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जमशेदपुर में भारी जलजमाव: घर-घर पानी, राहत अभियान सवालों के घेरे में

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर पूरे कोल्हान क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जमशेदपुर की जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार सुबह से जारी तेज बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों, गलियों और आवासीय परिसरों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातर बारिश के कारण सोनारी, आदर्शनगर, बर्मामाइंस, मानगो, बारिडीह, काशीडीह समेत कई क्षेत्रों के घरों में पानी घुस गया है। कई स्थानों पर नालियों का पानी भी घरों में प्रवेश कर गया, जिससे लोगों की दैनिक जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है। प्रभावित परिवारों को घर छोड़कर ऊपरी मंजिलों या सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सोनारी के आदर्शनगर अपार्टमेंट में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है। यहां एक मंजिल तक बारिश और नल का पानी भर जाने से दर्जनों वाहन पानी में डूब गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग 50 से 60 वाहन जलमग्न हो चुके हैं। कई परिवारों को अपने सामान को बचाने के लिए रातभर मशक्कत करनी पड़ी और उन्हें दूसरी तथा तीसरी मंजिल पर शरण लेनी पड़ी। लगातार हो रही बारिश का असर शहर की दोनों प्रमुख नदियों स्वर्णरेखा और खरकई पर भी दिखाई दे रहा है। जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण दोनों नदियां खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बारिश और जलजमाव के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे, अस्पताल जाने वाले मरीज तथा कार्यालय जाने वाले कर्मचारी अपने-अपने घरों में फंसे हुए हैं। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात भी प्रभावित हुआ है। घरों में पानी घुसने से फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है, जिससे लोगों को लाखों रुपये की क्षति होने का अनुमान है। स्थानीय लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है। फिलहाल लगातार हो रही बारिश के बीच लोग हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
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मुंबई में गणपति विसर्जन के लिए सुरक्षा चाक-चौबंद, 22 हजार से अधिक पुलिस तैनात

Mumbai, Maharashtra:मुंबई में आज गणपति बप्पा को विदाई देने का सिलसिला जारी है…अनंत चतुर्दशी के मौके पर बड़ी-बड़ी गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो चुका है और गिरगांव चौपाटी पर भक्तों की भारी भीड़ नजर आ रही है। बप्पा की विदाई के वक्त भक्तों की आंखों में भावुकता है… कोई बप्पा के जाने का दुख जता रहा है, तो कोई अगले साल उनके फिर से आने की खुशी में नजर आ रहा है…गिरगांव चौपाटी पर बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी है। मुंबई पुलिस के मुताबिक विसर्जन के दौरान 22 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें 3,213 अधिकारी, 18,940 कांस्टेबल और 1,050 पुलिस प्रशिक्षु शामिल हैं। इसके अलावा करीब  ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे हैं। शहरभर में करीब 10 हजार CCTV कैमरों, AI आधारित निगरानी और ड्रोन के जरिए भीड़ पर नजर रखी जा रही है। गिरगांव चौपाटी पर भक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस कंट्रोल रूम, बैरिकेडिंग, सुरक्षा नौकाएं और समुद्र में विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे में बप्पा की विदाई के इस भावुक मौके पर गिरगांव चौपाटी का माहौल कैसा है… भक्त क्या कह रहे हैं… और बड़ी मूर्तियों के विसर्जन को लेकर प्रशासन की क्या तैयारी है…
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योगापट्टी में अवैध नर्सिंग होमों पर छापेमारी, नवजात बेतिया GMCH भेजे गए

Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहां अवैध नर्सिंग होम और जांच घरों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है। योगापट्टी में आज एक अवैध नर्सिंग होम को स्वास्थ्य विभाग ने सील किया है। अवैध नर्सिंग में भर्ती नवजात को बेतिया जीएमसीएच भेजा गया है। चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर अब्दुल गनी ने बताया कि योगापट्टी में एक अवैध नर्सिंग होम चलने की सूचना मिली थी जिसके आधार पर छापेमारी की गई। नर्सिंग होम के कागजात फर्जी मिले हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए सील कर दिया गया है। भर्ती मरीज को बेतिया जीएमसीएच भेज दिया गया है। यह कार्रवाई लगातार चल रही है। जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जिला में लगातार अवैध नर्सिंग होम सील किए जा रहे हैं जिससे मेडिकल माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में उमर अब्दुल्ला के प्रस्ताव पर हंगामा, बीजेपी ने संदर्भों पर सवाल उठाए

Jammu, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर लाए गए प्रस्ताव पर आज सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। मुख्यमंत्री के प्रस्ताव में 26 जून 2000 और 6 नवंबर 2024 को विधानसभा से पारित किए गए पुराने प्रस्तावों का भी संदर्भ दिया गया। 2000 का प्रस्ताव तत्कालीन फारूक अब्दुल्ला सरकार के दौरान जम्मू-कश्मीर के लिए अधिक स्वायत्तता की मांग से जुड़ा था। इसी संदर्भ को लेकर बीजेपी विधायकों ने कड़ा विरोध जताया और प्रस्ताव पर सवाल उठाए। सदन में विरोध के बाद बीजेपी विधायकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंसम कर पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी। शाम लाल शर्मा ने कहा कि उनके साथ पांच अन्य बीजेपी विधायक भी मौजूद थे और उन्होंने प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस पुराने राजनीतिक एजेंडे को दोबारा सामने ला रही है। शाम लाल शर्मा ने कहा कि इस प्रस्ताव में 1930 के दशक के राजनीतिक दौर से जुड़े संदर्भों को दोबारा सामने लाने की कोशिश की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति जम्मू-कश्मीर की मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था के संदर्भ में गंभीर सवाल खड़े करती है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी सदन में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी और सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेह बनाएगी। साथ ही बीजेपी ने आरोप लगाया कि सरकार गैर-मुद्दों के जरिए विधानसभा के वास्तविक एजेंडे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी नेता ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री से जम्मू-कश्मीर सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने मौजूदा सरकार को बर्खास्त कर उपराज्यपाल के माध्यम से प्रशासन चलाने की अपील की। इससे पहले विधानसभा में बीजेपी विधायकों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी की और प्रस्ताव का विरोध किया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। बीजेपी ने साफ किया कि प्रस्ताव को लेकर उसका विरोध सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रस्ताव में शामिल पुराने संदर्भों और उनके राजनीतिक अर्थ को लेकर भी है।
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मरकाटोला घाट पर ट्रक से टक्कर, छह की मौत, 11 घायल

Raipur, Chhattisgarh:बालोद जिले के पुरूर थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 पर एक भीषण सड़क हादसा पेश आया है। रायपुर को सीधे बस्तर संभाग से जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग के मरकाटोला घाट पर अनाज से भरे एक अनियंत्रित ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में धुमाल पार्टी के 6 सदस्यों की जान चली गई, जबकि 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। खराब गाड़ी को दुरुस्त कर रहे थे कवर्धा के कलाकार पुलिस से प्राप्त विवरण के मुताबिक, सभी पीड़ित कवर्धा (कबीरधाम) जिले के रहने वाले थे और जगदलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में धुमाल बाजा बजाने जा रहे थे। मरकाटोला घाट पार करते वक्त उनके वाहन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर कुछ युवक उसे ठीक करने का प्रयास करने लगे, जबकि कुछ साथी पास में मैकेनिक ढूंढने निकले थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक ने खड़े वाहन को पीछे से सीधी टक्कर मार दी और करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। बोरियों के नीचे दबे युवक, मलबे में तब्दील हुए दोनों वाहन टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों ही वाहनों के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना के प्रभाव से ट्रक में लदी अनाज की सैकड़ों बोरियां छिटक कर नीचे दब गए युवकों पर गिर पड़ीं। पूरा मार्ग धुमाल बाजे, बड़े साउंड स्पीकर, टूटे कलपुर्जों और अनाज से पट गया। चीख-पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी。 भारी बारिश के बीच तीन थानों की टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही तीन थानों की पुलिस टीम राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची। जिले में बीते 36 घंटों से लगातार जारी मूसलाधार बारिश के बावजूद जवानों ने बोरियों और मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। 2 युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि बाकी घायलों को तत्काल नजदीकी धमतरी जिला अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान 4 अन्य युवकों की मृत्यु हो गई। 11 घायलों का उपचार जारी है, जिनमें से अति गंभीर मरीजों को रायपुर हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना के बाद आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया। क्या कहा अधिकारी ने "हादसे में कुल 6 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 2 की मौके पर और 4 की धमतरी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु दर्ज की गई। 11 घायलों का इलाज जारी है तथा गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया है।"
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महासमुंद के ईंट भट्ठों में मानव तस्करी नेटवर्क: पुलिस ने दबिश दी, 5 गिरफ्तार

Mahasamund, Chhattisgarh:महासमुंद से मानव तस्करी के उस काले साम्राज्य का खुलासा, जिसने गरीब मजदूर परिवारों को कर्ज, लालच और दबाव के जाल में जकड़ रखा था। मानव तस्करी की आड़ में नाबालिग से दैहिक शोषण का आरोप। नाबालिग के गर्भवती होने के बाद खुला पूरा राज। महासमुंद और ओडिशा के कथित मजदूर दलालों का नेटवर्क। महासमुंद से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, गुजरात समेत दूसरे राज्यों तक मजदूरों की आवाजाही का आरोप। पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पहले एडवांस रकम का लालच, फिर कर्ज का दबाव और उसके बाद दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों में कथित बंधुआ मजदूरी के लिए भेजा जाता था, और जब जांच की परतें खुलीं तो सामने आया मानव तस्करी, बाल मजदूरी और नाबालिगों के शोषण का कथित संगठित नेटवर्क। महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देशन में पुलिस ने इस कथित सिंडिकेट पर बड़ा शिकंजा कसते हुए महासमुंद और ओडिशा में 10 ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई में 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपये नकद, मजदूर पलायन के रजिस्टर-डायरी, मोबाइल, बैंक दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई। पांच आरोपी गिरफ्तार। 21 सितंबर, एक अस्पताल मेमो, और यहीं से खुलती है मानव तस्करी के कथित काले कारोबार की परत। पुलिस के मुताबिक, एक नाबालिग के शारीरिक शोषण और गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद जांच शुरू हुई। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क के सुराग मिले, जिसमें गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को एडवांस रकम देकर कर्ज के जाल में फंसाने और फिर दूसरे राज्यों में मजदूरी के लिए भेजने का आरोप है। पुलिस के अनुसार परिवारों को ईंट भट्ठों तक पहुंचाने के बाद उन पर काम करने का दबाव बनाया जाता था। यानी पहले जरूरत का फायदा, फिर कर्ज, और उसके बाद मजदूरी के नाम पर कथित बंधुआ मजदूरी। इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप 15 वर्षीय नाबालिग बालिका से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार नाबालिग को भी परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के एक ईंट भट्ठे पर भेजा गया था। आरोप है कि वहां उससे उम्र और क्षमता के विपरीत मजदूरी कराई गई और इसी दौरान भट्ठे के जेसीबी चालक पर नाबालिग के शारीरिक शोषण का आरोप सामने आया। एक नाबालिग, मजदूरी के लिए दूसरे राज्य पहुंची, और वहीं उसके साथ कथित अपराध हुआ। यही मामला पुलिस की जांच को मानव तस्करी के कथित बड़े नेटवर्क तक ले गया। इसके बाद महासमुंद पुलिस ने ओडिशा तक फैले कथित नेटवर्क पर एक साथ कार्रवाई की। 10 ठिकाने, कई संदिग्ध दस्तावेज, और करोड़ों की नकदी। पुलिस के मुताबिक तलाशी के दौरान मजदूर पलायन के रजिस्टर और डायरी, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मॉर्टगेज स्टांप दस्तावेज और नोट गिनने की मशीन बरामद की गई। पुलिस का दावा है कि इन दस्तावेजों की जांच में बड़ी संख्या में मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजे जाने से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं। अब इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। इस कार्रवाई में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी आरोपियों में मुकेश चंद्राकर, नसीम बानो उर्फ लता सबर, मनीष गुप्ता, नंदकुमार मोहंती उर्फ नंदू और पीयूष अग्रवाल शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक थाना खल्लारी में अपराध क्रमांक 104/2026 दर्ज किया गया है और विवेचना के दौरान बीएनएस की धारा 111 के तहत संगठित अपराध का प्रावधान जोड़ा गया है। अब जांच सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, सीडीआर, बैंक खातों और बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है। किसने मजदूरों को जोड़ा? किसने एडवांस रकम दी? किसने उन्हें दूसरे राज्यों तक पहुंचाया? किन ईंट भट्ठों पर मजदूर भेजे गए? और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं? इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। महासमुंद में मानव तस्करी के कथित साम्राज्य पर पुलिस की बड़ी चोट, 10 ठिकानों पर दबिश, करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी जब्त, पांच गिरफ्तार, और अब मोबाइल से लेकर बैंक खातों तक खंगाले जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है क्या पांच गिरफ्तारियां इस कथित सिंडिकेट का अंत हैं, या फिर इनके पीछे अभी कई और चेहरे सामने आना बाकी हैं?
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कोरबा की खदान विस्तार विरोध: मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के बिना कदम नहीं

Korba, Chhattisgarh:कोरबा में एसईसीएल की मानिकपुर खदान के विस्तार को लेकर हुई पर्यावरण जनसुनवाई में जमकर विरोध के स्वर गूंजे। ग्रामीणों ने दो टूक कहा—पहले लंबित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार का समाधान फिर खदान विस्तार की बात। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण, मजदूरों की सुरक्षा और विस्थापितों के अधिकारों को लेकर कई मांगें रखीं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि खदान विस्तार से पहले पूर्व के भू-विस्थापितों के लंबित मुआवजा और पुनर्वास मामलों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग रखी। साथ ही कोयला परिवहन करने वाले वाहनों को पूरी तरह त्रिपाल से ढकने और धूल व वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की गई। जनसुनवाई में वायु, जल, ध्वनि और धूल प्रदूषण का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी आकलन कराने की मांग भी उठी। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं और मजदूरों को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके साथ ही स्थानीय लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र बनाने की मांग रखी गई। ग्रामीणों का साफ कहना है—विकास के नाम पर उनके अधिकारों और पर्यावरण से समझौता मंजूर नहीं। भू-विस्थापितों के अधिकार, मजदूरों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कार्रवाई के बाद ही खदान विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
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1994 हत्या केस के आरोपी ललित गिरफ्तार, 32 साल बाद क्राइम ब्रांच ने दबोचा

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 1994 में दो साध्वियों की हत्या और आश्रम में डकैती के मामले में करीब 32 साल से फरार चल रहे कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार किया है आरोपी दिल्ली पुलिस को पिछले 32 सालों से दे रहा था चकमा आरोपी की पहचान ललित के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है और दिल्ली के मंगोलपुरी फेज-2 में एक फैक्ट्री में पैकेजिंग मजदूर के तौर पर काम कर रहा था पुलिस के मुताबिक, वर्ष 1994 में शकरपुर थाना क्षेत्र स्थित एक आध्यात्मिक आश्रम में दो साध्व्यों की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी आरोप है कि हत्या के बाद बदमाशों ने आश्रम से नकदी, गहने और अन्य कीमती सामान लूट लिया था..इस मामले में ललित भी मुख्य आरोपियों में शामिल था पुलिस का दावा है कि उसने दोनों साध्वियों का गला दबाने में साथ दिया था और लूटे गए सामान में उसे नकदी और गहने का हिस्सा मिला था इस मामले में सुनील कुमार, दिलीप राम और सुशील को पुलिस ने पहले गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन ललित फरार हो गया 26 अक्टूबर 1995 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था.. इसके बाद पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी जांच में सामने आया कि ललित वर्ष 2000 तक बिहार में अलग-अलग जगहों पर काम करता रहा..इसके बाद वह दिल्ली आ गया यहां उसने कई फैक्ट्रियों में पैकेजिंग मजदूर के तौर पर काम किया और इसी तरह अपनी पुरानी जिंदगी छिपाकर रहने लगा पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय तक एक ही नाम से रह रहा था, लेकिन लगातार अपना काम और ठिकाना बदलता रहा। क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज को ललित के मंगोलपुरी फेज-2 में होने की सूचना मिली। टीम ने उसकी गतिविधियों की पुष्टि की और फैक्ट्री में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान आधार कार्ड के जरिए भी सत्यापित की गई। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की सूचना शकरपुर थाना पुलिस को दे दी है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, ललित दिल्ली में पहले घरेलू सहायक के रूप में आया था और इसी दौरान उसकी मुलाकात मामले के अन्य आरोपियों से हुई थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
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खंडवा में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन तीन कृत्रिम कुंडों के साथ शुरू

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा में नवनिर्मित कुंड में गणेश प्रतिमाओं का हो रहा विसर्जन, कैबिनेट मंत्री विजय शाह पहुंचे विसर्जन स्थल, खंडवा में श्री गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। शहर में पर्यावरण संरक्षण और प्राचीन जलस्रोतों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा बनाए गए कृत्रिम विसर्जन कुंडों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। इन कुण्डों में नर्मदा जल भरा गया है।मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विजय शाह खंडवा के भैरव तालाब परिसर में बनाए गए नवनिर्मित कृत्रिम विसर्जन कुंड पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान श्री गणेश की आरती कर पूजा-अर्चना की और नगर निगम की इस पहल की तारीफ की। मंत्री विजय शाह ने महापौर अमृत यादव और नगर निगम परिषद के जनप्रतिनिधियों के साथ कुंड परिसर का जायजा लिया। इस दौरान प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए की गई व्यवस्थाओं को भी देखा गया। विसर्जन स्थल पर क्रेन सहित अन्य व्यवस्थाएं भी मौजूद रहीं। खंडवा के प्राचीन जलाशयों और कुंडों को संरक्षित रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर निगम द्वारा शहर में तीन कृत्रिम प्रतिमा विसर्जन कुंड तैयार किए गए हैं। इनमें नर्मदा जल योजना से पानी भरा गया। इन्हीं कुंडों में श्रद्धालुओं द्वारा भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। मंत्री विजय शाह ने नगर निगम द्वारा की गई इस व्यवस्था की सराहना की। प्रशासन और नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित विसर्जन को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान महापौर अमृत यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे.
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गोंडा में डॉक्टर तुषार बनर्जी की सड़क हादसे में मौत: बरसात में हेलमेट नहीं होने से टक्कर

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। गोंडा जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंगहा चंदा चौराहा के पास बीते 35 वर्षों से प्राइवेट क्लीनिक चला रहे 58 वर्षीय डॉक्टर तुषार बनर्जी की घर लौटते समय नरायन पुल के पास सड़क हादसे में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि डॉक्टर तुषार बनर्जी अपने बेटे संजीव बनर्जी के साथ अपनी प्राइवेट क्लीनिक बंद करके मोटरसाइकिल से ही देर रात बरसात में तरबगंज बाजार स्थित अपने रूम पर जा रहे थे। बेटा संजीव बनर्जी हेलमेट लगाया हुआ था और डॉक्टर तुषार बनर्जी बिना हेलमेट के ही मोटरसाइकिल पर बैठे हुए थे। रूम पर जाते नरायनपुर पुल के पास सामने से आ रहे एक चार पहिया वाहन ने उसे समय टक्कर मार दी जब बरसात के कारण हेलमेट पहनने के चलते आगे कुछ दिखाई नहीं दिया। रास्ता जा रहे स्थानीय लोग तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से घायल डॉक्टर तुषार बनर्जी और बेटे संजीव बनर्जी को गोंडा मेडिकल कॉलेज लेकर के पहुंचे। जहाँ गोंडा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान आज मौत हो गई है। जबकि बेटे संजीव बनर्जी को मामूली चोट आई है जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि डॉक्टर तुषार बनर्जी बंगाल के रहने वाले हैं जो तरबगंज थाना क्षेत्र के सिंगहाचंदा चौराहे पर अपनी 35 वर्षों से यहां पर प्राइवेट क्लीनिक चला करके लोगों का इलाज करते थे। तरबगंज बाजार में प्राइवेट रूम लेकर के अपनी पत्नी मिताली बनर्जी औऱ अपने बच्चों के साथ रहते थे इनके दो लड़के बड़े वाले लड़के का नाम संजीव बनर्जी जिसकी उम्र 26 वर्ष है दूसरे बेटे का नाम दीप बनर्जी है जिसकी उम्र 16 वर्ष है। मृतक डॉ. तुषार बनर्जी के शव को कब्जे में लेकर तरबगंज थाने की पुलिस पोस्टमार्टम के लिए भेज पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि BAMS की डिग्री हासिल करके 35 वर्ष पूर्व बंगाल से गोंडा आए थे जहां अपनी प्राइवेट क्लीनिक चला रहे थे। बेटे संजीव बनर्जी ने बताया कि हेलमेट लगा करके देर रात हम लोग सफर कर रहे थे सामने से एक चार पहिया वाहन आ रहा था बारिश होने के कारण आगे दिखाई नहीं दिया। साइड लेने के चक्कर में उसने टक्कर मार दिया हमारे पापा सड़क पर गिर गए सिर फट गया था। उपचार के लिए हम लोग गोंडा मेडिकल कॉलेज लेकर के आए हुए थे। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है बरसात में हम लोगों को पता ही नहीं चला कि किस गाड़ी ने टक्कर मारा है। लाश जब घर पर लेकर के जाएंगे तब हम लोग पुलिस को तहरीर देंगे अभी हम लोग पोस्टमार्टम करवा रहे हैं।
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