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Mohammad Azharuddin gave a big statement on PINEWZ
Hyderabad, Telangana:After the Grand success of PINEWZ event in Hyderabad, Former Indian Cricket Team Captain & Former MP Md. Azharuddin have openly praised PINEWZ. He said, "This is a great platform for those voices whose problems doesn't reach the main stream media…
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राजनीति घमासान: दामाद को सेट करने के आरोप पर बिहार में नया विवाद
Patna, Bihar:राजद से बिहार विधानपरिषद के सदस्य सुनील सिंह ने पटना में आयोजित कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम के बहाने अशोक चौधरी पर दामाद को सेट करने का आरोप लगाया.... सुनील सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए पोस्टर जारी किया जिसमें उन्होंने लिखा कि कृष्ण उत्सव की आर में राज्य के सबसे भ्रष्टाचारी मंत्री करोड रुपए खर्च कर अपने आरएसएस वाले दामाद का भविष्य सुनिश्चित करने में लगा हुआ है...0
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मनोज झा के बयान पर इन्फ्लुएंसर की संज्ञा पर बहस—गणतंत्र पर दबाव की चर्चा
Noida, Uttar Pradesh:राजद नेता मनोज कुमार झा ने स्वतंत्र भारद्वाज के बयान पर कहा, 'मुझे ताज्जुब इस बात का है कि हम आखिर इन्फ्लुएंसर की संज्ञा किसे दे देते हैं। थोड़ी सावधानी हमें भी बरतनी होगी। जो भी वीडियो मैंने देखी थी, वो इस गणतंत्र को परेशान करने वाले थे। दबाव न होता तो शायद गिरफ्तारी भी नहीं होती लेकिन ये अपने आप में सबक है कि हमने इस देश को कहां पहुंचा दिया... ये बड़बोलापन है या पीछे किसी का बहुत बड़ा हाथ, यह पुलिस की तहकीकात का विषय है.'0
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मावली में 55 वर्षीय वृद्ध की हत्या, शराब बिक्री के आरोपों से इलाके में सनसनी
Udaipur, Rajasthan:मावली नवोदय विद्यालय के पास जवान जी का खेड़ा में देर रात एक 55 वर्षीय वृद्ध की अज्ञात लोगों द्वारा कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार सालोर निवासी गणेश लाल भील (55) खेत पर सीजारी का कार्य करते थे। देर रात जवान जी का खेड़ा के पास अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। हत्या के कारणों और वारदात में शामिल आरोपियों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में पूछताछ के साथ घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। वहीं, परिजनों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में देर रात तक शराब की बिक्री और होटलों पर शराब उपलब्ध होने के कारण इस तरह की घटनाओं का माहौल बन रहा है। परिजनों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में देर रात तक अवैध रूप से शराब की बिक्री हो रही है तो पुलिस और आबकारी विभाग इस पर क्या कार्रवाई करेगा? वृद्ध की हत्या के बाद क्षेत्र में शराब बिक्री और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस जांच के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों और घटना में शामिल आरोपियों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।0
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बिलासपुर में बुर्का पहनकर घर में लूट: आरोपी गिरफ्तार, बरामद रकम
Bilaspur, Chhattisgarh:Billaspur। कोटा थाना क्षेत्र में बुर्का पहनकर घर में घुसकर कट्टा दिखाते हुए लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपियों ने जैसवाल के घर को निशाना बनाया था। विरोध करने पर आरोपी मौके पर एयरगन और बुर्का छोड़कर फरार हो गए थे। मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटे गए जेवरात के साथ उन्हें बेचकर हासिल की गई रकम भी बरामद की गई है।इस पूरे मामले का खुलासा शुक्रवार को बिलसगुड़ी में एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय ने किय्या। उन्होंने बताया घटना की शिकायत के बाद कोटा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम आरोपियों की पतासाजी में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी राकेश जयसवाल ने अपने साथी विक्की और सनी सिंह को बताया था कि उसे कट्टे की जरूरत है। इसके बाद सनी सिंह के साथ मिलकर कट्टा हासिल करने की योजना बनाई गई। सनी सिंह ने बताया कि उसका एक रिश्तेदार बीमा इलाके में रहता है और कट्टा बेचने का काम करता है। इसके बाद आरोपी वहां पहुंचकर कट्टा लेकर आए और उसे अपने पास रख लिया।वारदात के दौरान आरोपियों ने बुर्के का इस्तेमाल कर जैसवाल के घर में लूट की। विरोध किए जाने पर आरोपी मौके पर एयरगन और भागते समय बुर्का छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल एयरगन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच में आरोपी की पुरानी गतिविधियां भी सामने आईं। आरोपopियों ने इससे पहले तखतपुर में एक ज्वेलरी शॉप में चोरी के गहने बेचने का प्रयास किया था। ज्वेलर्स ने बिल नहीं होने के कारण गहने लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने हरि सोनी नाम के व्यक्ति को चोरी के गहने दिए। पुलिस के मुताबिक हरि सोनी ने यह जानते हुए कि गहने चोरी के हैं, उन्हें अपने पास रख लिया और बाद में बेच दिया। पुलिस ने विवेचना के दौरान हरि सोनी से चोरी के गहने बेचकर हासिल की गई रकम बरामद कर ली है। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की विवेचना जारी है। पुलिस को कुछ आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है। इस पूरे मामले में पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच में शामिल अधिकारी और कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की है।0
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धौलपुर नगर परिषद चुनाव प्रचार तेज, चाय दुकान पर वार्ड विकास की चर्चा
Dholpur, Rajasthan:धौलपुर शहर में नगर परिषद चुनाव को लेकर प्रचार जोरों पर है। चुनावी माहौल जानने के लिए हम पहुंचे शहर की एक चाय दुकान पर, जहाँ चुनाव को लेकर जमकर चर्चा चल रही थी। वहीं चर्चा में शामिल अलग-अलग वार्डों के लोगों ने अपनी राय रखी। वार्ड वासियों का कहना है कि इस बार वोट विकास को देखकर दिया जाएगा। पिछली बार किए गए वादे पूरे नहीं हुए, नालियां, सड़कें और साफ-सफाई की समस्या जस की तस बनी रही। इसलिए अब ऐसा पार्षद चुनेंगे जो वार्ड में रहकर वार्ड के विकास के लिए काम करे और जनता की सुने।0
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फिरोजाबाद में टेलीग्राम से बाल यौन शोषण के आरोपी महिला गिरफ्तार
Firozabad, Uttar Pradesh:आरोपी महिला गिरफ्तार। यूपी के फिरोजाबाद में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां पुलिस ने टेलीग्राम के जरिए बाल यौन शोषण की वीडियो बनाने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है। राजावली थाना में पुलिस ने पाया कि शातिर पूजा पिछले 6 महीने से इस काले कारोबार को अंजाम दे रही थी। वह टेलीग्राम ग्रुप में लिंक शेयर कर प्रति वीडियो 100 से ₹500 तक मांगती थी और पैसा यूपीआई के जरिए अपने खाते में प्राप्त करती थी। पूजा अपने मोबाइल को लेकर बेहद सतर्क रहती थी और किसी को फोन छूने तक नहीं देती थी। जब पुलिस ने राजावली थाने में इस रैकेट का पर्दाफाश किया तो परिवार के लोग सन्न रह गए। फिलहाल पुलिस गिरफ्तاري महिला के मोबाइल डाटा, बैंक खातों और टेलीग्राम से जुड़े संदिग्ध ग्राहकों की गहन जांच कर रही है।0
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नोएडा जिला अस्पताल में लापरवाही पर डॉक्टरों की विभागीय जांच शुरू, हड़कंप
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा के सेक्टर-39 जिला अस्पताल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। मरीजों के इलाज में लापरवाही के आरोपों को लेकर अस्पताल प्रशासन सवालों के घेरे में है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अगस्त 2024 में सामने आए एक मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों, डॉ. असद महमूद और डॉ. अरविंद मलिक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। दरअसल, अगस्त 2024 में एक मरीज के इलाज में कथित लापरवाही का मामला सामने आया था। आरोप था कि मरीज को समय पर उचित इलाज नहीं मिला, जिसके चलते उसकी हालत गंभीर हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक भी पहुंचा था और स्थानीय पुलिस की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। अब शासन के निर्देश पर दोनों डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू होने से अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, इसी जिला अस्पताल में दवा वितरण को लेकर भी एक नई शिकायत सामने आई है। मरीज का आरोप है कि डॉक्टर के पर्चे पर लिखी दवा के बजाय दवा काउंटर से दूसरी दवा दे दी गई। मरीज ने जब दवा का नाम जांचा तो उसे गड़बड़ी का पता चला। इसके बाद मरीज ने अस्पताल प्रशासन और जिलाधिकारी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रशासन ने शिकायत मिलते ही जांच कराने और लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है। फिलहाल, एक तरफ दो डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश और दूसरी तरफ दवा वितरण में कथित गड़बड़ी की शिकायत ने जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद तय होगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाती है।0
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दुल्हिनबाजार से लापता मानसिक युवक का पेड़ पर शव मिलने से इलाके में सनसनी
Danapur, Bihar:पटना के दुल्हिनबाजार से लापता मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक का पेड़ से लटका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दो दिनों से लापता युवक था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज जाँच में जुटी है। पेड़ से लटका शव नरवन डुमरी के बधार की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान दुल्हिनबाजार थाना क्षेत्र के सब्जपुरा गांव निवासी वीर मांझी के 40 वर्षीय पुत्र नीरज मांझी के रूप में की गई। नीरज मानसिक रूप से परेशान रहता था और परिवार के अनुसार वह पहले भी कई बार घर से बिना बताए चला जाता था। दो दिन पहले भी नीरज अचानक घर से लापता हो गया था। परिजन लगातार उसकी खोजबीन कर रहे थे। आज सुबह सोनियावा पंचायत के नरवन डुमरी के बधार में एक पेड़ से युवक का शव लटका होने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। दुल्हिनबाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान नीरज मांझी के रूप में कर, परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक के पिता वीर मांझी ने बताया कि उनका बेटा लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान था और उसका इलाज भी कराया गया था। उन्होंने कहा कि नीरज पहले भी इस तरह का प्रयास कर चुका था। फिलहाल परिवार की ओर से किसी पर हत्या या विवाद का आरोप नहीं लगाया गया है। घटना की सूचना के बाद पालीगंज डीएसपी-2 पंकज शर्मा और थाना प्रभारी विकास कुमार भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और FSL टीम को भी सूचना दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।0
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कलेक्ट्रेट मस्जिद पर चला बुलडोजर, भारी पुलिस फोर्स और आरएएफ तैनात।
Meharwani, Uttar Pradesh:सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर शनिवार सुबह प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। करीब चार बजे से शुरू हुई कार्रवाई में मस्जिद का एक हिस्सा जमींदोज कर दिया गया। पूरी इमारत को हटाने के लिए छह बुलडोजर लगाए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट के सभी गेट बंद कर भारी पुलिस फोर्स और आरएएफ तैनात की गई। मस्जिद को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में 2 सितंबर को जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत ने मस्जिद पक्ष की अपील खारिज करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा था। सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मानते हुए बेदखली और ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। शुक्रवार रात कार्रवाई की अफवाह के बाद कई नेता कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। सपा नेताओं ने डीएम से मुलाकात भी की थी। इसी बीच शनिवार तड़के प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। कैराना सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट किए जाने का भी दावा सामने आया है। फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात है। डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि न्यायालय में यह लोग अपनी जो दस्तावेज नहीं दे पाए ओर न हो कुछ दिखा पाए सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह के सबूत के आधार पर और उनकी अपील के आधार पर कलेक्ट में बनी मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध माना गया जिसके बाद न्यायालय के आदेश के बाद बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है।0
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पटना में भवन निर्माण नियमों पर मंत्रिमंडलीय उप-समिति की पहली बैठक
Patna, Bihar:लोकेशन — पटना \n\nभवन निर्माण नियमों पर मंत्रिमंडलीय उप-समिति की पहली बैठक\n\nसरकार द्वारा गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की आज पहली बैठक हुई। बैठक में मुख्य रूप से भवन निर्माण कानून और बिल्डिंग बायलॉज, खासकर अपार्टमेंट और आवासीय मकानों के निर्माण से जुड़े मौजूदा नियमों और सरकार के प्रस्तावित ड्राफ्ट पर चर्चा की गई।\n\nबैठक में सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा बिल्डर्स, फ्लैट ओनर्स और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया। सभी से सुझाव लिए गए, जिन्हें संबंधित विभाग पहले देखेगा और इसके बाद मंत्रिमंडलीय उप-समिति उन सुझावों पर विचार कर सरकार को अपनी अनुशंसा देगी।\n\nबैठक सकारात्मक माहौल में हुई। बिल्डर्स और फ्लैट ओनर्स के प्रतिनिधियों ने सरकार के प्रस्तावित ड्राफ्ट को मोटे तौर पर स्वीकार्य बताया और सरकार के इस कदम की सराहना की। सरकार ने ड्राफ्ट को पहले ही वेबसाइट पर सार्वजनिक कर लोगों से सुझाव मांगे थे। बैठक में भी कई सुझाव प्राप्त हुए और आगे भी हितधारकों से सुझाव देने का आग्रह किया गया, ताकि उन्हें विचार के बाद अंतिम अनुशंसा में शामिल किया जा सके।\n\nपिछले दो-तीन दिनों में खास तौर पर गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पटना के गांधी घाट पर आज गंगा का जलस्तर अपने पुराने उच्चतम स्तर यानी HFL के रिकॉर्ड को पार कर गया है। वर्ष 2016 में गांधी घाट पर 50.52 मीटर का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था, जबकि आज गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर तक पहुंच गया है, यानी पुराने रिकॉर्ड से एक सेंटीमीटर ऊपर।\n\nफिलहाल जलस्तर में बढ़ोतरी का ट्रेंड बना हुआ है और कुछ और वृद्धि की संभावना है। हालांकि, हमारे अधिकारी सभी संवेदनशील और खतरनाक बिंदुओं पर पूरी तरह मुस्तैद हैं।\n\nगंगा में जलस्तर बढ़ने کا मुख्य कारण सोन और घाघरा नदी से आ रहा पानी है। राहत की बात यह है कि सोन नदी का जलस्तर अब घट रहा है और घाघरा भी स्थिर है। इसलिए उम्मीद है कि अगले 24 घंटे में स्थिति सामान्य होने की दिशा में जाएगी।\n\nआज का दिन हमारे लिए चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन पूरा प्रशासन, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्क हैं। जहां भी जरूरत है, वहां लगातार निगरानी की जा रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं कि आबादी वाले इलाकों में पानी न पहुंचे।\n\n0
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नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर अटैक: सुरक्षा प्रोटोकॉल टूटा, कैमरे खामोश
Jaipur, Rajasthan:जयपुर-नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से चौकाने वाली खबर सामने आई है. केंद्रीय जू प्राधिकरण ने टाइगर अटैक के 7 महीने पहले ही सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन इसके बावजूद नाहरगढ़ बायोलॉजिकल प्रशासन जागा नहीं. आखिरकार नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क की सुरक्षा को लेकर क्यों बवाल मचा हुआ है... देखिए इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में! प्रोटोकॉल टूटता रहा और मौत हो गई- जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर ‘शिवाजी’ के हमले से महिला सफाईकर्मी सुगना देवी की दर्दनाक मौत के बाद वन विभाग और पार्क प्रशासन का ढुलमुल रवैया बेनकाब हो गया है. इस खौफनाक हादसे के बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी की वह चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें नाहरगढ़ पार्क में सुरक्षा और प्रोटोकॉल की धज्जियाँ उड़े जाने की बात पहले ही उजागर कर दी गई थी. यदि केंद्रीय जू प्राधिकरण की चेतावनी और सुझावों पर समय रहते अमल किया जाता तो शायद यह दर्दनाक हादसा होने से बच जाता. जू प्राधिकरण ने ये जताई थी चिंता- केंद्रीय जू प्राधिकरण की रिपोर्ट में बताया गया था कि जू में दुर्घटनाओं से बचाव के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान लागू नहीं है. स्टाफ को जरूरी ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल भी नहीं कराई जाती है. जांच करने आए दल को पार्क में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और फायर अलार्म उपलब्ध नहीं मिला. विजिटर्स और स्टाफ को तत्काल अलर्ट करने के लिए इमरजेंसी पब्लिक अनाउंसमेंट भी नहीं था. पार्क में बायोलॉजिस्ट और एजुकेशन ऑफिसर उपलब्ध नहीं हैं. सहायक पशु चिकित्सक के अलावा प्रशिक्षित कंपाउंडर और एक्स-रे टेक्नीशियन की जरूरत भी बताई गई थी. रिपोर्ट में नाहरगढ़ पार्क सुरक्षा और मानकों के पैमाने पर पूरी तरह नाकाम साबित हुआ था. रिपोर्ट में स्थायी क्यूरेटर और केयरटेकर की नियुक्ति की सिफारिश की गई थी, जिस पर पार्क प्रशासन ने कोई अमल नहीं किया. पिंजरे का गेट खोलने की इनसाइड स्टोरी- नियमों के तहत बायोलॉजिकल पार्क की छुट्टी के दिन मंगलवार को ही एनक्लोजर में साफ सफाई का काम किया जाता है. लेकिन बुधवार को टाइगर ‘शिवाजी’ का स्थायी केयरटेकर मुन्ना छुट्टी पर था. सूत्रों की मानें तो एनक्लोजर प्रभारी सहायक वनपाल सोनू मीणा छुट्टी पर थी. एक दिन पहले सोनू मीणा के निर्देश के बाद ही महिला मजदूरों ने एक्लोजर में साफ सफाई की थी. घास कटिंग का कुछ हिस्सा बच गया था, जिसे अगले दिन कटाई के लिए कहा गया और ENक्लोजर की चॉबी भी मजदूरों को बता दी. महिला मजदूरों ने खुद ही चॉबी लेकर ENक्लोजर का लॉक खोल दिया. इधर फोरेस्ट गार्ड हंसा चौधरी ने वर्किंग डे होने के कारण पिंजरे का गेट खोल दिया और ये हादसा हो गया. नियमों के तहत जानवर को बाहर लाने और एनक्लोजर खोलने की अनुमति होती है. लेकिन नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में नियमों को फॉलो नहीं किया गया. बाइट-आशीष व्यास, डीसीएफ, NBP बाइट-आशीष व्यास, डीसीएफ, NBP प्रशासनिक कार्रवाई और जांच पर उठे बड़े सवाल- महिला की मौत के बाद वन विभाग ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए फॉरेस्ट गार्ड हंसा चौधरी को सस्पेंड कर दिया. रेंजर गौरव चौधरी, सहायक वनपाल प्रदीप कुमार और एनक्लोजर प्रभारी सोनू मीणा को एपीओ कर दिया. मामले की उच्चस्तरीय जांच सहायक वन संरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत को सौंपी गई है. हालांकि, विभाग की इस भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि जब पार्क के प्रशासनिक प्रबंधन के लिए एसीएफ खुद जिम्मेदार थे तो उन्हें क्लीन चिट देकर जांच अधिकारी क्यों बनाया गया? नोट-इस खबर की फीड ओएफसी से JPR_TIGER_R1,2 स्लग से भेजी गई है。0
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निकाय चुनाव में OBC और महिला आरक्षण से सियासी समीकरण बदले
Jaipur, Rajasthan:एंकर- नगरीय निकाय चुनाव में आरक्षण का गणित... अब सियासत का नया समीकरण बता रहा है। लॉटरी में ओबीसी के लिए करीब 20 फीसदी सीटें आरक्षित, लेकिन चुनावी मैदान में हर 100 उम्मीदवारों में 47 ओबीसी चेहरे हैं। यानी पार्टियों ने ओबीसी को सिर्फ आरक्षित सीटों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सामान्य सीटों पर भी ओबीसी उम्मीदवारों पर दांव लगाया है। और इस पूरे समीकरण में महिला आरक्षण ने सियासत की तस्वीर और बदल दी है। 33 फीसदी महिला आरक्षण के मुकाबले 35.7 फीसदी महिलाएं मैदान में हैं, जिनमें करीब 46 फीसदी ओबीसी महिलाएं हैं। वीओ-1- नगरीय निकाय चुनाव में इस बार सिर्फ आरक्षित सीटों का गणित नहीं चल रहा, बल्कि आरक्षण से बाहर की सामान्य सीटों पर भी सामाजिक समीकरण साधने की राजनीतिक कोशिश साफ दिखाई दे रही है। उम्मीदवारों के आंकड़े इसकी तस्वीर सामने रखते हैं। प्रदेशभर में कुल 38,929 उम्मीदवारों में 18,184 ओबीसी वर्ग से हैं। यानी हर 100 प्रत्याशीों में करीब 47 ओबीसी उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि निकायों की लॉटरी में ओबीसी आरक्षण करीब 20% के आसपास है। यानी ओबीसी के उम्मीदवारों की संख्या उनके लिए आरक्षित सीटों की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। राजनीतिक तौर पर इसका बड़ा संकेत यह है कि पार्टियों और स्थानीय राजनीतिक समूहों ने ओबीसी को सिर्फ आरक्षित वार्डों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सामान्य सीटों पर भी ओबीसी चेहरे उतारकर व्यापक सामाजिक प्रतिनिधित्व और वोट समीकरण साधने की कोशिश की है। कैटेगरी का चुनावी गणित: OBC सबसे आगे कैटेगरी::::::::::::महिला::::::::::::::पुरुष:::::::::::::::कुल उम्मीदवार::::::::::कुल में हिस्सेदारी ओबीसी::::::::::::::6,349::::::::::11,835::::::::::::::::18,184:::::::::::::::::::::::::46.7 फीसदी सामान्य::::::::::::::3,929::::::::::::6,562:::::::::::::::::10,491:::::::::::::::::::::::::26.9 फीसदी एससी:::::::::::::::::3,055::::::::::::5,528:::::::::::::::::8,583:::::::::::::::::::::::::::22.0 फीसदी एसटी:::::::::::::::::558::::::::::::::::::1,111:::::::::::::::::1,669:::::::::::::::::::::::::4.3 फीसदी कुल::::::::::::::::::::13,891::::::::::::::25,036::::::::::::::38,929:::::::::::::::::::::::100 फीसदी :::::::::::::::::::::::::::::: :::::::::::::::::::::::::::::: आरक्षण बनाम मैदान में हिस्सेदारी ओबीसी आरक्षण: करीब 20फीसदी:::::: उम्मीदवार 46.7 फीसदी SC आरक्षण: 16.04 फीसदी::::: उम्मीदवार 22.0 फीसदी ST आरक्षण: 3.62 फीसदी ::::: उम्मीदवार 4.3 फीसदी महिला आरक्षण: 33 फीसदी:::::: महिला उम्मीदवार 35.7 फीसदी :::::::::::::::::::::::::::::: महिला उम्मीदवारों में भी ओबीसी नंबर-1 ओबीसी महिला प्रत्याशी–6,349 सामान्य वर्ग की महिलाएं–3,929 एससी महिला प्रत्याशी –3,055 एसटी महिला प्रत्याशी–558 वीओ-2-राज्य निर्वाचन आयोग के डेटा को खंगाला जाए तो यहां सबसे बड़ा अंतर ओबीसी में है। आरक्षित हिस्से के मुकाबले मैदान में ओबीसी उम्मीदवारों की हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत अंक ज्यादा है। वहीं नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण ने सामाजिक समीकरण को एक और परत दी है। कुल 13,891 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं, जो कुल प्रत्याशियों का 35.7% हैं। इनमें अकेले 6,349 ओबीसी महिलाएं हैं। यानी सभी महिला प्रत्याशी में करीब 46% ओबीसी महिलाएं हैं। इसे राजनीतिक नजरिए से देखें तो ओबीसी और महिला आरक्षण का दोहरा समीकरण इस चुनाव में खासा महत्वपूर्ण हो गया है। आरक्षित महिला सीटों पर तो महिला प्रत्याशी जरूरी हैं ही, लेकिन पार्टियों के लिए ओबीसी महिला चेहरा स्थानीय सामाजिक समीकरण साधने का भी जरिया बन गया है। ओबीसी के चुनावी प्रभाव को पिछले निकाय चुनावों के आंकड़ों से तुलना करने पर तस्वीर और स्पष्ट होती है। पिछले दो चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि OBC उम्मीदवार आरक्षित सीटों से कहीं ज्यादा सामान्य सीटों पर भी जीत दर्ज करते रहे हैं। 2014-15 में 187 निकायों में कुल 5,282 सीटों में ओबीसी के लिए 1,040 सीटें आरक्षित थीं। यानी करीब 19.7% आरक्षण। लेकिन चुनाव परिणाम में ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार 2,152 सीटों पर जीते। यानी कुल सीटों की करीब 40.7% सीटों पर ओबीसी उम्मीदवारों की जीत हुई। इसी तरह 2019-20 के नगरीय निकाय चुनाव में 196 निकायों में कुल 7,500 सीटों में से 1,520 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित थीं। यानी करीब 20.3% आरक्षण। लेकिन ओबीसी उम्मीदवार 3,318 सीटों पर जीते। यह कुल सीटों का करीब 44.2% था। इस बार 2026 के नगरीय निकाय चुनाव में कुल उम्मीदवारों में 46.7 फीसदी ओबीसी हैं। जयपुर जिले में कुल 2,643 उम्मीदवार हैं। इनमें 900 महिलाएं और 1,743 पुरुष हैं। ओबीसी के 1,128 उम्मीदवार हैं, जिनमें 375 महिलाएं और 753 पुरुष हैं। यानी जयपुर में भी कुल उम्मीदवारों का करीब 42.7% OBC है। झुंझुनूं इस मामले में और मजबूत नजर आता है कुल 2,407 उम्मीदवारों में 1,366 ओबीसी हैं, यानी करीब 56.7 फीसदी......इनमें 502 ओबीसी महिलाएं हैं। बहरहाल, तो क्या निकाय चुनाव में ओबीसी अब सिर्फ आरक्षण का हिस्सा नहीं, बल्कि सत्ता के समीकरण का सबसे बड़ा फैक्टर बन चुका है.....जब आरक्षण करीब 20 फीसदी है, लेकिन मैदान में OBC उम्मीदवार 46.7 फीसदी हैं... जब पिछले चुनावों में भी आरक्षित सीटों से दोगुने से ज्यादा सीटों पर OBC उम्मीदवार जीते... तो क्या इस बार सामान्य सीटों का गणित भी OBC के इर्द-गिर्द घूमेगा....क्या OBC की ये बढ़ती राजनीतिक हिस्सेदारी निकाय सत्ता की तस्वीर बदलेगी......और सबसे बड़ा सवाल क्या इस चुनाव के बाद OBC सिर्फ एक आरक्षित वर्ग नहीं, बल्कि निकाय सत्ता की निर्णायक ताकत बनकर उभरेगा......दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर0
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नाहरगढ़ पार्क में टाइगर अटैक: 7 महीने पहले चेतावनी के बावजूद सुरक्षा चूक, मौत
Jaipur, Rajasthan:जयपुर-नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से चौकाने वाली खबर सामने आई है. केंद्रीय जू प्राधिकरण ने टाइगर अटैक के 7 महीने पहले ही सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन इसके बावजूद नाहरगढ़ बायोलॉजिकल प्रशासन जागा नहीं. प्रोटोकॉल टूटता रहा और मौत हो गई- जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर ‘शिवाजी’ के हमले से महिला सफाईकर्मी सुगना देवी की दर्दनाक मौत के बाद वन विभाग और पार्क प्रशासन का ढुलमुल रवैया बेनकाब हो गया है. इस खौफनाक हादसे के बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी की वह चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें नाहरगढ़ पार्क में सुरक्षा और प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़े जाने की बात पहले ही उजागर कर दी गई थी. यदि केंद्रीय जू प्राधिकरण की चेतावनी और सुझावों पर समय रहते अमल किया जाता तो शायद यह दर्दनाक हादसा होने से बच जाता. जू प्राधिकरण ने ये जताई थी चिंता- केंद्रीय जू प्राधिकरण की रिपोर्ट में बताया गया था कि जू में दुर्घटनाओं से बचाव के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान लागू नहीं है. स्टाफ को जरूरी ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल भी नहीं कराई जाती है. जांच करने आए दल को पार्क में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और फायर अलार्म उपलब्ध नहीं मिला. विजिटर्स और स्टाफ को तत्काल अलर्ट करने के लिए इमरजेंसी पब्लिक अनाउंसमेंट भी नहीं था. पार्क में बायोलॉजिस्ट और एजुकेशन ऑफिसर उपलब्ध नहीं हैं. सहायक पशु चिकित्सक के अलावा प्रशिक्षित कंपाउंडर और एक्स-रे टेक्नीशियन की जरूरत भी बताई गई थी. रिपोर्ट में नाहरगढ़ पार्क सुरक्षा और मानकों के पैमाने पर पूरी तरह नाकाम साबित हुआ था. रिपोर्ट में स्थायी क्यूरेटर और केयरटेकर की नियुक्ति की सिफारिश की गई थी, जिस पर पार्क प्रशासन ने कोई अमल नहीं किया. पिंजरे का गेट खोलने की इनसाइड स्टोरी- नियमों के तहत बायोलॉजिकल पार्क की छुट्टी के दिन मंगलवार को ही एनक्लोजर में साफ सफाई का काम किया जाता है. लेकिन बुधवार को टाइगर ‘शिवाजी’ का स्थायी केयरटेकर मुन्ना छुट्टी पर था. सूत्रों की मानें तो एनक्लोजर प्रभारी सहायक वनपाल सोनू मीणा छुट्टी पर थी. एक दिन पहले सोनू मीणा के निर्देश के बाद ही महिला मजदूरों ने एक्लोजर में साफ सफाई की थी. घास कटिंग का कुछ हिस्सा बच गया था, जिसका next day काटी के लिए कहा गया और एनक्लोजर की चॉबी भी मजदूरों को बता दी. महिला मजदूरों ने खुद ही चॉबी लेकर एनक्लोजर का लॉक खोल दिया. इधर फोरेस्ट गार्ड हंसा चौधरी ने वर्किंग डे होने के कारण पिंजरे का गेट खोल दिया और ये हादसा हो गया. नियमों के तहत जानवर को बाहर लाने और एनक्लोजर खोलने के लिए एंट्री होती है. कभी ही एनक्लोजर और पिंजरा खोलने की अनुमति दी जाती है. लेकिन नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में नियमों को फॉलो नहीं किया गया. कैमरے बंद कैसे होगी टाइगर अटैक की जांच?- वन्यजीवों की पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बॉयोलॉजिक पार्क के सभी एनक्लोजर के आसपास 80 CCTV कैमरे लगे हुए है. बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से अधिकतर कैमरे लंबे समय से खराब है. गौर करने वाली बात ये है जिस एनक्लोजर में टाइगर ने महिला पर अटैक किया, उसके सभी 6 कैमरे खराब है. सवाल ये भी क्या ये कैमरे वाकई खराब है या फिर घटना का वीडियों सार्वजनिक होने का डर है? प्रशासन ने समय रहते इन्हें ठीक कराने की जहमत तक क्यों नहीं की?. इसके अलावा, नियमों के अनुसार सूर्यास्त से पहले सभी वन्यजीवों को डिस्प्ले एनक्लोजर से वापस पिंजरे में शिफ्ट करना होता है, लेकिन इस नियम का पालन भी कभी-कभार ही किया जाता था. जानकारों का कहना है कि शिवाजी टाइगर और टाइगर्स के मुकाबले सबसे कम एग्रेसिव है. यदि कोई दूसरा टाइगर होता तो और ज्यादा दुखद अनहोनी हो सकती थी. घटना के वक्त एक्लोजर में 7 महिलाएं थी, जिसमें से सुमना पर अटैक के बाद मौत हो गई. प्रशासनिक कार्रवाई और जांच पर उठे बड़े सवाल- महिला की मौत के बाद वन विभाग ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए फॉरेस्ट गार्ड हंसा चौधरी को सस्पेंड कर दिया. रेंजर गौरव चौधरी, सहायक वनपाल प्रदीप कुमार और एनक्लोजर प्रभारी सोनू मीणा को एपीओ कर दिया. मामले की उच्चस्तरीय जांच सहायक वन संरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत को सौंप दी गई है. हालांकि, विभाग की इस भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि जब पार्क के प्रशासनिक प्रबंधन के लिए एसीएफ खुद जिम्मेदार थे तो उन्हें क्लीन चिट देकर जांच अधिकारी क्यों बनाया गया?0
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खाटू श्याम मंदिर में आकाशीय बिजली गिरने से गुम्बद क्षतिग्रस्त, श्रद्धालु सुरक्षित
Sawai Madhopur, Rajasthan:शहर में शनिवार सुबह प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर पर अचानक आकाशीय बिजली गिरने से हड़कंप मच गया। घटना मंगला आरती के समय की बताई जा रही है। जिस वक्त आकाशीय बिजली गिरी, उस समय मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे। अचानक तेज आवाज के साथ मंदिर के गुम्बद पर आकाशीय बिजली गिरने से वहां मौजूद श्रद्धालु सहम गए। बिजली गिरने से मंदिर का गुम्बद क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें दरारें आ गईं। हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं को बाहर निकाल दिया गया। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि आकाशीय बिजली गिरने की इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मंदिर के गुम्बद को हुए नुकसान के बाद उसकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर कुशालगढ़ के बाबा श्याम के नाम से प्रसिद्ध है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंगला आरती के दौरान हुई इस घटना ने श्रद्धालुओं को दहला दिया।0
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बिहार: शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय, वेतनमान सुधार और एआई इकोसिस्टम से शिक्षकों को मजबूत
Noida, Uttar Pradesh:शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएँ एवं शिक्षा के क्षेत्र में बिहार सरकार के प्रमुख संकल्प। 1. शिक्षकों के बेहतर प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास के लिए "शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय" की स्थापना की जाएगी। 2. वित्त रहित शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग से वेतनमान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। 3. Microsoft, Google एवं Sarvam AI जैसी अग्रणी तकनीकी संस्थाओं के सहयोग से बिहार में आधुनिक AI इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। 4. बिहार के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में BHU (Banaras Hindu University) का सेंटर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। 5. मदरसा एवं संस्कृत बोर्ड के शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान जारी कर दिया गया है, ताकि शिक्षकों को समय पर उनका पारिश्रमिक प्राप्त हो सके।0
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