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इटावा में मूसलाधार बारिश से जलभराव, अस्पताल के गेट पर पेड़ गिरा

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा जिले में पिछले कई घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सरकारी भवनों समेत शहर की मुख्य सड़कों पर पानी भरा रहा। तेज हवा के साथ हो रही बारिश के कारण जिला अस्पताल के गेट नंबर 2 पर विशाल पेड़ गिर गया, जिससे चार से पांच गाड़ियां दब गईं, पर कोई घायल नहीं हुआ। डीएम ने सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं और जलभराव हटाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। फसलों के नुकसान का आकलन बारिश रुकने के बाद किया जाएगा। जनता से अपील है कि पुराने जर्जर मकानों के आसपास न रहें। स्कूलों को बंद किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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जहानाबाद के सदर अस्पताल निर्माण में घटिया सामग्री पर मंत्री ने कड़ी कार्रवाई

Jehanabad, Bihar:जहानाबाद सदर अस्पताल के निर्माणाधीन भवन की पोल शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री जमा खान के औचक निरीक्षण में खुल गई। मंत्री के अचानक अस्पताल परिसर पहुंचते ही स्वास्थ्य कर्मियों और निर्माण एजेंसी के बीच हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान मंत्री की नजर परिसर में रखी निर्माण सामग्री पर पड़ी। उन्होंने जब एक ईंट हाथ में उठाकर जमीन पर पटकी, तो वह टूटकर बिखर गई। घटिया सामग्री पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मंत्री ने नवनिर्मित दीवार से भी एक ईंट उखड़वाई और गुणवत्ता जांच के लिए सैंपल के तौर पर अपनी गाड़ी में रखवा लिया। सामग्री की खराब गुणवत्ता को लेकर मंत्री ने निर्माण एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही। इसके बाद उन्होंने घूम-घूमकर पूरे निर्माणाधीन परिसर का जायजा लिया। गौरतलब है कि करीब 88 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से सदर अस्पताल का यह नया भवन तैयार किया जा रहा है। मंत्री जमा खान ने एजेंसी को सख्त निर्देश दिया कि हर हाल में इस साल के अंतिम महीने तक निर्माण कार्य पूरा कर भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया जाए, ताकि मरीजों और अस्पताल कर्मियों को जल्द से जल्द आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके.
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ED के पूछताछ बुलाने पर हरीश रावत मामले पर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा

Dehradun, Uttarakhand:एंकर पूर्व सीएम हरीश रावत को ED द्वारा पूछताछ के लिए बुलाई जाने के मामले में कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है। ED दफ्तर के बाहर पहुंची कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि अब चुनाव नजदीक आ रहे हैं तो ईडी, सीबीआई का खेल खेला जा रहा है। 10 साल पुराने मामले में अब अचानक से छापेमारी हो रही है और पूर्व सीएम को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। जबकि इन मामलों में कभी किसी भी व्यक्ति पर आरोप नहीं थे और ना उनके खिलाफ कोई सबूत थे लेकिन फिर भी राजनीति के लिए यह सब किया जा रहा है।
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चक्रवात से सिद्धार्थनगर में मूसलाधार बारिश, प्रशासन अलर्ट मोड में

Naugarh, Uttar Pradesh:एंकर,, चक्रवात की वजह से दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिलाधिकारी से शरण अप्पा और पुलिस कप्तान अभिषेक महाजन ने सिद्धार्थ नगर जिले की राप्ती और बूढ़ी राप्ति नदी का संबंधित अधिकारियों के साथ जायजा लिया और बारिश की वजह से उत्पन्न होने वाली सभी खतरों को देखते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। आपको बताते चलें कि चक्रवात की वजह से पिछले दो दिनों से जिले और नेपाल के पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश की वजह से सिद्धार्थनगर जिले से रहने गुज़रने वाली ज्यादातर नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लगातार जलस्तर बढ़ने वाली नदियों में राप्ती, बूढ़ी राप्ति, कूड़ा, घोंघी नदी के अलावा नेपाल की नदियों से आने वाले तिलार नाला सड्डा और जमुना नाले शामिल है। हालांकि यह जलस्तर अबभी खतरे के निशान से करीब करीब 2 मीटर नीचे है। फिर भी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने की वजह से होने वाले सभी तरह के खतरों को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मौसम विभाग द्वारा चक्रवात की वजह से भारी बारिश वाले जिलों के रेड जोन में सिद्धार्थनगर को रखा गया है। जिसको देखते हुए आम लोगों के लिए भी प्रशासन एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग द्वारा जिले में जारी अलर्ट के बाद भारी बारिश के बीच नदियों और ग्रामीण क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे जिला अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछले दो दिनों से चक्रवात की वजह से जिले में भारी बारिश हो रही है यह बारिश अभी कल भी जारी रहेगी ऐसी चेतावनी जारी की गई है। जिसको देखते हुए आज उन्होंने पुलिस कप्तान अभिषेक महाजन के साथ जिले में से गुजरने वाली नदियों और संभावित बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया है। जिलाधिकारी ने कहा कि हर स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। संबंधित विभाग और पुलिस की टुकड़ियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पब्लिक के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है। की बहुत ही जरूरी काम है तभी वह घर से बाहर निकले और तटबंधों और नदियों के पास जाने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि अभी जिले में बाढ़ जैसी कोई भी स्थिति नहीं है। अगर ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो जिला प्रशासन इसको हैंडल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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ठाणे में सागरी भूमिपुत्र महासंघ की स्थापना, स्थानीय भूमिपुत्रों के विकास पर जोर

Thane, Maharashtra:भिवंडी - भूमिपुत्रांचा विकास झालाच नाही - खासदार बाळ्या मामांची खंत, सागरी भूमिपुत्र महासंघाची घोषणा... भिवंडीत खासदार सुरेश म्हात्रे उर्फ बाळ्या मामा यांनी पत्रकार परिषद घेत सागरी भूमिपुत्र महासंघाच्या स्थापनेची घोषणा केली आहे. भूमीचा विकास झाला, मात्र भूमिपुत्रांचा विकास झालाच नाही, अशी खंत यावेळी त्यांनी व्यक्त केली. खासदार सुरेश म्हात्रे यांनी पत्रकार परिषदेत सांगितले की, 29 सप्टेंबर रोजी ठाणे येथील गडकरी रंगायतनमध्ये सागरी भूमिपुत्र महासंघाची स्थापना होणार आहे. मुंबई, मुंबई उपनगर, ठाणे, पालघर आणि रायगड या पाच जिल्ह्यांमधील सर्व तालुक्यांमध्ये हा महासंघ काम करणार आहे. गावठाण विस्तार, कोळीवाडा लढा, विमानतळ नामविस्तार, मुंब्रा झोपडपट्टी असे अनेक प्रश्न आजही प्रलंबित आहेत. या सर्व प्रश्नांसाठी सर्व संघटना एकत्र येऊन हा महासंघ बनवण्यात आला आहे.Prezस्थापित आणि शासनाच्या प्रकल्पां mou Loksh Chaनयाय झाल्याचा आरोपही त्यांनी केला. मुंब्रा भागात रेती उद्योग बंद करून चौपाटी स्थापन केली, परंपरागत रेती व्यवसाय बंद झाल्याने स्थानिक भूमिपुत्रांचा रोजगार हिरावला गेल्याचे त्यांनी सांगितले. 29 सप्टेंबरला ठाण्यान् होणाऱ्या या कार्यक्रमाला सागरी भूमिपुत्रांनी मोठ्या संख्येने उपस्थित राहावे असे आवाहन खासदार म्हात्रे यांनी केले आहे. या उद्घाटन सोहळ्याला बालयोगी सदानंद महाराज आणि शरद पवार उपस्थित राहणार असून, पद्मश्री भिकल्या धिंडा यांना सागरी रत्न पुरस्काराने सन्मानित करण्यात येणार आहे.
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सरिता विहार के पास 8.5 एकड़ जमीन खाली कराने नोटिस पर धरना

New Delhi, Delhi:सरिता विहार के पास अली (aali) गांव में लगभग 8.5 एकड़ जमीन को खाली करने का नोटिस दिया जा चुका है कई सालों से मामला चलता आ रहा है कि यहां पर जो घर और कॉलिनियां है वह गलत तरीके से बसी हुई है और जिस जमीन पर यहां पर लोग बसे हुए हैं यह जमीन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की है जब यहां पर जमीन खाली करने के लिए नोटिस दिया गया था उसके बाद यहां के लोग कोर्ट गए थे और कोर्ट में भी उत्तर प्रदेश सरकार के पक्ष में फैसला सुना दिया गया है उसके बाद यहां के जिला प्रशासन द्वारा भी जो फोर्स के लिए प्रबंध करने को आदेश दे दिए थे कोर्ट ने और कि यहां से खाली कराया जाए यहां के रहने वाले स्थानीय लोगों को 25 तारीख तक का समय दिया गया था जगह खाली करने का और अब जो यहां के लोग हैं वह धरने पर बैठे हैं 8.5 एकड़ जमीन है जो सिंचाई विभाग के अंदर आती है जिसको खाली करवाना है जो लोग धरने पर बैठे उनका कहना है कि हमारी कितनी पीढ़ियां यहां पर रहती आ रहे हैं इससे पहले कभी हमसे खाली नहीं कराया गया हम बिजली पानी सब कुछ दिल्ली का इस्तेमाल करते हैं हमारे सारे बिल दिल्ली सरकार के आते हैं मी दिल्ली सरकार का है तो अब अचानक यह जमीन उत्तर प्रदेश सरकार की कैसे नोटिस दिखाते हुए वॉकथ्रू और साथ में जो लोग धरने पर बैठे हैं पुरुष और महिलाओं की बाइट
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कोसी बाढ़ से सहरसा में अलर्ट: सांसद पप्पू यादव का ग्रामीणों से हालचाल

Saharsa, Bihar:नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के बाद कोसी बराज से लागातार पानी छोड़ा जा रहा है. जिसका असर सहरसा में भी देखा जा रहा है, कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. इस बीच आज पूर्णिया सांसद पप्पू यादव सहरसा के नवहट्टा प्रखंड क्षेत्र का दौरा किया इस दौरान वो पूर्वी कोसी तटबंध का जायजा लेते हुए स्थानीय ग्रामीणों से उनका हाल जाना. वहीं सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में बाढ़ एक अभिशाप बन गया है लेकिन आजतक इसका स्थाई समाधान नही हो सका है, हर बार बाढ़ आती है और फिर उसके नाम पर रुपये की लूट होती है, लेकिन स्थाई समाधान नही होता है, हम इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे और बाढ़ के नाम पर रुपये लूटने वाले पर कार्रवाई की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि बिहार में सबसे पहले बाढ़ का स्थाई समाधान किया जाएगा लेकिन वो आजतक नही हो पाया. केंद्र सरकार को अन्य प्रदेशों के लिए पैसे हैं लेकिन बिहार में बाढ़ जैसी आपदा के पैसे नही हैं.
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केदारनाथ धाम पर कचरे का बढ़ता बोझ, पर्यावरण चिंताजनक बना

Routhiya, Uttarakhand:केदारनाथ धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के साथ कचरे की चुनौती भी लगातार बढ़ रही है। अप्रैल से अगस्त 2026 तक महज पांच महीनों में केदारनाथ धाम में 50.30 मीट्रिक टन कचरा एकत्र हुआ है। यह मात्रा पिछले साल पूरे यात्रा सीजन में एकत्र हुए कचरे से ढाई गुना से भी अधिक है। हिमालय के बेहद संवेदनशील और हाई एल्टीट्यूड क्षेत्र में कचरे की बढ़ती मात्रा ने पर्यावरण और उसके उचित निस्तारण को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि प्रशासन और नगर पंचायत की ओर से कचरा संग्रहण, परिवहन और निस्तारण के साथ श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं। तीर्थ पुरोहितों से लेकर यात्रियों तक हर कोई केदारनाथ को स्वच्छ रखने की अपील कर रहा है। केदारनाथ के वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी और केदार सभा के महामंत्री पंडित अंकित सेमवाल भी बढ़ते कचरे को लेकर चिंता जता रहे हैं। संतोष त्रिवेदी का कहना है कि जिस तेजी से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, उसी के साथ कचरे की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। उनका आग्रह है कि यात्री प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें और यदि प्लास्टिक या अन्य पैकेजिंग सामग्री साथ लेकर आते हैं तो उसे रास्ते में छोड़ने के बजाय अपने साथ गौरीकुंड तक वापस ले जाएं और निर्धारित स्थान पर जमा करें। वहीं पंडित अंकित सेमवाल का कहना है कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में बढ़ता प्लास्टिक प्रकृति के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने यात्रियों, स्थानीय लोगों और व्यापारियों से प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और पैदा हुए कचरे को वापस नीचे पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की है। केदारनाथ पहुंच रहे श्रद्धालु भी मानते हैं कि धाम की पवित्रता और प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। उत्तर प्रदेश से पहुंचे उज्जवल कटिहार का कहना है कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक यात्रा के दौरान जो भी खाद्य सामग्री या सामान इस्तेमाल किया जाए, उसका कचरा रास्ते में न छोड़ा जाए और डस्टबिन मिलने पर वहीं डाला जाए। वहीं मध्य प्रदेश के ताज वर्मा ने यात्रियों से प्लास्टिक की बोतल, रैपर और बैग अपने साथ नीचे ले जाने की अपील की। यात्रियों का कहना है कि बाबा केदार की भूमि को स्वच्छ रखना हर श्रद्धालु की जिम्मेदारी है और छोटी-सी सावधानी भी धाम को साफ रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। वहां के श्रद्धालुओं द्वारा कहा गया कि यात्रा के दौरान बढ़ते कचरे की चुनौती के बीच प्रशासन सक्रिय है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मुताबिक यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ कचरे की मात्रा में भी इजाफा हुआ है, इसलिए कचरे के संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन और निस्तारण की व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि यात्रा के दौरान पैदा होने वाला कचरा खुले में न जाए और उसे उचित तरीके से नीचे लाकर उसका निस्तारण किया जाए। साथ ही श्रद्धालुओं से भी अपील की जा रही है कि वे यात्रा के दौरान प्लास्टिक और अन्य कचरे को इधर-उधर न फेंकें और उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाने में सहयोग करें। नगर पंचायत केदारनाथ के अधिशासी अधिकारी नीरज कुकरेती के मुताबिक इस वर्ष यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ कचरे की मात्रा में भी निश्चित रूप से बढ़ोतरी हुई है। पर्यावरण मित्रों के माध्यम से पूरे नगर क्षेत्र में कूड़ा संग्रहण, परिवहन और निस्तारण का काम लगातार किया जा रहा है। नगर पंचायत का उद्देश्य क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले प्रत्येक किलोग्राम कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में हेली हिमालय फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से ‘कैरी मी बैग’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे छोटे बैग में अपना कचरा साथ लेकर गौरीकुंड जाएं और वहां निर्धारित स्थान पर जमा करें। नगर पंचायत के अनुसार अब तक चार हजार से अधिक श्रद्धालु इस अभियान में भाग ले चुके हैं और श्रद्धालुओं के सहयोग से करीब 12 टन कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। केदारनाथ में अप्रैल से अगस्त तक 50.30 मीट्रिक टन कचरे का आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि यात्रा बढ़ने के साथ कचरा प्रबंधन की चुनौती भी कितनी बड़ी हो रही है। एक तरफ प्रशासन और नगर पंचायत संग्रहण से लेकर परिवहन और निस्तारण तक की व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ ‘कैरी मी बैग’ जैसे अभियानों के जरिए श्रद्धालुओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। चार हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं की भागीदारी और करीब 12 टन कचरे का नीचे पहुंचना यह दिखाता है कि जिम्मेदारी के साथ उठाया गया छोटा कदम भी बड़ा बदलाव ला सकता है। क्योंकि केदारनाथ सिर्फ आस्था का धाम नहीं, बल्कि संवेदनशील हिमालय की गोद में बसा एक अनमोल प्राकृतिक क्षेत्र भी है जिसे स्वच्छ और सुरक्षित रखना प्रशासन के साथ हर श्रद्धालु, व्यापारी और स्थानीय व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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पिथौरागढ़-टनकपुर ऑल वेदर रोड दो दिन से बंद: बारिश से बोल्डर गिरते रहे

Pithoragarh, Uttarakhand:पिथौरागढ़ में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, मुन्ना बैंड पर दो दिन से बंद पिथौरागढ़-टनकपुर ऑल वेदर रोड पिथौरागढ़ जनपद में लगातार हो रही बारिश के चलते जनपद को जोड़ने वाली कई सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं पिथौरागढ़-टनकपुर ऑल वेदर रोड पर घाट से आगे मुन्ना बैंड के पास लगातार पहाड़ी से बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण सड़क पिछले करीब दो दिनों से बंद पड़ी है。 सड़क बंद होने के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है और मौके पर 100 से अधिक वाहन फंसे हुए बताए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से सड़क खोलने के लिए मौके पर जेसीबी और पोकलेन मशीनें तैनात की गई हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डर के कारण रेस्क्यू और सड़क खोलने का काम शुरू करने में भी खतरा बना हुआ है。 स्थिति का जायजा लेने अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ग्राउंड जीरो पर मुन्ना बैंड पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और एनएच अधिकारियों को सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए सुचारु करने के निर्देश दिए。 एडीएम ने अधिकारियों से कहा कि यह मार्ग पिथौरागढ़ की लाइफलाइन माना जाता है। इसी मार्ग से होकर लोग टनकपुर, देहरादून और प्रदेश के अन्य हिस्सों तक आवाजाही करते हैं। कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़क बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है。 उन्होंने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से पहले ऐसे संवेदनशील और डेंजर जोन चिन्हित कर उनका ट्रीटमेंट कराया जाना चाहिए, ताकि बारिश के दौरान बार-बार सड़क बंद होने की समस्या से बचा जा सके। एनएच अधिकारियों ने भी भविष्य में मानसून से पहले संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा और ट्रीटमेंट कार्य कराने का आश्वासन दिया。 वहीं एडीएम ने मौके पर फंसे लोगों से भी बातचीत की और उनसे अपील की कि पहाड़ों में लगातार बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें। केवल बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें, क्योंकि बारिश के दौरान पहाड़ियों से बोल्डर गिरने का खतरा लगातार बना रहता है। उन्होंने वाहन चालकों से विशेष रूप से अपील की कि जब तक ऊपर से बोल्डर गिरने का सिलसिला पूरी तरह नहीं रुक जाता, तब तक मुन्ना बैंड से वाहनों को जबरन पास करने का प्रयास न करें। जल्दबाजी में सड़क पार करने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन और एनएच अधिकारियों को सड़क को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से खोलने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बंद पड़े इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारु की जा सके。
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दिल्ली में रामलीला से दुर्गा-छठ तक तीन समितियाँ बनीं; सुविधाओं पर सरकार की निगरानी

New Delhi, Delhi:दिल्ली में रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा की तैयारियों के लिए 3 विशेष समितियां गठित सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर तीनों पर्वों की तैयारियों की निगरानी के लिए समितियां गठित मंत्रियों, विधायकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को समितियों में दी गई जिम्मेदारी रामलीला समिति की अध्यक्षता मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह करेंगे दुर्गा पूजा और छठ पूजा समितियों की कमान मंत्री कपिल मिश्रा को समितियां आयोजन स्थलों का करेंगी निरीक्षण और व्यवस्थाओं को देंगी अंतिम रूप सिंगल विंडो सिस्टम के तहत आयोजकों को जरूरी NOC दिलाने की जिम्मेदारी पानी, बिजली, चिकित्सा, एंबुलेंस, अग्निशमन और मोबाइल टॉयलेट की होगी व्यवस्था सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सफाई और फॉगिंग की भी निगरानी करेंगी समितियां दुर्गा पूजा में मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम/अस्थायी तालाब या टैंक की व्यवस्था होगी विसर्जन के बाद अवशेषों की सफाई सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर सीएम रेखा गुप्ता बोलीं— आस्था के साथ व्यवस्था और सुविधा का भी पूरा ध्यान रखेगी सरकार
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