icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
505001
Merugu Vinod Merugu Vinod Follow23 Jun 2024, 09:12 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन: 5-6 सितम्बर को चक्का जाम की चेतावनी

Sirsa, Haryana:हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया है। आज सिरसा के बस स्टैंड पर हरियाणा रोडवेज के सभी डिपो में प्रदर्शन किया गया और 5 और 6 सितंबर को चक्का जाम करने की भी घोषणा की गई है। कर्मचारियों ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना और रोडवेज बेड़े में नई बसों को शामिल करना समेत 17 सूत्रीय मांगे बताई, जिन पर सरकार और परिवहन मंत्री के समक्ष कई बार बातचीत हुई लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई। सरकार से जल्द से जल्द मांगों के पूरा करने की गुजारिश है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 5 और 6 सितंबर को चक्का जाम होगा और स्थिति आर-पार की लड़ाई तक जा सकती है। कर्मचारी संगठनों के नेताओं चमन स्वामी, रिछपाल सिंह, कृष्ण कड़वासरा ने बताया कि कई बार मांगे रखी जाने के बावजूद सरकार ने गौर नहीं किया, और झूठे आश्वासन दिए गए। आज हरियाणा के सभी डिपो पर 2 घंटे का विरोध प्रदर्शन किया गया। अगर मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और व्यापक होगा और चक्का जाम जारी रहेगा।
0
0
Report

कुरुक्षेत्र में पटवारियों की हड़ताल: राजस्व रिकॉर्ड सुधार पर सरकार-पटवारी वार्ता शुरू

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में दी पटवारियों व कानूनी सुझाव के 6 दिनों हड़ताल चली हुई है हरियाणा में राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और पटवारियों की मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद का मुद्दा सामने आया है। पटवारी संगठन का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं और प्रशासन भी रिकॉर्ड में सुधार चाहता है, लेकिन जमीनी स्तर पर पॉलिसी के क्रियान्वयन को लेकर कम्युनिकेशन गैप बना हुआ है। पटवारी संगठन का कहना है कि राज्य कार्यकारिणी की ओर से कई बार उच्च स्तर पर बैठकें की जा चुकी हैं और रिकॉर्ड से जुड़ी जायज मांगें प्रशासन के सामने रखी गई हैं। संगठन के मुताबिक प्रशासन और पटवारी दोनों ही राजस्व रिकॉर्ड में सुधार चाहते हैं, लेकिन समस्या पॉलिसी बनाने और उसे जमीनी स्तर पर लागू करने के बीच तालमेल की है। संगठन ने डीसीएस सर्वे को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौके पर फोटो, स्केल और सही लोकेशन के साथ सर्वे करने के निर्देश बरसात के मौसम में व्यावहारिक दिक्कतें पैदा कर रहे हैं। कई जगह खेतों में पानी भरा हुआ है और खराब मौसम में मौके तक पहुंचकर इस तरह का सर्वे करना मुश्किल है। पटवारी संगठन की मांग है कि डीसीएस गिरदावरी की कोई व्यावहारिक रेंज तय की जाए या फिर छोटे विकल्प को समाप्त किया जाए, ताकि रिकॉर्ड तैयार करने का काम वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जा सके। वहीं संगठन ने सरकार की ओर से मैनपावर उपलब्ध करवाने के फैसले की सराहना भी की है। उनका कहना है कि सरकार ने अतिरिक्त मैनपावर देकर सुविधा बढ़ाने का प्रयास किया है, जिसके लिए सरकार बधाई की पात्र है। लेकिन कुछ ऐसे कार्य भी हैं जिन्हें मौजूदा परिस्थितियों में मौके पर जाकर पूरा करना व्यावहारिक रूप से बेहद मुश्किल है। पटवारियों का कहना है कि इंतकाल और जमाबंदी राजस्व रिकॉर्ड का आधार हैं। यदि किसी जमीन की बिक्री के बाद इंतकाल दर्ज हो जाता है, लेकिन वह रिकॉर्ड में सही तरीके से दिखाई नहीं देता, तो भविष्य में जमीन के दोबारा बेचे जाने जैसी गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में रिकॉर्ड की सच्चाई और सॉफ्टवेयर में दर्ज जानकारी के बीच तालमेल बेहद जरूरी है। पटवारी संगठन का दावा है कि वह किसी वेतन या निजी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि जनता की सुविधा और राजस्व रिकॉर्ड की दुरुस्ती के लिए आवाज उठा रहा है। संगठन ने साफ किया है कि राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर प्रदेशभर में यह कार्यक्रम किया जा रहा है। फिलहाल यह दो दिन का सांकेतिक आंदोलन बताया जा रहा है। संगठन का कहना है कि आगे सरकार का रवैया देखकर आंदोलन की दिशा तय की जाएगी। वहीं पटवारी और सरकार—दोनों की प्राथमिकता अगर राजस्व रिकॉर्ड को सही करना है, तो अब जरूरत है बेहतर संवाद और ऐसी नीति की, जिसे जमीनी परिस्थितियों में आसानी से लागू किया जा सके। यानी विवाद का मुद्दा सिर्फ मांगों का नहीं, बल्कि पॉलिसी और उसके जमीनी क्रियान्वयन के बीच तालमेल का भी है। अब देखना होगा कि सरकार और पटवारी संगठन के बीच बातचीत से इस समस्या का समाधान निकलता है या आंदोलन आगे बढ़ता है।
0
0
Report

सूरत में मदरसे की छत पर खेलते बच्चे के मुँह में सलाख घुसी

Surat, Gujarat:સુરતના મહેમૂદિયા મદરેસાની બિલ્ડિંગની છત પર રમતા 11 વર્ષનો નવિડ (નાજિશ) વરસાદી પાણીમાં પગ લપસાવી નીચે પડી ગયો. નજીકના બાંધકામ સાઇટ પર પિલરના લોહીમાં ઘૂસેલી સળિયો ગળાના પાછળના ભાગમાંથી પસાર થઈ મૂંઢ અને નાકમાં નોંકો લઈને બહાર નીકળ્યો. સ્થાનિકોએ સળિયો કાપીને બાળકને નવી સિવિલ હોસ્પિટલમાં ગંભીર હાલતમાં દાખલ કર્યું. સિવિલ હોસ્પિટલના સર્જરી વિભાગના ડૉ. નિલેશ કાછડિયા સહિતની ટીમે પ્રથમ સારવાર, સીટી સ્કેન કરી યોગ્ય સમયે ઓપરેશન થિયેટરના મંચ પર લાવ્યો. સળિયાનો ઈજાગ્રસ્ત ભાગ દૂર કરવામાં આ સૅફ્ટી થી મોટી નળીની જોખમી નુકસાની ટળી ગઈ અને બાળકની જાન બચી ગઈ. ઇજા પામેલી લાળ ગ્રંથિ અને નાડીનું રિપેરિંગ ચલાવીને હાલ તેને વેન્ટિલેટર સપોર્ટ પર રાખવામાં આવ્યું છે અને સ્થિતિ સ્થિર હોવાથી જનરલ વોર્ડમાં શિફ્ટ થવાની તૈયારી છે. આ જટિલ સર્જરીમાં ડો. નિલેશ કાછડિયા અને ટીમે કામગીરી સફળતાપૂર્વક પાર પાડી હતી.
0
0
Report
Advertisement

श्रीनगर में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का बड़ा जुलूस, आगा मुज्तबा ने एकता का संदेश दिया

Srinagar, Uttarakhand:श्रीनगर में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का सबसे बड़ा जुलूस ज़ादीबल से निकाला गया, जहाँ सीनियर शिया लीडर आगा मुज्तबा हज़ारों लोगों के साथ शामिल हुए, जिनमें बच्चे, जवान औरतें और स्कूल जाने वाले स्टूडेंट शामिल थे। जुलूस में जोश के साथ लोग शामिल हुए, जिसमें लड़कियाँ अयातुल्ला खामेनेई के फोटो फ्रेम, फूल और किताबें लेकर चल रही थीं। हिस्सा लेने वालों ने धार्मिक नारे लगाए और पैगंबर मुहम्मद (PBUH) के प्रति अपनी श्रद्धा ज़ाहिर की। सलाम टीवी से बात करते हुए, आगा मुज्तबा ने कहा कि यह जुलूस मुस्लिम देशों और समुदायों के बीच एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मुसलमानों को एकजुट रहने, एक-दूसरे का सम्मान करने और पैगंबर (PBUH) की शिक्षाओं का पालन करने की याद दिलाता है। जुलूस को शांति से निकालने के लिए ज़ादीबल में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। सालाना जुलूस को श्रीनगर में एक अनोखा और बड़ा धार्मिक जमावड़ा माना जाता है और यह हर साल ईद-ए-मिलाद-उन-नबी (PBUH) के मौके पर होता है।
0
0
Report
0
0
Report
Advertisement

कानपुर के उर्सला अस्पताल में स्वाइन फ्लू अलर्ट: 15 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर के उर्सला अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट –15 बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित, इलाज और जांच के पूरे दावे कानपुर में स्वाइन फ्लू को लेकर जारी हुए अलर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और इसी के तहत शहर के उर्सुला अस्पताल में भी मरीजों के इलाज के लिए पुख्ता तैयारियां कर ली गई हैं। अस्पताल की डायरेक्टर ने जानकारी दी है कि बुखार के साथ अस्पताल पहुंच रहे मरीजों की लगातार जांच और इलाज किया जा रहा है, और संक्रमण के खतरे से निपटने के लिए अस्पताल में 15 बेड का एक विशेष आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह आरक्षित कर दिया गया है ताकि लक्षण वाले मरीजों को तुरंत भर्ती किया जा सके, हालांकि गंभीर या स्पेसिफिक मामलों में मरीजों को मेडिकल कॉलेज भी भेजा जा सकता है। इसके अलावा, अस्पताल प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे स्वाइन फ्लू के सामान्य से लेकर फेफड़ों तक गंभीर हो सकने वाले लक्षणों से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें, बार-बार हाथ धोएं, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें और मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
0
0
Report

रामदेवरा में भादवा मेले के सफल और सुव्यवस्थित संचालन हेतु व्यापारी बैठक

Jaisalmer, Rajasthan:भादवा मेले को लेकर व्यापारियों और धर्मशाला संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक रामदेवरा, जैसलमेर लोक देवता बाबा रामदेवजी के आगामी भादवा मेले के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन को लेकर ग्राम पंचायत रामदेवरा के सभागार में व्यापारियों, होटल, धर्मशाला एवं गेस्ट हाउस संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मेला मजिस्ट्रेट एवं मेला अधिकारी हीर सिंह चारण ने की। बैठक में तहसीलदार प्रीतम सिंह, डीवाईएसपी कैलाश कंवर राठौड़, रामदेवरा थानाधिकारी देवकिशन राठौड़, सरपंच प्रशासक समंदर सिंह, व्यापार संघ अध्यक्ष आशु सिंह तंवर सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं प्रतिष्ठान संचालक मौजूद रहे। बैठक में 29 अगस्त से शुरू होने वाले भादवा मेले के दौरान सफाई, सुरक्षा, यातायात, अतिक्रमण और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने व्यापारियों से सार्वजनिक मार्गों एवं सड़कों पर अतिक्रमण नहीं करने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक दुकान, होटल, धर्मशाला एवं गेस्ट हाउस में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य होगा। वहीं सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक प्रतिष्ठान के आगे कचरा पात्र रखना भी जरूरी किया गया है। अधिकारियों ने मेले के दौरान प्रशासन को सहयोग करने की अपील की।
0
0
Report

लोहरदगा में ईद मिलादुन्नबी जुलूस सुरक्षा व्यवस्थाओं के साथ निकला

Lohardaga, Jharkhand:लोहरदगा-लोहरदगा में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया। अंजुमन इस्लामिया लोहरदगा एवं ओलमा-ए-कराम की संयुक्त रहनुमाई में निकले इस जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस सुबह करीब 9 बजे जामा मस्जिद से शुरू हुआ। जुलूस में शामिल लोग सरकार की आमद मरहबा और नबी की आमद मरहबा के नारों से शहर को गुंजायमान करते हुए आगे बढ़े।जुलूस जामा मस्जिद से निकलकर बाला तालाब, बगरू मोड़, टीपो सुल्तान चौक, कुरैशी मोहल्ला, इमली चौक होते हुए विभिन्न मार्गों से गुजरा। इसके बाद अमला टोली, समर बाजार, राजेंद्र भवन, पावरगंज, साइडिंग, बाबा मठ, पावरगंज चौक, न्यू रोड, बिलाल मस्जिद, अलका सिनेमा, अंजुमन मोहल्ला और भट्ठी मोड़ होते हुए जुलूस जामा मस्जिद पहुंचा। इसके बाद जुलूस मेन रोड, गुड़री बाजार, हनुमान मंदिर, नौवाटोली, तेतरतर, बालिका स्कूल और थाना रोड होते हुए पुनः जामा मस्जिद पहुंचा। यहाँ दुआ के बाद जुलूस का समापन किया गया। जुलूस की अगुवाई अंजुमन इस्लामिया के सदर रउफ अंसारी, सेक्रेटरी शाहिद अहमद बेलू और शहर की विभिन्न मस्जिदों के इमामों ने की। इस दौरान शहर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की ओर से आवश्यक इंतजाम किए गए। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर पूरे शहर में उत्साह और धार्मिक माहौल देखने को मिला।
0
0
Report
Advertisement

राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में गड्ढे, रखरखाव पर कांग्रेस के प्रश्न

Rajnandgaon, Chhattisgarh:राजनांदगांव का दिग्विजय स्टेडियम कभी शहर की खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ी पहचान हुआ करता था। सत्तर के दशक में जन सहयोग से बने इस स्टेडियम का कुछ वर्ष पहले करोड़ों रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया गया। नई गैलरी, इंडोर और आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट सहित मैदान को भी नया स्वरूप दिया गया। लेकिन अब यही स्टेडियम अपने बदहाल मैदान को लेकर सवालों के घेरे में है। मैदान में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे खिलाड़ियों को खेलने में परेशानी हो रही है। कांग्रेस ने स्टेडियम कमेटी पर रखरखाव में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग उठाई है। तस्वीरों में दिखाई दे रहा यह नजारा राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम का है। जिस मैदान को करोड़ों रुपये खर्च कर बेहतर सुविधाओं के साथ तैयार किया गया था, आज उसी मैदान में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए मैदान पर अभ्यास और खेलना मुश्किल हो गया है।बताया जा रहा है कि स्टेडियम के जीर्णोद्धार के दौरान मैदान के समतलीकरण का काम किया गया था, लेकिन निर्माण के दौरान समतलीकरण सही तरीके से नहीं होने के कारण अब मैदान की स्थिति खराब होती जा रही है। आरोप है कि गड्ढों की स्थायी मरम्मत करने के बजाय उन्हें ईंट और पत्थरों से पाटने का काम किया जा रहा है, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है।मैदान की इस बदहाली को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने स्टेडियम कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने आरोप लगाया कि स्टेडियम परिसर में बैंक, बीमा कार्यालय और शॉपिंग कॉम्पलेक्स समेत कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं, जिनसे हर महीने लाखों रुपये किराये के रूप में आय होती होती है। इसके बावजूद स्टेडियम के रखरखाव की स्थिति सवाल खड़े कर रही है। इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट आगे की जा रही है।
0
0
Report

हमीरपुर में लंपी स्किन डिज़ीज के 40 मामले, टीकाकरण अभियान शुरू

Chanwal, Himachal Pradesh:जिला हमीरपुर में लंपी स्किन डिजीज ने दस्तक दे दी है। जिला हमीरपुर के पांचों उपमंडल से लंपी वायरस के करीब 40 मामले सामने आए हैं। बड़सर क्षेत्र में एक गोवंश की इस बीमारी से मौत भी हुई है। सबसे अधिक 12 मामले नादौन क्षेत्र से सामने आए हैं, जबकि भोरंज और सुजानपुर में दो-दो मामले दर्ज किए गए हैं। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी पशुओं में बीमारी के लक्षण मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने निगरानी और उपचार की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला हमीरपुर में पशुपालन विभाग को लंपी से बचाव के लिए लगभग 15 हजार टीके प्राप्त हुए हैं और टीकाकरण अभियान भी शुरू कर दिया गया है। विभाग ने इन टीकों को पशु अस्पतालों और संबंधित केंद्रों तक भेज दिया गया है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में पशुओं का समय पर टीकाकरण किया जा सके। विभाग की ओर से पशुपालकों को बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है। पिछले वर्ष भी जिले में करीब 16 हजार पशुओं का टीकाकरण किया गया था। उप निदेशक पशुपालन विभाग हमीरपुर सुजय शर्मा ने बताया कि जिला में फिलहाल 40 पशुओं में लंपी के लक्षण मिले हैं और पशुपालन विभाग ने व्यापक स्तर पर टीकाकरण शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि अभी तक 2 हजार पशुओ का टीकाकरण कर दिया गया है । उन्होंने बताया कि जिन पशुओं की इम्युनिटी कम होती है उन पशुओं में लंपी स्किन डिजीज अधिक देखने को मिलती है । आपको बता दे कि लंपी स्किन डिजीज गोवंश में होने वाली संक्रामक वायरल बीमारी है। यह कैप्रिपॉक्स वायरस के कारण होती है। मुख्य रूप से मच्छरों, काटने वाली मक्खियों और टिक जैसे रक्त चूसने वाले कीटों के माध्यम से एक पशु से दूसरे पशु तक फैल सकती है। बीमारी में पशु को बुखार आने के बाद शरीर की त्वचा पर गोल और उभरी हुई गांठें या नोड्यूल बनने लगते हैं।
0
0
Report
Advertisement

कैथल नागल में जमीन विवाद: रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली चलाई, घायल

Kaithal, Haryana:जमीन विवाद में चली गोलियां: रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से की फायरिंग, मारपीट में कई घायल कैथल के गांव नागल में जमीन के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से दूसरे पक्ष पर तीन से चार राउंड फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी, लेकिन आपसी मारपीट में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए कैथल के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार पैसे के लेनदेन को लेकर झगड़ा शुरू हुआ जहां कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान रिटायर्ड पुलिस कर्मी गगन नाथ ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर फायरिंग कर दी। हालांकि, दूसरे पक्ष के लोगों ने आरोपी से रिवॉल्वर और कारतूस छीन लिए। सूचना मिलते ही सीवन थाना पुलिस और एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम मौके पर पहुंची। एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ प्रभारी मुकेश ने बताया कि जब हम पहुंचे तो दोनों पक्षों के लोगों को काफी चोटे लगी हुई थी हमने अस्पताल में लेकर जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया है। हम मामले की जांच कर रहे हैं दोषियों को बख्शा नहीं जाएगी हम मामले की जांच कर रहे हैं बाइट : मुकेश कुमार AVT इंचार्ज
0
0
Report

हिंदी में क्लिकबेट शीर्षक यहाँ

Rishikesh, Uttarakhand:सलग : ऋषिकेश में अवैध गैस रिफिलिंग का खेल: घटतौली का शिकार हो रहे उपभोक्ता, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप एंकर: महंगाई की मार झेल रही जनता की जेब पर अब गैस डिलीवरी करने वाले कर्मचारी भी डाका डाल रहे हैं। ऋषिकेश से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ डिलीवरी वाहन के अंदर बेखौफ होकर सिलेंडरों से गैस चोरी की जा रही है। पूरी कीमत चुकाने के बावजूद उपभोक्ताओं को कम वजन वाले सिलेंडर थमाए जा रहे हैं। वायरल वीडियो के बाद आपूर्ति व्यवस्था और खाद्य विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वी.ओ 1: सिलेंडर में से गैस निकालता और दूसरे सिलेंडर को भरता यह नज़ारा ऋषिकेश के शिवाजी नगर का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे गैस डिलीवरी वाहन के भीतर कर्मचारी घंटों तक बेझिझक अवैध रिफिलिंग करते रहे। दूर से बनाए गए इस वीडियो के सामने आने के बाद उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। आरोप है कि कर्मचारियों की इस करतूत के चलते घरों तक पहुंचने वाले सिलेंडरों में गैस काफी कम होती है, जबकि पैसे पूरे वसूले जाते हैं। वी.ओ 2: ऋषिकेश में अवैध रिफिलिंग और घटतौली का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में राजधानी देहरादून में भी ऐसा ही वीडियो वायरल होने पर जिलाधिकारी ने सख्त कदम उठाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की थी। लेकिन इसके बावजूद ऋषिकेश में गैस डिलीवरी कर्मियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो कार्रवाई का डर है और न ही प्रशासन का खौफ। वी.ओ 3: "उपभोक्ताओं से पूरी कीमत वसूल कर उन्हें कम गैस वाला सिलेंडर देना सीधे तौर पर धोखाधड़ी और सुरक्षा से खिलवाड़ है। देहरादून में हुई सख्त कार्रवाई के बाद भी ऋषिकेश में यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग और प्रशासन इन दोषी कर्मचारियों और गैस एजेंसियों पर क्या कार्रवाई करता है।
0
0
Report

फलसूंड में ईद मिलादुन्नबी का पर्व श्रद्धा के साथ जुलूस में मनाया गया

Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन- फलसूंड फलसूंड में हर्षोल्लास से मनाया ईद मिलादुन्नबी का पर्व फलसूंड, जैसलमेर। जैसलमेर फलसूंड गांव स्थित मदरसा पैगामे मोहम्मदी आशफाकुल उलूम जामा मस्जिद में जलसा-ए-मोहम्मदी एवं जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गांव के मुख्य मार्गों से भव्य जुलूस निकाला गया, जिसका जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। कारी अब्दुल सकूर अकबरी ने बताया कि जुलूस में बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने धार्मिक उद्घोष लगाते हुए परचम लहराए। जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए वापस जामा मस्जिद पहुंचा, जहां जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन प्रसंगों और उनकी शिक्षाओं के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी दिया गया।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top