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PREM NIRMALKARPREM NIRMALKARFollow30 Apr 2025, 05:51 am

Raipur - ठेकदार के कार से गोल्ड चेन और नकदी रकम चोरी कर युवक हुए फरार

Raipur, Chhattisgarh:

राजधानी रायपुर में दिनदहाड़े चोरी की वारदात सामने आई है. तीन अज्ञात युवकों ने कार से सोने की चेन और नगदी उड़ा ली. मामला तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र का है. घटना सूरज नारायण शर्मा नामक व्यक्ति के साथ हुई, जो ठेकेदारी का काम करता है. रायपुर से अपने घर तिल्दा नेवरा लौटते वक्त जलसो गांव के पास वह बाथरूम करने कार से नीचे उतरा. तभी बाईक में सवार अज्ञात तीन युवक आए और चुपचाप कार का दरवाज़ा खोलकर अंदर रखी सोने की चेन और करीब पांच हज़ार रुपए ले उड़े. शर्मा को शक हुआ तो उसने शोर मचाया लेकिन आरोपी बाइक से जंगल की ओर फरार हो गए. पीड़ित के शिकायत पर रायपुर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच और आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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बलरामपुर में बारिश के बीच DM-SP ने तीनों तहसीलों का दौरा; राप्ती जलस्तर बढ़े

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर मे बारिश के बीच डीएम-एसपी ने तीनों तहसीलों का किया दौरा, राप्ती नदी के जलस्तर का लिया जायजा, राप्ती का बढ़ रहा है जलस्तर पिपरा घाट पर नदी खतरे के निशान से नीचे; पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति बहाल करने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी के निर्देश बलरामपुर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है जिसके चलते जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है. शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने बलरामपुर, तुलसीपुर और उतरौला तहसील क्षेत्र का भ्रमण कर बारिश से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। अधिकारियों ने राहत-बचाव कार्यों की स्थिति देखी और संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दिए। अधिकारियों ने पिपरा घाट पहुंचकर राप्ती नदी के जलस्तर का निरीक्षण किया। प्रशासन के अनुसार नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। इसके बावजूद तटवर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया। पेड़ गिरने से कई जगह बिजली आपूर्ति प्रभावित भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। डीएम ने विद्युत विभाग की टीमों द्वारा चलाए जा रहे बहाली कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए पर्याप्त संख्या में टीमें लगाने के निर्देश दिए। मार्गों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाकर आवागमन सुचारु कराने के लिए वन विभाग को भी निर्देश दिए गए। विद्युत मरम्मत के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। संवेदनशील क्षेत्रों पर पुलिस की नजर एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने संबंधित सर्किल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क दृष्टि बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस टीमों को बारिश से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में बारिश से उत्पन्न स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के साथ आवश्यक सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों ने आमजन की सुरक्षा को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। नोट -जिलाधिकारी बलरामपुर विपिन कुमार जैन का बयान
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केसी tyagi बोले- चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था, सवाल उठाने पर स्पष्ट जवाब चाहिए

Baghpat, Uttar Pradesh:कुलदीप चौहान, बागपत – समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के नेताओं के बीच जुबानी जंग के बीच रालोद के senior नेता केसी त्यागी ने अखिलेश यादव और चुनाव आयोग के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने के बीच केसी त्यागी ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और अगर उस पर सवाल उठ रहे हैं तो आयोग को सामने आकर सफाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। वहीं अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए केसी त्यागी ने कहा कि अखिलेश यादव हमारे नेता के बेटे हैं, लोकदल मुलायम सिंह यादव और जयंत चौधरी की पार्टी की जननी है, इसलिए उन्हें इस विषय को नहीं छेड़ना चाहिए था। केसी त्यागी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने चौधरी चरण सिंह के प्रति सम्मान दिखाते हुए मेरठ यूनिवर्सिटी का नाम चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखा था और लखनऊ में एयरपोर्ट का नाम भी चौधरी चरण सिंह के नाम पर किया गया, इसलिए रालोस मुलायम सिंह यादव का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव इस विषय को नहीं छेड़ते तो कोई बात नहीं होती। इसके साथ ही 2027 के चुनाव को लेकर केसी त्यागी ने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 93 सीटों पर रालोद शतक पार करेगी और एनडीए की सरकार बनाने में रालोद और पश्चिमी यूपी की अहम भूमिका होगी। सीट बंटवारे पर उन्होंने कहा कि दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे, वो हमें जिताएंगे और हम उन्हें जिताएंगे। किसानों को लेकर उन्होंने कहा कि आगामी सत्र में किसानों को लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए। नेपाल में हुई घटनाओं को लेकर दिए जा रहे बयानों पर केसी त्यागी ने निशाना साधा और कहा कि नेपाल दोहराने की बात करने वालों को करारा जवाब मिलना चाहिए। चुनाव आयोग को लेकर जारी विवाद के बीच अखिलेश यादव ने हाल में आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। केसी त्यागी का कहना है कि आयोग संवैधानिक संस्था है और सवाल उठने पर उसे सामने आकर सफाई देनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के सवाल पूछने के अधिकार का भी समर्थन किया। साथ ही उन्होंने पूर्व चुनाव आयुक्त एमएस गिल का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के दौर की नियुक्तियों का जिक्र किया और कहा कि इन परंपराओं की शुरुआत कांग्रेस के समय से हुई थी।
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भदोही में एंटीकरप्शन टीम ने 8 हजार रिश्वत लेते विद्युत विभाग प्रशांत सोनी को गिरफ्तार

Bhadohi Nagar Palika, Uttar Pradesh:एंकर–भदोही में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है, एंटीकरप्शन मिर्जापुर की टीम ने विद्युत वितरण खंड प्रथम भदोही में तैनात कार्यकारी सहायक प्रशांत कुमार सोनी को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बिजली कनेक्शन के स्थायी विच्छेदन के लिए रिश्वत की मांग की गई थी。 वीओ1–दरअसल, भदोही नगर निवासी विकास कुमार गुप्ता ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक करीब छह महीने पहले उन्होंने बिजली कनेक्शन के स्थायी विच्छेदन के लिए आवेदन किया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि काम के बदले विद्युत विभाग के कार्यकारी सहायक प्रशांत कुमार सोनी ने उनसे 8 हजार रुपये की रिश्वत मांगी,शिकायत की जांच के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन मिर्जापुर मंडल की टीम ने शुक्रवार को जाल बिछाया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही प्रशांत कुमार सोनी ने शिकायतकर्ता से 8 हजार रुपये लिए, टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया,इसके बाद आरोपी को भदोही कोतवाली ले जाया गया। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। बताया गया कि प्रशांत कुमार सोनी करीब पांच साल से विद्युत वितरण खंड प्रथम भदोही के कार्यालय में तैनात था,एंटी करप्शन टीम की अचानक हुई कार्रवाई से विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया।
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गोंडा: मनकापुर पुलिस ने लूट के आरोपियों को गिरफ्तार, 2 कैमरे-3 मोबाइल-स्विफ्ट कार बरामद

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले की मनकापुर पुलिस ने बस्ती के रहने वाले दुकानदार शुभम गुप्ता के साथ 14 सितंबर को मसकनवा मनकापुर रोड पर हुई लूट का आज शनिवार देर खुलासा कर दिया है और मनकापुर कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बस्ती के रहने वाले मोहनलाल चौहान, करन और अभि पांडे उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लूटा गया 2 कैमरा,तीन मोबाइल फोन और एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद हुई है। इन तीनों आरोपियों को मनकापुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके गोंडा मेडिकल कॉलेज में मेडिकल परीक्षण कराकर न्यायालय में पेश किया गया जहां न्यायालय द्वारा इन तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बीते 15 सितंबर को मनकापुर कोतवाली में शुभम गुप्ता ने मुकदमा दर्ज करवाया था और बताया था वह बस्ती जिले के थाना पैकोलिया अंतर्गत ग्राम देवया बक्स पाण्डेय का रहने वाला है। अपने साथी संदीप गुप्ता के साथ मोटरसाइकिल से करोहानाथ मंदिर मछली बाजार फोटो खींचने आए थे। घर बस्ती लौटते समय मनकापुर-मसकनवा मार्ग पर मसकनवा की तरफ से आई एक तेज रफ्तार कार सवार चार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और शुभम व उनके साथी का बैग छीनकर फरार हो गए जिसमें कीमती कैमरे और उपकरण रखे थे। मनकापुर कोतवाली पुलिस द्वारा 15 सितंबर को ही शुभम गुप्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके घटना में शामिल आरोपियों की तलाश की जा रही थी। जहां आज इन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। मनकापुर कोतवाली पुलिस द्वारा 14 सितंबर को यह लोग बस्ती से हमारे थाना क्षेत्र में फोटो खींचना आए थे और यहां से खींच करके जा रहे थे उनके साथ लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। 15 सितंबर को इन्होंने मुकदमा करवाया था आज 26 सितंबर को इन आरोपियों को हम लोगों ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर के मनकापुर कोतवाली पुलिस द्वारा अन्य कार्रवाई की जा रही है पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ भी की गई है कुछ और जानकारियां मिली है।
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गोंडा में अधिवक्ता के भाई पर हमला: मुख्य आरोपी अमन ओझा गिरफ्तार

Gonda, Uttar Pradesh:जहां गोंडा जिले में नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत तिवारी पुरवा बहराइच रोड के रहने वाले अधिवक्ता शिवेंद्र मिश्रा के भाई सत्यम मिश्रा के साथ अमन ओझा और उसके साथियों ने कल शुक्रवार को दोपहर में लाठी,डंडे और चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। नगर कोतवाली पुलिस द्वारा 24 घंटे के अंदर ही बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अमन ओझा को आज गिरफ्तार करके गोंडा मेडिकल कॉलेज में मेडिकल परीक्षण कर कर गोंडा न्यायालय में पेश किया जहां न्यायालय द्वारा आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस पूरी घटना में अभी भी सुरेंद्र ओझा,देवेंद्र ओझा, अनिल ओझा तीनों नामजद और पांच अज्ञात आरोपी फरार है जिनकी गिरफ्तारी के लिए नगर कोतवाली पुलिस द्वारा लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। अधिवक्ता शिवेंद्र मिश्रा ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर अमन ओझा, सुरेंद्र ओझा,देवंद्र ओझा,अनिल ओझा और पांच अज्ञात आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया था कि मेरे द्वारा 28 अप्रैल 2026 को मारपीट को लेकर इन लोगों पर मुकदमा दर्ज करवाया गया था। इस घटना के बाद से जबरन फर्जी तौर पर 30000 की मांग करके मुकदमे में सुलह करने का दबाव बना रहे थे और जान से मारने की आए दिन धमकी भी दिया करते थे। 17 सितंबर को अधिवक्ताओं के जुलूस के दौरान भी अमन ओझा ने आकर के मेरे साथ विवाद किया था असला दिखा करके कहा था कि पैसा नहीं दोगे तुम्हारे परिवार को मार दूंगा। इसी बात को लेकर के कल दीवानी कचहरी गेट नंबर 2 के पास जब मेरा भाई सत्यम चाय पी रहा था इसी दौरान इन लोगों ने लाठी,डंडा चाकू और धारदार हथियार से मेरे भाई पर हमला कर दिया मरा समझ करके मेरे भाई को छोड़कर फरार हो गए थे।
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चित्तौड़गढ़ के विद्यार्थियों ने जिला खेल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर राज्य स्तर के लिए चयनित हुए

Begun, Rajasthan:कपासन, चित्तौड़गढ़ - जहां पीएम श्री राजकीय महाराणा उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। 70वीं जिला स्तरीय वुशु प्रतियोगिता में 19 वर्षीय छात्र वर्ग के विशाल सेन, रजत कुमावत, भैरो लाल बंजारा और मोहम्मद अशरफ ने स्वर्ण पदक जीतकर राज्य स्तर के लिए स्थान बनाया। वहीं 17 और 19 वर्षीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में हिमांशु जाट, मनीष शर्मा और राहुल गाडारि ने स्वर्ण पदक जीतकर राज्य स्तर पर चित्तौड़गढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित हुए। विद्यालय से इस बार विभिन्न खेलों में कुल 11 दलों ने हिस्सा लिया। विजेता खिलाड़ियों का विद्यालय में अभिनंदन किया गया।
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राजस्थान के बैंकों में हड़ताल से पहले रविवार खुले रहेंगे शाखा-एटीएम, शुल्क नहीं

Jaipur, Rajasthan:जयपुर- 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल के बीच राजस्थान के बैंक ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। हड़ताल से पहले रविवार को यानी कल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक जरूरी बैंकिंग सेवाओं के लिए खुले रहेंगे। आज बैंको का अवकाश रहेगा। लगातार पांच दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए आरबीआई और वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाओं विभाग ने यह व्यवस्था की है। राजस्थान में ग्राहक रविवार को जरूरी बैंकिंग लेनदेन पूरे कर सकेंगे। हड़ताल के दौरान राज्य के किसी भी बैंक के एटीएम से लेनदेन पर सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा डिजिटल बैंकिंग रहेगी चालू हड़ताल के दौरान यूपीआई, आईएमपीएस, आरटीजीएस, एनईएफटी, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। नकद जमा और निकासी के लिए ग्राहक अपने क्षेत्र में उपलब्ध बैंकिंग बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट नेटवर्क का भी इस्तेमाल कर सकेंगे हालांकि चेक क्लियरेंस, व्यापार से जुड़े दस्तावेजों और लॉकर संचालन जैसे ऐसे काम, जिनके लिए बैंक शाखा जाना जरूरी है, प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में ग्राहकों को जरूरी काम पहले ही निपटाने की सलाह दी गई है 5-डे वर्किंग को लेकर हड़ताल बैंक यूनियनों की प्रस्तावित हड़ताल का प्रमुख मुद्दा सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू करना है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की ओर से 5-डे वर्किंग को लेकर कोई औपचारिक सहमति नहीं बनी थी बाइट-रामवतार सिंह जाखड़,सचिव,AIBEA वहीं बैंक यूनियनों का दावा है कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच हुए समझौते में सभी शनिवार को अवकाश रखने पर सहमति बनी थी। PLI यानी Performance Linked Incentive के नियमों को लेकर भी सरकार और बैंक यूनियनों के बीच मतभेद हैं राजस्थान के बैंक ग्राहकों के लिए सलाह है कि वे 27 सितंबर को बैंकिंग समय समाप्त होने से पहले जरूरी शाखा संबंधी काम पूरे कर लें, ताकि हड़ताल के दौरान परेशानी से बचा सके
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35-40 घंटे की बारिश में गंगा एक्सप्रेसवे का एग्जिट प्वाइंट जलमग्न

Umesh TrivediUmesh TrivediFollow1m ago
Unnao, Uttar Pradesh:कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले मार्ग पर फंसे यात्री, रूट डायवर्जन और संकेतकों का अभाव उन्नाव। बीते करीब 35 से 40 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं गंगा एक्सप्रेसवे की व्यवस्थाओं की भी पोल खोलकर रख दी है। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे के एग्जिट प्वाइंट पर भारी जलभराव होने से आवागमन प्रभावित हो गया। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर पहले भी मानकों और गुणवत्ता से जुड़े सवाल उठते रहे हैं। अब लगातार बारिश के बाद एग्जिट प्वाइंट पर हुए जलभराव ने एक बार फिर निर्माण और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात यह रहे कि एक्सप्रेसवे पर खड़े यात्री प्रयागराज और मेरठ की ओर जाने के लिए रास्ता साफ होने का इंतजार करते नजर आए। यात्रियों का आरोप है कि जलभराव की स्थिति को देखते हुए शासन-प्रशासन अथवा संबंधित कार्यदायी संस्था की ओर से समय रहते कोई प्रभावी सूचना, संकेतक या रूट डायवर्जन की व्यवस्था नहीं की गई। यात्रियों का कहना है कि यदि पहले ही मार्ग की स्थिति के संबंध में संकेतक लगाए जाते या वैकल्पिक रास्ते की जानकारी दी जाती तो उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि पानी की गहराई का अंदाजा लगाए बिना यदि कोई वाहन चालक जलभराव वाले हिस्से में आगे बढ़ता है तो वाहन के बंद होने अथवा डूबने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। जलभराव की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों को देखकर संबंधित कार्यदायी संस्था के कुछ कर्मचारी सक्रिय हुए और पानी निकालने का प्रयास शुरू किया गया। हालांकि सवाल यह है कि बारिश शुरू होने के इतने घंटे बाद तक जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। गंगा एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर इस तरह का जलभराव और यात्रियों के लिए आवश्यक सूचना व्यवस्था का अभाव गंभीर सवाल खड़े करता है। यात्रियों का कहना है कि सरकार को ऐसी परियोजनाओं में काम करने वाली कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय करनी चाहिए और निर्माण की गुणवत्ता के साथ-साथ जलनिकासी एवं आपातकालीन व्यवस्था की भी जांच करानी चाहिए। अब सवाल यह है कि क्या बारिश में सामने आई इन खामियों के बाद संबंधित कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी तय होगी? क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जलनिकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच कराई जाएगी? या फिर हर बार बारिश के बाद यात्रियों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा? यह सवाल अब शासन और संबंधित विभाग के सामने है।
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36 घंटे की बारिश से शहर बेहाल, पंपिंग सेट और सकिंग मशीनों से पानी निकालने में जुटा पालिका प्रशासन

MohanjalasiddiquiMohanjalasiddiquiFollow6m ago
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव। लगातार करीब 36 घंटे से हो रही बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। जलभराव और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने शनिवार को नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने वार्ड नंबर 16 ईदगाह-पत्थर कटा कॉलोनी, गांधीनगर, वार्ड नंबर 24, आदर्श नगर वार्ड नंबर तीन तथा पीडी नगर वार्ड नंबर 18 समेत विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नालों और नालियों की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था तथा जलभराव वाले स्थानों की स्थिति देखी। अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था तत्काल प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। नौ स्थानों पर पंपिंग सेट, दो जगह मदर पंप निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि नगर पालिका उन्नाव क्षेत्र में बारिश के मद्देनजर नौ स्थानों पर पंपिंग सेट लगाए गए हैं। दो स्थानों पर मदर पंप जनरेटर सेट के साथ लगाए गए हैं। इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने के लिए सकिंग मशीनों की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आ रही है, वहां तत्काल पानी की निकासी कराई जा रही है। नालियों और बड़े नालों में फ्लोटिंग पर भी नजर रखी जा रही है तथा कचरा अथवा अन्य सामग्री जमा होने पर उसे तत्काल हटाने की व्यवस्था की गई है। आपदा और चिकित्सा टीमें सक्रिय जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश को देखते हुए आपदा एवं चिकित्सा विभाग की टीमें सक्रिय हैं। नगर पालिका, नगर पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकारियों को लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि जलभराव के कारण आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान आवश्यक कार्य होने पर ही लोग घरों से निकलें और अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें। किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर तत्काल प्रशासन को सूचना दें। नालों की सफाई और पानी निकासी पर जोर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि नालियों और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। जहां कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो, वहां तत्काल पंप आदि के माध्यम से पानी की निकासी कराई जाए। अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण करते हुए जलभराव वाले स्थानों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। लगातार बारिश के बीच प्रशासन की सक्रियता को जेएमडी न्यूज़ की उस खबर से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें शहर के जलभराव वाले इलाकों की स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर मौके की स्थिति का जायजा लिया और जल निकासी की व्यवस्थाओं को तेज कराया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुशील कुमार गोंड़, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका उन्नाव समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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लखनऊ के चना गांव में बारिश से कच्चे मकान की दीवार गिरी, तीन दबे

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ रहीमाबाद के चैना गांव में अत्यधिक बारिश से बड़ा हादसा बारिश के चलते कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिरी दीवार गिरने से तीन लोग मलबे में दब गए हादसे में सुरेश, उनकी बेटी सलोनी और बेटा रजनीश दबे सुरेश की उम्र करीब 50 वर्ष, सलोनी 20 और रजनीश 24 वर्ष घटना आज 26 सितंबर को तड़के करीब 1:10 बजे हुई सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ पहुंचे पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों को सकुशल बाहर निकाला तीनों को पुलिस के सरकारी साधनों से सीएचसी मलिहाबाद भेजा गया मलबे से बाहर निकालने के बाद तीनों का उपचार कराया गया पुलिस ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई पूरी की घटना के बाद मौके पर शांति और कानून-व्यवस्था कायम रही
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वाराणसी में भारी बारिश से जलभराव, प्रधानमंत्री के क्षेत्र में विकास दावे सवालों के घेरे

Noida, Uttar Pradesh:प्रधानमंत्री के अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 'स्मार्ट सिटी' और विकास के तमाम बड़े दावों की पोल एक ही बारिश में खुलकर सामने आ गई है! वाराणसी के रेलवे स्टेशन पर पानी इस कदर बरस रहा है, मानो यह कोई स्टेशन नहीं बल्कि झरना स्थल बन गया हो। चारों तरफ पानी भरा है, रास्ते डूबे हुए हैं, और आम यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर हैं, जबकि जिम्मेदार प्रशासन पूरी तरह नदारद है! सवाल यह है? कि जब देश के प्रधानमंत्री के खुद के संसदीय क्षेत्र की मुख्य व्यवस्थाओं का यह हाल है, तो बाकी देश में सरकार के दावों की क्या स्थिति होगी? करोड़ों-अरबों के विकास का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार को जनता को जवाब देना चाहिए कि हर मानसून में वाराणसी को पानी-पानी क्यों होना पड़ता है? प्रचार नहीं, जनता को स्थायी और जवाबदेह व्यवस्था चाहिए!
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स्कॉच फाउंडेशन ने राजस्थान स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग के AMS को गोल्ड स्कॉच अवॉर्ड दिया

Jaipur, Rajasthan:इंडिया हैबिटेट सेंटर के सिल्वर ऑक हॉल में आयोजित स्कॉच फाउंडेशन के 109वें सम्मिट में यह पुरस्कार फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री समीर कोचर द्वारा स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग के निदेशक अपूर्व जोशी तथा विभाग के प्रतिनिधियों ओम प्रकाश शर्मा, गौरव गुप्ता एवं सुनीता बराड़ को प्रदान किया गया। स्कॉच फाउंडेशन द्वारा गर्वनेंस एवं विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों एवं विभिन्न संस्थाओं को विभिन्न श्रेणियों में स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया जाता है। स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग द्वारा भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शी क्रियान्वयन एवं हितसाधक आउटकम को सुनिश्चित करने के लिए विकसित किए गए ऑडिट मैनेजमेंट सिस्टम को वर्ष 2021 से सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया है। इस साफ्टवेयर के माध्यम से पंचायती राज, नगरीय निकाय, विश्वविद्यालयों, देवस्थान विभाग आदि से सम्बन्धित संस्थाओं की पारदर्शी ऑडिट का सिस्टम विकसित किया गया है। अंकेक्षण दलों के गठन अंकेक्षण प्लानिंग, एक्जीक्यूशन तथा अनुपालनाएं ऑनलाइन किए जाकर सरकारी सिस्टम को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार अधिक पारदर्शी बनाए जाने का प्रयास किया गया है। स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार इन संस्थाओं द्वारा क्रियान्वित योजनाओं में उजागर अनियमितताओं एवं त्रुटियों के निराकरण की दृष्टि से राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के मार्गदर्शन में किए गए इस नवाचार को सम्मानित किए जाने पर वित्त-विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राजस्थान सरकार के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया एवं समस्त संबद्ध पक्षों को जनहित में किए गए इस प्रयास के लिए बधाई दी है। कार्यक्रम में सेंटर फॉर साइंस की अध्यक्ष एंड एनवायरमेंट की अध्यक्ष prख्यात पर्यावरणविद् श्रीमती सुनीता नारायण को उनके द्वारा पर्यावरण एवं संपोषणीय विकास से जुड़े कार्यों के लिए लाइफ़ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया, विभिन्न राज्यों के विभिन्न विभागों एवं अन्य संस्थानों सहित उड़ीसा के प्रमुख शासन सचिव शिक्षा विभाग तथा छत्तीसगढ़ के प्रमुख शासन सचिव जनजातीय विभाग को उनके द्वारा किया गए विशिष्ट कार्यों के लिए विभिन्न श्रेणियों में स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
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ECI meeting: SIR, ECINet and new election processes decided

Noida, Uttar Pradesh:चुनाव आयोग की बैठक के अहम फैसले SIR में नोटिस पाने वालों को बड़ी राहत — अनमैप्ड और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाले लोगों के घर BLO जाकर दस्तावेज जुटाएंगे और ECINet पर अपलोड करेंगे। ERO ऑफिस में बुलाने की जरूरत नहीं — ऐसे लोगों की सुनवाई सामान्यतः कार्यालय में नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर ERO के निर्णय से ऑनलाइन सुनवाई होगी। परिवार का कोई वयस्क सदस्य दे सकेगा जवाब — मतदाता जरूरत पड़ने पर परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है। गरीब, बेघर और नाइट शेल्टर में रहने वालों के लिए विशेष कैंप — DEO पर्याप्त हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाएंगे। ECINet की स्वतंत्र समीक्षा होगी — वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी ECINet की समीक्षा करेगी, इसमें IIT/IIIT का स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा। दिल्ली में दावे-आपत्तियों की तारीख बढ़ी — फाइलिंग की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026, जबकि निस्तारण की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 की गई। महाराष्‍ट्र में भी समयसीमा बढ़ी — दावे-आपत्तियां 12 अक्टूबर तक और उनके निस्तारण की समयसीमा 10 नवंबर 2026 तक। SIR के बाद छूटे नामों को जोड़ने का मौका — 20 राज्यों/UTs में SIR पूरा हो चुका है। छूटे मतदाता और नए/पहली बार वोटर Continuous Updation के तहत नाम जुड़वा सकते हैं। गोवा के 97 छूटे वोटरों पर कार्रवाई — 81 लोगों ने पहले ही Form-6 भर दिया है; BLO घर-घर जाकर बाकी मतदाताओं से भी फॉर्म भरवाएंगे। ECI ने SIR को लेकर फिर कहा—फैसले सर्वसम्मति से हुए — आयोग के मुताबिक 24 जून 2025 का SIR आदेश और बाद की समय-सारिणी आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुई थी। कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र पर सफाई — ECI ने कहा कि पत्र किसी नीति या IT डिवीजन से जुड़ा नहीं था, बल्कि ECI में प्रतिनियुक्त एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था। आयोग की बैठकों में नई प्रक्रिया — हर बैठक का एजेंडा पहले से सर्कुलेट होगा और बैठक की कार्यवाही के मिनट्स जारी किए जाएंगे। विदेश यात्राओं के लिए आयोग की मंजूरी जरूरी — अधिकारियों की foreign यात्राओं पर Commission की approval ली जाएगी। IT से जुड़े नए पोर्टल/मॉड्यूल पहले कमेटी में जाएंगे — नए IT initiatives को Commission के सामने रखने से पहले Committee of Officers में चर्चा होगी। बैठक 26 सितंबर को दोपहर 3 बजे हुई — प्रेस नोट को पूर्ण आयोग की मंजूरी प्राप्त है; बैठक में CEC ज्ञानेश कुमार और Election Commissioners एस.एस. संधू व विवेक जोशी मौजूद थे。
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झुंझुनूं: पेयजल संकट पर आयोग ने 72 घंटे में सुधार का आदेश दिया

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं पाणी का बिल पूरा, फिर भी नलों में बूंद नहीं! उपभोक्ता आयोग का एक और बड़ा आदेश एलएंडटी के वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट मैनेजर को अल्टीमेटम 72 घंटे के अंदर—अंदर व्यवस्था सुधारने के निर्देश झुंझुनूं शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के लिए अधिकृत है कंपनी 30 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर देनी होगी पालना रिपोर्ट पालना रिपोर्ट नहीं दी तो जारी होगा गिरफ्तारी वारंट आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील व सदस्य ने दिया आदेश सर्दियों की दस्तक के साथ जहां गर्मी से राहत मिलने लगी है, वहीं झुंझुनूं शहर के कई उपभोक्ताओं के लिए पेयजल संकट अभी भी परेशानी का सबब बना हुआ है। पेयजल की नियमित आपूर्ति नहीं होने से परेशान उपभोक्ताओं ने अपनी समस्या जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील के समक्ष रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने झुंझुनूं शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के लिए अधिकृत एलएंडटी कंपनी के वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट मैनेजर को 72 घंटे के भीतर शहरवासियों को सुचारू पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदेश की पालना सुनिश्चित करने के बाद इसकी पालना रिपोर्ट 30 सितंबर को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रस्तुत करनी होगी। पेयजल संकट का यह मामला झुंझनूं शहर के लिए नया नहीं है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पूर्व में भी शहरवासियों की ओर से पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं आयोग के समक्ष रखी जा चुकी हैं। उस समय तत्कालीन सहायक अभियंता पुनित सैनी ने गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेते हुए सद्भावपूर्ण तरीके से उनका समाधान करवाया था। समस्याओं के समाधान के बाद आयोग ने भी उन प्रकरणों का लोक अदालत की भावना से निस्तारण किया था। इसके बावजूद शहर में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं है। वर्तमान मामले में भी उपभोक्ताओं ने आयोग के समक्ष पेयजल उपलब्ध नहीं होने की समस्या रखी, जिसके बाद आयोग ने संबंधित वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट के जिम्मेदार अधिकारी को तलब किया है। मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं पहले भी सामने आती रही हैं और संबंधित परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में भी रही हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से पेयजल राशि के बिल लगातार लिए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि नियमित रूप से राशि लिए जाने के बावजूद उन्हें अपेक्षित पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। आयोग ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पेयजल आपूर्ति में कमी को ’’सेवा में दोष’’ के रूप में लिया और वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट को संभाल रही एलएंडटी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को आवश्यक कार्रवाई के लिए तलब किया है। आयोग ने संबंधित प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देशित किया है कि वह 72 घंटे के भीतर शहरवासियों को सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें। इसके बाद की गई कार्रवाई की विस्तृत पालना रिपोर्ट आयोग के समक्ष निर्धारित तिथि पर प्रस्तुत करनी होगी। आयोग के निर्देश के बाद अब संबंधित वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली और शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर निगाह रहेगी। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि आदेश के बाद लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। आयोग ने आदेश की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए यह भी कहा है कि यदि संबंधित वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट मैनेजर निर्धारित समय पर आयोग के आदेश की पालना रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा। इस आदेश के बाद शहरवासियों की नजर अब 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर रहेगी। उस दिन संबंधित अधिकारी को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पेयजल व्यवस्था में किए गए सुधार और आदेश की पालना की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
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