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सीएम सुखविंदर सुक्खू ने बिलासपुर एम्स दौरा किया; सुविधाएं और डॉक्टर भर्ती पर चर्चा

Bilaspur, Chhattisgarh:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बिलासपुर जिले के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे जहां उन्होंने एम्स अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर एम्स प्रबंधन, चिकित्सकों व मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया है। वहीं इस दौरान उनके साथ तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर सहित कांग्रेस पदाधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि दिल्ली एम्स में जिस तरह की तकनीक इस्तेमाल की जा रही है उसी तरह एम्स अस्पताल बिलासपुर में भी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि एम्स अस्पताल में दो से तीन मुख्य बातों की कमी रहती है जिसमें प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर की कमी का होना है, जिसका मुख्य कारण मेडिकल कॉलेजों में पीजी क्लास व एसआर शिप क्लास शुरू करने पड़ेगी जिससे ज्यादा समय लगेगा, जिसे देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है कि सुपर स्पेशलिस्ट करके आएगा उसका वॉक इन इंटरव्यू करवाकर उन्हें रेगुलर असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त किया जाएगा, जिससे कई डॉक्टर जो अस्पताल को छोड़कर चले जाते हैं उन्हें रोका जा सकेगा और प्रदेश के अस्पतालों में अपनी सेवाएं देते रहेंगे। वहीं सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जब प्रदेश में उनकी सरकार आयी थी उस समय 35 प्रतिशत अस्पताल व मेडिकल कॉलेज ऑक्यूपेंसी पर चल रहे थे जो कि अब 80 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी से आगे चल रहे हैं व दिसंबर माह तक प्रदेश के 80 प्रतिशत पैरामिडकल स्टाफ सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां कर दी जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन therapies पर सरकार जल्द काम करने जा रही है, जिसके संदर्भ में हमीरपुर में नॉर्थ इंडिया का रिसर्च सेंटर बनाया जा रहा है और रिमूवल डिजीज के लिए भी रिसर्च सेंटर आईजीएमसी में बनाने जा रहे हैं। वहीं पेट्रोल व डीजल की कीमतों पर अनाथ व विधवा सेस लागू करने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पंजाब, हरियाणा व उत्तराखंड में पेट्रोल व डीजल की कीमतें हिमाचल प्रदेश की अपेक्षा सवा रुपए ज्यादा है जिसे देखते हुए अनाथ बच्चों व विधवाओं के लिए 60 पैसे सेस लगाने का निर्णय लिया और कानून पास किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि सेस लगाने के बावजूद भी हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल व डीजल की कीमत पंजाब, हरियाणा व उत्तराखंड की तुलना में 60 पैसे कम है।
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स्वतंत्रता दिवस पर पुंछ जिला अस्पताल में पौधारोपण से हरियाली और स्वास्थ्य का संदेश

Chikri Ban, एंकर:  आने वाले स्वतंत्रता दिवस को लेकर राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल पुंछ में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। अभियान में अस्पताल के मेडिकल और नॉन-मेडिकल स्टाफ ने हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वीओ: स्वतंत्रता दिवस को लेकर राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल पुंछ के परिसर में पौधारोपण अभियान चलाया गया। यह अभियान मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर शफीक अहमद की अगुवाई में आयोजित किया गया, जिसमें अस्पताल के मेडिकल और नॉन-मेडिकल स्टाफ सहित अन्य लोगों ने भी भाग लिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और अस्पताल को हरा-भरा, स्वच्छ और healthy वातावरण देने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर शफीक अहमद ने कहा कि 15 अगस्त हमारे लिए आजादी का प्रतीक है और यह दिन हमें स्वतंत्रता के महत्व का एहसास कराता है। उन्होंने कहा कि आजादी के साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि हम अपने देश और पर्यावरण की रक्षा करें। पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पेड़ न केवल वातावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाते हैं, बल्कि मानव स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए भी बेहद जरूरी हैं। उन्होंने आम लोगों, खासकर युवाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक पौधारोपण अभियानों में हिस्सा लें और लगाए गए पौधों की उचित देखभाल भी सुनिश्चित करें। अभियान के दौरान “पेड़ बचाएं, जीवन बचाएं” और “एक पेड़ लगाएं, उम्मीद बोएं, भविष्य संवारें” जैसे संदेशों के जरिए लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। शॉट्स और बाईट
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रanchi घोटाला: 400 करोड़ के मामले में नेताओं के इर्दगिर्द CBI जांच क्यों नहीं?

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा, "लाठी चार्ज की बर्बरता, दमनात्मक कार्रवाई और कल रात में 1 बजे रांची के डिप्टी कमिश्न्नर, रांची के सीनियर SP छात्रों को जाकर धमकाते हैं, उनको उठने के लिए कहते हैं और रात में ही बिजली काट दी जाती है। अभी सुबह-सुबह जब छात्रों ने अपने पैसों से बिजली के लिए जनरेटर लगवाया था, पुलिस ने उसे भी हटा दिया... पूरा जो घोटाला हुआ वो लगभग 400 करोड़ रुपए का घोटाला है। TDPL की तरफ से चाहे JPSC हो या फिर JSSC हो, ये 400 करोड़ का घोटाला हुआ। इसकी हिस्सेदारी किसको-किसको गई? छात्र इसलिए पूछ रहे हैं। ये CBI जांच क्यों नहीं दे रहे हैं क्योंकि मुख्यमंत्री के अगल-बगल के लोग, कांग्रेस पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं के लोग उसमें फंसे हैं। इसी कारण हटधर्मिता है कि हम CBI जांच नहीं देंगे। उनको पता है कि JMM और कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता इस प्रकरण में जेल चले जाएंगे और सरकार खतरे में पड़ जाएगी...
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पिछला टायर फटने से पलटी कार, 7 लोग सुरक्षित रहने से बड़ा हादसा टला

Panna, Madhya Pradesh:चलती कार का पिछला टायर फटा , अनियंत्रित होकर पलटी कार; 7 लोग सवार थे, सभी सुरक्षित। शाहनगर थाना क्षेत्र के तहसील कार्यालय के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। शाहनगर की ओर से गुजर रही एक चार पहिया कार (क्रमांक MP 21 CA 2803) का पिछला टायर अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिसके बाद वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। घटनाक्रम के वक्त कार में लगभग 7 लोग सवार थे। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर हड़कम्प मच गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि इतने बड़े हादसे के बावजूद कार सवार सभी लोग सुरक्षित हैं और बड़ा हादसा टल गया। घायल नहीं हुआ। हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण व राहगीर मौके पर पहुंचे और वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला। जिन्हें प्राथमिक उपचार हेतु शाहनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। प्रारम्भिक जांच में दुर्घटना का मुख्य कारण गाड़ी का पिछला टायर फटना ही सामने आया है। पुलिस द्वारा मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है。
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हर घर तिरंगा अभियान से देशभक्ति की धूम, प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान मजबूत

Noida, Uttar Pradesh:Lucknow: Danish Azad Anshari (Minister Up) On Kharkhand Student Protest/ Pm Modi Urges Citizens To Join Har Ghar Tiranga Movement प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए हर घर तिरंगा अभियान पर ज़ोर देता है, जो हर घर को 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस अभियान ने पूरे देश में, खासकर युवाओं और महिलाओं के बीच उत्साह पैदा किया है, और देश की प्रगति तथा वैश्विक नेतृत्व के प्रति उनकी देशभक्ति और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। दूसरा हिस्सा छात्रों के कल्याण के मामले में कथित पाखंड के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की आलोचना करता है। यह झारखंड के रांची में छात्रों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता पर उनकी चुप्पी की ओर इशारा करता है और उन पर युवाओं की वास्तविक ज़रूरतों और उन्नति के बजाय व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देने का आरोप लगाता।
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मुज़फ्फरपुर में हर घर तिरंगा अभियान की भव्य तिरंगा यात्रा, भारत माता का जयकारा

Muzaffarpur, Bihar: Muzaffarpur में हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिला प्रशासन की ओर से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई. शहर की सड़कों पर हजारों लोग हाथों में तिरंगा लिए भारत माता के जयकारे लगाते नजर आए और उनकी आवाज़ों से इलाका गूंज उठा. यात्रा सिकंदरपुर लेक फ्रंट से प्रारम्भ होकर अमर शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल तक पहुँची. पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, जिलाधिकारी कुमार गौरव और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए. लोगों में देशभक्ति के नारों और तिरंगे के साथ उत्साह देखा गया, जिसने स्वतंत्रता दिवस से पहले शहर में राष्ट्रभक्ति का माहौल बना दिया. तिरंगा यात्रा के दौरान उपस्थित लोगों ने घर-घर तिरंगा फहराने की अपील भी सुनी."
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ब्रेक फेल से घाटी में पलटा ट्रक; चालक-हेल्पर मलबे से सुरक्षित बचाए गए

Panna, Madhya Pradesh:पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र के कटबरियन घाटी में ब्रेक फेल होने से लोहे की भारी जालियों से लदा अनियंत्रित कंटेनर नीचे गिरा और ट्रक पलट गया. दुर्घटना में चालाक अंकित यादव (30) और हेल्पर राहुल यादव (25) सैकड़ों किलो वजनी मलबे के नीचे दब गए. ओवरलोड कंटेनर कानपुर की ओर जा रहा था. कटबरियन मोड़ पर ब्रेक फेल होने से वाहन बेकाबू होकर पलट गया. जोरदार धमाके की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे. 30 मिनट के रेस्क्यू के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. घायल अस्पताल में भर्ती हैं; उनका इलाज जारी है. तहकीकात शुरू हो गई है。
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शहर के सार्वजनिक शौचालय ताले से बंद, नागरिकों को हो रही परेशानी

Kondagaon, Chhattisgarh:नगर पालिका ने शहर में आम लोगों की सुविधा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर सुलभ शौचालय तो बनवा दिए, लेकिन ये शौचालय आए दिन बंद रहते हैं। कहीं ताले लटके हैं तो कहीं सफाई और रखरखाव की स्थिति भी सवाल खड़े कर रही है। हैरानी की बात यह है कि इन्हीं शौचालयों के बाहर बोर्ड लगा है —“सावधान! आपको बाहर हल्का होना पड़ेगा भारी, ₹500 तक लगेगा जुर्माना।” अब सवाल है कि जब शौचालयों पर ही ताले जड़े रहेंगे, तो आखिर आम लोग जाएं तो आएं कहां? शहर के कोर्ट परिसर, बस स्टैंड, नाका सहित भीड़भाड़ वाले कई इलाकों में आम लोगों की सुविधा के लिए सार्वजनिक सुलभ शौचालय बनाए गए हैं। इनका उद्देश्य था कि राहगीरों और शहर आने वाले लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय की सुविधा मिल सके। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है। कई जगहों पर सुलभ शौचालयों के दरवाजों पर ताले लटके नजर आते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दूर-दराज से आने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका की ओर से शौचालयों के बाहर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिसमें खुले में शौच करने पर ₹500 तक जुर्माना लगाने की बात लिखी गई है। लेकिन सवाल सीधा है—जब सार्वजनिक शौचालय ही बंद रहेंगे, तो लोग खुले में जाने से कैसे बचेंगे?  वॉकथ्रू:   बताया जा रहा है कि इन सार्वजनिक शौचालयों के संचालन और रखरखाव का जिम्मा संबंधित ठेकेदारों को दिया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ठेकेदारों की जिम्मेदारी क्या है? शौचालयों पर ताले क्यों लगे हैं और अगर ये नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? “शहर में सार्वजनिक सुविधा के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इन शौचालयों का मकसद लोगों को सुविधा देना है, लेकिन अगर सुविधा के दरवाजे पर ही ताला लगा हो, तो फिर सवाल उठना लाजिमी है। नगर पालिका अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कह रही है। देखना होगा कि यह कार्रवाई सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहती है या बंद पड़े सुलभ शौचालयों के ताले भी खुलेते हैं।” फिलहाल नगर पालिका के अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई की बात कही है। अब देखना होगा कि संबंधित ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और शहरवासियों को सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सुविधा कब मिलती है। बाइट -मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोंडागांव
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स Sing... su? (Note: This line intentionally not included; please use the following correct headline.)

Singrauli, Madhya Pradesh:एंकर...सिंगरौली में यूरिया के लिए भटक रहे किसान को खाद नहीं मिली सीएम हेल्पलाइन की तो सहकारिता विभाग के अधिकारी ने ही धमकी दे दी। आरोप है कि समिति प्रबंधक सिगरौली विधायक के खास हैं इसलिए शिकायत मत करो नही तुम खुद परेशान हो जाओगे जिले में खाद की किल्लत के बीच भ्रष्टाचार और धमकी का मामला सामने आया है। चितरवई खुर्द, अमिलवान निवासी किसान अरुण कुमार पांडेय का आरोप है कि सखौहा समिति से उन्हें यूरिया खाद नहीं दी जा रही है समिति समय पर खुलती भी नहीं है किसान ने परेशान होकर समिति प्रबंधक राधेश्याम शाह के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई शिकायत के बाद सहकारिता विभाग में पदस्थ अधिकारी रामसखा शर्मा ने पीड़ित किसान के मोबाइल पर फोन किया किसान अरुण पांडेय के मुताबिक अधिकारी ने फोन पर कहा कि "समिति प्रबंधक सिंगरौली विधायक के खास आदमी हैं सीएम हेल्पलाइन मत करो प्रबंधक को परेशान मत करो, नहीं तो खुद परेशान हो जाओगे किसान ने इस धमकी के बाद आज कलेक्टर की जनसुनवाई में लिखित शिकायत की है। वहीं सहकारिता विभाग अधिकारी पीके मिश्रा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी जांच में सत्यता पाई गई तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। किसानों का कहना है कि खाद के लिए लाइन लगानी पड़ रही है ऊपर से शिकायत करने पर धमकी मिल रही है अब देखना होगा कि प्रशासन किसान की शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और दोषी अधिकारियों पर गाज गिरती है या नहीं। बाइट-1- अरुण पांडेय पीडित किसान {सफेद शर्ट } बाइट-2- पीके मिश्रा सहकारिता विभाग अधिकारी सिगरौली {सर पर टोपी पहने हुए}
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बेगू में सर्पदंश से महिला की मौत, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के बेगू क्षेत्र से सर्पदंश से महिला की मौत का मामला सामने आया है। पारसोली थाना क्षेत्र के मनकेसर गांव निवासी 50 वर्षीय रूकमा पत्नी छितर रैगर सोमवार को कृषि कार्य कर रही थी, इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया। सर्पदंश के बाद महिला अचेत हो गई, जिसके बाद परिजन उसे बेगू उप जिला स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहाँ उपचार के बाद परिजन महिला को वापस घर ले गए। मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे दोबारा अस्पताल लाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पारसोली थाने से एएसआई रामदयाल और कांस्टेबल रघुवीर अस्पताल पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया।
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साबला में तेज बारिश से स्टेट हाईवे जलभराव, एंबुलेंस-स्कूल बसों को परेशानी

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले के साबला में झमाझम बारिश के चलते बांसवाड़ा - उदयपुर मुख्य स्टेट हाईवे पर भारी जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। सड़क पर पानी भरने से हाईवे जाम के हालात बन गए है, जिससे वाहन चालकों और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा किल्लत स्कूल की गाड़ियों और मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस को उठानी पड़ी। डूंगरपुर जिले में कल से रुक रुक कर बारिश का दौर बना हुआ है। कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हो रही है। इधर साबला व आसपुर क्षेत्र के झमाझम बारिश होने से जर्रा जर्रा तरबतर हो गया है । लेकिन बारिश के चलते जल भराव जैसी स्थिति भी सामने आ रही है। तेज बारिश के बाद साबला में बांसवाड़ा - उदयपुर मुख्य स्टेट हाईवे पर भारी जलभराव हो गया। कार व बसे आधी आधी डूब गई। खाली हाईवे पर पानी भर जाने से आपतकालीन वाहनों और स्कूली बसों को मजबूरी में साबला गांव के अंदरूनी व पुराने रास्तों से गुजारना पड़ा। हालांकि, गांव के ये आंतरिक संपर्क मार्ग पहले से ही जर्जर और खस्ताहाल हैं। गड्ढों और बदहाल रास्तों के बीच से वाहनों को निकालने में ड्राइवरों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और हादसों का खतरा बना रहा。
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सरदारशहर में बस-हाथ ठेला विवाद नौ दिन से गतिरोध, एडवोकेट राजपुरोहित अस्पताल में भर्ती

Churu, Rajasthan:सरदारशहर में बस ऑपरेटर–हाथ ठेला विवाद के नौवें दिन भी गतिरोध, एडवोकेट राजेंद्र राजपुरोहित अस्पताल में भर्ती, हालत में सुधार सरदारशहर कच्चा बस स्टैंड को लेकर निजी बस ऑपरेटर यूनियन और हाथ ठेला संचालकों के बीच चल रहा विवाद बुधवार को आंदोलन के नौवें दिन भी जारी है। लंबे समय से जारी इस टकराव के कारण शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और अब यह आंदोलन निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। आमरण अनशन पर बैठे लोगों की बिगड़ती सेहत ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है。 विकास मंच के बैनर तले आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एडवोकेट राजेंद्र राजपुरोहित की तबीयत मंगलवार को अनशन के दौरान बिगड़ने पर उन्हें राजकीय उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वर्तमान में वे अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी तबीयत में सुधार बताया जा रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार लगातार जारी है और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। उनके समर्थक भी अस्पताल पहुंचकर लगातार स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं。 दूसरी ओर, निजी बस ऑपरेटर यूनियन के पांच सदस्य पिछले सात दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। बस ऑपरेटरों का कहना है कि कच्चा बस स्टैंड को हाथ ठेला संचालकों के लिए खाली करवाने का वे लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बस स्टैंड पर ठेले लगने से यात्रियों, बस संचालकों और यातायात व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, इसलिए वे अपनी मांग से पीछे हटने वाले नहीं हैं。 वहीं हाथ ठेला संचालकों का कहना है कि यह उनके रोजगार और आजीविका का सवाल है। उनका आरोप है कि उन्हें बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जा रहा है, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। इसी मांग को लेकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना और आमरण अनशन लगातार जारी है。 नौ दिनों से जारी इस आंदोलन के दौरान कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इससे दोनों पक्षों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है。 आंदोलन का असर अब शहर की परिवहन व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। निजी बसों के संचालन पर असर पड़ने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कच्चा बस स्टैंड क्षेत्र में विवाद के कारण स्थानीय लोगों और दुकानदारों में भी चिंता बनी हुई है। पिछले दिनों बस ऑपरेटरों ने पांच किलोमीटर लंबा मौन जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया था, जबकि हाथ ठेला संचालकों ने धरना और आमरण अनशन को और तेज करने का ऐलान किया था। दोनो पक्ष लगातार समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं और आंदोलन को व्यापक रूप देने की रणनीति बना रहे हैं। शहर के सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोग भी इस विवाद के समाधान की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। फिलहाल एडवोकेट राजेंद्र राजपुरोहित के स्वास्थ्य में सुधार की खबर से उनके समर्थकों को कुछ राहत मिली है, लेकिन आंदोलन अभी भी जारी है और पूरे मामले पर शहर की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। बाइट- एडवोकेट राजेंद्र राजपुरोहित
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