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रक्षाबन्धन पर सरोज पांडे ने भूपेश बघेल को राखी भेजकर दोस्ती का संदेश दिया

Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है जहां भाई-बहन के रिश्ते के प्रतीक रक्षाबंधन के पर्व पर बीजेपी की दिग्गज नेत्री सरोज पांडे ने छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को राखी भिजवाई है आपको बता दे की सरोज पांडे हर साल भूपेश बघेल को राखी भेजती हैं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर भाजपा नेत्री सरोज पांडे को धन्यवाद दिया है भूपेश बघेल ने ट्वीट में लिखा है कि हर वर्ष की तरह मेरी बहन सरोज पांडेय ने रक्षाभंधन पर राखी के साथ अपना स्नेह भेजा है.बहन सरोज को रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं इस स्नेह के लिए हृदय से आभार भाई के रूप में यह रिश्ता सदैव निभाऊंगा.
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रक्षा बंधन पर शहीद भाइयों की प्रतिमाओं पर राखी बांधती बहन की भावुक कहानी

Sukma, Chhattisgarh:रक्षाबंधन पर जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, तो यह त्योहार खुशियों और अपनत्व से भर जाता है। लेकिन सुकमा के एर्राबोर में एक बहन इस दिन अपने शहीद भाइयों की प्रतिमाओं पर राखी बांधकर उन्हें श्रद्धांजलि देती है। उसके लिए यह रस्म सिर्फ त्योहार का हिस्सा नहीं, बल्कि उन वीरों को याद करने का भावुक अवसर है, जिन्होंने नक्सली हिंसा के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह कहानी है शंकुरी की, जिसने चार दशक तक चली माओवादी हिंसा के दौरान अपने चार भाइयों को खो दिया। इनमें तीन भाई एक नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए थे, जबकि एक भाई एर्राबोर हत्याकांड में नक्सली हमले का शिकार हुआ था। शहीदों के सम्मान में एर्राबोर में 10 शहीदों की प्रतिमाएं लगाई गई हैं, जिनमें शंकुरी के तीनों भाइयों की प्रतिमाएं भी शामिल हैं। तब से शंकुरी हर साल रक्षाबंधन पर तीनों भाइयों की प्रतिमाओं की कलाइयों पर राखी बांधती है। इसके साथ ही वह अन्य शहीदों की प्रतिमाओं पर भी राखी बांधती है। शहीद जवान वेंकटेश शंकुरी का सगा भाई था, जबकि मुकेश और मनोज उसके चचेरे भाई थे। शंकुरी कहती है कि उसके भाई भले ही शहीद हो गए हों, लेकिन आज भी वे उसके दिल में जिंदा हैं। राखी बांधने के बाद वह ईश्वर से यही दुआ करती है कि उसके भाई जहां भी हों, बस खुश रहें। शंकुरी के परिवार ने चार दशक तक चली माओवादी हिंसा में अपने चार भाइयों को खोया है। इनमें तीन भाई एक ही मुठभेड़ में शहीद हुए। इसके अलावा नक्सलियों ने एर्राबोर हत्याकांड के दौरान एक भाई की हत्या कर दी थी। वह फोर्स में नहीं था। आज इलाका नक्सली हिंसा से मुक्त हो चुका है। जी मीडिया से बातचीत में शंकुरी ने कहा कि अब किसी बहन को अपना भाई नहीं खोना पड़ेगा। रक्षाबंधन के इस खास मौके पर वह अपने भाइयों की प्रतिमाओं पर राखी बांधकर उन्हें याद करती है। उसके लिए यह सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि उन रिश्तों को जीवित रखने का संकल्प है, जिन्हें नक्सली हिंसा भी उससे छीन नहीं सकी। यह सिर्फ एक बहन के अपने शहीद भाइयों को याद करने की कहानी नहीं है… यह उस अटूट रिश्ते की कहानी भी है, जिसमें मौत के बाद भी भाई-बहन का प्यार जिंदा रहता है और हर साल राखी की डोर उस प्रेम को फिर से बांध देती है।
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बिहार में 6 IAS अफसरों की नई पोस्टिंग, कई विभागों में बदलाव

Patna, Bihar:बिहार में 6 IAS अफसरों की नई पोस्टिंग उज्जवल कुमार सिंह को निदेशक पशुपालन के पद से हटाकर विशेष सचिव, ग्रामीण विकास विभाग बनाया गया। श्रीकान्त शास्त्री को निदेशक, पशुपालन, बिहार के पद पर नई पोस्टिंग दी गई। विवेक रंजन मैत्रेय को अपर सचिव, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग की जिम्मेदारी मिली। नितिन कुमार सिंह को निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, बिहार के पद पर पदस्थापित किया गया। नीलिमा साहू को DDC-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद नवादा से हटाकर संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग बनाया गया। दिव्या शक्ति को सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान के निर्देश के बाद आयुक्त, उत्पाद के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी की。
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झारखंड के मंत्री ने नेपाल को मदद पहुँचाने की घोषणा की

Dumka, Jharkhand:दुमका नेपाल में आई बाढ़ को लेकर झारखण्ड के स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन बिभाग के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि झारखण्ड नेपाल देश को मदद पहुचायेगा और खुद नेपाल जायेंगे। वही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नेपाल हादसे पर कहा नेपाल ओर भारत का बहुत अच्छा संबंध है और स्थायी जिस प्रकार से उसका समाधान हो नेपाल और भारत सरकार को और चाइना सरकार से मिलकर बात करनी चाहिए। दुमका के व्यवहार न्यायालय में पेसी के बाद मीडिया से बात करते हुए झारखंड के स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन बिभाग के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि वो खुद नेपाल जाना चाहते है। नेपाल की घटना दिल दहलाने वाली घटना है और काफी मर्माहत करनेवाली है। मैं नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री के संपर्क में हूं और रांची में मुख्यमंत्री से मिलकर नेपाल को आर्थिक मदद पहुंचाने के विषय पर बात करेंगे। दवाइंया के साथ और भी जो मदद पहुंचाने की पहल करेंगे। उन्होंने कहा कि नेपाल के दूतावास से भी हम संपर्क करने की कोशिश कर रहे है और वो खुद वहां जाना चाहते है। वहाँ की हालात का जायजा लेना चाहते है। झारखंड नेपाल के साथ खड़ा है।
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बैतूल जेल में राखी के मौके पर 800 बहनों ने भाइयों को राखी बांधी

Betul, Madhya Pradesh:एंकर -रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बैतूल जिला जेल में भावनाओं का ऐसा दृश्य देखने को मिला,जिसने जेल की कठोर दीवारों को भी मानो पिघला दिया। एक ओर करीब 800 बहनों ने जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, तो दूसरी ओर उम्रकैद की सजा काट रहे बंदियों को पहली बार अपने बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने का अवसर मिला। वर्षों बाद बच्चों को सामने देखकर कई कैदी खुद को रोक नहीं सके और उनकी आंखें नम हो गईं। रक्षाबंधन के मौके पर सुबह से ही जिला जेल में बहनों का पहुंचना शुरू हो गया था। दोपहर तक करीब 800 बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की कामना की। जेल परिसर में भाई-बहन के इस मिलन ने भावुक माहौल बना दिया। इस बार जेल प्रशासन ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों के लिए विशेष पहल करते हुए उनके बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने की व्यवस्था की। करीब 50 बच्चों ने पहली बार जेल के भीतर अपने पिता के साथ खाना खाया। वर्षों बाद बच्चों को गले लगाकर कई बंदियों की आंखों से आंसू छलक पड़े। आजीवन कारावास का बंदीयो ने बताया कि चार साल में पहली बार बच्चों के साथ बैठकर खाना खाया। बहुत अच्छा लग रहा है। ऐसा मौका पहले कभी नहीं मिला था। बहनों और बच्चों के साथ यह दिन मेरे लिए यादगार रहेगा。 जेल अधीक्षक योगेंद्र तिवारी ने बताया कि मध्यप्रदेश के महानिदेशक जेल के निर्देश पर रक्षाबंधन के अवसर पर प्रत्यक्ष मुलाकात की व्यवस्था की गई है। उनका कहना है कि परिवार से जुड़ाव बंदियों में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बच्चों और परिवार के साथ समय बिताने से उनमें बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। बैतूल जिला जेल में इस समय कुल 527 बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें 504 पुरुष और 23 महिला बंदी शामिल हैं। दोपहर तीन बजे तक लगभग 300 बंदियों को 800 बहनों ने राखी बांधी और यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। रक्षाबंधन पर बैतूल जिला जेल का यह भावुक दृश्य यह संदेश देता है कि रिश्तों की डोर सबसे मजबूत होती है। जेल की ऊँची दीवारों के पीछे भी भाई-बहन का प्यार और पिता-बच्चों का अपनापन हर किसी की आंखें नम कर गया। बाइट -1- सोम विश्वकर्मा,बंदी जिला जेल बाइट -2- मनीष यादव,आजीवन कारावास का बंदी बाइट -3- योगेंद्र तिवारी,जेल अधीक्षक जिला जेल बैतूल
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फतेहपुर के 17 वर्षीय तेजस की मौत: पोस्टमार्टम ने खुलासा किया खौफनाक चोटों का विवरण

Fatehpur, Uttar Pradesh:फतेहपुर में 17 वर्षीय छात्र तेजस की मौत का मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छह बाहरी चोटों का खुलासा दाहिनी छठी पसली में फ्रैक्चर मिला छाती में करीब 100 ML खून और रक्त का थक्का मिला बड़ी रक्त वाहिका और लीवर में चोट दर्ज पेट के अंदर भी जमा मिला खून शॉक और अत्यधिक रक्तस्राव से हुई मौत नकल की पर्ची मिलने पर रिस्टीकेट और पिटाई का परिजनों का आरोप ₹1500 जुर्माना लगाने का भी आरोप सौंरा के पास अचेत मिला था कक्षा 12 का छात्र मेडिकल कॉलेज से कानपुर रेफर, रास्ते में तोड़ा दम इकलौती संतान था 17 वर्षीय तेजस उर्फ यशु मां ने CM योगी से लगाई मदद की गुहार स्कूल प्रबंधन पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज, शिवपुरम का छात्र था तेजस
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बस्तर में 22 साल बाद नक्सली बहन से राखी बंधवाकर भाई-बहन का भावुक मिलन

Sukma, Chhattisgarh:आज पूरा देश भाई-बहन के अटूट रिश्ते और प्रेम का पर्व रक्षाबंधन मना रहा है। इसी मौके पर बस्तर से एक ऐसी भावुक कहानी सामने आई है, जहां एक पुलिस भाई ने 22 साल बाद अपनी नक्सली बहन से राखी बंधवाई। बहन की कलाई पर भाई की सुरक्षा का वादा और भाई की कलाई पर बहन के स्नेह की डोर… लेकिन बस्तर के घने जंगलों से सामने आई इस कहानी में राखी की यह डोर कभी गोलियों और बारूद के बीच उलझ गई थी। यह कहानी है एक ऐसे भाई-बहन की, जो कभी एक ही परिवार का हिस्सा थे, लेकिन बस्तर में चार दशक तक चले नक्सल हिंसा के दौर ने दोनों को एक-दूसरे के आमने-सामने खड़ा कर दिया। एक तरफ था पुलिस की वर्दी में भाई, तो दूसरी तरफ जंगल में हथियार उठाए उसकी बहन। भाई ने हार नहीं मानी। उसका मकसद सिर्फ अपनी ड्यूटी निभाना नहीं था, बल्कि अपनी बहन को उस रास्ते से वापस लाना भी था, जिस पर वह मजबूरी और परिस्थितियों के बीच चली गई थी। वर्षों तक भाई ने बहन को चिट्ठियां लिखीं, उसे मुख्यधारा में लौटने की अपील की, लेकिन नक्सली संगठन ने उसे वापस आने की इजाजत नहीं दी। वेट्टी कन्नी वर्ष 2003 में नक्सली संगठन में चली गई थी, जबकि उसका भाई वेट्टी रामा वर्ष 2007 में परिस्थितियों को देखते हुए संगठन छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आया। लेकिन दोनों के रास्ते अलग होने के बावजूद भाई ने अपनी बहन को कभी भुलाया नहीं। किस्मत का खेल देखिए… जिन जंगलों में कभी दोनों एक-दूसरे के दुश्मन बनकर आमने-सामने खड़े हुए, उन्हीं जंगलों में एक मुठभेड़ के दौरान भाई-बहन की नजरें फिर एक-दूसरे से टकराईं। वह मुलाकात बेहद भावुक थी, लेकिन हालात ऐसे थे कि दोनों चाहकर भी एक-दूसरे के करीब नहीं आ सके। इसके बाद भी भाई की कोशिश जारी रही। कई वर्षों तक इंतजार, चिट्ठियों और अपीलों का सिलसिला चलता रहा। आखिरकार वर्ष 2025 में वह दिन आया, जब वेट्टी कन्नी ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण किया और वर्षों से बिछड़े भाई-बहन एक बार फिर आमने-सामने आए—इस बार दुश्मन की तरह नहीं, बल्कि भाई और बहन की तरह। आज, 22 साल बाद, रक्षाबंधन के मौके पर दोनों ने साथ बैठकर राखी का त्योहार मनाया। कभी जिस रिश्ते के बीच बंदूकें और जंगल खड़े थे, आज उसी रिश्ते के बीच सिर्फ भाई-बहन का प्यार है। रक्षाबंधन के इस खास मौके पर जी मीडिया की टीम भी इस भावुक मिलन की गवाह बनी और पूर्व नक्सली कमांडर वेट्टी रामा और वेट्टी कन्नी से उनकी जिंदगी के उस हिस्से की कहानी जानी, जिसे शायद वे कभी भूल नहीं पाएंगे। यह सिर्फ एक भाई-बहन के मिलन की कहानी नहीं है… यह उस उम्मीद की कहानी भी है कि हिंसा के सबसे कठिन दौर में भी रिश्ते जिंदा रह सकते हैं और अपनों को वापस लाने की कोशिश कभी बेकार नहीं जाती。
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झांसी के टोडी फतेहपुर में जलभराव पार करने से युवक डूबा, मौत

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी के टोडी फतेहपुर थाना क्षेत्र के कस्बे में नदी के जलभराव को पार करना एक युवक को भारी पड़ गया। बस स्टैंड जाते समय युवक रास्ते में गहरे पानी की तरह चला गया और पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद युवक का शव पानी से बाहर निकाला और पंचनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वहीं हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। झांसी के टोडी फतेहपुर कस्बा निवासी 19 वर्षीय शैलेन्द्र यादव अपने घर से बस स्टैंड जा रहा था। तभी रास्ते में नदी का जलभराव था, जिसे शैलेन्द्र पार करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वह गहरे पानी फिसल कर डूब गया। वहीं युवक के डूबने की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना देकर शैलेन्द्र को तलाशने की गुहार लगाई। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद शैलेन्द्र का शव पानी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।
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