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Jaipur302006
ED की टीम ने MVKC एप से करोड़ों की धोखाधड़ी की जांच शुरू कर दी
ACAshish Chauhan
Jan 02, 2026 09:09:04
Jaipur, Rajasthan
डिजिटल करेंसी में करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में डिजी मुद्रा कंपनी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. ईडी की जांच में सामने आया कि निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर करोड़ों की धोखाधड़ी की. अब प्रवर्तन निदेशालय की जांच बढ़ेगी तो आने वाले दिनों में और चौकाने वाले खुलासे हो सकते हैं.. आखिरकार डीजी करेंसी के नाम पर कैसे लूटा डीजी मुद्रा कनेक्ट कंपनी ने, देखें इस रिपोर्ट में! माई विक्ट्री क्लब एप से खेल हुआ- यदि आप डिजिटल करेंसी में निवेश कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि डीजी मुद्रा के नाम पर ज्यादा रिटर्न का दावा करने वाली कंपनी निवेशकों से धोखाधड़ी कर रही है. ईडी जांच में सामने आया कि डिजी मुद्रा कनेक्ट कंपनी ने निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का दावा कर करोड़ों की धोखाधड़ी की. ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि माई विक्ट्री क्लब एप से निवेशकों को लालच देकर करोड़ों की लूट मचाई. लोगों से करोड़ो का निवेश करवाया, लेकिन रिटर्न नहीं मिला. प्रवर्तन निदेशालय की जांच में अभी और चौकाने वाले खुलासे हो सकते है, क्योंकि ईडी जांच जारी है. ईडी ने हाल ही में कंपनी के निदेशक रवि जैन, प्रकाश जैन की ठिकानों पर रेड मारी थी. जिसमें 11 लाख रुपए नकद ईडी ने जप्त किए. ईडी के मुताबिक 15 करोड़ के गड़बड़ी का मामला सामने आया था, जिसके बाद जांच की गई. एमपी, राजस्थान, हरियाणा में एफआईआर- प्रवर्तन निदेशालय ने जयपुर और किशनगढ़ में 7 ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया था. यह कार्रवाई मेसर्स डिजी मुद्रा कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों रवि जैन और प्रकाश चंद जैन द्वारा करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के संबंध में की गई, जिसमें आरोपियों ने बहुत अधिक रिटर्न का वादा करके अपनी धोखाधड़ी वाली योजनाओं में निवेश करने के लिए लुभाया और प्रेरित किया. ईडी ने मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित STF और राजस्थान, हरियाणा, उड़ीसा और महाराष्ट्र के कई जिलों के पुलिस स्टेशनों द्वारा प्रकाश चंद जैन, रवि जैन और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की. हजारों लोगों को लूटा- ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने आपस में मिलीभगत करके हजारों लोगों को अपने प्लेटफॉर्म एप 'माई विक्ट्री क्लब (एमवीसी)' में निवेश करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की थी. यह प्लेटफॉर्म कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में शामिल था. निवेशकों को आश्वस्त करने के लिए उन्होंने उनके मोबाइल में 'एमवीसी' नाम का एक मोबाइल ऐप भी इंस्टॉल किया और उनकी आईडी बनाई, जिसमें निवेश की गई सभी रकम और रोजाना लाभ निवेशकों को उनकी ID से जुड़े वर्चुअल माध्यम से दिखाए जाते थे, हालांकी निवेशकों को कोई वास्तविक निकासी या रिटर्न नहीं दिया गया था. ईडी की जांच फिलहाल जारी है, जिसमें कई और खुलासे हो सकते है.
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Dec 30, 2025 05:05:13
Kolkata, West Bengal:

ABID Interiors 2026 hosts its 35th edition in Kolkata, showcasing interior design innovation, materials, and technology to over 80,000 visitors…Kolkata is all set to witness a landmark moment in India’s interior design journey as ABID announced the 35th edition of ABID Interiors 2026. The event is all set to take place from 9th to 12th January, 2026, at Biswa Bangla Mela Prangan in Kolkata…ABID Interiors was established by the interior design fraternity. Now the event stands as one of the oldest, most respected interior exhibitions in the country. For over three and a half decades, the exhibition has grown in scale and credibility. The two qualities that define ABID Interiors are professional depth and cultural relevance. The event is planned and organized by professionals and reflects a combination of intent and innovation along with market reality. The company claims its practitioner-led ethics has attracted manufacturers, designers, and architects year after year…The 35th edition of ABID Interiors is celebrating leadership. This marks a milestone in their journey. ABID Interiors 2026 is aimed as an organized meeting of ideas, craftsmanship and technology. It is offering participants and visitors an experience that goes beyond display…ABID’s landmark 35th edition exhibition serves as a powerful meeting ground for those who influence how spaces are imagined, designed, built, and ultimately lived in. Hosted by the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals, this is more than a showcase—it’s a participative platform where ideas take shape and collaborations begin. Professionals travel from across India and around the globe, creating a dynamic exchange of insights, innovation, and global perspectives. With over 80,000 visitors expected, the scale and impact are impossible to ignore. Attendees gain direct access to 10,000+ trade designers sharing creative inspiration, 15,000+ builders and contractors exploring practical, site-ready solutions, 5,000+ architects discovering new materials and technologies, and 50,000+ homeowners seeking informed, confident choices for quality living spaces.

ABID Interiors claims it offers something unique and valuable for manufacturers and brands, which is engagement, with an informed, committed and professional interior designing community. The exhibition helps in creating meaningful, long-term relationships and genuine feedback. These are crucial elements for evolving the interior designing economy…As ABID steps into its 35th year, the exhibition stays rooted in a core belief, that true design excellence flourishes when it is shaped, supported, and advanced by the fraternity itself…ABID Interiors 2026 is not merely another date on the industry calendar. It stands as a benchmark for evolving practices and a unified declaration of purpose from the interior design community…Over the years, the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals exhibition has earned its reputation as a premier national platform, uniting design professionals, leading brands, and forward-thinking innovators from across India. The 35th edition is backed by a strong roster of industry leaders, with Kerovit by Kajaria Bathware and Birla Opus coming on board as Platinum Sponsors, reflecting their commitment to innovation and design excellence. Adding further strength to the event’s industry support are Omacme, Greenply, and Havells as Gold Sponsors, reinforcing ABID Interiors’ position as a cornerstone of the design ecosystem.

 

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RKRishikesh Kumar
Jan 02, 2026 10:50:07
CHANDI, Harnaut, Bihar:बिहारशरीफ में नए साल से सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक किया जा रहा है। शहर की ‘तीसरी आंख’ कहे जाने वाले 494 सीसीटीवी कैमरे अब किसी भी हालत में बंद नहीं होंगे। बिजली गुल होने या अंधेरा होने पर भी ये कैमरे 24 घंटे लगातार काम करते रहेंगे। स्मार्ट सिटी योजना के तहत जनवरी के अंत तक नगर निगम क्षेत्र के सभी सीसीटीवी जंक्शन और कैमरों को डेडिकेटेड 11 केवी फीडर से जोड़ा जाएगा। इसके लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में पोल गाड़ने और नई बिजली लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक बिजली कटने पर बैटरी बैकअप सीमित होने के कारण कैमरे बंद हो जाते थे, जिससे निगरानी में परेशानी होती थी। खासकर मुहर्रम, रामनवमी और प्रतिमा विसर्जन जैसे मौकों पर यह बड़ी चुनौती बन जाती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रामचंद्रपुर, बड़ी पहाड़ी और सोहसराय पावर सब स्टेशन से डेडिकेटेड फीडर तैयार किए जा रहे हैं। परियोजना के तहत 11 केवी लाइन, एलटी कवर्ड वायर और नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। नगर आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि यह योजना पूरी होने के बाद सीसीटीवी कैमरों को बिना रुकावट 24 घंटे बिजली मिलेगी, जिससे शहर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी। खासकर मुहर्रम दुर्गपूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान सीसीटीवी कैमरे बिजली आपूर्ति बंद रहने के कारण शहरी गतिविधि पर नजर रखने में परेशानी होती थी लेकिन अब यह समस्या का निदान होते नजर आ रहा हैं.
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Jan 02, 2026 10:49:45
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RZRajnish zee
Jan 02, 2026 10:48:50
Patna, Bihar:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल कुम्हरार पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने कुम्हरार पार्क परिसर में संरक्षित किए गए मगध साम्राज्य काल से संबंधित स्तम्भ के अवशेषों को देखा। पार्क में बुलंदीबाग उत्खनन, कुम्हरार उत्खनन, मौर्यकालीन अस्सी स्तम्भों युक्त विशाल कक्ष आदि से जुड़ी जानकारी से संबंधित लगे बोर्ड का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृष्णदेव स्मृति सभागार स्थित पाटलीपुत्र दीर्घा में कुम्हरार के मौर्य वास्तुकला, भौतिक सांस्कृतिक आयाम, कुम्हरार उत्खनन संबंधी भग्नावशेष, पाटलीपुत्र की कला, संस्कृतियों का प्रभाव आदि से संबंधित लगाई गई चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कुम्हरार पार्क परिसर भारत सरकार के अधीन है, जिसका रखरखाव भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है। पूर्व में यहाँ किए गए उत्खनन में कई प्राचीन एवं ऐतिहासिक वस्तुएं एवं निर्माण संबंधी अवशेष मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कुम्हरार पार्क परिसर को बेहतर ढंग से विकसित करने के लिये भारत सरकार को पत्र लिखने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कुम्हरार पार्क काफी ऐतिहासिक और प्राचीन स्थल है, जो मगध साम्राज्य से जुड़ा हुआ है। कुम्हरार पार्क काफी बड़ा है, काफी तादाद में लोग यहाँ घूमने आते हैं। इस पार्क परिसर के साथ-साथ प्रदर्शों का रखरखाव और बेहतर ढंग से किया जाना चाहिये। इस स्थल से जुड़ी जानकारी को जानने और समझने के लिए इतिहास के विद्यार्थी तथा इतिहास में रुचि रखनेवाले लोग देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा अन्य देशों से भी यहाँ आते हैं, जिसे ध्यान में रखते हुये इस पार्क परिसर का सौंदर्गीकरण कराया जाना आवश्यक है। वर्ष 1912-15 एवं 1951-55 में इस पुरास्थल की खुदाई के दौरान 80 स्तंभयुक्त मौर्यकालीन एक विशाल कक्ष (सभागार) प्रकाश में आया, जिसके भू-विन्यास में स्तम्भों की 10 पंक्ति पूरब से पश्चिम एवं 8 पंक्ति उत्तर-दक्षिण हैं, स्तम्भों एवं पंक्तियों के मध्य लगभग 15 फीट का अंतराल है। सभागार दक्षिणाभिमुख है। पुरास्थल के चारों ओर हुई विकास गतिविधियों एवं भू-जल स्तर में वृद्धि के कारण भग्नावशेष जलमग्न हो गये। फलस्वरूप स्तम्भों व पुरावशेषों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया। तत्पश्चात पुरावशेषों की संरक्षा व उत्तरजीविता को दृष्टिगत रखते हुए उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा पर सन् 2005 में उक्त स्थल को मिट्टी एवं बालू से भर दिया गया। प्राचीन काल में आधुनिक पटना शहर को पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता था। 6ठी शताब्दी ईसा पूर्व जब भगवान बुद्ध ने इस स्थल का दौरा किया, तब पाटलिग्राम एक छोटा सा गांव था। उस समय मगध साम्राज्य के राजा अजातशत्रु पाटलिग्राम को वैशाली के लिच्छवी शासकों से बचाने के लिए उसके चारों ओर एक किले का निर्माण करा रहे थे। बाद में 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व के मध्य में राजा उदयन ने रणनीतिक एवं व्यापारिक कारणों से अपनी राजधानी को राजगृह (राजगीर) से पाटलिपुत्र में स्थानांतरित करने का फैसला किया। वह अजातशत्रु के उत्तराधिकारी और पुत्र थे। मेगास्थनीज जो चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में प्रसिद्ध यूनानी राजदूत थे, उन्होंने पाटलिपुत्र उसकी नगरपालिका और प्रशासन का विस्तृत विवरण दिया है। मेगास्थनीज की इंडिका नामक पुस्तक में इस नगर का उल्लेख पालिबोथरा के रूप में मिलता है। इस पुस्तक के अनुसार यह शहर गंगा नदी के किनारे लगभग 14 किलोमीटर पूर्व-पश्चिम और 3 किलोमीटर उत्तर-दक्षिण में फैला हुआ था। यह एक समानांतर चतुर्भुज आकार का था। शहर का परिमाप लगभग 36 किलोमीटर था। शहर को बड़े पैमाने पर लकड़ी के खंभों की चारदीवारों द्वारा सुरक्षित किया गया था, जिसके आगे एक चौड़ी और गहरी खाई थी, जो शहर की नाली के रूप में भी काम करती थी। उन्होंने चन्द्रगुप्त मौर्य के लकड़ी से बने सुंदर महल का भी उल्लेख वस्तुर Pr eficiencia... 1892-1955 की उत्खनन में इन ब्योरों में उल्लेखित लकड़ी के खंभे प्राचार-नालियां मौर्य स्तम्भ वाला हॉल, पॉलिस किये गये स्तंभों के अवशेष सामने आये। प्रसिद्ध चीनी यात्री फां-हियान, जिन्होंने लगभग 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व के प्रारंभ में इस स्थान का दौरा किया था। उन्होंने पाटलिपुत्र को एक समृद्ध शहर और शिक्षा का एक प्रसिद्ध केंद्र बताया है। एक प्रसिद्ध चीनी यात्री वेनत्सांग ने भी 7वीं शताब्दी के दौरान इस शहर का दौरा किया, तब तक अधिकांश शहर खंडहर हो चुका था। पाटलिपुत्र पाल शासको की भी राजधानी रही। उसके बाद इस नगर ने राजधानी का दर्जा खो दिया, फिर भी यह एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रहा। वर्तमान में, 80 स्तंभों वाला हॉल के उत्खृत स्थल को ढंक दिया गया है और कुछ स्तंभ अवशेष ही देखे जा सकते हैं। यहां स्थित पाटलिपुत्र दीर्घा इस प्राचीन शहर के इतिहास, इसकी कला, वास्तुकला, बुलंदीबाग और कुम्हरार स्थलों के उत्खनन से प्राप्त अवशेषों को प्रदर्शित करती है। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, जिलाधिकारी डॉØ त्यागराजन एस0एम0 सहित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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SKSHIV KUMAR
Jan 02, 2026 10:48:15
Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आज शाहजहांपुर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें कई स्कूलों के सैकड़ो छात्र और आपदा मित्र सहित NCC के केडिट मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लगातार मौतों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 1 से 7 जनवरी तक जिले भर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप 8 जनवरी से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाईवे, कॉरिडोर और टोल प्लाजा पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है, ताकि सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा सके। प्रशासन का लक्ष्य मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर लोगों की जान बचाना है। इस दौरान अधिकारियों समेत छात्र-छात्राओं ने यातायात नियमों का पालन करने की शपथ भी ली।
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Jan 02, 2026 10:47:03
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस के मुरसान थाना क्षेत्र के बगुली गांव में बृहस्पतिवार रात एक मजदूर के नोहरे के छप्पर में आग लगने से दो पशुओं की मौत हो गई। इस घटना में एक गाय और उसकी बछिया जलकर मर गई, जबकि एक अन्य गाय और एक भैंस गंभीर रूप से झुलस गई। बगुली गांव निवासी फौरन सिंह पुत्र नोनिहाल सिंह ने बताया कि उनके पिता बाहर रहते हैं। बृहस्पतिवार रात परिवार के सदस्य नोहरे के पास घर पर सो रहे थे। तभी रात करीब 10 बजे अचानक नोहरे के छप्पर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में उसने विकराल रूप ले लिया।ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक नोहरे में रखा पशु आहार, चारा और अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो चुका था। घटना की सूचना मिलने पर शुक्रवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू
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ASAmit Singh
Jan 02, 2026 10:46:38
Kishanganj, Bihar:बिहार में किसानों को डिजिटल सशक्तिकरण प्रदान करने वाली राष्ट्रीय परियोजना एग्रीस्टैक तेजी से आगे बढ़ रही है। इस योजना के तहत किशनगंज में किसानों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंच सके। खास तौर पर किशनगंज जिले में अब तक 16 हजार किसानों की पहचान पत्र सत्यापित हो चुकी है। एग्रीस्टैक एक केंद्रीय योजना का हिस्सा है, जिसे बिहार सरकार कृषि विभाग के माध्यम से लागू कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की पहचान, भूमि रिकॉर्ड, आय, ऋण और फसल संबंधी जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकत्रित करना है। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं जैसे सब्सिडी, फसल बीमा और कृषि ऋण का लाभ तेजी से और सटीक रूप से मिल सकेगा। योजना के महत्वपूर्ण लाभों में शामिल है - प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ या सूखे के दौरान पात्र किसानों की तुरंत पहचान कर क्षतिपूर्ति राशि का सीधा हस्तांतरण, फसल हानि का डाटा आधारित आकलन, और गबन या मध्यस्थता की संभावना को पूरी तरह खत्म करना। साथ ही, किसानों को बीज, खाद जैसी सामग्री और बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। किशनगंज के किसानों ने इस योजना की तारीफ़ कर कहा कि अब किसानों को उसका सही लाभ मिलेगा, उन्होंने अन्य किसानों से एग्रीस्टैक योजना से जुड़ने के लिए जल्द से जल्द डीबीटी पोर्टल पर पंजीयन कराकर, डिजिटल कृषि क्रांति का हिस्सा बनने का अपील किया है। राजेश गुप्ता, किसान। शकील अख्तर राही, किसान। किशनगंज जिले में इस योजना ने रफ्तार पकड़ ली है। यहां अब तक कुल 16 हजार किसानों के पहचान पत्र सत्यापित किए जा चुके हैं। जिले के किसान एग्रीस्टैक से जुड़ने के लिए सबसे पहले डीबीटी किसान पोर्टल पर पंजीयन कराएं। पंजीयन के लिए खतियान, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की जरूरत होगी। पंजीयन सफल होने पर किसान को एक यूनिक किसान आईडी मिल जाती है, जिसका उपयोग सभी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किया जा सकता है। प्रभात कुमार,जिला कृषि पदाधिकारी,किशनगंज। किशनगंज जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जितने भी लाभार्थी किसान है, सभी को जोड़ना है, उन्होंने कहा कि किसान पोर्टल पर पंजीयन ही सफलता की पहली सीढ़ी है, क्योंकि इससे सब्सिडी और वित्तीय सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। वही जिला पदाधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग और कृषि विभाग के कर्मियों के साथ सामान्यवाय स्थापित कर ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर किसानों को जोड़ा जा रहा है। विशाल राज, डीएम, किशनगंज। बिहार में एग्रीस्टैक डेटाबेस से केंद्र एवं राज्य सरकार को लक्षित योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी, और ऋण, फसल बीमा तथा आपदा राहत जैसी प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित हो जाएंगी。
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JSJagmeet Singh
Jan 02, 2026 10:42:52
Fatehgarh Sahib, Punjab:ਜਲ ਸਪਲਾਈ ਕੰਟਰੈਕਟ ਵਰਕਰਜ਼ ਯੂਨੀਅਨ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਫਤਹਿਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਵਲੋਂ ਜਲ ਸਪਲਾਈ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿਖੇ ਉਪਮੰਡਲ ਇੰਜੀਨੀਅਰ ਬਸੀ ਪਠਾਣਾਂ ਐਟ ਫਤਹਿਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਵਿਰੁੱਧ ਧਰਨਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਮੰਗਾਂ ਨਾ ਪੂਰੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਦੇਖ ਕੁਝ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਚੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਵਾਲੀ ਟੈਂਕੀ ਤੇ ਕੀਤਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ। ਇਸ ਸੰਬੰਧੀ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਜਿਲਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਗੁਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਪ ਮੰਡਲ ਇੰਜੀਨੀਅਰ ਬਸੀ ਪਠਾਣਾਂ ਐਟ ਫਤਹਿਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਵਲੋਂ ਜਲ ਸਪਲਾਈ ਸਕੀਮਾਂ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਵਰਕਰਾ ਦੀਆਂ ਨਵੀਆਂ ਕੁਟੇਸ਼ਨਾ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਨਾਦਰਸ਼ਾਹੀ ਫਰਮਾਨ ਥੋਪਿਆ ਗਿਆ ਕਿ ਜਲ ਸਪਲਾਈ ਸਕੀਮ ਤੋਂ ਜ਼ੇਕਰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਸੀਨਰੀ, ਸਬਮਰਸੀਬਲ ਪੰਪ, ਸਟਾਰਟਰ, ਸਕਾਡਾ ਸਿਸਟਮ, ਸੋਲਰ ਇੰਨਵਰਟਰ, ਪ੍ਰੈੱਸਰ ਵਾਲਵ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਾਮਾਨ ਜਿਸਦੀ ਕੀਮਤ ਲੱਖਾਂ ਰੁਪਏ ਵਿੱਚ ਹੈ ਸਕੀਮ ਤੋਂ ਚੋਰੀ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਚੋਰੀ ਹੋਏ ਸਮਾਨ ਦੀ ਭਰਭਾਈ ਸਬੰਧਤ ਸਕੀਮ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਕੱਚੇ ਕਾਮੇ ਦੀ ਤਨਖਾਹ ਵਿੱਚੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਜੋ ਕਿ ਵਰਕਰਾ ਨਾਲ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਧੱਕਾ ਹੈ। ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿਰੁੱਧ ਜਥੇਬੰਦੀ ਨੂੰ ਧਰਨਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰਨ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਹੋਣਾ ਪਿਆ, ਜਦ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਵਲੋਂ ਕੋਈ ਸੁਣਵਾਈ ਨਾ ਹੋਈ ਤਾਂ ਅੱਕੇ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਜਲ ਸਪਲਾਈ ਦਫ਼ਤਰ ਦੀ ਟੈਂਕੀ ਉਪਰ ਚੜ ਕੇ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ। ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਇਸ ਮਸਲੇ ਦਾ ਹੱਲ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਉਸ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਇਹ ਧਰਨਾ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗਾ。
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BPBHUPESH PRATAP
Jan 02, 2026 10:42:06
Greater Noida, Uttar Pradesh:नोएडा में नववर्ष के अवसर पर जमकर जाम छलके, इस दौरान नोएडा के लोग करीब 35 करोड रुपए की शराब पी गए 30 और 31 तारीख को शराब बिक्री के सारे रिकॉर्ड टूट गये। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार काफी ज्यादा शराब की बिक्री हुई। नए साल के अवसर पर आबकारी विभाग की जमकर बल्ले बल्ले हुई 30 और 31 दिसंबर को नए साल पर लोगों ने जमकर जाम छलके आबकारी अधिकारी ने बताया कि पूरे गौतमबुद्ध नगर में 30 और 31 तारीख को सबसे ज्यादा शराब की बिक्री हुई ।इन दो दिनों में करीब 35 करोड की शराब बेची गई और चार लाख लीटर से ज्यादा शराब की बिक्री हुई। उन्होंने कहा कि यह पिछले कई वर्षों की अपेक्षा में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। आम दिनों में गौतम बुद्ध नगर में शराब की बिक्री 7 से 8 करोड़ की होती है और वीकेंड पर 12 करोड़ तक हो जाती है लेकिन नए साल के जश्न में शराब बिक्री के सारे के सारे रिकॉर्ड टूट गए। नोएडा वालों ने इतनी शराब पी कि उन्होंने कई सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया और महत्व दिनों में 35 करोड़ की शराब खरीद डाली। सबसे बड़ी बात तो यह रही की गौतम बुद्ध नगर में प्रदेश में सबसे ज्यादा शराब की बिक्री की गई।
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KKKRISNDEV KUMAR
Jan 02, 2026 10:41:31
Noida, Uttar Pradesh:
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