842001
मुजफ्फरपुर में बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की हुई प्रदेश स्तरीय बैठक
Muzaffarpur, Bihar:21 जुलाई 2024 को मुजफ्फरपुर में बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। एक होटल सभागार में हुई इस बैठक में बिहार के 38 जिलों से लगभग 500 प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर मोतिहारी से मोहम्मद करीम, सासाराम से अशोक कुमार और मुजफ्फरपुर से शंकर समेत कई प्रमुख सदस्य उपस्थित थे। बैठक में दवा व्यवसाय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और समाधान के लिए रणनीति बनाई गई।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
Shahapur में कातकरी महिलाओं का पानी मांगने पर जोरदार प्रदर्शन
Thane, Maharashtra:पिण्यासाठी पाणी नसल्याने काजळ विहीर (पाषाणे) येथील आदिवासी कातकरी वाडीतील महिलांचे आंदोलन... शहापूर तालुक्यातील ग्रामपंचायत पाषाणे अंतर्गत येणाऱ्या काजळविहीर आदिवासी कातकरी समाजातील नागरिकांना गेल्या अनेक महिन्यांपासून पिण्याच्या पाण्याच्या गंभीर समस्येला सामोरे जावे लागत आहे. गावातील सदन लोकांना नळ पाणीपुरवठा योजनेचा लाभ आहे परंतु वाडीपर्यंत अद्याप नळ पाणीपुरवठा योजना पोहोचलेली नसल्याने स्थानिक नागरिकांमध्ये तीव्र असंतोष निर्माण झाला आहे. या पार्श्वभूमीवर आज या वाडीतील आदिवासी कातकरी समाजातील महिलांनी हंडा मोर्चा काढत शहापूर पंचायत समिती कार्यालयावर धडक देत गटविकास अधिकारी यांच्या कार्यालयासमोर धरणे आंदोलन सुरू केले. “पाणी आमच्या हक्काचे नाही कुणाच्या बापाचे अशा घोषणांनी परिसर दणाणून गेला. वाडीतील १७ कुटुंबांच्या महिलांचा सहभाग आंदोलन आहे सुमारे तीन महिन्यांपूर्वी ग्रामपंचायत कार्यालयात कातकरी वाडीला नळ पाणीपुरवठा योजनेतून पाणी देण्याबाबत ठराव घेण्यात आला होता. त्यावेळी ग्रामसेवक, उपसरपंच आणि सरपंच यांनी “आठ दिवसांत पाणीपुरवठা सुरू केला जाईल” असे तोंडी आश्वासन दिले होते. मात्र तीन महिने उलटूनही प्रत्यक्षात कोणतीही अंमलबजावणी न झाल्याने नागरिकांचा संयम सुटला आणि अखेर आंदोलनाचा मार्ग स्वीकारावा लागला. आंदोलनस्थळी नागरिकांनी प्रशासनावर गंभीर आरोप करत सांगितले की, वारंवार मागणी करूनही फक्त आश्वासने देण्यात आली, पण प्रत्यक्ष कामकाज शून्य राहिले. विशेषतः उन्हाळा व पाणीटंचाईची तीव्रता वाढलेल्या असताना देखील या वाडीला पाणी मिळत नसल्याने महिलांना दूरवरून हंडे भरून पाणी आणावे लागत आहे. आजच्या आंदोलनादरम्यान गटविकास अधिकारी व पाणीपुरवठा अधिकारी हे दोघेही कार्यालयात उपस्थित नव्हते. अधिकाऱ्यांनी दापूरमाळ येथील पाणी प्रश्नासंदर्भात मंत्रालयीन बैठकीसाठी गेल्याचे सांगण्यात आले. मात्र सहाय्यक गटविकास अधिकारी उपस्थित असले तरी त्यांनी नागरिकांच्या प्रश्नांवर ठोस निर्णय अथवा स्पष्ट उपाययोजना न दिल्याने आंदोलनकर्त्यांमध्ये नाराजी पसरली. आदिवासी कातकरी समाजाने प्रशासनाकडे स्पष्ट मागणी केली आहे की, काजळ विहीर वाडीतील नळ पाणीपुरवठा तातडीने सुरू करण्यात यावा, अन्यथा आंदोलन अधिक तीव्र करण्यात येईल. मूलभूत हक्क असलेल्या पिण्याच्या पाण्यासाठी वारंवार संघर्ष करावा लागत असल्याने शहापूर तालुक्यातील पाणीटंचाई व्यवस्थापनावर गंभीर प्रश्नचिन्ह निर्माण झाले आहे. या घटनेमुळे संपूर्ण शहापूर तालुक्यात पाणीटंचाईच्या वास्तविकतेची आजची आंदोलने श्रमजीवी संघटनेचे माजी अध्यक्ष झोपा वाघ आणि श्रमजीवी संघटनेच्या गाव कमिटी प्रमुख नीता वाघ मिना हिलम करत आहेत.0
0
Report
बीकानेर के अस्पताल में प्रसूताओं की हालत बिगड़ने पर कांग्रेस ने जांच की मांग
Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से खबर पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला, मामले को लेकर कांग्रेस नेता पहुंचे हॉस्पिटल, जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने प्रतिनिधिमंडल के साथ अस्पताल पहुंचकर मरीजों और परिजनों से की मुलाकात, ICU में भर्ती महिलाओं के स्वास्थ्य की ली जानकारी, चिकित्सकों से भी की चर्चा, कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई, पीड़ित परिवारों को मुफ्त इलाज और आर्थिक सहायता देने की मांग, 48 घंटे में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी, सियाग बोले-प्रदेश के सबसे बड़े रेफरल सेंटर में ऐसी घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, यहां C-Section के बाद महिलाओं की किडनी फेल हो जाए, डायलसिस तक नौबत आ जाए, यह सिस्टम की घोर लापरवाही है, प्रतिनिधि मंडल में सलीम भाटी, भंवर कूकना,श्रीकृष्ण गोदारा,राजेश गोदारा,अभिमानु जाखड़ रहे मौजूद0
0
Report
राजद का राज्यव्यापी धरना शेखपुरा में जारी
Sheikhpura, Bihar:राजद का राज्यव्यापी धरना शेखपुरा में भी राजद कार्यकर्ताओं ने प्रखण्ड मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया।शेखपुरा जिले के सदर प्रखंड के समक्ष राजद के पूर्व विधायक विजय सम्राट के अगुआई में एक दिवसीय धरना दिया।इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया।इस मौके पर राजद के पूर्व विधायक विजय सम्राट ने कहा कि बिहार में लूट,अपहरण सहित अपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है लेकिन बिहार सरकार और पुलिस हाथ पर हाथ डालकर बैठी है। उन्होंने कहा कि राज्य के हर जिले में आपराधिक घटनाएं हो रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार अपराधिक घटनाओं को रोकने में विफल होती है तो राजद सड़क पर उत्तर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य मुख्यालय के निर्देश पर चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन जारी रहेगा।आपको बता दे कि जिले के विभिन्न प्रखंड मुख्यालय पर राजद के कार्यकर्ता आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया है।0
0
Report
Advertisement
ED की छापेमारी: रिटायर्ड सैनिक विक्रम सिंह के घर पर संपत्ति और वित्तीय दस्तावेजों की जांच
मेरठ रिटायर्ड सैन्यकर्मी के घर ED की छापेमारी,जांच शुरू पूर्व सैन्यकर्मी विक्रम सिंह के आवास पर संपत्तियों की जांच वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी विक्रम से जुड़े पुराने मामले की ED जांच जारी घर के बाहर CRPF के जवान तैनात मीडिया को कवरेज की अनुमति नही टीपी नगर थाना क्षेत्र के बागपत रोड पर छापेमारी0
0
Report
स्विगी डिलीवरी: पनीर रोल की जगह चिकन, शुद्ध शाकाहारी युवक ने शिकायत
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में फूड डिलीवरी ऐप स्विगी के जरिए ऑर्डर किए गए खाने को लेकर में विवाद हो गया। खुद को ब्राह्मण और शुद्ध शाकाहारी बताने वाले एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसने स्विगी के माध्यम से रेबेल फूड कंपनी से पनीर रोल मंगाया था, लेकिन डिलीवरी किए गए रोल में पनीर की जगह चिकन भरा हुआ था। युवक ने इसे गंभीर मामला बताते हुए धर्म से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है और मामले में कार्रवाई की मांग की है पीड़ित युवक ने बताया कि वह धार्मिक आस्थाओं का पालन करता है और पूरी तरह शाकाहारी है। उसने गले में पहनी तुलसी की माला दिखाते हुए कहा कि उसके लिए मांसाहार का सेवन करना बेहद गंभीर विषय है। युवक के अनुसार, उसने विश्वास के साथ पनीर रोल मंगाया था, लेकिन खाने के दौरान उसे संदेह हुआ। जांच करने पर पता चला कि रोल में चिकन मौजूद था। युवक का आरोप है कि इस घटना के बाद उसने संबंधित फूड आउटलेट से संपर्क किया और मामले की जानकारी दी। उसका कहना है कि आउटलेट की ओर से पहले इसे सामान्य मानवीय गलती बताया गया। बाद में मामले को शांत करने के लिए उसे 5 से 10 हजार रुपये देने की पेशकश भी की गई। युवक ने आरोप लगाया कि उस पर मामले को दबाने का दबाव बनाया गया, जिसे उसने स्वीकार नहीं किया। घटना के बाद युवक स्वयं संबंधित स्टोर पर पहुंचा। वहां की स्थिति देखकर उसने कई सवाल उठाए। युवक का दावा है कि स्टोर पर कार्यरत सभी कर्मचारी एक विशेष समुदाय से जुड़े हुए थे। इसके आधार पर उसने आशंका जताई कि यह केवल एक साधारण गलती नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। युवक ने कहा-स्टोर पर पहुंचने पर मुझसे कहा गया कि गलती से एक-दो पीस चिकन के चले जाते हैं, लेकिन यह कोई मामूली चूक नहीं है। यह हमारे हिंदुत्व के साथ खिलवाड़ है और हमारे धर्म को भ्रष्ट करने का प्रयास है। मेरे जैसे शुद्ध शाकाहारी व्यक्ति के लिए यह बेहद पीड़ादायक घटना है। वहां मौजूद कर्मचारियों से बातचीत के दौरान उसे मामले को शांत करने के लिए 5 से 10 हजार रुपये तक का प्रस्ताव दिया गया। घटना के बाद युवक ने स्टोर के कर्मचारियों को लेकर भी सवाल उठाए। उसका कहना है कि स्टोर में कार्यरत सभी कर्मचारी एक विशेष समुदाय से थे। युवक ने आशंका जताई कि यह केवल एक साधारण गलती नहीं बल्कि उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने और हिंदुत्व के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास हो सकता है। युवक ने कहा-जब ये मेरे साथ हुआ है तो अन्य ग्राहकों के साथ भी इस प्रकार की घटनाएं हुई होंगी। युवक ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है。0
0
Report
रानीखेत के घिंगारीखाल में जंगल की भीषण आग अब नियंत्रण में
Almora, Uttarakhand:रानीखेत के घिंगारीखाल क्षेत्र के समीप जंगल में भीषण आग लग गई। चीड़ के पेड़ों और सूखी झाड़ियों के कारण आग तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगी, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई। खतरे को देखते हुए स्थानीय लोगों ने वन विभाग और फायर सर्विस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। फायर कर्मियों ने पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण अग्निशमन वाहन में मौजूद पानी समाप्त हो गया। इसके बाद टीम ने हाईड्रेंट से वाहन में दोबारा पानी भरकर आग बुझाने की कार्रवाई जारी रखी। लगातार प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।0
0
Report
Advertisement
गोरखपुर ब्रह्मभोज विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की गोली मारकर हत्या
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में माँ के ब्रह्मभوج को लेकर हुए विवाद में बड़े भाई दुर्गविजय शर्मा ने अपने छोटे भाई शुभम शर्मा पर तमंचे से गोली चला दी। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक 23 वर्ष का था, जिसकी शादी फरवरी में तय थी। घटना पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगलभूषण बड़ी रतवैया गांव की है. परिवार के चार भाइयों के बीच मतभेद के कारण यहां इस घटना ने भयानक रूप ले लिया। आरोपी अब फरार है और गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस बल तैनात है। जाँच में कहा गया कि ब्रह्मभोज के आयोजन और खर्च को लेकर विवाद इस हत्या की वजह बना。0
0
Report
वाराणसी: दालमंडी में बुलडोजर कार्रवाई जारी, कई बहुमंजिला इमारतें ध्वस्त
Varanasi, Uttar Pradesh:Varanasi Breaking वाराणसी के दालमंडी में आज भी जारी है बुलडोजर कार्रवाई. कई बहुमंजिला इमारतों को किया गया ध्वस्त.0
0
Report
NHM संविदा कर्मचारियों की हड़ताल आठवें दिन जारी; नियमितीकरण व वेतन मांगों पर अडिग
Shajapur, Madhya Pradesh:NHM संविदा कर्मचारियों की हड़ताल आठवें दिन जारी; नियमितीकरण व वेतन मांगों पर अडिग0
0
Report
Advertisement
Muzaffarpur में किराना दुकानदार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या; आरोपी तलाश
Muzaffarpur, Bihar:*Muzaffarpur Breaking* Desk - Bihar Location - Muzaffarpur Reporter - Manitosh Kumar मुजफ्फरपुर में किराना दुकानदार को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किराना दुकान पर चढ़ कर अपराधियों ने मारी गोली इलाज के दौरान किराना दुकानदार की हुई मौत किराना दुकानदार की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा थाना क्षेत्र के चकहेलाल निवासी शिव जी चौधरी के रूप में हुई है मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी ईस्ट वन अलय वत्स और ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर मौके पर पहुंचे पूरा मामला मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा थाना क्षेत्र के चकहेलाल गाँव का घटना के बाद मौके पर मची अफरा तफरी0
0
Report
बिहार एमएलसी नामांकन पूरे, जातीय संतुलन पर सियासी जंग तेज
Patna, Bihar:पटना बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई और मंगलवार को सभी उम्मीदवारों का नामांकन जांच में सही पाया गया। उम्मीदवारों के चयन में राजनीतिक दलों ने जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की पूरी कोशिश की लेकिन पक्ष और विपक्ष पिछड़ा,अतिपिछड़ा समाज की भागीदारी को लेकर राजनैतिक बयानबाजी में आमने सामने हैं。 वी/ओ 1 सोमवार को एमएलसी के दस सीटों के लिए नामांकन किया गया,मंगलवार को नामांकन प्रपत्र की जांच हुई और सभी के नामांकन सही पाये गए ..एनडीए और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने वाले चेहरों को मैदान में उतारा.. लेकिन सत्ता पक्ष का कहना है कि पिछड़ा,अतिपिछड़ा की बात करने वाली आरजेडी जब मौका आता है तो इस समाज के।लोगों को भूल जाती है और सिर्फ यू के नाम पर राजनीति करती करती है? बाइट 1 डॉ प्रमोद चंद्रवंशी,मंत्री बिहार सरकार वी/ओ 2 दरअसल जेडीयू और बीजेपी ने अतिपिछड़ा समाज के लोगों को उम्मीदवारी में हिस्सा देकर आरजेडी पर मोर्चा खोला जो अपने हिस्से के एकमात्र सीट को अगड़ी जाति के सुनील सिंह को उम्मीदवार बनाए बाइट 2 नीरज कुमार,जेडीयू एमएलसी वी/ओ 3 बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा से चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहा हैं। इस बार एमएलसी चुनाव में भी उम्मीदवारों की सूची इसके प्रमाण हैं लेकिन विपक्ष सत्तापक्ष को निशाने पर लेते हुए यू के द्वारा लगाए गए आरोप पर पलटवार किया और कहा कि पिछड़ों की बात करते हैं लेकिन एक सीट उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के लिए नहीं देकर कुशवाहा समाज को अपमानित करने का काम किया है सत्ता पक्ष के।लोगों ने और मुद्दा भटकाने के लिए पिछड़ा अतिपिछड़ा की बात कर रहे हैं बाइट 3 एजाज अहमद,आरजेडी प्रवक्ता बाइट 4 राजेश राठौर, कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वी/ओ 4 जेडीयू की ओर से मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार समेत चार उम्मीदवारों को मौका दिया गया है,विपक्ष कह रहा है कि पवन सिंह को मौका देकर बीजेपी आरके सिंह और आनंद मोहन के क्षत्रिय समाज की नाराजगी की भरपाई करने में लगी है जबकि दीपक प्रकाश को मंत्री बनवाया गया लेकिन उन्हें उम्मीदवार न बनाकर उन्हें हटाने में लगी है सत्ता पक्ष,महागठबंधन के नेता कह रहे हैं कि दीपक प्रकाश भी पिछड़ा समाज से आते हैं और उन्हें अपमानित कर इस मामले से ध्यान भटकाने के लिए आरजेडी उम्मीदवार और पिछड़ा अतिपिछड़ा का राग अलाप रहे हैं0
0
Report
वीरेंद्र खटीक ने अटल सभागार के घटिया निर्माण पर तीखी नाराजगी जताई
Tikamgarh, Madhya Pradesh:टीकमगढ़ जिले के लिधौरा ताल में मोदी कैबिनेट के केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक 10 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल सभागार का उद्घाटन करने पहुंचे थे, जहां सभागार के घटिया निर्माण—चटका फर्श और दीवार—का काम देखकर केंद्रीय मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और बिना फीता काटे ही वापस लौट गए. इसके बाद उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यपालन यंत्री (ईई) मनोज दुबे को घटिया निर्माण के लिए कड़ी फटकार लगाई. मंत्री ने विशेष रूप से सभागार में कोटा स्टोन की जगह सीमेंट फर्श निर्माण पर आपत्ति जताई, जो उद्घाटन से पहले ही कई जगह से उखड़ गया था; सभागार की सीढ़ियों की गुणवत्ता भी खराब पाई गई, जहां जगह-जगह दरारें आ गई थीं.0
0
Report
Advertisement
सीएचसी में स्ट्रेचर नहीं: मरीजों की दर्दनाक तस्वीरें उजागर
Barh, Bihar:बख्तियारपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिना स्ट्रेचर के ही बेडशीट में किसी तरह लपेटकर गंभीर रूप से घायल मरीजों को लाया जाता है। आज सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दर्द से कराहती एक अधेड़ महिला को बिना स्ट्रेचर के ही एम्बुलेंस तक ले जाया गया। महिला को अस्पताल की बेडशीट में ही किसी तरह लपेटकर बाहर लाया गया। इस दौरान महिला दर्द से बुरी तरह कराहती रही और बेडशीट से नीचे गिर जाने की आशंका से डरी हुई भी नजर आई। इसके बावजूद अस्पताल का कोई स्टाफ मदद के लिए आगे नहीं आया। महिला के परिजन किसी तरह उसे पीएमसीएच रेफर किए जाने पर एम्बुलेंस तक लेकर आए। उसी सड़क हादसे में घायल एक और महिला को घायल अवस्था में ही पैदल एम्बुलेंस तक चलने के लिए मजबूर किया गया, जबकि घायल महिला सहारा देने के बाद भी एक कदम चलने से मना करती रही। लेकिन स्ट्रेचर नहीं होने पर उसे किसी तरह एम्बुलेंस में बिठा दिया गया। एम्बुलेंस में एक ही परिवार के तीन घायल बच्चे पहले से ही दोनों सीट पर लेटे थे। इसके बावजूद उसी एम्बुलेंस में किसी तरह घायल महिला को बिठाकर पीएमसीएच भेज दिया गया। जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घायलों के लिए एक स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं है, तब ऐसे में मरीजों के लिए फायर सेफ्टी की बात ही बेमानी है। सीएचसी की यह हालत तब है, जब स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अपने पिता का गृह क्षेत्र होने के कारण यहां बराबर आते रहते हैं।0
0
Report
MP बोर्ड मूल्यांकन पर सवाल: बरमान की एकता साहू के उत्तरपुस्तिका में अनियमितता के आरोप
Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-एमपी बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला नरसिंहपुर जिले के बरमान से सामने आया है। कक्षा 12वीं की छात्रा एकता साहू ने अपनी रसायन शास्त्र की उत्तरपुस्तिका में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। एकता का कहना है कि उसे परीक्षा में अपेक्षा से काफी कम अंक दिए गए, जिसके कारण वह महज दो प्रतिशत से मेधावी छात्रा योजना के लाभ और स्कूटी से वंचित रह गई। री-टोटलिंग के बाद भी अंक नहीं बढ़ने पर छात्रा ने उत्तरपुस्तिका की प्रति निकलवाई। उसके अनुसार कई सही उत्तरों को गलत अंकित किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर उत्तरों और सूत्रों के साथ छेड़छाड़ जैसी स्थिति दिखाई देती है। छात्रा का दावा है कि उसकी कॉपी में 20 से 25 अंक तक बढ़ने की संभावना है। बाइट - एकता साहू छात्रा 12th बाइट - एकता की बड़ी बहन हमने करेली कॉलेज के रसायन शास्त्र के प्रोफेसर से कॉपी की जांच कराई तो उन्होंने भी उत्तरपुस्तिका में 18 से 20 अंक बढ़ने की संभावना जताई है। छात्रा ने एमपी बोर्ड को मेल से शिकायत भेजी है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। बाइट - रामसेवक कुशवाहा सहायक प्रोफेसर महात्मा गांधी कॉलेज करेली0
0
Report
हाईकोर्ट के आदेश के बाद झमाडा के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति, बहाली की उम्मीद
Dhanbad, Jharkhand:एंकर --झरिया और धनबाद क्षेत्र में कार्यरत झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी झमाडा के दिवंगत कर्मियों के आश्रितों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अनुकंपा नियुक्ति की उम्मीद एक बार फिर से जगी है। झमाडा में कार्यरत कर्मचारियों की मृत्यु के बाद करीब 180 आश्रित पिछले चार वर्षों से अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग को लेकर लगातार आंदोलन और धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि राज्य सरकार के निर्देशों के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। इसके बाद आश्रितों ने न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 39 आश्रितों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए झमाडा प्रबंधन को उनकी योग्यता के आधार पर अगले तीन माह के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद आश्रितों में खुशी का माहौल है। इसी क्रम में आश्रितों ने झमाडा के प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर न्यायालय के आदेश की प्रति सौंपी और जल्द बहाली की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। हाईकोर्ट के आदेश से वर्षों से न्याय और रोजगार की आस लगाए बैठे आश्रितों को बड़ी राहत मिली है। अब सभी की निगाहें झमाडा प्रबंधन पर टिकी हैं कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी की जाती है। आश्रितों का कहना है कि यह केवल नौकरी का मामला नहीं, बल्कि उनके परिवारों के जीवनयापन और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।0
0
Report
Advertisement
