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि गांव के कुछ युवकों ने बीच-बचाव करते हुए महिलाओं को शांत करने का प्रयास किया और कहा कि कोई हाथापाई नहीं करेगा। भाजपा नेता राजेश कटेवा भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि गांव का पानी गांव के लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रामनिवास सैनी ने आरोप लगाया कि ढाणियां पंचायत के लिए बने ट्यूबवेलों का पानी शहर में सप्लाई किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 500 परिवार इस समस्या से प्रभावित हैं। “ढाणी प्यासी है और पानी शहर जा रहा है,” यह बात अब लोगों के गुस्से की सबसे बड़ी वजह बन चुकी है। वहीं जेईएन अंतरा मीणा ने कहा कि वे एक्सईएन के निर्देश पर मौके पर पहुंची थीं। कर्मचारियों की बाइक की चाबी छीने जाने की सूचना मिली थी, उसी संबंध में वे ढाणी आई थीं। उन्होंने कहा कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया。
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बांसवाड़ा घाटोल जंगल में भीषण आग, 50 हेक्टेयर तक फैल गया

Banswara, Rajasthan:जिला बांसवाड़ा, विधानसभा बांसवाड़ा, लोकेशन– बांसवाड़ा. एंकर: बांसवाड़ा जिले में गर्मी के इस सीजन में लगातार वन क्षेत्र में आग लगने की घटनाएं अधिक बढ़ती जा रही है, ऐसा ही एक और मामला रात को घाटोल वन रेंज के बामनपाड़ा जंगल में देखने को मिला, जहाँ गुरुवार रात लगभग 10 बजे भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप लेकर 50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैल गई। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से नजर आ रही थीं। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी द्वितीय विश्वेंद्र सिंह चौहान, डूंगरिया वनपाल जितेंद्र सिंह और वन समिति के पांच सदस्य मौके पर पहुंचे, और आग को बुझाने का प्रयास किया, मगर आग पर काबू नहीं पाया गया; यह आग कैसे लगी या फिर किसी ने लगाई अभी इसकी पुष्ठी नहीं हुई है।
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