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SKSatish Kumar TamboliFollow27 Jul 2024, 09:23 am
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सहारनपुर मुठभेड़: हिस्ट्रीशीटर सलमान गिरफ्तार, तमंचा-कारतूस-गोकशी उपकरण बरामद

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर पुलिस को मिली सफलता मुठभेड़ मे हिस्ट्रीशीटर गौकश अभियुक्त घायलवस्था में गिरफ्तार, कब्जे से 01 तमन्चा व 01 खोखा 03 जिन्दा कारतूस .315 बोर, गोकशी के उपकरण व 01 मोटरसाईकिल बरामद सहारनपुर जनपद के थाना मिर्जापुर पुलिस टीम कासमपुर बिजली घर के पास विकास नगर सहारनपुर रोड पर चैकिंग कर रहे थे तभी एक मोटरसाइकिल तेज गति से आती हुई दिखाई दी संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस टीम के द्वारा रोशनी दिखाकर रुकने का इशारा किया गया तो नहीं रुके और पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नियत से गोलीबारी कर अपनी मोटरसाइकिल को ग्राम पाड़ली जाने वाले राजवाहे की तरह मोड़कर भागने लगे पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध का पीछा किया गया राजवाहे से कुछ दूरी पर जाकर खेत में जानी वाली कच्ची चकरोड पर मोटरसाइकिल फिसल कर गिर गई, और संदिग्ध अभियुक्तों के द्वारा आम के बाग से पुलिस टीम पर पुनः गोलीबारी की गयी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई गोलीबारी में एक अभियुक्त के दाएं पैर में गोली लगने से घायलावस्था में गिरफ्तार किया गया। घायल बदमाश को प्राथमिक उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है तथा दूसरा बदमाश अंधेरा का फायदा उठाकर मौके से भाग गया। जिसकी गिरफ्तारी हेतु लगातार कॉम्बिंग की जा रही है। तथा गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सलमान पुत्र वरिस निवासी ग्राम रायपुर थाना मिर्जापुर सहारनपुर के रूप में हुई है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से 01 तमंचा .315 बोर व 01 खोखा व 03 जिन्दा कारतूस .315 बोर, गोकशी के उपकरण एवं 01 मोटरसाइकिल बिना नम्बर प्लेट बरामद हुई है। अभियुक्त सलमान उपरोक्त थाना मिर्जापुर का हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त है । जिसके ऊपर जनपद के अलग-अलग थानों में लगभग एक दर्जन से अधिक गौंकशी लूट चोरी, तस्करी के मुकदमे दर्ज है।
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अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार: 26.9 किलो गांजा और ऑटो बरामद, कीमत करीब 6 लाख

Azamgarh, Uttar Pradesh:दो अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार, 26.9 किलो गांजा जिसकी कीमत करीब 6 लाख रुपये और ऑटो बरामद, छत्तीसगढ़ से लाकर बिक्री की थी तैयारी। जिले के बिलरियागंज थाना की पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति ऑटो से गांजा लेकर गुलवा गौरी नहर मार्ग की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने छिछोरी नहर ट्यूबेल के पास घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध ऑटो दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर चालक वाहन मोड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर वाहन को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अमरजीत पाण्डेय निवासी गोपालगंज, बिहार तथा हरेन्द्र कुशवाहा निवासी कुशीनगर के रूप में बताया। सीओ सगड़ी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर अमरजीत पाण्डेय के पास से 16 किलो 515 ग्राम तथा हरेन्द्र कुशवाहा के पास से 10 किलो 385 ग्राम गांजा बरामद हुआ। कुल बरामद गांजा 26 किलो 900 ग्राम पाया गया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त ऑटो संख्या BR28L1774 को भी कब्जे में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा छत्तीसगढ़ से लेकर वह पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों में बिक्री के लिए जा रहे थे। इस मामले में बिलरियागंज थाना पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्जकर आगे की विधिक कार्रवाई की गई।
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जगदलपुर में अफीम तस्कर गिरफ्तार; 167 ग्राम अफीम बरामद, NDPS एक्ट के तहत मामला

Jagdalpur, Chhattisgarh:जगदलपुर में बस्तर पुलिस ने एक अफीम तस्कर को गिरफ्तार किया है, पुलिस को शहर में एक तस्कर द्वारा अफीम बेचे जाने की सूचना मिली थी, गोयल बाड़ी तिराहा रायपुर मुख्य मार्ग में दबिश देकर पुलिस ने ग्राहक का इंतजार कर रहे आरोपी को गिरफ्तार किया आरोपी हरदीप सिग के कब्जे से पुलिस ने 167 ग्राम अफीम जब्त की जिसकी अनुमानित कीमत है, पुलिस अनुसार आरोपी हरदीप सिग खुर्सीपार भिलाई निवासी है, आरोपी ड्राइवरी का काम करता है और ड्राइवरी के आड़ में नशीले प्रदार्थ की तस्करी करता था, आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में NDPS एक्ट की धारा 18.B के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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जौनपुर के आशानंदपुर में विवादित जमीन पर कब्जे से तनाव, CCTV में वारदात कैद

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर में विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर तनाव, 145 की कार्रवाई के बावजूद दबंगों पर नहीं दिखा कानून का डर इस वारदात का वीडियो सीसीटीवी में हुआ कैद जौनपुर जिले के रामपुर थाना क्षेत्र के आशानंदपुर गांव में विवादित आबादी की जमीन को लेकर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद दबंग खुलेआम जमीन पर कब्जा करने में जुटे रहे, जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार गांव निवासी महताब आलम ने आरोप लगाया कि उनकी आबादी की जमीन, जिसका आराजी संख्या 1149 घ बताई जा रही है, पर पड़ोसी दबंग कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित के मुताबिक वह लंबे समय से उक्त जमीन पर बिल्डिंग शटरिंग का सामान रखते आ रहे थे, लेकिन कब्जे की नीयत से दबंगों ने रातों-रात वहां रखा लकड़ी और प्लाई का सामान आग के हवाले कर दिया। मामले की शिकायत पुलिस से की गई, जिसके बाद पुलिस ने शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताते हुए उपजिलाधिकारी मड़ियाहूं को रिपोर्ट भेजी। इसके आधार पर बीएनएसएस की धारा 164 के तहत कार्रवाई की संस्तुति करते हुए दोनों पक्षों को 5 जून 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया गया। आरोप है कि आदेश जारी होने के बावजूद दबंग पीछे नहीं हटे और विवादित भूमि पर कब्जा शुरू कर दिया। पीड़ित का कहना है कि कब्जाधारियों ने सड़क की ओर पर्दा लगाकर पीछे से दीवार निर्माण शुरू करा दिया। सूचना पर पहुंची पीआरबी 112 की टीम ने कथित रूप से तत्काल कार्रवाई नहीं की, जिससे दबंगों का मनोबल और बढ़ गया। एसडीएम का आदेश थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाया, लेकिन गांव में अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि पूरी घटना, यहां तक कि शटरिंग का सामान जलाने की वारदात भी सीसीटीवी कैमरे में कैद है। बावजूद इसके अब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
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सहारनपुर फर्नीचर मार्केट में भीषण आग, 4 शोरूम जलकर राख

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर के देहरादून रोड स्थित फर्नीचर मार्केट में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। आग की शुरुआत एक लकड़ी के गोदाम से हुई, जहां पहले धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं।आग इतनी भीषण थी कि करीब 500 मीटर दूर से ही धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग दहशत में आ गए। देखते ही देखते आग आसपास के फर्नीचर शोरूम तक पहुंच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मी तुरंत आग बुझाने में जुट गए, लेकिन लकड़ी और फर्नीचर का भारी स्टॉक होने की वजह से आग तेजी से फैलती रही। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक फर्नीचर के 4 शोरूम पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे।पुलिस के मुताबिक, बुधवार सुबह फर्नीचर मार्केट में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। लकड़ी और फर्नीचर का भारी स्टॉक होने की वजह से आग तेजी से फैलती चली गई और ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। इससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सबसे पहले आग गंगा फर्नीचर में लगी। इसके बाद आग तेजी से फैलते हुए शक्ति फर्नीचर, अमन फर्नीचर और नमन फर्नीचर तक पहुंच गई। गनीमत रही कि ज्यादातर शोरूमों के ऊपरी हिस्से में आग लगी। हालांकि शक्ति फर्नीचर के गोदाम तक भी आग पहुंच गई। करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।आग का असर शोरूमों के पीछे स्थित खान आलमपुरा कॉलोनी तक पहुंच गया। आग की वजह से एक दीवार गिर गई, जिससे कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई। आग लगते ही इलाके की बिजली भी गुल हो गई। शोरूम मकानों से सटे होने के कारण लोगों ने एहतियातन अपने घरों से गैस सिलेंडर बाहर निकालने शुरू कर दिए। आसपास के लोग गलियों से निकलकर सड़कों पर आ गए।सूचना मिलते ही फर्नीचर शोरूम के मालिक मौके पर पहुंचे। उन्होंने शटर खोलकर नीचे रखा सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया, ताकि नुकसान कम किया सके। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जमा गए। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चलल सका है。
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बालोद पुलिस के पास अब चलते-फिरते लैब: मोबाइल फॉरेंसिक वैन से जांच तेज

Raipur, Chhattisgarh:बालोद。 अपराध अनुसंधान और न्याय प्रणाली को अधिक सटीक और तीव्र बनाने के लिए बालोद पुलिस के बेड़े में एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन शामिल हो गई है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन की संयुक्त पहल पर मिली यह वैन किसी चलते-फिरते हाई-टेक वैज्ञानिक लैब से कम नहीं है। इस वैन के आ जाने से अब पुलिस को साक्ष्यों की जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि घटनास्थल पर ही त्वरित वैज्ञानिक विश्लेषण संभव हो सकेगा。 घटनास्थल पर ही सुरक्षित रहेंगे साक्ष्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर ने बताया कि अमूमन किसी वारदात के बाद साक्ष्यों के खराब होने या उनके साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी रहती है, लेकिन इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन के आने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने बताया कि इस आधुनिक सुविधा से घटनास्थल पर ही साक्ष्यों का वैज्ञानिक संरक्षण और परीक्षण किया जा सकेगा। इससे न केवल जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि अदालती प्रक्रियाओं और न्याय प्रणाली में भी तेजी आएगी। 14 प्रकार की अत्याधुनिक किट्स से लैस है 'चलता-फिरता लैब' वैज्ञानिक अधिकारी (FSL) डॉ. स्मिता रानी भारदीय के अनुसार, इस वैन में 14 अलग-अलग प्रकार की विशेष फॉरेंसिक किट्स उपलब्ध कराई गई हैं। इसके जरिए पुलिस मौके पर ही: क्राइम सीन सुरक्षा और सामान्य जांच, फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट और टायर मार्क्स का मिलान, फॉरेंसिक लाइट के जरिए अदृश्य सबूतों की खोज, जैविक साक्ष्य जैसे ब्लड और डीएनए (DNA) का संग्रहण, नार्कोटिक्स (नशीले पदार्थ), विस्फोटक, आगजनी, जीएसआर (GSR) और बैलिस्टिक (हथियार/गोली) की जांच कर सकेगी। डिजिटल और अत्याधुनिक उपकरणों का समावेश जांच को पारदर्शी और अचूक बनाने के लिए वैन के भीतर डिजिटल टूल्स की पूरी श्रृंखला मौजूद है। इसमें माइक्रोस्कोप, मैग्निफाइंग लेंस और डिजिटल जांच किट के साथ-साथ हाई-डेफिनिशन DSLR कैमरा, सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस आधारित बॉडी कैमरा शामिल हैं। इसके अलावा, तकनीकी कार्यों के लिए लैपटॉप-प्रिंटर, बारकोड स्कैनर, वेटिंग मशीन, मिनी-रेफ्रीजरेटर (साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए), एलईडी स्क्रीन, जनरेटर और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी वीआईपी सुविधाएं भी इस वैन का हिस्सा हैं。
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भारत ने नेपाल को 2640 वाहन उपहार देकर प्रशासनिक सहयोग मजबूत किया

Motihari, Bihar:भारत सरकार ने नेपाल के साथ बेटी रोटी के सबन्धों को और मजबूती देने एवं सरकार संचालन को गति देने के लिए 10 पुलिस वैन ट्रक मदद में गिफ्ट किया है। सीमावर्ती शहर बीरगंज में भारतीय वाणिज्य दूतावास और पर्सा जिला प्रशासन के द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम किया गया। जिस कार्यक्रम में कन्सुलेट जनरल देवी मीणा सहाय ने पर्सा जिला अधिकारी भोला दहाल को 10 ट्रकों की चाबी सौंपा। इसके लिए पर्सा जिला अधिकारी ने भारत सरकार का आभार प्रकट किया। दोनों देशों के अधिकारियों ने केक काट कर खुशिया इजहार किया। बता दें पिछले एक वर्षो मे भारत सरकार ने नेपाल को 2640 वाहन गिफ्ट किए है। हाल के दिनों में नेपाल में सम्पन्न प्रतिनिधि सभा चुनाव में भारत सरकार ने नेपाल को पिकअप, स्कॉर्पियो, एसयूवी और ट्रक मिलाकर 640 वाहन गिफ्ट किया गया था। गत वर्षों में भारत सरकार ने भारतीय दूतावास के माध्यम से नेपाल की सेना, शस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस के लिए ट्रक, पिकअप, स्कॉर्पियो और अन्य सवारी साधन गिफ्ट किया है। इस सबंध में पर्सा जिला अधिकारी भोला दहाल ने बताया की भारत एक मित्र राष्ट्र की तरह नेपाल के साथ हमेशा खड़ा रहा है। भारत सरकार के द्वारा उपहार स्वरूप दिए गए वाहनों से नेपाल सरकार के प्रशासनिक संचालन में काफी मदद मिलती है। प्रतिनिधि सभा चुनाव में उपहार में मिले वाहनों से चुनाव कराने में काफी सहूलियत मिली थी। हाल के दिनों में सम्पन्न चुनाव में भी 640 से ज्यादा वाहन गिफ्ट किए गए है। आगे भी करते रहेंगे।
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NH-139 के बटाने पुल की दरार, भारी वाहनों पर रोक से राज्यों में परिवहन प्रभावित

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:एनएच -139 पर औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड के तहत बटाने पुल के क्षतिग्रस्त होने , उसकी जर्जर स्थिति एवं संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस पर भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है । इससे बिहार,झारखंड , छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच भारी वाहनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है । राष्ट्रीय उच्च पथ के औरंगाबाद प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि 225 मीटर लंबे इस पुल के कई गार्डरों में दरार आ गई है वहीं बियरिंग के पेडस्टल के पास भी क्रेक हो गया है।उन्होंने कहा कि भारी वाहनों के परिचालन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई है और पुल की मरम्मति के लिए प्रयास प्रारंभ कर दिया गया है लेकिन निविदा फाइनल होने के बाद इसकी मरम्मति में कम से कम दो माह का समय लगेगा । ग़ौरतलब है कि राष्ट्रीय उच्च पथ 139 पर इस पुल के माध्यम से चारों राज्यों के पांच हजार से अधिक भारी वाहनों का प्रतिदिन परिचालन होता है । इस बीच पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने वैकल्पित मार्ग के लिए चयनित सड़कों को भारी वाहनों के लिए अनुपयुक्त बताया है ।इधर इस पुल में आई अचानक दरार ने पुल निर्माण कंपनियों पर सवालिया निशान लगा दिया है । बाइट - तुलसी प्रसाद,कार्यपालक अभियंता,एनएचएआई,औरंगाबाद डिवीजन
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लातेहार बरवाडीह डैम पर प्रशासन की चाल: मॉनिटरिंग तेज, पुनर्वास पर सख्त निर्देश

Latehar, Jharkhand:एंकर :- लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में वर्षों से लंबित मंडल डैम परियोजना अब प्रशासनिक सक्रियता के कारण लोगो में एक बार फिर चेहरे में चमक लौट आई है । ज्ञात हो कि लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार, गढ़वा उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा तथा पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव द्वारा मंडल डैम, बरवाडीह एवं आसपास के क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया है । यह वरीय अधिकारियों का केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि यह संकेत था कि प्रशासन अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।मंडल डैम परियोजना लंबे समय से निर्माणाधीन रहने के कारण क्षेत्र में चर्चा और असंतोष दोनों का विषय रही है। यह परियोजना से बरवाडीह एवं आसपास के इलाकों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो इसका सीधा लाभ किसानों की आय, खेती की उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, कार्य प्रगति और परियोजना में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा की। इससे स्पष्ट है कि जिला प्रशासन अब केवल रिपोर्टों के भरोसे नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग कर परियोजना को गति देना चाहता है।निरीक्षण के दौरान डूब क्षेत्र में आने वाले मेराल गांव के परिवारों के विस्थापन का मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया। किसी भी बड़ी सिंचाई परियोजना में पुनर्वास और विस्थापन सबसे चुनौतीपूर्ण पहलू होता है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विस्थापन प्रक्रिया संवेदनशीलता और नियमों के अनुरूप पूरी की जाए। यह संकेत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अतीत में कई परियोजनाएं पुनर्वास विवादों के कारण वर्षों तक अटकी रही हैं। यदि प्रशासन पारदर्शी पुनर्वास नीति अपनाता है, तो परियोजना के प्रति स्थानीय लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।डीसी संदीप कुमार ने अधिकारियों और संवेदकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि झारखंड की कई परियोजनाएं वर्षों तक धीमी गति और प्रशासनिक शिथिलता की शिकार रही हैं। नियमित मॉनिटरिंग और समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश बताते हैं कि जिला प्रशासन अब परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाने की कोशिश कर रहा है।
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प्रतापगढ़ पुलिस ने त्योहारों के मद्देनजर सघन रूट मार्च निकाला

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ में आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के नेतृत्व में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन रूट मार्च निकाला गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह, डीएसपी गजेंद्र सिंह राव, शहर कोतवाल शंभू सिंह झाला सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, रिजर्व फोर्स के जवान और थाना स्टाफ मौजूद रहे...रूट मार्च शहर के प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले चौराहों और संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा, जहां अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और हालात की समीक्षा की। त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही बाजार क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचाव के लिए अतिरिक्त निगरानी रखने पर जोर दिया गया..पुलिस अधिकारियों ने मुख्य मार्गों पर व्यापारियों और दुकानदारों को अतिक्रमण नहीं करने की सख्त हिदायत दी। अधिकारियों ने कहा कि सड़क और फुटपाथ पर फैलाव आमजन की आवाजाही में बाधा उत्पन्न करता है और आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं..पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आमजन से भी सहयोग की अपील की गई ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें। पुलिस का मानना है कि इस प्रकार के रूट मार्च से असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगता है और नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है। आने वाले दिनों में भी शहर में इसी तरह सतर्कता और सख्ती बरती जाएगी।
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