జగిత్యాల జిల్లాలోని పాఠశాలల వాహనాలు ఫిట్మెంట్ దొరకకపోవడంతో అధికారులు కఠిన చర్యలు తీసుకున్నారు.
Jagtial, Telangana:జగిత్యాల జిల్లాలోని పాఠశాలల వాహనాలు సరికాకపోవడంతో జిల్లా రావణ శాఖ అధికారులు కఠిన చర్యలు తీసుకున్నారు. నిబంధనలు ఉల్లంఘించిన 3 స్కూల్ బస్సులు, 5 ఇతర వాహనాలను సీజ్ చేశారు. జిల్లాలో మొత్తం 464 స్కూల్ బస్సులు ఉండగా వాటిలో 300 వరకు వాహనాలు బిగించారు. మిగిలిన వాహనాలకు కూడా సరైన ఫిట్నెస్ ఉండేలా చూడాలని ఆదేశించారు.
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प्रसूता की मौत पर बवाल, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, परिजनों ने तीन घंटे किया हंगामा
Mathura, Uttar Pradesh:पहले भी डिलवरी के दौरान एक महिला की बलदेव हॉस्पिटल में हो चुकी है मौत मथुरा । मथुरा के महावन क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही, बिना सहमति ऑपरेशन करने और बिना जानकारी दिए दूसरे अस्पताल रेफर करने का आरोप लगाया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। जानकारी के अनुसार, थाना बलदेव क्षेत्र के गांव दौलतपुर निवासी राहुल अपनी पत्नी खुशबू को 18 जुलाई की शाम प्रसव पीड़ा होने पर खप्परपुर स्थित श्री बलदेव कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने डिलीवरी में जटिलता का हवाला देकर ऑपरेशन कराने का दबाव बनाया और बिना उनकी लिखित या मौखिक सहमति के ऑपरेशन कर दिया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद खुशबू की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने न तो उचित उपचार किया और न ही उसकी वास्तविक स्थिति से परिवार को अवगत कराया। आरोप है कि 19 जुलाई की सुबह अस्पताल प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के मरीज को मथुरा न्यूरो अस्पताल भर्ती कर दिया। जब परिजन वहां पहुंचे तो उन्हें खुशबू की मौत की जानकारी मिली। मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल परिसर में शव रखकर इलाज में लापरवाही और मामले को छिपाने का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान मौके पर महावन और बलदेव थाना पुलिस पहुंची और समझाइश देकर मामला शांत कराया। मृतका के पति राहुल पुत्र मोहन सिंह ने महावन थाने में लिखित तहरीर देकर अस्पताल के डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और प्रबंधन के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।Untitledप्रसूता की मौत पर बवाल, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, परिजनों ने तीन घंटे किया हंगामा
Mathura, Uttar Pradesh:
मथुरा । मथुरा के महावन क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया।
मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही, बिना सहमति ऑपरेशन करने और बिना जानकारी दिए दूसरे अस्पताल रेफर करने का आरोप लगाया।
आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार, थाना बलदेव क्षेत्र के गांव दौलतपुर निवासी राहुल अपनी पत्नी खुशबू को 18 जुलाई की शाम प्रसव पीड़ा होने पर खप्परपुर स्थित श्री बलदेव कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने डिलीवरी में जटिलता का हवाला देकर ऑपरेशन कराने का दबाव बनाया और बिना उनकी लिखित या मौखिक सहमति के ऑपरेशन कर दिया।
परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद खुशबू की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने न तो उचित उपचार किया और न ही उसकी वास्तविक स्थिति से परिवार को अवगत कराया।
आरोप है कि 19 जुलाई की सुबह अस्पताल प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के मरीज को मथुरा न्यूरो अस्पताल भर्ती कर दिया। जब परिजन वहां पहुंचे तो उन्हें खुशबू की मौत की जानकारी मिली।
मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल परिसर में शव रखकर इलाज में लापरवाही और मामले को छिपाने का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान मौके पर महावन और बलदेव थाना पुलिस पहुंची और समझाइश देकर मामला शांत कराया।
मृतका के पति राहुल पुत्र मोहन सिंह ने महावन थाने में लिखित तहरीर देकर अस्पताल के डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और प्रबंधन के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
