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Munger811213

मुंगेर में बच्चों के विवाद में गोलीबारी के चलते एक घायल, आरोपी गिरफ्तार

Sept 16, 2024 04:00:24
Tola Raunakabad Pahar, Bihar

मुंगेर के साफियासराय थाना क्षेत्र के सिंघिया इंग्लिश गांव में बच्चों के विवाद में एक व्यक्ति पर गोली चलाने का मामला सामने आया। कैलू यादव ने शेख अमीन पर गोली चलाकर घायल कर दिया। घायल को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शेख अमीन के बयान पर दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। सदर एसडीपीओ राजेश कुमार ने बताया कि एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच जारी है।

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ASARUN SINGH
Feb 15, 2026 18:30:26
Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद फर्रूखाबाद भीषण सड़क हादसा, 3 की मौत, 3 गंभीर घायल फर्रूखाबाद बरेली-इटावा हाईवे पर एक कार और डीसीएम की आमने-सामने भिड़ंत में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के सेंट्रल जेल के पास हुआ बरेली-इटावा हाईवे पर तेज रफ्तार कार और डीसीएम की जोरदार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियाँ चूर-चूर हो गईं। मरने वालों में... शामिल हैं। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल लोहिया रेफर किया गया, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस हादसे के बाद जिलाधिकारी आशुतोष कुमार खुद जिला अस्पताल पहुँचे। उन्होंने घायलों के इलाज को लेकर डॉक्टरों को कड़े निर्देश दिये हैं। डीएम ने कहा, घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
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Feb 15, 2026 18:22:22
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PSPramod Sinha
Feb 15, 2026 18:17:21
Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा में बैलगाड़ी रेस के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। इस बैलगाड़ी रेस में दूसरा पुरस्कार जीतने वाली बैलगाड़ी अनियंत्रित होकर कुएं में गिर गई। बैलगाड़ी चालक ने कूद कर अपनी जान बचा ली। बाद में ग्रामीणों ने बैलों को भी कुएं से निकाल लिया। पता चला कि रेस जीतने के बाद बैलों को नियंत्रित करने वाली रस्सी टूट गई जिससे चालक का बैलों पर नियंत्रण छूट गया। इस घटना में बैलगाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई बाकी चालक और बैलों की जान बच गई। घटना शनिवार को आदिवासी तहसील खालवा के बोरखेड़ा गांव की है। इस गांव में प्रतिवर्ष जोगी बाबा मेले का आयोजन होता है। इस मेले में परंपरागत रूप से आदिवासी ग्रामीण बैलगाड़ी रेस का आयोजन करते हैं। इस आयोजन में पहला पुरस्कार 51000 था और दूसरा पुरस्कार 31000। दूसरा पुरस्कार भील खेड़ी गांव के किसान ने जीता। रेस जीतने के बाद वह अपनी बैलगाड़ी को नियंत्रित करता उससे पहले ही बैलों को हांकने वाली रस्सी टूट गई जिससे बैलों का नियंत्रण नहीं हो पाए और खेत में बने कुएं में गिर गए। हालांकि कुआँ ज्यादा गहरा नहीं था उसमें पानी भी था जिससे बैलों की जान बच गई। ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर दोनों बैलों को निकाल लिया।
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CSChandrashekhar Solanki
Feb 15, 2026 18:17:04
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में भारत की ऐतिहासिक जीत पर जबरदस्त जश्न देखने को मिला। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लोगों ने इसे भगवान शिव और शक्ति का आशीर्वाद मानते हुए खुशी दोगुनी कर दी। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर मुकाबले को यादगार बना दिया। जीत की खबर मिलते ही शहर के प्रमुख चौराहों और मोहल्लों में लोग तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए। जमकर आतिशबाज़ी की गई, ढोल-नगाड़ों पर युवा झूमते नजर आए। पूरे माहौल में देशभक्ति और उत्साह का रंग छाया रहा। किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। रतलाम ने देर रात तक जीत का जश्न पूरे जोश और गर्व के साथ मनाया।
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DKDeepesh Kumar
Feb 15, 2026 18:15:50
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BBBindu Bhushan
Feb 15, 2026 18:15:18
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NCNITIN CHAWRE
Feb 15, 2026 18:01:57
Katni, Madhya Pradesh:कटनी में भव्य रूप से महाशिवरात्रि मनाई गई. दिन भर शिवालय में भक्तों की भीड़ रही. महाकाल की तर्ज पर कटनी के प्राचीन शिवालय से भोलेनाथ की बारात निकाली गई; शहरवासी बाराती बने. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे देश के शिवालयों में भक्तों की भीड़ रही, पुरुष महिलाएं बच्चों ने जल लिया और मंदिर पहुंचकर जल अभिषेक किया. अभिषेक के बाद भोलेनाथ की बारात निकाली गई. कटनी के अति प्राचीन मघई शिवालय से महाशिवरात्रि मौके पर भगवान भोलेनाथ की बारात निकाली गई. भगवान भोलेनाथ का रूप धारण कर बारात में नाचते-गाते निकले, बाराती झूमते गाते रहे और जय श्री महाकाल के नारे लगाए गए. भगवान की बारात शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस शिवालय पहुंची.
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AGAbhishek Gour
Feb 15, 2026 18:01:47
Narmadapuram, Madhya Pradesh:एंकर नर्मदapurम- महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर तिलक-सिंदूर धाम में श्रद्धा और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। दूर-दूर से भक्त भगवान शिव के दर्शन करने आए,तो वहीं आदिवासी समुदाय के लोग भी अपने बड़े देव की उपासना के लिए जुटे। इस अवसर पर सबसे अधिक ध्यान खींचा मांझी सेना के आदिवासी सैनिक दल ने,जो सालों से अपने समुदाय के अधिकारों और गौरव के प्रतीक के रूप में सक्रिय हैं। मांझी सेना, जिसने 1910 में स्थापना की, इस बार विशेष रूप से तिलक-सिंदूर धाम पहुंची। उन्होंने भगवान भोलेनाथ को सलामी दी और आदिवासी परंपराओं के अनुरूप पूजा-अर्चना की। क्षेत्रीय कमांडर ने बताया कि उनका उद्देश्य सिर्फ पूजा करना नहीं है, बल्कि जल, जंगल और जमीन जैसे आदिवासी मूल अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता फैलाना भी है। मांझी सेना की विरासत गौरवशाली रही है। 1951 में सैनिकों को बैच और बिल्ला प्रदान किए गए, और 1956 में इस दल को राष्ट्रीय ध्वज से सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अमूल्य माना जाता है। आजादी के बाद भी यह संगठन सक्रिय है और युवाओं को प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाता है। मांझी सेना अब नए युवाओं को जोड़ रही है। युवा सैनिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और वर्दी तथा प्रतीक चिन्ह धारण करके अपने समुदाय की सुरक्षा और अधिकारों के लिए तत्पर हैं। महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ रही है, और सभी में संगठन के प्रति गहरा समर्पण दिखाई देता है। मांझी सेना के सदस्यों के दिल में कंगला मांझी के प्रति श्रद्धा अद्वितीय है। कंगला मांझी का जन्म कांकेर जिले के ग्राम तेलावट में हुआ और उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। 1914 में महात्मा गांधी से मिलने के बाद वे राष्ट्रीय आंदोलनों में शामिल हुए और आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्षरत रहे। इस महाशिवरात्रि, तिलक-सिंदूर धाम में मांझी सेना की भागीदारी ने न केवल धार्मिक उत्सव को जीवंत किया, बल्कि आदिवासी समुदाय की पहचान, गौरव और अधिकारों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई। यह संगठन आज भी युवाओं को प्रशिक्षित कर, उनके अधिकारों के लिए सशक्त बनाता है और आदिवासी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम करता है।
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