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Bemetara491335

बेमेतरा जिले में कलेक्टर ने चलाया हाथकरघा, बुनकरों का बढ़ाया उत्साह

Jul 24, 2024 14:16:23
Bemetara, Chhattisgarh

बेमेतरा जिले के देवरबीजा में कलेक्टर रणबीर शर्मा ने श्रीराम बुनकर सहकारी केंद्र का दौरा किया। बारिश के बीच पहुंचे कलेक्टर ने हाथकरघा से कपड़ा बुनने की प्रक्रिया को करीब से देखा और समझा। बुनकर सुको देवांगन ने उन्हें ताने-बाने और कपड़ा बनाने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई। कलेक्टर ने स्वयं हाथकरघा चलाकर बुनाई का अनुभव लिया और बुनकरों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने बुनकरों की आर्थिक स्थिति और परिवार के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान से बुनकरों में उत्साह का माहौल देखा गया।

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AMALI MUKTA
Feb 04, 2026 09:53:11
Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:हाईटेंशन तार की चपेट में आने से महिला की मौत बिजली विभाग की लापरवाही कौशांबी जिले में बुधवार सुबह विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते करंट लगने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। महिला की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश है। घटना सरायअकिल थाना क्षेत्र के इमली गाँव की है जहाँ पर मृतका 30 वर्षीय किरण कोरी पत्नी कुलदीप सुबह घर से खेत गयी थी। रास्ते में पहले से टूटकर गिरे 11 हज़ार हाईटेंशन तार पर उसके पैर पड़ गए जिससे झुलस कर मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि देखने वालों का दिल दहल गया। ग्रामीणों ने पावर हाउस फ़ोन कर बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए कहा, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। इस दौरान महिला का पैर काफी देर तक करंट की चपेट में जलता रहा। सूचना मिलते ही भगवानपुर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईटेंशन विद्युत तार जर्जर अवस्था में लंबे समय से पड़ा था। कई बार विद्युत विभाग को शिकायत कर मरम्मत की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जांच के लिए आने वाले अवर अभियंता (जेई) भी हर बार आश्वासन देकर टालते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते तार की मरम्मत कर दी गई होती, तो यह हादसा टल सकता था। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दिए जाने की मांग की है.
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PSPrashant Shukla
Feb 04, 2026 09:50:31
Seoni, Madhya Pradesh:बस स्टैंड में सांडों की लड़ाई से मची अफरा-तफरी. नगर में आवारा पशुओं का आतंक. पानी फेंक कर सांडों की लड़ाई रखवाने का दुकानदार कर रहे प्रयास. एंकर-सिवनी नगर की सड़कों पर आवारा मवेशियों का बढ़ता आतंक अब आमजन के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों में दिन-रात खुलेआम घूमते मवेशी न केवल यातायात व्यवस्था को बाधित कर रहे हैं, बल्कि नागरिकों की जान पर भी भारी पड़ रहे हैं। नगर पालिका द्वारा समय-समय पर अभियान चलाने की घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई न होने से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बस स्टैंड क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क के बीच दो सांड आपस में भिड़ गए। अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद यात्रियों, दुकानदारों और राहगीरों में दहशत फैल गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, वहीं वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़े, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रही। दुकानदार सांडों की लड़ाई अलग करवाने के लिए पानी फेंकते नजर आए.घटना का वीडियो वहां खड़े एक व्यक्ति ने बना लिया, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह व्यस्त सड़क कुछ ही पलों में खतरनाक अखाड़े में तब्दील हो गई।
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KCKashiram Choudhary
Feb 04, 2026 09:50:14
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में जल्द ही एक दर्जन नए रेल प्रोजेक्ट शुरू हो सकते हैं। उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन ने इन प्रोजेक्ट्स की मंजूरी के लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड में भेजे हैं। यदि मंजूरी मिलती है, तो राज्य में जल्द ही 21 हजार करोड़ से अधिक लागत के प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हो सकेगी। कौनसे हैं नए प्रोजेक्ट, वर्तमान में क्या है प्रगति, पढ़िए, जी मीडिया की यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट- उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन राजस्थान में कुछ नए रूटों के बीच रेल कनेक्टिविटी शुरू करने की तैयारी में है। रेलवे प्रशासन ने एक दर्जन रूटों पर नई रेल लाइन डालने या लाइनों के दोहरीकरण के प्रस्ताव तैयार किए हैं। ये प्रस्ताव डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ अब रेलवे बोर्ड को भेज दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड इन प्रस्तावों पर जल्द ही फैसला ले सकता है। आपको बता दें कि 1512 किमी लम्बाई के नई रेल लाइन और दोहरीकरण के ये प्रोजेक्ट स्वीकृति के लिए भिजवाए गए हैं। इन पर 21145 करोड़ रुपए की लागत आना संभावित है। वर्तमान में उत्तर-पश्चिम रेलवे पर नई रेल लाइनों के 574 किमी रेल लाइन डालने के 10 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स पर करीब 9096 करोड़ रुपए लागत आ सकती है। इसी तरह दोहरीकरण के 863 किमी रेल लाइनों के 13 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इन पर करीब 9457 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं आमान परिवर्तन का 969 करोड़ रुपए लागत का भी एक प्रोजेक्ट वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। आईए अब आपको बताते हैं, कौनसे हैं वे नए प्रोजेक्ट, जो स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड भेजे गए हैं।
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SSsubhash saheb
Feb 04, 2026 09:50:05
Dhamtari, Chhattisgarh:धमतरी जिले के केरेगांव थाना क्षेत्र के सियादेही गाँव में उस वक़्त हड़कंप मच गया, जब खेत से एक युवती का शव बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि सियादेही निवासी उमा साहू गाय की तलाश में खेत की ओर गई थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। वही काफ़ी देर इंतज़ार के बाद परिजनों ने जब खोजबीन शुरू की, तो खेत में उमा का शव पड़ा मिला। यह नज़ारा देखकर पूरे गांव में सनसनी फैल गई। घटना की इत्तिला मिलते ही केरेगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्ज़े में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया है। और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
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ASABHISHEK SHARMA1
Feb 04, 2026 09:49:15
Chittorgarh, Rajasthan:#बेगू, चित्तौड़गढ़ - एंकर – चित्तौड़गढ़ में महिला कॉंग्रेस जिलाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बेगू पहुंचीं यशोदा पुरोहित का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। बेगू नगर की चौथ माता कॉलोनी में पार्षद नरेंद्र पुरोहित की पत्नी यशोदा पुरोहित के आगमन पर आतिशबाजी कर खुशी जताई गई। इस मौके पर कांग्रेस संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम में गुर्जर महासभा के जिला अध्यक्ष मांगी लाल गुर्जर, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रिंस बाबेल, पूर्व अध्यक्ष वृद्धि चंद कोठारी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसजन शामिल हुए। सभी ने यशोदा पुरोहित को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
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RSRajendra sharma
Feb 04, 2026 09:49:01
Kota, Rajasthan:युवा कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, सरकारी विद्यालयों के जर्जर भवन की मरम्मत करवाने की मांग को लेकर दंडवत कर हेलमेट पहनकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा प्रदेश के सरकारी विद्यालयों के जर्जर भवन की मरम्मत करवाने की मांग को लेकर एवं जिस प्रकार छात्र छात्राओं को खतरे के कारण विद्यालयों के बाहर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है हालात यह है कि भवनों के अंदर हेलमेट पहनना पड़ रहा है इसके विरोध में राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव यश गौतम के नेतृत्व में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हेलमेट पहनकर दंडवत कर कलेक्टर पीयूष सामरिया को ज्ञापन सौंपा एवं मरम्मत करवाने की मांग की। यश गौतम ने बताया कि जहां एक ओर सरकार शिक्षा को लेकर बड़े बड़े वादे कर रही है वहीं दूसरी ओर जर्जर भवन छात्र छात्राओं के जीवन के लिए बड़ा खतरा बने हुए है प्रदेश के 90 प्रतिशत विद्यालयों को मरम्मत की आवश्यकता है खतरा होने के कारण विद्यालय भवन के बाहर कक्षाएं संचालित की जा रही है कुछ दिनों पूर्व झालावाड़ में जर्जर विद्यालय में हुए हादसे से भी सरकार ने सबक नहीं लिया है इन छात्र छात्राओं के जीवन की सुरक्षा करना सरकार का दायित्व है लेकिन सरकार अपनी आँखें बंद किए बैठे है यह उनके जीवन के साथ बड़ी लापरवाही है इसे लेकर हाई कोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी की है डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद केंद्र से विद्यालयों की मरम्मत के लिए बजट ना आना सरकार के दोहरे चरित्र को दर्शाता है छात्र छात्राएं हेलमेट पहनकर अध्ययन करने को मजबूर है इसी के विरोध में हेलमेट पहनकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा एवं विद्यालयों में अध्ययन कर रहे छात्र छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विद्यालयों के जर्जर भवन की मरम्मत करवाने की मांग की भवनों की यही दुर्दशा रहती है तो युवा कांग्रेस द्वारा इसके खिलाफ अभियान चलाकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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DIDamodar Inaniya
Feb 04, 2026 09:48:42
Nagaur, Rajasthan:डीडवाना प्रशासनिक सुधार विभाग की डीडवाना में बड़ी कार्रवाई, 14 विभागों में किया औचक निरीक्षण 60% कर्मचारी अधिकारी मिले नदारद, कलेक्ट्रेट में 40 में से 33 कार्मिक मिले अब्सेंट, खुद जिला कलेक्टर महेंद्र सिंह खडगावत और एडीएम मोहनलाल खटवानालिया भी समय पर नहीं पहुंचे अपने ऑफिस, DT0 ऑफिस में 10 में से 9 कर्मचारी मिले एब्सेंट, PWD ऑफिस पर लटका ताला, विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई कार्रवाई। राजस्थान सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग ने बुधवार को डीडवाना-कुचामन जिला मुख्यालय पर अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। विभाग को पिछले काफी समय से सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की लेटलतीफी और अनुपस्थिति की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इनके शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शासन उप सचिव एवं अतिरिक्त निदेशक सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक राज्य स्तरीय टीम ने सुबह ठीक 9:40 बजे एक साथ 14 सरकारी विभागों पर धावा बोल दिया। यह औचक निरीक्षण ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है, जहां आम जनता के काम करने वाले जिम्मेदार अधिकारी खुद दफ्तरों से नदारद मिले। निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली तस्वीर जिला कलेक्ट्रेट में देखने को मिली। यहां अनुशासन का हाल यह था कि कुल 40 कार्मिकों में से 33 कर्मचारी अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। हद तो तब हो गई जब टीम ने पाया कि खुद जिला कलेक्टर महेंद्र सिंह खडगावत और एडीएम मोहनलाल खटवानालिया भी निर्धारित समय पर अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे। ADM खटवानलिया बीते तीन दिनों से एब्सेंट चल रहे हैं। अव्यवस्थाओं का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका; परिवहन विभाग (DTO) कार्यालय में 10 में से 9 कर्मचारी गायब मिले, जबकि सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यालय की स्थिति और भी बदतर थी जहां मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ पाया गया। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, टीम ने कुल 35 हाजिरी रजिस्टरों की गहनता से जांच की। इस पूरी कार्रवाई में पाया गया कि जिले के लगभग 60 प्रतिशत अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी से नदारद हैं। जानकारी के अनुसार 14 विभागों में कुल 77 राजपत्रित अधिकारियों में से 47 अधिकारी कार्यालय में नहीं थे, जो कुल संख्या का 61.03 प्रतिशत है। इसी प्रकार, 307 अराजपत्रित कर्मचारियों में से 184 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सुबह-सुबह हुई इस बड़ी छापेमारी से पूरे जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और कई विभागों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। शासन उप सचिव सुनील कुमार शर्मा ने जिले की स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए बताया कि जिले के सभी विभागों में बड़ी लापरवाही सामने आई है जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इसको देख कर यह लग रहा है कि जिलाध्यक्ष कलेक्टर का जिले में कोई नियंत्रण नहीं है। खुद जिलाध्यक्ष कलेक्टर ही जब समय पर नहीं पहुंचेंगे तो काम कैसे होगा। विभाग ने बांगड़ जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर भी असंतोष जाहिर किया। अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं थी और मरीज भी पूरी दवाइयां नहीं मिलने की शिकायत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने पीएमओ को इसके लिए निर्देश दिए हैं। शासन उप सचिव सुनील कुमार शर्मा ने इस मामले को बेहद गंभीर माना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के कार्यों में लापरवाही और सरकारी अनुशासन की धज्जियां उड़ाने वाले किसी भी कार्मिक को बख्शा नहीं जाएगा। अनुपस्थित मिले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जयपुर मुख्यालय को भेज दी गई है, जिसके आधार पर अब इन सभी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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ASABHISHEK SHARMA1
Feb 04, 2026 09:48:18
Chittorgarh, Rajasthan:#बेगूं, चित्तौड़गढ़ - एंकर –चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं पंचायत समिति में कार्यरत नरेगा संविदा कार्मिकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदेशव्यापी आव्हान के तहत नरेगा कार्मिकों ने सरकार पर वादा खिलाफी और शोषण का आरोप लगाते हुए पंचायत समिति विकास अधिकारी सुरेश गिरी गोस्वामी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्मिकों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा, जिससे आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस दौरान योजना में कार्यरत कोऑर्डिनेटर, सहायक कार्यक्रम अधिकारी, कनिष्ठ तकनीकी सहायक, लेखा सहायक, ग्राम रोजगार सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कई नरेगा कार्मिक मौजूद
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ADAbhijeet Dave
Feb 04, 2026 09:48:09
Ajmer, Rajasthan:केकड़ी दौरे पर पहुंचे संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़, कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश केकड़ी : संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ बुधवार को केकड़ी क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। उनके केकड़ी आगमन पर पुलिस विभाग द्वारा औपचारिक एवं सम्मानपूर्ण स्वागत किया गया। एडीएम कार्यालय परिसर में पुलिस जवानों द्वारा संभागीय आयुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। एडिशनल एसपी राजेश कुमार मील एवं डिप्टी हर्षित शर्मा ने क्षेत्र की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति से संभागीय आयुक्त को अवगत कराया। अधिकारियों ने हाल ही में घटित अपराधों, उनकी वर्तमान प्रगति तथा अपराध नियंत्रण हेतु पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके पश्चात संभागीय आयुक्त ने एडीएम कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की। बैठक में एडीएम चंद्रशेखर भंडारी, उपखंड अधिकारी दीपांशु सागवान सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के उपरांत संभागीय आयुक्त ने केकड़ी उपखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय की प्रत्येक शाखा में जाकर दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की और कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कार्यालय में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनकर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। संभागीय आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए प्रशासन को संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं तत्परता के साथ कार्य करना होगा। इस दौरान तहसीलदार बंटी राजपूत, अधिशासी अधिकारी केंद्र प्रसाद शर्मा सहित सभी संबंधित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। संभागीय आयुक्त के दौरे से प्रशासनिक अमले में सक्रियता देखी गई तथा व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के संकेत मिले।
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MMMohd Mubashshir
Feb 04, 2026 09:47:45
Mathura, Uttar Pradesh:3 दिन पहले मथुरा के नौझील गांव में मौजूद प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल जान मोहम्मद को मथुरा जिला की बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सस्पेंड कर दिया गया। वजह थी बीजेपी के नेता ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक शिकायत दी जिसमें आरोप लगाया गया कि जान मोहम्मद बच्चों का ब्रेन वॉश करते हैं, उन्हें हिंदू धर्म के बारे में गलत बातें बताते हैं, स्कूल में राष्ट्रगान नहीं होता। इन आरोपों की पड़ताल करने हम मथुरा के नौझील गांव पहुंचे। यहां पहुंचने पर हमने देखा कि जान मोहम्मद जो 15 साल पहले फौजी से रिटायर हुए, उसके बाद उन्होंने अध्यापक के तौर पर नौकरी ज्वाइन की। पिछले 14 साल से नौझील के इस प्राइमरी स्कूल में जान मोहम्मद अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसे 14 साल में कभी उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं की गई, न धर्म को लेकर, न पढ़ने को लेकर; स्थानीय लोगों के कहना है कि ऐसा टीचर पहले कभी नहीं आया। स्कूल के दूसरे टीचरों की बात करें तो उन्होंने भी इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि ये पूरी तरह निराधार हैं। जान मोहम्मद हर टीचर, खासतौर पर महिला टीचर, को बहुत सम्मान देते हैं और उनके लिए हर वक्त खड़े रहते हैं। अब सवाल यह उठता है कि एक कंप्लेंट के आधार पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने किस आधार पर प्रिंसिपल जान मोहम्मद को सस्पेंड कर दिया गया? मामले ने तूल पकड़ा तो गांव के लोग, बच्चों के पेरेंट्स समेत सबने जिलाधिकारी से मुलाकात की। इसके बाद जिलाधिकारी ने 24 घंटे का वक्त दिया कि जान मोहम्मद का सस्पेंशन वापस लिया जाए वरना बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी और दो लोगों की कमेटी बनाई जो आज स्कूल का दौरा करके स्कूल के स्टाफ, बच्चों से और उनके पैरेंट्स से बात करेगी। हमने जान मोहम्मद से भी बात करने की कोशिश की, पर तनाव के कारण उन्होंने सांस लेने में तकलीफ की वजह से आगरा जाना पड़ गया। कहा जा रहा है कि इतनी तनाव में हैं कि वह किसी से बात नहीं कर रहे। उनके बेटे ने भी कुछ अधिक बताने से इनकार किया, पर कहा कि मामला सामने आने के बाद हमारा पूरा परिवार परेशान है। अब देखना है कि कमेटी की रिपोर्ट कब सार्वजनिक होगी। खबर यह है कि मामले के गम्भीर होने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जान मोहम्मद का सस्पेंशन वापस ले लिया है, पर आधिकारिक पुष्टि चार समर्थ के बाद ही होगी।
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MIMohammad Imran
Feb 04, 2026 09:47:33
Jaipur, Rajasthan:वक़्फ़ बोर्ड पंजीकृत ज़मीन पर बड़ा खेल सूत्र कहते हैं क्या केयर टेकर ही खा गए वक़्फ़ ज़मीन लगभग 30 बीघा ज़मीन का खेल जयपुर में वक्फ जमीन पर बड़ा कब्जा! शिकायत में कई नाम, कार्रवाई धीमी… फिर भी लेकिन पंजीकरण के बाद इस्तिथि साफ़ हो जाएगी जारी? पुलिस जल्द पेश कर सकती है चालान, भूमाफिया नेटवर्क पर शिकंजे की मांग जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में वक्फ संपत्तियों को लेकर एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। मानपुरा सड़वा , रामगढ़ रोड जामे हिदायत क्षेत्र में दर्ज वक्फ भूमि पर कथित रूप से बड़े स्तर पर अवैध कब्जे और निर्माण गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक कार्रवाई की गति और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वक्फ बोर्ड ने प्रशासन को लिखा पत्र प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर निगम को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि संबंधित भूमि वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है बोर्ड ने पत्र में कहा है कि यह जमीन वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज है इसका क्रय-विक्रय कानूनन मान्य नहीं किसी भी प्रकार का निर्माण या रजिस्ट्री प्रक्रिया अवैध मानी जाएगी प्रशासकन तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करे खसरों के अनुसार वक्फ भूमि पर कब्जे का आरोप सूत्रों और रिकॉर्ड के अनुसार, वक्फ संपत्ति के अंतर्गत दर्ज कई खसरा नंबरों की भूमि पर कब्जे और अवैध गतिविधियों की शिकायत की गई है स्थानीय स्तर पर आरोप है कि वक्फ जमीनों पर भूमाफिया नेटवर्क सक्रिय है और धीरे-धीरे जमीनों पर नियंत्रण बढ़ाया गया है और आगे भी बढ़ाया जा सकता है शिकायात में जिन लोगों के नाम दर्ज बताए गए हैं 1. जियाउर रहीम 2. मोहम्मद तालीम 3. आजम खान 4. रिज़वान खान उर्फ बंटी 5. मोहम्मद असलम 6. अकबर उर्फ उस्मान हालांकि यह स्पष्ट किया जा रहा है कि पुलिस जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। कार्रवाई धीमी… लेकिन पंजीकरण के बाद सब कुछ साफ़ हो जाएगा और भूमी भूमाफियाओं ने जो बेची है वो मुक्त हो सकती है जनहित मैं ज़मीन ख़रीदने से पहले उसका टाइटल ज़रूर चेक करें सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि: जब वक्फ बोर्ड द्वारा भूमि को लेकर आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है,तो फिर भी कथित रूप से जमीन पर कब्जे के बाद रजिस्ट्री हुई है या दो सोसाइटी के नाम सामने आ रहे हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि वक्फ संपत्तियों में रजिस्ट्री कानूनन शून्य मानी जाती है, लेकिन इसके बावजूद दस्तावेज़ तैयार कर जमीन पर दावा मजबूत करने की कोशिशें चिंता बढ़ा रही हैं। पुलिस जल्द पेश कर सकती है चालान सूत्रों के अनुसार, पुलिस जांच में कुछ मामलों में जल्द ही चालान पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन और पुलिस के सामने अब चुनौती है कि कब्जे हटाए जाएं अवैध निर्माण रोका जाए भूमाफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई हो वक्फ संपत्तियों को सुरक्षित किया जाए भूमाफिया पर लगाम लगाने की मांग तेज स्थानीय लोगों और वक्फ प्रबंधन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो जयपुर में वक्फ संपत्तियों पर कब्जों का नेटवर्क और फैल सकता है। अब जरूरत है कि प्रशासन जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए अवैध कब्जाधारियों पर सख्त शिकंजा कसे। यह समाचार उपलब्ध दस्तावेज़ों, वक्फ बोर्ड के पत्राचार एवं शिकायत के आधार पर प्रसारित किया जा रहा है। सभी आरोप जांच का विषय हैं। किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। संबंधित पक्ष का पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। जयपुर में वक्फ जमीन पर कब्जे का यह मामला अब सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही का सवाल बन चुका है। देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन कब तक भूमाफिया पर कार्रवाई कर वक्फ संपत्तियों को सुरक्षित कर पाते हैं। वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का पंजीकरण कार्य लगातार जारी है। जो भी जमीन वक्फ के रिकॉर्ड में दर्ज है, उसका टाइटल किसी भी परिस्थिति में निजी नाम पर वैध रूप से ट्रांसफर नहीं हो सकता। यदि किसी व्यक्ति द्वारा वक्फ भूमि पर कब्जा किया गया है, तो ऐसे मामलों में आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और संबंधित संपत्तियाँ वक्फ बोर्ड के अधीन ही रहेंगी। हम आम नागरिकों से भी अपील करते हैं कि किसी भी जमीन या संपत्ति को खरीदने से पहले उसका टाइटल, दस्तावेज़ और रिकॉर्ड की पूरी जांच जरूर करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी समस्या से बचा जा सके।
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KCKashiram Choudhary
Feb 04, 2026 09:47:16
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में जल्द ही एक दर्जन नए रेल प्रोजेक्ट शुरू हो सकते हैं। उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन ने इन प्रोजेक्ट्स की मंजूरी के लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड में भेजे हैं। यदि मंजूरी मिलती है, तो राज्य में जल्द ही 21 हजार करोड़ से अधिक लागत के प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हो सकेगी। कौनसे हैं नए प्रोजेक्ट, वर्तमान में क्या है प्रगति, देखिए, जी मीडिया की यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट- उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन राजस्थान में कुछ नए रूटों के बीच रेल कनेक्टिविटी शुरू करने की तैयारी में है। रेलवे प्रशासन ने एक दर्जन रूटों पर नई रेल लाइन डालने या लाइनों के दोहरीकरण के प्रस्ताव तैयार किए हैं। ये प्रस्ताव डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ अब रेलवे बोर्ड को भेज दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड इन प्रस्तावों पर जल्द ही फैसला ले सकता है। 1512 किमी लम्बाई के नई रेल लाइन और दोहरीकरण के ये प्रोजेक्ट स्वीकृति के लिए भिजवाए गए हैं। इन पर 21145 करोड़ रुपए की लागत आना संभावित है। वर्तमान में उत्तर-पश्चिम रेलवे पर नई रेल लाइनों के 574 किमी रेल लाइन डालने के 10 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स पर करीब 9096 करोड़ रुपए लागत आ सकती है। इसी तरह दोहरीकरण के 863 किमी रेल लाइनों के 13 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इन पर करीब 9457 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं आमान परिवर्तन का 969 करोड़ रुपए लागत का भी एक प्रोजेक्ट वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। आईए अब आपको बताते हैं, कौनसे हैं वे नए प्रोजेक्ट, जो स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड भेजे गए हैं। - रास-बिलाड़ा वाया जैतारण 62 किमी नई लाइन प्रोजेक्ट, संभावित लागत 983 करोड़ - देवगढ़-मदारिया-बर (हरिपुर) 102 किमी नई रेल लाइन, लागत 2552 करोड़ - अनूपगढ़-बीकानेर नई लाइन 186 किमी, संभावित लागत 2277 करोड़ - मंदसौर-प्रतापगढ़-बांसवाड़ा की 120 किमी नई लाइन, लागत 4081 करोड़ - लूणी-कैरला दोहरीकरण 26 किमी, संभावित लागत 312 करोड़ - कैरला-मारवाड़ जंक्शन दोहरीकरण 46 किमी, संभावित लागत 483 करोड़ - नारनौल-फुलेरा दोहरीकरण 164 किमी, संभावित लागत 1542 करोड़ - मेड़ता रोड-बीकानेर दोहरीकरण 173 किमी, संभावित लागत 1638 करोड़ - भटिंडा-हनुमानगढ़-सूरतगढ़-बीकानेर दोहरीकरण 320 किमी, लागत 3889 करोड़ - रेवाड़ी-सादुलपुर दोहरीकरण 141 किमी, संभावित लागत 1698 करोड़ - रींगस-सीकर-लोहारू दोहरीकरण 172 किमी, संभावित लागत 1690 करोड़
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