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Mathura- ट्रेन मे महिला को हुआ प्रसव दर्द, अस्पताल लें जाते ही हुआ बच्चा
Kosi Kalan, Kosikalan Rural, Uttar Pradesh:कोसीकला में चलती रेलगाड़ी के डिब्बे में गर्भवती महिला दर्द से करहा उठी तो यात्रियों ने पुलिस के सहयोग से महिला को अस्पताल में भर्ती कराया यहां महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया. बच्चे के जन्म के बाद महिला के परिजनों ने RPF स्टाफ और अस्पताल स्टाफ की खूब सराहना की।0
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पत्थरों से हमला: घायल युवक की मौत, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार
Damoh, Madhya Pradesh:दमोह में बीते 9 जून को बढ़ापुरा इलाके में सामने आए एक सनसनीखेज घटनाक्रम में एक युवक पर पत्थरों से हमला हुआ हमलावरों ने पत्थरों से कुचल कुचल कर उसे लहूलुहान कर दिया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। युवक कमलेश अहीरवाल था और आरोपियों से उसका मामली विवाद हुआ था , इस मौत के बाद इलाके में तनाव बना था और लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। कोतवाली पुलिस के लिए भी ये वीभत्स घटना चैलेंज बनी थी और पुलिस ने इस हत्याकांड के दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। एसपी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि दोनों मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए है वहीं मामले में जांच जारी है और इस गिरफ्तारी में लगी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।0
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चांदा में STF ने 360 किलोग्राम गांजा सहित आरोपी ट्रक पकड़ा
Sultanpur, Uttar Pradesh:सुल्तानपुर जिले की चांदा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है अंतर राज्य स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक सक्रिय सदस्य को एसटीएफ की मदद से टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर उसके पास से 360 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है एसपी सुल्तानपुर चारू निगम के निर्देश पर लगातार अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत एसटीएफ और चाँदा पुलिस को सूचना मिली कि टोल प्लाजा चांदा क्षेत्र से आरोपी दीपक कुमार महतो जो की मधुबनी बिहार का रहने वाला है वह इसी रास्ते से जाएगा सूचना पर टीम ने टोल प्लाजा के पास से आरोपी को ट्रक समेत गिरफ्तार कर लिया ट्रक में 360 किलोग्राम अवैध गांजा जिसकी कीमत लगभग 90 लख रुपए हैं आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन आधार कार्ड और तीन एटीएम कार्ड भी बरामद हुआ है पुलिस पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि वह काफी समय से ट्रक चलाने का कार्य करता है उसकी मुलाकात कुछ व्यक्तियों से हुई थी जिसके माध्यम से वह अवैध गांजा की तस्करी करने लगा आज जो गांजा पकड़ा गया है वह उसे उड़ीसा से लाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सप्लाई करना था उसने यह भी बताया कि गांजा बिक्री के लिए उसे एक चक्कर में 50हजार रुपए मिलते थे फिलहाल पुलिस ने चांदा थाने में मामला दर्ज कर लिया है0
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एक गलत कदम से पहले वह शांत रहने की कोशिश में जुटी
Noida, Uttar Pradesh:She is trying to stay calm until one wrong step0
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श्रमिकों की कुशलता ने परफेक्शन की नई मिसाल कायम की
Noida, Uttar Pradesh:WORKERS AND PERFECTION0
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संतोष राय गिरफ्तार: RTU कर्मचारियों पर झूठी शिकायतों से मचा आतंक, मठ करोड़ों चपत
Kota, Rajasthan:संत देवानंद हत्या के आरोपी संतोष का कारनामा RTU के कर्मचारियों को करता था ब्लैकमेल, वीसी तक को नहीं छोड़ा संतोष राय की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के भी कई कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है कोटा चन्द्रेसल मठ के युवा संत देवानंद की हत्या के मामले में एडवोकेट संतोष राय को गिरफ्तार किया है. उसके साथ एक सुपारी किलर पुष्पेंद्र भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है. उससे पुलिस पूछताछ में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं. संतोष की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) के कई कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है. संतोष की पत्नी आरटीयू की कार्मिक है. संतोष ने यूनिवर्सिटी के कार्मिकों के खिलाफ शिकायत की हुई है, जिसके चलते उन्हें नुकसान भी झेलना पड़ा. यहां तक की वाइस चांसलर रहे प्रोफेसर को भी उसने नहीं छोड़ा. उसने कई कर्मचारियों की शिकायत कर ब्लैकमेल भी किया. झूठी शिकायतों के चलते कोर्ट ने संतोष पर पेनल्टी भी लगा दी थी.झूठी शिकायतों के दम पर करता था परेशान: आरटीयू में वीसी रहे प्रोफेसर सीडी प्रसाद का कहना है कि संतोष राय झूठी शिकायतें करता था. वह विश्वविद्यालय के अकादमिक से लेकर फाइनेंस और अन्य सभी डिपार्टमेंट में आरटीआई लगाता रहता था. इससे आरटीयू के भी कई कार्मिक परेशान थे. झूठी शिकायतों के चलते कई कार्मिकों को पेंशन मिलने में समस्या आई थी. रिटायर्ड प्रोफेसर सीडी प्रसाद का कहना है कि संतोष ने उनके संबंध में झूठी शिकायत कर दावा किया था कि उनके दस्तावेज फर्जी हैं. जब सभी दस्तावेजों का सत्यापन करवाया गया, तो सही पाए गए. इसके बाद उनको पेंशन के लाभ मिले थे 2 साल से अटकी ग्रेच्युटी और पीएल का 45 लाख: आरटीयू से रिटायर्ड प्रोफेसर धीरेंद्र माथुर के साथ भी ऐसा ही हुआ. उनकी भी संतोष राय ने शिकायत कर दी थी. प्रो माथुर का कहना है कि उनके करीब 45 लाख रुपए अटक गए हैं. यह पैसा उनकी ग्रेच्युटी और पीएल का है. जबकि शिकायत प्रोजेक्ट को लेकर थी, जिसे फाइनेंस कमेटी और बोर्ड आफ मैनेजमेंट से अप्रूवल मिल गई थी. उन्होंने कहा कि उन्हें रिटायर हुए 2 साल हो गए, लेकिन अभी तक यह पैसा नहीं मिला है. संतोष राय की शिकायत पर अधिकारी भी डरते हैं और कोई एक्शन नहीं लेता. उसका झूठ पकड़े जाने पर भी उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता. 'कोर्ट ने लगा दी थी संतोष पर पेनल्टी': रिटायर्ड प्रोफेसर एके द्विवेदी का कहना है कि संतोष राय की शिकायतों से स्टाफ परेशान हो गया था. इसीलिए न्यायालय में भी उसके खिलाफ एक्शन लेने के लिए कार्रवाई की गई थी. जिसके बाद कोर्ट ने भी उसके खिलाफ हजारों रुपए की पेनल्टी लगा दी थी. वह सब लोगों के पीछे पड़ जाता था. आरटीयू के वाइस चांसलर रहे प्रोफेसर एनपी कौशिक का कहना है कि संतोष उनके समय भी काफी शिकायतें करता था. राजभवन में भी शिकायतें पहुंचा देता था. वह किसी को भी नहीं छोड़ता था. गाजीपुर से कोटा आकर शुरू किया लोगों को डराने का काम: संतोष राय साल 2012 में कोटा आया था. यहां उनकी पत्नी राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में नौकरी कर रही थी. उसने विश्वविद्यालय परिसर में ही अपना आशियाना बना लिया था. उसके बाद उसने सबसे ज्यादा विश्वविद्यालय के कार्मिकों को ही तंग किया. बीते कुछ सालों से ही वह यूनिवर्सिटी कैंपस से बाहर रहने लगा है. लेकिन इसके बावजूद भी उसका यूनिवर्सिटी में आतंक कम नहीं था. हर किसी नए काम में वह आरटीआई या झुठी शिकायत कर अडंगा लगाता था. मठ की जमीन और करोड़ों रुपए थी संतोष की नजर: संतोष राय और पुष्पेंद्र पुलिस की हिरासत में है. जबकि इस मामले में मुख्य हत्यारे आदित्य वर्मा की पत्नी जैक्शन जॉर्ज को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. कोटा पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से अन्य आरोपियों को भी पकड़ा है, जिन्हें कोटा लाने पर गिरफ्तार किया जाएगा. वहीं, संतोष राय मठ के बैंक खातों में जमा 4 करोड़ से ज्यादा की रकम को भी हड़पना चाह रहा था. मठ की करीब 700 बीघा जमीन पर भी उसकी नजर थी. इसलिए स्वयं ही मठ का अध्यक्ष बन गया था.0
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तेतरिया श्मशान मार्ग अतिक्रमण मुक्त, 3 पीढ़ियों की लड़ाई खत्म
Ansar Nagar, Jharkhand:ZEE MEDIA की खबर का बड़ा असर: 3 पीढ़ियों की लड़ाई के बाद तेतरिया में खुला श्मशान जाने का रास्ता श्मशान जाने तक का रास्ता छिनने पर शव को कंधों पर लेकर सड़क पर उतरे थे ग्रामीण, खबर के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान हंटरगंज अंचल प्रशासन की मौजूदगी में वर्षों से अतिक्रमित सड़क हुई मुक्त, ग्रामीणों ने जताया ZEE MEDIA का आभार चतरा: जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत तेतरिया गांव के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या आखिरकार दूर हो गई। श्मशान घाट जाने वाले रास्ते पर हुए अतिक्रमण के कारण परेशान ग्रामीणों की आवाज को ZEE MEDIA ने प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और वर्षों से बंद सड़क को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया। दरअसल, तेतरिया गांव में ग्रामीणों के आवागमन की सड़क पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। मजबूरी में ग्रामीण पीएम श्री उच्च विद्यालय तेतरिया परिसर के बीच से होकर आवाजाही कर रहे थे। लेकिन विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा बाउंड्री निर्माण के लिए गड्ढ़ा खोदे जाने के बाद ग्रामीणों का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। स्थिति यह हो गई कि गांव तक बाइक पहुंचना भी मुश्किल हो गया और आम लोगों के साथ-साथ अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी। इसी समस्या को लेकर 2 जून को गांव के 70 वर्षीय वृद्ध डोमन पासवान की मौत के बाद ग्रामीणों ने शव को कंधे पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों की पीड़ा और वर्षों से बंद रास्ते की समस्या को ZEE MEDIA ने प्रमुखता से प्रसारित किया था। खबर प्रसारित होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। हंटरगंज अंचलाधिकारी रितिक कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 11 दिनों के अंदर मौके पर पहुंचकर सड़क पर किए गए अवैध कब्जे को हटवाया और ग्रामीणों के लिए रास्ता बहाल कराया। सड़क खुलने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। स्थानीय ग्रामीण रमेश पासवान ने कहा कि इस रास्ते के लिए तीन पीढ़ियों से संघर्ष चल रहा था। आज सड़क अतिक्रमण मुक्त हुई है तो इसमें मीडिया की अहम भूमिका है। उन्होंने ZEE MEDIA को धन्यवाद देते हुए कहा कि खबर चलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। ग्रामीणों ने हंटरगंज अंचलाधिकारी रितिक कुमार का भी आभार जताया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराया। ZEE MEDIA की पहल से उठी ग्रामीणों की आवाज आखिरकार प्रशासन तक पहुंची और वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो गया। बाइट 1 : रमेश पासवान, ग्रामीण बाइट 2 : सौरभ पासवान, ग्रामीण।0
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नेहरू पार्क के पास कार में आग, दमकल की तत्परता से बड़ा हादसा टला
Kota, Rajasthan:नेहरू पार्क के पास खड़ी कार में लगी आग, दमकल की तत्परता से बड़ा हादसा टला कोटा। शहर के नयापुरा क्षेत्र में स्टेशन रोड स्थित नेहरू पार्क के पास शुक्रवार को एक कार में अचानक आग लग गई। कार से धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया。 प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार सड़क किनारे खड़ी थी, तभी उनमें अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैलने लगी, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और कुछ ही देर में आग को पूरी तरह बुझा दिया。 दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से आग आसपास के वाहनों और अन्य स्थानों तक नहीं फैल सकी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच की जा रही है।0
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राष्ट्रपति मुर्मु ने देहरादून के आईएमए में पासिंग आउट परेड की समीक्षा की
Noida, Uttar Pradesh:President Droupadi Murmu reviews the passing out parade at the Indian Military Academy, Dehradun0
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उत्तराखंड CM धामी ने जसपाल राणा के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि दी
Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में मशहूर शूटर और कोच जसपाल राणा के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।0
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एसीबी ने मऊबोरदा ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध रिश्वत मामले में चार्जशीट पेश की
Kota, Rajasthan:कोटा मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले रिश्वत मांगने और लेने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए मऊबोरदा की तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) रजनी मीणा के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान (चार्जशीट) पेश कर दिया है। जांच पूरी होने के बाद एसीबी को आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर अब मामले की सुनवाई अदालत में आगे बढ़ेगी। फिलहाल आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है। एसीबी कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि इस मामले की शुरुआत 10 अप्रैल को मिली एक शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता महुमहल खींची दरबार सेवा समिति से जुड़ा हुआ है। समिति की ओर से 16 फरवरी 2026 को धानोदा खुर्द पंचायत बोरदा मऊ में सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें 28 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। विवाह के बाद नवविवाहित जोड़ों के प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई। 500 की दर से मांगी थी रिश्वत आरोप है कि ग्राम पंचायत मऊबोरदा में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी रजनी मीणा ने विवाह प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में प्रति जोड़ा 500 रुपए की दर से कुल 13 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत के दौरान यह राशि घटाकर प्रति जोड़ा 400 रुपए कर दी गई और 26 जोड़ों के प्रमाण पत्र के लिए कुल 10 हजार 400 रुपए देने पर सहमति बनी 10 हजार 400 रुपए रिश्वत लेते हुईं थी गिरफ्तार शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 15 अप्रैल को ट्रैप कार्रवाई करते हुए एसीबी की टीम ने रजनी मीणा को 10 हजार 400 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। उस समय आरोपी के ठिकानों की तलाशी भी ली गई थी। कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच की गई। अनुसंधान के दौरान आरोपी के खिलाफ रिश्वत मांगने और रिश्वत लेने का अपराध प्रमाणित पाया गया। इसके बाद सहायक निदेशक अभियोजन के माध्यम से विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) कोटा में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र पेश कर दिया गया है। मामले में आगे की सुनवाई अब न्यायालय में होगी。0
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कोटा: मंगलसूत्र लूट, 24 घंटे में गिरफ्तार दो आरोपी; सोना बरामद
Kota, Rajasthan:कोटा शहर की कुन्हाड़ी थाना पुलिस ने महिला से मंगलसूत्र लूट की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2.50 लाख रुपये मूल्य का लूटा गया मंगलसूत्र तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है。 पुलिस के अनुसार 11 जून को 67 वर्षीय पुष्पा देवी जैन अपनी बेटी के साथ बोरखेड़ा रोड पर पैदल जा रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश उनके गले से करीब 18.5 ग्राम वजनी सोने का मंगलसूत्र झपटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने गोपाल बाबरी (25) और सुखदेव उर्फ सुक्की बाबरी (20) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी कुन्हाड़ी क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर अन्य वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है。0
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खैरागढ़ गंडई पुलिस ने अवैध शराब के दो मामलों में दो गिरफ्तार
Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़ गंडई पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के दो मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने विकेश टंडन और पुरुषोत्तम टंडन के कब्जे से कुल 58 पौवा देशी मसाला रोमियो शराब (10.44 बल्क लीटर) बरामद की, जिसकी कीमत करीब 5,800 रुपये बताई गई है। शराब परिवहन में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। मुखबिर की सूचना पर शराब भट्ठी रोड और शवगृह के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।0
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सिंगरौली बंधा कोल ब्लॉक प्रभावित ग्रामीण उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग उठाते हुए
Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली ब्रेकिंग सिंगरौली बंधा कोल ब्लॉक की जनसुनवाई में विस्थापितों का चालका दर्द.. 6 सालों से प्रशासन दे रहा आश्वासन आज तक नहीं मिला मुआवजा... सर्वे और मूल्यांकन के बाद भी कई मकानों को प्रशासन ने बतायाअवैध... उचित मुआवजा नहीं मिलने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा.... ग्रामीणों का गंभीर आरोप प्रशासन कंपनी के दबाव में आकर भू अर्जननीति का नहीं कर रहा पालन... बारिश सिर पर, लेकिन लोग अपने घर तक नहीं सुधार पा रहे... हर जनसुनवाई में आवेदन, हर बार सिर्फ आश्वासन.... विस्थापन का दंश झेल रहे ग्रामीण, बोले- अब और नहीं "मुआवजा नहीं तो जमीन नहीं" सिंगरौली जिला प्रशासन बना मुखदर्शक.... एंकर...सिंगरौली जिले के बंधा कोल ब्लॉक परियोजना से प्रभावित गांवों की जनसुनवाई में एक बार फिर ग्रामीणों के दर्द, आक्रोश और बेबसी दिखाई दी... वर्षो से विस्थापन के दंश के बीच जीवन गुजार रहे ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के सामने अपनी पीड़ा खुलकर रखी... लोगों का कहना है कि पिछले लगभग 6 वर्षों से वे मुआवजे और पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं निकला..हर बार अधिकारी आते हैं, शिकायतें सुनते हैं, आवेदन लेते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन जमीन पर कोई बदलाव दिखाई नहीं देता.... अब तो दस्तावेजों के फोटो कॉपी भी उधार लेकर करना पड़ रहा है... ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें आज तक उचित मुआवजा नहीं दिया गया और भू-अर्जन नीति का भी पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है... उनका कहना है कि तहसीलदार, पटवारी और एसडीएम, कलेक्टर स्तर पर हजारों मकानों, जमीनों और परिसम्पत्तियों का मूल्यांकन किया जा चुका है, लेकिन बाद में उन्हीं आकलनों को विभिन्न कारण बताकर नवनिर्माण अथवा मौके पर मौजूद नहीं होना बता दिया जाता है... जबकि सभी मकान 6 सालों से मौके पर हैं अब तो जर्जर होने की स्थिति में है... प्रभावित परिवारों का आरोप है कि जिन घरों का सर्वे और मूल्यांकन हो चुका है, उनके मुआवजे का भुगतान अब तक नहीं हुआ है, जिससे लोग अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर हैं.... सबसे बड़ी चिंता यह है कि बारिश का मौसम दस्तक दे चुका है, लेकिन विस्थापन की जद में आए कई परिवार अपने पुराने घरों की मरम्मत तक नहीं करा पा रहे हैं... ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे छत की मरम्मत या घर में कोई सुधार करते हैं तो उसे नया निर्माण बताकर मुआवजा देने से इंकार कर दिया जाता है.. ऐसे में एक तरफ जर्जर होते मकान हैं और दूसरी तरफ मुआवजे का इंतजार.... लोगों का कहना है कि वे न तो अपने घर ठीक करा पा रहे हैं और न ही नई जगह बसने की स्थिति में हैं... जनसुनवाई में कई ग्रामीण भावुक हो गए। उनका कहना था कि यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं है, बल्कि उनके पुरखों की यादों, जीवनभर की मेहनत, खेती-किसानी और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक उन्हें सम्मानजनक और न्यायपूर्ण मुआवजा नहीं मिलेगा तथा पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होगी, तब तक वे अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे। हालांकि जनसुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर ने निराकरण का आश्वासन दिया है लेकिन ग्रामीणों को भरोसा नहीं हो रहा क्योंकि 6 सालों में कई बार इस तरह के जनसुनवाई हुए लेकिन निराकरण आज तक नहीं हुआ... बाइट ग्रामीण विस्थापित बाइट पी एस त्रिपाठी, अपर कलेक्टर0
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नारायणपुर में डीजल संकट से किसान-ट्रैक्टर चालक परेशान, प्रशासन ने आपूर्ति के निर्देश दिए
Narayanpur, Jharkhand:एंकर - नारायणपुर जिले में पिछले लगभग दो माह से पेट्रोल और डीजल की किल्लत के कारण किसान, ट्रैक्टर संचालक और ट्रक मालिक भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। जून माह में खेती-किसानी के कार्य शुरू होने के साथ ही डीजल संकट ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। डीजल नहीं मिलने से खेतों में जुताई सहित अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई ट्रैक्टर काम बंद कर खड़े हैं। इसी समस्या को लेकर जिले के विभिन्न गांवों से किसान खाली डीजल के डिब्बे लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों ने बताया कि वर्तमान समय में खेती के अधिकांश कार्य ट्रैक्टरों पर निर्भर हैं। मानसून से पहले खेतों की तैयारी का महत्वपूर्ण समय चल रहा है, लेकिन डीजल की अनुपलब्धता के कारण जुताई का कार्य लगभग ठप पड़ गया है। वी. ओ. 01 - किसानों का कहना है कि वे 30 से 70 किलोमीटर दूर-दराज के क्षेत्रों से आते हैं। इतनी लंबी दूरी तय कर ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंप पहुंचना उनके लिए संभव नहीं है। इसलिए वे डिब्बों में डीजल लेने पहुंचते हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों पर डिब्बों में डीजल नहीं दिया जा रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने किसानों की समस्या सुनी और जिला खाद्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने डीजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाने तथा किसानों को खेती कार्य के लिए आवश्यक डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। किसानों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद जल्द ही डीजल संकट का समाधान होगा और कृषि कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी। फिलहाल किसान प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं ताकि समय पर खेती-किसानी का काम पूरा किया जा सके। बाइट 01 किसान बाइट 02 किसान बाइट 03 किसान0
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फुगाळे में राशन दुकान से धान्य नहीं मिलने से २५–३० आदिवासी परिवार भूखे
Thane, Maharashtra:शहापूर तालुक्यातील फुगाळे येथील २५ ते ३० कुटुंबे रेशन धान्यापासून वंचित... आदिवासी बांधवांना उपासमारीची भीती... शहापूर हादरले: फुगाळे पाड्यातील २५-३० आदिवासी कुटुंबे २ महिन्यांपासून रेशनविना.. मुलांवर उपासमारीची वेळ.. शहापूर तालुक्यातील फुगाळे येथील रास्त भाव दुकानाच्या कारभाराबाबत गंभीर तक्रारी समोर आल्या असून दर महिन्याला सुमारे २५ ते ३० शिधापत्रिकाधारक कुटुंबांना नियमित धान्य मिळत नसल्याचा आरोप ग्रामस्थांनी केला आहे. विशेषतः मे आणि जून २०२६ या दोन महिन्यांचे धान्य अनेक लाभार्थ्यांना अद्याप मिळाले नसल्याची तक्रार संबंधित नागरिकांनी शहापूर तालुका पुरवठा अधिकारी यांच्याकडे लेखी व तोंडी स्वरूपात केली आहे. गावातील शिधापत्रिका धारकांनी सांगितले की, शासनाकडून गरीब व गरजू कुटुंबांसाठी वितरित करण्यात येणारे धान्य हे त्यांच्या उदरनिर्वाहाचे महत्त्वाचे साधन आहे. मात्र फुगाळे येथील रास्त भाव दुकानातून अनेक कुटुंबांना नियमित धान्य मिळत नसल्याने त्यांना मोठ्या आर्थिक व सामाजिक अडचणींना सामोरे जावे लागत आहे. कुटुंबांसमोर आता ‘पोटाची खळगी कशी भरायची’ हा यक्षप्रश्न उभा राहिला आहे. अनेक वेळा दुकानावर जाऊनही धान्य उपलब्ध नसल्याचे सांगितले जाते किंवा विविध कारणे देऊन लाभार्थ्यांना परत पाठविले जाते, असा आरोप ग्रामस्थांनी केला आहे. या संदर्भात गावातील काही रेशनधारकांनी प्रत्यक्ष धान्य मिळत नसल्याचा व्हिडिओ तयार करून संबंधित प्रशासनाकडे पाठविला आहे. या व्हिडिओमध्ये लाभार्थी आपली व्यथा मांडताना दिसत असून अनेक कुटुंबांना धान्यापासून वंचित ठेवले जात असल्याचा दावा करण्यात आला आहे. त्यामुळे या प्रकरणाची सखोल चौकशी करून दोषींवर कारवाई करण्याची मागणी ग्रामस्थांकडून होत आहे. सध्या पावसाळ्याची सुरुवात झाली असून ग्रामीण भागातील अनेक मजूर कुटुंबांना नियमित रोजगार उपलब्ध झालेला नाही. शेतीची कामे अद्याप पूर्णपणे सुरू नसल्याने अनेक कुटुंबे आर्थिक अडचणीत आहेत. अशा परिस्थितीत शासनाच्या सार्वजनिक वितरण व्यवस्थेतील धान्य हेच अनेक कुटुंबांसाठी जगण्याचा आधार ठरत असते. मात्र हे धान्य वेळेवर मिळत नसल्याने संबंधित कुटुंबांवर उपासमारीची वेळ येण्याची शक्यता निर्माण झाली आहे. गावकऱ्यांनी प्रशासनाकडे मागणी केली आहे की, फुगाळे येथील रास्त भाव दुकानाच्या कामकाजाची तातडीने चौकशी करण्यात यावी, मे व जून २०२६ चे थकीत धान्य त्वरित लाभार्थ्यांना वितरित करण्यात यावे आणि भविष्यात कोणतेही कुटुंब धान्यापासून वंचित राहणार नाही याची खात्री करण्यात यावी. शासनाच्या योजनांचा लाभ खऱ्या अर्थाने गरजूंपर्यंत पोहोचावा आणि सार्वजनिक वितरण व्यवस्थेवरील नागरिकांचा विश्वास कायम राहावा, अशी अपेक्षा ग्रामस्थांनी व्यक्त केली आहे。0
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