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Navneet AgarwalNavneet AgarwalFollow28 Nov 2024, 04:01 pm

मेरठः वैंक्टेश्वरा यूनिवर्सिटी में “मीडिया संवाद- 2024” का आयोजन, दो सौ से अधिक मीडियाकर्मी सम्मानित

Gajraula, Uttar Pradesh:

बृहस्पतिवार को श्री वैंकटेश्वरा संस्थान के टैगोर भवन में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता मकड़जाल एवं मीडिया पर इसका प्रभाव” विषय पर आयोजित मीडिया संवाद -2024 का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एडीजी. मेरठ जोन ध्रुवकांत ठाकुर, संस्थापक अध्यक्ष डाक्टर सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डाक्टर राजीव त्यागी, यूपी एसो​सिएशन ऑफ जर्नलिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश ठाकुर, परिसर निदेशक डाक्टर प्रताप, विख्यात कवियित्री अनामिका जैन अम्बर, सौरभ जैन आदि ने सरस्वती मां की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया।

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जहानाबाद में सूने मकान से लाखों के सामान की चोरी, पुलिस जांच तेज

Jehanabad, Bihar:जहानाबाद में बेखौफ चोरों ने पीडीएस दुकानदार के एक बंद पड़े मकान को अपना निशाना बनाते हुए सोने-चांदी के जेवरात, नगदी, कपड़े, बर्तन और अनाज समेत लाखो रुपये के सामान की चोरी कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना नगर थाना क्षेत्र के विष्णुगंज मोहल्ले की है। पीड़ित मकान मालिक पंकज कुमार ने बताया कि भाइयों के बीच आपसी बंटवारे के कारण यह पुराना मकान नियमित रूप से आबाद नहीं था। परिवार के लोग पास के ही किराए के मकान में रहता है और जरूरत पड़ने पर सुबह-शाम इस मकान में आना-जाना होता था। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर चोरों ने ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया। घर में रखे सारे कीमती सामान, आभूषण सहित करीब 15 बोरे चावल, गेहूं की चोरी कर ली। वही गृहस्वामी की पत्नी सुनीता कुमारी ने बताया कि जब घर पहुंचीं, तब ताले टूटे और सामान बिखरा देख घटना का पता चला। चोरों ने सोने-चांदी के जेवरात और नकद राशि, बर्तन, कपड़े और घर में रखा चावल और गेहूं समेत 10 से 15 लाख रुपये की संपत्ति की चोरी कर ली। इधर घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी उमेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से चोरों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। आसपास के निवासियों से पूछताछ कर संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाने में जुटी है。
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लखनऊ: सद्भावना एक्सप्रेस की दिव्यांग बोगी से 11 बोरे चाइनीज लहसुन पकड़े गए

Noida, Uttar Pradesh:सद्भावना एक्सप्रेस के दिव्यांग बोगी से कस्टम लखनऊ डिवीजन ने जब्त किया 11 बोरे , चाइनीज लहसुन चारबाग बड़ी लाइन पर तस्करी की नकेल कसते हुए, सटीक सूचना पर, कस्टम मंडल लखनऊ ने रक्सौल से आनंद विहार जा रही 14015 सद्भावना एक्सप्रेस की दिव्यांग बोगी के शौचालय से जब्त किया गया 11 बोरे तस्करी कर नेपाल से लाया गया चाइनीज लहसुन। इस मॉल की कीमत ब्लैक मार्केट में 3 लाख से ऊपर की है l उक्त कारवाही में RPF लखनऊ चारबाग की टीम ने सहयोग किया मॉल नेपाल के रास्ते स्मगलिंग कर के रक्सौल बॉर्डर पार कर करा कर भारत पहुंचा । छोटे कंसाइनमेंट में ये मॉल , दिल्ली पहुंचाया जा रहा था l चीनी लहसुन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और सफेद दिखाने के लिए मिथाइल ब्रोमाइड (Methyl Bromide) जैसे खतरनाक फंगसरोधी रसायनों और क्लोरीन का उपयोग किया जाता है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह हैं। भारत सरकार ने सबसे पहले सितंबर 2005 में इसमें खतरनाक फंगस (जैसे एम्बेलिसिया अल्ली और यूरोसिस्टिस सेपुले) पाए जाने के बाद इसके आयात पर रोक लगाई थी
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छह दशक बाद किशाऊ जल समझौता सुलझा, राजस्थान को पानी का बड़ा लाभ

Jaipur, Rajasthan:मोदी है मुमकिन है! 6 दशक पुराना किशाऊ जल विवाद सुलझा, राजस्थान को फायदा पहुंचाने वाले चौथे जल विवाद पर विराम जयपुर- केंद्र सरकार ने एक बार फिर से पुराना जल समझौता सुलझा दिया है. 6 राज्यों के बीच दशकों पुराना किशाऊ जल विवाद आज सुलझ गया. केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद 6 राज्यों के बीच MOУ हुआ, जिसमें पावर और पानी के हिस्से को लेकर समझौता किया गया. लेकिन राजस्थान को पेयजल और सिंचाई के लिए इस प्रोजेक्ट का फायदा होगा.. आख़िरकार किशाऊ जल समझौते से राजस्थान को कैसे लाभ मिलेगा..देखिए इस खास रिपोर्ट में! चौथा जल विवाद सुलझा- पहले 17 साल पुराना ERCP विवाद... फिर 32 साल पुराना यमुना जल विवाद, उसके बाद 47 साल पुराना नर्मदा जल विवाद और अब 6 दशक पुराना किशाऊ विवाद पूरी तरह से सुलझ गया है. केंद्र सरकार के दखल के बाद राज्यों के बीच जल समझौते का विवाद लगातार सुलझता जा रहा है. आज केंद्र और 6 राज्यों के बीच दिल्ली में किशाऊ जल समझौते का MOУ हुआ. 15,000 करोड़ की इस परियोजना में राजस्थान को 130 MCM पानी मिल पाएगा. राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिले को पानी मिलेगा. राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा के यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हिमाचल और हरियाणा के सीएम की मौजूदगी में MOУ पर हस्ताक्षर हुए. बताया जा रहा है कि राजस्थान और दिल्ली को हिमाचल के हिस्से का पानी मिलेगा. इसके बदले में दिल्ली और राजस्थान की सरकारें हिमाचल प्रदेश के बिजली प्रोजेक्ट की लागत में अपनी वित्तीय हिस्सेदारी देंगी. इस प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार 90 फीसदी खुद वहन करेगी, जबकि 10 प्रतिशत राशि राज्यों को वहन करनी होगी. राजस्थान में पेयजल और सिंचाई के लिए 5 बैराज बनेंगे. जिसे हथिनी कुंड से जोडा जाएगा. इसकी लागत करीब 800 करोड़ होगी. इस प्रोजेक्ट से राजस्थान के शेखावाटी के 3 जिलों में पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म होगी. सीएम बोले- मोदी है तो मुमकिन है- MOУ होने के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दशकों पुरानी अटकी परियोजनाओं का विवाद सुलझ रहा है. राजस्थान का सौभाग्य है कि पानी को लेकर प्रदेश में कितनी बड़ी समस्या है. लेकिन पीएम ने ERCP परियोजना, यमुना समझौता, नर्मदा समझौता या फिर किशाऊ समझौता सुलझ गया. दशकों तक जो सरकारे सोचना भी नहीं चाहती थी, वो विवाद आज सुलझ गया है. इसके लिए पीएम को धन्यवाद. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में यह MOУ हुआ. सभी राज्यों का आभार. किशाऊ बांध परियोजना क्या है- यह परियोजना उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर की सीमा पर टोंस नदी पर स्थित है. इसका मुख्य उद्देश्य बिजली उत्पादन, सिंचाई और पीने के पानी की आपूर्ति करना है. इससे करीब 660 मेगावाट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा. लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस लंबे समय से लंबित प्रोजेक्ट 6 राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है. इन राज्यों को इस प्रोजेक्ट का लाभ मिलेगा. केंद्र सरकार इस परियोजना के जल घटक का 90% खर्च उठाएगी. परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण, पीयजल आपूर्ति, सिंचाई और बिजली उत्पादन जैसे बहुउद्देशीय लाभ सुनिश्चित करना है. पानी के अलावा यमुना की सफाई करने में भी मदद मिलेगी. इससे मानसून के दौरान बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी. गर्मी के मौसम में टोंस और आगे चलकर यमुना नदी में निरंतर जल प्रवाह बनाए रखा जा सकेगा. किशाऊ परियोजना स्थापित करने की योजना करीब छह दशक पहले बनी. परियोजना को लेकर शुरुआती स्तर पर स्थल, भूगर्भीय परिस्थितियों और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन हुआ. इसके बाद डीपीआर, लागत, जल बंटवारे और छह राज्यों की वित्तीय हिस्सेदारी जैसे मुद्दे सामने आते गए. परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा भी मिला, लेकिन अंतरराज्यीय सहमति का पेंच नहीं सुलझ पाया. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ने आगे बढ़कर संयुक्त उपक्रम बनाया, मगर परियोजना को वास्तविक गतिवानी के लिए छह राज्यों के बीच व्यापक सहमति जरूरी थी. राजस्थान के ये जल समझौते सुलझे- ERCP जल विवाद- राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच 17 साल पुराना ERCP समझौता सुलझा था. प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. ERCP में 9400 करोड़ के 3 पैकेज का काम चल रहे हैं. इस प्रोजेक्ट से पूर्वी राजस्थान 17 जिलों में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. पूर्वी राजस्थान के 3.50 करोड़ लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा. भूजल स्तर सुधरेगा. राजस्थान में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा यमुना जल विवाद- हरियाणा और राजस्थान के बीच 32 साल पुरान यमुना जल समझौता सुलझा. जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, सीकर, झुंझुनूं जिलों के कस्बों और गांवों को 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा. प्रोजेक्ट की लागत 33,379 करोड़ रुपए है. इसमें से 3900 करोड़ रुपए भू अवाप्ति पर खर्च होंगे. 3.6 डाया मीटर की तीन पाइपलाइन डाली जाएगी. नर्मदा जल विवाद- 47 साल पुराना राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच जल समझौता सुलझा. इससे राजस्थान के सुखाग्रस्त जिले जालोर, सांचौर, बाड़मेर और सिरोही को पानी मिल पाएगा. नर्मदा जल विवाद की शुरुआत 1969 में हुई थी, जिसके समाधान के लिए केंद्र सरकार ने नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया था 1979 में पानी का बंटवारा तय होने के बावजूद परियोजना की लागत, पुनर्वास और अन्य वित्तीय दावों को लेकर विवाद जारी रहा था. अब चौथा किशाऊ जल विवाद सुलझ गया है. नोट-इस खबर की फीड दिल्ली से आएगी, बांधों के शॉट्स, शेखावाटी के शॉट्स के साथ खबर को चलाए।
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मोदी है तो मुमकिन: किशाऊ जल विवाद सुलझा, राजस्थान को मिलेगा बड़ा लाभ

Jaipur, Rajasthan:मोदी है मुमकिन है! 6 दशक पुराना किशाऊ जल विवाद सुलझा, राजस्थान को फायदा पहुंचाने वाले चौथे जल विवाद पर विराम आशीष चौहान, जयपुर-केंद्र सरकार ने एक बार फिर से पुराना जल समझौता सुलझा दिया है.6 राज्यों के बीच दशकों पुराना किशाऊ जल विवाद आज सुलझ गया.केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद 6 राज्यों के बीच एमओयू हुआ, जिसमें पावर और पानी के हिस्से को लेकर समझौता किया गया. लेकिन राजस्थान को पेयजल और सिंचाई के लिए इस प्रोजेक्ट का फायदा होगा. चौथा जल विवाद सुलझा- पहले 17 साल पुराना ERCP विवाद... फिर 32 साल पुराना यमुना जल विवाद, उसके बाद 47 साल पुराना नर्मदा जल विवाद और अब 6 दशक पुराना किशाऊ विवाद पूरी तरह से सुलझ गया है. केंद्र सरकार के दखल के बाद राज्यों के बीच जल समझौते का विवाद लगातार सुलझता जा रहा है. आज केंद्र और 6 राज्यों के बीच दिल्ली में किशाऊ जल समझौते का एमओयू हुआ.15,000 करोड़ की इस परियोजना में राजस्थान को 130 MCM पानी मिल पाएगा.राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिले को पानी मिलेगा.राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा के यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हिमाचल और हरियाणा के सीएम की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए. कहा जा रहा है कि राजस्थान और दिल्ली को हिमाचल के हिस्से का पानी मिलेगा. इसके बदले में दिल्ली और राजस्थान की सरकारें हिमाचल प्रदेश के बिजली प्रोजेक्ट की लागत में अपनी वित्तीय हिस्सेदारी देंगी. इस प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार 90 फीसदी खुद वहन करेगी, जबकि 10 प्रतिशत राशि राज्यों को वहन करनी होगी. राजस्थान में पेयजल और सिंचाई के लिए 5 बैराज बनेंगे. जिसके हथिनी कुंड से जोड़ा जाएगा. इसकी लागत करीब 800 करोड़ होगी. इस प्रोजेक्ट से राजस्थान के शेखावाटी के 3 जिलों में पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म होगी. सीएम बोले-मोदी है तो मुमकिन है- एमओयू होने के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार दशकों पुरानी अटकी परियोजनाओं का विवाद सुलझ रहा है. राजस्थान का सौभाग्य है कि पानी को लेकर प्रदेश में कितनी बड़ी समस्या है. लेकिन पीएम ने ईआरसीपी परियोजना, यमुना समझौता, नर्मदा समझौता या फिर किशाऊ समझौता सुलझ गया. दशकों तक जो सरकारे सोचना भी नहीं चाहती थी, वो विवाद आज सुलझ गया है. इतिहासिक कार्य हुआ है, इसके लिए पीएम को धन्यवाद. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में यह एमओयू हुआ. सभी राज्यों का आभार. किशाऊ बांध परियोजना क्या है- यह परियोजना उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर की सीमा पर टोंस नदी पर स्थित है. इसका मुख्य उद्देश्य बिजली उत्पादन, सिंचाई और पीने के पानी की आपूर्ति करना है. इससे करीब 660 मेगावाट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा. लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस लंबे समय से लंबित प्रोजेक्ट 6 राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है. इन राज्यों को इस प्रोजेक्ट का लाभ मिलेगा. केंद्र सरकार इस परियोजना के जल घटक का 90% खर्च उठाएगी. परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण, पीयजल आपूर्ति, सिंचाई और बिजली उत्पादन जैसे बहुउद्देशीय लाभ सुनिश्चित करना है. पानी के अलावा यमुना की सफाई करने में भी मदद मिलेगी. इससे मानसून के दौरान बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी. गर्मी के मौसम में टोंस और आगे चलकर यमुना नदी में निरंतर जल प्रवाह बनाए रखा जा सकेगा. 6 दशक से क्यों अटका किशाऊ? किशाऊ परियोजना स्थापित करने की योजना करीब छह दशक पहले बनी. परियोजना को लेकर शुरुआती स्तर पर स्थल, भूगर्भीय परिस्थितियों और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन हुआ. इसके बाद डीपीआर, लागत, जल बंटवारे और छह राज्यों की वित्तीय हिस्सेदारी जैसे मुद्दे सामने आते गए. परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा भी मिला, लेकिन अंतरराज्यीय सहमति का पेंच नहीं सुलझ पाया. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ने आगे बढ़कर संयुक्त उपक्रम बनाया, मगर परियोजना को वास्तविक गति देने के लिए छह राज्यों के बीच व्यापक सहमति जरूरी थी. राजस्थान के ये जल समझौते सुलझे- 1. ERCP जल विवाद - राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच 17 साल पुराना ERCP समझौता सुलझा था. प्रदेश में इस प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. ERCP में 9400 करोड़ के 3 पैकेज का काम चल रहे हैं. इस प्रोजेक्ट से पूर्वी राजस्थान 17 जिलों में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. पूर्वी राजस्थान के 3.50 करोड़ लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा. भूजल स्तर सुधरेगा. राजस्थान में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा 2. यमुना जल विवाद - हरियाणा और राजस्थान के बीच 32 साल पुरान यमुना जल समझौता सुलझा. जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, सीकर, झुंझुनूं जिलों के कस्बों और गांवों को 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा. प्रोजेक्ट की लागत 33,379 करोड़ रुपए है. इसमें से 3900 करोड़ रुपए भू अवाप्ति पर खर्च होंगे.3.6 डाया मीटर की तीन पाइपलाइन डाली जाएगी. 3. नर्मदा जल विवाद- 47 साल पुराना राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच जल समझौता सुलझा. इस समझौते से राजस्थान के सुखाग्रस्त जिले जालोर, सांचौर, बाड़मेर और सिरोही को पानी मिल पाएगा. नर्मदा जल विवाद की शुरुआत 1969 में हुई थी, जिसके समाधान के लिए केंद्र सरकार ने नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया था 1979 में पानी का बंटवारा तय होने के बावजूद परियोजना की लागत, पुनर्वास और अन्य वित्तीय दावों को लेकर विवाद जारी रहा था. अब चौथा किशाऊ जल विवाद सुलझ गया है.
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गंगरार के सरकारी विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर, 1098 हेल्पलाइन की जानकारी

Begun, Rajasthan:#गंगरार, चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर ‘ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूजडे’ अभियान के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित हुआ। तालुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं सिविल न्यायाधीश खुशबू परिहार ने छात्र-छात्राओं को अजनबियों से सावधान रहने और स्वयं की सुरक्षा के उपाय बताए। बाल अपहरण, यौन शोषण, बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसी घटनाओं से बचाव को लेकर जागरूक किया गया। साथ ही बच्चों को मुसीबत के समय 1098 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी गई। शिविर में शिक्षक, पीएलवी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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चित्तौड़गढ़ के विद्यालय में सरस्वती मंदिर निर्माण का भूमि पूजन

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार क्षेत्र के एरा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में सरस्वती माता मंदिर निर्माण की पहल की गई। मंदिर निर्माण को लेकर विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान ग्रामवासी और विद्यालय का समस्त शिक्षक स्टाफ मौजूद रहा। भूमि पूजन के दौरान मां सरस्वती से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, ज्ञान और विवेक की कामना की गई। विद्यालय परिसर में मंदिर निर्माण की पहल को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह नजर आया। ग्रामीणों ने इसे शिक्षा के साथ संस्कारों को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम बताया।
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वार्ड 57 के परिणाम पर उठे सवाल, पुनर्मतगणना की मांग के साथ हंगामा

Hanumangarh, Rajasthan:वार्ड 57 के चुनावी नतीजे पर उठे सवाल, भाजपा प्रत्याशी ने की पुनर्मतगणना की मांग, डाक मतपत्र और ईवीएम की गणना में गड़बड़ी का आरोप हनुमानगढ़ नगर परिषद चुनाव में वार्ड नंबर 57 से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी ने उनके वार्ड के डाक मतपत्रों और ईवीएम में पड़े मतों की गणना सही तरीके से नहीं करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को वार्डवासियों ने प्रत्याशी वन्दना गौतम और उनके पति विकास शर्मा के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर मतगणना में अनियमितता और महिला प्रत्याशी के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी व पथराव के मामलों में कार्रवाई की मांग की। वार्ड नंबर 57 से भाजपा प्रत्याशी रही वन्दना गौतम ने आरोप लगाया कि भाग संख्या 1 व 2 में डाक मतपत्रों और ईवीएम में पड़े मतों की गणना सही तरीके से नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि मतगणना के बाद निर्वाचक अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर भी नहीं करवाए गए। रिकाउंटिंग की अपील किए जाने के बावजूद दोबारा मतगणना नहीं करवाई गई। उन्होंने मामले की जांच करवाकर मतों की पुनर्गणना कराने की मांग की। वहीं पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में वन्दना गौतम ने आरोप लगाया कि लोगों ने उनकी कार रुकवाकर उनके साथ मौजूद महिलाओं से अभद्र व्यवहार और गाली-गलौच की। कार पर पत्थर व डंडे मारे गए तथा कार के शीशे पर मुक्का मारा गया। अपहरण और जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने स्वयं, अपने पति और परिवार को जान-माल का खतरा बताते हुए नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की。
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गंगरार में जर्जर 33 केवी लाइन से गौवंश-आमजन खतरे, बदली जाए लाइन

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार में पवनसुत गोपाल गौशाला मार्ग पर जर्जर 33 केवी बिजली लाइन को लेकर गौशाला कार्यकारिणी और गौभक्तों ने उपखंड अधिकारी नेहा मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि सबरी आश्रम जलकी खेड़ा से पवनसुत गोपाल गौशाला तक जाने वाली 33 केवी लाइन के तार और खंभे लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। कई स्थानों पर बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं, जिससे गौवंश, गौभक्तों और आमजन के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। गौभक्तों ने प्रशासन से जर्जर तार और खंभे जल्द बदलवाने तथा लाइन को सुरक्षित ऊंचाई पर करवाने की मांग की है।
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चित्तौड़गढ़ में अवैध चंदन तस्करी पर बड़ी कार्रवाई; 211.82 किग्रा चंदन बरामद, दो गिरफ्तार

Begun, Rajasthan:बड़ीसादड़ी, चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ीसादड़ी थाना पुलिस ने अवैध चंदन तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 211 किलो 820 ग्राम अवैध चंदन की लकड़ी बरामद की है। पुलिस ने चंदन की लकड़ी से भरी क्रेटा कार को जब्त करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गश्त के दौरान घंटाघर की तरफ से आई संदिग्ध क्रेटा कार को रजवाड़ी होटल के पास रुकवाया गया। तलाशी लेने पर कार के अंदर बोरों में अवैध चंदन की लकड़ी मिली। पुलिस ने मूनव्वर हुसैन मन्सुरी और परवेज रज्जा पिन्जारा को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। दोनों से चंदन तस्करी से जुड़े नेटवर्क को लेकर पूछताछ और अनुसंधान जारी है。
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खोखर गांव में जमीन विवाद पर पिता ने बेटे को गोली मारी, सनसनी

Sirsa, Haryana:एंकर रीड कालांवाली के गांव खोखर में जमीनी विवाद को लेकर एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोप है कि पिता ने अपने साथियों के साथ मिलकर घर में घुसकर अपने ही पुत्र को गोलियां मार दीं। गोली लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान जसवंत सिंह पुत्र जलविंदर सिंह निवासी गांव खोखर के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और परिजनों में मातम का माहौल है। सूचना मिलने के बाद कालांवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक की पत्नी जश्नदीप कौर के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वोल 1 मृतक की पत्नी जश्नदीप कौर ने बताया कि उसके ससुर जलविंदर सिंह और उसके बहनोई गुरजंट सिंह निवासी कमालू, पंजाब सहित 2 से 3 अन्य लोग घर में घुसे और जसवंत सिंह पर गोलियां चला दीं। गोली लगने से जसवंत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। जश्नदीप कौर ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जब तक उसके पति की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वह अपने पति का पोस्टमार्टम नहीं करवाएगी और न ही अंतिम संस्कार करेगी。 वोल 2 वहीं, पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस वारदात के पीछे रहे जमीनी विवाद समेत अन्य कारणों की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस वारदात के बाद गांव खोखर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। परिवार की ओर से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करती है और जांच में इस गोलीकांड से जुड़े और क्या तथ्य सामने आते हैं।
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नीमच के स्कूल प्रिंसिपल पर नाबालिग के साथ मारपीट का मामला सामने

Neemuch, Madhya Pradesh:नीमच के स्कीम नंबर 36 स्थित संस्कार पब्लिक स्कूल से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां अनुशासन के नाम पर स्कूल के प्रिंसिपल विष्णु पंवार ने हदें पार करते हुए आठवी कक्षा के एक नाबालिग छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना 12 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे की है, जिसका सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रिंसिपल क्लासरूम में दाखिल होते हैं, मासूम छात्र को कॉलर से पकड़कर पूरी ताकत से फर्श पर पटक देते हैं और जमीन पर गिरे बच्चे पर लात-घूंसों की बरसात कर देते हैं, जिससे क्लास में मौजूद अन्य सहपाठी भी सहम गए। पीड़ित छात्र की मां की शिकायत पर नीमच कैंट थाने में आरोपी प्रिंसिपल विष्णु पंवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115/2, 351/3 धारा 82 के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रिंसिपल विष्णु पंवार ने अपनी सफाई में कहा कि छात्र की हरकतों और लगातार शिकायतों से वे और स्कूल के सभी शिक्षक बेहद परेशान हो चुके थे, क्योंकि इस छात्र द्वारा अन्य बच्चों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने की कई शिकायतें पहले भी लिखित रूप में अभिभावकों को दी गई थीं। उन्होंने दावा किया कि घटना वाले दिन भी उसने एक अन्य छात्र के साथ बदसलूकी की थी, जिसके बाद गुस्से में नियंत्रण खोने के कारण यह स्थिति बनी। प्रिंसिपल का यह भी कहना है कि बच्चे की गलत हरकतों के चलते कई बार माता-पिता से बात की जा चुकी थी, लेकिन सुधार न होने पर यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी。
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धनबाद वासेपुर: बंटी खान ने प्रिंस खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद पुलिस वासेपुर फरार अपराधी प्रिंस खान के खिलाफ शिकंजा लगातार कस रही है। प्रिंस खान के दर्जनों गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भेज दी है। तो कई हाफ एनकाउंटर कर अपना सख्त रुख भी दिखा चुकी है। प्रिंस खान के बड़े भाई बंटी खान को स्पेशल गठित टीम ने कोलकाता से गिरफ्तार करने के बाद सोमवार को धनबाद लेकर आई थी। जाली पासपोर्ट के आधार पर देश से फरार होने के फिराक में बंटी खान था। प्रिंस खान के आपराधिक करतूतों में बंटी खान की संलिप्तता होने के साक्ष्य पुलिस के पास है। दर्जनों अपराधिक हत्या, रंगदारी जैसे मामले दर्ज है। वही इन सब के बीच बंटी खान ने अपने अपराधी भाई प्रिंस खान के खिलाफ में बड़ा बयान दिया है। गिरफ्तारी के बाद बंटी खान ने पुलिस के सामने अपने भाई प्रिंस खान को लेकर कई बातें कही। बंटी ने कहा कि प्रिंस खान अपना परिवार लेकर भाग गया और यहां हम लोगों को परेशान होने के लिए छोड़ दिया है। इतना ही नहीं, बंटी खान ने प्रिंस खान को धनबाद लौटकर कानून का सामना करने की चुनौती दी है। वहीं पुलिस से प्रिंस खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए बंटी ने उसके एनकाउंटर तक की बात कही है। धनबाद वासेपुर भगौड़ा अपराधी प्रिंस खान के भाई बंटी खान की गिरफ्तारी के बाद अब उसका एक बयान सुर्खियों में है। कोलकाता से गिरफ्तार किए गए बंटी खान ने पुलिस के सामने अपने भाई प्रिंस खान को लेकर कई बातें कही। बंटी खान ने कहा कि प्रिंस खान अपना परिवार लेकर भाग गया और यहां हम लोगों को परेशान होने के लिए छोड़ दिया है। बंटी ने आगे कहा कि अगर प्रिंस खान में हिम्मत है और वह इतना बड़ा गैंगस्टर बनता है, तो धनबाद लौटकर कानून का सामना करे। बंटी खान ने पुलिस से प्रिंस खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की... और कहा कि पुलिस उसका एनकाउंटर कर दे... इसके बाद वे लोग उसकी मिट्टी में भी नहीं जाएंगे।
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